हैदराबाद, एजेंसियां। अभिनेत्री Samantha Ruth Prabhu की तेलुगु फिल्म 'Maa Inti Bangaaram' बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन कर रही है। रिलीज के 13वें दिन तक फिल्म ने दुनियाभर में ₹85.27 करोड़ से अधिक की कमाई कर ली है। हालांकि दूसरे सप्ताह में कमाई की रफ्तार कुछ धीमी हुई है, फिर भी फिल्म मजबूत पकड़ बनाए हुए है। दूसरे सप्ताह में भी बनी हुई है पकड़ 13वें दिन फिल्म ने भारत में करीब ₹1.30 करोड़ का नेट कलेक्शन किया। दैनिक कमाई में गिरावट के बावजूद फिल्म का कुल वर्ल्डवाइड ग्रॉस ₹85 करोड़ के पार पहुंच गया है, जिससे यह 2026 की सफल तेलुगु फिल्मों में शामिल हो गई है। महिला प्रधान फिल्म को दर्शकों का भरपूर समर्थन फिल्म में सामंथा के अभिनय की काफी सराहना हो रही है। ट्रेड विश्लेषकों का मानना है कि मजबूत वर्ड-ऑफ-माउथ के कारण फिल्म आने वाले दिनों में भी अच्छी कमाई जारी रख सकती है।
शाहिद कपूर, कृति सेनन और रश्मिका मंदाना स्टारर बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘कॉकटेल 2’ सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। फिल्म के रिलीज होते ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दर्शकों के रिएक्शन आने शुरू हो गए हैं। शुरुआती प्रतिक्रियाओं से संकेत मिल रहे हैं कि निर्देशक होमी अदजानिया एक बार फिर रोमांस और इमोशन्स से भरपूर कहानी के जरिए दर्शकों को प्रभावित करने में सफल रहे हैं। सोशल मीडिया पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रिया फिल्म देखने के बाद कई यूजर्स ने X पर अपनी राय साझा की है। कुछ दर्शकों ने फिल्म की कहानी, संगीत और भावनात्मक पहलुओं की जमकर तारीफ की है, जबकि कुछ लोगों का मानना है कि फिल्म का विजुअल स्केल शानदार होने के बावजूद इसमें पहले भाग जैसी आत्मा और गहराई की कमी महसूस होती है। एक यूजर ने फिल्म को रिश्तों और कमिटमेंट पर आधारित एक दिल छू लेने वाली कहानी बताया और इसे 4.5 स्टार दिए। वहीं कुछ दर्शकों ने कहा कि फिल्म मनोरंजक है, लेकिन भावनात्मक प्रभाव उतना मजबूत नहीं है जितनी उम्मीद की जा रही थी। तरण आदर्श ने दिए 4 स्टार फिल्म ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श ने ‘कॉकटेल 2’ की जमकर सराहना की है। उन्होंने फिल्म को 4 स्टार देते हुए इसे "विनर" बताया। उनके अनुसार, फिल्म उम्मीदों से बेहतर साबित हुई है और इसकी सबसे बड़ी ताकत इसकी अनप्रेडिक्टेबल कहानी है। उन्होंने कहा कि फिल्म केवल एक साधारण लव ट्रायंगल नहीं है, बल्कि इसमें कई ऐसे मोड़ हैं जो दर्शकों को लगातार बांधे रखते हैं। शानदार संगीत, खूबसूरत सिनेमैटोग्राफी और मजबूत लेखन फिल्म को खास बनाते हैं। शाहिद कपूर और कृति सेनन की एक्टिंग की हुई तारीफ तरण आदर्श के मुताबिक, शाहिद कपूर पूरी फिल्म में बेहतरीन फॉर्म में दिखाई दिए हैं। चाहे इमोशनल सीन हों या हल्के-फुल्के रोमांटिक पल, उन्होंने हर फ्रेम में प्रभाव छोड़ा है। वहीं कृति सेनन को फिल्म का सबसे बड़ा सरप्राइज पैकेज बताया जा रहा है। माना जा रहा है कि उन्होंने अपने करियर की सबसे दमदार परफॉर्मेंस में से एक दी है। रश्मिका मंदाना ने भी अपने किरदार के साथ न्याय करने की कोशिश की है, लेकिन कहानी में उनके हिस्से में अपेक्षाकृत कम स्क्रीन स्पेस आने की वजह से उनका प्रभाव सीमित नजर आता है। क्या ‘कॉकटेल 2’ देखने लायक है? शुरुआती रिव्यू के आधार पर देखा जाए तो रोमांटिक ड्रामा और म्यूजिक पसंद करने वाले दर्शकों के लिए ‘कॉकटेल 2’ एक अच्छा सिनेमाई अनुभव साबित हो सकती है। हालांकि, अंतिम फैसला दर्शकों की व्यक्तिगत पसंद पर निर्भर करेगा।
मुंबई: हॉरर फिल्मों के शौकीनों के लिए सिनेमाघरों में रिलीज हुई विक्रम भट्ट की नई फिल्म 'हॉन्टेड 3डी: इकोज ऑफ द पास्ट' ने बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद से बेहतर शुरुआत दर्ज की है। रिलीज से पहले फिल्म को लेकर ज्यादा चर्चा नहीं थी और शुरुआती समीक्षाओं में भी इसे मिश्रित प्रतिक्रियाएं मिलीं, लेकिन इसके बावजूद दर्शकों ने फिल्म को पहले दिन अच्छा रिस्पॉन्स दिया। पहले दिन की कमाई ने सबको किया हैरान महाअक्षय चक्रवर्ती और चेतना पांडे की मुख्य भूमिकाओं वाली इस हॉरर फिल्म ने रिलीज के पहले दिन भारतीय बॉक्स ऑफिस पर करीब 2.50 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म का ग्रॉस कलेक्शन लगभग 2.95 करोड़ रुपये रहा, जो इस तरह की मिड-बजट हॉरर फिल्म के लिए सकारात्मक शुरुआत मानी जा रही है। कई फिल्मों से मिला कड़ा मुकाबला 12 जून को सिनेमाघरों में कई नई फिल्में रिलीज हुईं, जिनमें 'भारत भाग्य विधाता', 'मैं वापस आऊंगा' और 'गवर्नर' जैसी फिल्में शामिल हैं। इन फिल्मों के बीच 'हॉन्टेड 3डी: इकोज ऑफ द पास्ट' ने अपनी अलग पहचान बनाने में सफलता हासिल की और दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में कामयाब रही। हॉरर जॉनर का मिला फायदा फिल्म को भले ही समीक्षकों से शानदार प्रतिक्रिया नहीं मिली हो, लेकिन हॉरर कंटेंट पसंद करने वाले दर्शकों ने इसे मौका दिया। यही वजह रही कि कम प्रमोशन और सीमित चर्चा के बावजूद फिल्म की शुरुआती कमाई उम्मीद से बेहतर रही। वीकेंड पर टिकी निगाहें फिल्म के निर्माताओं ने आधिकारिक तौर पर बजट का खुलासा नहीं किया है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इसका निर्माण लगभग 15 करोड़ रुपये की लागत में हुआ है। ऐसे में पहले दिन का प्रदर्शन मेकर्स के लिए राहत भरा माना जा रहा है। अब फिल्म की असली परीक्षा वीकेंड पर होगी। यदि शनिवार और रविवार को दर्शकों का समर्थन जारी रहता है तो फिल्म आने वाले दिनों में अच्छी कमाई कर सकती है और बॉक्स ऑफिस पर मजबूत पकड़ बना सकती है।
बॉलीवुड अभिनेता बॉबी देओल और निर्देशक अनुराग कश्यप की बहुप्रतीक्षित थ्रिलर फिल्म ‘Bandar’ आखिरकार 5 जून 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। फिल्म की रिलीज के साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर दर्शकों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है। शुरुआती दर्शकों और फिल्म प्रेमियों ने फिल्म को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है और कई लोगों ने इसे अनुराग कश्यप की बेहतरीन फिल्मों में से एक बताया है। दमदार कहानी और गंभीर सामाजिक मुद्दों पर फोकस ‘Bandar’ में बॉबी देओल ने समर मेहरा नाम के एक टीवी अभिनेता और कलाकार का किरदार निभाया है, जिसकी जिंदगी एक गंभीर आरोप लगने के बाद पूरी तरह बदल जाती है। जेल जाने के बाद उसकी जिंदगी जिस दौर से गुजरती है, फिल्म उसी संघर्ष और न्याय व्यवस्था की जटिलताओं को सामने लाती है। फिल्म केवल एक थ्रिलर नहीं है, बल्कि यह समाज, मीडिया ट्रायल और कानून व्यवस्था से जुड़े कई संवेदनशील सवाल भी उठाती है। यही वजह है कि दर्शक इसे सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि सोचने पर मजबूर करने वाली फिल्म बता रहे हैं। सोशल मीडिया पर दर्शकों की पहली प्रतिक्रिया फिल्म देखने के बाद कई दर्शकों ने सोशल मीडिया पर अपनी राय साझा की। एक यूजर ने लिखा कि अगर आप सिनेमा से प्यार करते हैं तो ‘Bandar’ जरूर देखें। उनके अनुसार फिल्म समाज में मौजूद पक्षपातपूर्ण कानूनों और व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाती है। उन्होंने अनुराग कश्यप को जीनियस फिल्ममेकर बताते हुए बॉबी देओल की अभिनय क्षमता की भी जमकर तारीफ की। एक अन्य दर्शक ने फिल्म को 5 में से 4 स्टार देते हुए इसे “मास्टरपीस” बताया। उन्होंने कहा कि फिल्म का कंटेंट बेहद मजबूत है और बॉबी देओल ने अपने अभिनय से फिल्म को एक अलग स्तर पर पहुंचा दिया है। वहीं एक अन्य प्रतिक्रिया में दर्शक ने लिखा कि “ओरिजिनल बॉलीवुड वापस आ गया है।” उनके अनुसार बॉबी देओल ने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है, जबकि अनुराग कश्यप ने कहानी को बेहद डार्क, रॉ और बिना किसी बनावट के पेश किया है। बॉबी देओल के अभिनय की हो रही सबसे ज्यादा चर्चा फिल्म के शुरुआती रिव्यू में सबसे ज्यादा तारीफ बॉबी देओल के अभिनय की हो रही है। दर्शकों का मानना है कि उन्होंने समर मेहरा के जटिल और भावनात्मक किरदार को बेहद प्रभावशाली तरीके से निभाया है। कई समीक्षकों और दर्शकों ने इसे बॉबी देओल के करियर की सबसे दमदार परफॉर्मेंस में से एक बताया है। फिल्म में उनका भावनात्मक संघर्ष, टूटन और न्याय के लिए लड़ाई दर्शकों को प्रभावित कर रही है। स्टार कास्ट और तकनीकी पक्ष भी मजबूत फिल्म में बॉबी देओल के साथ सान्या मल्होत्रा, सपना पब्बी, सबा आजाद, इंद्रजीत सुकुमारन, राज बी. शेट्टी और जितेंद्र जोशी जैसे कलाकार अहम भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं। फिल्म की कहानी सुदीप शर्मा और अभिषेक बनर्जी ने लिखी है, जबकि संगीत अमित त्रिवेदी और विशाल मिश्रा ने दिया है। करीब 136 मिनट की अवधि वाली यह फिल्म दर्शकों को अंत तक बांधे रखने में सफल दिखाई दे रही है। बॉक्स ऑफिस पर कड़ी टक्कर ‘Bandar’ को बॉक्स ऑफिस पर कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। फिल्म का मुकाबला राम चरण और जाह्नवी कपूर की फिल्म ‘Peddi’ तथा वरुण धवन की फैमिली एंटरटेनर ‘Hai Jawani Toh Ishq Hona Hai’ से है। इसके बावजूद शुरुआती प्रतिक्रियाएं संकेत दे रही हैं कि ‘Bandar’ दर्शकों के बीच अपनी अलग पहचान बनाने में सफल हो सकती है।
Chand Mera Dil आज के दौर के रिश्तों की चमक के पीछे छिपे दर्द, असुरक्षा और मानसिक संघर्ष को बेहद गहराई से दिखाती है। निर्देशक Vivek Soni ने इस फिल्म को किसी टिपिकल बॉलीवुड लव स्टोरी की तरह पेश नहीं किया, बल्कि इसे एक इंटेंस साइकोलॉजिकल-रोमांटिक ड्रामा का रूप दिया है। फिल्म डिटेल्स फिल्म: Chand Mera Dil निर्देशक: Vivek Soni मुख्य कलाकार: Ananya Panday, Lakshya जॉनर: साइकोलॉजिकल-रोमांटिक ड्रामा रेटिंग: 4/5 कहानी: प्यार से ज्यादा दर्द की कहानी फिल्म की कहानी आरव और चांदनी के इर्द-गिर्द घूमती है, जिनका कॉलेज वाला रोमांस धीरे-धीरे जिंदगी की असल चुनौतियों के बीच टूटने लगता है। आरव एक मध्यमवर्गीय लड़का है, जो करियर में लगातार असफलताओं और आर्थिक दबाव से जूझ रहा है। दूसरी तरफ चांदनी बचपन के घरेलू हिंसा वाले ट्रॉमा से बाहर नहीं निकल पाई है। जब ये दोनों एक रिश्ते में आते हैं, तो उनका प्यार धीरे-धीरे एक इमोशनल संघर्ष में बदल जाता है, जहाँ दोनों खुद भी टूटते हैं और एक-दूसरे को भी तोड़ने लगते हैं। फिल्म यह दिखाती है कि आज के रिश्तों में सिर्फ प्यार काफी नहीं होता, मानसिक स्थिरता और भावनात्मक सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है। लक्ष्य की शानदार परफॉर्मेंस Lakshya ने आरव के किरदार में बेहतरीन अभिनय किया है। उनका गुस्सा और फ्रस्ट्रेशन बहुत रियल लगता है। कई सीन्स में बिना डायलॉग बोले सिर्फ उनकी आंखें किरदार का दर्द महसूस करा देती हैं। यह अब तक की उनकी सबसे मजबूत परफॉर्मेंस मानी जा सकती है। अनन्या पांडे का सबसे दमदार रोल Ananya Panday ने इस फिल्म से अपनी ग्लैमरस इमेज से बिल्कुल अलग अभिनय किया है। उन्होंने एक ऐसी लड़की का किरदार निभाया है जो अंदर से टूट चुकी है लेकिन बाहर से खुद को संभालने की कोशिश करती रहती है। उनका यह ट्रांसफॉर्मेशन दर्शकों को काफी प्रभावित करता है। कई इमोशनल सीन्स में अनन्या ने साबित किया है कि वे सिर्फ कमर्शियल फिल्मों तक सीमित नहीं हैं। निर्देशन और संगीत फिल्म की ताकत Vivek Soni का निर्देशन काफी संतुलित और प्रभावशाली है। फिल्म कहीं भी ओवरड्रामैटिक नहीं लगती। डायलॉग्स बेहद नेचुरल हैं बैकग्राउंड स्कोर कहानी के दर्द को और गहरा बनाता है क्लाइमेक्स में टाइटल ट्रैक फिल्म को भावनात्मक ऊंचाई पर ले जाता है फिल्म का संगीत कहानी के मूड को मजबूती देता है। फिल्म की कमजोरी क्या है? फिल्म का सबसे बड़ा नेगेटिव पॉइंट इसका बहुत ज्यादा इमोशनली भारी होना है। लगातार तनाव और दुख दर्शकों को मानसिक रूप से थका सकता है सेकेंड हाफ कुछ जगहों पर थोड़ा स्लो महसूस होता है यह फिल्म हर तरह के दर्शकों के लिए नहीं है अगर कोई हल्की-फुल्की एंटरटेनमेंट फिल्म देखना चाहता है, तो यह उसके लिए सही विकल्प नहीं होगी। फाइनल वर्डिक्ट Chand Mera Dil उन फिल्मों में से है जो सिर्फ एंटरटेन नहीं करतीं, बल्कि सोचने पर मजबूर करती हैं। अगर आप रियलिस्टिक और इमोशनली स्ट्रॉन्ग सिनेमा पसंद करते हैं, तो यह फिल्म जरूर देखनी चाहिए। Lakshya और Ananya Panday दोनों ने अपने करियर की सबसे यादगार परफॉर्मेंस दी है।
रोमांटिक-कॉमेडी फिल्मों के शौकीनों के लिए आई जिन्नी वेड्स सनी 2 ने रिलीज के पहले ही दिन बॉक्स ऑफिस पर निराशाजनक प्रदर्शन किया है। 24 अप्रैल को सिनेमाघरों में उतरी इस फिल्म को दर्शकों से उम्मीद के मुताबिक प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई, जिसका सीधा असर इसकी ओपनिंग डे कमाई पर देखने को मिला। फिल्म में अविनाश तिवारी और मेधा शंकर मुख्य भूमिका में हैं। हालांकि दोनों कलाकारों की पिछली फिल्मों को सराहा गया था, लेकिन इस बार उनकी जोड़ी दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में असफल रही। खाली रहे सिनेमाघर, बेहद कम कलेक्शन देशभर में करीब 1000 शोज के साथ रिलीज हुई इस फिल्म के कई शो लगभग खाली रहे। दर्शकों की कमी के कारण फिल्म का ओपनिंग डे कलेक्शन महज 0.30 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जो इस साल की सबसे कमजोर शुरुआत करने वाली फिल्मों में गिना जा रहा है। पिछली फिल्मों से भी कमजोर प्रदर्शन अगर तुलना की जाए, तो लैला मजनूं जैसी फिल्म, जो रिलीज के वक्त फ्लॉप मानी गई थी, उसने भी पहले दिन इससे बेहतर कमाई की थी। वहीं 12वीं फेल, जिसमें मेधा शंकर नजर आई थीं, ने 1.10 करोड़ रुपये के साथ शानदार शुरुआत की थी और बाद में वर्ड ऑफ माउथ के चलते बड़ी हिट साबित हुई। क्या संभल पाएगी फिल्म? इतनी धीमी शुरुआत के बाद किसी फिल्म का बॉक्स ऑफिस पर वापसी करना आसान नहीं होता। अब फिल्म की आगे की कमाई पूरी तरह दर्शकों की प्रतिक्रिया और पॉजिटिव वर्ड ऑफ माउथ पर निर्भर करेगी। फिल्म की खास बातें इस फिल्म का निर्देशन प्रशांत झा ने किया है और यह साल 2020 में आई जिन्नी वेड्स सनी का सीक्वल है। पहली फिल्म में विक्रांत मैसी और यामी गौतम मुख्य भूमिका में थे, जिसे कोविड-19 के दौरान नेटफ्लिक्स पर रिलीज किया गया था।
मुंबई: साउथ अभिनेता Adivi Sesh और अभिनेत्री Mrunal Thakur की बहुप्रतीक्षित फिल्म Dacoit: A Love Story बॉक्स ऑफिस पर उम्मीदों के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पा रही है। रिलीज के महज एक हफ्ते के भीतर ही फिल्म की कमाई में लगातार गिरावट देखी जा रही है और अब यह फ्लॉप होने की कगार पर पहुंचती नजर आ रही है। 7वें दिन भी नहीं संभली रफ्तार Sacnilk की रिपोर्ट के अनुसार, फिल्म ने रिलीज के सातवें दिन यानी गुरुवार को सिर्फ 1.25 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। इसके साथ ही एक हफ्ते में फिल्म का कुल इंडिया नेट कलेक्शन 28.30 करोड़ रुपये तक ही पहुंच पाया है। बुधवार के मुकाबले गुरुवार को कमाई में करीब 19.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जो फिल्म के कमजोर ट्रेंड की ओर इशारा करता है। ‘धुरंधर 2’ के आगे फीकी पड़ी ‘डकैत’ बॉक्स ऑफिस पर Dhurandhar 2 का दबदबा ‘डकैत’ के लिए भारी पड़ रहा है। Ranveer Singh की इस फिल्म के क्रेज के चलते दर्शकों का रुझान ‘डकैत’ की ओर कम देखने को मिला है। वर्ल्डवाइड कलेक्शन भी उम्मीद से कम फिल्म ने अब तक वैश्विक स्तर पर करीब 45.33 करोड़ रुपये का ग्रॉस कलेक्शन किया है, जिसमें 12.40 करोड़ रुपये विदेशों से आए हैं। हालांकि, यह आंकड़े भी फिल्म के बजट के मुकाबले काफी कम हैं। 70 करोड़ बजट, आधी कमाई भी नहीं करीब 70 करोड़ रुपये के बजट में बनी ‘डकैत’ एक हफ्ते में अपनी लागत का आधा हिस्सा भी नहीं निकाल पाई है। ऐसे में फिल्म के लिए आगे का रास्ता और मुश्किल होता जा रहा है। ‘भूत बंगला’ से बढ़ी चुनौती 17 अप्रैल को Bhoot Bungla रिलीज हो चुकी है, जिसमें Akshay Kumar नजर आ रहे हैं। इस नई रिलीज के बाद ‘डकैत’ के लिए बॉक्स ऑफिस पर टिके रहना और भी कठिन हो सकता है। फिल्म की कहानी क्या है? इस फिल्म का निर्देशन Shaneil Deo ने किया है। कहानी एक ऐसे कैदी के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपनी पूर्व प्रेमिका से बदला लेने के लिए जेल से भाग जाता है और कई डकैतियों को अंजाम देता है। कहानी में ट्विस्ट तब आता है, जब उसका सामना दोबारा अपनी पुरानी मोहब्बत से होता है। फिल्म में Anurag Kashyap, Prakash Raj और Atul Kulkarni भी अहम भूमिकाओं में नजर आते हैं।
बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ कमाई कर रही फिल्म Dhurandhar: The Revenge को लेकर अब क्रिकेट और बॉलीवुड की पावर कपल जोड़ी विराट कोहली और अनुष्का शर्मा ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। दोनों ने फिल्म देखने के बाद सोशल मीडिया पर खास संदेश साझा करते हुए फिल्म की जमकर तारीफ की। अनुष्का शर्मा ने क्या कहा? अनुष्का शर्मा ने फिल्म के निर्देशक Aditya Dhar की तारीफ करते हुए लिखा कि इतनी लंबी (लगभग 4 घंटे) फिल्म को इस तरह ग्रिपिंग और इमर्सिव बनाना आसान नहीं है। उन्होंने फिल्म को “मेटिक्युलसली क्राफ्टेड” बताया। अपने को-स्टार Ranveer Singh की तारीफ करते हुए अनुष्का ने कहा कि उन्होंने अपने करियर का एक “वन-ऑफ-ए-लाइफटाइम” किरदार निभाया और उसे पूरी तरह से जीवंत कर दिया। साथ ही फिल्म के अन्य कलाकारों की परफॉर्मेंस को भी सराहा। विराट कोहली भी हुए प्रभावित विराट कोहली ने फिल्म को लेकर कहा कि उन्होंने भारत में पहले कभी इस तरह की फिल्म नहीं देखी। उन्होंने बताया कि लगभग 4 घंटे की फिल्म के दौरान उनकी नजरें स्क्रीन से हटी ही नहीं और हर भावना को उन्होंने गहराई से महसूस किया। कोहली ने निर्देशक आदित्य धर को “जीनियस” बताते हुए खास तौर पर रणवीर सिंह की तारीफ की और कहा कि इस फिल्म के बाद उनका स्तर और भी ऊंचा हो गया है। बॉक्स ऑफिस पर धमाकेदार प्रदर्शन 19 मार्च 2026 को रिलीज हुई यह स्पाई-एक्शन थ्रिलर फिल्म दुनियाभर में करीब 1,500 करोड़ रुपये की कमाई कर चुकी है। लंबे रनटाइम के बावजूद फिल्म को दर्शकों से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है और पॉजिटिव वर्ड-ऑफ-माउथ इसका बड़ा कारण बना है।
फिल्म: Dhurandhar The Revenge निर्देशक: Aditya Dhar कास्ट: Ranveer Singh, R Madhavan, Arjun Rampal, Sanjay Dutt, Rakesh Bedi, Sara Arjun कहानी: जासूसी, बदला और देशभक्ति का हाई-वोल्टेज ड्रामा Dhurandhar The Revenge एक बड़े पैमाने पर बनी स्पाई-एक्शन फिल्म है, जिसकी कहानी भारतीय एजेंट हमजा अली माजरी के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसका किरदार Ranveer Singh ने निभाया है। फिल्म में वह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के प्रमुख मेजर इकबाल (Arjun Rampal) के खिलाफ एक खतरनाक मिशन पर निकलता है। कहानी जसकिरत सिंह रंगी के हमजा बनने के सफर, दुश्मन के इलाके में उसकी रणनीति और उसके मिशन की सफलता को दिखाती है। करीब 229 मिनट की यह फिल्म हर मोड़ पर सस्पेंस और ट्विस्ट से भरी हुई है। क्या है खास? निर्देशक Aditya Dhar की राइटिंग और डिटेलिंग फिल्म की सबसे बड़ी ताकत है। चैप्टर-वाइज नैरेटिव स्टोरी को आसान और दिलचस्प बनाता है इमोशनल एंगल और देशभक्ति का मजबूत कनेक्शन बड़े पैमाने के एक्शन और CGI सीक्वेंस सरप्राइज कैमियो और लगातार ट्विस्ट चार घंटे लंबी फिल्म को भी दर्शकों के लिए बांधे रखना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है, और इसमें डायरेक्टर काफी हद तक सफल रहे हैं। कहां रह गई कमी? फिल्म का पहला हाफ, खासकर दूसरा चैप्टर थोड़ा धीमा महसूस होता है। इसके अलावा बैकग्राउंड म्यूजिक पहले पार्ट जितना प्रभावशाली नहीं है, हालांकि कुछ गाने और क्लाइमैक्स ट्रैक असर छोड़ते हैं। परफॉर्मेंस: रणवीर सिंह का जलवा Ranveer Singh ने एक बार फिर साबित किया कि वह अपनी पीढ़ी के सबसे दमदार एक्टर्स में से एक हैं। इमोशनल सीन हो या एक्शन, हर जगह उनका प्रदर्शन शानदार है R Madhavan ने IB डायरेक्टर के रोल में गंभीरता और संतुलन लाया Arjun Rampal एक खतरनाक विलेन के रूप में प्रभाव छोड़ते हैं Rakesh Bedi ने राजनीति और हास्य का संतुलन दिखाया Sara Arjun ने सीमित रोल में भी अच्छा सपोर्ट दिया अगर आप बड़े पैमाने की एक्शन और देशभक्ति से भरपूर फिल्में पसंद करते हैं, तो Dhurandhar The Revenge आपके लिए एक शानदार सिनेमैटिक अनुभव साबित हो सकती है। लंबे रनटाइम से डरने की जरूरत नहीं- यह फिल्म आपको अंत तक बांधे रखती है। और हां, पोस्ट-क्रेडिट सीन मिस करना भारी पड़ सकता है।
6 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज हुई फिल्म दक्षिण भारतीय अभिनेता श्री विष्णु की नई एक्शन-थ्रिलर फिल्म “मृत्युंजय (Mrithyunjay)” 6 मार्च 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। फिल्म के रिलीज होते ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर दर्शकों की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। कई दर्शकों ने फिल्म की कहानी, बैकग्राउंड म्यूजिक और श्री विष्णु की दमदार एक्टिंग की तारीफ की है, जबकि कुछ ने शुरुआती हिस्से को थोड़ा धीमा बताया है। श्री विष्णु के गंभीर किरदार को मिली सराहना एक सोशल मीडिया यूजर ने लिखा कि फिल्म भले ही बेहतरीन इन्वेस्टिगेटिव थ्रिलर की श्रेणी में न आती हो, लेकिन यह एक अच्छी और दिलचस्प फिल्म है। यूजर के मुताबिक, श्री विष्णु ने ‘जय’ के किरदार को बेहद प्रभावशाली ढंग से निभाया है। उन्होंने यह भी कहा कि लगातार कॉमिक भूमिकाओं के बाद अभिनेता को इस तरह के गंभीर किरदार में देखना अच्छा लगा। साथ ही दर्शकों ने निर्देशक हुसैन शाह और उनकी लेखन टीम की पटकथा की भी सराहना की। दूसरे हाफ में बढ़ती है फिल्म की रफ्तार एक अन्य दर्शक ने फिल्म को मजबूत थ्रिलर बताया। उनके अनुसार फिल्म की शुरुआत थोड़ी धीमी है और कहानी को स्थापित करने में समय लगता है, लेकिन जैसे ही जांच शुरू होती है, कहानी तेजी से आगे बढ़ने लगती है। उन्होंने कहा कि पहला हाफ ठीक-ठाक है, जबकि दूसरे हाफ में बिल्ली-चूहे जैसा रोमांचक खेल दर्शकों को बांधे रखता है। बैकग्राउंड म्यूजिक और एडिटिंग की भी तारीफ कई दर्शकों ने फिल्म के तकनीकी पहलुओं की भी सराहना की। काला भैरव का बैकग्राउंड स्कोर फिल्म में जबरदस्त रोमांच पैदा करता है। श्रीकर प्रसाद की एडिटिंग कहानी को तेज और प्रभावी बनाए रखती है। कलाकारों का अभिनय भी दर्शकों को काफी पसंद आया। धीमी शुरुआत और कुछ अनुमानित सीन पर उठे सवाल हालांकि कुछ दर्शकों ने यह भी कहा कि फिल्म का शुरुआती हिस्सा थोड़ा धीमा लगता है और कुछ सीन पहले से अनुमानित लग सकते हैं। लेकिन सकारात्मक बात यह रही कि फिल्म में अनावश्यक लव ट्रैक या बेवजह के गाने नहीं जोड़े गए हैं, जिससे कहानी अपने मुख्य विषय पर केंद्रित रहती है। काफी समय बाद आई ताजगी भरी तेलुगु थ्रिलर कई यूजर्स ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि लंबे समय बाद एक ऐसी तेलुगु थ्रिलर देखने को मिली है जो पूरी तरह कहानी पर आधारित है। एक दर्शक ने लिखा कि निर्देशक हुसैन की कहानी पेश करने की शैली शानदार है और श्री विष्णु की दमदार एक्टिंग इस फिल्म को देखने लायक बना देती है। कुल मिलाकर कैसा है दर्शकों का फैसला सोशल मीडिया पर आ रही शुरुआती प्रतिक्रियाओं के अनुसार “मृत्युंजय” को एक दिलचस्प और मनोरंजक थ्रिलर बताया जा रहा है। श्री विष्णु की एक्टिंग, बैकग्राउंड स्कोर और तेज एडिटिंग को फिल्म की खास ताकत माना जा रहा है। अगर आप सस्पेंस और एक्शन से भरपूर फिल्में पसंद करते हैं, तो यह फिल्म आपके लिए एक अच्छा विकल्प साबित हो सकती है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।