Pune

SpiceJet विमान में AC और वेंटिलेशन बंद होने के बाद परेशान यात्री
SpiceJet Flight: विमान में AC बंद होने से यात्रियों का दम घुटा, रनवे से लौटी फ्लाइट; दूसरी उड़ान से पुणे भेजे गए यात्री

नई दिल्ली, एजेंसियां। दिल्ली से पुणे जा रही SpiceJet की फ्लाइट SG 105 में मंगलवार रात तकनीकी समस्या के बाद यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। विमान के केबिन में AC और वेंटिलेशन काम नहीं करने से यात्रियों को गर्मी और उमस के बीच सांस लेने में दिक्कत होने लगी। स्थिति बिगड़ने पर यात्रियों ने हंगामा किया, जिसके बाद विमान को रनवे से वापस लाया गया। बाद में एयरलाइन ने दूसरी फ्लाइट की व्यवस्था कर यात्रियों को पुणे भेजा।   100 से अधिक यात्री गर्मी और उमस से परेशान   यह फ्लाइट दिल्ली से पुणे के लिए रवाना होने वाली थी। यात्रियों के मुताबिक, विमान में बोर्डिंग के बाद काफी देर तक AC नहीं चला। विमान रनवे पर करीब 40 से 45 मिनट तक रहने के बावजूद केबिन का तापमान और वेंटिलेशन सामान्य नहीं हुआ। गर्मी और घुटन के कारण कई यात्रियों की तबीयत बिगड़ने लगी। कुछ यात्रियों ने सांस लेने में परेशानी की शिकायत की। इसके बाद यात्रियों ने उड़ान रोकने और विमान के दरवाजे खोलने की मांग शुरू कर दी।   बच्चों और गर्भवती महिलाओं को भी हुई परेशानी   एक यात्री लेशपाल ने ANI को बताया कि केबिन में वेंटिलेशन नहीं होने के कारण यात्रियों को काफी दिक्कत हुई। उनके मुताबिक, गर्मी के कारण यात्रियों के कपड़े पसीने से भीग गए और कुछ बच्चे रोने लगे। गर्भवती महिलाओं को भी परेशानी होने की बात कही गई। यात्रियों के हंगामे के बाद विमान को वापस लाया गया और उन्हें उतरने की अनुमति दी गई।   तकनीकी जांच के बाद विमान उड़ान के लिए अनुपयुक्त पाया गया   SpiceJet के प्रवक्ता के अनुसार, फ्लाइट में तकनीकी समस्या सामने आई थी। विमान को उड़ान के लिए तैयार किया जा रहा था, लेकिन समस्या के कारण उसे संचालित नहीं किया जा सका। एयरलाइन ने कहा कि यात्रियों को हुई परेशानी के लिए उसे खेद है और उन्हें उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए दूसरे विमान की व्यवस्था की गई।   सुबह पांच बजे दूसरी फ्लाइट से भेजे गए यात्री   यात्रियों के अनुसार, दूसरी फ्लाइट की व्यवस्था के बाद उन्हें अगले दिन सुबह करीब 5 बजे पुणे के लिए रवाना किया गया। इसके चलते यात्रियों को कई घंटे एयरपोर्ट पर इंतजार करना पड़ा। घटना के बाद यात्रियों ने विमान में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति और तकनीकी समस्या के बावजूद बोर्डिंग कराए जाने पर सवाल उठाए हैं। एयरलाइन की ओर से तकनीकी खराबी और उड़ान में हुई देरी को लेकर जानकारी दी गई है।

ranjan kumar tiwari अगस्त 12, 2026 0
आंत के माइक्रोबायोम पर भारतीय वैज्ञानिकों का शोध
भारत के आदिवासी समुदायों में आंत के माइक्रोबायोम पर बड़ी खोज, 14 नई बैक्टीरिया प्रजातियां मिलीं

भारत में आंत के स्वास्थ्य पर नई खोज, आदिवासी समुदायों में मिलीं 14 नई बैक्टीरिया प्रजातियां पुणे, एजेंसियां। भारत में आंत के स्वास्थ्य और माइक्रोबायोम को लेकर वैज्ञानिकों को बड़ी सफलता मिली है। पुणे स्थित BRIC-नेशनल सेंटर फॉर सेल साइंस (NCCS) के शोधकर्ताओं ने भारत के अलग-अलग आदिवासी समुदायों के आंत माइक्रोबायोम का अध्ययन किया। शोध में करीब 200 ऐसे माइक्रोबियल स्ट्रेन सामने आए, जिनका पहले दस्तावेजीकरण नहीं हुआ था। इनमें 14 नई बैक्टीरियल प्रजातियां भी शामिल हैं।   आठ आदिवासी समुदायों पर किया गया अध्ययन     शोधकर्ताओं ने भारत के चार अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों में रहने वाले आठ आदिवासी समुदायों के 76 स्वस्थ वयस्कों के आहार और मल के नमूनों का अध्ययन किया। शोध का उद्देश्य यह समझना था कि पारंपरिक खान-पान और जीवनशैली आंत में मौजूद सूक्ष्मजीवों की संरचना को किस तरह प्रभावित करते हैं। अध्ययन से पता चला कि अलग-अलग समुदायों के पारंपरिक आहार के अनुसार उनके आंत माइक्रोबायोम में भी उल्लेखनीय अंतर पाया जाता है।     पारंपरिक आहार का आंत के बैक्टीरिया पर असर     वैज्ञानिकों के अनुसार लंबे समय से चले आ रहे पारंपरिक आहार का आंत के माइक्रोबायोम पर महत्वपूर्ण प्रभाव दिखाई देता है। अलग-अलग क्षेत्रों में दूध, अनाज, जड़ वाली सब्जियों, कंद और अन्य स्थानीय खाद्य पदार्थों की खपत के साथ आंत में मौजूद बैक्टीरिया की संरचना भी अलग पाई गई।   शोध इस बात की ओर भी संकेत करता है कि आधुनिक और अत्यधिक प्रसंस्कृत भोजन से अलग पारंपरिक आहार मानव माइक्रोबायोम की विविधता को समझने के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।   भविष्य में स्वास्थ्य अनुसंधान के लिए महत्वपूर्ण     वैज्ञानिकों का मानना है कि भारत के विभिन्न समुदायों के माइक्रोबायोम को समझना भविष्य में पोषण, प्रोबायोटिक्स और व्यक्तिगत स्वास्थ्य देखभाल से जुड़े शोध के लिए उपयोगी हो सकता है।   हालांकि, नई बैक्टीरिया प्रजातियों की खोज का मतलब यह नहीं है कि वे सभी सीधे तौर पर स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हैं। उनके स्वास्थ्य संबंधी प्रभावों को समझने के लिए आगे विस्तृत प्रयोगशाला और चिकित्सकीय शोध की जरूरत होगी। भारत सरकार की Indian Human Microbiome Initiative भी विभिन्न भारतीय समुदायों के माइक्रोबायोम का डेटाबेस तैयार करने की दिशा में काम कर रही है।

ranjan kumar tiwari अगस्त 5, 2026 0
Social media influencer Faizan Ansari files complaint against Abhijeet Deepke with Delhi Police
'अभिजीत दीपके को तुरंत गिरफ्तार किया जाए', सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर फैजान अंसारी ने दिल्ली पुलिस को दी लिखित शिकायत

Abhijeet Deepke News: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके के खिलाफ सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर फैजान अंसारी ने दिल्ली पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए उनकी तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। अंसारी का आरोप है कि दीपके के समर्थकों ने उन पर पुणे और औरंगाबाद में हमला किया था। उन्होंने दावा किया कि उनके पास इन आरोपों से जुड़े सबूत भी मौजूद हैं और पुलिस से मामले में जल्द कार्रवाई करने की अपील की है। दिल्ली पुलिस को सौंपी लिखित शिकायत फैजान अंसारी ने बताया कि उन्होंने दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को लिखित शिकायत देकर अभिजीत दीपके के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि शिकायत के साथ उन्होंने उन घटनाओं से जुड़े तथ्यों और साक्ष्यों का भी उल्लेख किया है, जिनके आधार पर वह कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "मेरे पास इस बात के सबूत हैं कि अभिजीत दीपके के लोगों ने मुझ पर हमला किया था। इसलिए मामले की निष्पक्ष जांच कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।" पुणे और औरंगाबाद में हमले का आरोप फैजान अंसारी ने आरोप लगाया कि उन पर पुणे और औरंगाबाद में अलग-अलग घटनाओं के दौरान हमला किया गया था। उन्होंने दावा किया कि इन दोनों मामलों में पहले से केस दर्ज हैं और अब उन्होंने दिल्ली पुलिस से भी शिकायत कर मामले की जांच का अनुरोध किया है। हालांकि, इन आरोपों पर अभिजीत दीपके या उनकी पार्टी की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। गिरफ्तारी की उठाई मांग अंसारी ने दिल्ली पुलिस से अभिजीत दीपके को जल्द गिरफ्तार करने की मांग करते हुए आरोप लगाया कि वह अपने निजी हितों के लिए इस तरह की गतिविधियों को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो ऐसे मामलों को बढ़ावा मिल सकता है। दिल्ली सरकार और पुलिस की सराहना फैजान अंसारी ने दिल्ली सरकार और दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने समय पर कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन की सक्रियता से संभावित तनावपूर्ण स्थिति को नियंत्रित किया जा सका। फिलहाल दिल्ली पुलिस की ओर से इस शिकायत पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस मामले की जांच और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर सकती है।  

kalpana अगस्त 4, 2026 0
Maharashtra Cyber Fraud
सिर्फ एक अक्षर की गलती से कंपनी को 10.45 लाख का नुकसान

मुंबई, एजेंसियां।  महाराष्ट्र के पुणे से साइबर ठगी का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें जालसाजों ने केवल एक अक्षर बदलकर एक इंजीनियरिंग कंपनी से 10.45 लाख रुपये की ठगी कर ली। इस घटना ने न केवल कंपनी, बल्कि पुलिस को भी हैरान कर दिया है। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ इस तरह की धोखाधड़ी को बिजनेस ईमेल कॉम्प्रोमाइज (BEC) या मैन-इन-द-मिडल (MITM) हमला मानते हैं।   पुलिस के अनुसार पुलिस के अनुसार, कालेपडल के हांडेवाड़ी रोड स्थित एक इंजीनियरिंग कंपनी चीन की एक सप्लायर कंपनी से नियमित रूप से कच्चा माल आयात करती है। दोनों कंपनियों के बीच ऑर्डर और भुगतान से जुड़ा पूरा पत्राचार ईमेल के माध्यम से होता था। इसी भरोसे का फायदा उठाकर साइबर ठगों ने चीनी कंपनी की ईमेल आईडी से मिलता-जुलता एक फर्जी डोमेन तैयार किया। उन्होंने असली '.com' डोमेन की जगह '.cam' का इस्तेमाल किया, जो पहली नजर में बिल्कुल असली जैसा दिखाई देता था।   फर्जी ईमेल में दावा किया गया कि सप्लायर कंपनी के नियमित बैंक खाते का ऑडिट चल रहा है, इसलिए इस बार भुगतान दुबई स्थित दूसरे बैंक खाते में किया जाए। कंपनी के 25 वर्षीय अकाउंट्स एग्जीक्यूटिव ने ईमेल को असली मानते हुए बिना अतिरिक्त सत्यापन किए 10.45 लाख रुपये बताए गए खाते में ट्रांसफर कर दिए। कुछ सप्ताह बाद असली चीनी सप्लायर ने भुगतान न मिलने की जानकारी मांगी। जब पुणे की कंपनी ने दुबई वाले खाते में रकम भेजने की बात बताई, तब पता चला कि ऐसा कोई निर्देश कभी जारी ही नहीं किया गया था। इसके बाद कंपनी को ठगी का एहसास हुआ और तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।   कालेपडल पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज पुणे के कालेपडल पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस तकनीकी जांच के जरिए फर्जी ईमेल बनाने वाले साइबर अपराधियों और रकम पहुंचने वाले बैंक खातों का पता लगाने में जुटी है। विशेषज्ञों ने कंपनियों को सलाह दी है कि बैंक खाते या भुगतान संबंधी किसी भी बदलाव की पुष्टि हमेशा फोन या आधिकारिक माध्यम से अवश्य करें, ताकि इस तरह की साइबर ठगी से बचा जा सके।

abhishek singh जुलाई 17, 2026 0
Ashwini Vaishnaw
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का बड़ा ऐलान, तेलंगाना बनेगा बुलेट ट्रेन हब; तीन हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा

हैदराबाद, एजेंसियां। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि तेलंगाना को देश का नया बुलेट ट्रेन हब बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य के लिए तीन प्रस्तावित हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन कॉरिडोर तैयार किए गए हैं, जिनसे हैदराबाद को पुणे, बेंगलुरु और चेन्नई से जोड़ा जाएगा। यह परियोजना दक्षिण भारत में हाई-स्पीड रेल नेटवर्क के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।   तीन बड़े शहरों से जुड़ेगा हैदराबाद   रेल मंत्री ने कहा कि प्रस्तावित कॉरिडोरों के जरिए हैदराबाद से पुणे, बेंगलुरु और चेन्नई तक तेज रफ्तार रेल सेवा उपलब्ध कराने की योजना है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा और व्यापार, उद्योग तथा पर्यटन को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा।   रेल बजट से मिलेगी नई रफ्तार   अश्विनी वैष्णव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में तेलंगाना के लिए इस बार रेलवे क्षेत्र में ₹5,400 करोड़ का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि इस निवेश से नई रेल लाइनें, स्टेशन आधुनिकीकरण और हाई-स्पीड रेल परियोजनाओं को गति मिलेगी।   हाई-स्पीड रेल नेटवर्क का होगा विस्तार   रेल मंत्री के अनुसार, मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के अनुभव के आधार पर अब देश के अन्य हिस्सों में भी हाई-स्पीड रेल नेटवर्क विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि तेलंगाना को इस नेटवर्क का प्रमुख केंद्र बनाने की योजना है, जिससे दक्षिण भारत में आधुनिक रेल संपर्क को नई दिशा मिलेगी।

abhishek singh जुलाई 12, 2026 0
Moshi Building Collapse
पुणे इमारत हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 9, 84 घंटे बाद मिला आखिरी लापता व्यक्ति का शव

पुणे, एजेंसियां। महाराष्ट्र के पुणे जिले के मोशी स्थित पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम के वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट में हुए दर्दनाक इमारत हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 9 हो गई है। लगभग 84 घंटे तक चले राहत एवं बचाव अभियान के बाद मलबे और कचरे के ढेर से आखिरी लापता कर्मचारी का शव बरामद कर लिया गया। इसके साथ ही प्रशासन ने सर्च ऑपरेशन समाप्त करने की घोषणा की।   कचरे का पहाड़ गिरने से ढही थी तीन मंजिला इमारत   यह हादसा 8 जुलाई को उस समय हुआ, जब भारी बारिश के बीच मोशी स्थित वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट के पास जमा कचरे का विशाल ढेर अचानक खिसककर तीन मंजिला प्रशासनिक भवन पर आ गिरा। इमारत का बड़ा हिस्सा ढह गया और अंदर काम कर रहे कई कर्मचारी मलबे में दब गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और तत्काल राहत अभियान शुरू किया गया।   NDRF, सेना और दमकल ने चलाया संयुक्त अभियान   बचाव कार्य में NDRF, भारतीय सेना, दमकल विभाग, पुलिस और नगर निगम की टीमें लगातार चार दिनों तक जुटी रहीं। भारी मशीनों और विशेष उपकरणों की मदद से मलबा हटाया गया। अभियान के दौरान कुल 23 लोगों को बाहर निकाला गया, जिनमें से 9 की जान बच गई, जबकि 9 लोगों की मौत हो गई। कई घंटों तक अस्थिर मलबे और कचरे के कारण रेस्क्यू अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण रहा।   हादसे की जांच शुरू   महाराष्ट्र सरकार और पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं। शुरुआती जांच में लगातार बारिश और कचरे के विशाल ढेर के खिसकने को दुर्घटना की प्रमुख वजह माना जा रहा है। हालांकि यह भी जांच की जाएगी कि सुरक्षा मानकों का पालन हुआ था या नहीं और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

abhishek singh जुलाई 12, 2026 0
Heavy rainfall triggers landslides and flooding, forcing the closure of the Mumbai-Pune Expressway and the old Mumbai-Pune Highway.
भारी बारिश से मुंबई-पुणे कनेक्टिविटी ठप, एक्सप्रेसवे और पुराना हाईवे बंद; लोगों से यात्रा टालने की अपील

मुंबई: महाराष्ट्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। सोमवार (6 जुलाई) को भारी बारिश, जलभराव और भूस्खलन के कारण मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और पुराना मुंबई-पुणे हाईवे दोनों को एहतियात के तौर पर बंद कर दिया गया। प्रशासन ने अगली सूचना तक दोनों शहरों के बीच यात्रा न करने की सलाह दी है। दोनों प्रमुख मार्गों पर यातायात पूरी तरह बंद पुलिस द्वारा जारी ट्रैफिक एडवाइजरी के अनुसार, लगातार बारिश और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और पुराने हाईवे पर दोनों दिशाओं में वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यदि उनकी यात्रा जरूरी नहीं है, तो फिलहाल उसे स्थगित कर दें और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। बाढ़ और जलभराव से हालात गंभीर अधिकारियों के मुताबिक, मावल और ताम्हिणी घाट क्षेत्र में भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। इससे मुंबई और पुणे को जोड़ने वाले वैकल्पिक मार्ग भी प्रभावित हुए हैं। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर एक कंक्रीट का खंभा गिरने के बाद 'कनेक्टिंग लिंक' और 'मिसिंग लिंक' के बीच का हिस्सा भी यातायात के लिए बंद कर दिया गया है। वहीं, पुराने मुंबई-पुणे हाईवे पर कई स्थानों पर घुटनों तक पानी भर जाने के कारण वहां भी वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। भूस्खलन के बाद राहत-बचाव अभियान जारी पुलिस ने बताया कि लोहगढ़ किले के पास पाटन गांव में भूस्खलन की घटना सामने आई है। सूचना मिली है कि एक परिवार मलबे में फंस गया है, जिसके बाद राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंचकर अभियान चला रहे हैं। पुणे में स्कूल बंद लगातार खराब मौसम को देखते हुए पुणे जिला प्रशासन ने जिले के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है। 'मिसिंग लिंक' परियोजना भी प्रभावित अधिकारियों के अनुसार, सोमवार तड़के खोपोली-कुसगांव के पास 'मिसिंग लिंक' परियोजना की सुरंग-2 के बाहर भूस्खलन हुआ, जिससे एक्सप्रेसवे पर यातायात बाधित हो गया। गौरतलब है कि करीब 13 किलोमीटर लंबा 'मिसिंग लिंक' बाईपास दो महीने पहले ही शुरू किया गया था। इस परियोजना से मुंबई और पुणे के बीच यात्रा का समय लगभग 25 से 30 मिनट कम हो गया था। प्रशासन की अपील प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मौसम सामान्य होने तक मुंबई-पुणे मार्ग पर यात्रा से बचें। साथ ही, यात्रा करने से पहले ट्रैफिक और मौसम संबंधी आधिकारिक अपडेट अवश्य जांच लें। लगातार बारिश को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं निगरानी का काम जारी है।  

Deepshikha जुलाई 6, 2026 0
A symbolic image representing disciplinary action against a dental professional following a controversial social media post related to the Ketan Agrawal case.
केतन अग्रवाल की मौत पर विवादित पोस्ट: AIDSA ने डॉ. मुस्कान सोनी को 5 साल के लिए किया निलंबित

पुणे: केतन अग्रवाल की मौत पर सोशल मीडिया पर कथित तौर पर मजाक उड़ाने वाली पोस्ट करना डॉ. मुस्कान सोनी को भारी पड़ गया। ऑल इंडिया डेंटल स्टूडेंट्स एंड सर्जन्स एसोसिएशन (AIDSA) ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें संगठन की सदस्यता और सभी जिम्मेदारियों से पांच वर्ष के लिए निलंबित कर दिया है। एसोसिएशन की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि डॉ. मुस्कान सोनी का आचरण संगठन की आचार संहिता, अनुशासन और नैतिक मूल्यों के विपरीत पाया गया। इसलिए उनके खिलाफ तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की गई है। विवादित इंस्टाग्राम पोस्ट बनी कार्रवाई की वजह AIDSA के अनुसार, केतन अग्रवाल की दर्दनाक मौत के बाद डॉ. मुस्कान सोनी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक पोस्ट साझा की थी, जिसे मृतक का मजाक उड़ाने वाला और असंवेदनशील माना गया। संगठन का कहना है कि ऐसी टिप्पणियां न केवल पीड़ित परिवार की भावनाओं को आहत करती हैं, बल्कि संस्था की गरिमा और पेशेवर नैतिकता के भी खिलाफ हैं। पांच साल तक लागू रहेगा निलंबन जारी आदेश के मुताबिक, निलंबन अगले पांच वर्षों तक प्रभावी रहेगा। इस अवधि में डॉ. मुस्कान सोनी संगठन की किसी भी गतिविधि, पद या सदस्यता से जुड़ी भूमिका नहीं निभा सकेंगी। सक्षम प्राधिकारी परिस्थितियों के आधार पर भविष्य में इस आदेश की समीक्षा या संशोधन कर सकता है। केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच जारी इस बीच पुणे पुलिस केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में जुटी हुई है। जांच एजेंसियां केतन के मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच कर रही हैं। पुलिस के अनुसार, घटना के बाद केतन का मोबाइल कुछ समय तक उनकी मंगेतर सिया गोयल के पास था, जिसके बाद फोन परिवार को सौंप दिया गया। अब यह जांच की जा रही है कि फोन से कोई डिजिटल साक्ष्य मिटाया गया या उसके साथ छेड़छाड़ की गई। 18 जून को हुई थी घटना पुलिस के मुताबिक, 18 जून को पुणे जिले के लोहागढ़ किले पर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने केतन अग्रवाल को कथित रूप से खाई में धक्का दे दिया था, जिससे उनकी मौत हो गई। केतन और सिया की शादी इसी वर्ष नवंबर में प्रस्तावित थी। घटना के बाद पुलिस ने सिया गोयल और चेतन चौधरी को गिरफ्तार किया। दोनों फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं और जांच एजेंसियां डिजिटल साक्ष्यों सहित मामले के सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। घटनास्थल पर कराया गया सीन रीक्रिएशन जांच के क्रम में पुलिस दोनों आरोपियों को अलग-अलग समय पर लोहागढ़ किले लेकर गई, जहां कथित घटनाक्रम का पुनर्निर्माण (सीन रीक्रिएशन) कराया गया। पुलिस का कहना है कि इससे घटना के क्रम और दोनों आरोपियों की भूमिका को समझने में मदद मिल रही है।  

Deepshikha जुलाई 2, 2026 0
Participants from across India attend the Bharat Bharati Fifth National Convention in Pune, highlighting national unity, cultural harmony and patriotic spirit.
पुणे में भारत भारती का पंचम राष्ट्रीय अधिवेशन संपन्न, 24 राज्यों से 400 से अधिक प्रतिनिधियों ने लिया हिस्सा

  पुणे: राष्ट्रीय एकात्मता को समर्पित संस्था भारत भारती का पंचम राष्ट्रीय अधिवेशन पुणे में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। तीन दिवसीय यह आयोजन 26 से 28 जुलाई 2026 तक पुणे स्थित नाजोश्री जैन भवन में आयोजित किया गया, जिसमें देशभर के 24 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से 400 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस अधिवेशन में कश्मीर से कन्याकुमारी तक और कच्छ से कामरूप तक देश के विभिन्न हिस्सों का प्रतिनिधित्व देखने को मिला। पहली बार लद्दाख, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड से भी प्रतिनिधियों की भागीदारी दर्ज की गई, जिससे आयोजन की व्यापकता और अधिक बढ़ गई। राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक समरसता पर जोर अधिवेशन के दौरान राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक विरासत, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक समरसता को मजबूत करने पर विशेष चर्चा की गई। प्रतिभागियों ने भारत की विविधता में एकता को और मजबूत करने का संकल्प दोहराया। झारखंड सहित विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों ने पारंपरिक परिधानों और सांस्कृतिक प्रतीकों के साथ कार्यक्रम में भाग लेकर आयोजन को विशेष स्वरूप प्रदान किया। इसरो पूर्व अध्यक्ष डॉ. एस. सोमनाथ ने किया उद्घाटन 26 जुलाई को अधिवेशन का उद्घाटन इसरो के पूर्व अध्यक्ष डॉ. एस. सोमनाथ ने दीप प्रज्वलन कर किया। अपने संबोधन में उन्होंने भारतीय वैदिक ज्ञान और आधुनिक विज्ञान के बीच संबंध पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत की प्राचीन परंपराओं और वैज्ञानिक सोच के बीच गहरा सामंजस्य है और आने वाले समय में भारत वैश्विक नेतृत्व की ओर अग्रसर होगा। उन्होंने विकास के साथ विरासत को संरक्षित रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। सांस्कृतिक और वैचारिक सत्रों में विविध विषयों पर चर्चा दूसरे दिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरसंघचालक रामदत्त चक्रधर ने संबोधित किया। उन्होंने भारतीय संस्कृति, एकता और राष्ट्रभावना को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम में विभिन्न सत्रों के दौरान भारतीय संस्कृति, राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। चावल-मिट्टी संग्रह और भारत माता आरती रहा आकर्षण अधिवेशन की विशेष परंपरा के तहत प्रतिभागियों से उनके घर से एक मुट्ठी चावल और एक मुट्ठी मिट्टी लाने का आग्रह किया गया था। इन्हें मिलाकर अंतिम दिन सामूहिक रूप से खीर तैयार की गई, जो एकता का प्रतीक बनी। साथ ही एकत्रित मिट्टी को भविष्य में भारत माता मंदिर निर्माण में उपयोग किए जाने की योजना है। अंतिम दिन 400 से अधिक प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से भारत माता की आरती की, जिसका दृश्य ड्रोन कैमरे से भी रिकॉर्ड किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम और राष्ट्रभक्ति का माहौल तीन दिनों तक चले इस अधिवेशन में महाराष्ट्र सहित विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं। पूरे आयोजन स्थल पर “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के नारों से वातावरण गूंजता रहा। कार्यक्रम में सरदार वल्लभभाई पटेल, भगवान बिरसा मुंडा, छत्रपति शिवाजी महाराज और बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय जैसी महान विभूतियों को भी स्मरण किया गया। अगले अधिवेशन की जिम्मेदारी जयपुर को कार्यक्रम के समापन पर अगले राष्ट्रीय अधिवेशन की जिम्मेदारी जयपुर को सौंपी गई। साथ ही आगामी कार्यकारिणी बैठक और अन्य राष्ट्रीय कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तय की गई।  

Deepshikha जून 30, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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