झारखंड

JPSC-JSSC Row: Jharkhand Govt Offers Talks With Students

JPSC-JSSC आंदोलन: सरकार बोली- बातचीत से निकलेगा हल, छात्रों की चार प्रमुख मांगों पर बनी सहमति का इंतजार

kalpana अगस्त 7, 2026 0
Students protesting against JPSC-JSSC exam irregularities in Jharkhand as government forms a ministerial committee for talks.
JPSC-JSSC Protest: Jharkhand Government Begins Talks With Students Over Exam Demands

झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षा विवाद को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। एक ओर सरकार ने चार मंत्रियों की समिति बनाकर बातचीत के जरिए समाधान निकालने का भरोसा दिया है, वहीं आंदोलनकारी छात्र अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। गुरुवार को कई मंत्रियों ने इस पूरे विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी, जबकि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी आंदोलनरत छात्रों से फोन पर बातचीत कर उनका पक्ष जाना।

'पेपर लीक पूरे देश की चुनौती' : चमरा लिंडा

झारखंड के कल्याण मंत्री चमरा लिंडा ने कहा कि पेपर लीक केवल झारखंड की समस्या नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गंभीर चुनौती बन चुका है। उनके मुताबिक, संगठित परीक्षा माफिया का नेटवर्क प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचा रहा है।

उन्होंने कहा कि केवल सरकार को दोष देने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि पूरे सिस्टम को मजबूत करने की जरूरत है।

सरकार गंभीर, चार मंत्रियों की समिति गठित : इरफान अंसारी

स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि सरकार युवाओं की समस्याओं को लेकर पूरी तरह गंभीर है। छात्रों से बातचीत के लिए चार मंत्रियों की समिति बनाई जा चुकी है, जो प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ता कर समाधान तलाशेगी।

उन्होंने कहा कि सरकार ने मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित चेयरमैन से इस्तीफा लिया और अब तक 12 लोगों को जेल भेजा जा चुका है।

योग्य अभ्यर्थियों के हित सुरक्षित रहेंगे : दीपिका पांडेय सिंह

ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि सरकार दोषियों को किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन अभ्यर्थियों ने पूरी ईमानदारी और योग्यता के आधार पर सफलता हासिल की है, उनके हितों की रक्षा की जाएगी।

उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी की है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

छात्रों की चार प्रमुख मांगें

आंदोलन कर रहे छात्रों ने सरकार के सामने चार प्रमुख मांगें रखी हैं—

  • टीडीपीएल द्वारा आयोजित JPSC की सभी विवादित परीक्षाएं तत्काल रद्द की जाएं, जिनमें 14वीं JPSC, JPSC बैकलॉग-2023 और FRO परीक्षा शामिल हैं।
  • जिन परीक्षाओं में अभय तिवारी की भूमिका या संलिप्तता रही है, उन्हें भी रद्द किया जाए। इनमें JSSC CGL और झारखंड PGT भर्ती-2025 जैसी परीक्षाएं शामिल हैं।
  • पूरे मामले की CBI और ED से जांच कराकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
  • भविष्य में परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए कड़ा कानून बनाया जाए।

वार्ता पर अभी भी संशय

गुरुवार देर शाम रांची सदर एसडीओ कुमार रजत और एडीएम (लॉ एंड ऑर्डर) धनंजय कुमार आंदोलन स्थल पहुंचे और छात्रों से मुलाकात की।

प्रशासन का कहना है कि वार्ता को लेकर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है क्योंकि प्रतिनिधिमंडल की अंतिम सूची नहीं मिली है। वहीं आंदोलनकारी छात्रों का दावा है कि उन्होंने अपनी डेलिगेशन लिस्ट पहले ही प्रशासन को भेज दी है। ऐसे में वार्ता की तारीख को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है।

राहुल गांधी ने छात्रों से की बातचीत

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी आंदोलनरत छात्रों से फोन पर बातचीत की। उन्होंने छात्र पीयूष और रविंद्र से कांग्रेस नेता कुमार राजा के फोन के माध्यम से बात कर उनकी मांगों और आंदोलन की स्थिति की जानकारी ली।

राहुल गांधी ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि चाहे केंद्र सरकार हो, राज्य सरकार हो या कांग्रेस, सभी को युवाओं के भविष्य और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदारी निभानी चाहिए।

कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व ने भी झारखंड में चल रहे छात्र आंदोलन की पूरी जानकारी ली है।

क्या आगे होगा?

अब सबकी नजर सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच होने वाली संभावित वार्ता पर है। यदि बातचीत सफल होती है तो आंदोलन को नया मोड़ मिल सकता है, लेकिन यदि मांगों पर सहमति नहीं बनती है तो छात्रों के आंदोलन के और तेज होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

 

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हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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JSLPS में 1300 नए पदों पर होगी भर्ती, 30 लाख का एक्सीडेंटल कवर और बढ़े भत्ते; हेमंत सरकार का बड़ा फैसला

रांची: झारखंड सरकार ने झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) के कर्मचारियों और नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने JSLPS की नई मानव संसाधन (HR) पॉलिसी को मंजूरी दे दी है। नई नीति के तहत करीब 1300 नए पदों का सृजन किया जाएगा, जिससे राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही मौजूदा कर्मचारियों को वेतन-भत्तों, बीमा और अन्य सुविधाओं में भी बड़ा लाभ मिलेगा। ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की पहल पर तैयार की गई इस नई नीति का उद्देश्य JSLPS को अधिक मजबूत बनाना, कार्यक्षमता बढ़ाना और ग्रामीण विकास योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना है। सरकार का मानना है कि अतिरिक्त मानव संसाधन मिलने से स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े कार्यक्रमों को और गति मिलेगी। 1300 नए पदों से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर नई HR पॉलिसी के तहत JSLPS में लगभग 1300 अतिरिक्त पदों का सृजन किया जाएगा। इन पदों पर भर्ती होने से बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार का अवसर मिलेगा। साथ ही विभिन्न प्रखंडों और जिलों में चल रहे आजीविका कार्यक्रमों के संचालन के लिए पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध हो सकेगा। कर्मचारियों को मिलेंगे कई नए लाभ नई व्यवस्था लागू होने के बाद JSLPS के कर्मचारियों को कई नई सुविधाएं मिलेंगी। सरकार ने लैपटॉप भत्ता और संचार भत्ता बढ़ाने का फैसला किया है, ताकि फील्ड में काम करने वाले कर्मचारियों को तकनीकी और संचार संबंधी दिक्कतों का सामना न करना पड़े। इसके अलावा पहली बार कर्मचारियों को शिक्षा भत्ता और व्यावसायिक विकास भत्ता भी दिया जाएगा। सरकार का कहना है कि इससे कर्मचारियों और उनके परिवार के शैक्षणिक एवं पेशेवर विकास को बढ़ावा मिलेगा। स्वास्थ्य और बीमा सुविधाओं में बड़ा इजाफा नई HR पॉलिसी में कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। स्वास्थ्य संबंधी खर्चों के लिए कर्मचारी अब हर महीने 1000 रुपये तक का हेल्थ क्लेम कर सकेंगे। पात्र कर्मचारियों को ग्रेच्युटी का लाभ भी मिलेगा। प्रखंड स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों के फील्ड विजिट (क्षेत्र भ्रमण) भत्ते में बढ़ोतरी की गई है। पहली बार जिला स्तर के कर्मचारियों को भी क्षेत्र भ्रमण भत्ते का लाभ मिलेगा। 30 लाख का दुर्घटना बीमा, 20 लाख का मेडिक्लेम नई नीति के तहत कर्मचारियों के बीमा कवर में भी बड़ा इजाफा किया गया है। समूह व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा की राशि 20 लाख रुपये से बढ़ाकर 30 लाख रुपये कर दी गई है। समूह मेडिक्लेम बीमा को 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दिया गया है। सरकार का कहना है कि इससे कर्मचारियों और उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी और आपात परिस्थितियों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। क्या बोलीं ग्रामीण विकास मंत्री? ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि यह JSLPS कर्मचारियों के सुरक्षित, समृद्ध और बेहतर भविष्य की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि लंबे समय से नई HR पॉलिसी लागू करने की मांग की जा रही थी, जिसे अब सरकार ने मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था से न केवल कर्मचारियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि 1300 नए पदों के सृजन से युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और JSLPS की कार्यक्षमता में उल्लेखनीय सुधार होगा। ग्रामीण विकास योजनाओं को मिलेगी नई रफ्तार सरकार का मानना है कि नई HR पॉलिसी लागू होने के बाद JSLPS की प्रशासनिक क्षमता मजबूत होगी। इससे स्वयं सहायता समूहों, महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण आजीविका और रोजगार से जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में तेजी आएगी। साथ ही नई भर्तियों और बेहतर कर्मचारी सुविधाओं से संस्था की कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी और परिणामोन्मुख बनने की उम्मीद है।  

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Dark monsoon clouds and heavy rainfall in Jharkhand as IMD issues alerts for heavy rain, thunderstorms and lightning.
झारखंड में मॉनसून एक्टिव, कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट; वज्रपात का भी खतरा

झारखंड में मॉनसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार 10 अगस्त तक राज्य के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। दक्षिणी और मध्य झारखंड के कई जिलों के लिए भारी बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर नहीं जाने की सलाह दी है। वज्रपात से दंपती की मौत गुरुवार को हुई बारिश के दौरान हजारीबाग जिले के कटकमसांडी प्रखंड के कंचनपुर गांव में वज्रपात की चपेट में आने से खेत में काम कर रहे बासुदेव महतो (51) और उनकी पत्नी दुलिया देवी (48) की मौत हो गई। यह घटना एक बार फिर मॉनसून के दौरान वज्रपात के बढ़ते खतरे को दर्शाती है। वहीं, राजधानी रांची में करीब 7 मिमी बारिश दर्ज की गई। शहर का अधिकतम तापमान 29.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। आज इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी मौसम विभाग ने 7 अगस्त के लिए राज्य के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें— गुमला खूंटी सिमडेगा पश्चिमी सिंहभूम पूर्वी सिंहभूम सरायकेला-खरसावां शामिल हैं। इन जिलों में तेज बारिश के साथ वज्रपात और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। वहीं रांची सहित अन्य जिलों में दिनभर बादल छाए रहने और कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। 8 अगस्त को भी जारी रहेगा बारिश का दौर मौसम विभाग के अनुसार 8 अगस्त को भी दक्षिणी झारखंड के साथ गुमला और खूंटी जिलों में भारी बारिश हो सकती है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और मेघगर्जन की संभावना बनी रहेगी। 8 से 10 अगस्त तक कैसा रहेगा मौसम? मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार— 8 अगस्त: राज्य के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और मेघगर्जन। 9 अगस्त: कुछ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक। 10 अगस्त: कई इलाकों में फिर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना। इन तीनों दिनों के दौरान राज्य के विभिन्न हिस्सों में गर्जन, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। लोगों के लिए मौसम विभाग की सलाह मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान पेड़ों के नीचे या खुले मैदान में शरण न लें। खेतों में काम कर रहे किसान और खुले क्षेत्रों में मौजूद लोग वज्रपात की चेतावनी मिलने पर तुरंत सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। साथ ही स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ओर से जारी अलर्ट का पालन करने की सलाह दी गई है।  

kalpana अगस्त 7, 2026 0
Students protesting against JPSC-JSSC exam irregularities in Jharkhand as government forms a ministerial committee for talks.

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रांची समेत झारखंड में भारी बारिश की संभावना

विधानसभा मार्च पर बारिश का साया, रांची समेत कई जिलों में आज भारी बारिश के आसार

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राहुल गांधी ने रांची में आंदोलनरत छात्रों से की फोन पर बात, मांगों का किया समर्थन

रांची। झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच के बैनर तले चल रहे आंदोलन के 13वें दिन कांग्रेस सांसद एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आंदोलनकारी छात्रों के प्रतिनिधियों से फोन पर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए शिक्षा व्यवस्था और भर्ती प्रक्रिया में व्यापक सुधार की आवश्यकता बताई तथा कांग्रेस की ओर से उनके साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया।   छात्रों ने राहुल गांधी के सामने रखीं अपनी मांगें     फोन पर हुई बातचीत में आंदोलनकारी प्रतिनिधियों ने अपनी प्रमुख मांगों और चिंताओं से राहुल गांधी को अवगत कराया। छात्रों ने कहा कि कांग्रेस झारखंड सरकार का हिस्सा है, इसलिए उनसे अधिक उम्मीदें हैं। प्रतिनिधियों ने यह भी सवाल उठाया कि यदि सरकार उनकी मांगों को स्वीकार नहीं करती है तो क्या कांग्रेस सरकार से अपना समर्थन वापस लेने पर विचार करेगी।     राहुल गांधी बोले- संवाद के जरिए निकलेगा समाधान     छात्रों के सवालों के जवाब में राहुल गांधी ने कहा कि फिलहाल बातचीत का रास्ता खुला हुआ है और वह भी अपने स्तर पर संवाद की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि आंदोलनकारियों की मांगों को लिखित रूप में पार्टी के प्रतिनिधियों के माध्यम से लिया जाएगा और उन्हें उचित स्तर पर रखा जाएगा। उन्होंने दोहराया कि कांग्रेस विद्यार्थियों के हित में शिक्षा और भर्ती व्यवस्था में सुधार की पक्षधर है।     कांग्रेस ने छात्रों को दिया पूरा समर्थन     झारखंड कांग्रेस महानगर अध्यक्ष कुमार राजा ने कहा कि राहुल गांधी ने आंदोलनकारी छात्रों को भरोसा दिलाया है कि पूरी कांग्रेस पार्टी उनकी जायज मांगों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए पार्टी हरसंभव प्रयास करेगी और सरकार के समक्ष उनकी मांगों को मजबूती से उठाया जाएगा।     सरकार से वार्ता का इंतजार, 10 अगस्त को विधानसभा घेराव की चेतावनी     बातचीत के बाद जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच के प्रतिनिधि रविंद्र पासवान और पीयूष कुमार सिंह ने कहा कि सरकार को वार्ता के लिए डेलीगेट्स की सूची पहले ही सौंप दी गई है, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा, लेकिन यदि जल्द वार्ता शुरू नहीं हुई तो 10 अगस्त को प्रस्तावित विधानसभा घेराव कार्यक्रम तय समय पर आयोजित किया जाएगा।     देर रात तक नहीं मिला सरकार की ओर से कोई जवाब     आंदोलनकारी छात्रों ने बताया कि एसडीओ के माध्यम से प्रशासन को प्रतिनिधिमंडल की सूची सौंप दी गई है और अब सरकार की ओर से वार्ता की तिथि और समय तय किया जाना बाकी है। हालांकि देर रात तक सरकार की ओर से किसी भी प्रकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया या वार्ता का निमंत्रण नहीं मिला। इसके बावजूद बड़ी संख्या में अभ्यर्थी धरना स्थल पर डटे रहे और आंदोलन जारी रखने का संकल्प दोहराया।  

ranjan kumar tiwari अगस्त 7, 2026 0
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kalpana अगस्त 1, 2026 0

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