मुंबई, एजेंसियां। अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने भारतीय सिनेमा के बदलते स्वरूप और उसकी बढ़ती वैश्विक पहुंच पर अपनी राय रखी है। उन्होंने कहा कि भारतीय फिल्में अब अपनी स्थानीय जड़ों, कहानियों और संस्कृति के करीब जाकर दुनिया भर के दर्शकों तक पहुंच बना रही हैं। उनके मुताबिक, भारतीय सिनेमा के लिए स्थानीय होना अब सीमित दायरे में रहने का संकेत नहीं, बल्कि वैश्विक दर्शकों तक पहुंचने की ताकत बन गया है। स्थानीय कहानियों से बढ़ रही वैश्विक पहुंच पंकज त्रिपाठी ने भारतीय सिनेमा में आए बदलाव की चर्चा करते हुए बताया कि पहले देश और समाज को समझने का नजरिया काफी हद तक महानगरों तक सीमित रहता था। अब फिल्मकार और लेखक छोटे शहरों, कस्बों, गांवों और अलग-अलग क्षेत्रों की वास्तविक कहानियों को सामने ला रहे हैं। उनके अनुसार, जब कहानी अपनी जमीन और संस्कृति से जुड़ी होती है तो उसमें एक ऐसी प्रामाणिकता आती है, जिससे अलग-अलग देशों के दर्शक भी खुद को जोड़ पाते हैं। यही वजह है कि भारतीय फिल्मों और कलाकारों की पहुंच अब देश की सीमाओं से आगे बढ़ रही है। बॉलीवुड से आगे बढ़ा भारतीय सिनेमा भारतीय सिनेमा की वैश्विक पहचान केवल बड़े बजट या बड़े सितारों तक सीमित नहीं रही है। क्षेत्रीय भाषाओं में बनी फिल्मों और स्थानीय विषयों पर आधारित कहानियों को भी अंतरराष्ट्रीय दर्शक मिल रहे हैं। पंकज त्रिपाठी का मानना है कि भारतीय फिल्म उद्योग में यह बदलाव कहानी कहने के तरीके को भी प्रभावित कर रहा है। फिल्मकार अब अपनी स्थानीय पहचान को छिपाने के बजाय उसे कहानी की ताकत के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। ‘स्थानीय’ कहानी में छिपी है सार्वभौमिक भावना पंकज त्रिपाठी की बात का एक अहम पहलू यह है कि स्थानीय कहानी का मतलब केवल किसी एक क्षेत्र या समुदाय तक सीमित कहानी नहीं है। परिवार, संघर्ष, रिश्ते, सपने, गरीबी, सफलता और मानवीय भावनाएं ऐसी चीजें हैं, जिन्हें दुनिया के अलग-अलग हिस्सों के दर्शक समझ सकते हैं। इसी वजह से किसी छोटे शहर या गांव की कहानी भी अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के लिए प्रासंगिक बन सकती है। अभिनेता के मुताबिक, भारतीय सिनेमा की यही स्थानीय जड़ें उसकी वैश्विक आवाज को मजबूत कर रही हैं। भारतीय सिनेमा के लिए बदलता दौर पंकज त्रिपाठी की टिप्पणी ऐसे समय आई है जब भारतीय फिल्मों और वेब सीरीज को दुनियाभर में पहले की तुलना में ज्यादा दर्शक मिल रहे हैं। अलग-अलग भाषाओं की भारतीय सामग्री डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से वैश्विक दर्शकों तक पहुंच रही है। ऐसे में स्थानीय कहानियों को प्राथमिकता देने की प्रवृत्ति भारतीय मनोरंजन उद्योग के लिए नई संभावनाएं खोल रही है। पंकज त्रिपाठी का मानना है कि भारतीय सिनेमा की वास्तविक ताकत उसकी विविधता और अपनी जमीन से जुड़े किस्सों में ही है।
मुंबई, एजेंसियां। दिग्गज बॉलीवुड अभिनेत्री शबाना आजमी की तबीयत खराब होने के बाद जांच में स्वाइन फ्लू (H1N1 संक्रमण) की पुष्टि हुई है। डॉक्टरों ने उन्हें कुछ दिनों तक आराम करने और सावधानी बरतने की सलाह दी है। अभिनेत्री के स्वास्थ्य को लेकर जानकारी सामने आने के बाद उनके प्रशंसक जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं। स्वास्थ्य कारणों से कार्यक्रमों से बनाई दूरी रिपोर्ट्स के अनुसार, शबाना आजमी पिछले कुछ समय से अस्वस्थ महसूस कर रही थीं। इसके बाद उन्होंने चिकित्सकीय जांच कराई, जिसमें स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई। डॉक्टरों ने उन्हें करीब पांच दिन आराम करने की सलाह दी है ताकि वह पूरी तरह स्वस्थ हो सकें। अभिनेत्री की तबीयत को देखते हुए उन्होंने अपने कुछ निर्धारित कार्यक्रमों और सार्वजनिक गतिविधियों से दूरी बना ली है। परिवार और मेडिकल टीम उनकी सेहत पर नजर बनाए हुए हैं। स्वाइन फ्लू को लेकर बरतनी पड़ती है सावधानी स्वाइन फ्लू एक वायरल संक्रमण है, जो मुख्य रूप से श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है। इसमें बुखार, खांसी, गले में खराश, शरीर में दर्द और थकान जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, समय पर इलाज और पर्याप्त आराम से मरीज जल्द ठीक हो सकता है। बॉलीवुड में भी समय-समय पर कई कलाकार इस तरह के संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। डॉक्टरों की सलाह के अनुसार आराम और सावधानी संक्रमण से उबरने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। फैंस ने जल्द स्वस्थ होने की कामना की शबाना आजमी के बीमार होने की खबर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर उनके प्रशंसकों ने उनके जल्द ठीक होने की प्रार्थना की। फैंस ने अभिनेत्री के लंबे और सफल करियर का जिक्र करते हुए उनके बेहतर स्वास्थ्य की कामना की। शबाना आजमी भारतीय सिनेमा की सबसे सम्मानित अभिनेत्रियों में शामिल हैं। उन्होंने समानांतर सिनेमा से लेकर मुख्यधारा की फिल्मों तक अपनी अलग पहचान बनाई है और कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय सम्मान हासिल किए हैं। अभिनय करियर में लगातार सक्रिय हैं शबाना आजमी उम्र के इस पड़ाव पर भी शबाना आजमी फिल्मों और वेब सीरीज में सक्रिय हैं। वह अपने दमदार अभिनय और सामाजिक मुद्दों पर बेबाक राय के लिए जानी जाती हैं। स्वास्थ्य में सुधार के बाद उनके दोबारा अपने काम पर लौटने की उम्मीद है।
वॉशिंगटन: नासा के अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन और रूस के दो कॉस्मोनॉट सफलतापूर्वक अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पहुंच गए हैं। सोयुज MS-29 अंतरिक्ष यान से करीब साढ़े तीन घंटे की यात्रा पूरी करने के बाद तीनों का स्टेशन पर मौजूद अंतरिक्ष यात्रियों ने शानदार स्वागत किया। इस ऐतिहासिक पल का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें ISS पर उनके स्वागत की झलक दिखाई दे रही है। बैकोनूर कॉस्मोड्रोम से भरी थी उड़ान नासा के अनुसार, सोयुज MS-29 अंतरिक्ष यान ने मंगलवार को भारतीय समयानुसार रात 8:17 बजे कजाकिस्तान के बैकोनूर कॉस्मोड्रोम से उड़ान भरी थी। यह मिशन नासा और रूस की अंतरिक्ष एजेंसी रोस्कोस्मोस के संयुक्त सहयोग के तहत संचालित किया जा रहा है। अनिल मेनन के साथ रूसी कॉस्मोनॉट प्योत्र डुब्रोव और अन्ना किकिना भी इस मिशन का हिस्सा हैं। अनिल मेनन की पहली अंतरिक्ष यात्रा नासा ने बताया कि यह अनिल मेनन का पहला अंतरिक्ष मिशन है। वहीं, प्योत्र डुब्रोव और अन्ना किकिना दूसरी बार अंतरिक्ष यात्रा पर गए हैं। ISS पहुंचने के बाद तीनों अंतरिक्ष यात्री वहां पहले से मौजूद अंतरराष्ट्रीय दल के साथ जुड़ गए हैं। इस दल में नासा, यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) और रोस्कोस्मोस के कई अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं। आठ महीने तक करेंगे वैज्ञानिक शोध यह मिशन लगभग आठ महीने तक चलेगा। इस दौरान अनिल मेनन और उनकी टीम अंतरिक्ष में कई वैज्ञानिक प्रयोग, जैविक अनुसंधान और नई तकनीकों का परीक्षण करेंगे। इन प्रयोगों का उद्देश्य भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों को अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनाना है। साथ ही, अंतरिक्ष में किए जाने वाले शोध से चिकित्सा, विज्ञान और नई तकनीकों के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण जानकारियां मिलने की उम्मीद है, जिनका लाभ धरती पर भी लोगों को मिल सकता है। अप्रैल 2027 में होगी वापसी नासा के कार्यक्रम के अनुसार, अनिल मेनन, प्योत्र डुब्रोव और अन्ना किकिना की पृथ्वी पर वापसी अप्रैल 2027 में निर्धारित है। मिशन के दौरान वे अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर विभिन्न वैज्ञानिक परियोजनाओं और तकनीकी परीक्षणों में भाग लेंगे।
Dhamaal 4 Box Office Collection: अजय देवगन स्टारर कॉमेडी फिल्म 'Dhamaal 4' बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन कर रही है। रिलीज के सिर्फ पांच दिनों में फिल्म ने भारत में लगभग ₹82.25 करोड़ (नेट) की कमाई कर ली है। शुरुआती ट्रेंड्स के मुताबिक, फिल्म अब हिट की श्रेणी में पहुंच चुकी है और साल 2026 की चौथी हिट फिल्म बन गई है। इससे पहले 'Border 2', 'Dhurandhar 2' और 'Bhooth Bangla' भी बॉक्स ऑफिस पर सफल रही हैं। पांचवें दिन भी कायम रही कमाई की रफ्तार मंगलवार को फिल्म ने लगभग ₹9.50 करोड़ का नेट कलेक्शन किया। खास बात यह रही कि बिना किसी डिस्काउंट ऑफर के भी फिल्म की कमाई में अच्छी पकड़ देखने को मिली। ट्रेड रिपोर्ट्स के अनुसार, बुधवार की एडवांस बुकिंग भी मजबूत रही, जिससे फिल्म के पहले सप्ताह के प्रदर्शन को लेकर सकारात्मक संकेत मिले हैं। पहले सप्ताह में ₹100 करोड़ के करीब पहुंचने की उम्मीद अब तक के ट्रेंड्स को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि 'Dhamaal 4' अपने पहले सप्ताह में लगभग ₹96 से ₹97 करोड़ का नेट कलेक्शन कर सकती है। यदि यही रफ्तार बनी रही तो फिल्म जल्द ही ₹100 करोड़ क्लब में शामिल हो सकती है। तीन सप्ताह तक नहीं मिलेगी बड़ी टक्कर फिल्म के लिए राहत की बात यह है कि आने वाले लगभग तीन सप्ताह तक कोई बड़ी कॉमेडी या फैमिली एंटरटेनर रिलीज नहीं हो रही है। इस दौरान हॉलीवुड फिल्म 'The Odyssey' रिलीज होगी, लेकिन उसका दर्शक वर्ग अलग माना जा रहा है। इसके बाद 'Spider-Man: Brand New Day' की रिलीज तक Dhamaal 4 के पास बॉक्स ऑफिस पर मजबूत पकड़ बनाए रखने का अवसर रहेगा। Dhamaal 4 का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन (भारत) दिन नेट कलेक्शन शुक्रवार ₹14.00 करोड़ शनिवार ₹22.50 करोड़ रविवार ₹28.00 करोड़ सोमवार ₹8.25 करोड़ मंगलवार ₹9.50 करोड़ कुल ₹82.25 करोड़ दर्शकों को पसंद आ रही कॉमेडी फिल्म को फैमिली ऑडियंस से अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। वीकेंड में शानदार कमाई के बाद वीकडेज़ में भी फिल्म ने स्थिर प्रदर्शन बनाए रखा है। यही वजह है कि ट्रेड एक्सपर्ट्स इसे साल 2026 की सफल फिल्मों में शामिल मान रहे हैं। अगर मौजूदा रफ्तार जारी रहती है, तो आने वाले दिनों में 'Dhamaal 4' बॉक्स ऑफिस पर और बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर सकती है।
नई दिल्ली: बॉलीवुड की ऐतिहासिक फिल्मों में गिनी जाने वाली 'लगान' ने अपनी रिलीज के 25 वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस खास अवसर पर लंदन इंडियन फिल्म फेस्टिवल में फिल्म की सिल्वर जुबली मनाई गई, जहां अभिनेता आमिर खान और फिल्म में एलिजाबेथ रसेल का किरदार निभाने वाली ब्रिटिश अभिनेत्री रेचल शेली एक बार फिर साथ नजर आए। दोनों की मुलाकात की तस्वीरें सामने आते ही सोशल मीडिया पर प्रशंसकों के बीच पुरानी यादें ताजा हो गईं। लंदन में हुआ खास पुनर्मिलन रेचल शेली ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर कार्यक्रम की कई तस्वीरें साझा कीं। तस्वीरों में वह आमिर खान के साथ रेड कार्पेट पर पोज देती और गर्मजोशी से मुलाकात करती दिखाई दीं। इस मौके पर आमिर खान नीले रंग की टी-शर्ट और जींस में नजर आए, जबकि रेचल शेली ने सफेद रंग की ड्रेस पहनी थी। तस्वीरें साझा करते हुए उन्होंने 'लगान' के 25 साल पूरे होने की खुशी जाहिर की और कार्यक्रम के आयोजकों का आभार भी व्यक्त किया। फैंस ने सोशल मीडिया पर जताई खुशी आमिर खान और रेचल शेली की मुलाकात ने फिल्म प्रेमियों को भावुक कर दिया। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने इसे यादगार पल बताया। कई प्रशंसकों ने लिखा कि दोनों कलाकारों को एक साथ देखकर बचपन की यादें ताजा हो गईं। कुछ लोगों ने इच्छा जताई कि दोनों कलाकार भविष्य में किसी भारतीय फिल्म में फिर साथ काम करें। वहीं कई यूजर्स ने मजाकिया अंदाज में फिल्म के किरदारों का जिक्र करते हुए दिलचस्प प्रतिक्रियाएं भी दीं। पहले भी साझा किया था खास संदेश इस वर्ष भारत में 'लगान' की री-रिलीज के दौरान भी रेचल शेली ने एक वीडियो साझा कर फिल्म से जुड़ी अपनी भावनाएं व्यक्त की थीं। उन्होंने कहा था कि फिल्म बनाना कलाकारों और पूरी टीम का काम होता है, लेकिन दर्शकों का प्यार ही किसी फिल्म को हमेशा जीवित रखता है। उन्होंने यह भी बताया कि 'लगान' उनके करियर का बेहद अहम हिस्सा रही है और इस फिल्म से जुड़ी यादें आज भी उनके साथ हैं। भारतीय सिनेमा की यादगार फिल्मों में शामिल है 'लगान' निर्देशक आशुतोष गोवारिकर के निर्देशन में बनी 'लगान' वर्ष 2001 में रिलीज हुई थी। ब्रिटिश शासनकाल की पृष्ठभूमि पर आधारित इस फिल्म में एक गांव की कहानी दिखाई गई थी, जहां ग्रामीण अंग्रेज अधिकारियों को क्रिकेट मैच की चुनौती देकर भारी कर (लगान) से राहत पाने की कोशिश करते हैं। फिल्म में आमिर खान, ग्रेसी सिंह, रेचल शेली समेत कई कलाकारों ने अहम भूमिकाएं निभाईं। ए.आर. रहमान का संगीत, दमदार कहानी और शानदार अभिनय इसकी सबसे बड़ी खूबियां रहीं। ऑस्कर तक पहुंची थी फिल्म 'लगान' ने भारत ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी अलग पहचान बनाई। फिल्म को एकेडमी अवॉर्ड्स (ऑस्कर) में बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म श्रेणी के लिए नामांकन मिला था। आज भी इसे भारतीय सिनेमा की सबसे प्रतिष्ठित और प्रभावशाली फिल्मों में गिना जाता है।
मुंबई, एजेंसियां। बॉलीवुड के ऊर्जा से भरपूर और बहुमुखी अभिनेता रणवीर सिंह आज अपना 41वां जन्मदिन मना रहे हैं। 6 जुलाई 1985 को मुंबई में जन्मे रणवीर सिंह ने अपनी मेहनत, अलग अंदाज और दमदार अभिनय के दम पर हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में खास पहचान बनाई है। आज वे बॉलीवुड के सबसे सफल सितारों में गिने जाते हैं, लेकिन फिल्मों में आने से पहले उनका सफर संघर्ष और छोटे-छोटे कामों से होकर गुजरा। रणवीर का पूरा नाम रणवीर सिंह भावनानी है। फिल्मों में कदम रखने के बाद उन्होंने अपने नाम से 'भावनानी' सरनेम हटा दिया। उनका बॉलीवुड के कपूर परिवार से भी खास रिश्ता है। अभिनेत्री सोनम कपूर उनकी कजिन हैं, जबकि अभिनेता अनिल कपूर उनके रिश्ते में मौसा लगते हैं। पढ़ाई पूरी कर किया नौकरी का सफर रणवीर ने मुंबई के लर्नर्स एकेडमी स्कूल से शुरुआती शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद वे अमेरिका की इंडियाना यूनिवर्सिटी गए, जहां से टेलीकम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री हासिल की। अभिनय की दुनिया में आने से पहले उन्होंने अमेरिका में एक कैफे में पार्ट-टाइम सर्वर के रूप में काम किया। भारत लौटने के बाद मुंबई की एक विज्ञापन एजेंसी में कॉपीराइटर की नौकरी भी की। हालांकि उनका सपना हमेशा अभिनेता बनने का ही था। 'बैंड बाजा बारात' से चमकी किस्मत कई ऑडिशन देने के बाद रणवीर को यशराज फिल्म्स की फिल्म 'बैंड बाजा बारात' में मुख्य भूमिका मिली। साल 2010 में रिलीज हुई इस फिल्म में अनुष्का शर्मा के साथ उनकी जोड़ी को दर्शकों ने खूब पसंद किया और यहीं से उनका बॉलीवुड सफर शुरू हुआ। इसके बाद रणवीर ने एक के बाद एक कई सफल फिल्मों में दमदार अभिनय किया और खुद को इंडस्ट्री के भरोसेमंद सितारों में शामिल कर लिया। हाल के वर्षों में रिलीज हुई 'धुरंधर' और 'धुरंधर 2' ने उनके करियर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। खासतौर पर 'धुरंधर 2' की शानदार सफलता ने रणवीर की लोकप्रियता को और मजबूत किया। आज वे अपनी अभिनय क्षमता, अलग अंदाज और शानदार स्क्रीन प्रेजेंस के कारण करोड़ों प्रशंसकों के पसंदीदा अभिनेता बने हुए हैं।
मुंबई: साउथ सुपरस्टार सामंथा रुथ प्रभु की बहुप्रतीक्षित एक्शन ड्रामा फिल्म 'मा इंटी बंगारम' ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार शुरुआत की है। रिलीज के पहले ही दिन फिल्म ने दमदार कमाई करते हुए कई हालिया फीमेल-सेंट्रिक फिल्मों के रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए हैं। फिल्म को दर्शकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है और शुरुआती आंकड़ों से संकेत मिल रहे हैं कि वीकेंड पर इसकी कमाई में और तेजी देखने को मिल सकती है। पहले दिन कितनी रही कमाई? बॉक्स ऑफिस ट्रैकिंग वेबसाइट सैकनिल्क के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, 'मा इंटी बंगारम' ने पहले दिन भारत में लगभग 5.35 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया। वहीं, फिल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन करीब 10.70 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यदि वीकेंड पर फिल्म को सकारात्मक वर्ड ऑफ माउथ मिलता है, तो इसके कलेक्शन में और उछाल आ सकता है। सामंथा के करियर की बड़ी सोलो ओपनिंग 'मा इंटी बंगारम' अब सामंथा रुथ प्रभु के करियर की सबसे बड़ी सोलो ओपनिंग फिल्मों में शामिल हो गई है। इससे पहले: 'यशोदा' (2022) – 3.06 करोड़ रुपये 'ओह बेबी' – 2.50 करोड़ रुपये का ओपनिंग डे कलेक्शन रहा था। इस तरह नई फिल्म ने सामंथा की पिछली फिल्मों का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है। रश्मिका और अनुष्का की फिल्मों को भी छोड़ा पीछे सामंथा की फिल्म ने हाल ही में रिलीज हुई कई महिला प्रधान फिल्मों से बेहतर शुरुआत की है। अनुष्का शेट्टी की 'घाटी' – 2 करोड़ रुपये रश्मिका मंदाना की 'द गर्लफ्रेंड' – 1.30 करोड़ रुपये के मुकाबले 'मा इंटी बंगारम' का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा। क्या है फिल्म की कहानी? फिल्म की कहानी एक ऐसी महिला के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपने हिंसक अतीत से अपने परिवार को बचाने के लिए संघर्ष करती है। एक्शन और इमोशन से भरपूर इस कहानी में सामंथा का दमदार अवतार देखने को मिल रहा है। फिल्म में सामंथा रुथ प्रभु के अलावा: गुलशन देवैया गौतमी श्रीमुखी मंजूषा मुक्काविली दिगंत मंचाले अहम भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह फिल्म वीकेंड पर अपनी मजबूत शुरुआत को बड़े बॉक्स ऑफिस आंकड़ों में बदल पाएगी।
मुंबई: धर्मा प्रोडक्शंस से जुड़े प्रोड्यूसर और क्रिएटिव डेवलपमेंट हेड सोमेन मिश्रा के एक सोशल मीडिया पोस्ट ने फिल्म इंडस्ट्री में हलचल मचा दी है। सोमेन ने फिल्ममेकर अनुराग कश्यप को लेकर दावा किया है कि उन्होंने एक बार उनके घर आकर उनका सिर फोड़ने की धमकी दी थी। हालांकि, सोमेन मिश्रा ने इस कथित घटना के बारे में विस्तार से कोई जानकारी साझा नहीं की है। वहीं, अनुराग कश्यप की ओर से भी इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। एक किताब के ऐलान के बाद सामने आया दावा पूरा मामला तब शुरू हुआ जब प्रकाशन संस्था पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने फिल्ममेकर अनुराग कश्यप पर आधारित एक नई किताब के अधिकार हासिल करने का ऐलान किया। इस किताब को पत्रकार नमन रामचंद्रन और स्वयं अनुराग कश्यप मिलकर लिख रहे हैं। इसी घोषणा से जुड़े एक पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए सोमेन मिश्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा: "अगर इसमें वह चैप्टर नहीं है, जिसमें AK (अनुराग कश्यप) मेरे घर आकर मेरा सिर फोड़ने की धमकी देते हैं, तो यह किसी काम की नहीं है।" इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई। अनुराग कश्यप की विरासत पर भी उठाए सवाल सोमेन मिश्रा ने एक अन्य पोस्ट में फिल्मों की विरासत और बॉक्स ऑफिस सफलता पर अपनी राय रखते हुए कहा कि केवल कमाई के आधार पर किसी फिल्मकार की विरासत तय नहीं की जा सकती। उन्होंने लिखा कि अगर सिर्फ बॉक्स ऑफिस सफलता ही मापदंड होती, तो फिल्म स्कूलों में गुरु दत्त की फिल्मों की बजाय 'जय संतोषी मां' जैसे ब्लॉकबस्टर सिनेमा का अध्ययन किया जाता। यूजर्स ने मांगी पूरी कहानी सोमेन मिश्रा के पोस्ट वायरल होने के बाद कई सोशल मीडिया यूजर्स ने उनसे पूरी घटना के बारे में जानकारी देने की मांग की। कुछ यूजर्स ने पूछा: "आखिर ऐसा क्यों हुआ?" "पूरी कहानी बताइए।" "यह तो स्पॉइलर जैसा लग रहा है।" हालांकि, अब तक सोमेन मिश्रा ने इस कथित घटना को लेकर कोई अतिरिक्त जानकारी साझा नहीं की है। कौन हैं सोमेन मिश्रा? सोमेन मिश्रा लंबे समय से धर्मा प्रोडक्शंस और धर्माटिक एंटरटेनमेंट से जुड़े हुए हैं। वह वर्तमान में कंपनी में हेड ऑफ क्रिएटिव डेवलपमेंट (स्क्रिप्ट्स) की भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कई चर्चित फिल्मों पर काम किया है, जिनमें: 'शेरशाह' 'राजी' 'गुड न्यूज' 'धड़क 2' 'होमबाउंड' जैसी परियोजनाएं शामिल हैं। हाल ही में 'बंदर' को लेकर चर्चा में थे अनुराग कश्यप दूसरी ओर, अनुराग कश्यप अपनी हालिया फिल्म 'बंदर' को लेकर सुर्खियों में रहे। बॉबी देओल अभिनीत इस फिल्म को समीक्षकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर इसका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। नोट: अनुराग कश्यप पर लगाया गया यह आरोप फिलहाल केवल सोमेन मिश्रा के सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है। इस मामले में स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और अनुराग कश्यप की प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।
नई दिल्ली: मोहनलाल स्टारर सस्पेंस-थ्रिलर फिल्म ‘दृश्यम 3’ बॉक्स ऑफिस पर लगातार बेहतरीन प्रदर्शन कर रही है। रिलीज के तीन हफ्ते बाद भी फिल्म दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में सफल रही है। हालांकि 21वें दिन फिल्म की कमाई में मामूली गिरावट देखने को मिली। 21वें दिन कितनी हुई कमाई? सैकनिल्क की रिपोर्ट के अनुसार, ‘दृश्यम 3’ ने रिलीज के 21वें दिन भारत में 37 लाख रुपये का नेट कलेक्शन किया। इससे एक दिन पहले यानी 20वें दिन फिल्म ने 40 लाख रुपये की कमाई की थी। फिल्म का कुल भारतीय नेट कलेक्शन अब 107.70 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जबकि भारत में ग्रॉस कलेक्शन 124.94 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है। पहले दो हफ्तों में शानदार प्रदर्शन फिल्म ने पहले सप्ताह में 81.95 करोड़ रुपये की दमदार कमाई की थी। दूसरे सप्ताह में भी इसकी पकड़ बनी रही और फिल्म ने 20.68 करोड़ रुपये का कारोबार किया। विदेशों में भी मिला शानदार रिस्पॉन्स ‘दृश्यम 3’ का जादू सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है। 21वें दिन फिल्म ने ओवरसीज मार्केट में 5 लाख रुपये का ग्रॉस कलेक्शन किया। इसके साथ ही विदेशों में फिल्म की कुल कमाई 111.65 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। दुनियाभर में फिल्म का कुल ग्रॉस कलेक्शन अब 236.59 करोड़ रुपये हो चुका है। स्टारकास्ट ने जीता दर्शकों का दिल फिल्म में मोहनलाल एक बार फिर जॉर्जकुट्टी के अपने लोकप्रिय किरदार में नजर आ रहे हैं। उनके साथ मीना, अंसिबा हसन, एस्थर अनिल, मुरली गोपी और आशा शरथ ने भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। क्या है फिल्म की कहानी? ‘दृश्यम 3’ की कहानी जॉर्जकुट्टी के जीवन में आए एक नए संकट के इर्द-गिर्द घूमती है। अतीत से जुड़ा एक नया खतरा उसके सामने खड़ा हो जाता है, जिससे निपटने के लिए उसे पहले से अधिक सूझबूझ और साहस का परिचय देना पड़ता है। लगातार मजबूत प्रदर्शन को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में भी फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अपनी पकड़ बनाए रखेगी।
नई दिल्ली: राम चरण और जाह्नवी कपूर अभिनीत स्पोर्ट्स एक्शन ड्रामा फिल्म 'पेड्डी' बॉक्स ऑफिस पर लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही है। शुरुआती दिनों में जोरदार कमाई करने के बाद फिल्म सप्ताह के सामान्य दिनों में भी दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में सफल रही है। सातवें दिन फिल्म ने 7.55 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन दर्ज किया। भारत में 187 करोड़ रुपये के पार पहुंची कमाई ट्रेड रिपोर्ट्स के अनुसार, सात दिनों में 'पेड्डी' का कुल भारतीय नेट कलेक्शन 187.25 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। वहीं, भारत में फिल्म का ग्रॉस कलेक्शन 222.53 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है। दर्शकों के लगातार मिल रहे समर्थन के कारण फिल्म बॉक्स ऑफिस पर मजबूती से बनी हुई है। विदेशों में भी दिखा राम चरण का जलवा फिल्म को अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। सातवें दिन ओवरसीज मार्केट से फिल्म ने लगभग 80 लाख रुपये की कमाई की। इसके साथ ही विदेशों में फिल्म का कुल कारोबार 48.80 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। दुनियाभर में 'पेड्डी' की कुल कमाई अब 271.33 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर चुकी है। तेलुगु वर्जन बना सबसे बड़ी ताकत फिल्म के तेलुगु संस्करण को सबसे अधिक दर्शक मिल रहे हैं। सोमवार को तेलुगु भाषा में फिल्म की औसत ऑक्यूपेंसी 21 प्रतिशत से अधिक रही। शाम के शो में दर्शकों की संख्या और बेहतर देखने को मिली। वहीं, हिंदी संस्करण को भी अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है, हालांकि इसकी कमाई तेलुगु बाजार से कम रही। आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से मिला सबसे ज्यादा समर्थन राज्यवार आंकड़ों में आंध्र प्रदेश और तेलंगाना ने फिल्म की कमाई में सबसे बड़ा योगदान दिया है। इसके अलावा कर्नाटक, तमिलनाडु और देश के अन्य हिस्सों से भी फिल्म को अच्छा समर्थन मिला है। आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है कमाई फिल्म को लेकर दर्शकों और समीक्षकों की राय मिश्रित रही है, लेकिन राम चरण की लोकप्रियता और दमदार एक्शन दृश्यों ने दर्शकों को प्रभावित किया है। फिलहाल बॉक्स ऑफिस पर कोई बड़ी नई फिल्म रिलीज नहीं हुई है, ऐसे में 'पेड्डी' के पास अपनी कमाई बढ़ाने का अच्छा अवसर है।
चेन्नई: तमिल सिनेमा के दिग्गज निर्देशक, अभिनेता और पद्मश्री सम्मानित भारतीराजा का 84 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन की खबर सामने आते ही तमिल फिल्म इंडस्ट्री समेत पूरे भारतीय सिनेमा जगत में शोक की लहर दौड़ गई। सोशल मीडिया पर कलाकार और प्रशंसक उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दे रहे हैं। भारतीराजा को तमिल सिनेमा में ग्रामीण परिवेश पर आधारित फिल्मों को नई पहचान देने का श्रेय दिया जाता है। उन्हें प्यार से 'इयक्कुनर इमयम' यानी 'निर्देशन जगत का शिखर पुरुष' भी कहा जाता था। खुशबू सुंदर ने जताया शोक अभिनेत्री और राजनेता खुशबू सुंदर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शोक व्यक्त करते हुए लिखा कि भारतीराजा की फिल्में आने वाली पीढ़ियों के लिए फिल्म निर्माण का विद्यालय हैं। उन्होंने कहा कि निर्देशक का जाना तमिल सिनेमा के लिए अपूरणीय क्षति है। बेटे मनोज भारतीराजा के निधन के बाद टूट गए थे रिपोर्ट्स के अनुसार, भारतीराजा अपने बेटे और अभिनेता मनोज भारतीराजा के निधन के बाद से गहरे सदमे में थे। मार्च 2024 में 48 वर्ष की उम्र में मनोज का हार्ट अटैक से निधन हो गया था। परिवार के करीबी लोगों के मुताबिक, वह इस दुख से पूरी तरह उबर नहीं पाए थे। उनके भाई जयराज पेरियमायाथेवर ने भी कुछ समय पहले बताया था कि बेटे की मौत का दर्द भारतीराजा के लिए बेहद गहरा था। स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से भी जूझ रहे थे पिछले वर्ष दिसंबर में उन्हें चेन्नई के टी नगर स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बताया गया था कि उन्हें सांस लेने में परेशानी हो रही थी। इलाज के बाद उनकी हालत में सुधार हुआ और उन्हें अस्पताल से छुट्टी भी दे दी गई थी। हालांकि, उनके निधन के आधिकारिक कारण को लेकर अभी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। '16 वायाथिनिले' से मिली थी ऐतिहासिक पहचान भारतीराजा ने वर्ष 1977 में अपनी पहली निर्देशित फिल्म '16 वायाथिनिले' से तमिल सिनेमा में नई क्रांति ला दी थी। इस फिल्म में कमल हासन और श्रीदेवी मुख्य भूमिका में थे, जबकि रजनीकांत ने नकारात्मक किरदार निभाया था। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता साबित हुई और आज भी तमिल सिनेमा की क्लासिक फिल्मों में गिनी जाती है। 'R' अक्षर के नाम वाली अभिनेत्रियों को देते थे मौका भारतीराजा की एक दिलचस्प आदत भी काफी चर्चित रही। कहा जाता है कि वह अपनी फिल्मों में अक्सर 'R' अक्षर से शुरू होने वाले नाम वाली अभिनेत्रियों को मौका देते थे। अभिनेत्री राधा सहित कई कलाकारों को उन्होंने अपने सिनेमा के जरिए पहचान दिलाई। अभिनय में भी छोड़ी गहरी छाप हाल के वर्षों में उन्होंने निर्देशन से दूरी बना ली थी, लेकिन अभिनय के क्षेत्र में सक्रिय रहे। उनकी आखिरी चर्चित फिल्मों में अभिनेता धनुष के साथ आई सुपरहिट फिल्म 'तिरुचित्रम्बलम' शामिल है, जिसमें उनके अभिनय को काफी सराहा गया था। भारतीराजा ने अपने लंबे करियर में कई राष्ट्रीय पुरस्कार जीते और भारतीय सिनेमा को ऐसी फिल्में दीं, जिन्हें आज भी याद किया जाता है। उनके निधन के साथ भारतीय फिल्म जगत ने एक महान कहानीकार और दूरदर्शी निर्देशक को खो दिया है।
मोहनलाल स्टारर क्राइम थ्रिलर 'Drishyam 3' बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन जारी रखे हुए है। निर्देशक जीतू जोसेफ की इस फिल्म ने केरल बॉक्स ऑफिस पर एक और बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। फिल्म ने 19 दिनों में लगभग 86.85 करोड़ रुपये का कलेक्शन कर लिया है और इसके साथ ही मोहनलाल की ही फिल्म 'L2 Empuraan' के लाइफटाइम कलेक्शन को पीछे छोड़ दिया है। इसके साथ 'Drishyam 3' अब केरल बॉक्स ऑफिस इतिहास की पांचवीं सबसे ज्यादा कमाई करने वाली मलयालम फिल्म बन गई है। तीसरे सोमवार को भी बनाए रखा दम फिल्म ने तीसरे सोमवार को लगभग 90 लाख रुपये का कारोबार किया। तीसरे सप्ताह के शुरुआती चार दिनों में फिल्म की कमाई करीब 5 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। ट्रेड रिपोर्ट्स के अनुसार, तीसरे सप्ताह के अंत तक फिल्म का कुल कलेक्शन लगभग 89 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। जल्द पीछे छूट सकती है '2018' 'L2 Empuraan' का केरल में लाइफटाइम कलेक्शन 86.25 करोड़ रुपये था, जिसे 'Drishyam 3' ने पार कर लिया है। अब फिल्म की नजर मलयालम इंडस्ट्री की एक और बड़ी ब्लॉकबस्टर '2018' पर है। मौजूदा ट्रेंड को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि फिल्म का अंतिम कलेक्शन करीब 95 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। क्या 100 करोड़ क्लब में होगी एंट्री? हालांकि 100 करोड़ रुपये के आंकड़े तक पहुंचना अब भी थोड़ा मुश्किल माना जा रहा है, लेकिन फिल्म की मजबूत पकड़ को देखते हुए ट्रेड एक्सपर्ट्स किसी बड़े सरप्राइज से इनकार नहीं कर रहे हैं। फिलहाल इतना तय माना जा रहा है कि 'Drishyam 3' साल की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में शामिल हो चुकी है। 'Drishyam 3' का दिनवार केरल बॉक्स ऑफिस कलेक्शन दिन कलेक्शन Day 1 ₹11.00 करोड़ Day 2 ₹8.80 करोड़ Day 3 ₹9.20 करोड़ Day 4 ₹9.60 करोड़ Day 5 ₹6.60 करोड़ Day 6 ₹5.80 करोड़ Day 7 ₹6.00 करोड़ Day 8 ₹5.70 करोड़ Day 9 ₹4.25 करोड़ Day 10 ₹4.50 करोड़ Day 11 ₹4.85 करोड़ Day 12 ₹2.00 करोड़ Day 13 ₹1.40 करोड़ Day 14 ₹1.15 करोड़ Day 15 ₹1.00 करोड़ Day 16 ₹0.90 करोड़ Day 17 ₹1.40 करोड़ Day 18 ₹1.80 करोड़ Day 19 ₹0.90 करोड़ (अनुमानित) कुल कलेक्शन ₹86.85 करोड़
फिल्म 'Obsession' भारतीय बॉक्स ऑफिस पर लगातार उम्मीदों से बेहतर प्रदर्शन कर रही है। आमतौर पर किसी फिल्म की कमाई शुक्रवार से सोमवार के बीच 30 से 50 प्रतिशत तक गिर जाती है, लेकिन 'Obsession' का ट्रेंड बिल्कुल अलग दिखाई दे रहा है। फिल्म ने दूसरे सोमवार को लगभग 4.15 करोड़ रुपये की कमाई की, जो इसके दूसरे शुक्रवार के 4 करोड़ रुपये के कलेक्शन से भी अधिक रही। इतना ही नहीं, यह कमाई पहले सोमवार के मुकाबले करीब 70 प्रतिशत ज्यादा है, जो किसी भी फिल्म के लिए बेहद शानदार माना जाता है। 11 दिनों में 46.75 करोड़ रुपये का कारोबार फिल्म का कुल बॉक्स ऑफिस कलेक्शन अब 11 दिनों में लगभग 46.75 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। उम्मीद की जा रही है कि डिस्काउंट मंगलवार के कारण फिल्म 50 करोड़ रुपये का आंकड़ा आसानी से पार कर लेगी। अगर मौजूदा ट्रेंड जारी रहता है तो दूसरे सप्ताह के अंत तक फिल्म का कुल कारोबार करीब 58 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। 80 करोड़ का आंकड़ा लगभग तय, 100 करोड़ की उम्मीद भी जगी ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि फिल्म आराम से 80 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर सकती है और 90 करोड़ रुपये तक पहुंचने की भी मजबूत संभावना है। दूसरे सोमवार की मजबूत पकड़ के बाद अब 100 करोड़ क्लब में शामिल होने की उम्मीद भी बढ़ गई है। हालांकि जून महीने में कई बड़ी बॉलीवुड और हॉलीवुड फिल्मों की रिलीज होने वाली है, जिससे 'Obsession' को कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ सकता है। उम्मीदों से कहीं बेहतर रहा प्रदर्शन फिल्म ने अब तक जो प्रदर्शन किया है, वह शुरुआती अनुमानों से कहीं अधिक है। रिलीज से पहले किसी ने भी इतनी लंबी और मजबूत बॉक्स ऑफिस दौड़ की उम्मीद नहीं की थी। 'Obsession' का दिनवार बॉक्स ऑफिस कलेक्शन दिन कमाई प्रीव्यू ₹0.55 करोड़ पहला शुक्रवार ₹1.60 करोड़ पहला शनिवार ₹3.25 करोड़ पहला रविवार ₹3.75 करोड़ पहला सोमवार ₹2.50 करोड़ पहला मंगलवार ₹3.40 करोड़ पहला बुधवार ₹3.40 करोड़ पहला गुरुवार ₹3.40 करोड़ दूसरा शुक्रवार ₹4.00 करोड़ दूसरा शनिवार ₹8.00 करोड़ दूसरा रविवार ₹8.75 करोड़ दूसरा सोमवार ₹4.15 करोड़ कुल कलेक्शन ₹46.75 करोड़
अभिनेता Bobby Deol और निर्देशक Anurag Kashyap की बहुचर्चित फिल्म Bandar ने अपने पहले वीकेंड में भारतीय बॉक्स ऑफिस पर 2.10 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया है। सकारात्मक समीक्षाओं और दर्शकों की सराहना मिलने के बावजूद फिल्म की शुरुआती कमाई उम्मीदों से कम रही है। तीसरे दिन भी नहीं बढ़ी रफ्तार फिल्म ने रिलीज के पहले दिन 50 लाख रुपये की कमाई की थी। दूसरे दिन कमाई में सुधार देखने को मिला और फिल्म ने 80 लाख रुपये जुटाए। रविवार यानी तीसरे दिन भी फिल्म ने लगभग 80 लाख रुपये का कारोबार किया। बॉक्स ऑफिस कलेक्शन दिन कमाई पहला दिन ₹50 लाख दूसरा दिन ₹80 लाख तीसरा दिन ₹80 लाख कुल ₹2.10 करोड़ हालांकि वीकेंड पर फिल्म की कमाई में बड़ी छलांग देखने को नहीं मिली, लेकिन इंडस्ट्री विश्लेषकों का मानना है कि मजबूत वर्ड-ऑफ-माउथ के दम पर फिल्म सप्ताह के दिनों में बेहतर प्रदर्शन कर सकती है। बड़ी फिल्मों से टकराव का असर 'बंदर' को रिलीज के समय सीमित स्क्रीन मिली हैं। इसकी एक बड़ी वजह Hai Jawani Toh Ishq Hona Hai और Peddi जैसी बड़ी फिल्मों के साथ सीधा बॉक्स ऑफिस मुकाबला है। कम स्क्रीन काउंट और मजबूत प्रतिस्पर्धा के कारण फिल्म की पहुंच सीमित रही, जिसका असर शुरुआती कमाई पर साफ दिखाई दिया। दमदार स्टारकास्ट बनी आकर्षण का केंद्र फिल्म में बॉबी देओल के अलावा कई प्रतिभाशाली कलाकार नजर आ रहे हैं, जिनमें Sanya Malhotra, Sapna Pabbi, Saba Azad, Jitendra Joshi और Raj B Shetty शामिल हैं। क्या है फिल्म की कहानी? फिल्म में बॉबी देओल ने समीर मेहरा नाम के एक ऐसे अभिनेता का किरदार निभाया है, जो अपने ढलते करियर और खोई हुई लोकप्रियता से जूझ रहा है। जिंदगी को दोबारा पटरी पर लाने की कोशिशों के बीच उस पर एक पूर्व प्रेमिका गंभीर आरोप लगा देती है, जिसके बाद वह एक हाई-प्रोफाइल कानूनी लड़ाई में फंस जाता है। लेखक Sudip Sharma और Abhishek Banerjee ने कहानी को पारंपरिक कोर्टरूम ड्रामा से अलग रखते हुए सोशल मीडिया ट्रायल, जनमत और न्याय व्यवस्था की जटिलताओं के इर्द-गिर्द बुना है। वीकडेज़ में होगा असली इम्तिहान फिल्म को समीक्षकों और दर्शकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर मजबूत पकड़ बनाने के लिए इसे सोमवार से शुरू होने वाले वीकडेज़ में स्थिर प्रदर्शन करना होगा। आने वाले दिनों की कमाई ही तय करेगी कि 'बंदर' लंबी रेस की खिलाड़ी साबित होगी या नहीं।
मुंबई, एजेंसियां। साल 2024 की ब्लॉकबस्टर साइंस-फिक्शन फिल्म Kalki 2898 AD के सीक्वल को लेकर निर्देशक Nag Ashwin ने बड़ा अपडेट साझा किया है। लंबे समय से फिल्म के दूसरे भाग का इंतजार कर रहे दर्शकों के लिए यह अच्छी खबर है कि फिल्म की शूटिंग अगले महीने से नियमित रूप से शुरू होने जा रही है। नाग अश्विन ने पुष्टि की है कि सीक्वल पर काम पहले ही शुरू हो चुका है और अब टीम इसे तेजी से पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। अगले महीने से शुरू होगा नया शूटिंग शेड्यूल मीडिया से बातचीत के दौरान नाग अश्विन ने बताया कि फिल्म की शूटिंग का प्रारंभिक चरण शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा कि प्रोडक्शन टीम अगले महीने से लगातार शूटिंग करने की योजना बना रही है ताकि परियोजना को निर्धारित समय के भीतर पूरा किया जा सके। फिल्म का दायरा पहले भाग की तुलना में कहीं बड़ा है, इसलिए निर्माण प्रक्रिया में अधिक समय लगना स्वाभाविक है। अमिताभ और कमल हासन ने संभाली कमान फिलहाल अमिताभ बच्चन और कमल हसन अपने हिस्से की शूटिंग शुरू कर चुके हैं। अमिताभ बच्चन ने हाल ही में अपने ब्लॉग पर सेट से कुछ तस्वीरें भी साझा की थीं। दूसरी ओर, प्रभास अभी मौजूदा शेड्यूल में शामिल नहीं हुए हैं, लेकिन जल्द ही उनके भी शूटिंग में शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है। पहले से कहीं बड़ा होगा सीक्वल निर्माता और निर्देशक फिल्म के विजुअल इफेक्ट्स, एक्शन सीक्वेंस और वर्ल्ड-बिल्डिंग को पहले भाग के स्तर से भी आगे ले जाने की तैयारी में हैं। रिपोर्टों के अनुसार, टीम अप्रैल 2027 तक फिल्म की मुख्य शूटिंग का बड़ा हिस्सा पूरा करना चाहती है। इसके बाद लंबे पोस्ट-प्रोडक्शन कार्य पर ध्यान दिया जाएगा, क्योंकि ऐसे बड़े वीएफएक्स-आधारित प्रोजेक्ट्स में संपादन और तकनीकी कार्यों में काफी समय लगता है। दिसंबर 2027 में रिलीज़ का लक्ष्य मेकर्स का लक्ष्य फिल्म को दिसंबर 2027 में सिनेमाघरों में रिलीज़ करना है। हालांकि आधिकारिक रिलीज़ डेट की घोषणा अभी बाकी है, लेकिन मौजूदा योजना इसी समयसीमा के अनुसार बनाई जा रही है। दीपिका पादुकोण नहीं होंगी हिस्सा फिल्म से जुड़ी एक महत्वपूर्ण जानकारी यह भी है कि दीपिका पादुकोण सीक्वल का हिस्सा नहीं होंगी। निर्माताओं ने पहले ही आधिकारिक रूप से घोषणा कर दी थी कि आपसी सहमति से दोनों पक्ष अलग हो गए हैं। मेकर्स के अनुसार, इस बड़े प्रोजेक्ट के लिए जिस स्तर की प्रतिबद्धता की आवश्यकता थी, वह तालमेल स्थापित नहीं हो सका। दर्शकों की उम्मीदें बढ़ीं पहली फिल्म की शानदार सफलता के बाद ‘कल्कि 2’ भारतीय सिनेमा की सबसे बहुप्रतीक्षित फिल्मों में शामिल हो चुकी है। प्रभास, अमिताभ बच्चन और कमल हासन की दमदार तिकड़ी के साथ दर्शकों को एक और भव्य सिनेमाई अनुभव मिलने की उम्मीद है। अब सभी की निगाहें फिल्म की शूटिंग प्रगति और आधिकारिक रिलीज़ घोषणा पर टिकी हुई हैं।
रणबीर कपूर की कास्टिंग पर जारी बहस के बीच आया बड़ा बयान निर्देशक Imtiaz Ali ने अभिनेता Ranbir Kapoor का खुलकर समर्थन किया है। नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित फिल्म Ramayana में भगवान राम की भूमिका निभाने को लेकर रणबीर कपूर की कास्टिंग पर सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा हो रही है। कुछ दर्शक उनके लुक और अभिनय को लेकर उत्साहित हैं, जबकि कुछ लोगों ने इस चयन पर सवाल भी उठाए हैं। इसी बीच इम्तियाज अली ने कहा है कि रणबीर कपूर ऐसे अभिनेता हैं जो किसी भी किरदार में खुद को पूरी तरह ढाल सकते हैं और भगवान राम की भूमिका भी वह प्रभावशाली ढंग से निभाएंगे। "रणबीर एक शुद्ध अभिनेता हैं" एक इंटरव्यू में इम्तियाज अली ने रणबीर कपूर की तारीफ करते हुए कहा कि वह एक ऐसे कलाकार हैं जो हर किरदार को जीते हैं। उनके अनुसार, रणबीर किसी भी तरह की भूमिका निभाने की क्षमता रखते हैं और यही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा, "रणबीर एक ऐसे अभिनेता हैं जो कोई भी किरदार निभा सकते हैं। उन्हें अलग-अलग भूमिकाएं करनी चाहिए क्योंकि हर नया किरदार उन्हें और समृद्ध बनाता है।" इम्तियाज का मानना है कि भगवान राम जैसे महान चरित्र को पर्दे पर मानवीय और भावनात्मक तरीके से प्रस्तुत करने में रणबीर सफल रहेंगे। भगवान राम का किरदार रणबीर को भी बदलेगा इम्तियाज अली ने यह भी कहा कि भगवान राम की भूमिका निभाना केवल अभिनय नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा अनुभव है जो कलाकार के व्यक्तित्व को भी प्रभावित करता है। उनके मुताबिक, रणबीर उन कलाकारों में से हैं जो अपने किरदारों से बहुत कुछ सीखते हैं और उन्हें आत्मसात कर लेते हैं। ऐसे में भगवान राम जैसे आदर्श चरित्र को निभाना उनके जीवन और सोच पर भी सकारात्मक प्रभाव डालेगा। फिल्म में निभाएंगे दो दिव्य किरदार हाल ही में रणबीर कपूर ने खुलासा किया था कि वह फिल्म में सिर्फ भगवान राम ही नहीं, बल्कि भगवान परशुराम की भूमिका भी निभाने वाले हैं। यह जानकारी सामने आने के बाद फिल्म को लेकर दर्शकों की उत्सुकता और बढ़ गई है। स्टारकास्ट से सजी है रामायण नितेश तिवारी की यह फिल्म भारतीय सिनेमा की सबसे भव्य परियोजनाओं में से एक मानी जा रही है। फिल्म में Sai Pallavi माता सीता की भूमिका में नजर आएंगी, जबकि Yash रावण का किरदार निभा रहे हैं। इसके अलावा Sunny Deol भगवान हनुमान और Ravie Dubey लक्ष्मण की भूमिका में दिखाई देंगे। दर्शकों की उम्मीदें बढ़ीं फिल्म की पहली झलक सामने आने के बाद से ही दर्शकों में उत्साह बना हुआ है। अब इम्तियाज अली जैसे प्रतिष्ठित निर्देशक के समर्थन के बाद रणबीर कपूर की कास्टिंग को लेकर चल रही बहस को नया मोड़ मिल गया है। फिल्म से जुड़े हर नए अपडेट के साथ दर्शकों की उम्मीदें लगातार बढ़ती जा रही हैं।
भारतीय बॉक्स ऑफिस पर इन दिनों कई फिल्मों के बीच दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल रहा है। एक ओर जहां Dhurandhar 2: The Revenge अपनी रिलीज के 72वें दिन भी कमाई कर रही है, वहीं Drishyam 3 ने सिर्फ 9 दिनों में दुनियाभर में 200 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है। इसके अलावा Chand Mera Dil, Pati Patni Aur Woh Do और Bhoot Bangla जैसी फिल्में भी सिनेमाघरों में अपनी मौजूदगी बनाए रखने की कोशिश कर रही हैं। 72वें दिन भी जारी है 'धुरंधर 2' का जलवा Ranveer Singh स्टारर 'धुरंधर 2: द रिवेंज' अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है, लेकिन इसके बावजूद फिल्म की कमाई पूरी तरह थमी नहीं है। 72वें दिन फिल्म ने 10 लाख रुपये का नेट कलेक्शन किया। इसके साथ ही फिल्म का कुल भारतीय नेट कलेक्शन 1148.30 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। भारत में फिल्म का ग्रॉस कलेक्शन 1374.27 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है। विदेशी बाजारों में भी फिल्म ने शानदार प्रदर्शन किया है और 426.67 करोड़ रुपये की कमाई के साथ इसका कुल वर्ल्डवाइड कलेक्शन 1812.27 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। फिल्म अब भारतीय बॉक्स ऑफिस पर 1150 करोड़ रुपये के नेट कलेक्शन का आंकड़ा छूने से बेहद करीब है। 'दृश्यम 3' ने 9 दिन में मचाया धमाल Mohanlal की सस्पेंस थ्रिलर 'दृश्यम 3' बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन कर रही है। नौवें दिन फिल्म ने भारत में 4.30 करोड़ रुपये की कमाई की। हालांकि यह पिछले दिन के मुकाबले करीब 35 प्रतिशत की गिरावट है, लेकिन इसके बावजूद फिल्म का प्रदर्शन मजबूत बना हुआ है। 'दृश्यम 3' का कलेक्शन भारत नेट कलेक्शन: ₹86.25 करोड़ भारत ग्रॉस कलेक्शन: ₹100.08 करोड़ ओवरसीज कलेक्शन: ₹109 करोड़ वर्ल्डवाइड कलेक्शन: ₹209.80 करोड़ सिर्फ 9 दिनों में 200 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार करना फिल्म की लोकप्रियता को दर्शाता है। 'चांद मेरा दिल' की रफ्तार हुई धीमी Ananya Panday और Lakshya स्टारर रोमांटिक ड्रामा 'चांद मेरा दिल' दूसरे सप्ताह में पहुंच चुकी है। दूसरे शुक्रवार को फिल्म ने 1.30 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। इसके साथ ही फिल्म का कुल भारतीय नेट कलेक्शन 20.75 करोड़ रुपये हो गया है, जबकि वर्ल्डवाइड कमाई 27.55 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। नई फिल्मों की रिलीज और हॉलीवुड कंटेंट से मिल रही चुनौती का असर फिल्म के कारोबार पर साफ दिखाई दे रहा है। 'पति पत्नी और वो दो' की कमाई में सुस्ती Ayushmann Khurrana, Rakul Preet Singh, Wamiqa Gabbi और Sara Ali Khan की फिल्म 'पति पत्नी और वो दो' ने रिलीज के 15 दिन पूरे कर लिए हैं। फिल्म ने शुक्रवार को 1.25 करोड़ रुपये का कारोबार किया, जिसके बाद इसका कुल भारतीय नेट कलेक्शन 43.20 करोड़ रुपये हो गया है। फिल्म का ग्रॉस कलेक्शन 51.26 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। 'भूत बंगला' अब अंतिम दौर में Akshay Kumar की हॉरर-कॉमेडी 'भूत बंगला' अब बॉक्स ऑफिस पर धीमी पड़ चुकी है। रिलीज के 43वें दिन फिल्म ने 55 लाख रुपये की कमाई की। इसके साथ ही फिल्म का भारतीय कलेक्शन 177.45 करोड़ रुपये और वर्ल्डवाइड कलेक्शन 263.98 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। बॉक्स ऑफिस की मौजूदा तस्वीर फिलहाल बॉक्स ऑफिस पर सबसे बड़ी चर्चा 'दृश्यम 3' की तेज रफ्तार और 'धुरंधर 2' की लंबी दौड़ को लेकर है। जहां 'दृश्यम 3' कम समय में बड़े रिकॉर्ड बना रही है, वहीं 'धुरंधर 2' लगातार 72 दिनों बाद भी कमाई करके अपनी मजबूत पकड़ साबित कर रही है। आने वाले दिनों में नई रिलीज फिल्मों के बीच यह मुकाबला और दिलचस्प होने की उम्मीद है।
कन्नड़ सुपरस्टार Yash की बहुप्रतीक्षित फिल्म Toxic: A Fairytale for Grown-Ups को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। फिल्म की रिलीज डेट एक बार फिर टाल दी गई है। पहले यह फिल्म 4 जून 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली थी, लेकिन अब इसे आगे बढ़ा दिया गया है। ग्लोबल रिलीज की तैयारी में लिया गया फैसला Yash ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए बताया कि फिल्म पूरी तरह तैयार है, लेकिन इसे बड़े स्तर पर दुनिया भर में रिलीज करने के लिए नई रणनीति पर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि CinemaCon में फिल्म को मिले शानदार रिस्पॉन्स के बाद टीम ने तय किया कि ‘Toxic’ को ग्लोबल स्तर पर सही तरीके से पेश किया जाए। इसके लिए रिलीज टाइमलाइन को दोबारा तय किया जा रहा है। “कुछ कहानियां सब्र मांगती हैं” Yash ने अपने संदेश में लिखा कि कुछ फिल्में सिर्फ बनाई नहीं जातीं, बल्कि वे हमें सिनेमा से प्यार करने की वजह याद दिलाती हैं। उन्होंने फैंस से धैर्य रखने की अपील करते हुए कहा–“कुछ कहानियां वक्त मांगती हैं, और हम आपको एक ऐसी फिल्म देना चाहते हैं जिस पर भारतीय सिनेमा को गर्व हो।” नई रिलीज डेट का इंतजार हालांकि नई रिलीज डेट की घोषणा अभी नहीं की गई है, लेकिन मेकर्स ने भरोसा दिलाया है कि फिल्म जल्द ही दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। दमदार स्टारकास्ट और कहानी ‘Toxic: A Fairytale for Grown-Ups’ 1960 के दशक के गोवा पर आधारित एक पिता-पुत्र की रिवेंज स्टोरी है। फिल्म में Kiara Advani, Nayanthara, Huma Qureshi, Tara Sutaria और Rukmini Vasanth जैसे सितारे नजर आएंगे। इसके अलावा Akshay Oberoi, Sudev Nair और Amit Tiwari भी अहम भूमिकाओं में हैं।
मुंबई: अदिवी शेष और मृणाल ठाकुर की एक्शन-थ्रिलर फिल्म ‘डकैत’ ने सिनेमाघरों में अपने पहले तीन दिन पूरे कर लिए हैं, लेकिन तीसरे दिन इसकी कमाई में बढ़त नहीं दिखी। फिल्म को दर्शकों से ठीक-ठाक रिस्पॉन्स मिल रहा है, बावजूद इसके बॉक्स ऑफिस पर इसकी रफ्तार अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच सकी है। Sacnilk के आंकड़ों के अनुसार, फिल्म ने रविवार को भारत में 6.40 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया, जो शनिवार के मुकाबले थोड़ा कम है। इसके साथ ही फिल्म का कुल भारतीय नेट कलेक्शन 19.80 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। ‘धुरंधर 2’ से मिली कड़ी टक्कर फिल्म ‘डकैत’ की कमाई पर Dhurandhar 2 का सीधा असर देखने को मिल रहा है। Ranbir Singh स्टारर इस फिल्म की मजबूत पकड़ के कारण दर्शकों की संख्या बंट गई है, जिससे ‘डकैत’ की कमाई प्रभावित हुई है। वर्ल्डवाइड कलेक्शन में दिखी मजबूती हालांकि घरेलू बॉक्स ऑफिस पर दबाव के बावजूद फिल्म का प्रदर्शन अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेहतर नजर आ रहा है। तीसरे दिन विदेशों में फिल्म ने 2.25 करोड़ रुपये का कारोबार किया। ओवरसीज ग्रॉस: 11.65 करोड़ रुपये वर्ल्डवाइड कलेक्शन: 34.77 करोड़ रुपये यह आंकड़े बताते हैं कि फिल्म को विदेशों में भी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है, जो इसके कुल कलेक्शन को सहारा दे रहा है। कहानी और स्टारकास्ट ने खींचा ध्यान ‘डकैत’ एक ऐसी कहानी पेश करती है, जिसमें एक्शन के साथ इमोशन का भी गहरा तड़का है। फिल्म में Adivi Sesh एक अपराधी की भूमिका में नजर आते हैं, जो अपने साथ हुए धोखे का बदला लेना चाहता है। वहीं Mrunal Thakur उनकी पुरानी साथी के किरदार में हैं। कहानी में ट्विस्ट तब आता है जब हालात दोनों को दोबारा साथ आने पर मजबूर कर देते हैं और वे मिलकर कई बड़ी चोरियों को अंजाम देते हैं। फिल्म में Prakash Raj, Anurag Kashyap और Atul Kulkarni जैसे दमदार कलाकार भी नजर आ रहे हैं, जिन्होंने अपने अभिनय से फिल्म को मजबूती दी है। आगे क्या? ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले दिनों में वीकडे कलेक्शन फिल्म की असली परीक्षा होगी। अगर फिल्म वर्ड-ऑफ-माउथ से मजबूत पकड़ बना पाती है, तो यह बॉक्स ऑफिस पर लंबी रेस में टिक सकती है।
निर्देशक Nitesh Tiwari की महत्वाकांक्षी फिल्म Ramayanam इस साल की सबसे चर्चित फिल्मों में शामिल हो चुकी है। हाल ही में लॉस एंजिल्स और मुंबई में आयोजित कार्यक्रम में फिल्म का टीजर रिलीज हुआ, जिसके बाद यह प्रोजेक्ट सोशल मीडिया और फिल्म इंडस्ट्री में चर्चा का केंद्र बन गया है। इस फिल्म की खास बात यह है कि इसमें सिर्फ राम के किरदार पर ही नहीं, बल्कि रावण को भी एक नए और गहराई वाले नजरिए से प्रस्तुत किया जाएगा। यश का रावण: खलनायक नहीं, एक जटिल व्यक्तित्व फिल्म में रावण का किरदार निभा रहे Yash को इस बार एक पारंपरिक विलेन के रूप में नहीं, बल्कि एक बहुआयामी व्यक्तित्व के तौर पर दिखाया जाएगा। निर्देशक के अनुसार, रावण के कई पहलुओं को फिल्म में उभारा जाएगा: एक महाज्ञानी और विद्वान एक पराक्रमी योद्धा संगीत में निपुण कलाकार एक दयालु और सक्षम शासक भगवान शिव का परम भक्त साथ ही फिल्म यह भी दिखाएगी कि कैसे अहंकार और क्रोध जैसे अवगुण अंततः उसके पतन का कारण बनते हैं। कहानी में छुपा है बड़ा संदेश नितेश तिवारी का मानना है कि रावण के चरित्र में कई सीखें छिपी हैं। उन्होंने बताया कि किसी व्यक्ति में कितने भी गुण क्यों न हों, यदि वह अहंकार और बदले की भावना से प्रेरित है, तो उसका अंत विनाश की ओर ही जाता है। यही संदेश फिल्म के जरिए दर्शकों तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। रणबीर कपूर ने की यश की तारीफ फिल्म में भगवान राम का किरदार निभा रहे Ranbir Kapoor ने यश की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि रावण के किरदार के लिए एक दमदार स्क्रीन प्रेजेंस और खास आभा की जरूरत होती है, जो यश में स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। यश सिर्फ अभिनेता ही नहीं, निर्माता भी दिलचस्प बात यह है कि यश इस फिल्म में सिर्फ अभिनेता ही नहीं, बल्कि निर्माता के रूप में भी जुड़े हैं। उनका उद्देश्य भारतीय सिनेमा को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाना है। इसी दिशा में उन्होंने लॉस एंजिल्स के एक प्रमुख VFX स्टूडियो के साथ साझेदारी भी की है। दमदार स्टारकास्ट और रिलीज प्लान ‘रामायणम्’ की स्टारकास्ट इसे और भी खास बनाती है: Sai Pallavi – सीता Yash – रावण Sunny Deol – हनुमान Ravi Dubey – लक्ष्मण Ranbir Kapoor – भगवान राम फिल्म का पहला भाग दिवाली 2026 में रिलीज होगा, जबकि दूसरा भाग दिवाली 2027 में सिनेमाघरों में आने की योजना है।
बहुप्रतीक्षित फिल्म रामायण का पहला टीज़र आखिरकार रिलीज हो गया है, जिसमें Ranbir Kapoor भगवान राम के रूप में नजर आ रहे हैं। निर्देशक Nitesh Tiwari की इस मेगा प्रोजेक्ट फिल्म का यह पहला लुक सामने आते ही सोशल मीडिया पर जबरदस्त चर्चा शुरू हो गई है। दिव्य और शाही अंदाज में दिखे राम करीब 2 मिनट 38 सेकंड के इस टीज़र में रणबीर कपूर का लुक बेहद शाही और दिव्य नजर आता है। उन्हें मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के रूप में दिखाया गया है एक ऐसे राजा के रूप में, जो अपने कर्तव्यों और जनहित के लिए हर सुख-वैभव त्यागने को तैयार रहता है। टीज़र में उनके व्यक्तित्व को शक्ति, त्याग और धर्म के प्रतीक के रूप में पेश किया गया है, जो दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ता है। ‘कर्तव्य सबसे ऊपर’ का संदेश फिल्म के मेकर्स ने टीज़र के साथ संदेश दिया कि भगवान राम महान इसलिए हैं क्योंकि उन्होंने हमेशा अपने व्यक्तिगत इच्छाओं से ऊपर कर्तव्य को रखा। “Duty over desire” “Sacrifice over self” इसी विचारधारा ने उन्हें युगों-युगों तक आदर्श बना दिया है। फैंस के बीच जबरदस्त उत्साह टीज़र रिलीज होते ही फैंस की प्रतिक्रिया बेहद सकारात्मक रही है। सोशल मीडिया पर लोग रणबीर के इस लुक की तारीफ कर रहे हैं और इसे उनके करियर का सबसे अलग और चुनौतीपूर्ण रोल बता रहे हैं। अब रावण के लुक का इंतजार फिल्म में Yash के रावण के किरदार को लेकर भी काफी चर्चा है। फैंस अब उनके फर्स्ट लुक का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जो आने वाले दिनों में सामने आ सकता है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।