मुंबई, एजेंसियां। बॉलीवुड सितारों की लोकप्रियता का इस्तेमाल बड़े ब्रांड अपने विज्ञापनों के लिए करते हैं। पान मसाला और सरोगेट एडवरटाइजिंग को लेकर भी कई बड़े फिल्मी सितारे विवादों में रह चुके हैं। हाल ही में शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) की ओर से पान मसाला विज्ञापन को लेकर कारण बताओ नोटिस दिए जाने की खबर सामने आई है। इसके बाद एक बार फिर पान मसाला विज्ञापनों में नजर आए बॉलीवुड सितारों की चर्चा शुरू हो गई है। शाहरुख, अजय और टाइगर को नोटिस रिपोर्ट के अनुसार, शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ जिस विज्ञापन में नजर आए हैं, उसे सरोगेट एडवरटाइजिंग से जोड़कर देखा जा रहा है। नियामक का कहना है कि विज्ञापन में इस्तेमाल किया गया 'इलायची' नाम एक पान मसाला ब्रांड से जुड़ा है। तीनों कलाकारों को अपना पक्ष रखने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। उन्हें विज्ञापन के प्रचार से जुड़े कदमों और सोशल मीडिया पर इसकी मौजूदगी को लेकर भी जवाब देना है। शाहरुख-अजय-टाइगर की फीस कितनी? मीडिया रिपोर्ट्स में किए गए दावों के मुताबिक, शाहरुख खान एक विज्ञापन के लिए करीब 4 से 10 करोड़ रुपये तक फीस लेते हैं। वहीं, अजय देवगन की फीस 4 से 5 करोड़ रुपये और टाइगर श्रॉफ की फीस 3 से 4 करोड़ रुपये के बीच बताई जाती है। हालांकि, इन फीस के आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित कलाकारों या ब्रांड की ओर से सार्वजनिक रूप से नहीं की गई है। अमिताभ बच्चन भी रह चुके हैं विवाद में पान मसाला विज्ञापन को लेकर अमिताभ बच्चन का नाम भी काफी चर्चा में रहा है। उन्होंने सिल्वर-कोटेड इलायची वाले एक कैंपेन में काम किया था। विज्ञापन को लेकर विरोध के बाद अमिताभ बच्चन ने अक्टूबर 2021 में कंपनी के साथ अपना अनुबंध समाप्त कर दिया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने इस एंडोर्समेंट से मिली पूरी फीस वापस कर दी थी। अभिनेता ने यह भी कहा था कि उन्हें जानकारी नहीं थी कि विज्ञापन को सरोगेट एडवरटाइजिंग के तौर पर देखा जा सकता है। रणवीर सिंह भी कर चुके हैं विज्ञापन रणवीर सिंह भी उसी पान मसाला कैंपेन का हिस्सा रहे थे, जिसमें अमिताभ बच्चन नजर आए थे। विज्ञापन टेलीविजन के साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी प्रसारित हुआ था। मीडिया रिपोर्ट्स में रणवीर सिंह की एंडोर्समेंट फीस 3.5 से 7 करोड़ रुपये सालाना तक होने का अनुमान लगाया गया है। हालांकि, यह भी आधिकारिक रूप से पुष्टि किया गया आंकड़ा नहीं है। ऋतिक रोशन का नाम भी शामिल फिटनेस और हेल्थ-कॉन्शियस इमेज के लिए पहचाने जाने वाले ऋतिक रोशन भी एक पान मसाला ब्रांड के विज्ञापन में नजर आ चुके हैं। उनके विज्ञापन को लेकर प्रशंसकों के बीच भी चर्चा हुई थी। हालांकि, उन्होंने इस विज्ञापन से जुड़ी कोई सार्वजनिक सफाई या इससे पीछे हटने की घोषणा नहीं की थी। ऋतिक रोशन ने इस कैंपेन के लिए कितनी फीस ली थी, इसकी आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं है। सलमान खान भी रह चुके हैं विवाद में सलमान खान का नाम भी पान मसाला से जुड़े विज्ञापन विवाद में सामने आ चुका है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राजस्थान में उनके खिलाफ एक शिकायत भी दर्ज हुई थी। मामले में विज्ञापन में किए गए दावों को लेकर आपत्ति जताई गई थी। सलमान खान की पान मसाला एंडोर्समेंट फीस का भी कोई आधिकारिक आंकड़ा सार्वजनिक नहीं है। मीडिया में अलग-अलग दावे जरूर सामने आते रहे हैं, लेकिन इनकी पुष्टि आधिकारिक दस्तावेजों से नहीं हुई है। सेलेब एंडोर्समेंट पर फिर उठे सवाल शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को नोटिस की खबर के बाद पान मसाला और सरोगेट एडवरटाइजिंग को लेकर बहस फिर तेज हो गई है। खासकर ऐसे उत्पादों के प्रचार में बड़े सितारों की भूमिका और उनकी जिम्मेदारी को लेकर सवाल उठते रहे हैं। वहीं, सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट की फीस के आंकड़े भी अक्सर मीडिया रिपोर्ट्स और उद्योग के अनुमानों पर आधारित होते हैं, इसलिए इन्हें आधिकारिक आंकड़ा नहीं माना जाना चाहिए।
रांची। ऑनलाइन स्कैम और फ्रॉड मैसेज से यूजर्स को बचाने के लिए WhatsApp ने नया Scam Alert फीचर पेश किया है। Meta ने 12 अगस्त 2026 से इसका सीमित बीटा रोलआउट शुरू किया है। फिलहाल यह फीचर चुनिंदा यूजर्स के लिए उपलब्ध है और इसे यूजर अपनी इच्छा के मुताबिक ऑन या ऑफ कर सकता है। कैसे काम करेगा WhatsApp का Scam Alert फीचर? Scam Alert को ऑन करने पर यूजर के फोन में एक ऑन-डिवाइस मशीन लर्निंग मॉडल डाउनलोड होता है। यह मॉडल डिवाइस पर ही काम करता है और खास तौर पर ऐसे लोगों से आने वाले मैसेज के पैटर्न को जांचता है, जो यूजर की कॉन्टैक्ट लिस्ट में शामिल नहीं हैं। मॉडल पहले रिपोर्ट किए गए स्कैम कन्वर्सेशन में पाए गए पैटर्न के आधार पर संदिग्ध बातचीत की पहचान करने की कोशिश करता है। अगर किसी चैट में स्कैम की आशंका नजर आती है, तो यूजर को उसी चैट में एक चेतावनी दिखाई देती है। यूजर के पास रहेगा पूरा कंट्रोल चेतावनी मिलने के बाद यूजर तय कर सकता है कि उसे उस व्यक्ति को ब्लॉक करना है, रिपोर्ट करना है या बातचीत जारी रखनी है। अगर यूजर को लगता है कि चेतावनी गलती से दिखाई गई है, तो वह उस चैट को ट्रस्टेड मार्क कर सकता है। इसके बाद उस चैट के लिए दोबारा चेतावनी नहीं दिखाई जाएगी। मैसेज कंटेंट बाहर नहीं भेजा जाएगा Meta के मुताबिक, Scam Alert में मैसेज की जांच डिवाइस पर ही की जाती है। कंपनी का कहना है कि मैसेज कंटेंट WhatsApp, Meta या किसी अन्य पक्ष के पास नहीं भेजा जाता। फीचर की कार्यक्षमता जांचने के लिए सीमित और अनाम डेटा का इस्तेमाल किया जा सकता है, जिसे कॉन्फिडेंशियल कंप्यूटिंग वातावरण में प्रोसेस किया जाता है। फिलहाल चुनिंदा यूजर्स के लिए उपलब्ध WhatsApp ने इस फीचर का अभी लिमिटेड बीटा रोलआउट शुरू किया है। यानी फिलहाल सभी यूजर्स को Scam Alert नहीं मिलेगा। कंपनी ने सिस्टम की सुरक्षा जांचने के लिए अपने बग बाउंटी प्रोग्राम का दायरा भी बढ़ाया है, ताकि सिक्योरिटी रिसर्चर्स संभावित खामियों की पहचान कर सकें। कुल मिलाकर, नया Scam Alert फीचर WhatsApp पर अनजान नंबरों से आने वाले संदिग्ध मैसेज की पहचान कर यूजर्स को सावधान करने की कोशिश करेगा, जबकि मैसेज की प्राइवेसी और एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन को बनाए रखने पर जोर दिया गया है।
मुंबई, एजेंसियां। सलमान खान और संजय दत्त स्टारर इंटरनेशनल एक्शन फिल्म ‘7 डॉग्स’ का आधिकारिक ट्रेलर रिलीज हो गया है। सलमान खान ने सोशल मीडिया के जरिए ट्रेलर साझा किया, जिसमें बड़े स्तर के एक्शन सीक्वेंस और अंतरराष्ट्रीय कलाकारों की झलक देखने को मिलती है। सलमान खान और संजय दत्त की जोड़ी पर नजर ‘7 डॉग्स’ में सलमान खान और संजय दत्त विशेष भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म में मिस्र के अभिनेता करीम अब्देल अजीज और अहमद एज्ज मुख्य भूमिकाओं में हैं। इनके अलावा मोनिका बेलुची और जियानकार्लो एस्पोसिटो भी फिल्म का हिस्सा हैं। इंटरपोल अधिकारी और अपराध सिंडिकेट की कहानी फिल्म की कहानी एक इंटरपोल अधिकारी के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक खतरनाक अंतरराष्ट्रीय अपराध सिंडिकेट के सदस्य के साथ मिलकर ड्रग तस्करी के नेटवर्क को खत्म करने की कोशिश करता है। ट्रेलर में इसी मिशन के बीच होने वाले एक्शन और संघर्ष की झलक दिखाई गई है। 21 अगस्त को भारत में रिलीज होगी फिल्म ‘7 डॉग्स’ का निर्देशन आदिल एल अरबी और बिलाल फलाह ने किया है, जो ‘Bad Boys for Life’ और ‘Bad Boys: Ride or Die’ जैसी फिल्मों के लिए जाने जाते हैं। भारत में फिल्म 21 अगस्त 2026 को हिंदी और अंग्रेजी में सिनेमाघरों में रिलीज होगी। ट्रेलर के रिलीज होने के बाद सलमान खान और संजय दत्त के प्रशंसकों के बीच फिल्म को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है।
मुंबई, एजेंसियां। बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान ने अपने जीवन के उस दौर को याद किया है, जब उन्हें जेल में समय बिताना पड़ा था। अभिनेता ने जेल में बिताए दिनों और वहां मिले अनुभवों को याद करते हुए बताया कि वह समय उनके लिए आसान नहीं था, लेकिन उस दौर ने उन्हें कई चीजें समझने और सीखने का मौका दिया। जेल में बिताया वक्त रहा चुनौतीपूर्ण सलमान खान के जीवन में जेल से जुड़ा अध्याय काफी चर्चा में रहा है। अभिनेता को 1998 के काले हिरण शिकार मामले में जेल जाना पड़ा था। उस दौरान उन्हें जेल में समय बिताना पड़ा और यह अनुभव उनके लिए बेहद मुश्किल रहा। अभिनेता ने अलग-अलग मौकों पर अपने जेल के अनुभवों का जिक्र किया है। उन्होंने बताया कि जेल की जिंदगी फिल्मों में दिखाई जाने वाली सामान्य जिंदगी से बिल्कुल अलग होती है। वहां व्यक्ति को सीमित सुविधाओं के बीच समय बिताना पड़ता है और अपने विचारों के साथ रहने का काफी समय मिलता है। मुश्किल दौर ने सिखाई कई बातें सलमान खान ने अपने जेल के दिनों को याद करते हुए संकेत दिया कि उस समय ने उन्हें जिंदगी को एक अलग नजरिए से देखने का मौका दिया। जेल में बिताया समय उनके लिए मानसिक रूप से भी चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन इसी दौरान उन्हें धैर्य और परिस्थितियों का सामना करने की सीख मिली। अभिनेता के मुताबिक, मुश्किल परिस्थितियां इंसान को अपने जीवन और फैसलों के बारे में सोचने का मौका देती हैं। उनके जेल के अनुभव भी उनके जीवन के ऐसे ही अध्यायों में शामिल रहे हैं, जिन्हें वह आज पीछे मुड़कर देखते हैं। सलमान के करियर पर भी पड़ा असर जेल से जुड़े विवादों के बावजूद सलमान खान ने बॉलीवुड में अपना दबदबा कायम रखा। उनकी फिल्मों और स्टारडम ने उन्हें हिंदी सिनेमा के सबसे लोकप्रिय अभिनेताओं में शामिल रखा है। पिछले कई वर्षों में सलमान खान ने अपने निजी जीवन से जुड़े मुश्किल दौर पर कई बार खुलकर बात की है। उनके प्रशंसक भी उनकी जिंदगी के इन अनुभवों में काफी दिलचस्पी दिखाते रहे हैं। जेल के दिनों की उनकी बातें सामने आने पर एक बार फिर अभिनेता के पुराने दौर और उससे जुड़े विवाद चर्चा में आ जाते हैं।
मुंबई, एजेंसियां। बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान ने CJP (Cockroach Janta Party) से जुड़े छात्र प्रदर्शन और पेपर लीक विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। सलमान खान ने सोशल मीडिया के जरिए छात्रों के संघर्ष की सराहना की और कहा कि युवाओं की आवाज को सुना जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने सोनम वांगचुक से अनशन खत्म करने और छात्रों से अपने परिवारों के पास लौटने की अपील की। सलमान ने छात्रों के साहस की तारीफ की सलमान खान ने अपने संदेश में प्रदर्शन में शामिल छात्रों की हिम्मत और एकजुटता की तारीफ की। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं गंभीर मुद्दा हैं और युवाओं के भविष्य से जुड़ी चिंताओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। सोनम वांगचुक से अनशन खत्म करने की अपील सलमान खान ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से अनशन खत्म करने की अपील करते हुए कहा कि सरकार की ओर से सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया गया है। उन्होंने भावनात्मक अंदाज में वांगचुक से कहा कि अब आंदोलन को आगे बढ़ाने के बजाय समाधान की दिशा में बढ़ना चाहिए। "छात्र अपने घर लौटें" संदेश अभिनेता ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों से भी अपील की कि वे अपने परिवारों के पास लौटें और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की प्रक्रिया को मौका दें। सलमान ने छात्रों की सुरक्षा और भविष्य को प्राथमिकता देने की बात कही। सलमान के बयान पर सोशल मीडिया में चर्चा सलमान खान के बयान के बाद सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग उनके छात्रों के समर्थन वाले रुख की तारीफ कर रहे हैं, वहीं कुछ लोग उनके संदेश को लेकर सवाल भी उठा रहे हैं।
मुंबई, एजेंसियां। बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान ने देश में चल रहे छात्र आंदोलन और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े विवादों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कथित पेपर लीक मामले को गंभीर मुद्दा बताते हुए छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन की सराहना की। सलमान खान ने कहा कि छात्रों का आंदोलन शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर है और इसे राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए। छात्रों के समर्थन में आए सलमान खान सलमान खान ने सोशल मीडिया के माध्यम से छात्रों के प्रति समर्थन जताते हुए कहा कि युवाओं का भविष्य शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता पर निर्भर करता है। उन्होंने प्रदर्शन में शामिल छात्रों और उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा कि परीक्षा प्रणाली में किसी भी तरह की गड़बड़ी से छात्रों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। पेपर लीक को बताया बड़ी चिंता अभिनेता ने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं मेहनत करने वाले छात्रों के साथ अन्याय करती हैं। उन्होंने परीक्षा प्रक्रिया को मजबूत बनाने और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की जरूरत पर जोर दिया। आंदोलन को राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाने की अपील सलमान खान ने कहा कि छात्रों की मांगों और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक विवाद से अलग रखा जाना चाहिए। उन्होंने अपील की कि आंदोलन का मुख्य उद्देश्य परीक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों के हितों की रक्षा होना चाहिए। बॉलीवुड से आई पहली बड़ी प्रतिक्रिया छात्र आंदोलन और परीक्षा विवाद पर बॉलीवुड की ओर से सलमान खान की यह प्रतिक्रिया चर्चा में है। इससे पहले भी कई सामाजिक मुद्दों पर फिल्म जगत के कलाकार अपनी राय रखते रहे हैं। सलमान के बयान के बाद शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा सुधार और छात्रों की मांगों को लेकर बहस और तेज हो गई है। सरकार से सुधार की उम्मीद जताई सलमान खान ने उम्मीद जताई कि सरकार और संबंधित संस्थाएं छात्रों की चिंताओं पर ध्यान देंगी और शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जरूरी कदम उठाएंगी। उन्होंने कहा कि देश का भविष्य युवाओं से जुड़ा है, इसलिए उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से होना चाहिए।
मुंबई, एजेंसियां। बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान ने अपनी आगामी फिल्म 'मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस' से अपना नया लुक सोशल मीडिया पर साझा किया है। बारिश के बीच हरे-भरे प्राकृतिक माहौल में खिंचवाई गई तस्वीरों में सलमान ब्लैक बनियान, रिप्ड जींस और काउबॉय हैट में बेहद दमदार अंदाज में नजर आए। उन्होंने पोस्ट के कैप्शन में सिर्फ "MAATRUBHUMI" लिखा, जिसने फिल्म को लेकर प्रशंसकों की उत्सुकता और बढ़ा दी। रग्ड लुक ने जीता फैंस का दिल सलमान के नए लुक में उनका फिट फिजीक और रग्ड अवतार चर्चा का विषय बन गया। पोस्ट शेयर होते ही लाखों लाइक्स और हजारों कमेंट्स आए। फैंस ने उन्हें "ब्लॉकबस्टर लुक", "बॉलीवुड का असली टाइगर" और "ईद से पहले बड़ा धमाका" जैसे कमेंट्स के साथ सराहा। कई प्रशंसकों ने फिल्म की रिलीज डेट का भी अपडेट मांगा। रिलीज डेट का इंतजार 'मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस' का निर्देशन अपूर्व लाखिया कर रहे हैं, जबकि फिल्म का निर्माण सलमान खान फिल्म्स के बैनर तले किया गया है। फिल्म में चित्रांगदा सिंह भी अहम भूमिका में नजर आएंगी। हालांकि, निर्माताओं ने अभी तक नई रिलीज डेट की आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के ग्वादर जिले के जिवानी क्षेत्र में स्थित पाकिस्तान कोस्ट गार्ड के एक कैंप पर कथित आत्मघाती हमले का दावा किया गया है। प्रतिबंधित अलगाववादी संगठन बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने कहा है कि उसके आत्मघाती हमलावर ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया, जिसमें 30 से अधिक पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मी मारे गए और कई अन्य घायल हुए। हालांकि, पाकिस्तान सरकार, सेना या किसी आधिकारिक एजेंसी ने अब तक इस दावे की पुष्टि नहीं की है। BLA ने क्या दावा किया? BLA के प्रवक्ता जीयंद बलोच के नाम से जारी बयान में कहा गया है कि संगठन की मजीद ब्रिगेड ने ग्वादर जिले के जिवानी के पनवान इलाके में स्थित पाकिस्तान कोस्ट गार्ड कैंप को निशाना बनाया। संगठन का दावा है कि आत्मघाती हमलावर पहले सुरक्षा कैंप के भीतर प्रवेश करने में सफल रहे और इसके बाद विस्फोट किया, जिससे भारी नुकसान हुआ। जिवानी क्यों है महत्वपूर्ण? जिवानी, ग्वादर जिले का एक रणनीतिक तटीय क्षेत्र है। यह अरब सागर के किनारे स्थित होने के कारण पाकिस्तान की समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय सैन्य गतिविधियों के लिहाज से अहम माना जाता है। वायरल वीडियो पर नहीं हुई पुष्टि हमले से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर @Bahotblch नाम के अकाउंट से साझा किया गया है। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो हमले का है। हालांकि, इस वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और इसकी सत्यता स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं की जा सकी है। पाकिस्तान की ओर से नहीं आया बयान हमले के दावे के बावजूद पाकिस्तान सरकार, सेना या सुरक्षा एजेंसियों की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की गई है। इसलिए हताहतों की संख्या और घटना के वास्तविक स्वरूप की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल उपलब्ध नहीं है। जांच और आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
मुंबई, एजेंसियां। सलमान खान की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस' को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही सेंसर बोर्ड (CBFC) से जुड़े विवाद की खबरों पर आखिरकार मेकर्स ने चुप्पी तोड़ दी है। हाल के दिनों में दावा किया जा रहा था कि फिल्म का सर्टिफिकेशन रोक दिया गया है और यह केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) में अटक गई है। इन खबरों के बाद फिल्म की रिलीज को लेकर प्रशंसकों के बीच असमंजस की स्थिति बन गई थी। इन तमाम अटकलों पर विराम लगाते हुए सलमान खान फिल्म्स (SKF) ने आधिकारिक बयान जारी किया। प्रोडक्शन हाउस ने स्पष्ट किया कि फिल्म को अभी तक सर्टिफिकेशन के लिए CBFC के पास भेजा ही नहीं गया है। ऐसे में सेंसर बोर्ड द्वारा फिल्म रोकने या सर्टिफिकेट देने से इनकार करने जैसी खबरें पूरी तरह निराधार और भ्रामक हैं। आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर जारी बयान में कहा सलमान खान फिल्म्स ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर जारी बयान में कहा कि फिल्म को लेकर प्रसारित की जा रही अपुष्ट जानकारी पर विश्वास न करें। मेकर्स ने मीडिया और सोशल मीडिया यूजर्स से अपील की कि किसी भी खबर को साझा करने से पहले उसकी पुष्टि अवश्य करें। उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म से जुड़ी हर आधिकारिक जानकारी केवल सलमान खान फिल्म्स के अधिकृत प्लेटफॉर्म से ही साझा की जाएगी। क्या है मामला ? गौरतलब है कि निर्देशक अपूर्व लाखिया की इस फिल्म का शुरुआती नाम 'बैटल ऑफ गलवान' था। फिल्म 2020 में गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुए संघर्ष से प्रेरित बताई जाती है। बाद में कहानी के व्यापक भावनात्मक पहलुओं को ध्यान में रखते हुए इसका नाम बदलकर 'मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस' कर दिया गया। फिल्म में सलमान खान के साथ चित्रांगदा सिंह, अभिलाष चौधरी और अंकुर भाटिया अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। पहले इसकी रिलीज अप्रैल 2026 में प्रस्तावित थी, लेकिन इसे आगे बढ़ा दिया गया। फिलहाल निर्माता नई रिलीज डेट तय करने में जुटे हैं। ऐसे में मेकर्स ने साफ कर दिया है कि सेंसर बोर्ड से जुड़े विवाद की खबरों में कोई सच्चाई नहीं है और फिल्म की आधिकारिक प्रक्रिया अभी शुरू ही नहीं हुई है।
Lock Upp: Sach Ya Sazaa Season 2 के ग्रैंड लॉन्च के दौरान अभिनेता और होस्ट रितेश देशमुख का एक अलग ही अंदाज देखने को मिला। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब उनसे सलमान खान और संजय दत्त को लेकर एक विवादित सवाल पूछा गया, तो उन्होंने बेहद सख्त प्रतिक्रिया देते हुए सवाल को ही अनुचित करार दिया। सवाल सुनकर भड़के रितेश देशमुख रितेश देशमुख और फराह खान इस बार नेटफ्लिक्स के रियलिटी शो 'Lock Upp: Sach Ya Sazaa' सीजन 2 को होस्ट कर रहे हैं। लॉन्च इवेंट के दौरान एक मीडिया प्रतिनिधि ने रितेश से पूछा कि उनके करीबी दोस्त सलमान खान और संजय दत्त अपने जीवन में कानूनी परेशानियों का सामना कर चुके हैं, ऐसे में क्या वह उन्हें शो में बुलाना चाहेंगे और उन्हें किस तरह की सजा देंगे? यह सवाल सुनते ही रितेश देशमुख असहज नजर आए और उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, "सबसे पहले मुझे नहीं लगता कि आपके सवाल का जवाब देकर मैं उसे कोई गरिमा देना चाहूंगा।" दोबारा पूछे जाने पर भी दिया स्पष्ट जवाब जब उनसे फिर पूछा गया कि क्या वह सलमान खान और संजय दत्त को शो में आमंत्रित करना चाहेंगे, तो रितेश ने कहा कि एक होस्ट के तौर पर उनका काम केवल शो को प्रस्तुत करना है। उन्होंने कहा, "मैं उन्हें नहीं बुलाऊंगा क्योंकि मेरा काम होस्टिंग करना है। एक होस्ट के तौर पर मुझे पहले से नहीं पता होता कि शो में कौन-कौन प्रतिभागी या मेहमान आने वाले हैं। जो भी गेस्ट आते हैं, हम उनसे बातचीत करते हैं।" फराह खान और रितेश की जोड़ी पर नेटफ्लिक्स की प्रतिक्रिया लॉन्च इवेंट में मौजूद नेटफ्लिक्स इंडिया की कंटेंट प्रमुख मोनिका शेरगिल ने फराह खान और रितेश देशमुख की जोड़ी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि अगर किसी जेल में जाना पड़े तो फराह और रितेश से ज्यादा मनोरंजक जेलर कहीं नहीं मिल सकते। मोनिका ने कहा कि फराह खान के सामने कुछ छिपाना लगभग नामुमकिन है, जबकि रितेश अपने मजाकिया अंदाज से किसी की भी क्लास लगा सकते हैं और सामने वाले को बुरा भी नहीं लगेगा। 27 जून से शुरू होगा नया सीजन बहुप्रतीक्षित 'Lock Upp: Sach Ya Sazaa Season 2' का प्रीमियर 27 जून 2026 से नेटफ्लिक्स पर होगा। नए सीजन को लेकर दर्शकों में पहले से ही काफी उत्साह देखने को मिल रहा है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। अभिनेता सलमान खान और विवादित फिल्म 'काला हिरण: द बैटल फॉर लिगेसी' को लेकर चल रहे कानूनी विवाद में फिलहाल कोई अंतरिम राहत नहीं मिली है। दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को फिल्म की शूटिंग, प्रमोशन और रिलीज पर रोक लगाने की मांग वाली सलमान खान की याचिका पर सुनवाई टाल दी। अब इस मामले की अगली सुनवाई 1 जुलाई को रोस्टर बेंच के समक्ष होगी। सलमान खान ने कोर्ट से मांगी थी अंतरिम राहत दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान सलमान खान की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता संदीप सेठी ने दलील दी कि फिल्म निर्माता अभिनेता की अनुमति के बिना उनके जीवन और सार्वजनिक छवि का व्यावसायिक इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि फिल्म का टीजर पहले ही जारी किया जा चुका है और निर्माताओं को ऐसा करने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। उन्होंने कोर्ट से तत्काल अंतरिम रोक लगाने की मांग की। निर्माताओं ने जवाब दाखिल करने के लिए मांगा समय फिल्म निर्माताओं की ओर से पेश वकील ने अदालत से जवाब दाखिल करने के लिए समय देने का अनुरोध किया। उनका कहना था कि उन्हें याचिका की प्रति हाल ही में प्राप्त हुई है, इसलिए जवाब तैयार करने के लिए अतिरिक्त समय आवश्यक है। वहीं, सलमान खान के वकील ने इस दलील का विरोध करते हुए कहा कि प्रतिवादियों को पहले ही विधिवत नोटिस भेजा जा चुका है और इसकी जानकारी अदालत को भी दी गई थी। धमकियों का भी किया गया जिक्र सुनवाई के दौरान फिल्म निर्माताओं के वकील ने अदालत को बताया कि फिल्म से जुड़े विवाद के कारण उन्हें जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं और इस संबंध में एफआईआर भी दर्ज कराई गई है। दूसरी ओर, सलमान पक्ष ने कहा कि अभिनेता की पहचान और छवि का बिना अनुमति इस्तेमाल लगातार जारी है, जिससे उनके व्यक्तित्व अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने सलमान खान के वकील को सभी आवश्यक दस्तावेज प्रतिवादियों को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। इसके साथ ही मामले की अगली सुनवाई 1 जुलाई के लिए निर्धारित कर दी गई, जहां अदालत अंतरिम राहत और अन्य कानूनी पहलुओं पर विस्तार से विचार करेगी।
मुंबई: लोकप्रिय फिल्ममेकर जोड़ी राज निदिमोरु और कृष्णा डीके (राज एंड डीके) एक बार फिर बड़े पर्दे पर वापसी की तैयारी में हैं। 'द फैमिली मैन', 'फर्जी', 'गन्स एंड गुलाब्स' और 'सिटाडेल: हनी बनी' जैसी सफल वेब सीरीज देने के बाद अब दोनों एक बड़े बजट की हिंदी फिल्म पर काम शुरू करने जा रहे हैं। हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में राज निदिमोरु ने खुद इस बात की पुष्टि की कि उनकी अगली हिंदी फिल्म का प्रोडक्शन जल्द शुरू होने वाला है। इस साल शुरू होगा प्रोजेक्ट 'Idle Brain Live' से बातचीत में राज निदिमोरु ने बताया कि फिलहाल एक हॉलीवुड फिल्म की स्क्रिप्ट प्री-प्रोडक्शन में है, एक नई सीरीज डेवलपमेंट स्टेज में है और उनकी हिंदी फिल्म लगभग प्रोडक्शन शुरू करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, "हम इस साल एक फिल्म को डायरेक्ट करने जा रहे हैं। हॉलीवुड प्रोजेक्ट प्री-प्रोडक्शन में है और हमारी हिंदी फिल्म भी लगभग शुरू होने वाली है।" सलमान खान के नाम की चर्चा तेज फिल्म के लीड स्टार का नाम आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आया है, लेकिन पहले आई रिपोर्ट्स के अनुसार इस प्रोजेक्ट में सलमान खान मुख्य भूमिका निभा सकते हैं। बताया जा रहा है कि यह एक बड़े पैमाने पर बनाई जा रही सुपरहीरो फिल्म होगी, जिसे वैश्विक दर्शकों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया जा रहा है। अगर ऐसा होता है, तो यह सलमान खान के करियर की पहली फुल-फ्लेज्ड सुपरहीरो फिल्म होगी। सामंथा रुथ प्रभु को लेकर अफवाहों पर विराम कुछ समय पहले ऐसी अटकलें थीं कि राज निदिमोरु की पत्नी और अभिनेत्री सामंथा रुथ प्रभु इस फिल्म में फीमेल लीड का किरदार निभा सकती हैं। हालांकि, सूत्रों ने इन खबरों को खारिज करते हुए साफ किया कि अभिनेत्री का चयन अभी अंतिम नहीं हुआ है और निर्माता अगले कुछ महीनों में इस पर फैसला लेंगे। सलमान खान के पास कई बड़े प्रोजेक्ट सलमान खान पहले ही निर्देशक वंशी पेडिपल्ली और निर्माता दिल राजू के साथ अपनी नई फिल्म की घोषणा कर चुके हैं। फिलहाल अस्थायी तौर पर SVC63 नाम से चर्चित यह फिल्म भी निर्माणाधीन है। ऐसे में अगर राज एंड डीके और सलमान खान की जोड़ी साथ आती है, तो यह आने वाले समय की सबसे चर्चित बॉलीवुड फिल्मों में से एक बन सकती है।
मुंबई, एजेंसियां। बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान ने विवादित फिल्म 'काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी' के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। अभिनेता ने फिल्म के टीजर, प्रचार सामग्री और रिलीज पर अंतरिम रोक लगाने की मांग करते हुए अदालत में याचिका दायर की है। यह फिल्म कथित तौर पर 1998 के चर्चित काला हिरण शिकार मामले से प्रेरित बताई जा रही है। इसी दिन फिल्म का फर्स्ट लुक भी जारी किया गया, जिसके बाद विवाद और गहरा गया। व्यक्तित्व अधिकारों के उल्लंघन का लगाया आरोप याचिका में सलमान खान का कहना है कि फिल्म निर्माता उनकी अनुमति के बिना उनके व्यक्तित्व अधिकारों (Personality Rights) का इस्तेमाल कर रहे हैं। उनका आरोप है कि फिल्म की प्रचार सामग्री, पोस्टर और मुख्य किरदार की प्रस्तुति उन्हें आसानी से पहचानने योग्य बनाती है। याचिका में यह भी कहा गया है कि फिल्म के मुख्य पात्र का लुक, नाम और अभिनेता के चर्चित नीले ब्रेसलेट जैसी चीजें सीधे तौर पर उनकी छवि से जुड़ी हुई प्रतीत होती हैं। अदालत से अंतरिम राहत की मांग सलमान खान ने हाईकोर्ट से अनुरोध किया है कि मामले पर अंतिम फैसला आने तक फिल्म के निर्माण, प्रचार, वितरण, स्ट्रीमिंग और रिलीज पर अस्थायी रोक लगाई जाए। याचिका में निर्माता अमित जानी, जानी फायरफॉक्स फिल्म्स, निर्देशक भरत श्रीनेत और परियोजना से जुड़े अन्य लोगों को पक्षकार बनाया गया है। अभिनेता का कहना है कि फिल्म की रिलीज से उनकी प्रतिष्ठा प्रभावित हो सकती है और 1998 के मामले से जुड़ी कानूनी कार्यवाही पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है। फर्स्ट लुक रिलीज के बाद बढ़ा विवाद फिल्म का फर्स्ट लुक जारी होने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर बहस तेज हो गई है। कुछ दर्शकों ने फिल्म के कथित संदर्भों पर सवाल उठाए हैं, जबकि सलमान खान के प्रशंसकों ने भी आपत्ति जताई है। अब सभी की नजर दिल्ली हाईकोर्ट की सुनवाई पर टिकी है, जहां यह तय होगा कि फिल्म की रिलीज और प्रचार पर अंतरिम रोक लगाई जाएगी या नहीं।
नई दिल्ली: पंजाबी और बॉलीवुड सिंगर गुरु रंधावा के दिल्ली स्थित जिम पर गुरुवार सुबह फायरिंग की घटना सामने आने के बाद सनसनी फैल गई। पश्चिम विहार इलाके के पुष्कर एन्क्लेव में स्थित ‘24 HS Fitness Delhi’ जिम के बाहर बाइक सवार दो अज्ञात बदमाशों ने कई राउंड गोलियां चलाईं। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। पुलिस के अनुसार, घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और जिला पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और जांच शुरू कर दी। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और आरोपियों की पहचान के लिए कई टीमों को लगाया गया है। सोशल मीडिया पोस्ट में लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली जिम्मेदारी घटना के कुछ समय बाद सोशल मीडिया पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े बताए जा रहे अनिल पंडित के नाम से एक पोस्ट वायरल हुआ, जिसमें फायरिंग की जिम्मेदारी ली गई। पोस्ट में दावा किया गया कि गुरु रंधावा को पहले भी सलमान खान से दूरी बनाने की चेतावनी दी गई थी। पोस्ट में कहा गया कि गुरु रंधावा सलमान खान के करीब थे और चेतावनी के बावजूद उन्होंने दूरी नहीं बनाई। साथ ही गैंग की ओर से दुश्मनों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखने की धमकी भी दी गई। पुलिस कर रही है दावों की जांच हालांकि, पुलिस अभी सोशल मीडिया पर किए गए दावों की सत्यता की जांच कर रही है। फिलहाल आधिकारिक तौर पर यह पुष्टि नहीं की गई है कि फायरिंग के पीछे वास्तव में लॉरेंस बिश्नोई गैंग का ही हाथ है। सलमान खान विवाद से जुड़ रहा मामला लॉरेंस बिश्नोई गैंग लंबे समय से अभिनेता सलमान खान को धमकियां देता रहा है। 1998 के काले हिरण शिकार मामले को लेकर बिश्नोई समाज की नाराजगी और लॉरेंस गैंग की ओर से बार-बार दी जाने वाली धमकियों के कारण सलमान खान को पहले से ही Z+ सुरक्षा प्रदान की गई है। इसी कड़ी में हाल के वर्षों में सलमान खान और उनके करीबी लोगों से जुड़े कई मामलों में धमकी और फायरिंग की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। अब गुरु रंधावा के जिम पर हुई गोलीबारी ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता और बढ़ा दी है।
बॉलीवुड अभिनेता Varun Dhawan इन दिनों अपनी आगामी फिल्म Hai Jawani Toh Ishq Hona Hai के प्रमोशन में व्यस्त हैं। इसी बीच उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह बॉलीवुड के दिग्गज सितारों की मिमिक्री करते नजर आ रहे हैं। हालांकि, वीडियो में हुई एक छोटी सी गलती ने उन्हें ट्रोलर्स के निशाने पर ला दिया। क्या है वायरल वीडियो में? सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में वरुण धवन कुछ लोगों के साथ बातचीत करते दिखाई देते हैं। वीडियो का कॉन्सेप्ट यह है कि अगर बॉलीवुड सितारे क्रिकेट मैदान पर उतरें तो उनका अंदाज कैसा होगा। इस दौरान वरुण से पूछा जाता है कि अगर Salman Khan बल्लेबाजी करें तो वह कैसे खेलेंगे। सवाल सुनते ही वरुण हाथ में बैट लेकर सलमान खान की स्टाइल कॉपी करने लगते हैं। इसके बाद वह Shah Rukh Khan का मशहूर बाहें फैलाने वाला पोज भी देते हैं और अंत में Govinda के अंदाज में डांस स्टेप्स करके दिखाते हैं। वीडियो में मौजूद लोग उनकी एक्टिंग देखकर हंसते और एन्जॉय करते नजर आते हैं। आखिर किस बात पर भड़के यूजर्स? वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स की नजर एक ऐसी बात पर गई, जिसने ट्रोलिंग को जन्म दे दिया। दरअसल, सलमान खान वास्तविक जीवन में बाएं हाथ से बल्लेबाजी करते हैं, जबकि वरुण धवन ने उनकी नकल करते हुए दाएं हाथ से बैटिंग की एक्टिंग की। यही बात सलमान के फैंस को पसंद नहीं आई। कमेंट सेक्शन में कई यूजर्स ने लिखा कि अगर किसी स्टार की मिमिक्री कर रहे हैं तो उसकी बेसिक जानकारी तो होनी चाहिए। कुछ लोगों ने मजाकिया अंदाज में लिखा कि "सलमान भाई लेफ्टी हैं, ये भी नहीं पता?" वहीं कुछ यूजर्स ने वरुण की परफॉर्मेंस को ओवरएक्टिंग बताते हुए आलोचना की। हालांकि, कई फैंस ने इसे सिर्फ मनोरंजन के लिए बनाया गया हल्का-फुल्का वीडियो बताते हुए ट्रोलिंग को जरूरत से ज्यादा प्रतिक्रिया भी करार दिया। 5 जून को रिलीज होगी नई फिल्म वर्कफ्रंट की बात करें तो वरुण धवन की आगामी फिल्म Hai Jawani Toh Ishq Hona Hai 5 जून को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। फिल्म का निर्देशन उनके पिता David Dhawan ने किया है, जो लंबे समय से कॉमेडी फिल्मों के लिए जाने जाते हैं। फिल्म में वरुण के साथ Mrunal Thakur और Pooja Hegde मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगी। इसके अलावा Maniesh Paul, Chunky Pandey, Jimmy Shergill और Mouni Roy भी फिल्म का हिस्सा हैं। सोशल मीडिया पर चर्चा में बना वीडियो फिल्म की रिलीज से पहले यह वीडियो इंटरनेट पर खूब चर्चा बटोर रहा है। जहां कुछ लोग वरुण की मिमिक्री स्किल्स की तारीफ कर रहे हैं, वहीं सलमान खान के फैंस उनकी छोटी सी गलती को लेकर लगातार प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
मुंबई, एजेंसियां। बॉलीवुड की चर्चित फिल्म फ्रेंचाइजी ‘डॉन 3’ एक बार फिर विवादों में घिर गई है। फिल्म में अभिनेता रणवीर सिंह की एंट्री के बाद से ही सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई थी। कई फैंस चाहते थे कि ‘डॉन’ के किरदार में एक बार फिर शाहरुख खान नजर आएं, लेकिन जब मेकर्स ने रणवीर सिंह को नए डॉन के रूप में पेश किया, तो दर्शकों का एक बड़ा वर्ग नाराज हो गया। इसके बाद फिल्म लगातार सुर्खियों में बनी रही। अब खबरें सामने आ रही हैं कि रणवीर सिंह और निर्देशक फरहान अख्तर के बीच मतभेद बढ़ गए हैं। इसी बीच फिल्म इंडस्ट्री की संस्था FWICE ने भी मामले में हस्तक्षेप किया है। रणवीर सिंह के फिल्म से बाहर होने की चर्चाओं और उन पर लगाए गए प्रतिबंध ने विवाद को और बढ़ा दिया है। सलमान खान ने संभाली सुलह की जिम्मेदारी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान ने इस विवाद को शांत कराने की कोशिश शुरू की है। बताया जा रहा है कि सलमान ने रणवीर सिंह और फरहान अख्तर दोनों से बातचीत की है। उन्होंने दोनों पक्षों को सलाह दी कि व्यक्तिगत मतभेदों की वजह से किसी बड़े प्रोजेक्ट का नुकसान नहीं होना चाहिए। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि सलमान खान ने फरहान अख्तर को समझाया कि इंडस्ट्री में इस तरह के मतभेद आम बात हैं, जबकि रणवीर सिंह से भी उन्होंने लंबी बातचीत कर उनका पक्ष जाना। सलमान दोनों के बीच सुलह कर फिल्म को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। प्री-प्रोडक्शन पर खर्च हो चुके करोड़ों रुपये ‘डॉन 3’ की शूटिंग अभी शुरू नहीं हुई है, लेकिन निर्माताओं के अनुसार फिल्म के प्री-प्रोडक्शन पर करीब 45 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। ऐसे में फिल्म से जुड़े विवाद ने मेकर्स की चिंता बढ़ा दी है। FWICE सदस्य अशोक पंडित ने भी मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि शूटिंग शुरू होने से ठीक पहले किसी प्रोजेक्ट से पीछे हटना गलत परंपरा को बढ़ावा देता है। फिलहाल संगठन इस मुद्दे पर आंतरिक बैठक कर रहा है और उसके बाद आगे का फैसला लिया जाएगा।
आने वाले दो साल में होगा बड़ा सिनेमाई मुकाबला भारतीय सिनेमा में 2026 और 2027 के दौरान कई बड़ी फिल्मों के बीच जबरदस्त बॉक्स ऑफिस क्लैश देखने को मिलने वाला है। बॉलीवुड और साउथ इंडस्ट्री के बड़े सितारे अपनी फिल्मों के साथ आमने-सामने होंगे, जिससे सिनेमाघरों में बड़ी टक्कर तय मानी जा रही है। Salman Khan, Prabhas, Ram Charan और Mohanlal जैसे सुपरस्टार्स की फिल्मों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। ‘पति पत्नी और वो 2’ बनाम ‘करुप्पु’ बॉक्स ऑफिस की यह जंग इसी हफ्ते से शुरू हो चुकी है। Suriya की फिल्म Karuppu सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। वहीं दूसरी ओर Ayushmann Khurrana की फिल्म Pati Patni Aur Woh 2 इसी शुक्रवार रिलीज हो रही है। एक तरफ एक्शन और दूसरी तरफ कॉमेडी का मुकाबला देखने को मिलेगा। ‘दृश्यम 3’ और ‘चांद मेरा दिल’ की टक्कर 21 मई को Drishyam 3 रिलीज होने जा रही है, जिसमें Mohanlal एक बार फिर अपने चर्चित किरदार में नजर आएंगे। इसके ठीक अगले दिन 22 मई को फिल्म Chand Mera Dil रिलीज होगी। इस रोमांटिक फिल्म में Ananya Panday और लक्ष्य मुख्य भूमिका में दिखाई देंगे। वरुण धवन और राम चरण आमने-सामने Varun Dhawan की फिल्म Hai Jawani To Ishq Hona Hai पहले सोलो रिलीज मानी जा रही थी, लेकिन अब Peddy की रिलीज डेट भी 4 जून तय कर दी गई है। इस फिल्म में Ram Charan और Janhvi Kapoor मुख्य भूमिका में हैं। अब दोनों फिल्मों के बीच सीधी टक्कर देखने को मिलेगी। 2027 की ईद पर सलमान बनाम प्रभास सबसे बड़ी भिड़ंत 2027 की ईद पर हो सकती है। Salman Khan की फिल्म SVC63 और Spirit एक ही समय पर रिलीज होने की तैयारी में हैं। पहले चर्चा थी कि प्रभास की फिल्म की रिलीज डेट बदली जा सकती है, लेकिन अब फिल्म की टीम ने साफ कर दिया है कि वे अपनी तय तारीख पर ही फिल्म रिलीज करेंगे। बॉक्स ऑफिस पर बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा इन बड़ी फिल्मों के क्लैश से भारतीय सिनेमा में जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखने को मिल सकती है। ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि दर्शकों के लिए यह दौर बेहद रोमांचक रहने वाला है, क्योंकि हर फिल्म बड़े स्टार्स, भारी बजट और हाई एक्सपेक्टेशन के साथ आ रही है।
मराठी और हिंदी सिनेमा के दर्शकों के बीच बहुप्रतीक्षित फिल्म Raja Shivaji ने रिलीज के साथ ही बॉक्स ऑफिस पर मजबूत शुरुआत दर्ज की है। अभिनेता-निर्देशक Riteish Deshmukh का यह ड्रीम प्रोजेक्ट पहले ही दिन चर्चा का केंद्र बन गया है। खास तौर पर फिल्म में Salman Khan के कैमियो ने दर्शकों की उत्सुकता को और बढ़ा दिया है। पहले दिन की कमाई ने चौंकाया ट्रेड रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म ने पहले दिन शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 11.35 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया। इसमें हिंदी वर्जन से करीब 3.35 करोड़ रुपये, जबकि मराठी वर्जन से लगभग 8 करोड़ रुपये की कमाई हुई। ग्रॉस कलेक्शन 13.51 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो एक मजबूत ओपनिंग का संकेत है। कड़ी टक्कर के बीच बनाई जगह फिल्म की रिलीज ऐसे समय पर हुई है जब बॉक्स ऑफिस पर कई बड़ी फिल्में पहले से मौजूद हैं। Aamir Khan के प्रोडक्शन की फिल्म Ek Din, हॉलीवुड की The Devil Wears Prada 2, Michael और Dhurandhar: The Revenge जैसी फिल्मों के बीच ‘राजा शिवाजी’ ने अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। फिल्म की खासियत क्या है? ‘राजा शिवाजी’ Chhatrapati Shivaji Maharaj के जीवन पर आधारित एक भव्य ऐतिहासिक फिल्म है। इसमें रितेश देशमुख ने न सिर्फ मुख्य भूमिका निभाई है, बल्कि लेखन और निर्देशन भी किया है। फिल्म में Sanjay Dutt, Abhishek Bachchan, Vidya Balan, Genelia Deshmukh और Boman Irani जैसे दिग्गज कलाकार नजर आए हैं। संगीत मशहूर जोड़ी Ajay-Atul ने दिया है, जो फिल्म की भव्यता को और बढ़ाता है। आगे की कमाई पर टिकी नजर पहले दिन की अच्छी ओपनिंग के बाद अब सभी की नजर वीकेंड कलेक्शन पर है। अगर फिल्म को दर्शकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलती है, तो खासकर मराठी बाजार में इसकी कमाई में तेजी देखने को मिल सकती है।
बॉलीवुड की चर्चित फिल्म Chori Chori Chupke Chupke एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार वजह बनी है फिल्ममेकर Ram Gopal Varma का हालिया खुलासा, जिसमें उन्होंने बताया कि इस फिल्म के निर्माण के दौरान किस तरह अंडरवर्ल्ड कनेक्शन सामने आए थे। कैसे शुरू हुआ प्रोजेक्ट राम गोपाल वर्मा ने पत्रकार Hussain Zaidi से बातचीत में बताया कि फिल्म के फाइनेंसर Bharat Shah को एक ऐसे शख्स ने संपर्क किया, जिसने दावा किया कि उसके पास Salman Khan की डेट्स हैं। जब इस बात की पुष्टि सलमान खान से हुई, तो भरत शाह को भरोसा हो गया और उन्होंने फिल्म में निवेश कर दिया। इसके बाद फिल्म की शूटिंग शुरू हो गई। अंडरवर्ल्ड कनेक्शन से मचा हड़कंप हालात तब बिगड़े जब बाद में पता चला कि फिल्म के निर्माता Nazim Rizvi के कथित संबंध अंडरवर्ल्ड डॉन Chhota Shakeel से थे। राम गोपाल वर्मा के मुताबिक, उस समय भरत शाह को लगा कि वह एक वैध बिजनेस कर रहे हैं और निर्माता के निजी संबंधों से उनका कोई लेना-देना नहीं है। फिरौती कॉल ने बढ़ाई मुश्किलें मामला और गंभीर तब हुआ जब फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े एक कारोबारी को 5 करोड़ रुपये की फिरौती की कॉल आई। मदद के लिए उसने भरत शाह से संपर्क किया, यह सोचकर कि रिजवी के अंडरवर्ल्ड कनेक्शन से समाधान निकल सकता है। बातचीत के बाद यह रकम घटाकर 2 करोड़ रुपये कर दी गई, लेकिन इससे इंडस्ट्री में डर और तनाव का माहौल बन गया। पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी आखिरकार 2001 में मुंबई पुलिस ने Bharat Shah और Nazim Rizvi को गिरफ्तार कर लिया। भरत शाह को अंडरवर्ल्ड कनेक्शन की जानकारी छुपाने का दोषी माना गया और एक साल की सजा सुनाई गई। हालांकि, पहले से 14 महीने हिरासत में रहने के कारण उन्हें तुरंत रिहा कर दिया गया। वहीं नाजिम रिजवी और उनके सहयोगियों को जबरन वसूली और अंडरवर्ल्ड से संबंध रखने के मामले में दोषी ठहराया गया और छह साल की सजा सुनाई गई। बॉलीवुड फाइनेंसिंग का काला सच यह मामला उस दौर की एक बड़ी सच्चाई को उजागर करता है, जब फिल्म इंडस्ट्री में फाइनेंसिंग के जरिए अंडरवर्ल्ड का दखल चर्चा में था। फिल्म में Preity Zinta और Rani Mukerji भी अहम भूमिकाओं में थीं, और यह फिल्म अपने विषय के साथ-साथ विवादों के कारण भी याद की जाती है।
बॉलीवुड अभिनेत्री चित्रांगदा सिंह इन दिनों एक साइबर सिक्योरिटी मुद्दे को लेकर चर्चा में हैं। एक्ट्रेस का X (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट हैक हो गया है, जिसकी जानकारी उन्होंने खुद अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए दी। डिजिटल दुनिया में बढ़ते साइबर हमलों के बीच यह घटना एक बार फिर से सेलेब्रिटीज की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े करती है। इंस्टाग्राम के जरिए दी जानकारी चित्रांगदा सिंह ने इंस्टाग्राम स्टोरी के माध्यम से फैंस को बताया कि उनका X अकाउंट फिलहाल उनके नियंत्रण में नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी टीम इस समस्या को सुलझाने में लगी हुई है और अकाउंट को जल्द से जल्द रिकवर करने की कोशिश की जा रही है। एक्ट्रेस ने अपने फॉलोअर्स से खास अपील करते हुए कहा कि जब तक उनका अकाउंट सुरक्षित वापस नहीं मिल जाता, तब तक उस हैंडल से आने वाले किसी भी मैसेज, पोस्ट या गतिविधि पर भरोसा न करें। फैंस के लिए चेतावनी चित्रांगदा ने यह भी कहा कि हैक किए गए अकाउंट से किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि या मैसेज आ सकते हैं, इसलिए सतर्क रहना जरूरी है। यह अपील खासतौर पर उनके फैंस और फॉलोअर्स के लिए है, ताकि कोई भी गलत जानकारी या धोखाधड़ी का शिकार न हो। सलमान खान के साथ आने वाली फिल्म वर्कफ्रंट की बात करें तो सलमान खान के साथ चित्रांगदा सिंह जल्द ही फिल्म ‘मातृभूमि’ में नजर आने वाली हैं। इस फिल्म का निर्देशन अपूर्वा लाखिया कर रहे हैं और बताया जा रहा है कि इसकी कहानी 2020 की गलवान घाटी की घटना से प्रेरित है। हालांकि, फिल्म की रिलीज डेट को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन फैंस इस प्रोजेक्ट को लेकर काफी उत्साहित हैं। साइबर सुरक्षा पर बढ़ती चिंता यह घटना दिखाती है कि बड़े से बड़े सेलेब्रिटी भी साइबर हमलों से सुरक्षित नहीं हैं। ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स को भी सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध लिंक या मैसेज से बचने की जरूरत है।
सलमान खान की मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘मातृभूमि: में वॉर रेस्ट इन पीस’ लगातार चर्चा में बनी हुई है। फिल्म की रिलीज डेट को लेकर फैंस काफी एक्साइटेड हैं, लेकिन अभी तक इसे लेकर कोई फाइनल ऑफिशियल घोषणा नहीं हुई है। रिलीज डेट फिर टली! पहले फिल्म अप्रैल 2026 में रिलीज होने वाली थी फिर खबर आई कि इसे मई 2026 में लाया जाएगा लेकिन अब मई में रिलीज होना लगभग नामुमकिन माना जा रहा है लेटेस्ट अपडेट: अगर सभी अप्रूवल (सेंसर आदि) समय पर मिल जाते हैं, तो फिल्म जून 2026 में रिलीज हो सकती है क्या बदली गई फिल्म की कहानी? जी हां, रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म में बड़े बदलाव किए गए हैं: फिल्म का नाम बदला गया पहले: ‘बैटल ऑफ गलवान’ अब: ‘मातृभूमि: में वॉर रेस्ट इन पीस’ लगभग 40% फिल्म री-शूट की गई सलमान के किरदार में रोमांस और बैकस्टोरी जोड़ी गई भारत-चीन हालात में बदलाव के चलते कहानी में बदलाव गानों को मिला शानदार रिस्पॉन्स फिल्म के अब तक रिलीज हुए गानों को फैंस से पॉजिटिव रिस्पॉन्स मिला है, जिससे फिल्म का हाइप बना हुआ है। देरी की वजह क्या है? सेंसर और अप्रूवल से जुड़ी समस्याएं नए कट में कुछ तकनीकी दिक्कतें री-शूट के कारण पोस्ट-प्रोडक्शन में देरी सलमान खान के अपकमिंग प्रोजेक्ट दिल राजू के साथ नई फिल्म (2027 रिलीज की चर्चा) इस फिल्म के लिए सलमान वजन कम कर रहे हैं राज & डीके के साथ प्रोजेक्ट शूटिंग: अगस्त से शुरू
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।