Jharkhand Weather News: झारखंड में पिछले कुछ दिनों से कमजोर पड़े मॉनसून के बीच अब मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार से राज्य में मॉनसून के सक्रिय होने की संभावना है। इसके चलते रांची समेत 17 जिलों में तेज आंधी, बारिश और वज्रपात को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 18 और 19 जून को इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार 18 और 19 जून को दोपहर के बाद मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिल सकता है। रांची के अलावा खूंटी, रामगढ़, हजारीबाग, कोडरमा, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, बोकारो, गिरिडीह, धनबाद, देवघर, जामताड़ा, दुमका, गोड्डा, साहिबगंज और पाकुड़ जिलों में तेज बारिश और आंधी की संभावना जताई गई है। इन इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। साथ ही मेघ गर्जन और वज्रपात की भी आशंका है। इसी को देखते हुए मौसम विभाग ने इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। बाकी जिलों के लिए येलो अलर्ट राज्य के शेष सात जिलों में भी मौसम खराब रहने की संभावना है। यहां तेज हवा, गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और कहीं-कहीं वज्रपात हो सकता है। इन क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। रांची का तापमान कैसा रहेगा? मौसम विभाग के अनुसार 18 और 19 जून को राजधानी रांची का अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। दिन में उमस बनी रह सकती है, लेकिन शाम के समय मौसम सुहावना होने की संभावना है। 20 जून को भी जारी रहेगा बारिश का दौर पूर्वानुमान के मुताबिक 20 जून को भी झारखंड के कई हिस्सों में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके अलावा कुछ स्थानों पर वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। जून में सामान्य से 56 प्रतिशत कम हुई बारिश मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से 17 जून के बीच झारखंड में सामान्य से काफी कम वर्षा दर्ज की गई है। इस अवधि में राज्य में 67 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन वास्तविक वर्षा सामान्य से 56 प्रतिशत कम रही। ऐसे में मॉनसून के दोबारा सक्रिय होने से किसानों और आम लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए? खराब मौसम के दौरान खुले मैदान में जाने से बचें। बिजली चमकने के समय पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। तेज हवा के दौरान सुरक्षित स्थान पर शरण लें। मौसम विभाग की चेतावनियों और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
Jharkhand में भीषण गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। राजधानी Ranchi समेत राज्य के कई जिलों में तेज धूप और गर्म हवाओं का असर लगातार बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने 22 और 23 मई को कई जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की है। गुरुवार को रांची का अधिकतम तापमान 38.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले 24 घंटों में 0.4 डिग्री बढ़ा है। वहीं Jamshedpur में तापमान 43.1 डिग्री, Bokaro में 41.1 डिग्री और Chaibasa में 41.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इन जिलों में गर्मी का ज्यादा असर शुक्रवार को रांची सहित कई जिलों में दोपहर तक तेज धूप और गर्मी का असर बना रहेगा। जिन जिलों में ज्यादा गर्मी पड़ने की संभावना जताई गई है, उनमें: गुमला सिमडेगा पूर्वी सिंहभूम पश्चिमी सिंहभूम रामगढ़ गिरिडीह बोकारो धनबाद सरायकेला देवघर जामताड़ा दुमका गोड्डा साहिबगंज पाकुड़ शामिल हैं। हालांकि मौसम विभाग के मुताबिक दोपहर बाद कुछ इलाकों में तेज हवा और हल्की बारिश भी हो सकती है, जिससे लोगों को थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। रांची में 26 मई तक येलो अलर्ट Ranchi में मौसम का मिजाज अगले कुछ दिनों तक बदला हुआ रह सकता है। मौसम विभाग ने 26 मई तक येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान दोपहर बाद बादल छाने और कुछ इलाकों में बारिश होने की संभावना जताई गई है। मेदिनीनगर में पारा 45 डिग्री के पार Medininagar में गर्मी ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। गुरुवार को यहां अधिकतम तापमान 45.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार 22 और 23 मई को: गढ़वा पलामू चतरा जिलों में लू चलने की प्रबल संभावना है। प्रशासन ने लोगों से दोपहर में बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। स्वास्थ्य विभाग हाई अलर्ट पर भीषण गर्मी और हीट स्ट्रोक के खतरे को देखते हुए Irfan Ansari ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने जरूरत पड़ने पर ही दिन में घर से बाहर निकलने की सलाह दी है। राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों, सदर अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। अस्पतालों में: ORS काउंटर जरूरी दवाइयां IV फ्लूइड्स इमरजेंसी बेड कूलिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही वाटर कूलर और बिजली व्यवस्था को भी दुरुस्त रखने को कहा गया है। गर्मी से बचने के लिए क्या करें? दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक बाहर निकलने से बचें ज्यादा पानी और ORS का सेवन करें हल्के और सूती कपड़े पहनें धूप में निकलते समय सिर ढकें बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें
Jharkhand में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र का असर अब राज्य के कई हिस्सों में दिखाई देने लगा है। मौसम विभाग ने 16 से 21 मई तक झारखंड के कई जिलों में तेज आंधी, वज्रपात और बारिश की संभावना जताई है। इसे देखते हुए 17 और 18 मई के लिए कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 17 मई को इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार 17 मई को Ranchi समेत धनबाद, कोडरमा, हजारीबाग, बोकारो, रामगढ़, गिरिडीह, देवघर, दुमका, जामताड़ा, पाकुड़, गोड्डा और साहिबगंज में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है। इसके साथ वज्रपात और बारिश की भी संभावना है। स्थिति को देखते हुए इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं राज्य के अन्य हिस्सों में बादल छाए रहने, 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने और कहीं-कहीं बारिश व वज्रपात को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। 18 मई को भी खराब रहेगा मौसम 18 मई को भी मौसम में ज्यादा राहत मिलने के संकेत नहीं हैं। मौसम विभाग ने रांची, धनबाद, कोडरमा, हजारीबाग, बोकारो, रामगढ़, चतरा, गिरिडीह, देवघर, जामताड़ा, दुमका, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज जिलों में तेज आंधी और बारिश की संभावना जताई है। इन जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है और वज्रपात की आशंका भी बनी हुई है। इसलिए इन क्षेत्रों के लिए फिर से ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। बाकी जिलों में येलो अलर्ट लागू रहेगा। इन जिलों में लू का असर एक तरफ जहां कई जिलों में बारिश और आंधी का खतरा है, वहीं दूसरी तरफ राज्य के कुछ हिस्सों में गर्मी का असर भी जारी रहेगा। Garhwa, Palamu और Latehar में 16 से 18 मई तक लू चलने की संभावना जताई गई है। वहीं 17 मई को चतरा जिले में भी हीटवेव की स्थिति बन सकती है। मेदिनीनगर के तापमान में बड़ी गिरावट लगातार मौसम बदलने के बीच Medininagar के तापमान में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। गुरुवार को यहां अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस था, लेकिन अगले 24 घंटों में तापमान करीब 5 डिग्री गिरकर 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और वज्रपात के समय खुले स्थानों से दूर रहने की अपील की है।
मौसम विभाग ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट, कई जिलों में खतरे की आशंका झारखंड में मौसम का मिजाज लगातार अस्थिर बना हुआ है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के कई हिस्सों के लिए 17 और 18 मई को तेज आंधी, गरज-चमक और भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस दौरान कुछ इलाकों में हवाओं की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार बदलते मौसम पैटर्न और स्थानीय वायुमंडलीय दबाव के कारण राज्य में आंधी-पानी की स्थिति बनी हुई है। 17 मई का मौसम: किन जिलों में ज्यादा असर 17 मई को झारखंड के उत्तर-पूर्वी और मध्य हिस्सों में मौसम सबसे ज्यादा खराब रहने की संभावना है। इसमें शामिल जिले हैं: धनबाद कोडरमा हजारीबाग बोकारो रामगढ़ रांची इन क्षेत्रों में 50-60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, साथ ही गरज-चमक के साथ आंधी-बारिश की संभावना है। वहीं गुमला और खूंटी जैसे दक्षिणी जिलों में भी 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। 18 मई का मौसम: कई जिलों में फिर बिगड़ेगा हाल 18 मई को भी मौसम में खास सुधार की उम्मीद नहीं है। इस दिन: कोडरमा, हजारीबाग, बोकारो, रामगढ़, रांची और धनबाद चतरा सहित उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र इन सभी इलाकों में आंधी-तूफान और तेज बारिश की संभावना बनी रहेगी। कई स्थानों पर हवाओं की रफ्तार 50-60 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है। 15 और 16 मई का हाल: पहले से जारी है येलो अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार 15 और 16 मई को भी झारखंड के अधिकांश हिस्सों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन दिनों हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। तापमान में उतार-चढ़ाव जारी लगातार बदलते मौसम का असर तापमान पर भी साफ दिख रहा है। मेदिनीनगर: 44°C रांची: 34.5°C (न्यूनतम 19.2°C) जमशेदपुर: 36°C बोकारो: 36.5°C चाईबासा: 36.5°C दिन में तेज गर्मी और शाम को आंधी-बारिश के कारण तापमान में तेजी से उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। मौसम विभाग की चेतावनी मौसम विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। तेज हवाओं और वज्रपात की संभावना को देखते हुए खुले स्थानों, पेड़ों और कमजोर ढांचों से दूर रहने की सलाह दी गई है। किसानों और बाहरी काम करने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने के लिए कहा गया है।
रांची समेत कई जिलों में तेज हवाओं और वज्रपात का खतरा Jharkhand में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। मंगलवार को राजधानी Ranchi समेत कई जिलों में तेज आंधी और बारिश देखने को मिली। खराब मौसम के कारण कई जगहों पर पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। कुछ इलाकों में पेड़ कारों और ई-रिक्शा पर भी गिर पड़े। मौसम विभाग ने 13 और 14 मई के लिए राज्य के कई हिस्सों में येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार 18 मई तक राज्य में आंधी, बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं का असर बना रह सकता है। इन जिलों में जारी हुआ येलो अलर्ट मौसम विभाग के मुताबिक 13 और 14 मई को पलामू, गढ़वा, चतरा, लातेहार, लोहरदगा, हजारीबाग और कोडरमा को छोड़कर बाकी अधिकांश जिलों में मौसम खराब रह सकता है। Ranchi सहित कई जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, गरज-चमक के साथ बारिश और वज्रपात की संभावना जताई गई है। इसे देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। 15 मई को ऑरेंज अलर्ट की चेतावनी 15 मई को मौसम और ज्यादा खराब हो सकता है। मौसम विभाग ने Ranchi, Khunti, Ramgarh, Bokaro, Giridih, Dhanbad, Dumka, Jamtara, Deoghar, Godda, Sahibganj और Pakur में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी, बारिश और वज्रपात की संभावना जताई गई है। 18 मई तक जारी रहेगा मौसम का असर मौसम विभाग के अनुसार 17 और 18 मई को भी राज्य के उत्तर-पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में कई जगहों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। लगातार बदलते मौसम के कारण लोगों को सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। पलामू में फिर बढ़ी गर्मी एक तरफ राज्य के कई हिस्सों में बारिश हो रही है, वहीं Medininagar में गर्मी का असर बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को यहां अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटों में तापमान में 2.2 डिग्री की बढ़ोतरी हुई है, जिससे लोगों को तेज धूप और गर्म हवाओं का सामना करना पड़ा। वहीं Bokaro का अधिकतम तापमान 32.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो पिछले 24 घंटों में 2.4 डिग्री कम रहा।
Jharkhand में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। राज्य के कई हिस्सों में 17 मई तक तेज गर्मी के बाद दोपहर और शाम के समय आंधी, वज्रपात और बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने 12 और 13 मई को राजधानी Ranchi समेत कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मध्य प्रदेश और हिमालयी क्षेत्र से पश्चिम बंगाल की ओर बढ़ रहे साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर झारखंड के मौसम पर साफ दिखाई दे रहा है। इसके कारण राज्य में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी गई है। 12 मई को इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग के मुताबिक 12 मई को Ranchi, Khunti, Ramgarh, Hazaribagh, Koderma, Giridih, Dhanbad, Deoghar, Jamtara, Dumka, Godda, Sahibganj और Pakur में 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज आंधी चल सकती है। इसके साथ मेघ गर्जन, वज्रपात और बारिश की भी संभावना है। वहीं Palamu और Garhwa को छोड़कर राज्य के बाकी हिस्सों में 40 किलोमीटर प्रतिघंटा तक की तेज हवाएं चलने और बारिश होने की संभावना जताई गई है। इन क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। 13 मई को भी खराब रहेगा मौसम 13 मई को भी मौसम का असर कम होने वाला नहीं है। मौसम विभाग ने Ranchi, Khunti, West Singhbhum, East Singhbhum, Seraikela, Ramgarh, Bokaro, Dhanbad, Jamtara, Giridih, Deoghar और Dumka में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की तेज हवाओं के साथ आंधी, वज्रपात और भारी बारिश हो सकती है। 14 और 15 मई को कैसा रहेगा मौसम? मौसम विभाग के अनुसार 14 मई को Garhwa, Palamu, Chatra और Latehar को छोड़कर बाकी जिलों में बादल छाए रहने, तेज हवा चलने और बारिश होने की संभावना है। इन इलाकों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं 15 मई को पूरे Jharkhand में आंधी, बारिश और मेघ गर्जन की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने राज्यभर के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। लोगों के लिए मौसम विभाग की सलाह मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील की है। किसानों और आम नागरिकों को बिजली गिरने और तेज हवाओं के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
Jharkhand में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। मौसम विभाग ने 9 मई को राज्य के कई जिलों में तेज आंधी, बारिश, ओलावृष्टि और वज्रपात की संभावना जताई है। राजधानी Ranchi समेत कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार Ranchi, Hazaribagh, Ramgarh, Khunti और Bokaro में तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि हो सकती है। इन इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इसके अलावा कुछ स्थानों पर वज्रपात भी हो सकता है। अन्य जिलों में येलो अलर्ट राज्य के अन्य जिलों में बादल छाए रहने, हल्की बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने का अनुमान है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है। 14 मई तक जारी रह सकता है मौसम का असर मौसम विभाग के मुताबिक 10 से 14 मई तक Jharkhand के अधिकांश जिलों में दोपहर बाद मौसम बदल सकता है। इस दौरान आकाश में बादल छाए रहने, तेज हवा चलने और कुछ जगहों पर हल्की बारिश होने की संभावना बनी रहेगी। कई जिलों में हुई बारिश साइक्लोनिक सर्कुलेशन के असर से शुक्रवार को राज्य के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। Ranchi में करीब 2 मिमी और Jamshedpur में लगभग 5 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। सबसे ज्यादा 25 मिमी बारिश Chaibasa में हुई। इसके अलावा Koderma, Giridih, Deoghar, Jamtara, Godda, Dumka, Pakur और Sahibganj के कई इलाकों में देर रात तेज हवा और बारिश देखने को मिली। रांची के तापमान में गिरावट बारिश और बादलों की वजह से Ranchi के तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार को शहर का अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 19.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं Medininagar राज्य का सबसे गर्म इलाका रहा, जहां अधिकतम तापमान 38.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
झारखंड में मौसम ने करवट ले ली है। हालिया बारिश के बाद जहां लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है, वहीं अब India Meteorological Department (IMD) ने राज्य में 2 से 7 मई तक खराब मौसम का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान कई इलाकों में गरज-चमक, तेज हवाओं और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। किन इलाकों में कैसा रहेगा मौसम? मौसम विभाग के अनुसार, 2 मई को राज्य के अधिकांश हिस्सों में आंशिक बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं। हालांकि पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार जैसे उत्तर-पश्चिमी जिलों में बारिश की संभावना कम है। 3 मई को भी लगभग यही स्थिति बनी रहेगी, जबकि पश्चिमी हिस्सों को छोड़कर अन्य क्षेत्रों में बारिश हो सकती है। 4 से 7 मई के बीच मौसम और सक्रिय रहने की संभावना है। इस दौरान कई जगहों पर तेज हवाओं (40 से 50 किमी/घंटा) के साथ बारिश और वज्रपात की चेतावनी दी गई है। तापमान में मामूली बदलाव राजधानी Ranchi और आसपास के क्षेत्रों में 2 से 5 मई के बीच अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 से 23 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। मौसम में हल्की ठंडक महसूस की जा सकती है। क्या सावधानियां बरतें? मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है: आंधी-तूफान और बिजली गिरने के समय घर के अंदर ही रहें खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें अनावश्यक यात्रा न करें इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अनप्लग कर दें यह मौसम बदलाव जहां गर्मी से राहत लेकर आया है, वहीं सतर्कता बरतना बेहद जरूरी है ताकि किसी भी संभावित खतरे से बचा जा सके।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।