Important Events August 3

Important Events
Important Events: 3 अगस्त की महत्त्वपूर्ण घटनाएं

1492 – इटली के नाविक क्रिस्टोफर कोलंबस तीन जहाजों के साथ स्पेन से भारत की खोज पर रवाना हुआ। 1645 – अल्लेरशेइम के युद्ध में फ्रांस ने बावेरिया को हराया। 1678 – राबर्ट लासैले ने अमेरिका में पहले जहाज का निर्माण किया। 1704 -  जिब्राल्टर ने कल्लेंबूरह के अंग्रेजी बेड़े पर कब्जा किया। 1803 -  ब्रिटिश ग्वालियर के सिंधिया के खिलाफ दूसरे एंग्लो-मराठा युद्ध शुरू किया। 1811 -  जुंगफ्रा की पहली चढ़ाई बर्नानी आल्प्स में तीसरा सबसे ऊंचा शिखर सम्मेलन था। 1860 – न्यूजीलैंड में दूसरा माओरी युद्ध शुरू हुआ।  1882 -  अमेरिकी कांग्रेस ने 1882 के आव्रजन अधिनियम को आगे बढ़ाया। 1892 -  बुल्गारिया में पहला इलेक्ट्रिक प्रकाश बल्ब प्लोवदिव मेले में प्रयोग किया गया। 1899 -  जॉन मार्शल लॉ स्कूल शिकागो में स्थापित किया गया। 1900 – फर्स्ट वन टायर एंड रबर कंपनी की स्थापना हुई। 1914 – प्रथम विश्व युद्ध के दौरान जर्मनी ने फ्रांस के खिलाफ युद्ध की घोषणा की। 1914 – पहला समुद्री जहाज पनामा नहर से गुजरा। 1923 – अमेरिकी राष्ट्रपति हार्डिंग के अचानक निधन के बाद कैल्विन कूलिज ने अमेरिका के 30वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। 1933 – मिकी माउस वॉच पहली बार पेश की गई। 1934 – एडोल्फ हिटलर ने चांसलर और राष्ट्रपति के पद का विलय कर खुद को नेता घोषित किया। 1957 – अब्दुल रहमान को मलेशिया का नया नेता चुना गया था जिनके नेतृत्व में मलेशिया ने ब्रिटेन से स्वतंत्रता हासिल की। 1960 – पश्चिमी अफ्रीकी देश नाइजर ने फ्रांस से स्वतंत्रता हासिल की। 1968 – फ्रांस ने मुरुओरा द्वीप पर परमाणु परीक्षण किया। 1981 – फ्रांस ने प्रशांत महासागर में परमाणु परीक्षण किया। 1985 – बाबा आम्टे को जनसेवा के लिए रेमन मैगसेसे पुरस्कार प्रदान किया गया। 1998 – मुंबई के बांद्रा में इमारत ढहने से 35 व्यक्तियों की मौत हुई। 2000 - ब्रिटेन की 'क्वीन मदर' द्वारा अपनी 100वीं वर्षगांठ मनायी गई। 2003 – अमेरिका के एंग्लिन चर्च ने एक समलैंगिक को बिशप नियुक्त करने को मंजूदी दी। 2004 - अमेरिकी अंतरिक्ष यान मैसेंजर बुध ग्रह के लिए रवाना हुआ। 2004 – अमेरिका में 2001 में आतंकवादी हमले के बाद बंद किए गए स्टैच्यू आफ लिबर्टी को जनता के लिये दोबारा खोला गया। 2006 - संयुक्त राज्य अमेरिका ने कहा कि वह भारत को यूरेनियम संवर्धन में सहायता नहीं देगा। 2007 - इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के लिए रवाना हुआ रूसी अंतरिक्ष यान प्रोग्रेस एम-61 सफलतापूर्वक अपनी कक्षा में पहुँचा।  2007 - लोकतांत्रिक गणराज्य कांगो में हुई एक ट्रेन दुर्घटना में 100 लोगों की मृत्यु। 2013 -  इराक में एक विद्रोह में 80 लोग मारे गए। 2019 - भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को गिनी के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाज़ा गया। 2019 - भारत ने बीजिंग में आयोजित 8वीं आरसीईपी अंतः सत्रात्मक मंत्रालयी बैठक में भाग लिया। 2019 - भारत की ट्रांससेक्सुअल महिला नाज़ जोशी को मिस वर्ल्ड डायवर्सिटी 2019 का ताज पहनाया गया। 2020 - बिहार के स्वास्थ्य विभाग ने ‘संजीवन’ मोबाइल एप लॉन्च किया। 2021 - तालिबान हिंसा रोकने के लिए UNSC का आपात सत्र बुलाने व हस्तक्षेप की मांग की गई। 2021 - अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में रक्षा मंत्री के घर के बाहर आत्मघाती हमले हुए। 2022 - अमेरिकी संसद के उच्च सदन सीनेट ने स्वीडन और फिनलैंड को नाटो में शामिल करने को मंजूरी दे दी। 2022 - भारतीय नौसेना की महिला अधिकारियों के दल ने डोर्नियर 228 विमान पर सवार होकर उत्तरी अरब सागर में पहला स्वतंत्र समुद्री निगरानी मिशन पूरा कर इतिहास रचा। 2022 - बिहार के वैशाली में अनियन्त्रित हाईवा ने होटल में खाना खा रहे लोगों को रौंदा, 5 की मौत, 12 घायल हुए। 2022 - भारत ने चीन समेत कई देशों के 348 मोबाइल ऐप बैन किए। 2023 - राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने भोपाल में अंतर्राष्ट्रीय साहित्य महोत्सव - 'उन्मेष' और लोक व जनजातीय कला महोत्सव- 'उत्कर्ष' का उद्घाटन किया। 2023 - श्री धर्मेंद्र प्रधान और श्री एस. जयशंकर ने नई दिल्ली में संयुक्त रूप से स्टडी इन इंडिया (एसआईआई) पोर्टल का शुभारंभ किया। 2023 - दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी राज्यक्षेत्र शासन (संशोधन) विधेयक, 2023  लोक सभा ने पारित किया। 2023 - राज्यसभा ने अपतटीय क्षेत्र खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2023 पारित किया। 2024 - पीएम मोदी ने कृषि अर्थशास्त्रियों के 32वें सम्मेलन का उद्घाटन किया। 65 साल बाद भारत मे आयोजन। 2024 - सोमालिया में होटल पर आतंकी हमला में 32 की मौत, 63 घायल हुए। 2025 - उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में बोलेरो नहर में गिरने से 11 की मौत हुई। 2025 - रूस में 6.7 तीव्रता का एक शक्तिशाली भूकंप आया।   3 अगस्त को जन्मे व्यक्ति   1886 - मैथिलीशरण गुप्त, खड़ी बोली के महत्त्वपूर्ण कवि ,लेखक  व सामाजिक कार्यकर्ता का झांसी के पास चिरगांव गांव में जन्म हुआ। 1890 - श्रीप्रकाश - भारत के प्रसिद्ध क्रांतिकारी और पाकिस्तान में प्रथम उच्चायुक्त । 1908 - रोहित मेहता - प्रसिद्ध साहित्यकार, विचारक, लेखक‍, दार्शनिक, भाष्यकार और स्वतंत्रता सेनानी थे। 1916 - शकील बदायूँनी, भारतीय गीतकार और शायर का जन्म उत्तर प्रदेश के बदायूं शहर में हुआ। 1919 - जयदेव - भारतीय संगीतकार तथा बाल अभिनेता। 1933 - शशिकला - भारतीय हिन्दी सिनेमा की प्रसिद्ध खलनायिकाओं में से एक थीं। 1934 - विश्व भूषण हरिचंदन एक भारतीय राजनेता है व आंध्र प्रदेश के २३वें राज्यपाल। 1936 - छन्नूलाल मिश्रा - भारतीय शास्त्रीय गायक। 1939 - लेफ्टिनेंट जनरल अपूर्व कुमार सेनगुप्ता एक भारतीय सेना अधिकारी और क्रिकेटर थे। 1941 - बाबा हरभजन सिंह - भारतीय सेना का एक सैनिक। 1956 - बलविंदर सिंह संधू एक पूर्व भारतीय टेस्ट क्रिकेटर। 1960 - गोपाल शर्मा एक पूर्व भारतीय क्रिकेटर। 1980 - लवली चौबे भारत की महिला लॉन बॉल टीम की खिलाड़ी। 1982 - शान्तनु ठाकुर लोकसभा के सदस्य बने। 1984 - सुनील छेत्री - प्रसिद्ध भारतीय फ़ुटबॉल खिलाड़ी । 1984 – अमेरिकी तैराक और ओलंपिक विजेता रियान लोक्टे। 1994 - चेतना पांडे एक भारतीय बॉलीवुड फ़िल्म अभिनेत्री ।   3 अगस्त को हुए निधन   1670 - मुहता नैणसी महाराजा जसवन्त सिंह के राज्यकाल में मारवाड़ के दीवान थे (कन्फर्म नहीं)। 1957 – राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के पुत्र और प्रसिद्ध पत्रकार देवदास गांधी निधन हुआ। 1982 - त्रिभुवन नारायण सिंह - भारतीय राजनेता और उत्तर प्रदेश के  मुख्यमंत्री थे। 1985 - बाबू बनारसी दास भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के मुख्यमंत्री थे। 1990 - सी. एम. पुनाचा - स्वतंत्रता सेनानी, राजनीतिज्ञ तथा उड़ीसा और मध्य प्रदेश के भूतपूर्व राज्यपाल। 1993 - स्वामी चिन्मयानंद - भारत के प्रसिद्ध आध्यात्मिक चिंतक तथा वेदान्त दर्शन के विश्व प्रसिद्ध विद्वान। 2008 – रूस के प्रसिद्ध इतिहासकार और लेखक एलेक्ज़ेन्डर सोलज़नीस्तीन (Alexander Solzhenitsyn) का निधन हुआ। 2020 - नोबेल शांति पुरस्कार विजेता और उत्तरी आयरलैंड के राजनीतिज्ञ जॉन ह्यूम (John Hume) का 83 वर्ष की आयु में निधन हुआ। 2020 - पुलित्जर पुरस्कार विजेता उपन्यासकार शर्ली ऐन ग्रौ का निधन। 2022 - बालीवुड के अभिनेता मिथिलेश चतुर्वेदी का मुंबई में हार्ट अटैक से निधन हुआ। 2023 - पद्म भूषण से सम्मानित व पूर्व आईएएस अधिकारी एन विट्टल (85) का चेन्नई में निधन हुआ। 2023 - पाकिस्तानी क्रिकेट खिलाड़ी मोहम्मद इजाज़ बट (85) का निधन हुआ। 2023 - अमेरिकी अभिनेता मार्क मार्गोलिस (83) का निधन हुआ। 2024 - अमेरिकी गॉस्पेल ग्रैमी पुरस्कार विजेता गॉस्पेल संगीत और जैज़ फ्यूजन निर्माता, अरेंजर, कीबोर्डिस्ट और संगीतकार शॉन मार्टिन (45) का निधन हुआ। 2025 - कैंसर नियंत्रण क्षेत्र के वैश्विक विशेषज्ञ डॉ. रेंगास्वामी शंकरनारायणन (72) का निधन कोयंबटूर, तमिलनाडु में हुआ।   3 अगस्त के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव   🌟 श्री त्रिभुवन नारायण सिंह पुण्य दिवस। 🌟 श्री बाबू बनारसी दास पुण्य दिवस। 🌟 राष्ट्रकवि श्री मैथलीशरण गुप्त जयन्ती। 🌟 राष्ट्रीय हृदय प्रत्यारोपण दिवस (कन्फर्म कर लें)। 🌟 राष्ट्रीय तरबूज दिवस (NATIONAL WATERMELON DAY (UN)।   कृपया ध्यान दें    यद्यपि इसे तैयार करने में पूरी सावधानी रखने की कोशिश रही है। फिर भी किसी घटना , तिथि या अन्य त्रुटि के लिए IDTV इंद्रधनुष की कोई जिम्मेदारी नहीं है।

anjali kumari अगस्त 3, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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kalpana जुलाई 30, 2026 0