Spain

Europe Wildfire Crisis
यूरोप में जंगल की आग के मामलों में तेज बढ़ोतरी, WHO ने जताई चिंता; जलवायु परिवर्तन को बताया बड़ी वजह

ब्रुसेल्स, एजेंसियां। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने यूरोप में लगातार बढ़ रही जंगल की आग की घटनाओं पर गंभीर चिंता जताई है। संगठन के यूरोप क्षेत्रीय कार्यालय के अनुसार, पिछले चार वर्षों में क्षेत्र में जंगल की आग की घटनाओं में 57% की वृद्धि दर्ज की गई है। इस साल 22 जुलाई तक यूरोप में 1,254 से अधिक बड़े जंगलों में आग लग चुकी है, जिससे करोड़ों टन कार्बन डाइऑक्साइड वातावरण में पहुंची है।   फ्रांस, स्पेन और कई देशों में हालात गंभीर   WHO ने कहा कि इस समय फ्रांस, स्पेन, ग्रीस, पुर्तगाल और जर्मनी समेत कई यूरोपीय देशों में जंगल की आग तेजी से फैल रही है। फ्रांस और स्पेन में आग के कारण ढाई लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना पड़ा है, जबकि कई इलाकों में आपातकाल जैसी स्थिति बनी हुई है। स्पेन में इस वर्ष जंगल की आग से पहली मौत भी दर्ज की गई है। आग पर काबू पाने के लिए कई देशों ने सेना, हेलीकॉप्टर और फायर फाइटिंग विमानों को तैनात किया है।   स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा गंभीर असर   WHO ने चेतावनी दी कि जंगल की आग केवल पर्यावरण के लिए ही नहीं, बल्कि मानव स्वास्थ्य के लिए भी बड़ा खतरा बनती जा रही है। आग से निकलने वाला धुआं और सूक्ष्म कण (PM2.5) सांस संबंधी बीमारियों, हृदय रोग और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ाते हैं। संगठन ने सरकारों से आग की रोकथाम, आपदा प्रबंधन और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के साथ-साथ जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की है।

abhishek singh जुलाई 26, 2026 0
Spain Fire
स्पेन में साल की सबसे बड़ी जंगल की आग पांचवें दिन भी बेकाबू, 26 हजार हेक्टेयर से अधिक जंगल जलकर खाक

मैड्रिड, एजेंसियां। स्पेन के मध्य स्थित ग्वाडलाहारा प्रांत में लगी इस साल की सबसे बड़ी जंगल की आग लगातार पांचवें दिन भी बेकाबू बनी हुई है। अब तक आग 26,000 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र को अपनी चपेट में ले चुकी है। हालात बिगड़ने के बाद प्रशासन ने कई और कस्बों को खाली कराया है, जबकि 1,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।   कई बस्तियों पर मंडरा रहा खतरा   अधिकारियों के अनुसार, ला मिएर्ला इलाके में फैली आग के कारण करीब 30 आबादी वाले क्षेत्रों पर खतरा बना हुआ है। दमकलकर्मी लगातार आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन तेज हवाएं और शुष्क मौसम राहत कार्यों में बड़ी चुनौती बने हुए हैं।   नई हीटवेव ने बढ़ाई मुश्किलें   स्पेन की मौसम एजेंसी AEMET ने देश में वर्ष 2026 की तीसरी हीटवेव की चेतावनी जारी की है। कई इलाकों में तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है, जिससे जंगल की आग और तेजी से फैलने का खतरा बढ़ गया है।   यूरोप में सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में शामिल स्पेन   यूरोपीय संघ की निगरानी एजेंसियों के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक स्पेन में 1 लाख हेक्टेयर से अधिक वन क्षेत्र आग की चपेट में आ चुका है, जो यूरोप में सबसे अधिक है। वैज्ञानिकों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन, भीषण गर्मी और लंबे सूखे के कारण जंगल की आग की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।   राहत और बचाव अभियान जारी   स्थानीय प्रशासन ने अतिरिक्त दमकलकर्मियों, हेलीकॉप्टरों और आपदा राहत टीमों को प्रभावित क्षेत्रों में तैनात किया है। सरकार का कहना है कि फिलहाल लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और आग पर काबू पाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

abhishek singh जुलाई 21, 2026 0
Spain and Argentina players clash after the 2026 FIFA World Cup Final as FIFA launches a disciplinary investigation.
फाइनल के बाद मैदान पर बवाल! स्पेन-अर्जेंटीना खिलाड़ियों की हाथापाई की FIFA करेगा जांच, मेसी की टीम पर हो सकती है कार्रवाई

नई दिल्ली: फीफा विश्व कप 2026 के फाइनल में स्पेन ने अर्जेंटीना को अतिरिक्त समय में हराकर खिताब अपने नाम किया, लेकिन मैच खत्म होने के बाद जश्न की जगह मैदान पर तनावपूर्ण माहौल देखने को मिला। अंतिम सीटी बजते ही दोनों टीमों के कुछ खिलाड़ी आपस में भिड़ गए और मामला हाथापाई तक पहुंच गया। अब इस पूरे घटनाक्रम पर FIFA ने आधिकारिक जांच शुरू करने का फैसला किया है। यदि अनुशासनहीनता के आरोप सही पाए जाते हैं, तो खिलाड़ियों और संबंधित टीम अधिकारियों पर कार्रवाई हो सकती है। मैच खत्म होते ही बढ़ा विवाद फाइनल समाप्त होने के बाद अर्जेंटीना के मिडफील्डर लिएंड्रो परेडेस और स्पेन के खिलाड़ी एरिक गार्सिया तथा रॉडरी के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते बहस हाथापाई में बदल गई और दोनों टीमों के कई खिलाड़ी एक-दूसरे के आमने-सामने आ गए। स्थिति को बिगड़ता देख अर्जेंटीना के कोच और टीम स्टाफ ने बीच-बचाव किया, जिसके बाद खिलाड़ियों को अलग किया गया और मामला शांत कराया गया। FIFA ने शुरू की अनुशासनात्मक जांच घटना के बाद FIFA ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि फाइनल मुकाबले की मैच रिपोर्ट की समीक्षा की जा रही है। संगठन ने FIFA Disciplinary Code (FDC) के अनुच्छेद 36 के तहत पूरे मामले की जांच के लिए एक डिसिप्लिनरी और एथिक्स प्रॉसिक्यूटर नियुक्त किया है। FIFA के बयान के अनुसार: "स्पेन और अर्जेंटीना के बीच खेले गए विश्व कप फाइनल से जुड़ी मैच रिपोर्ट की समीक्षा के बाद मैच के बाद हुई घटनाओं में संभावित अनुशासनात्मक उल्लंघन की जांच शुरू कर दी गई है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद डिसिप्लिनरी कमिटी आगे की कार्रवाई और निर्णय की जानकारी देगी।" यदि जांच में खिलाड़ियों या अधिकारियों की गलती साबित होती है, तो जुर्माना, निलंबन या अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। एक्स्ट्रा टाइम में स्पेन ने जीता विश्व कप मैच की बात करें तो दोनों टीमों के बीच मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। निर्धारित 90 मिनट में फैसला नहीं हो सका, जिसके बाद मुकाबला अतिरिक्त समय में पहुंचा। स्पेन के लिए फेरान टोरेस ने 106वें मिनट में निर्णायक गोल दागा। उन्होंने निको विलियम्स के हेडर से मिले शानदार पास को नियंत्रित करते हुए बाएं पैर से जोरदार शॉट लगाया, जिसे अर्जेंटीना के गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज नहीं रोक सके। इस गोल की बदौलत स्पेन ने 2010 के बाद पहली बार फीफा विश्व कप का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया। हार के बाद भावुक हुए लियोनेल मेसी फाइनल में हार के बाद अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी बेहद भावुक नजर आए। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी भावनाएं साझा करते हुए लिखा कि यह हार बेहद दर्दनाक है और इस जख्म को भरने में समय लगेगा। मेसी ने अपने संदेश में कहा कि टीम ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार संघर्ष किया और देशवासियों के समर्थन की बदौलत एक बार फिर दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों में जगह बनाई। उन्होंने लिखा कि इस हार का दर्द जरूर रहेगा, लेकिन टीम द्वारा बनाई गई यादें और पूरे टूर्नामेंट में दिखाई गई मेहनत हमेशा उनके साथ रहेगी।  

surbhi जुलाई 21, 2026 0
Lionel Messi
फाइनल में अर्जेंटीना की 1-0 से हार, 39 वर्षीय मेसी का आखिरी वर्ल्ड कप यादगार लेकिन अधूरा रहा

नई दिल्ली, एजेंसियां। फुटबॉल जगत के महान खिलाड़ी लियोनेल मेसी का विश्व कप सफर भावुक अंदाज में समाप्त हो गया। FIFA विश्व कप 2026 के फाइनल में स्पेन ने अर्जेंटीना को अतिरिक्त समय (एक्स्ट्रा टाइम) में 1-0 से हराकर दूसरी बार विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। स्पेन की ओर से निर्णायक गोल फेरान टोरेस ने किया, जिसने अर्जेंटीना की खिताब बचाने की उम्मीदों पर विराम लगा दिया।   पूरे टूर्नामेंट में अर्जेंटीना की सबसे बड़ी ताकत बने  39 वर्षीय मेसी पूरे टूर्नामेंट में अर्जेंटीना की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरे। उन्होंने अपने अनुभव और नेतृत्व से टीम को लगातार प्रेरित किया, लेकिन फाइनल में स्पेन की सशक्त रणनीति के सामने उनका जादू नहीं चल सका। मुकाबले के बाद रनर-अप मेडल लेते समय मेसी भावुक हो गए और उनकी आंखों से छलके आंसुओं ने दुनिया भर के करोड़ों फुटबॉल प्रशंसकों को भावुक कर दिया।   मिडफील्ड में पूरी तरह दबदबा कायम रखा फाइनल में स्पेन ने शुरुआत से ही गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और मिडफील्ड में पूरी तरह दबदबा कायम रखा। अर्जेंटीना लंबे समय तक कोई प्रभावी आक्रमण नहीं कर सका। अतिरिक्त समय में मिले मौके का फायदा उठाते हुए फेरान टोरेस ने विजयी गोल दागकर स्पेन को ऐतिहासिक जीत दिलाई। पूरे मुकाबले में स्पेन की सामरिक अनुशासन और मजबूत रक्षापंक्ति के कारण मेसी अपेक्षित प्रभाव नहीं छोड़ सके।   हालांकि खिताबी मुकाबले का अंत अर्जेंटीना के पक्ष में नहीं रहा, लेकिन मेसी का पूरे टूर्नामेंट का प्रदर्शन शानदार रहा। उन्होंने आठ गोल दागे और चार असिस्ट किए, जिनमें इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में दो अहम असिस्ट भी शामिल रहे। उनके प्रदर्शन ने एक बार फिर साबित किया कि उम्र महज एक आंकड़ा है।   यह विश्व कप संभवतः मेसी के करियर का अंतिम विश्व कप साबित होगा। अगले संस्करण तक उनकी उम्र 43 वर्ष हो जाएगी। ऐसे में फाइनल में मिली हार के बावजूद मेसी की विरासत, उनके योगदान और खेल के प्रति समर्पण को फुटबॉल इतिहास हमेशा याद रखेगा।

abhishek singh जुलाई 20, 2026 0
Spain VS Argentina
स्पेन बना विश्व चैंपियन, फाइनल के बाद मैदान में भड़की खिलाड़ियों की भिड़ंत

नई दिल्ली,एजेंसियां। फीफा वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल मुकाबला स्पेन की ऐतिहासिक जीत के साथ समाप्त हुआ, लेकिन मैच के बाद मैदान पर हुई खिलाड़ियों की झड़प ने इस यादगार मुकाबले की चमक फीकी कर दी। एक्स्ट्रा टाइम में अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर स्पेन ने विश्व कप का खिताब अपने नाम किया, लेकिन अंतिम सीटी बजते ही दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच तीखी नोकझोंक हाथापाई में बदल गई।   सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में अर्जेंटीना के मिडफील्डर लिएंड्रो पेरेडेस और डिफेंडर नहुएल मोलिना को स्पेन के खिलाड़ियों के साथ आक्रामक व्यवहार करते देखा जा सकता है। वीडियो में दावा किया गया है कि पेरेडेस ने स्पेन के डिफेंडर एरिक गार्सिया का गला पकड़कर धक्का दिया, जबकि मोलिना ने एक स्पेनिश खिलाड़ी के पेट में मुक्का मारा। इसके अलावा, गावी को जमीन पर गिराने और रोड्री के साथ भी धक्का-मुक्की की घटनाएं सामने आईं। स्थिति को शांत कराने के लिए अर्जेंटीना के मुख्य कोच लियोनेल स्कालोनी सहित टीम स्टाफ को मैदान में उतरना पड़ा।   रिपोर्टों के अनुसार रिपोर्टों के अनुसार, विवाद की शुरुआत तब हुई जब स्पेन के कप्तान रोड्री जीत का जश्न मनाते हुए नहुएल मोलिना के पास से गुजरे। दोनों खिलाड़ियों के बीच कहासुनी हुई, जिसे शांत कराने के लिए एरिक गार्सिया आगे आए। हालांकि, इसके बाद पेरेडेस के हस्तक्षेप से मामला और बिगड़ गया और दोनों टीमों के कई खिलाड़ी आमने-सामने आ गए।   मैच के बाद अर्जेंटीना के खिलाड़ियों के व्यवहार को लेकर एक और विवाद सामने आया। आरोप है कि जब स्पेनिश खिलाड़ी पदक ग्रहण कर रहे थे, तब अर्जेंटीना के कुछ खिलाड़ी उनकी ओर पीठ करके खड़े रहे, जिसे खेल भावना के विपरीत माना जा रहा है।   हालांकि, झगड़े की वास्तविक वजह की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। फीफा की ओर से भी इस घटना पर कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है। यदि जांच में खिलाड़ियों का अनुचित आचरण साबित होता है, तो संबंधित खिलाड़ियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

abhishek singh जुलाई 20, 2026 0
Spain players celebrate FIFA World Cup 2026 victory after Ferran Torres scores the winning goal against Argentina in the final.
फीफा विश्व कप 2026: फेरन टॉरस के गोल से स्पेन बना विश्व चैंपियन, अर्जेंटीना का लगातार दूसरा खिताब जीतने का सपना टूटा

स्पेन ने फीफा विश्व कप 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया है। न्यू जर्सी में खेले गए रोमांचक फाइनल मुकाबले में स्पेन ने अतिरिक्त समय (एक्स्ट्रा टाइम) में किए गए एकमात्र गोल की बदौलत अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर विश्व फुटबॉल का सबसे प्रतिष्ठित खिताब जीत लिया। इस जीत के साथ स्पेन ने 16 साल बाद दोबारा विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया, जबकि मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना का लगातार दूसरा विश्व कप जीतने का सपना अधूरा रह गया। 90 मिनट तक नहीं हुआ कोई गोल फाइनल मुकाबला शुरुआत से ही बेहद कड़ा और संतुलित रहा। निर्धारित 90 मिनट और इंजरी टाइम तक दोनों टीमें गोल करने में नाकाम रहीं। स्पेन ने अपने पारंपरिक पजेशन आधारित खेल से गेंद पर अधिक नियंत्रण बनाए रखा, जबकि अर्जेंटीना ने तेज काउंटर अटैक के जरिए मौके बनाने की कोशिश की। दोनों टीमों के डिफेंडरों और गोलकीपरों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए हर हमले को विफल कर दिया। पहले हाफ के दौरान अर्जेंटीना के डिफेंडर लिसांड्रो मार्टिनेज को मिकेल ओयारजाबल पर फाउल करने के कारण येलो कार्ड दिखाया गया। रेड कार्ड ने बदला मैच का रुख दूसरे हाफ में भी मुकाबला बराबरी पर बना रहा, लेकिन मैच का सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब अर्जेंटीना के मिडफील्डर एंजो फर्नांडेज को रेड कार्ड दिखाया गया। रेड कार्ड मिलने के बाद अर्जेंटीना को 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा। इसका फायदा स्पेन ने अतिरिक्त समय में उठाया और लगातार आक्रामक खेल दिखाते हुए अर्जेंटीना के डिफेंस पर दबाव बनाए रखा। फेरन टॉरस ने किया निर्णायक गोल एक्स्ट्रा टाइम के 106वें मिनट में स्पेन के स्टार फॉरवर्ड फेरन टॉरस ने शानदार गोल दागकर मैच का इकलौता और निर्णायक गोल किया। यही गोल स्पेन को जीत दिलाने के लिए काफी साबित हुआ। गोल के बाद अर्जेंटीना ने बराबरी की पूरी कोशिश की, लेकिन स्पेनिश डिफेंस ने कोई मौका नहीं दिया और अंतिम सीटी बजते ही स्पेन की टीम विश्व कप ट्रॉफी जीतने का जश्न मनाने लगी। 16 साल बाद फिर विश्व विजेता बना स्पेन इस जीत के साथ स्पेन ने 2010 के बाद पहली बार फीफा विश्व कप का खिताब जीता। दूसरी ओर अर्जेंटीना लगातार दूसरी बार विश्व चैंपियन बनने से चूक गया। फाइनल में स्पेन का अनुशासित खेल, मजबूत रक्षा पंक्ति और अतिरिक्त समय में फेरन टॉरस का गोल टीम की ऐतिहासिक जीत की सबसे बड़ी वजह बना।  

surbhi जुलाई 20, 2026 0
Spain Winner
स्पेन ने अर्जेंटीना को हराकर दूसरी बार जीता FIFA वर्ल्ड कप, अतिरिक्त समय में फेरान टोरेस बने हीरो

न्यू जर्सी, एजेंसियां। स्पेन ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 के रोमांचक फाइनल में गत चैंपियन अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर दूसरी बार विश्व कप का खिताब अपने नाम कर लिया। निर्धारित 90 मिनट तक कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी, लेकिन अतिरिक्त समय (106वें मिनट) में फेरान टोरेस ने निर्णायक गोल दागकर स्पेन को ऐतिहासिक जीत दिलाई। यह स्पेन का 2010 के बाद दूसरा विश्व कप खिताब है।   106वें मिनट में टूटा गतिरोध   पूरे मुकाबले में स्पेन ने गेंद पर बेहतर नियंत्रण बनाए रखा और लगातार हमले किए, लेकिन अर्जेंटीना के गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज ने कई शानदार बचाव किए। आखिरकार अतिरिक्त समय के 106वें मिनट में फेरान टोरेस ने गोल कर मैच का एकमात्र और निर्णायक गोल दाग दिया।   अर्जेंटीना 10 खिलाड़ियों के साथ खेली   मुकाबले के अंतिम चरण में अर्जेंटीना को बड़ा झटका लगा, जब एंजो फर्नांडीज को दूसरा पीला कार्ड मिलने के बाद मैदान से बाहर भेज दिया गया। इसके बाद स्पेन ने अतिरिक्त समय में दबाव बढ़ाया और जीत दर्ज कर ली।   लियोनेल मेसी का विश्व कप सफर खत्म   यह मुकाबला लियोनेल मेसी के अंतरराष्ट्रीय करियर का आखिरी विश्व कप मैच माना जा रहा है। खिताब बचाने का सपना टूटने के बाद मेसी भावुक नजर आए, जबकि स्पेन के खिलाड़ियों ने दूसरी बार विश्व चैंपियन बनने का जश्न मनाया।   स्पेन ने रचा नया इतिहास   इस जीत के साथ स्पेन ने 2010 के बाद पहली बार और कुल दूसरी बार फीफा विश्व कप ट्रॉफी जीती। पूरे टूर्नामेंट में स्पेन ने शानदार रक्षात्मक प्रदर्शन किया और चैंपियन बनने तक केवल एक गोल ही खाया, जो विश्व कप इतिहास में एक नया रिकॉर्ड है।

abhishek singh जुलाई 20, 2026 0
Rodri Golden Ball
FIFA वर्ल्ड कप 2026 अवॉर्ड्स का ऐलान, रॉड्री बने सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी; किलियन एम्बाप्पे ने जीता गोल्डन बूट

न्यूयॉर्क, एजेंसियां। फीफा वर्ल्ड कप 2026 के समापन के साथ ही टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। स्पेन को विश्व चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले मिडफील्डर रॉड्री को गोल्डन बॉल (सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी) का पुरस्कार मिला, जबकि फ्रांस के किलियन एम्बाप्पे ने पूरे टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा गोल दागकर गोल्डन बूट अपने नाम किया। फाइनल के बाद आयोजित पुरस्कार समारोह में फीफा ने अन्य व्यक्तिगत पुरस्कारों की भी घोषणा की।    रॉड्री ने पूरे टूर्नामेंट में किया दमदार प्रदर्शन   स्पेन के मिडफील्ड की रीढ़ माने जाने वाले रॉड्री ने पूरे वर्ल्ड कप में शानदार खेल दिखाया। गेंद पर नियंत्रण, सटीक पासिंग और निर्णायक मौकों पर टीम को संभालने की उनकी क्षमता ने स्पेन को दूसरी बार विश्व चैंपियन बनाने में बड़ी भूमिका निभाई। इसी प्रदर्शन के दम पर उन्हें टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया।    एम्बाप्पे बने टूर्नामेंट के टॉप स्कोरर   फ्रांस भले ही खिताब नहीं जीत सका, लेकिन स्टार स्ट्राइकर किलियन एम्बाप्पे ने पूरे टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा गोल दागकर गोल्डन बूट अपने नाम किया। उनकी शानदार फिनिशिंग और लगातार गोल करने की क्षमता ने एक बार फिर उन्हें दुनिया के सर्वश्रेष्ठ फॉरवर्ड खिलाड़ियों में शामिल कर दिया।    अन्य पुरस्कार भी हुए घोषित   फीफा ने टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ युवा खिलाड़ी, सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर और फेयर प्ले अवॉर्ड की भी घोषणा की। विभिन्न श्रेणियों में खिलाड़ियों के प्रदर्शन को देखते हुए पुरस्कार दिए गए, जिनकी सूची फाइनल के तुरंत बाद जारी की गई।   स्पेन ने दूसरी बार जीता विश्व कप   फाइनल में अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर स्पेन ने इतिहास रचते हुए अपना दूसरा फीफा वर्ल्ड कप खिताब जीता। टीम के सामूहिक प्रदर्शन और रॉड्री जैसे खिलाड़ियों की शानदार भूमिका ने पूरे टूर्नामेंट में स्पेन को सबसे मजबूत टीम साबित किया।

abhishek singh जुलाई 20, 2026 0
Luis de la Fuente VS Lionel Scaloni
FIFA World Cup 2026 Final: स्पेन-अर्जेंटीना की टक्कर में मैदान के बाहर भी होगी गुरु-चेले की रणनीतिक जंग

नई दिल्ली, एजेंसियां। फीफा विश्व कप 2026 का फाइनल सिर्फ स्पेन और अर्जेंटीना के बीच खिताबी मुकाबला नहीं होगा, बल्कि यह दो पीढ़ियों और दो रणनीतिक दिमागों की भी टक्कर बनेगा। मैदान पर जहां 39 वर्षीय दिग्गज लियोनेल मेसी और 19 वर्षीय युवा स्टार लामिन यामाल के बीच मुकाबला देखने को मिलेगा, वहीं मैदान के बाहर स्पेन के मुख्य कोच लुइस दे ला फुएंते और अर्जेंटीना के कोच लियोनेल स्कालोनी की रणनीतिक जंग भी आकर्षण का केंद्र रहेगी।   इस मुकाबले को खास बनाने वाली बात यह है कि स्कालोनी कभी दे ला फुएंते के छात्र रह चुके हैं। वर्ष 2017 में स्पेनिश फुटबॉल फेडरेशन के कोचिंग कोर्स के दौरान दे ला फुएंते उनके प्रशिक्षक थे। अब वही गुरु और शिष्य विश्व फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर एक-दूसरे के खिलाफ खड़े हैं।   लियोनेल स्कालोनी 48 वर्षीय लियोनेल स्कालोनी ने खिलाड़ी के रूप में स्पेनिश क्लबों के लिए खेला और 2015 में संन्यास लेने के बाद कोचिंग की राह पकड़ी। 2018 में अर्जेंटीना के मुख्य कोच बनने पर उनकी नियुक्ति की आलोचना हुई, लेकिन उन्होंने टीम को नई पहचान दी। उनके नेतृत्व में अर्जेंटीना ने 2021 और 2024 का कोपा अमेरिका तथा 2022 का फीफा विश्व कप जीता। स्कालोनी टीम संतुलन और खिलाड़ियों के बेहतर प्रबंधन के लिए जाने जाते हैं तथा मेसी को खुलकर खेलने की आजादी देते हैं।   लुइस दे ला फुएंते   दूसरी ओर, 65 वर्षीय लुइस दे ला फुएंते स्पेन की युवा टीमों को निखारने के बाद 2022 में सीनियर टीम के मुख्य कोच बने। उनकी अगुआई में स्पेन ने UEFA यूरो 2024 का खिताब जीता। उनकी रणनीति पजेशन आधारित आक्रामक फुटबॉल, अनुशासन और सामूहिक खेल पर आधारित है।   फाइनल में दोनों कोच अपनी-अपनी रणनीतियों से बढ़त हासिल करने की कोशिश करेंगे। ऐसे में यह मुकाबला सिर्फ खिलाड़ियों की प्रतिभा ही नहीं, बल्कि गुरु और शिष्य के फुटबॉल दर्शन की भी सबसे बड़ी परीक्षा साबित होगा।

abhishek singh जुलाई 18, 2026 0
FIFA World Cup 2026
FIFA World Cup 2026: इतिहास रचेगा BTS, पहली बार वर्ल्ड कप फाइनल के हाफटाइम शो में देगा धमाकेदार परफॉर्मेंस

न्यूयॉर्क, एजेंसियां। फीफा विश्व कप 2026 का फाइनल सिर्फ फुटबॉल ही नहीं, बल्कि मनोरंजन के लिहाज से भी ऐतिहासिक बनने जा रहा है। पहली बार FIFA World Cup Final में आधिकारिक हाफटाइम शो आयोजित किया जाएगा, जिसमें दक्षिण कोरिया का सुपरस्टार K-Pop ग्रुप BTS वैश्विक पॉप आइकन Madonna और Shakira के साथ मंच साझा करेगा। यह आयोजन 19 जुलाई को न्यूयॉर्क-न्यू जर्सी स्टेडियम में स्पेन और अर्जेंटीना के बीच होने वाले फाइनल के दौरान होगा।   विश्व कप के इतिहास में पहली बार होगा हाफटाइम शो   फीफा ने इस बार अमेरिकी सुपर बाउल की तर्ज पर विश्व कप फाइनल में पहली बार हाफटाइम शो शामिल किया है। शो का निर्माण Global Citizen के सहयोग से किया जा रहा है, जबकि इसकी क्रिएटिव योजना में Coldplay के क्रिस मार्टिन की भी भूमिका है। इस कारण फाइनल का हाफटाइम सामान्य 15 मिनट की बजाय अधिक लंबा रहेगा।   BTS की वापसी को लेकर जबरदस्त उत्साह   सैन्य सेवा पूरी करने के बाद BTS की यह सबसे बड़ी वैश्विक प्रस्तुतियों में से एक होगी। दुनिया भर में करोड़ों प्रशंसक इस ऐतिहासिक परफॉर्मेंस का इंतजार कर रहे हैं। माना जा रहा है कि यह शो विश्व कप फाइनल की वैश्विक दर्शक संख्या को और बढ़ाएगा।   फुटबॉल और संगीत का अनोखा संगम   फीफा का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य फुटबॉल और संगीत के जरिए दुनिया भर के दर्शकों को जोड़ना है। हालांकि पारंपरिक फुटबॉल प्रशंसकों के एक वर्ग ने लंबे हाफटाइम को लेकर चिंता भी जताई है, लेकिन फीफा इसे विश्व कप इतिहास का नया अध्याय मान रहा है।   स्पेन और अर्जेंटीना के फाइनल पर भी टिकी रहेंगी नजरें   हाफटाइम शो के साथ-साथ फुटबॉल प्रेमियों की निगाहें स्पेन और अर्जेंटीना के बीच खेले जाने वाले विश्व कप फाइनल पर भी होंगी। फीफा को उम्मीद है कि खेल और मनोरंजन का यह अनूठा मेल विश्व कप 2026 के फाइनल को अब तक का सबसे यादगार आयोजन बना देगा।

abhishek singh जुलाई 18, 2026 0
Argentina vs Spain
FIFA World Cup 2026: किसके सिर सजेगा ताज? स्पेन या अर्जेंटीना

नई दिल्ली, एजेंसियां। फीफा वर्ल्ड कप 2026 अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। 48 टीमों के साथ शुरू हुए इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट का खिताबी मुकाबला अब स्पेन और अर्जेंटीना के बीच खेला जाएगा। एक ओर मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना लगातार दूसरी बार विश्व कप जीतकर इतिहास रचने की कोशिश करेगा, वहीं स्पेन 2010 के बाद पहली बार विश्व कप ट्रॉफी अपने नाम करने के इरादे से मैदान में उतरेगा।   दोनों टीमों ने शानदार प्रदर्शन कर बनाई फाइनल में जगह स्पेन ने सेमीफाइनल में फ्रांस को हराकर फाइनल का टिकट हासिल किया। टीम ने 16 साल बाद विश्व कप के फाइनल में जगह बनाई है और अब दूसरे विश्व खिताब से केवल एक जीत दूर है। दूसरी ओर अर्जेंटीना ने इंग्लैंड को मात देकर लगातार दूसरी बार फाइनल में प्रवेश किया। टीम की उम्मीदें एक बार फिर कप्तान लियोनेल मेसी पर टिकी होंगी, जबकि स्पेन की ओर से युवा स्टार लामिन यामाल सबसे बड़े आकर्षण होंगे।   कब और कहां खेला जाएगा फाइनल? फीफा वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल भारतीय समयानुसार 20 जुलाई की देर रात 12:30 बजे शुरू होगा। यह मुकाबला न्यूयॉर्क के न्यूजर्सी स्टेडियम में खेला जाएगा, जहां दुनिया भर के करोड़ों फुटबॉल प्रशंसकों की नजरें टिकी रहेंगी।   भारत में कहां देखें लाइव मुकाबला? भारतीय दर्शक इस महामुकाबले का आनंद टीवी और डिजिटल दोनों माध्यमों पर ले सकेंगे। डिजिटल स्ट्रीमिंग ZEE5 पर उपलब्ध होगी, जिसके लिए सक्रिय सब्सक्रिप्शन आवश्यक होगा। वहीं Jio यूजर्स JioTV ऐप पर DD Sports की फीड के जरिए मैच देख सकेंगे। टीवी पर मुकाबले का सीधा प्रसारण DD Sports, Unite8 Sports और Unite8 Sports HD चैनलों पर किया जाएगा।   फुटबॉल प्रेमियों के लिए यह मुकाबला बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है। एक तरफ अनुभव से भरपूर अर्जेंटीना है, तो दूसरी ओर युवा जोश और आक्रामक खेल के दम पर फाइनल तक पहुंची स्पेन की टीम। ऐसे में विश्व फुटबॉल को नया चैंपियन मिलेगा या अर्जेंटीना अपना ताज बचाएगा, इसका फैसला मैदान पर होगा।

abhishek singh जुलाई 17, 2026 0
Spain players celebrate after defeating France 2-0 to reach the FIFA World Cup 2026 final with a historic clean-sheet record.
FIFA World Cup 2026: स्पेन ने रचा 96 साल का इतिहास, फ्रांस को 2-0 से हराकर फाइनल में बनाई जगह, छह क्लीन शीट का अनोखा रिकॉर्ड

2026 फीफा विश्व कप के पहले सेमीफाइनल में स्पेन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फ्रांस को 2-0 से हराकर फाइनल में जगह बना ली। इस जीत के साथ स्पेन ने सिर्फ 16 साल बाद विश्व कप फाइनल में वापसी ही नहीं की, बल्कि 96 साल के विश्व कप इतिहास में ऐसा रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया, जो आज तक कोई भी टीम नहीं बना सकी थी। स्पेन ने पूरे टूर्नामेंट में अपनी मजबूत रक्षा पंक्ति और अनुशासित खेल का शानदार प्रदर्शन किया। यही कारण रहा कि फ्रांस जैसी मजबूत टीम भी स्पेन के डिफेंस को भेदने में पूरी तरह नाकाम रही। 96 साल में पहली बार बना यह रिकॉर्ड स्पेन एक ही फीफा विश्व कप में छह क्लीन शीट दर्ज करने वाली पहली टीम बन गई है। फ्रांस के खिलाफ सेमीफाइनल में मिकेल ओयार्जाबेल और पेड्रो पोरो के गोलों ने जीत सुनिश्चित की, लेकिन मैच की सबसे बड़ी ताकत स्पेन की मजबूत डिफेंस और गोलकीपर उनाई सिमोन का बेहतरीन प्रदर्शन रहा। पूरे टूर्नामेंट में स्पेन ने सात मुकाबलों में केवल एक गोल खाया, जबकि छह मैचों में विरोधी टीम एक भी गोल नहीं कर सकी। एम्बाप्पे समेत फ्रांस के स्टार खिलाड़ी रहे बेअसर किलियन एम्बाप्पे, माइकल ओलिसे और फ्रांस की आक्रामक लाइन से बड़े प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन स्पेन की रणनीतिक डिफेंस ने उन्हें खुलकर खेलने का मौका ही नहीं दिया। पूरे मुकाबले में फ्रांस लय हासिल नहीं कर सका और सेमीफाइनल से बाहर हो गया। टूटा पुराना विश्व रिकॉर्ड इससे पहले एक विश्व कप संस्करण में सबसे अधिक पांच क्लीन शीट का रिकॉर्ड नीदरलैंड्स (1974), इटली (1990), ब्राजील (1994), फ्रांस (1998) और स्पेन (2010) के नाम दर्ज था। अब स्पेन ने छह क्लीन शीट के साथ यह रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। 44 साल बाद दोहराया गया खास कारनामा मौजूदा यूरो चैंपियन स्पेन अब विश्व कप फाइनल में पहुंचने वाली दूसरी टीम बन गई है, जिसने यूरो चैंपियन रहते हुए लगातार दूसरी बार विश्व कप फाइनल में जगह बनाई है। इससे पहले यह उपलब्धि वेस्ट जर्मनी ने 1974 और 1982 में हासिल की थी। स्पेन ने 2008 यूरो जीतने के बाद 2010 विश्व कप जीता था और अब यूरो 2024 चैंपियन रहते हुए 2026 विश्व कप के फाइनल में पहुंच गया है। लगातार 37 मैचों से अजेय स्पेन स्पेन की यह जीत लगातार 37वां अजेय मुकाबला भी रही। टीम ने इस मामले में इटली के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है। यदि स्पेन फाइनल मुकाबला जीतता है, तो वह लगातार 38 मैचों तक अजेय रहने वाली पहली राष्ट्रीय फुटबॉल टीम बन जाएगी। फ्रांस के लिए निराशाजनक रिकॉर्ड फ्रांस के लिए यह हार बेहद निराशाजनक रही। 1986 विश्व कप में वेस्ट जर्मनी से 0-2 की हार के बाद यह नॉकआउट चरण में उसकी सबसे बड़ी हार मानी जा रही है। सेमीफाइनल जैसे बड़े मुकाबले में फ्रांस का आक्रमण पूरी तरह स्पेन के डिफेंस के सामने बेअसर साबित हुआ। हार के बाद फ्रांस में उठे सवाल सेमीफाइनल में हार के बाद फ्रांसीसी मीडिया और कई पूर्व खिलाड़ियों ने टीम की रणनीति और प्रदर्शन पर सवाल उठाए हैं। कप्तान किलियन एम्बाप्पे ने भी स्वीकार किया कि टीम से सामरिक और तकनीकी स्तर पर कई गलतियां हुईं, जिनका फायदा स्पेन ने पूरी तरह उठाया। क्या खत्म होने वाला है डिडिएर डेशॉम्प्स का दौर? फ्रांस के मुख्य कोच डिडिएर डेशॉम्प्स के भविष्य को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। उनके नेतृत्व में फ्रांस ने 2018 में विश्व कप जीता, 2022 में फाइनल खेला और 2026 में सेमीफाइनल तक का सफर तय किया। हालांकि स्पेन के खिलाफ मिली हार के बाद अब उनके भविष्य पर सवाल उठने लगे हैं। अब स्पेन की नजर 19 जुलाई को होने वाले विश्व कप फाइनल पर है। यदि टीम खिताब जीतने में सफल रहती है तो वह न केवल विश्व चैंपियन बनेगी, बल्कि कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड भी अपने नाम दर्ज करेगी। फिलहाल स्पेन ने यह साबित कर दिया है कि फुटबॉल में मजबूत रक्षा पंक्ति भी उतनी ही अहम होती है जितना शानदार आक्रमण।  

surbhi जुलाई 16, 2026 0
Spain players celebrate after defeating France 2-0 to qualify for the FIFA World Cup 2026 Final in Dallas.
फीफा वर्ल्ड कप 2026: एम्बाप्पे रहे बेअसर, 16 साल बाद फाइनल में पहुंचा स्पेन; फ्रांस को 2-0 से हराया

डलास: फीफा विश्व कप 2026 के पहले सेमीफाइनल में स्पेन ने दमदार प्रदर्शन करते हुए फ्रांस को 2-0 से शिकस्त देकर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। पूरे मुकाबले में स्पेन ने आक्रामक और अनुशासित खेल का बेहतरीन संतुलन दिखाया, जबकि किलियन एम्बाप्पे की अगुआई वाली फ्रांसीसी टीम लगातार संघर्ष करने के बावजूद गोल करने में नाकाम रही। इस जीत के साथ स्पेन ने 2010 के बाद पहली बार विश्व कप फाइनल में प्रवेश किया और अब वह 16 साल बाद दूसरी बार विश्व चैंपियन बनने से सिर्फ एक कदम दूर है। शुरुआत से ही स्पेन ने गेंद पर बेहतर नियंत्रण बनाए रखा और फ्रांस की रक्षापंक्ति पर लगातार दबाव बनाया। स्पेन की तेज पासिंग और सामूहिक खेल के सामने फ्रांस की टीम लय में नजर नहीं आई। दूसरी ओर, एम्बाप्पे को स्पेनिश डिफेंडरों ने पूरे मैच में खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। पेनल्टी से मिली शुरुआती बढ़त मैच का पहला बड़ा मौका 22वें मिनट में आया, जब स्पेन को पेनल्टी मिली। इस मौके को मिकेल ओयरजाबल ने बिना कोई गलती किए शानदार अंदाज में गोल में बदल दिया। उन्होंने गोलकीपर को गलत दिशा में भेजते हुए गेंद को नेट में पहुंचाया और स्पेन को 1-0 की अहम बढ़त दिला दी। इस गोल के बाद स्पेन का आत्मविश्वास और बढ़ गया। टीम ने गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और फ्रांस के हमलों को बीच मैदान में ही रोकने की रणनीति अपनाई। फ्रांस ने बराबरी करने की कोशिश जरूर की, लेकिन उसके हमलों में धार की कमी साफ दिखाई दी। पहले हाफ में स्पेन का रहा दबदबा हाफ टाइम तक स्पेन 1-0 से आगे था। फ्रांस ने कुछ मौके जरूर बनाए, लेकिन स्पेन की मजबूत रक्षापंक्ति और गोलकीपर ने हर चुनौती का सफलतापूर्वक सामना किया। एम्बाप्पे और फ्रांस के अन्य स्टार खिलाड़ी स्पेनिश डिफेंस को भेदने में असफल रहे। स्पेन ने पहले हाफ में न सिर्फ बढ़त हासिल की, बल्कि खेल की रफ्तार पर भी अपना नियंत्रण बनाए रखा। मिडफील्ड में उसकी पकड़ ने फ्रांस को खुलकर खेलने का अवसर नहीं दिया। पेड्रो पोरो ने जीत पर लगाई मुहर दूसरे हाफ की शुरुआत भी स्पेन ने आक्रामक अंदाज में की। 58वें मिनट में पेड्रो पोरो ने शानदार गोल दागकर स्कोर 2-0 कर दिया। इस गोल ने फ्रांस की वापसी की उम्मीदों को लगभग खत्म कर दिया। इसके बाद फ्रांस ने आक्रमण तेज करने की कोशिश की, लेकिन स्पेन की रक्षापंक्ति ने कोई बड़ी गलती नहीं की। स्पेन ने संयमित खेल दिखाते हुए गेंद पर कब्जा बनाए रखा और मैच के अंतिम मिनटों तक फ्रांस को कोई स्पष्ट गोल करने का मौका नहीं दिया। एम्बाप्पे का जादू नहीं चला पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करने वाले किलियन एम्बाप्पे इस बड़े मुकाबले में अपना प्रभाव छोड़ने में सफल नहीं रहे। स्पेन के डिफेंडरों ने उन्हें लगातार मार्क किया और खतरनाक मूव बनाने का मौका नहीं दिया। फ्रांस के अन्य स्टार खिलाड़ी भी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके। 16 साल बाद फिर विश्व कप फाइनल में स्पेन इस शानदार जीत के साथ स्पेन ने 2010 के बाद पहली बार फीफा विश्व कप के फाइनल में जगह बनाई है। अब उसकी नजर 16 साल बाद दूसरी बार विश्व कप ट्रॉफी जीतने पर होगी। दूसरी ओर, फ्रांस का लगातार दूसरा विश्व कप जीतने का सपना सेमीफाइनल में ही समाप्त हो गया। स्पेन के लिए यह जीत केवल फाइनल का टिकट नहीं, बल्कि नई पीढ़ी की टीम के आत्मविश्वास और शानदार सामूहिक प्रदर्शन का भी बड़ा प्रमाण है।  

surbhi जुलाई 15, 2026 0
Cristiano Ronaldo reacts after Portugal's FIFA World Cup 2026 exit against Spain.
Cristiano Ronaldo ने खेला अपना आखिरी FIFA World Cup, अंतरराष्ट्रीय संन्यास पर अभी नहीं लिया फैसला

स्पेन से हार के बाद भावुक हुए रोनाल्डो, बोले- जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं करूंगा Cristiano Ronaldo ने पुष्टि कर दी है कि FIFA World Cup 2026 उनके करियर का आखिरी विश्व कप था। हालांकि, उन्होंने फिलहाल पुर्तगाल की राष्ट्रीय टीम से संन्यास लेने का ऐलान नहीं किया है। 41 वर्षीय दिग्गज फुटबॉलर ने कहा कि वह अपने अंतरराष्ट्रीय भविष्य पर फैसला लेने से पहले परिवार के साथ समय बिताएंगे और शांत मन से सोच-विचार करेंगे। स्पेन के खिलाफ हार के साथ खत्म हुआ विश्व कप सफर Portugal का विश्व कप अभियान प्री-क्वार्टर फाइनल (राउंड ऑफ 16) में Spain के खिलाफ 1-0 की हार के साथ समाप्त हो गया। मुकाबले में दूसरे हाफ के स्टॉपेज टाइम में Mikel Merino ने निर्णायक गोल कर स्पेन को क्वार्टर फाइनल में पहुंचा दिया। मैच के बाद रोनाल्डो ने कहा कि टीम ने पूरी कोशिश की, लेकिन किस्मत उनके साथ नहीं थी। उन्होंने कहा, "मैं दुखी हूं कि मेरा विश्व कप सफर इस तरह खत्म हुआ। मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ दिया और पूरी ईमानदारी से खेला। यह मेरा आखिरी विश्व कप था, लेकिन अभी मैं अपने भविष्य पर कोई जल्दबाजी में फैसला नहीं लूंगा।" विश्व कप खत्म, लेकिन अंतरराष्ट्रीय करियर अभी नहीं रोनाल्डो ने साफ किया कि विश्व कप में उनका सफर जरूर समाप्त हो गया है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि उन्होंने पुर्तगाल के लिए अपना आखिरी मैच खेल लिया है। उन्होंने कहा कि भावनाओं में बहकर फैसला लेना सही नहीं होगा और वह कुछ समय बाद तय करेंगे कि राष्ट्रीय टीम के लिए खेलना जारी रखना है या नहीं। 'स्पेन को किस्मत का साथ मिला' हार के बाद रोनाल्डो ने माना कि मुकाबला बेहद करीबी था और दोनों टीमों के जीतने की बराबर संभावना थी। उनके अनुसार, "स्पेन को थोड़ा भाग्य का साथ मिला। यह ऐसा मैच था जो किसी भी तरफ जा सकता था।" छठा विश्व कप, लेकिन अधूरा रहा सबसे बड़ा सपना रोनाल्डो ने अपने करियर में रिकॉर्ड की बराबरी करते हुए छठा FIFA World Cup खेला। इस टूर्नामेंट में उन्होंने तीन गोल भी किए, लेकिन वह विश्व कप जीतने का अपना सबसे बड़ा सपना पूरा नहीं कर सके। विश्व फुटबॉल के सबसे सफल खिलाड़ियों में गिने जाने वाले रोनाल्डो के नाम कई व्यक्तिगत और टीम उपलब्धियां हैं, लेकिन विश्व कप ट्रॉफी उनके करियर की सबसे बड़ी अधूरी उपलब्धि बनकर रह गई। याद दिलाई पुर्तगाल की ऐतिहासिक सफलताएं रोनाल्डो ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व में पुर्तगाल ने पहली बार बड़े अंतरराष्ट्रीय खिताब जीते। उन्होंने कहा कि टीम ने UEFA Euro 2016 का खिताब जीता और इसके बाद UEFA Nations League में 2019 और 2025 में भी चैंपियन बनी। रोनाल्डो ने कहा, "मैंने पुर्तगाल के लिए तीन बड़े खिताब जीते। मेरे आने से पहले टीम ने कोई बड़ा खिताब नहीं जीता था। मेरे लिए 2016 की यूरोपीय चैम्पियनशिप विश्व कप जितनी ही महत्वपूर्ण है।" अभी बाकी है अंतिम फैसला फिलहाल इतना तय हो गया है कि रोनाल्डो का विश्व कप अध्याय समाप्त हो चुका है। हालांकि, उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का अंत अभी तय नहीं है। उन्होंने संकेत दिए हैं कि वह जल्दबाजी में संन्यास का फैसला नहीं करेंगे और परिवार के साथ समय बिताने के बाद ही अपने अगले कदम की घोषणा करेंगे।  

surbhi जुलाई 7, 2026 0
Spanish security agencies detain wanted gangster Goldy Dhillon in Madrid following intelligence shared by Punjab Police's Anti-Gangster Task Force.
भारत के इनपुट पर स्पेन में गिरफ्तार हुआ गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों, NIA का ₹10 लाख का इनामी अपराधी जल्द लाया जा सकता है भारत

चंडीगढ़: भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी सफलता मिली है। स्पेन की सुरक्षा एजेंसियों ने पंजाब पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) के इनपुट पर कुख्यात गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों को मैड्रिड से हिरासत में लिया है। लंबे समय से फरार गोल्डी ढिल्लों पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने 10 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। सूत्रों के मुताबिक, विदेश में बैठकर भारत में आपराधिक नेटवर्क संचालित करने वाले गोल्डी ढिल्लों की गिरफ्तारी के बाद अब उसे भारत लाने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। चंडीगढ़ हत्याकांड का बताया जा रहा मास्टरमाइंड जांच एजेंसियों के अनुसार, गोल्डी ढिल्लों 13 जून 2026 को चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित श्री कुमार मेडिकल हॉल के कैशियर जानकी दास की हत्या की साजिश का मुख्य आरोपी है। बताया जा रहा है कि उसने विदेश में बैठकर इस वारदात की पूरी साजिश रची थी। इसके अलावा वह पंजाब, चंडीगढ़, दिल्ली-एनसीआर और अन्य राज्यों में रंगदारी, टारगेट किलिंग और संगठित अपराध का नेटवर्क संचालित कर रहा था। भारत लाने की तैयारी शुरू स्पेन में हिरासत के बाद अब भारतीय एजेंसियां गोल्डी ढिल्लों के प्रत्यर्पण (Extradition) की प्रक्रिया तेज कर सकती हैं। चंडीगढ़ पुलिस भी उसे प्रोडक्शन वारंट पर लेकर जानकी दास हत्याकांड में पूछताछ करने की तैयारी कर रही है। सूत्रों के अनुसार, पंजाब पुलिस लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए समन्वय कर रही थी। 2022 में भारत छोड़कर हुआ था फरार गोल्डी ढिल्लों मूल रूप से पंजाब के राजपुरा का रहने वाला है। शुरुआती दौर में उसके खिलाफ मारपीट, धमकी और आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज हुए थे। बाद में वह रंगदारी, अवैध हथियारों और संगठित अपराध से जुड़े मामलों में सक्रिय हो गया। बताया जाता है कि वर्ष 2022 में वह भारत छोड़कर विदेश भाग गया था। इसके बाद उसने विदेश से ही पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर सहित कई राज्यों में अपना नेटवर्क मजबूत किया और कारोबारियों से रंगदारी वसूलने लगा। कनाडा की घटनाओं से भी जुड़ा नाम जांच एजेंसियों के मुताबिक, कनाडा में हुई कई फायरिंग की घटनाओं में भी गोल्डी ढिल्लों का नाम सामने आया था। उसके कुछ सहयोगियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनसे पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली थीं। लॉरेंस बिश्नोई गैंग से रहा है संबंध सूत्रों के अनुसार, गोल्डी ढिल्लों पहले लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा हुआ था। हालांकि बाद में दोनों के बीच विवाद बढ़ने के बाद उसने अलग गैंग बनाकर अपना आपराधिक नेटवर्क खड़ा कर लिया। फिलहाल उसके खिलाफ पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली-एनसीआर सहित कई राज्यों में हत्या, रंगदारी, अवैध हथियार और संगठित अपराध से जुड़े कई मामले दर्ज हैं। अब स्पेन में हुई कार्रवाई के बाद भारतीय एजेंसियां उसके प्रत्यर्पण और आगे की कानूनी कार्रवाई पर काम कर रही हैं।  

Deepshikha जुलाई 4, 2026 0
FIFA World Cup 2026
फीफा वर्ल्ड कप: पांचवें दिन चारों मुकाबले रहे ड्रॉ, ईरान, सऊदी और मिस्र ने एक-एक अंक से किया आगाज

वाशिंगटन, एजेंसियां। फीफा वर्ल्ड कप 2026 के पांचवें दिन खेले गए चारों मुकाबले ड्रॉ रहे। टूर्नामेंट में यह दुर्लभ नजारा 68 साल बाद देखने को मिला, जब एक ही दिन खेले गए सभी मैच बराबरी पर समाप्त हुए। इससे पहले ऐसा 1958 विश्व कप में हुआ था। दिन के मुकाबलों में केप वर्डे ने स्पेन को 0-0 से रोका, जबकि ईरान और न्यूजीलैंड 2-2, सऊदी अरब और उरुग्वे 1-1 तथा मिस्र और बेल्जियम 1-1 की बराबरी पर रहे।   ईरान ने दो बार पिछड़कर बचाया मैच ग्रुप जी के मुकाबले में ईरान ने शानदार जुझारूपन दिखाते हुए दो बार पिछड़ने के बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ 2-2 की बराबरी हासिल की। रामिन रेजाईन ने ईरान के लिए पहला गोल किया और दूसरे गोल की भूमिका भी निभाई, जिसे मोहम्मद मोहेब्बी ने गोल में बदला। न्यूजीलैंड की ओर से एलिजा जस्ट ने दोनों गोल किए, जबकि क्रिस वुड ने दोनों में असिस्ट दिया।   मिस्र ने बेल्जियम को कड़ी टक्कर दी ग्रुप जी के दूसरे मुकाबले में मिस्र ने बेल्जियम को 1-1 से रोककर शानदार प्रदर्शन किया। इमाम अशौर ने 19वें मिनट में मोहम्मद सलाह के बेहतरीन पास पर गोल कर मिस्र को बढ़त दिलाई। हालांकि, दूसरे हाफ में बेल्जियम को डिफेंडर मोहम्मद हनी के आत्मघाती गोल से बराबरी मिल गई। इसके बावजूद मिस्र ने मजबूत टीम के खिलाफ एक महत्वपूर्ण अंक हासिल किया।   सऊदी और केप वर्डे का दमदार प्रदर्शन ग्रुप एच में सऊदी अरब ने उरुग्वे के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ खेला। अब्दुलेलाह अल अमरी ने सऊदी अरब को बढ़त दिलाई, लेकिन अंतिम क्षणों में मैक्सी अराउजो ने उरुग्वे को बराबरी दिला दी। वहीं, दिन का सबसे बड़ा उलटफेर तब हुआ जब पहली बार विश्व कप खेल रही केप वर्डे ने स्पेन जैसी मजबूत टीम को गोल करने का मौका नहीं दिया। गोलकीपर वोजिन्हा के शानदार प्रदर्शन की बदौलत टीम ने अपने पहले विश्व कप मैच में ऐतिहासिक एक अंक हासिल किया।

abhishek singh जून 16, 2026 0
Donald Trump speaks amid NATO tensions over Iran, with US troop cuts in Italy and Spain under discussion
ईरान जंग पर सहयोग न मिलने से भड़के ट्रंप: इटली-स्पेन से अमेरिकी फौज हटाने की चेतावनी, NATO में बढ़ी हलचल

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी तनाव के बीच अपने ही सहयोगी देशों पर सख्त रुख अपना लिया है। ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि वे इटली और स्पेन में तैनात अमेरिकी सैनिकों की संख्या कम कर सकते हैं। इस बयान के बाद नाटो के भीतर हलचल तेज हो गई है। “साथ नहीं देंगे तो क्यों रखें फौज?” ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने साफ कहा कि अगर सहयोगी देश ईरान मुद्दे पर अमेरिका का साथ नहीं देते, तो वहां अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी पर सवाल उठना लाजिमी है। उन्होंने कहा, “शायद मैं ऐसा करूंगा… आखिर क्यों नहीं?” ट्रंप का आरोप है कि: इटली ने ईरान संकट में कोई खास सहयोग नहीं किया स्पेन का रवैया “बहुत खराब” रहा ईरान जंग से बढ़ी दरार यह विवाद तब गहराया जब अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू किया। नाटो के कई सदस्य देश इस युद्ध में सीधे शामिल होने से बच रहे हैं, जिससे ट्रंप नाराज हैं। ट्रंप चाहते हैं कि सहयोगी देश खासतौर पर: होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने में मदद करें समुद्री सुरक्षा और तेल सप्लाई बहाल करने में भूमिका निभाएं यूरोप में अमेरिकी सेना की मौजूदगी ताजा आंकड़ों (31 दिसंबर 2025) के अनुसार: जर्मनी: 36,436 अमेरिकी सैनिक इटली: 12,662 सैनिक स्पेन: 3,814 सैनिक ट्रंप का कहना है कि ये देश अपनी रक्षा पर पर्याप्त खर्च नहीं कर रहे और अमेरिका पर निर्भर हैं। मेलोनी पर सीधा हमला ट्रंप ने जॉर्जिया मेलोनी को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि मेलोनी में ईरान मामले पर “साहस की कमी” है। वहीं, स्पेन को लेकर नाराजगी इतनी ज्यादा बताई जा रही है कि कुछ रिपोर्ट्स में अमेरिका द्वारा उसे नाटो से बाहर करने के विकल्पों पर विचार की बात कही गई है (हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं है)। जर्मनी से भी टकराव ट्रंप ने फ्रेडरिक मर्ज पर भी सोशल मीडिया के जरिए निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जर्मनी को दूसरे देशों के मामलों में टिप्पणी करने के बजाय अपने देश की ऊर्जा और इमिग्रेशन समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। जर्मन नेतृत्व ने हालांकि साफ किया है कि: वे अमेरिका के साथ साझेदारी बनाए रखना चाहते हैं लेकिन सैन्य कार्रवाई के तरीके पर उनके अलग विचार हो सकते हैं यूरोप की प्रतिक्रिया जोहान वेडफुल ने कहा कि वे अमेरिकी सैनिकों की संभावित कटौती के लिए तैयार हैं और इस मुद्दे पर नाटो के भीतर चर्चा जारी है। यूरोपीय देशों का रुख फिलहाल संतुलन बनाए रखने का है–वे अमेरिका से दूरी भी नहीं बनाना चाहते और युद्ध में सीधे कूदने से भी बच रहे हैं। वैश्विक असर: तेल और बाजार पर दबाव ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई और होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधा के कारण: वैश्विक तेल सप्लाई प्रभावित हुई है कीमतों में तेजी देखी जा रही है ऊर्जा संकट गहराने की आशंका बढ़ी है इसके अलावा स्पेन ने गाजा के लिए जा रहे सहायता जहाजों को रोकने पर इजरायल की आलोचना भी की है, जिससे अमेरिका और उसके सहयोगियों के बीच मतभेद और बढ़ गए हैं। क्या बदल सकता है NATO समीकरण? यह पूरा घटनाक्रम नाटो के अंदर नई दरारों की ओर इशारा करता है। अगर अमेरिका सच में यूरोप से अपनी सैन्य मौजूदगी कम करता है, तो: यूरोप को अपनी सुरक्षा रणनीति बदलनी पड़ेगी नाटो की एकजुटता पर असर पड़ सकता है वैश्विक शक्ति संतुलन में बदलाव आ सकता है

surbhi मई 1, 2026 0
Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Top week

Smoke rises after reported airstrikes in Iraq as regional tensions escalate in West Asia
दुनिया

US-Saudi Strike: इराक में अमेरिका-सऊदी की संयुक्त कार्रवाई, 4 IRGC जवानों की मौत का दावा; पश्चिम एशिया में बढ़ा तनाव

kalpana जुलाई 30, 2026 0