फाइनेंस

FD या SIP, क्या है बेहतर? निवेश से पहले जानिए दोनों के फायदे और नुकसान

anjali kumari जून 27, 2026 0
fixed deposit vs mutual fund SIP
fixed deposit vs mutual fund SIP

मुंबई, एजेंसियां। पैसे बचाने और भविष्य के लिए निवेश करने की बात आती है तो सबसे बड़ा सवाल होता है—Fixed Deposit (FD) करें या Systematic Investment Plan (SIP)? दोनों ही निवेश के लोकप्रिय विकल्प हैं, लेकिन इनका उद्देश्य, जोखिम और रिटर्न अलग-अलग होता है। ऐसे में निवेश करने से पहले दोनों के बीच का अंतर समझना बेहद जरूरी है।

 

FD क्या है?

 

Fixed Deposit (FD) में आप बैंक या वित्तीय संस्थान में एक निश्चित अवधि के लिए तय ब्याज दर पर पैसा जमा करते हैं। मैच्योरिटी पूरी होने पर मूलधन के साथ ब्याज मिलता है।

 

FD के फायदे:

 

निश्चित और गारंटीड रिटर्न
निवेश पर कम जोखिम
वरिष्ठ नागरिकों को अक्सर अधिक ब्याज दर
जरूरत पड़ने पर समय से पहले निकासी की सुविधा (कुछ शर्तों के साथ)

 

FD की कमियां:

 

रिटर्न सीमित होता है।
महंगाई (Inflation) को मात देना हमेशा संभव नहीं होता।
ब्याज पर आयकर नियम लागू हो सकते हैं।

 

SIP क्या है?

 

Systematic Investment Plan (SIP) के जरिए आप हर महीने एक निश्चित राशि म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं। यह निवेश शेयर बाजार से जुड़ा होता है, इसलिए इसमें रिटर्न निश्चित नहीं होता।

 

SIP के फायदे:

 

लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न की संभावना
छोटी राशि (जैसे ₹500) से भी शुरुआत
कंपाउंडिंग का लाभ
नियमित निवेश की आदत विकसित होती है

 

SIP की कमियां:

 

बाजार के उतार-चढ़ाव का असर पड़ता है।
रिटर्न की कोई गारंटी नहीं होती।
कम समय में नुकसान की संभावना रहती है।

 

किसे चुनना चाहिए?


यदि आपका लक्ष्य पूंजी की सुरक्षा है और आप जोखिम नहीं लेना चाहते, तो FD बेहतर विकल्प हो सकती है।
यदि आपका लक्ष्य लंबी अवधि में अधिक संपत्ति बनाना है और आप बाजार के उतार-चढ़ाव को स्वीकार कर सकते हैं, तो SIP पर विचार किया जा सकता है।
कई वित्तीय सलाहकार दोनों का संतुलित उपयोग करने की सलाह देते हैं, ताकि सुरक्षा और वृद्धि—दोनों का लाभ मिल सके।

 

FD और SIP दोनों की अपनी-अपनी खूबियां हैं। सही विकल्प आपकी आय, जोखिम लेने की क्षमता, वित्तीय लक्ष्य और निवेश अवधि पर निर्भर करता है। निवेश करने से पहले अपनी जरूरतों का आकलन करें और आवश्यकता हो तो किसी योग्य वित्तीय सलाहकार से परामर्श लें।

Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Anjali Kumari Anjali123

फाइनेंस

View more
बिटकॉइन की कीमत 65000 डॉलर के करीब पहुंची
बिटकॉइन में फिर तेजी, $65,000 के करीब पहुंची कीमत; निवेशकों की नजर अमेरिकी महंगाई आंकड़ों पर

नई दिल्ली, एजेंसियां। क्रिप्टोकरेंसी बाजार में बिटकॉइन की कीमत में फिर तेजी देखने को मिली है। पिछले कुछ दिनों की कमजोरी के बाद बिटकॉइन ने $65,000 के आसपास वापसी की है। हालांकि, बाजार अभी भी अस्थिर बना हुआ है और तेजी को फिलहाल मजबूत रिकवरी के बजाय राहत वाली तेजी के रूप में देखा जा रहा है।   $64,000 के नीचे जाने के बाद वापसी   11 अगस्त को बिटकॉइन करीब $63,900 तक फिसल गया था। इसके बाद कीमत में सुधार हुआ और यह फिर $65,000 के आसपास पहुंच गया। हालिया कारोबार में बिटकॉइन की चाल काफी उतार-चढ़ाव वाली रही है। फिलहाल बाजार की नजर इस बात पर है कि बिटकॉइन $65,000 के ऊपर टिक पाता है या नहीं। लगातार मजबूती मिलने पर आगे की तेजी के लिए बाजार में भरोसा बढ़ सकता है।   ETF निवेश से भी मिला सहारा   बिटकॉइन की कीमत को संस्थागत निवेश से भी समर्थन मिला है। 7 अगस्त को समाप्त सप्ताह में स्पॉट बिटकॉइन ETF में करीब 85.35 करोड़ डॉलर का शुद्ध निवेश आया था। यह संस्थागत मांग में सुधार का संकेत माना जा रहा है। हालांकि, ETF में पैसा आने के बावजूद बिटकॉइन अभी अपने 2025 के करीब $1.26 लाख के रिकॉर्ड स्तर से काफी नीचे कारोबार कर रहा है।   अमेरिकी महंगाई आंकड़ों पर बाजार की नजर   क्रिप्टो निवेशकों के लिए अमेरिका के जुलाई CPI यानी महंगाई आंकड़े इस सप्ताह महत्वपूर्ण हैं। महंगाई और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर मिलने वाले संकेत बिटकॉइन समेत जोखिम वाली परिसंपत्तियों की दिशा प्रभावित कर सकते हैं। बिटकॉइन बेहद अस्थिर परिसंपत्ति है, इसलिए मौजूदा तेजी को देखते हुए भी निवेशकों को जल्दबाजी में निर्णय लेने के बजाय जोखिम और अपनी निवेश क्षमता का ध्यान रखना चाहिए।

ranjan kumar tiwari अगस्त 12, 2026 0
जुलाई 2026 में इक्विटी म्यूचुअल फंड निवेश प्रवाह में गिरावट

इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश प्रवाह 42% घटा, जुलाई में ₹24,697 करोड़ रहा

90 डॉलर के करीब पहुंचा ब्रेंट क्रूड और भारत की अर्थव्यवस्था पर दबाव

क्रूड ऑयल 90 डॉलर के करीब, भारत की अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार पर बढ़ा दबाव

Tata Sons चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन के पद छोड़ने की अटकलों की खबर

Tata Sons के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन के पद छोड़ने की अटकलें तेज, 18 अगस्त की AGM से पहले बढ़ी हलचल

Fitch Ratings ने भारत की BBB- क्रेडिट रेटिंग बरकरार रखी
भारतीय अर्थव्यवस्था पर Fitch का भरोसा कायम, BBB- रेटिंग बरकरार; GDP ग्रोथ 6.4% रहने का अनुमान

नई दिल्ली, एजेंसियां। वैश्विक रेटिंग एजेंसी Fitch Ratings ने भारत की संप्रभु क्रेडिट रेटिंग को ‘BBB-’ पर बरकरार रखा है और आउटलुक ‘Stable’ रखा है। Fitch ने भारत की मजबूत आर्थिक वृद्धि, बेहतर नीतिगत विश्वसनीयता और मजबूत बाहरी वित्तीय स्थिति को रेटिंग बनाए रखने की प्रमुख वजह बताया है।   FY27 में 6.4% GDP ग्रोथ का अनुमान   Fitch ने वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की वास्तविक GDP वृद्धि 6.4% रहने का अनुमान जताया है। एजेंसी के अनुसार यह वृद्धि समान BBB रेटिंग वाले देशों के औसत से काफी बेहतर है। मजबूत घरेलू अर्थव्यवस्था भारत की क्रेडिट प्रोफाइल की प्रमुख ताकत बनी हुई है।   महंगाई और विदेशी मुद्रा भंडार से मिली मजबूती   Fitch ने भारत की नियंत्रित महंगाई, मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार और व्यापक आर्थिक स्थिरता को सकारात्मक कारक माना है। एजेंसी का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2027 तक भारत का विदेशी मुद्रा भंडार करीब 733 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।   सरकारी कर्ज और बेरोजगारी बनी चुनौती   हालांकि Fitch ने कुछ जोखिमों को लेकर चिंता भी जताई है। एजेंसी के अनुसार भारत का सरकारी कर्ज करीब GDP के 84.4% के बराबर है, जो समान रेटिंग वाले देशों की तुलना में अधिक है। इसके अलावा प्रति व्यक्ति GDP, शासन व्यवस्था और युवाओं के रोजगार से जुड़ी चुनौतियां भी रेटिंग में सुधार की राह में बाधा बनी हुई हैं। ऊर्जा कीमतों को लेकर भी जोखिम बना हुआ है। भारत कच्चे तेल का बड़ा आयातक है, इसलिए मध्य-पूर्व में तनाव और महंगे तेल से महंगाई तथा बाहरी वित्तीय स्थिति पर दबाव बढ़ सकता है। इसके बावजूद Fitch ने Stable Outlook बनाए रखते हुए भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती पर भरोसा जताया है।

ranjan kumar tiwari अगस्त 12, 2026 0
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बैंकिंग में AI के इस्तेमाल पर बताया

RBI गवर्नर ने बताए बैंकिंग में AI के 5 बड़े इस्तेमाल, क्रेडिट और फ्रॉड डिटेक्शन में आएगा बड़ा बदलाव

Shiprocket IPO के ₹92 से ₹97 प्राइस बैंड की जानकारी

Shiprocket IPO आज खुला, ₹92-97 का प्राइस बैंड; 14 अगस्त तक कर सकते हैं आवेदन

Molbio Diagnostics IPO के मजबूत सब्सक्रिप्शन की खबर

Molbio Diagnostics IPO को निवेशकों का मजबूत रिस्पॉन्स, दूसरे दिन 3.11 गुना सब्सक्राइब

Gold Price
Gold Price: सोने-चांदी के दामों में उछाल, सोना ₹1.55 लाख के पार; चांदी में भी तेजी

मुंबई, एजेंसियां। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं की कीमतों में तेजी के बीच भारत में सोने और चांदी के भाव में जोरदार उछाल देखने को मिला है। मंगलवार, 11 अगस्त को MCX पर सोना ₹1.55 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर के ऊपर पहुंच गया था। चांदी में भी मजबूत तेजी दर्ज हुई।   सोने की कीमत में तेजी   MCX पर सोने की कीमत में तेजी के पीछे वैश्विक बाजार में बुलियन की मजबूत मांग और निवेशकों का सुरक्षित निवेश की ओर रुख प्रमुख वजहों में शामिल है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना 4,400 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है।   सोने में तेजी से घरेलू बाजार में ज्वेलरी खरीदने वाले ग्राहकों और निवेशकों की लागत बढ़ गई है। शादी और त्योहारों के सीजन से पहले कीमतों पर बाजार की नजर बनी हुई है।   चांदी में भी जोरदार तेजी   सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी तेजी देखने को मिली। चांदी में औद्योगिक मांग के साथ निवेश मांग भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। हालिया कारोबार में अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी करीब 65 डॉलर प्रति औंस के आसपास रही। भारत में MCX चांदी की कीमत पहले ही ₹2 लाख प्रति किलोग्राम से ऊपर के ऊंचे स्तरों पर कारोबार कर रही है।   क्यों बढ़ रहे हैं सोने-चांदी के भाव?   कीमती धातुओं की कीमतों को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारणों में अमेरिकी ब्याज दरों की उम्मीद, डॉलर की चाल, वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और सुरक्षित निवेश की मांग शामिल हैं। बाजार में अनिश्चितता बढ़ने पर निवेशक अक्सर सोने की ओर रुख करते हैं।   हालांकि, इतनी तेज तेजी के बाद मुनाफावसूली से कीमतों में अचानक गिरावट भी आ सकती है। इसलिए केवल तेजी देखकर निवेश करने के बजाय कीमत और अपने निवेश लक्ष्य को ध्यान में रखना जरूरी है।

anjali kumari अगस्त 12, 2026 0
Stock Market

Stock Market: शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स-निफ्टी पर दबाव; कच्चे तेल की तेजी से बढ़ी चिंता

Share Market

शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 388 अंक टूटा; निफ्टी 24,500 के नीचे बंद

भारत में गोल्ड लोन और NBFC के बढ़ते गोल्ड लोन पोर्टफोलियो

गोल्ड लोन में 69% का उछाल, NBFC का गोल्ड लोन पोर्टफोलियो ₹3.41 लाख करोड़ के पार

0 Comments

Top week

French Rafale multirole fighter jet during flight as France submits a 114-aircraft proposal to strengthen the Indian Air Force.
राष्ट्रीय

भारत की हवाई ताकत को मिलेगा बड़ा बूस्ट? फ्रांस ने 114 राफेल फाइटर जेट का प्रस्ताव सौंपा, 94 विमान भारत में बनाने की योजना

surbhi अगस्त 7, 2026 0

Voting poll

अगर भविष्य में रश्मिका और विजय जीवनसाथी बनते हैं, तो क्या आपको उनकी जोड़ी पसंद होगी?