silver price update

Gold and silver jewellery displayed in shop as prices rise during wedding season in India
शादी के सीजन में महंगा हुआ सोना-चांदी, खरीदारी से पहले जरूर जान लें 7 मई 2026 के ताजा रेट

शादी-ब्याह के सीजन के बीच सोने और चांदी की कीमतों में फिर तेजी देखने को मिली है। 7 मई 2026 को सर्राफा बाजार खुलते ही दोनों कीमती धातुओं के दाम बढ़ गए। India के कई बड़े शहरों में सोना और चांदी नए स्तर पर पहुंच गए हैं। ऐसे में अगर आप गहनों की खरीदारी करने की योजना बना रहे हैं, तो घर से निकलने से पहले ताजा रेट जरूर चेक कर लें। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ते तनाव, डॉलर की चाल और सुरक्षित निवेश की मांग के कारण सोने और चांदी की कीमतों में तेजी आई है। खासतौर पर शादी के सीजन में बढ़ी मांग का भी असर बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है। सोने की कीमतों में बढ़त आज 24 कैरेट सोने के दाम में लगभग 2,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक की तेजी दर्ज की गई है। हालांकि शहरवार तुलना में पिछले क्लोजिंग रेट से मामूली बढ़त भी देखने को मिली है। 24 कैरेट सोने का भाव (प्रति 10 ग्राम) शहर आज का रेट कल का रेट बदलाव Lucknow ₹1,52,290 ₹1,52,280 ₹10 बढ़ा Patna ₹1,52,190 ₹1,52,180 ₹10 बढ़ा Ranchi ₹1,52,200 ₹1,52,190 ₹10 बढ़ा Delhi ₹1,52,190 ₹1,52,180 ₹10 बढ़ा Mumbai ₹1,52,450 ₹1,52,440 ₹10 बढ़ा Chennai ₹1,52,900 ₹1,52,890 ₹10 बढ़ा चांदी की कीमतों में भी जोरदार उछाल चांदी की कीमतों में भी लगातार तेजी बनी हुई है। इंडस्ट्रियल डिमांड और निवेशकों की बढ़ती रुचि के कारण चांदी महंगी हो गई है। कई शहरों में चांदी का भाव 2.65 लाख रुपये प्रति किलो के पार पहुंच गया है। चांदी का भाव (प्रति किलो) शहर आज का रेट कल का रेट बदलाव Lucknow ₹2,65,100 ₹2,65,000 ₹100 बढ़ा Patna ₹2,65,100 ₹2,65,000 ₹100 बढ़ा Ranchi ₹2,65,100 ₹2,65,000 ₹100 बढ़ा Delhi ₹2,53,180 ₹2,53,080 ₹100 बढ़ा Bengaluru ₹2,53,820 ₹2,53,720 ₹100 बढ़ा Chennai ₹2,54,360 ₹2,54,260 ₹100 बढ़ा खरीदारी से पहले रखें इन बातों का ध्यान सर्राफा बाजार में जारी ये रेट बेस प्राइस हैं। इनमें 3% GST, मेकिंग चार्ज और अन्य टैक्स शामिल नहीं होते। ज्वेलरी खरीदते समय डिजाइन और कारीगरी के हिसाब से अलग-अलग मेकिंग चार्ज जोड़े जाते हैं, जिससे अंतिम कीमत और बढ़ सकती है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि खरीदारी से पहले अपने नजदीकी ज्वेलर से लाइव रेट और कुल बिल की जानकारी जरूर लें, ताकि बाद में किसी तरह की परेशानी न हो।  

surbhi मई 7, 2026 0
Gold and silver jewelry displayed with falling prices amid global market trends in India
कीमती धातुओं में नरमी बरकरार: 23 अप्रैल को सोना-चांदी सस्ते, क्या अभी खरीदना फायदेमंद?

  वैश्विक संकेतों के बीच घरेलू बाजार में सोना और चांदी दोनों की कीमतों में नरमी का रुख जारी है। निवेशकों के बदलते मूड और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव में कमी की खबरों का असर साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। 23 अप्रैल को भी कीमतों में मामूली गिरावट दर्ज की गई, जिससे खरीदारों को थोड़ी राहत मिली है। सोने की कीमतों में हल्की गिरावट आज सोने के दाम में प्रति ग्राम लगभग 1 रुपये की गिरावट देखने को मिली है। हालांकि यह गिरावट बहुत बड़ी नहीं है, लेकिन पिछले कुछ दिनों से जारी गिरावट के सिलसिले को आगे बढ़ाती है। दिल्ली और मुंबई जैसे प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोना करीब 15,475 रुपये प्रति ग्राम के आसपास बना हुआ है। प्रति 10 ग्राम सोने के ताजा रेट: 24 कैरेट: ₹1,54,740 (– ₹10) 22 कैरेट: ₹1,41,840 (– ₹10) 18 कैरेट: ₹1,16,050 (– ₹10) 18 अप्रैल को बने हालिया उच्च स्तर की तुलना में सोने की कीमतों में अब अच्छी-खासी नरमी आ चुकी है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कोई बड़ा उतार-चढ़ाव नहीं आता, तब तक कीमतें इसी दायरे में बनी रह सकती हैं। प्रमुख शहरों में सोने के दाम (प्रति ग्राम) पटना: 24K ₹15,638 | 22K ₹14,335 दिल्ली: 24K ₹15,489 | 22K ₹14,199 मुंबई: 24K ₹15,474 | 22K ₹14,184 चेन्नई: 24K ₹15,545 | 22K ₹14,249 चांदी भी हुई सस्ती सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी गिरावट दर्ज की गई है। आज चांदी करीब 100 रुपये प्रति किलोग्राम सस्ती हुई है। चांदी के ताजा रेट: 1 ग्राम: ₹264.90 100 ग्राम: ₹26,490 1 किलोग्राम: ₹2,64,900 अप्रैल की शुरुआत में जहां चांदी 2.55 लाख रुपये प्रति किलो के आसपास थी, वहीं 18 अप्रैल को यह 2.75 लाख रुपये तक पहुंच गई थी। अब इसमें मुनाफावसूली देखने को मिल रही है, जिससे कीमतों में गिरावट आई है। क्या यह खरीदारी का सही समय है? विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव में कमी, खासकर अमेरिका और ईरान के बीच हालात कुछ सामान्य होने से सोने की मांग पर दबाव पड़ा है। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह गिरावट एक अवसर के रूप में देखी जा सकती है। हालांकि, गहने खरीदते समय ग्राहकों को जीएसटी और मेकिंग चार्ज जैसी अतिरिक्त लागतों को ध्यान में रखना चाहिए, क्योंकि ये कीमतें बेस रेट होती हैं।  

surbhi अप्रैल 23, 2026 0
Gold prices rise while silver remains weak amid US-Iran talks and global market uncertainty
सोना चमका, चांदी में सुस्ती: अमेरिका-ईरान वार्ता और वैश्विक संकेतों से बदला बुलियन बाजार का रुख

अंतरराष्ट्रीय बाजार में मंगलवार, 21 अप्रैल 2026 को कीमती धातुओं का रुझान एक बार फिर अलग-अलग दिशा में नजर आया। जहां सोने की कीमतों में मजबूती दर्ज की गई, वहीं चांदी अब भी दबाव में बनी हुई है। वैश्विक स्तर पर बदलते आर्थिक संकेतों और अमेरिका-ईरान के बीच जारी कूटनीतिक वार्ता ने निवेशकों की रणनीति को प्रभावित किया है। अंतरराष्ट्रीय और घरेलू बाजार में ताजा भाव अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी एक्सचेंज (COMEX) पर सोना 4,837.50 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया, जो मजबूती का संकेत देता है। इसके विपरीत, चांदी की कीमत 79.515 डॉलर प्रति औंस पर बनी रही, जो हालिया गिरावट से उबर नहीं पाई है। घरेलू वायदा बाजार (MCX) में 20 अप्रैल के बंद भाव के अनुसार, सोना 1,53,902 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 2,52,574 रुपये प्रति किलोग्राम पर दर्ज की गई। कीमतों में उतार-चढ़ाव की प्रमुख वजहें 1. अमेरिका-ईरान शांति वार्ता का प्रभाव पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की वार्ता जारी है। इस कूटनीतिक पहल से मध्य-पूर्व में तनाव कम होने की उम्मीद जगी है। इसका असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा है, जिससे महंगाई के दबाव में कुछ नरमी आई है। हालांकि, इस राहत ने बुलियन बाजार में मिश्रित संकेत पैदा किए हैं। 2. डॉलर इंडेक्स और बॉन्ड यील्ड का दबाव वैश्विक अनिश्चितता के बीच अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में मजबूती और ट्रेजरी यील्ड में वृद्धि देखी गई है। इससे सोने में निवेश की अवसर लागत बढ़ जाती है, जिससे इसकी कीमतों पर दबाव बना रहता है। चांदी पर भी इसका नकारात्मक असर देखने को मिल रहा है। 3. फेडरल रिजर्व की सख्त नीति अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति अब भी सख्त बनी हुई है। ब्याज दरों में संभावित वृद्धि और सख्ती भरे रुख ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है, जिससे सोने-चांदी दोनों की तेजी सीमित हो रही है। निवेशकों के लिए क्या संकेत? विशेषज्ञों का मानना है कि मध्य-पूर्व में हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं। ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव भविष्य में महंगाई को फिर बढ़ा सकता है, जिससे बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है। सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में सोना अनिश्चितता के माहौल में सोना अब भी सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन मौजूदा उतार-चढ़ाव को देखते हुए निवेशकों को सतर्कता के साथ कदम उठाने की जरूरत है। रणनीति क्या हो? बाजार विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि निवेशक “बाय ऑन डिप्स” की रणनीति अपनाएं। यानी कीमतों में गिरावट आने पर धीरे-धीरे निवेश करना लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न दे सकता है।  

surbhi अप्रैल 21, 2026 0
Gold Price
Gold Price: सोना-चांदी के दामों में गिरावट

नई दिल्ली, एजेंसियां। अमेरिका और ईरान के बीच हुई शांति वार्ता के विफल होने के बाद घरेलू और वैश्विक सर्राफा बाजार (Bullion Market) में गिरावट दर्ज की गई है। कमजोर वैश्विक संकेतों और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच निवेशकों ने मुनाफावसूली की, जिससे सोना और चांदी दोनों के दाम प्रभावित हुए।   चांदी में बड़ी गिरावट, सोना भी टूटा दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी की कीमतों में 1,800 रुपये प्रति किलोग्राम की गिरावट दर्ज की गई। चांदी 2,47,000 रुपये से घटकर 2,45,200 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। वहीं, 99.9% शुद्धता वाला सोना भी 300 रुपये गिरकर 1,55,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।   अमेरिका-ईरान वार्ता विफलता का असर विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष विराम वार्ता बिना किसी नतीजे के खत्म होने के बाद बाजार की धारणा कमजोर हुई। इससे डॉलर और ट्रेजरी यील्ड में तेजी आई, जिसका सीधा असर सोने-चांदी की कीमतों पर पड़ा।   होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ी चिंता होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर बढ़ती अनिश्चितता ने भी बाजार पर दबाव बनाया है। इस मार्ग में संभावित सैन्य गतिविधियों और आपूर्ति बाधा की आशंका ने कच्चे तेल और सर्राफा बाजार दोनों में अस्थिरता बढ़ा दी है।   अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी गिरावट वैश्विक बाजारों में भी गिरावट देखने को मिली। हाजिर चांदी 2.09% गिरकर 74.31 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई, जबकि सोना 4,722.26 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा।   निवेशकों में अनिश्चितता, आगे रुख वैश्विक घटनाओं पर निर्भर विश्लेषकों का कहना है कि भू-राजनीतिक तनाव और डॉलर की चाल आगे भी बाजार को प्रभावित करेगी। हालांकि शुरुआती गिरावट के बाद कुछ सुधार भी देखा गया है, लेकिन अस्थिरता बनी हुई है। मंगलवार को डॉ. भीमराव आंबेडकर जयंती के कारण बाजार बंद रहेगा, जिससे अगले सत्र में प्रतिक्रिया देखने को मिलेगी।

Unknown अप्रैल 14, 2026 0
Gold Silver Price Today
Gold Silver Price Today: सर्राफा बाजार में उतार-चढ़ाव, जानें आज का ताजा भाव

नई दिल्ली, एजेंसियां। 1 अप्रैल को सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। जहां सोना 750 रुपये की तेजी के साथ ₹1.51 लाख प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, वहीं चांदी 1380 रुपये गिरकर ₹2.40 लाख प्रति किलोग्राम पर आ गई। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच नरमी की उम्मीदों और वैश्विक संकेतों का असर घरेलू बाजार पर साफ नजर आया।   सोना मजबूत, चांदी में गिरावट आज के कारोबार में सोने की कीमतों में मजबूती बनी रही, जबकि चांदी दबाव में दिखाई दी। विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों का रुझान फिलहाल सुरक्षित निवेश यानी सोने की ओर बढ़ा है। दूसरी ओर, चांदी में मुनाफावसूली और औद्योगिक मांग को लेकर अनिश्चितता के कारण गिरावट दर्ज की गई।   अंतरराष्ट्रीय बाजार से मिला सपोर्ट वैश्विक बाजार में भी सोने और चांदी में हलचल बनी रही। कॉमेक्स पर सोने की कीमत 1.25% बढ़कर 4,737 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई। पिछले सत्र में इसमें 3.5% की तेजी देखी गई थी। वहीं, चांदी 0.42% चढ़कर 75.23 डॉलर प्रति औंस पर पहुंची। इससे साफ है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी निवेशकों का रुझान कीमती धातुओं की ओर बना हुआ है।   तेजी की वजह क्या है? अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव को लेकर कुछ सकारात्मक संकेत मिले हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उम्मीद जताई है कि युद्ध अगले दो से तीन हफ्तों में समाप्त हो सकता है। वहीं, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने भी संघर्ष खत्म करने की इच्छा जताई है। इन संकेतों ने बाजार में उम्मीद जगाई है।   निवेशकों की नजर फेड और महंगाई पर हालांकि वैश्विक तनाव अब भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। तेल सप्लाई और महंगाई को लेकर चिंता बनी हुई है। ऐसे में निवेशकों की नजर अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व और जेरोम पॉवेल के आगामी बयानों पर टिकी है, जो सोना-चांदी की अगली चाल तय कर सकते हैं।

Unknown अप्रैल 1, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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Deepshikha जून 8, 2026 0