Monsoon Session 2026

Monsoon Session 2026
लोकसभा और राज्यसभा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, मानसून सत्र में 12 विधेयक पारित

नई दिल्ली, एजेंसियां। संसद का मानसून सत्र गुरुवार को हंगामे के बीच समाप्त हो गया। लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सत्र के कामकाज की जानकारी देते हुए कहा कि इस दौरान संसद ने कुल 12 विधेयक पारित किए।   हंगामे के बीच खत्म हुआ सत्र   मानसून सत्र के दौरान विपक्ष ने कई मुद्दों पर लगातार विरोध और नारेबाजी की। इसके चलते दोनों सदनों की कार्यवाही कई बार बाधित हुई। गुरुवार को लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हुई और उसके बाद राज्यसभा की कार्यवाही भी समाप्त कर दी गई।   12 विधेयक हुए पारित   संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि मानसून सत्र के दौरान 12 विधेयक पारित किए गए। उन्होंने विपक्ष पर चर्चा से बचने और सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप भी लगाया।   रिजिजू के अनुसार, विधायी कामकाज के लिहाज से सरकार ने कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराया, लेकिन चर्चा और बहस के स्तर पर हंगामे का असर दिखाई दिया।   लोकसभा की उत्पादकता पर भी उठा सवाल   रिजिजू ने लोकसभा की उत्पादकता का आंकड़ा भी साझा किया। आज के अपडेट के अनुसार उन्होंने बताया कि लोकसभा में करीब 19 प्रतिशत कामकाज हुआ। वहीं विपक्ष की ओर से सत्र में चर्चा का पर्याप्त अवसर नहीं मिलने के आरोप लगाए गए।   राजनीतिक टकराव के बीच सत्र का समापन   सत्र के अंतिम दिन भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी रहे। सदन के बाहर भी दोनों पक्षों ने मानसून सत्र के प्रदर्शन को लेकर अपने-अपने दावे रखे।

anjali kumari अगस्त 13, 2026 0
Security personnel deployed in Ranchi ahead of the Jharkhand Assembly session and student protest
झारखंड विधानसभा मॉनसून सत्र का तीसरा दिन आज, JPSC-JSSC मुद्दे पर हंगामे के आसार; 1500 जवान तैनात

रांची: झारखंड विधानसभा के मॉनसून सत्र का आज सोमवार को तीसरा दिन है. पांच कार्य दिवसों वाले इस छोटे सत्र में JPSC-JSSC विवाद एक बार फिर सबसे बड़ा मुद्दा बन सकता है. विपक्ष ने आंदोलनरत अभ्यर्थियों की मांगों को लेकर सरकार को सदन में घेरने की रणनीति तैयार कर ली है. वहीं, दूसरी ओर JPSC-JSSC मामले में आंदोलन कर रहे छात्रों ने विधानसभा घेराव का ऐलान किया है. आज सदन में अनुपूरक बजट पर चर्चा भी होगी. ऐसे में विधानसभा के अंदर और बाहर दोनों जगह माहौल गर्म रहने की संभावना है. JPSC-JSSC मामले पर सरकार से जवाब मांगेगा विपक्ष भाजपा के मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल ने कहा है कि पार्टी आंदोलनरत छात्रों की मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बनाएगी. उन्होंने कहा कि छात्र पिछले कई दिनों से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों पर अपेक्षित कदम नहीं उठा रही है. भाजपा विधायकों का कहना है कि सोमवार को छात्र विधानसभा घेराव के लिए निकलेंगे, जबकि पार्टी के विधायक सदन के अंदर सरकार से इस पूरे मामले पर जवाब मांगेंगे. पहले दिन भी हुआ था जोरदार हंगामा मॉनसून सत्र के पहले दिन शुक्रवार को JPSC में कथित अनियमितताओं को लेकर विपक्षी विधायकों ने सदन के वेल में पहुंचकर जमकर नारेबाजी की थी. प्रश्नकाल के दौरान हुए हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी थी. बाद में कार्यवाही दोबारा शुरू हुई और वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने 8,399 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया. इसके बाद सदन की कार्यवाही सोमवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी थी. विधानसभा घेराव के लिए छात्रों का मार्च इधर JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्र सोमवार सुबह विधानसभा घेराव के लिए निकल पड़े. सुबह करीब सात बजे से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से छात्रों का मार्च शुरू हुआ. छात्र पुराने विधानसभा की ओर बढ़ रहे हैं. कई विद्यार्थी पैदल तो कुछ ऑटो और ई-रिक्शा के जरिए विधानसभा की तरफ जा रहे हैं. छात्रों की मांग है कि सरकार JPSC और JSSC से जुड़े मामलों में ठोस कार्रवाई करे और उन्हें लिखित आश्वासन दे. 750 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा विधानसभा घेराव को लेकर रांची जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. प्रशासन ने छात्रों से शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने और किसी भी तरह की उग्र या गैर-कानूनी गतिविधि से दूर रहने की अपील की है. प्रशासन के अनुसार विधानसभा का सत्र चल रहा है. ऐसे में नये विधानसभा परिसर के 750 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लागू है. इस क्षेत्र में धरना या प्रदर्शन करना प्रतिबंधित है. नियमों का उल्लंघन करने या हिंसक गतिविधि में शामिल होने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गयी है. 1500 से अधिक जवान संभालेंगे सुरक्षा विधानसभा घेराव को देखते हुए कचहरी चौक से नये विधानसभा भवन तक सुरक्षा का व्यापक इंतजाम किया गया है. पूरे मार्ग पर 1500 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की जा रही है. इनमें रैप, आइआरबी, जिला पुलिस बल और क्यूआरटी के जवान शामिल हैं. एसएसपी राकेश रंजन खुद सुरक्षा व्यवस्था की मॉनिटरिंग कर रहे हैं. सभी डीएसपी और थाना प्रभारियों को उपद्रव या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिये गये हैं. ड्रोन और CCTV से रखी जाएगी नजर सुरक्षा व्यवस्था में वरिष्ठ अधिकारियों की भी तैनाती की गयी है. सिटी एसपी पारस राणा, ग्रामीण एसपी गौरव गोस्वामी, ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह और कोतवाली एएसपी निखिल राय समेत कई डीएसपी और थाना प्रभारी अलग-अलग स्थानों पर सुरक्षा संभालेंगे. पुराने विधानसभा से नये विधानसभा तक जगह-जगह बैरिकेडिंग की गयी है. पूरे रूट पर ड्रोन और CCTV कैमरों से निगरानी रखी जाएगी. इसके लिए कंट्रोल रूम में विशेष टीम तैनात की गयी है. ऐसे में आज विधानसभा के अंदर JPSC-JSSC मुद्दे पर विपक्ष का विरोध और बाहर छात्रों के विधानसभा मार्च के कारण रांची में राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियां तेज रहने की संभावना है.  

kalpana अगस्त 10, 2026 0
Monsoon Session 2026
Monsoon Session 2026: विपक्ष के हंगामे से लोकसभा 2 बजे तक स्थगित, छात्र आंदोलन और राम मंदिर मुद्दे पर टकराव

नई दिल्ली, एजेंसियां। संसद के मॉनसून सत्र का गुरुवार को 14वां दिन भी सरकार और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक के साथ शुरू हुआ। विपक्षी सांसदों के हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने के कुछ ही देर बाद दोपहर 2 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। विपक्ष छात्र आंदोलन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई और राम मंदिर चंदा मामले को लेकर सरकार को घेर रहा है।   कार्यवाही शुरू होते ही हंगामा   लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई। लोकसभा में टैक्सेशन एंड अदर लॉज (संशोधन) विधेयक, 2026 पर चर्चा और पारित कराने का कार्यक्रम था, लेकिन विपक्ष के विरोध के कारण सदन की कार्यवाही बाधित रही। लगातार शोर-शराबे के बीच लोकसभा को दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दिया गया।   छात्र आंदोलन पर चर्चा की मांग   कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव नोटिस देकर छात्र आंदोलन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई पर तत्काल चर्चा की मांग की। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सदन में इस मुद्दे पर औपचारिक बयान देने की भी मांग की। नोटिस में प्रदर्शनकारियों पर कथित लाठीचार्ज, आंसू गैस, वॉटर कैनन और अन्य बल प्रयोग की निष्पक्ष जांच की मांग की गई।   संसद परिसर में विपक्ष का प्रदर्शन   संसद परिसर में I.N.D.I.A. गठबंधन के सांसदों ने छात्र आंदोलन के दौरान हुई कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन किया। इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की अध्यक्षता में विपक्षी दलों की बैठक भी हुई, जिसमें संसद के भीतर और बाहर की रणनीति पर चर्चा की गई।   पप्पू यादव ने सरकार को घेरा   निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने झारखंड के छात्र आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि छात्रों की मांगों पर बातचीत होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन के जवाब में लाठीचार्ज और गोलियां चलाई गईं, जबकि अब बातचीत की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष छात्रों के मुद्दों को लगातार उठा रहा है।   मार्क जुकरबर्ग की माफी पर बीजेपी की प्रतिक्रिया   बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वीडियो हटाए जाने के मामले में Meta के CEO मार्क जुकरबर्ग की माफी का स्वागत किया। उन्होंने इसे भारत के कानून, संविधान और संसद की जीत बताते हुए कहा कि भारत में कारोबार करने वाली हर कंपनी को भारतीय कानून का पालन करना होगा।   राज्यसभा में भी अहम विधायी कार्य   राज्यसभा में एप्रोप्रिएशन (नंबर-3) बिल, 2026 पर चर्चा और पारित कराने का कार्यक्रम निर्धारित है। हालांकि, विपक्ष के रुख को देखते हुए दोनों सदनों में आगे भी हंगामे की संभावना बनी हुई है।

anjali kumari अगस्त 6, 2026 0
Prime Minister Narendra Modi attends the NDA parliamentary party's Mangal Milan meeting during the Monsoon Session 2026.
Parliament Live: संसद में NDA संसदीय दल की 'मंगल मिलन' बैठक शुरू, पीएम मोदी समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद

Parliament Monsoon Session 2026: संसद के मानसून सत्र के बीच मंगलवार को एनडीए (NDA) संसदीय दल की साप्ताहिक बैठक 'मंगल मिलन' संसद की लाइब्रेरी बिल्डिंग में शुरू हो गई। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्रियों और एनडीए के वरिष्ठ सांसदों ने हिस्सा लिया। माना जा रहा है कि बैठक में मानसून सत्र की रणनीति, विपक्ष के हमलों का जवाब और आगामी विधायी कार्यों पर चर्चा की जाएगी। पीएम मोदी की मौजूदगी में रणनीति पर मंथन बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए संसदीय दल की इस अहम बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हुए। संसद के मौजूदा सत्र में सरकार की रणनीति, विभिन्न विधेयकों को पारित कराने की तैयारी और राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। कई वरिष्ठ नेता बैठक में शामिल बैठक में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी पहुंचे। उनके साथ केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, बीजेपी सांसद विनोद तावड़े और संजय जायसवाल समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। सभी नेताओं ने संसद परिसर स्थित जीएमसी बालयोगी ऑडिटोरियम और लाइब्रेरी बिल्डिंग में आयोजित बैठक में हिस्सा लिया। विपक्ष के हंगामे के आसार संसद का मानसून सत्र मंगलवार को भी हंगामेदार रहने के आसार हैं। विपक्ष राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले और NEET आंदोलन के दौरान छात्रों पर पुलिस कार्रवाई जैसे मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। ऐसे में एनडीए की यह बैठक सरकार की संसदीय रणनीति तय करने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पहली बार बैठक में पहुंचे सुदीप बंद्योपाध्याय एनसीपीआई सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय भी संसद परिसर स्थित लाइब्रेरी बिल्डिंग में आयोजित 'मंगल मिलन' बैठक में शामिल होने पहुंचे। उन्होंने कहा कि वह पहली बार एनडीए संसदीय दल की बैठक में शामिल हो रहे हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि वह देश के वरिष्ठ सांसदों में से एक हैं और उनकी पार्टी पूरी तरह एकजुट है। अब संसद की कार्यवाही के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच विभिन्न मुद्दों पर तीखी बहस और हंगामे की संभावना बनी हुई है।  

kalpana अगस्त 4, 2026 0
NDA Mangal Milan
मानसून सत्र के बीच NDA की 'मंगल मिलन' बैठक, पीएम मोदी, अमित शाह और राजनाथ सिंह समेत कई दिग्गज नेता शामिल

नई दिल्ली, एजेंसियां। संसद के मॉनसून सत्र के बीच मंगलवार को एनडीए संसदीय दल की साप्ताहिक रणनीतिक बैठक 'मंगल मिलन' आयोजित की गई। संसद लाइब्रेरी भवन के जीएमसी बालयोगी ऑडिटोरियम में हुई इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत एनडीए के कई वरिष्ठ नेता और सांसद शामिल हुए।   संसद की रणनीति पर हुआ मंथन   भाजपा संसदीय कार्यालय की ओर से लोकसभा और राज्यसभा के सभी एनडीए सांसदों को बैठक में समय पर पहुंचने के निर्देश दिए गए थे। बैठक सुबह 9:30 बजे शुरू हुई, जिसमें संसद के मौजूदा सत्र के दौरान सरकार की रणनीति और विभिन्न विधेयकों पर चर्चा की गई।   एंटी-चीटिंग कानून पर भी हुई चर्चा   यह बैठक ऐसे समय में आयोजित की गई है, जब केंद्र सरकार सार्वजनिक परीक्षाओं में गड़बड़ियों पर रोक लगाने के लिए प्रस्तावित एंटी-चीटिंग कानून को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है। सरकार संसद में इस विधेयक को लेकर विपक्ष के संभावित सवालों और बहस को ध्यान में रखते हुए अपनी रणनीति तय कर रही है।   विपक्ष के हमलों का जवाब देने की तैयारी   एनडीए की बैठक ऐसे समय हुई है जब विपक्ष जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग के मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में है। ऐसे में सदन के भीतर सरकार की रणनीति और सहयोगी दलों के साथ समन्वय पर भी चर्चा हुई।   'मंगल मिलन' से बढ़ेगा गठबंधन का समन्वय   'मंगल मिलन' एनडीए संसदीय दल की साप्ताहिक रणनीतिक बैठक का नया स्वरूप है। इसका उद्देश्य संसद में फ्लोर मैनेजमेंट को मजबूत करना, सहयोगी दलों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना और महत्वपूर्ण विधेयकों पर साझा रणनीति तैयार करना है। बैठक में आगामी संसदीय कार्यवाही और विभिन्न राजनीतिक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

anjali kumari जुलाई 28, 2026 0
Monsoon Session 2026
मानसून सत्र 2026: लोकसभा में आज पब्लिक एग्जामिनेशन अमेंडमेंट बिल पर चर्चा

नई दिल्ली, एजेंसियां। संसद के मॉनसून सत्र का मंगलवार को सातवां दिन कई अहम विधेयकों और विपक्ष के तीखे तेवरों के बीच शुरू होगा। लोकसभा में आज पब्लिक एग्जामिनेशन (गलत तरीकों से बचाव) अमेंडमेंट बिल, 2026 पर चर्चा कर उसे पारित कराने की कोशिश की जाएगी। वहीं, राज्यसभा में माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (MSME) डेवलपमेंट अमेंडमेंट बिल, 2026 और राष्ट्रीय सम्मान के अपमान से बचाव (अमेंडमेंट) बिल, 2026 पेश किए जाएंगे।   पेपर लीक कानून में संशोधन पर होगी चर्चा   लोकसभा की कार्यसूची के अनुसार, केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह पब्लिक एग्जामिनेशन (गलत तरीकों से बचाव) अमेंडमेंट बिल, 2026 को सदन में विचार और पारित करने के लिए पेश करेंगे। यह विधेयक वर्ष 2024 के कानून में संशोधन का प्रस्ताव करता है, जिसका उद्देश्य सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं पर और प्रभावी अंकुश लगाना है।   प्रश्नकाल के बाद सदन में रखे जाएंगे अहम दस्तावेज   लोकसभा की कार्यवाही प्रश्नकाल से शुरू होगी। इसके बाद केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद, राम नाथ ठाकुर, नित्यानंद राय, एसपी सिंह बघेल, बीएल वर्मा, बंदी संजय कुमार और पवित्रा मार्गेरिटा विभिन्न मंत्रालयों से जुड़े दस्तावेज सदन के पटल पर रखेंगे। इसके अलावा सांसद कनिमोझी करुणानिधि और राव राजेंद्र सिंह उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण संबंधी संसदीय समिति की रिपोर्ट भी पेश करेंगे।   पेलेट गन के इस्तेमाल पर चर्चा की मांग   कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान छात्र प्रदर्शनकारियों पर कथित तौर पर पेलेट गन के इस्तेमाल के मुद्दे पर लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया है। उनका आरोप है कि इस कार्रवाई में 80 से अधिक छात्र घायल हुए थे और इस पूरे मामले पर सदन में चर्चा होनी चाहिए।   पेपर लीक और पुलिस कार्रवाई पर सरकार को घेरेगा विपक्ष   कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि विपक्ष दोनों सदनों की रणनीति तय करने के बाद सरकार को पेपर लीक के मुद्दे पर जवाबदेह ठहराएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार परीक्षा लीक रोकने में विफल रही है और छात्र आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई, पेलेट गन तथा कथित AK-47 के इस्तेमाल जैसे मुद्दों पर भी गृह मंत्री से जवाब मांगा जाएगा।   राज्यसभा में भी कई अहम विधेयक होंगे पेश   राज्यसभा में मंगलवार को MSME डेवलपमेंट (अमेंडमेंट) बिल, 2026 और राष्ट्रीय सम्मान के अपमान से बचाव (अमेंडमेंट) बिल, 2026 पेश किए जाएंगे। इन विधेयकों पर भी सदन में चर्चा होने की संभावना है।

anjali kumari जुलाई 28, 2026 0
Monsoon Session 2026
Monsoon Session 2026: लोकसभा में एंटी-पेपर लीक बिल पेश

नई दिल्ली, एजेंसियां। संसद के मॉनसून सत्र के छठे दिन सोमवार को केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (गलत तरीकों से बचाव) अमेंडमेंट बिल, 2026’ पेश किया। इस विधेयक का उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और अनुचित तरीकों पर रोक लगाने के लिए कानूनी व्यवस्था को मजबूत करना है।   परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर   सरकार के अनुसार, नए संशोधन से परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी। इसका मकसद राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में गड़बड़ी करने वालों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करना है।   विपक्ष ने सरकार की मंशा पर उठाए सवाल   विपक्षी दलों ने बिल को लेकर सरकार पर निशाना साधा। नेताओं का कहना है कि केवल कानून बनाने से पेपर लीक की समस्या खत्म नहीं होगी, बल्कि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ ठोस कार्रवाई जरूरी है।   छात्रों के मुद्दों को लेकर संसद परिसर में प्रदर्शन   कांग्रेस समेत विपक्षी सांसदों ने संसद के मकर द्वार पर प्रदर्शन किया। उन्होंने जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री से जवाब और माफी की मांग की।   हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही प्रभावित   विपक्षी सांसदों के विरोध के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी। दोनों सदनों में सियासी गतिरोध जारी रहा।   सुप्रीम कोर्ट जजों की संख्या बढ़ाने वाला बिल भी होगा पेश   वहीं, केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल आज ‘सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026’ भी सदन में विचार और पारित कराने के लिए पेश करेंगे।

anjali kumari जुलाई 27, 2026 0
संसद में एंटी-पेपर लीक बिल और मॉनसून सत्र पर चर्चा
मॉनसून सत्र 2026: आज लोकसभा में पेश होगा एंटी-पेपर लीक बिल, परीक्षा प्रणाली को और सख्त बनाने की तैयारी

नई दिल्ली, एजेंसियां। संसद के मॉनसून सत्र का आज छठा दिन महत्वपूर्ण रहने वाला है। केंद्र सरकार आज लोकसभा में 'पब्लिक एग्जामिनेशन (गलत तरीकों से बचाव) अमेंडमेंट बिल, 2026' पेश करेगी। इस विधेयक का उद्देश्य राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक, नकल और अन्य अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए मौजूदा कानूनी प्रावधानों को और मजबूत बनाना है।   लोकसभा की कार्यसूची के अनुसार, केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह पब्लिक एग्जामिनेशन (गलत तरीकों से बचाव) अधिनियम, 2024 में संशोधन के लिए सदन से अनुमति मांगेंगे। इसके बाद सरकार विधेयक पर चर्चा और उसे पारित कराने का प्रस्ताव भी रखेगी। सरकार का मानना है कि इस संशोधन से परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, जवाबदेही और निष्पक्षता को और मजबूती मिलेगी।   सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने का विधेयक भी होगा पेश   आज के एजेंडे में 'सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) अमेंडमेंट बिल, 2026' भी शामिल है। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल इस विधेयक को सदन में विचार और पारित कराने के लिए पेश करेंगे। हालांकि, इस पर विपक्ष के विरोध के आसार हैं। सांसद सौगत रे, एन.के. प्रेमचंद्रन और डीन कुरियाकोस राष्ट्रपति द्वारा मई 2026 में जारी अध्यादेश को निरस्त करने संबंधी वैधानिक प्रस्ताव भी पेश कर सकते हैं।   एंटी-पेपर लीक बिल पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं   समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार छात्रों और युवाओं की आवाज को दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान करे। वहीं, तृणमूल कांग्रेस की सांसद सायोनी घोष ने उम्मीद जताई कि एंटी-पेपर लीक बिल पर सदन में सार्थक और विस्तृत चर्चा होगी।   विपक्ष ने उठाए अन्य अहम मुद्दे   कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने राजनीतिक दलबदल पर नए कानून की आवश्यकता को लेकर लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया है। वहीं, डीएमके सांसद टी.आर. बालू ने नीट परीक्षा पर तत्काल प्रतिबंध लगाने और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ कथित बल प्रयोग की जांच की मांग करते हुए स्थगन प्रस्ताव पेश किया है।   संसद के आज के सत्र में परीक्षा सुधार, न्यायपालिका से जुड़े विधेयकों और विपक्ष द्वारा उठाए गए विभिन्न मुद्दों को लेकर तीखी बहस होने की संभावना है।  

ranjan kumar tiwari जुलाई 27, 2026 0
Lok Sabha Suspension
कल्याण बनर्जी लोकसभा से पूरे मानसून सत्र के लिए निलंबित, 'चोर' टिप्पणी को लेकर बढ़ा विवाद

नई दिल्ली, एजेंसियां। तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद कल्याण बनर्जी को लोकसभा से पूरे मानसून सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने पार्टी के बागी सांसद को लेकर सदन परिसर में आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए 'चोर' शब्द का इस्तेमाल किया। इस मामले के बाद विवाद बढ़ गया और लोकसभा में कार्रवाई की गई।   असंसदीय भाषा के आरोप में हुई कार्रवाई   लोकसभा में लगातार जारी हंगामे के बीच कल्याण बनर्जी के खिलाफ यह कार्रवाई की गई। आरोप है कि उन्होंने टीएमसी से अलग हुए सांसदों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिसके बाद मामला लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला तक पहुंचा। शिकायत के बाद सदन में उनके निलंबन का फैसला लिया गया।   सदन में टकराव की स्थिति बनी   जानकारी के अनुसार, कार्यवाही स्थगित होने के बाद कल्याण बनर्जी और कुछ अन्य सांसदों के बीच बहस हुई। इस दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई। कई विपक्षी सांसदों ने बीच-बचाव कर मामले को शांत कराने की कोशिश की। बाद में संबंधित सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर अपनी आपत्ति दर्ज कराई।   टीएमसी में अंदरूनी खींचतान भी चर्चा में   कल्याण बनर्जी टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी के करीबी नेताओं में शामिल हैं। वहीं, जिन सांसदों को लेकर विवाद हुआ, वे पहले टीएमसी से जुड़े थे और बाद में पार्टी से अलग हो गए। इस घटनाक्रम ने टीएमसी के अंदर चल रही राजनीतिक खींचतान को भी उजागर किया है।   मानसून सत्र में विपक्ष का हंगामा जारी   संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्ष लगातार विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार पर हमलावर है। नीट पेपर लीक, सीजेपी प्रदर्शन पर कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी सांसदों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। हंगामे के कारण संसद की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी।

anjali kumari जुलाई 22, 2026 0
Parliament Monsoon Session
संसद का मानसून सत्र आज से शुरू, सरकार के एजेंडे में 8 नए विधेयक; विपक्ष कई मुद्दों पर घेरने की तैयारी में

नई दिल्ली, एजेंसियां। संसद का मानसून सत्र आज (20 जुलाई) से शुरू हो गया है। यह सत्र 13 अगस्त तक चलेगा और इस दौरान 19 बैठकें प्रस्तावित हैं। सरकार ने अपने विधायी एजेंडे में 8 नए विधेयकों को सूचीबद्ध किया है, जबकि विपक्ष ने नीट परीक्षा विवाद, राम मंदिर दान मामले, सोनम वांगचुक आंदोलन, परिसीमन समेत कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है।   सरकार के एजेंडे में 8 नए विधेयक   सरकार इस सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने की तैयारी में है। इनमें 'वंदे मातरम्' के अपमान को दंडनीय अपराध बनाने वाला विधेयक भी शामिल है। इसके अलावा विभिन्न प्रशासनिक और कानूनी सुधारों से जुड़े अन्य विधेयकों पर भी चर्चा और पारित कराने की योजना है।   विपक्ष ने बनाई आक्रामक रणनीति   सत्र शुरू होने से पहले विपक्षी दलों ने बैठक कर कई मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का फैसला लिया। विपक्ष नीट परीक्षा विवाद, राम मंदिर दान प्रकरण, सोनम वांगचुक आंदोलन, परिसीमन और अन्य जनहित के मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगने की तैयारी में है।   स्पीकर ने सहयोग की अपील की   लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने और महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा में सहयोग करने की अपील की है। सरकार और विपक्ष दोनों ने सत्र के दौरान जनहित के मुद्दों पर चर्चा की आवश्यकता जताई है।   हंगामेदार रहने के आसार   राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मानसून सत्र के पहले दिन से ही सदन में तीखी बहस और विरोध देखने को मिल सकता है। सरकार जहां अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने पर जोर देगी, वहीं विपक्ष विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश करेगा।

anjali kumari जुलाई 20, 2026 0
Parliament Monsoon Session
20 जुलाई से शुरू होगा संसद का मानसून सत्र, 13 अगस्त तक चलेंगी लोकसभा-राज्यसभा की बैठकें

नई दिल्ली, एजेंसियां। संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त 2026 तक चलेगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने केंद्र सरकार की सिफारिश पर लोकसभा और राज्यसभा की बैठकें बुलाने को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इसकी जानकारी साझा करते हुए कहा कि राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद संसद के दोनों सदनों का मानसून सत्र निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित किया जाएगा।   संसदीय परंपरा के अनुसार  संसदीय परंपरा के अनुसार मानसून सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति के अभिभाषण से होगी। इसके बाद लोकसभा और राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा कराई जाएगी। करीब तीन सप्ताह तक चलने वाले इस सत्र में सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पेश करने और उन्हें पारित कराने का प्रयास करेगी। इसके साथ ही विभिन्न राष्ट्रीय और जनहित से जुड़े मुद्दों पर भी दोनों सदनों में विस्तृत चर्चा होने की संभावना है।   केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने अपने बयान में कहा कि मानसून सत्र लोकतांत्रिक विमर्श का महत्वपूर्ण मंच होगा, जहां राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर सार्थक बहस, चर्चा और निर्णय लिए जाएंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी राजनीतिक दल सकारात्मक सहयोग के साथ संसद की कार्यवाही को सफल बनाने में योगदान देंगे।   इस बार के मानसून सत्र पर राजनीतिक दृष्टि इस बार के मानसून सत्र पर राजनीतिक दृष्टि से भी खास नजर रहेगी। विपक्ष महंगाई, बेरोजगारी, कृषि, आर्थिक स्थिति, कानून-व्यवस्था और अन्य समसामयिक मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। वहीं सरकार अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने के साथ विभिन्न नीतिगत फैसलों पर सदन की सहमति हासिल करने की कोशिश करेगी।   संसद का यह सत्र कई महत्वपूर्ण विधेयकों, नीति संबंधी चर्चाओं और सरकार-विपक्ष के बीच होने वाली बहस के कारण बेहद अहम माना जा रहा है। ऐसे में आगामी तीन सप्ताह तक देश की राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र संसद भवन रहेगा।

anjali kumari जुलाई 4, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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JPSC नियुक्ति घोटाला: अभय तिवारी से जुड़े सिंडिकेट का नेटवर्क कई राज्यों तक, दर्जनों परीक्षाएं जांच के घेरे में

kalpana अगस्त 13, 2026 0