रांची। झारखंड में सक्रिय मानसून के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के कई जिलों के लिए 28 जुलाई तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से रांची, खूंटी, रामगढ़, बोकारो, हजारीबाग, गिरिडीह और आसपास के इलाकों में अगले दो दिनों तक तेज बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की मौसम विभाग की चेतावनी के बाद जिला प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है। निचले इलाकों में जलभराव, छोटे नदी-नालों के उफान और यातायात प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, बिजली गिरने की आशंका के समय खुले स्थानों में नहीं रुकने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने को कहा गया है। कृषि और जनजीवन पर पड़ सकता है असर लगातार बारिश का असर खेती-किसानी के साथ-साथ शहरी क्षेत्रों के जनजीवन पर भी पड़ सकता है। कई स्थानों पर जलजमाव और सड़क यातायात प्रभावित होने की संभावना है। प्रशासन ने आपदा प्रबंधन और राहत दलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके।
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई राज्यों में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। विशेष रूप से गुजरात, राजस्थान, कोंकण एवं गोवा में तेज बारिश, जलभराव और अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों के लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। कई राज्यों में ऑरेंज और रेड अलर्ट IMD के अनुसार, गुजरात के कई जिलों, दक्षिणी राजस्थान और कोंकण क्षेत्र में अत्यधिक बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों के लिए रेड अलर्ट जबकि अन्य क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, नदियों के जलस्तर में वृद्धि और यातायात प्रभावित होने की संभावना है। पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का खतरा उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में भी लगातार बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने इन राज्यों में भूस्खलन, चट्टानें गिरने और सड़क मार्ग बाधित होने की आशंका जताई है। स्थानीय प्रशासन को राहत एवं बचाव दलों को सतर्क रखने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों को सतर्क रहने की सलाह IMD ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने और नदी-नालों के आसपास नहीं जाने की सलाह दी है। प्रशासन को भी संभावित आपदा से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी रखने को कहा गया है। अगले कुछ दिनों तक देश के कई हिस्सों में मानसून के सक्रिय रहने की संभावना है।
शिमला, एजेंसियां। भारतीय मौसम विभाग (IMD) द्वारा भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किए जाने के बाद हिमाचल प्रदेश के मंडी, कांगड़ा, सिरमौर और शिमला जिलों में आज सभी सरकारी और निजी स्कूल बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। लगातार बारिश और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर यह फैसला लिया है। भारी बारिश और भूस्खलन का खतरा मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान कई इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई है। इसके चलते नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ सकता है तथा पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं होने का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील जिला प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम संबंधी आधिकारिक चेतावनियों का पालन करने की अपील की है। संवेदनशील इलाकों में आपदा प्रबंधन और राहत दलों को भी अलर्ट पर रखा गया है। पर्यटकों के लिए भी जारी हुई सलाह प्रशासन ने राज्य में मौजूद पर्यटकों से भी मौसम सामान्य होने तक पहाड़ी और नदी किनारे के इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी है। कई मार्गों पर निगरानी बढ़ा दी गई है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। मौसम विभाग की निगरानी जारी IMD ने कहा है कि प्रदेश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।
रांची। झारखंड में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने राज्य के अधिकांश हिस्सों में अगले दो दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। विभाग के अनुसार, कई जिलों में भारी बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने तथा सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है 20 जुलाई को हजारीबाग, रामगढ़, रांची, लोहरदगा, चतरा और लातेहार जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है। वहीं, 21 जुलाई को रांची, खूंटी, गुमला, लोहरदगा और लातेहार में भी भारी वर्षा हो सकती है। इसके अलावा 22 से 25 जुलाई तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। वज्रपात और हादसों में पांच की मौत इधर, रविवार को वज्रपात और अन्य हादसों में पांच लोगों की मौत हो गई। सरायकेला के नुवागोड़ा गांव में आकाशीय बिजली गिरने से रोशनी सुरीन और सोनू सरदार (32) की जान चली गई। चंपुआ थाना क्षेत्र के विष्णुपुर गांव में किसान मोहन चरण गिरि (55) की भी वज्रपात से मौत हो गई। गोमिया के तेनुघाट डैम में मछली पकड़ने गए संतोष केवट उर्फ डमडम केवट (34) की डूबने से मौत हो गई, जबकि गुमला जिले के सिसई में जयंती देवी (56) की जान ठनका गिरने से चली गई। 24 घंटे में कई स्थानों पर हुई बारिश पिछले 24 घंटे में राज्य के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। धनबाद के राजदह में सर्वाधिक 76.8 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा हेंदेगिर (67.2 मिमी), नवाडीह (67 मिमी), जगन्नाथपुर (65 मिमी), पुटकी (57.2 मिमी) और राजधनवार (48.8 मिमी) में भी उल्लेखनीय बारिश हुई। राजधानी रांची में करीब दो घंटे तक हुई लगातार बारिश से कांके रोड, रातू रोड और बरियातू सहित कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन गई, जबकि मेन रोड, धुर्वा और डोरंडा में हल्की बारिश दर्ज की गई।
रांची। झारखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने रविवार को राज्य के आठ जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही कई इलाकों में वज्रपात और 40–50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई गई है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। इन जिलों में भारी बारिश की संभावना मौसम विभाग के अनुसार रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम और बोकारो सहित कई जिलों में भारी वर्षा हो सकती है। कुछ स्थानों पर कम समय में तेज बारिश होने से जलभराव और निचले इलाकों में परेशानी बढ़ने की आशंका है। किसानों और आम लोगों के लिए सलाह लगातार बारिश से किसानों को धान की बुआई में राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन बिजली गिरने और तेज हवाओं को देखते हुए खेतों में काम करने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। प्रशासन ने लोगों से पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचने तथा मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। अगले कुछ दिन रहेगा सक्रिय मानसून IMD के अनुसार झारखंड में 12 से 14 जुलाई तक मानसून सक्रिय रहेगा और कई जिलों में रुक-रुक कर बारिश जारी रह सकती है। मौसम विभाग ने स्थानीय प्रशासन को भी सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां रखने के निर्देश दिए हैं।
देहरादून, एजेंसियां। उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण केदारनाथ यात्रा मार्ग एक बार फिर प्रभावित हो गया है। सोनप्रयाग के पास हुए भूस्खलन के चलते हाईवे पर मलबा आ गया, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर वाहनों और श्रद्धालुओं की आवाजाही रोक दी है तथा सड़क साफ होने तक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ठहराया जा रहा है। बारिश बनी बड़ी वजह लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण पहाड़ों से भारी मात्रा में पत्थर और मलबा सड़क पर आ गया। इससे केदारनाथ यात्रा का प्रमुख मार्ग बाधित हो गया। सीमा सड़क संगठन (BRO), लोक निर्माण विभाग और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचकर मलबा हटाने के काम में जुटी हैं। श्रद्धालुओं से यात्रा टालने की अपील प्रशासन ने यात्रियों से मौसम सामान्य होने तक यात्रा शुरू न करने और केवल आधिकारिक सूचना मिलने के बाद ही आगे बढ़ने की अपील की है। सोनप्रयाग, गुप्तकाशी और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है, जबकि प्रभावित मार्ग पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। IMD का अलर्ट, सावधानी बरतने की सलाह भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने उत्तराखंड के कई पर्वतीय जिलों में अगले 24–48 घंटों तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं से मौसम अपडेट पर नजर रखने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। दिल्ली-एनसीआर में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। गुरुवार सुबह से राजधानी और आसपास के इलाकों में तेज बारिश के कारण कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बन गई, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए पूरे दिन भारी बारिश की संभावना जताई है। हालांकि बारिश से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली और तापमान में करीब पांच डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई, लेकिन सड़कों पर पानी भरने और ट्रैफिक जाम ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। बारिश के बीच बुधवार शाम दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-16 में निर्माणाधीन पांच मंजिला इमारत गिरने से बड़ा हादसा हो गया। करीब 14 घंटे तक चले राहत एवं बचाव अभियान के बाद मलबे से चार लोगों को निकाला गया, जिनमें तीन की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है और अस्पताल में उसका इलाज जारी है। लगातार बारिश, फिसलन और अंधेरे के कारण बचाव कार्य में भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। नोएडा और गाजियाबाद नोएडा और गाजियाबाद में भी हालात चिंताजनक रहे। मॉडल टाउन अंडरपास पूरी तरह पानी में डूब गया, जहां कई कारें और दोपहिया वाहन बीच रास्ते में बंद हो गए। करोड़ों रुपये की लागत से लगाए गए हाईटेक पंप भी जलभराव की समस्या दूर करने में नाकाम साबित हुए। वहीं गाज़ीपुर के पास NH-24 पर भारी जलभराव के कारण लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। ट्रैफिक पुलिस और NHAI की टीमें मौके पर पहुंचकर पानी निकासी और यातायात सामान्य कराने में जुटी रहीं। बारिश के कारण बारिश के कारण दिल्ली के कालकाजी स्थित कश्मीरी लाल ढींगरा मार्ग और ईस्ट ऑफ कैलाश में इस्कॉन मंदिर के पास विशाल पेड़ गिर गए, जिससे कई मार्गों पर यातायात बाधित हुआ। उधर, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शालीमार गांव पहुंचकर जल निकासी व्यवस्था का निरीक्षण किया और अधिकारियों को जलभराव की समस्या से तत्काल राहत दिलाने के निर्देश दिए। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की अपील की है।
मुंबई, एजेंसियां। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और मौसम विभाग के ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने मंगलवार को भी मुंबई के सभी सरकारी, निजी और सहायता प्राप्त स्कूलों व कॉलेजों को बंद रखने का फैसला किया है। छात्रों और शिक्षकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मुंबई और आसपास के इलाकों में अगले 24 घंटे के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश, तेज़ हवाएं और जलभराव की आशंका जताई है। मौसम को देखते हुए प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। BMC की लोगों से अपील BMC ने नागरिकों से अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने, जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने और केवल जरूरी होने पर ही यात्रा करने की सलाह दी है। साथ ही लोगों से प्रशासन द्वारा जारी मौसम संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा गया है। ट्रेन और सड़क यातायात भी प्रभावित लगातार बारिश के कारण मुंबई और आसपास के कई इलाकों में सड़क यातायात और रेल सेवाएं प्रभावित हुई हैं। कई स्थानों पर जलभराव के चलते वाहनों की आवाजाही धीमी रही, जबकि प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
पटना, एजेंसियां। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मंगलवार को बिहार के कई जिलों के लिए भारी बारिश, गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज़ हवाओं का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, पटना, बेतिया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, भागलपुर, पूर्णिया, कटिहार, मधुबनी और आसपास के जिलों में अगले 24 घंटों के दौरान तेज बारिश और खराब मौसम की संभावना है। 60 से 65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं IMD के अनुसार, कई इलाकों में 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवाएं चल सकती हैं। भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, यातायात प्रभावित होने और बिजली गिरने की घटनाओं का खतरा भी बना हुआ है। लोगों को सतर्क रहने की सलाह मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े न होने तथा बिजली चमकने के समय सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। प्रशासन को भी संभावित आपदा से निपटने के लिए सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। मानसून रहेगा सक्रिय IMD के अनुसार, सक्रिय मानसून के प्रभाव से बिहार में अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रह सकता है। उत्तर बिहार के कई जिलों में भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए स्थानीय प्रशासन को आवश्यक तैयारियां रखने के निर्देश दिए गए हैं।
रांची। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने झारखंड में अगले दो दिनों तक भारी बारिश, वज्रपात और तेज हवा की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, राजधानी रांची सहित लातेहार, पलामू, गढ़वा, चतरा, बोकारो, धनबाद, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां समेत कई जिलों में भारी वर्षा होने की संभावना है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। मानसून ने पकड़ी रफ्तार, कई इलाकों में तेज बारिश के आसार मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने मौसम तंत्र और सक्रिय मानसून के प्रभाव से राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है। पिछले 24 घंटों में सिमडेगा में सबसे अधिक वर्षा दर्ज की गई, जबकि मेदिनीनगर राज्य का सबसे गर्म शहर रहा। प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी भारी बारिश और वज्रपात की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को अलर्ट पर रखा गया है। लोगों को पेड़ों के नीचे खड़े न होने, नदी-नालों से दूर रहने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। किसानों को भी मौसम अपडेट पर नजर रखने और खेतों में काम करते समय सावधानी बरतने को कहा गया है। अगले सप्ताह तक जारी रह सकती है बारिश IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, झारखंड में मानसून की सक्रियता अगले कुछ दिनों तक बनी रहेगी। 6 से 8 जुलाई के बीच भी राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है, जिससे तापमान में गिरावट और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है।
पटना, एजेंसियां। बिहार में मौसम एक बार फिर बदलने वाला है। बंगाल की खाड़ी में बने नए कम दबाव के क्षेत्र (लो प्रेशर सिस्टम) के प्रभाव से राज्य में अगले 48 घंटों के दौरान तेज बारिश होने की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने कई जिलों में भारी वर्षा, गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में भारी बारिश की संभावना मौसम विभाग के अनुसार पटना, भागलपुर, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, अररिया, सुपौल, मधेपुरा, सहरसा और आसपास के जिलों में शनिवार और रविवार के दौरान अच्छी बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर वज्रपात और तेज हवा चलने की भी आशंका जताई गई है। गर्मी और उमस से मिलेगी राहत, प्रशासन ने जारी की सलाह लगातार उमस और गर्मी से परेशान लोगों को बारिश से राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और खुले स्थानों, पेड़ों तथा बिजली के खंभों के नीचे खड़े न होने की सलाह दी है। किसानों को भी मौसम पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए खेती का कार्य करने की अपील की गई है।
यरुशलम: Benjamin Netanyahu ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि आवश्यकता पड़ी तो इजरायल दोबारा सैन्य कार्रवाई करने से नहीं हिचकेगा। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय तनाव को लेकर कूटनीतिक बातचीत जारी है। तुर्की की सरकारी समाचार एजेंसी अनादोलु के अनुसार, एक इंटरव्यू में नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल अपनी सुरक्षा के मामले में किसी अन्य देश पर निर्भर नहीं रहेगा और ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने को तैयार है। 'जरूरत पड़ी तो तीसरी बार भी करेंगे कार्रवाई' नेतन्याहू ने दावा किया कि ईरान के खिलाफ पहले की गई सैन्य कार्रवाइयों ने इजरायल को संभावित परमाणु खतरे से बचाया। उन्होंने कहा कि यदि इजरायल की सुरक्षा को फिर से खतरा महसूस हुआ, तो ईरान के खिलाफ एक और सैन्य अभियान शुरू किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इजरायल अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में स्वतंत्र रूप से निर्णय लेगा और किसी भी संभावित खतरे का जवाब देने के लिए तैयार रहेगा। अमेरिका-ईरान वार्ता के बीच बढ़ा तनाव नेतन्याहू का बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने और परमाणु मुद्दों पर सहमति बनाने के प्रयास जारी हैं। दोनों पक्ष संघर्षविराम को व्यापक राजनीतिक समझौते में बदलने की दिशा में बातचीत कर रहे हैं। इन वार्ताओं में क्षेत्रीय सुरक्षा, प्रतिबंधों में संभावित राहत और परमाणु कार्यक्रम से जुड़े मुद्दे प्रमुख एजेंडे में शामिल हैं। इजरायल ने दोहराया अपना रुख इजरायल पहले भी स्पष्ट कर चुका है कि वह ऐसे किसी भी समझौते से स्वयं को बाध्य नहीं मानेगा, जो उसकी दृष्टि में ईरान की सैन्य या परमाणु क्षमताओं को बढ़ावा देता हो। इजरायली नेतृत्व का कहना है कि देश की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और आवश्यकता पड़ने पर वह एकतरफा कार्रवाई करने का अधिकार सुरक्षित रखता है। ट्रंप ने संयम बरतने की अपील की वहीं, Donald Trump ने सार्वजनिक रूप से सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि पश्चिम एशिया में दोबारा सैन्य तनाव बढ़ना किसी के हित में नहीं होगा और कूटनीतिक समाधान को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
मुंबई,एजेंसियां। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में बुधवार को हुई भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। लगातार हो रही बारिश के कारण कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई, जिससे सड़क यातायात बाधित रहा और लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। अंधेरी सबवे में करीब पांच फीट पानी भर जाने के कारण प्रशासन को एहतियातन इसे यातायात के लिए बंद करना पड़ा। लोकल ट्रेन सेवा पर पड़ा असर भारी बारिश का असर मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेन सेवा पर भी देखने को मिला। वेस्टर्न, सेंट्रल और हार्बर लाइन की कई ट्रेनें देरी से चलीं। हार्बर लाइन पर ओवरहेड इलेक्ट्रिक (OHE) वायर में तकनीकी खराबी आने से कई लोकल ट्रेनें बीच रास्ते में ही रुक गईं। सुबह के व्यस्त समय में आई इस समस्या से हजारों यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी। रेलवे की तकनीकी टीम ने मौके पर पहुंचकर मरम्मत कार्य शुरू किया, जिसके बाद धीरे-धीरे सेवाएं सामान्य करने का प्रयास किया गया। बालकनी गिरने से व्यक्ति की मौत दक्षिण मुंबई के बाबुलनाथ रोड स्थित MHADA की 'सूर्यप्रकाश' इमारत में मंगलवार देर रात तीसरी मंजिल की बालकनी का एक हिस्सा अचानक गिर गया। हादसे में 51 वर्षीय संतोष रामचंद्र भारस्कर गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद फायर ब्रिगेड, पुलिस, एम्बुलेंस और नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची तथा सुरक्षा के मद्देनजर आवश्यक कदम उठाए गए। कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मुंबई, ठाणे, पालघर, रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग ने अगले चार से पांच दिनों तक भारी बारिश, तेज हवाओं और कुछ स्थानों पर बिजली गिरने की चेतावनी दी है। प्रशासन ने नागरिकों से अनावश्यक यात्रा से बचने, जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की है। वहीं, रेलवे, नगर निगम और आपदा प्रबंधन विभाग को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट मोड पर रखा गया है।
पटना, एजेंसियां। बिहार में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है और इसका असर पूरे राज्य में देखने को मिल रहा है। मंगलवार रात से मौसम ने करवट ली है, जिसके बाद कई जिलों में बारिश शुरू हो गई। बुधवार सुबह बेगूसराय समेत कई इलाकों में झमाझम बारिश हुई, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली। मौसम विभाग ने 1 से 4 जुलाई तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश, तेज हवा और मेघ गर्जन की संभावना जताई है। 13 जिलों में ऑरेंज, 25 जिलों में येलो अलर्ट भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बुधवार के लिए पटना सहित 13 जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं 25 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है। अगले पांच दिन ऐसा रहेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार, अगले पांच दिनों तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और रुक-रुक कर बारिश होती रहेगी। बारिश के कारण अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है। विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और बिजली चमकने के समय खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी है। बारिश से मिली राहत, एक महिला की मौत बीते 24 घंटों के दौरान खगड़िया, समस्तीपुर, सासाराम और जमुई में अच्छी बारिश दर्ज की गई। हालांकि औरंगाबाद में आकाशीय बिजली गिरने से एक महिला की मौत हो गई। राजधानी पटना में दिनभर बादल छाए रहे और ठंडी हवाओं ने मौसम को सुहावना बना दिया। अब भी सामान्य से 46% कम बारिश मौसम विभाग के अनुसार, 30 जून तक बिहार में 87.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य औसत 163.3 मिमी होनी चाहिए थी। यानी अब तक राज्य में सामान्य से 46 प्रतिशत कम बारिश हुई है। हालांकि पिछले 24 घंटों में बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं, खासकर उत्तर और उत्तर-पूर्वी बिहार में। विभाग के अनुसार 2 जुलाई को पटना, नालंदा, गया, जहानाबाद, नवादा, भोजपुर, बक्सर, रोहतास, औरंगाबाद और कैमूर समेत कई जिलों में बारिश की संभावना बनी हुई है। इससे किसानों और आम लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
रांची। झारखंड में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के 20 जिलों में अगले 48 घंटे तक भारी बारिश की संभावना जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने कई इलाकों में तेज बारिश, वज्रपात और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है। इन जिलों में भारी बारिश की आशंका मौसम विभाग के अनुसार रांची, जमशेदपुर (पूर्वी सिंहभूम), बोकारो, धनबाद, हजारीबाग, रामगढ़, गिरिडीह, देवघर, दुमका, गोड्डा, पाकुड़, साहिबगंज, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, खूंटी, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, चतरा और कोडरमा सहित कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है। निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने की भी आशंका जताई गई है। वज्रपात और तेज हवाओं की चेतावनी आईएमडी ने लोगों को बारिश के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने की सलाह दी है। किसानों को भी मौसम सामान्य होने तक खेतों में काम करते समय विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। प्रशासन अलर्ट मोड पर राज्य सरकार ने सभी जिला प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। आपदा प्रबंधन विभाग को संभावित जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां रखने को कहा गया है। नगर निकायों को जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। लोगों से सावधानी बरतने की अपील मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, बिजली चमकने के समय सुरक्षित स्थान पर रहने और मौसम से जुड़ी आधिकारिक चेतावनियों पर ध्यान देने की अपील की है।
दिसपुर, एजेंसियां। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों के लिए अगले कुछ दिनों का मौसम पूर्वानुमान जारी करते हुए पूर्वोत्तर भारत और उत्तर बंगाल के कई इलाकों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी है। विभाग के अनुसार 27 से 29 जून के बीच असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, सिक्किम और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में तेज बारिश की संभावना है। लगातार वर्षा के कारण निचले इलाकों में जलभराव और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा भी बढ़ सकता है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और मौसम संबंधी सलाह का पालन करने की अपील की है। उत्तर भारत में जल्द मिलेगी गर्मी से राहत आईएमडी के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून धीरे-धीरे उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ की ओर बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से अगले सप्ताह उत्तर भारत में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि मानसून के सक्रिय होने के साथ ही भीषण गर्मी और उमस से राहत मिलेगी। हालांकि दिल्ली-एनसीआर में मानसून के जुलाई के पहले सप्ताह तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। तब तक प्री-मानसून गतिविधियां जारी रहेंगी। पश्चिम और दक्षिण भारत में भी बदलेगा मौसम मौसम विभाग ने कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और उत्तरी कर्नाटक में भी गरज के साथ बारिश, बिजली गिरने और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान लगाया है। उत्तर बंगाल के दार्जिलिंग और कालिम्पोंग जैसे पहाड़ी जिलों में भूस्खलन तथा मैदानी क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। वहीं 27 जून को पश्चिमी उत्तर प्रदेश और ओडिशा के कुछ हिस्सों में लू चलने की भी संभावना है। मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी आईएमडी ने समुद्री क्षेत्रों में खराब मौसम को देखते हुए मछुआरों को मन्नार की खाड़ी, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और लक्षद्वीप के आसपास समुद्र में न जाने की सलाह दी है। विभाग ने लोगों से मौसम के ताजा अपडेट पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने झारखंड सहित देश के कई राज्यों के लिए भारी बारिश, तेज आंधी और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ घंटों में मौसम तेजी से बदल सकता है। कई क्षेत्रों में 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। किन राज्यों में अलर्ट? मौसम विभाग के अनुसार झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल, असम सहित कई राज्यों में भारी बारिश और आंधी की संभावना है। कुछ इलाकों में बिजली गिरने का भी अनुमान जताया गया है। झारखंड में कैसा रहेगा मौसम? झारखंड के कई जिलों में गरज के साथ बारिश, तेज हवाएं और वज्रपात की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों को खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है। किसानों और यात्रियों के लिए सलाह IMD ने किसानों से फसल की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा है। वहीं यात्रियों को खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। तेज हवा और बारिश के कारण सड़क तथा रेल यातायात भी प्रभावित हो सकता है। प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी राज्य और जिला प्रशासन ने लोगों से मौसम विभाग द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने, सुरक्षित स्थानों पर रहने और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से संपर्क करने की अपील की है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।