हैदराबाद, एजेंसियां। अभिनेत्री सामंथा रुथ प्रभु की हालिया सुपरहिट फिल्म 'मां इंटी बंगारम' को लेकर प्रशंसकों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। फिल्म की शानदार सफलता के बाद इसके निर्माताओं ने आधिकारिक तौर पर इसके सीक्वल की घोषणा कर दी है। विशाखापत्तनम में आयोजित सक्सेस सेलिब्रेशन के दौरान लेखक, निर्माता और सामंथा के पति राज निदिमोरू ने मंच से फिल्म के दूसरे भाग का ऐलान किया। इस घोषणा के बाद कार्यक्रम में मौजूद दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से अपनी खुशी जाहिर की। दर्शकों की प्रतिक्रिया के बाद लिया फैसला राज निदिमोरू ने कार्यक्रम के दौरान सबसे पहले दर्शकों से पूछा कि क्या वे फिल्म की कहानी को आगे बढ़ते देखना चाहते हैं। सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलने पर उन्होंने बताया कि उनके पास पहले से ही सीक्वल का विचार तैयार है और वही टीम इस नए प्रोजेक्ट पर भी काम करेगी। उन्होंने कहा कि पहली बार किसी फिल्म का दूसरा भाग बनाने की प्रेरणा मिली है और अगली कहानी पहले से कहीं ज्यादा रोमांचक और मनोरंजक होगी। फिल्म को मिला शानदार बॉक्स ऑफिस रिस्पॉन्स निर्देशक नंदिनी रेड्डी के निर्देशन में बनी इस फिल्म में सामंथा रुथ प्रभु के साथ गुलशन देवैया, श्रीमुखी और दिगंथ मंचले अहम भूमिकाओं में नजर आए। फिल्म ने रिलीज के पहले सप्ताह में घरेलू बॉक्स ऑफिस पर करीब 35 करोड़ रुपये की कमाई की, जबकि दुनियाभर में 50 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया। यह महिलाओं के नेतृत्व वाली सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में शामिल हो गई है। लंबे अंतराल के बाद सामंथा की दमदार वापसी 'मां इंटी बंगारम' सामंथा रुथ प्रभु की लंबे समय बाद बड़े पर्दे पर वापसी वाली फिल्म रही। हाल ही में अभिनेत्री ने अपनी प्रेग्नेंसी की जानकारी साझा करते हुए मैटरनिटी लीव लेने की घोषणा भी की थी। सामंथा और राज निदिमोरू इससे पहले 'द फैमिली मैन 2', 'सिटाडेल: हनी बनी' और 'शुभम' जैसे प्रोजेक्ट्स में साथ काम कर चुके हैं। अब 'मां इंटी बंगारम 2' के ऐलान ने उनके प्रशंसकों की उत्सुकता और बढ़ा दी है।
चेन्नई: दक्षिण भारतीय सिनेमा की चर्चित अभिनेत्री Samantha Ruth Prabhu एक बार फिर सुर्खियों में हैं। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर उनकी प्रेग्नेंसी को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही थीं। अब इन अटकलों के बीच अभिनेत्री ने खुद अपनी निजी जिंदगी से जुड़ी बड़ी खुशखबरी साझा की है। फिल्म ‘मां इंटी बंगारम’ की सक्सेस मीट के दौरान सामंथा ने खुलासा किया कि वह जल्द ही मैटरनिटी ब्रेक लेने वाली हैं। उनके इस बयान के बाद फैंस और फिल्म इंडस्ट्री में खुशी की लहर दौड़ गई है। अभिनेत्री ने कहा कि वह अपने करियर से कुछ समय का ब्रेक लेकर जीवन के इस नए और खास पड़ाव का स्वागत करना चाहती हैं। सामंथा ने खुद दी खुशखबरी फिल्म ‘मां इंटी बंगारम’ की सफलता के जश्न के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए सामंथा ने कहा, “इस फिल्म के बाद मुझे कुछ समय के लिए ब्रेक लेना होगा। मेरी स्थिति ऐसी है कि मुझे मैटरनिटी लीव लेनी पड़ेगी। इसके बाद मैं अपने प्रशंसकों के लिए एक नई फिल्म के साथ वापसी करूंगी।” सामंथा के इस बयान के बाद उनकी प्रेग्नेंसी को लेकर चल रही चर्चाओं पर लगभग विराम लग गया। फिल्म से जुड़े करीबी सूत्रों के अनुसार अभिनेत्री अपनी प्रेग्नेंसी के शुरुआती चरण में हैं और अपने जीवन के इस नए अध्याय को लेकर बेहद उत्साहित हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सामंथा दिसंबर 2026 में अपने पहले बच्चे को जन्म दे सकती हैं। शादी के छह महीने बाद आई खुशखबरी सामंथा रुथ प्रभु ने दिसंबर 2025 में फिल्म निर्माता Raj Nidimoru के साथ शादी की थी। दोनों ने कोयंबटूर स्थित Isha Yoga Center के लिंगा भैरवी मंदिर में बेहद निजी समारोह में सात फेरे लिए थे। शादी में परिवार और करीबी दोस्तों की ही मौजूदगी रही थी। दोनों की शादी की तस्वीरें सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थीं। कैसे शुरू हुई सामंथा और राज की प्रेम कहानी? सामंथा और राज की मुलाकात लोकप्रिय वेब सीरीज The Family Man के दौरान हुई थी। इस सीरीज में सामंथा ने ‘राजी’ का किरदार निभाकर दर्शकों और समीक्षकों से खूब सराहना बटोरी थी। बताया जाता है कि इसी प्रोजेक्ट के दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। बाद में उन्होंने Citadel: Honey Bunny में भी साथ काम किया। लंबे समय तक एक-दूसरे को जानने और समझने के बाद दोनों ने शादी का फैसला किया। बॉक्स ऑफिस पर चमक रही है ‘मां इंटी बंगारम’ सामंथा की हालिया फिल्म ‘मां इंटी बंगारम’ इन दिनों बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन कर रही है। निर्देशक Nandini Reddy के निर्देशन में बनी इस फिल्म को दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार फिल्म ने रिलीज के बाद दुनियाभर में 50 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार कर लिया है। फिल्म की सफलता और निजी जीवन की खुशखबरी ने सामंथा के लिए यह समय और भी खास बना दिया है। फैंस को रहेगा वापसी का इंतजार सामंथा ने साफ कर दिया है कि वह कुछ समय के लिए फिल्मों से दूरी बनाएंगी, लेकिन यह ब्रेक स्थायी नहीं होगा। अभिनेत्री ने अपने प्रशंसकों को भरोसा दिलाया है कि वह मैटरनिटी ब्रेक के बाद नई ऊर्जा और नए प्रोजेक्ट्स के साथ वापसी करेंगी।
मुंबई: साउथ सुपरस्टार सामंथा रुथ प्रभु की बहुप्रतीक्षित एक्शन ड्रामा फिल्म 'मा इंटी बंगारम' ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार शुरुआत की है। रिलीज के पहले ही दिन फिल्म ने दमदार कमाई करते हुए कई हालिया फीमेल-सेंट्रिक फिल्मों के रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए हैं। फिल्म को दर्शकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है और शुरुआती आंकड़ों से संकेत मिल रहे हैं कि वीकेंड पर इसकी कमाई में और तेजी देखने को मिल सकती है। पहले दिन कितनी रही कमाई? बॉक्स ऑफिस ट्रैकिंग वेबसाइट सैकनिल्क के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, 'मा इंटी बंगारम' ने पहले दिन भारत में लगभग 5.35 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया। वहीं, फिल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन करीब 10.70 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यदि वीकेंड पर फिल्म को सकारात्मक वर्ड ऑफ माउथ मिलता है, तो इसके कलेक्शन में और उछाल आ सकता है। सामंथा के करियर की बड़ी सोलो ओपनिंग 'मा इंटी बंगारम' अब सामंथा रुथ प्रभु के करियर की सबसे बड़ी सोलो ओपनिंग फिल्मों में शामिल हो गई है। इससे पहले: 'यशोदा' (2022) – 3.06 करोड़ रुपये 'ओह बेबी' – 2.50 करोड़ रुपये का ओपनिंग डे कलेक्शन रहा था। इस तरह नई फिल्म ने सामंथा की पिछली फिल्मों का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है। रश्मिका और अनुष्का की फिल्मों को भी छोड़ा पीछे सामंथा की फिल्म ने हाल ही में रिलीज हुई कई महिला प्रधान फिल्मों से बेहतर शुरुआत की है। अनुष्का शेट्टी की 'घाटी' – 2 करोड़ रुपये रश्मिका मंदाना की 'द गर्लफ्रेंड' – 1.30 करोड़ रुपये के मुकाबले 'मा इंटी बंगारम' का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा। क्या है फिल्म की कहानी? फिल्म की कहानी एक ऐसी महिला के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपने हिंसक अतीत से अपने परिवार को बचाने के लिए संघर्ष करती है। एक्शन और इमोशन से भरपूर इस कहानी में सामंथा का दमदार अवतार देखने को मिल रहा है। फिल्म में सामंथा रुथ प्रभु के अलावा: गुलशन देवैया गौतमी श्रीमुखी मंजूषा मुक्काविली दिगंत मंचाले अहम भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह फिल्म वीकेंड पर अपनी मजबूत शुरुआत को बड़े बॉक्स ऑफिस आंकड़ों में बदल पाएगी।
चेन्नई, एजेंसियां। साउथ सिनेमा की मशहूर अभिनेत्री Samantha Ruth Prabhu ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और अभिनेता Vijay से खास मुलाकात की है। यह मुलाकात चेन्नई में मुख्यमंत्री आवास पर हुई, जिसकी तस्वीरें सामंथा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी साझा कीं। इस मुलाकात ने फैंस के बीच चर्चा तेज कर दी है। फिल्मी को-स्टार्स से लेकर राजनीतिक मुलाकात तक सामंथा और विजय ने पहले भी तमिल सिनेमा की सुपरहिट फिल्मों ‘कथी’ (2014), ‘थेरी’ (2016) और ‘मर्सल’ (2017) में साथ काम किया है। लंबे समय बाद दोनों की यह मुलाकात फिल्म सेट से बाहर एक अलग माहौल में हुई, जहां सामंथा ने विजय को मुख्यमंत्री बनने पर बधाई दी। विजय के लिए लिखा भावुक संदेश सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा करते हुए सामंथा ने लिखा कि विजय सिर्फ पर्दे पर हीरो नहीं, बल्कि उससे कहीं बड़े विजन वाले इंसान हैं। उन्होंने कहा कि उनकी ऊर्जा, लोकप्रियता और लोगों से जुड़ने की क्षमता हमेशा प्रेरित करती रही है। सामंथा ने अपने नोट में यह भी लिखा कि किसी स्थापित करियर को छोड़कर नए क्षेत्र में कदम रखना और बड़े बदलाव लाने की कोशिश करना साहस की बात है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति के जीवन में एक ऐसा मोड़ आता है जब उसे अपने से आगे बढ़कर समाज के लिए कुछ करने की प्रेरणा मिलती है, लेकिन बहुत कम लोग उस राह पर चल पाते हैं। विजय के लिए शुभकामनाएं अभिनेत्री ने विजय के लिए सफलता और शक्ति की कामना करते हुए कहा कि वे अपने इरादों और मेहनत से लोगों को और भी ज्यादा प्रेरित करेंगे। उन्होंने युवाओं के लिए भी संदेश दिया कि जिंदगी केवल सपनों तक सीमित नहीं होती, बल्कि उससे कहीं आगे बढ़कर अवसर दे सकती है। वर्कफ्रंट पर सामंथा की वापसी वर्कफ्रंट की बात करें तो सामंथा जल्द ही अपनी फिल्म ‘मा इंटी बंगरम’ से बड़े पर्दे पर वापसी करने जा रही हैं। यह फिल्म उनके पति और निर्देशक राज निदिमोरू द्वारा निर्देशित है और इसे ट्रलाला मूविंग पिक्चर्स के बैनर तले बनाया जा रहा है।
अभिनेत्री सामंथा रुथ प्रभु इन दिनों अपनी आगामी तेलुगु एक्शन-ड्रामा फिल्म 'मा इंटी बंगारम' के प्रमोशन में व्यस्त हैं। फिल्म के प्रचार के दौरान उनका एक से बढ़कर एक पारंपरिक लुक देखने को मिल रहा है। हाल ही में सामंथा ने एक खूबसूरत लाइम-ग्रीन ऑर्गेंजा साड़ी पहनकर फैशन प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींचा। इस खास साड़ी को मुंबई स्थित डिजाइनर लेबल लज्जू सी (Lajjoo C) ने तैयार किया है और इसका नाम 'गिया साड़ी' रखा गया है। मारोड़ी एम्ब्रॉयडरी और किरण लेस ने बढ़ाई खूबसूरती सामंथा की हल्के लाइम-ग्रीन रंग की शीयर ऑर्गेंजा साड़ी पर बेहद बारीक मारोड़ी कढ़ाई की गई थी। पल्लू पर छोटे-छोटे बुट्टे और फ्लोरल मोटिफ्स इसे पारंपरिक और शाही लुक दे रहे थे। साड़ी के किनारों पर गोटा बॉर्डर और पारंपरिक किरण लेस का इस्तेमाल किया गया था, जिसने पूरे आउटफिट में एक खास आकर्षण जोड़ दिया। पल्लू के कोने पर बना फ्लोरल पैटर्न पारंपरिक सिल्क साड़ियों में मिलने वाले 'कोनिया' डिजाइन से प्रेरित था। बनारसी सिल्क ब्लाउज ने पूरा किया लुक इस साड़ी के साथ सामंथा ने हाफ-स्लीव्स वाला बनारसी सिल्क ब्लाउज पहना, जिसमें वी-शेप नेकलाइन और मैचिंग मारोड़ी एम्ब्रॉयडरी की गई थी। साड़ी और ब्लाउज का यह संयोजन पारंपरिक भारतीय शिल्प का सुंदर उदाहरण बनकर सामने आया। टेंपल ज्वेलरी के साथ दिखीं रॉयल स्टाइलिस्ट पल्लवी सिंह ने सामंथा के इस लुक को टेंपल ज्वेलरी के साथ पूरा किया। उन्होंने ईयररिंग्स, नाजुक चोकर और खूबसूरत चूड़ियों का चयन किया, जिससे लुक और भी आकर्षक बन गया। मिनिमल मेकअप और सॉफ्ट वेव्स ने जोड़ी एलिगेंस सामंथा ने इस लुक के लिए न्यूड ग्लॉसी लिप्स, ड्रामेटिक लैशेज और छोटी काली बिंदी के साथ मिनिमल मेकअप चुना। वहीं, साइड पार्टिंग के साथ सॉफ्ट वेव्स हेयरस्टाइल ने उनके पूरे लुक में एक क्लासिक टच जोड़ दिया। फिल्म प्रमोशन के दौरान सामंथा का यह पारंपरिक अंदाज सोशल मीडिया पर काफी पसंद किया जा रहा है और फैशन प्रेमी इसे शादी और फेस्टिव सीजन के लिए बेहतरीन इंस्पिरेशन मान रहे हैं।
मुंबई: लोकप्रिय फिल्ममेकर जोड़ी राज निदिमोरु और कृष्णा डीके (राज एंड डीके) एक बार फिर बड़े पर्दे पर वापसी की तैयारी में हैं। 'द फैमिली मैन', 'फर्जी', 'गन्स एंड गुलाब्स' और 'सिटाडेल: हनी बनी' जैसी सफल वेब सीरीज देने के बाद अब दोनों एक बड़े बजट की हिंदी फिल्म पर काम शुरू करने जा रहे हैं। हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में राज निदिमोरु ने खुद इस बात की पुष्टि की कि उनकी अगली हिंदी फिल्म का प्रोडक्शन जल्द शुरू होने वाला है। इस साल शुरू होगा प्रोजेक्ट 'Idle Brain Live' से बातचीत में राज निदिमोरु ने बताया कि फिलहाल एक हॉलीवुड फिल्म की स्क्रिप्ट प्री-प्रोडक्शन में है, एक नई सीरीज डेवलपमेंट स्टेज में है और उनकी हिंदी फिल्म लगभग प्रोडक्शन शुरू करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, "हम इस साल एक फिल्म को डायरेक्ट करने जा रहे हैं। हॉलीवुड प्रोजेक्ट प्री-प्रोडक्शन में है और हमारी हिंदी फिल्म भी लगभग शुरू होने वाली है।" सलमान खान के नाम की चर्चा तेज फिल्म के लीड स्टार का नाम आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आया है, लेकिन पहले आई रिपोर्ट्स के अनुसार इस प्रोजेक्ट में सलमान खान मुख्य भूमिका निभा सकते हैं। बताया जा रहा है कि यह एक बड़े पैमाने पर बनाई जा रही सुपरहीरो फिल्म होगी, जिसे वैश्विक दर्शकों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया जा रहा है। अगर ऐसा होता है, तो यह सलमान खान के करियर की पहली फुल-फ्लेज्ड सुपरहीरो फिल्म होगी। सामंथा रुथ प्रभु को लेकर अफवाहों पर विराम कुछ समय पहले ऐसी अटकलें थीं कि राज निदिमोरु की पत्नी और अभिनेत्री सामंथा रुथ प्रभु इस फिल्म में फीमेल लीड का किरदार निभा सकती हैं। हालांकि, सूत्रों ने इन खबरों को खारिज करते हुए साफ किया कि अभिनेत्री का चयन अभी अंतिम नहीं हुआ है और निर्माता अगले कुछ महीनों में इस पर फैसला लेंगे। सलमान खान के पास कई बड़े प्रोजेक्ट सलमान खान पहले ही निर्देशक वंशी पेडिपल्ली और निर्माता दिल राजू के साथ अपनी नई फिल्म की घोषणा कर चुके हैं। फिलहाल अस्थायी तौर पर SVC63 नाम से चर्चित यह फिल्म भी निर्माणाधीन है। ऐसे में अगर राज एंड डीके और सलमान खान की जोड़ी साथ आती है, तो यह आने वाले समय की सबसे चर्चित बॉलीवुड फिल्मों में से एक बन सकती है।
सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर हुई गिरफ्तारी Delhi Police ने मशहूर डर्मेटोलॉजिस्ट और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर डॉ. नीलम सिंह उर्फ “The Skin Doctor” को गिरफ्तार किया है। उन पर कारोबारी Sunjay Kapur की मौत के बाद कपूर परिवार से जुड़े कथित सोशल मीडिया पोस्ट करने का आरोप है। सूत्रों के अनुसार कपूर परिवार की शिकायत के बाद वसंत कुंज थाने में मामला दर्ज किया गया था, जिसके आधार पर जांच शुरू हुई। पुलिस ने शुरू की विस्तृत जांच अधिकारियों ने अभी तक सार्वजनिक रूप से आरोपों का पूरा विवरण साझा नहीं किया है, लेकिन मामले की जांच कई पहलुओं से की जा रही है। पुलिस सोशल मीडिया गतिविधियों और पोस्ट की प्रकृति की जांच कर रही है। कौन हैं ‘The Skin Doctor’? डॉ. नीलम सिंह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर @theskindoctor13 नाम से सक्रिय हैं। वे स्किन केयर, एंटी-एजिंग और ब्यूटी टिप्स से जुड़े कंटेंट के लिए जाने जाते हैं। इसके अलावा वे राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर भी लगातार टिप्पणी करते रहे हैं। सोशल मीडिया पर उनके लाखों फॉलोअर्स बताए जाते हैं। पहले भी पूछताछ के लिए बुलाया गया था रिपोर्ट्स के मुताबिक अप्रैल 2026 में भी दिल्ली पुलिस ने उन्हें एक अन्य हाई-प्रोफाइल संपत्ति विवाद से जुड़े पोस्ट के मामले में पूछताछ के लिए बुलाया था। इसके कुछ दिनों बाद उन्होंने संजय कपूर की मौत से जुड़ा पोस्ट किया, जिसके बाद विवाद और बढ़ गया। पोस्ट में क्या कहा गया था? बताया जा रहा है कि डॉ. सिंह ने अपने पोस्ट में उस खबर का जिक्र किया था जिसमें कहा गया था कि पोलो खेलते समय संजय कपूर ने गलती से मधुमक्खी निगल ली थी। उन्होंने लिखा था कि ऐसी स्थिति में गंभीर एलर्जी, सांस रुकने या हार्ट संबंधी जटिलताएं हो सकती हैं। साथ ही उन्होंने ऐसी मेडिकल इमरजेंसी में तुरंत इलाज कराने की सलाह भी दी थी। संजय कपूर की मौत और परिवार विवाद Sunjay Kapur ऑटो कंपोनेंट कंपनी Sona Comstar के प्रमुख थे और अभिनेत्री Karisma Kapoor के पूर्व पति थे। जून में लंदन में पोलो खेलते समय उनकी मौत हो गई थी। मेडिकल रिपोर्ट में मौत का कारण हृदय संबंधी बीमारी बताया गया था। हालांकि बाद में परिवार की ओर से मौत की परिस्थितियों को लेकर सवाल उठाए गए और जांच की मांग की गई। सोशल मीडिया और राजनीति से भी जुड़ा नाम डॉ. नीलम सिंह को सोशल मीडिया पर भाजपा समर्थक टिप्पणियों के लिए भी जाना जाता है। वे अक्सर प्रधानमंत्री Narendra Modi और बीजेपी से जुड़े मुद्दों पर पोस्ट करते रहे हैं। हाल ही में उनका नाम अभिनेत्री Samantha Ruth Prabhu से जुड़े सोशल मीडिया विवाद में भी सामने आया था। फिलहाल पुलिस मामले की जांच जारी रखे हुए है और डिजिटल रिकॉर्ड तथा सोशल मीडिया पोस्ट की गहन जांच की जा रही है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।