बीजिंग, एजेंसियां। Xiaomi के सब-ब्रांड Redmi का नया फ्लैगशिप स्मार्टफोन Redmi K100 Pro Max आज यानी 11 अगस्त 2026 को चीन में लॉन्च होने जा रहा है। लॉन्च से पहले कंपनी ने फोन के डिजाइन और कई प्रमुख फीचर्स की जानकारी साझा कर दी है। फोन में बड़ा हाई-रिफ्रेश-रेट OLED डिस्प्ले, 200MP कैमरा और बड़ी बैटरी जैसे फीचर्स मिलने वाले हैं। 185Hz OLED डिस्प्ले से लैस होगा फोन Redmi K100 Pro Max में 6.9 इंच का OLED डिस्प्ले मिलने की जानकारी सामने आई है। डिस्प्ले का रिफ्रेश रेट 185Hz बताया गया है, जिससे गेमिंग और स्क्रॉलिंग के दौरान काफी स्मूद अनुभव मिलने की उम्मीद है। फोन को प्रीमियम डिजाइन और अलग-अलग कलर ऑप्शन के साथ पेश किया जा रहा है। 200MP कैमरा और दमदार प्रोसेसर फोटोग्राफी के लिए स्मार्टफोन में 200MP का मुख्य कैमरा दिया जाएगा। इसके साथ 5x पेरिस्कोप टेलीफोटो कैमरा मिलने की जानकारी भी सामने आई है। परफॉर्मेंस के लिए फोन में Qualcomm का Snapdragon 8 Elite Gen 5 प्रोसेसर दिया जाएगा। 9,070mAh की बड़ी बैटरी Redmi K100 Pro Max की सबसे बड़ी खासियतों में इसकी बैटरी भी शामिल है। रिपोर्टों के अनुसार फोन में 9,070mAh की बैटरी मिलेगी। इसके साथ 100W वायर्ड और 50W वायरलेस चार्जिंग का सपोर्ट दिया जाएगा। इतनी बड़ी बैटरी फ्लैगशिप फोन में लंबे बैकअप की उम्मीद बढ़ाती है। आज चीन में लॉन्च, भारत की तारीख का इंतजार Redmi K100 Pro Max का आधिकारिक लॉन्च 11 अगस्त को चीन में होगा। फिलहाल भारत में इसकी लॉन्चिंग को लेकर कंपनी की ओर से कोई आधिकारिक तारीख सामने नहीं आई है। इसलिए भारतीय ग्राहकों को अभी इस फोन के भारत आने का इंतजार करना होगा। लॉन्च इवेंट के बाद फोन की कीमत, रैम-स्टोरेज वेरिएंट और बिक्री की तारीख से जुड़ी पूरी जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। Amazon Great Freedom Sale 2026 में स्मार्टफोन खरीदने वालों के लिए कई आकर्षक ऑफर मिल रहे हैं। सेल में Samsung, OnePlus और Xiaomi समेत कई प्रमुख ब्रांड के स्मार्टफोन्स पर 40% तक की छूट के साथ बैंक ऑफर और नो-कॉस्ट EMI का विकल्प भी दिया जा रहा है। Samsung के फोन पर भी मिल रहे ऑफर Samsung के कई लोकप्रिय स्मार्टफोन इस सेल में डिस्काउंट के साथ उपलब्ध हैं। प्रीमियम मॉडल से लेकर मिड-रेंज डिवाइस तक पर कीमत में कटौती और अतिरिक्त बैंक लाभ मिल रहे हैं। OnePlus के स्मार्टफोन पर छूट OnePlus के फ्लैगशिप और Nord सीरीज के फोन भी सेल में ऑफर के साथ मिल रहे हैं। कुछ मॉडलों पर बैंक डिस्काउंट और EMI विकल्पों के जरिए प्रभावी कीमत और कम हो सकती है। Xiaomi और Redmi फोन भी ऑफर में Xiaomi और Redmi के स्मार्टफोन भी Amazon की सेल में शामिल हैं। अलग-अलग मॉडल और स्टोरेज वेरिएंट पर मिलने वाली वास्तविक कीमत ऑफर, बैंक कार्ड और उपलब्ध स्टॉक के अनुसार बदल सकती है। खरीदने से पहले इन बातों का रखें ध्यान सेल में दिखाई जा रही “बड़ी छूट” और अंतिम भुगतान कीमत अलग हो सकती है। बैंक डिस्काउंट, एक्सचेंज बोनस और अन्य ऑफर की पात्रता अलग-अलग होती है। इसलिए ऑर्डर करने से पहले उत्पाद पेज पर अंतिम कीमत और ऑफर की शर्तें जरूर जांचें।
नई दिल्ली, एजेंसियां। Xiaomi ने भारत में अपनी लोकप्रिय Note सीरीज का नया स्मार्टफोन Redmi Note 17 5G लॉन्च कर दिया है। कंपनी ने इसे 6 अगस्त 2026 को भारतीय बाजार में पेश किया। फोन की सबसे बड़ी खासियत इसकी 8,000mAh सिलिकॉन-कार्बन बैटरी है, जिसे कंपनी ने Redmi फोन में अब तक की सबसे बड़ी बैटरी बताया है। स्मार्टफोन में 120Hz AMOLED डिस्प्ले, Snapdragon 4 Gen 4 चिपसेट और 50MP मुख्य कैमरा दिया गया है। 8,000mAh बैटरी बनी सबसे बड़ी खासियत Redmi Note 17 5G को खास तौर पर लंबी बैटरी लाइफ को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें 8,000mAh सिलिकॉन-कार्बन बैटरी दी गई है और कंपनी का दावा है कि सामान्य इस्तेमाल में फोन तीन दिन तक चल सकता है। इसमें 45W फास्ट चार्जिंग का सपोर्ट भी मिलता है। बड़ी बैटरी के बावजूद फोन का डिजाइन अपेक्षाकृत पतला रखा गया है। डिवाइस में मेटल फिनिश फ्रेम और मजबूत ग्लास प्रोटेक्शन दिया गया है। 120Hz AMOLED स्क्रीन और Snapdragon 4 Gen 4 प्रोसेसर फोन में 6.9 इंच का AMOLED डिस्प्ले दिया गया है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट सपोर्ट करता है। बड़ी स्क्रीन का फायदा खासकर वीडियो देखने, गेमिंग और सोशल मीडिया इस्तेमाल करने वालों को मिल सकता है। परफॉर्मेंस के लिए इसमें Qualcomm Snapdragon 4 Gen 4 चिपसेट दिया गया है। फोन Android 16 आधारित HyperOS 3 पर चलता है। Xiaomi ने इसके लिए चार Android OS अपडेट देने की बात कही है। 50MP कैमरा, लेकिन कुछ फीचर्स में समझौता फोटोग्राफी के लिए Redmi Note 17 5G में 50MP का मुख्य रियर कैमरा दिया गया है। हालांकि, इसकी कैमरा व्यवस्था को लेकर कुछ समझौते भी देखने को मिलते हैं। रिपोर्टों के अनुसार इसमें अल्ट्रा-वाइड कैमरा नहीं है और 4K वीडियो रिकॉर्डिंग का सपोर्ट भी नहीं मिलता। इसका मतलब है कि फोन का मुख्य फोकस कैमरा क्षमताओं की बजाय बैटरी, बड़ी स्क्रीन और रोजमर्रा के इस्तेमाल पर रखा गया है। कीमत और बिक्री भारत में फोन की कीमत को लेकर लॉन्च रिपोर्टों में अलग-अलग शुरुआती आंकड़े सामने आए हैं। Hindustan Times के अनुसार 8GB RAM + 128GB स्टोरेज मॉडल की कीमत ₹28,999 और 8GB + 256GB मॉडल की कीमत ₹31,999 है। बैंक ऑफर के तहत चुनिंदा कार्ड से भुगतान पर ₹3,000 तक की तत्काल छूट भी बताई गई है। फोन की बिक्री 12 अगस्त 2026 से Amazon और Xiaomi की ऑनलाइन स्टोर के माध्यम से शुरू होगी।
Redmi Note 17 5G की भारत में लॉन्चिंग 6 अगस्त को, 8,000mAh बैटरी ने बढ़ाई उत्सुकता नई दिल्ली, एजेंसियां। Xiaomi के सब-ब्रांड Redmi का नया स्मार्टफोन Redmi Note 17 5G भारत में 6 अगस्त 2026 को लॉन्च होने जा रहा है। कंपनी ने फोन को टीज करते हुए इसकी सबसे बड़ी खासियत 8,000mAh की बैटरी को प्रमुखता से सामने रखा है। बड़ी बैटरी के कारण फोन की लंबी बैटरी लाइफ को लेकर यूजर्स की उत्सुकता बढ़ गई है। 8,000mAh बैटरी बनेगी सबसे बड़ा आकर्षण Redmi Note 17 5G को कंपनी ने ‘mAhster Edition’ के तौर पर प्रमोट किया है। इसका सबसे बड़ा आकर्षण 8,000mAh बैटरी है, जो मौजूदा स्मार्टफोन बाजार में काफी बड़ी क्षमता मानी जाती है। इससे लंबे समय तक वीडियो देखने, गेमिंग, सोशल मीडिया और सामान्य उपयोग में फोन चलाने की उम्मीद है। 6 अगस्त को भारत में होगा लॉन्च Redmi India ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट में 6 अगस्त 2026 की लॉन्च तारीख की पुष्टि की है। फोन की बिक्री Xiaomi के ऑनलाइन स्टोर, Amazon और ऑफलाइन चैनलों के माध्यम से होने की जानकारी सामने आई है। स्पेसिफिकेशन को लेकर क्या सामने आया? लॉन्च से पहले सामने आई जानकारी के मुताबिक Redmi Note 17 5G में 7 इंच का OLED/AMOLED डिस्प्ले, Snapdragon 4 Gen 4 चिपसेट और 50MP मुख्य कैमरा मिल सकता है। हालांकि इन सभी स्पेसिफिकेशन की पूरी पुष्टि लॉन्च इवेंट में ही होगी। फोन की भारतीय कीमत अभी आधिकारिक रूप से सामने नहीं आई है। इसलिए कीमत से जुड़ी लीक या अनुमान को फिलहाल अंतिम कीमत नहीं माना जाना चाहिए।
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय स्मार्टफोन कंपनी Lava ने बजट सेगमेंट में अपना नया 5G स्मार्टफोन Lava Virat V1 5G लॉन्च कर दिया है। कंपनी ने इस फोन को खासतौर पर ऐसे ग्राहकों को ध्यान में रखकर पेश किया है, जो कम कीमत में बड़ी बैटरी, 5G कनेक्टिविटी और साफ-सुथरा Android अनुभव चाहते हैं। फोन की शुरुआती कीमत करीब ₹12,999 रखी गई है। 6000mAh बैटरी और 120Hz डिस्प्ले बनी खासियत Lava Virat V1 5G में 6000mAh की बड़ी बैटरी दी गई है, जो लंबे समय तक इस्तेमाल का दावा करती है। फोन में 6.75 इंच का HD+ LCD डिस्प्ले मिलता है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट सपोर्ट करता है। कंपनी ने इसे युवाओं और ज्यादा समय तक फोन इस्तेमाल करने वाले यूजर्स को ध्यान में रखकर डिजाइन किया है। Unisoc T8200 प्रोसेसर और Android 16 का सपोर्ट परफॉर्मेंस के लिए Lava Virat V1 5G में Unisoc T8200 चिपसेट दिया गया है। फोन में 4GB RAM और 64GB स्टोरेज का विकल्प मिलता है, जिसे मेमोरी कार्ड के जरिए बढ़ाया जा सकता है। यह स्मार्टफोन Android 16 ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ आता है। 13MP कैमरा और IP64 रेटिंग फोटोग्राफी के लिए फोन में 13MP का रियर कैमरा और सेल्फी के लिए 5MP फ्रंट कैमरा दिया गया है। इसके अलावा डिवाइस को धूल और पानी से बचाव के लिए IP64 रेटिंग भी मिली है। कंपनी ने इसमें क्लीन सॉफ्टवेयर अनुभव और बेहतर उपयोग के लिए कई सुविधाएं शामिल की हैं। बजट 5G बाजार में बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा Lava Virat V1 5G की बिक्री भारत में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए शुरू की गई है। बड़ी बैटरी, 5G सपोर्ट और किफायती कीमत के कारण यह फोन Redmi, Realme और अन्य बजट स्मार्टफोन कंपनियों को टक्कर देने की कोशिश करेगा।
Redmi ने K100 सीरीज को किया टीज, Snapdragon फ्लैगशिप चिप और हाई-एंड फीचर्स मिलने की उम्मीद नई दिल्ली, एजेंसियां। स्मार्टफोन निर्माता कंपनी Redmi ने अपनी अगली फ्लैगशिप स्मार्टफोन सीरीज Redmi K100 का पहला टीजर जारी कर दिया है। कंपनी ने अभी डिवाइस का पूरा नाम और स्पेसिफिकेशन आधिकारिक तौर पर जारी नहीं किए हैं, लेकिन टीजर से संकेत मिल रहे हैं कि Redmi K100 Pro को हाई-परफॉर्मेंस फ्लैगशिप फोन के रूप में पेश किया जाएगा। 'Demon King' टैगलाइन के साथ टीजर जारी Redmi ने अपने आगामी फ्लैगशिप प्रोडक्ट को "Demon King arrives" टैगलाइन के साथ टीज किया है। कंपनी इसे ChinaJoy 2026 में Qualcomm Snapdragon के बूथ पर पेश करने की तैयारी में है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, Redmi K100 सीरीज की पहली झलक इसी इवेंट में दिखाई जा सकती है। Snapdragon 8 Elite Gen 5 चिप मिलने की उम्मीद लीक्स के अनुसार, Redmi K100 Pro में Qualcomm Snapdragon 8 Elite Gen 5 प्रोसेसर दिया जा सकता है। यह फोन गेमिंग और हाई-परफॉर्मेंस यूजर्स को ध्यान में रखकर डिजाइन किया जा सकता है। हालांकि, कंपनी ने अभी प्रोसेसर की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। 200MP कैमरा और बड़ी बैटरी की चर्चा रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि Redmi K100 Pro में 200 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा, हाई रिफ्रेश रेट OLED डिस्प्ले और बड़ी क्षमता वाली बैटरी मिल सकती है। कुछ लीक्स में 8,000mAh से ज्यादा बैटरी और 100W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट का भी दावा किया गया है। गेमिंग और प्रीमियम स्मार्टफोन बाजार पर नजर Redmi K सीरीज को कंपनी लंबे समय से "फ्लैगशिप किलर" कैटेगरी में पेश करती रही है। नए K100 Pro के जरिए कंपनी प्रीमियम स्मार्टफोन बाजार में Samsung और अन्य फ्लैगशिप डिवाइसों को चुनौती देने की कोशिश कर सकती है।
नई दिल्ली: ज्यादातर स्मार्टफोन यूजर्स वॉल्यूम बटन का इस्तेमाल केवल आवाज कम या ज्यादा करने के लिए करते हैं। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि एंड्रॉयड स्मार्टफोन के ये छोटे-से बटन कई ऐसे काम भी कर सकते हैं, जो रोजमर्रा के इस्तेमाल को पहले से कहीं ज्यादा आसान और तेज बना देते हैं। फोटो क्लिक करने से लेकर कैमरा जूम कंट्रोल करने, कॉल को साइलेंट करने, अलार्म स्नूज करने और फोन को फोर्स रीस्टार्ट करने तक, वॉल्यूम बटन कई ऐसे उपयोगी फीचर्स देते हैं जिनका फायदा अधिकांश यूजर्स नहीं उठा पाते। हालांकि इनमें से कुछ फीचर फोन के ब्रांड और एंड्रॉयड वर्जन के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं। 1. फोटो और वीडियो आसानी से करें शूट कैमरा ऐप खुला होने पर वॉल्यूम बटन शटर बटन की तरह काम करता है। इससे फोटो क्लिक करना आसान हो जाता है, खासकर सेल्फी लेते समय। कई स्मार्टफोन्स, जैसे Samsung Galaxy, में वॉल्यूम बटन से वीडियो रिकॉर्डिंग भी शुरू की जा सकती है। 2. कैमरा जूम करें कंट्रोल Google Pixel, Samsung Galaxy और कुछ अन्य एंड्रॉयड स्मार्टफोन्स में वॉल्यूम बटन से कैमरा जूम इन और जूम आउट किया जा सकता है। वहीं Open Camera जैसे थर्ड-पार्टी ऐप्स के जरिए ऑटोफोकस और एक्सपोज़र भी कंट्रोल किए जा सकते हैं। 3. लॉक स्क्रीन से तुरंत कैमरा खोलें कुछ एंड्रॉयड स्मार्टफोन्स में डबल प्रेस वॉल्यूम बटन फीचर मिलता है। इसे ऑन करने के बाद लॉक स्क्रीन से ही कैमरा तुरंत खोला जा सकता है। Redmi जैसे कई ब्रांड यह सुविधा उपलब्ध कराते हैं। 4. इनकमिंग कॉल को तुरंत साइलेंट करें अगर किसी मीटिंग या जरूरी काम के दौरान फोन बजने लगे तो कॉल रिजेक्ट किए बिना सिर्फ वॉल्यूम बटन दबाकर उसकी रिंगटोन को साइलेंट किया जा सकता है। 5. अलार्म को स्नूज करें सुबह अलार्म बजने पर स्क्रीन देखने की जरूरत नहीं पड़ती। अधिकांश एंड्रॉयड फोनों में वॉल्यूम बटन दबाते ही अलार्म स्नूज हो जाता है। 6. पसंदीदा ऐप तुरंत खोलें Accessibility Shortcut की मदद से दोनों वॉल्यूम बटन एक साथ दबाकर अपनी पसंदीदा ऐप, जैसे WhatsApp, UPI ऐप या अन्य जरूरी एप्लिकेशन तुरंत खोली जा सकती है। 7. एक्सेसिबिलिटी फीचर्स तुरंत ऑन करें वॉल्यूम बटन होल्ड करके TalkBack, Magnification और अन्य एक्सेसिबिलिटी फीचर्स बिना सेटिंग्स में जाए सक्रिय किए जा सकते हैं। यह फीचर विशेष रूप से जरूरतमंद यूजर्स के लिए काफी उपयोगी है। 8. फोन हैंग हो जाए तो करें फोर्स रीस्टार्ट यदि फोन पूरी तरह फ्रीज हो जाए, तो कई एंड्रॉयड डिवाइसों में पावर बटन और वॉल्यूम डाउन बटन को लगभग 7 सेकंड तक एक साथ दबाकर फोन को फोर्स रीस्टार्ट किया जा सकता है। 9. Button Mapper ऐप से बटन को बनाएं स्मार्ट अगर आपके फोन में ये सभी फीचर्स मौजूद नहीं हैं, तो Button Mapper जैसे ऐप की मदद से वॉल्यूम बटन को अपनी जरूरत के अनुसार कस्टमाइज किया जा सकता है। इससे स्क्रीनशॉट लेना, टॉर्च ऑन करना, कैमरा खोलना या दूसरी ऐप लॉन्च करना जैसे कई काम एक बटन से किए जा सकते हैं। 10. जेब से फोन निकाले बिना बदलें गाने कुछ एंड्रॉयड स्मार्टफोन्स में वॉल्यूम बटन की मदद से म्यूजिक ट्रैक बदले जा सकते हैं। जिन फोनों में यह सुविधा नहीं है, वहां Skip Track जैसे फीचर्स या ऐप्स के जरिए वॉल्यूम बटन को म्यूजिक कंट्रोल के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। ध्यान रखें इनमें से सभी फीचर्स हर एंड्रॉयड स्मार्टफोन में उपलब्ध हों, यह जरूरी नहीं है। कई सुविधाएं फोन के ब्रांड, मॉडल, एंड्रॉयड वर्जन और सॉफ्टवेयर इंटरफेस पर निर्भर करती हैं। इसलिए अपने फोन की सेटिंग्स में जाकर उपलब्ध विकल्पों को जरूर जांचें।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।