धर्मशाला में आज होगा अहम मुकाबला Indian Premier League 2026 का 58वां मुकाबला आज Punjab Kings और Mumbai Indians के बीच खेला जाएगा। यह मैच शाम 7:30 बजे धर्मशाला के एचपीसीए स्टेडियम में होगा। पंजाब किंग्स के लिए यह मुकाबला ‘करो या मरो’ जैसा माना जा रहा है। टीम अगर यह मैच हारती है तो उसका प्लेऑफ में पहुंचने का सपना लगभग खत्म हो सकता है। लगातार हार से मुश्किल में पंजाब श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली पंजाब टीम लगातार चार मैच हार चुकी है। टीम ने अब तक 11 मुकाबलों में सिर्फ 4 जीत दर्ज की है और अंक तालिका में संघर्ष करती नजर आ रही है। प्लेऑफ की उम्मीद बनाए रखने के लिए पंजाब को अपने बचे हुए दोनों मैच जीतने होंगे। हेड-टू-हेड रिकॉर्ड में कांटे की टक्कर पंजाब और मुंबई के बीच मुकाबला हमेशा रोमांचक रहा है। दोनों टीमों के बीच अब तक 35 मैच खेले गए हैं, जिनमें दोनों ने 17-17 मुकाबले जीते हैं, जबकि एक मैच बेनतीजा रहा। आज जीतने वाली टीम न सिर्फ अंक तालिका में फायदा पाएगी, बल्कि आपसी रिकॉर्ड में भी बढ़त बना लेगी। पंजाब की गेंदबाजी बनी चिंता इस सीजन पंजाब की सबसे बड़ी कमजोरी उसकी गेंदबाजी रही है। Arshdeep Singh की इकोनॉमी भी 9 से ऊपर रही है, जिससे टीम की परेशानी बढ़ी है। लॉकी फर्ग्यूसन और मार्को यानसन जैसे गेंदबाजों के बावजूद टीम रन रोकने में सफल नहीं हो रही। पिछले मैच में Yuzvendra Chahal को प्लेइंग-11 में शामिल करने के बावजूद उनसे गेंदबाजी नहीं कराई गई थी, जिसने फैंस को भी हैरान किया। मुंबई इंडियंस का सीजन भी निराशाजनक दूसरी ओर Mumbai Indians का प्रदर्शन भी इस सीजन बेहद खराब रहा है। टीम ने 11 में से सिर्फ 3 मुकाबले जीते हैं और अंक तालिका में निचले स्थान पर है। Jasprit Bumrah जैसे स्टार गेंदबाज की मौजूदगी के बावजूद मुंबई गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों विभागों में संघर्ष करती दिखी है। हालांकि रिपोर्ट्स के मुताबिक कप्तान Hardik Pandya इस मैच में वापसी कर सकते हैं, जिससे टीम को मजबूती मिल सकती है। धर्मशाला में बारिश बन सकती है बाधा मौसम विभाग के अनुसार धर्मशाला में मैच के दौरान हल्की बारिश और गरज-चमक की संभावना है। तापमान 12 से 20 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। हालांकि एचपीसीए स्टेडियम का ड्रेनेज सिस्टम बेहतर माना जाता है, इसलिए बारिश के बाद भी मुकाबला जल्द शुरू होने की उम्मीद है। संभावित प्लेइंग-11 पंजाब किंग्स प्रियांश आर्या, प्रभसिमरन सिंह, कूपर कोनोली, Shreyas Iyer (कप्तान), मार्कस स्टोयनिस, सूर्यांश शेडगे, मार्को यानसन, लॉकी फर्ग्यूसन, Arshdeep Singh, Yuzvendra Chahal, यश ठाकुर। इम्पैक्ट प्लेयर: शशांक सिंह मुंबई इंडियंस रायन रिकेल्टन, नमन धीर, Suryakumar Yadav, तिलक वर्मा, विल जैक्स, Hardik Pandya (कप्तान), कॉर्बिन बॉश, शार्दुल ठाकुर, दीपक चाहर, अल्लाह गजनफर, Jasprit Bumrah। इम्पैक्ट प्लेयर: Rohit Sharma
मुंबई इंडियंस और हार्दिक के बीच सबकुछ ठीक नहीं? आईपीएल 2026 में खराब प्रदर्शन के बीच Hardik Pandya और Mumbai Indians के रिश्तों को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। सोशल मीडिया पर हुई गतिविधियों ने फैंस के बीच कई सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक हार्दिक ने इंस्टाग्राम पर मुंबई इंडियंस को पहले अनफॉलो किया और फिर कुछ घंटे बाद दोबारा फॉलो कर लिया। इसके अलावा उन्होंने टीम से जुड़ी कई पोस्ट भी हटाई हैं। इस घटनाक्रम के बाद माना जा रहा है कि टीम मैनेजमेंट और कप्तान के बीच सबकुछ सामान्य नहीं चल रहा। कप्तानी बदलने के बाद से बढ़ी थी नाराजगी गौरतलब है कि 2024 सीजन में मुंबई इंडियंस ने Rohit Sharma की जगह हार्दिक पांड्या को कप्तान बनाया था। इस फैसले के बाद टीम के भीतर मतभेद की खबरें लगातार सामने आती रही हैं। रोहित शर्मा लंबे समय तक टीम के सबसे सफल कप्तान रहे और उनकी कप्तानी में मुंबई ने पांच आईपीएल खिताब जीते थे। रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि कुछ वरिष्ठ खिलाड़ी हार्दिक के बजाय रोहित के करीब माने जाते हैं। इनमें Suryakumar Yadav, Tilak Varma और Jasprit Bumrah के नाम शामिल बताए जा रहे हैं। प्लेऑफ की रेस से बाहर हुई मुंबई आईपीएल 2026 में मुंबई इंडियंस का प्रदर्शन उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा और टीम प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो चुकी है। हार्दिक पिछले दो मुकाबलों में चोट के कारण नहीं खेले, जिसके बाद कप्तानी की जिम्मेदारी सूर्यकुमार यादव ने संभाली। सूत्रों के अनुसार हार्दिक ने सोशल मीडिया पर रोहित शर्मा और सूर्यकुमार यादव को भी अनफॉलो किया है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। RCB मैच में भी नहीं दिखे हार्दिक Royal Challengers Bengaluru के खिलाफ मुकाबले में भी हार्दिक मैदान पर नजर नहीं आए। बताया गया कि पीठ में दर्द के कारण वह मैच के लिए फिट नहीं थे। हालांकि टीम के साथ रायपुर पहुंचे थे, लेकिन स्टेडियम में उनकी मौजूदगी नहीं दिखी। यह इस सीजन का तीसरा मैच था जिसमें हार्दिक हिस्सा नहीं ले सके। ऐसे में टीम और खिलाड़ी के बीच बढ़ती दूरी को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं। अब तक नहीं आया आधिकारिक बयान फिलहाल मुंबई इंडियंस या हार्दिक पांड्या की तरफ से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। लेकिन सोशल मीडिया पर फॉलो-अनफॉलो की गतिविधियों ने फैंस के बीच नई बहस छेड़ दी है कि क्या अगले सीजन में हार्दिक और मुंबई अलग-अलग रास्ते चुन सकते हैं।
BCCI कर सकती है बड़ा फैसला (BCCI) जल्द ही भारतीय टी20 टीम की कप्तानी में बड़ा बदलाव कर सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक Suryakumar Yadav को टी20 कप्तानी से हटाया जा सकता है, जबकि Shreyas Iyer इस पद के सबसे बड़े दावेदार माने जा रहे हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चयन समिति सूर्यकुमार यादव के हालिया प्रदर्शन से संतुष्ट नहीं है और अब टीम में नए नेतृत्व की तैयारी की जा रही है। खराब फॉर्म बना बड़ी वजह हालांकि सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारत ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब जीता था, लेकिन बल्लेबाजी में उनका प्रदर्शन लगातार सवालों के घेरे में रहा है। आईपीएल 2026 में भी वह उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। बताया जा रहा है कि मुंबई इंडियंस के लिए इस सीजन 10 मैचों में सूर्यकुमार सिर्फ 195 रन ही बना सके हैं। यही वजह है कि चयनकर्ता अब टीम में बदलाव पर विचार कर रहे हैं। चोट से भी जूझ रहे हैं सूर्यकुमार रिपोर्ट्स के अनुसार सूर्यकुमार यादव पिछले कुछ समय से कलाई की समस्या से परेशान हैं। कहा जा रहा है कि वह दर्द और असहजता के बावजूद लगातार खेल रहे हैं। ऐसे में उनकी फिटनेस को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। इतना ही नहीं, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि आगामी आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए उनकी टीम में जगह भी पूरी तरह पक्की नहीं मानी जा रही है। श्रेयस अय्यर की शानदार वापसी दूसरी ओर Punjab Kings के कप्तान श्रेयस अय्यर शानदार फॉर्म में चल रहे हैं। उन्होंने आईपीएल 2026 में पंजाब किंग्स को शुरुआती सात मैचों में छह जीत दिलाई है। साथ ही उन्होंने 9 पारियों में 333 रन भी बनाए हैं। यही कारण है कि चयनकर्ता उन्हें टी20 टीम में वापसी के साथ कप्तानी सौंपने पर विचार कर रहे हैं। दो साल बाद हो सकती है T20 टीम में वापसी श्रेयस अय्यर ने पिछले दो साल से कोई टी20 इंटरनेशनल मुकाबला नहीं खेला है। उनका आखिरी टी20 मैच दिसंबर 2023 में था। इसके बावजूद मौजूदा फॉर्म और नेतृत्व क्षमता के कारण वह कप्तानी की रेस में सबसे आगे बताए जा रहे हैं। सूर्यकुमार का रिकॉर्ड फिर भी शानदार गौरतलब है कि रोहित शर्मा के संन्यास के बाद सूर्यकुमार यादव ने भारत की टी20 टीम की कमान संभाली थी। उनकी कप्तानी में टीम ने अब तक कोई टी20 सीरीज नहीं हारी है। ऐसे में अगर कप्तानी में बदलाव होता है तो यह फैसला काफी चौंकाने वाला माना जाएगा।
IPL 2026 के 20वें मुकाबले में Royal Challengers Bengaluru ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मुंबई Indians को 18 रनों से हराकर अंक तालिका में बड़ा उलटफेर कर दिया। इस जीत के साथ आरसीबी ने टॉप-3 में जगह बना ली, जबकि मुंबई इंडियंस आठवें स्थान पर खिसक गई। RCB की धमाकेदार बल्लेबाजी पहले बल्लेबाजी करते हुए आरसीबी ने आक्रामक शुरुआत की। Virat Kohli और फिल सॉल्ट ने पहले विकेट के लिए 120 रनों की साझेदारी कर टीम को मजबूत आधार दिया। कोहली ने 50 रनों की अहम पारी खेली, जबकि सॉल्ट ने 78 रन बनाकर मुंबई के गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। इसके बाद Rajat Patidar ने सिर्फ 20 गेंदों में 53 रन ठोककर मैच पूरी तरह आरसीबी की ओर मोड़ दिया। अंत में टिम डेविड ने 16 गेंदों में नाबाद 34 रन बनाकर टीम का स्कोर 240 तक पहुंचा दिया। लक्ष्य का पीछा करते हुए लड़खड़ाई MI 241 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी मुंबई इंडियंस की शुरुआत अच्छी रही, लेकिन जल्द ही टीम को बड़ा झटका लगा। Rohit Sharma 19 रन बनाकर चोटिल हो गए और मैदान छोड़ना पड़ा, जिससे टीम की लय टूट गई। रयान रिकेल्टन (37) ने कुछ अच्छे शॉट लगाए, जबकि कप्तान Suryakumar Yadav 33 रन बनाकर आउट हो गए। तिलक वर्मा भी प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे। गेंदबाजी में RCB का दबदबा मध्य ओवरों में Suyash Sharma के दो अहम विकेटों ने मैच का रुख बदल दिया। वहीं Krunal Pandya ने किफायती गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर में सिर्फ 26 रन देकर दबाव बनाए रखा। हालांकि अंत में शेरफेन रदरफोर्ड ने 71* रनों की विस्फोटक पारी खेलकर मैच को रोमांचक बनाया, लेकिन टीम को जीत नहीं दिला सके। मुंबई इंडियंस 20 ओवर में 222/5 तक ही पहुंच सकी। पॉइंट्स टेबल पर असर इस जीत के साथ आरसीबी ने न केवल मैच जीता, बल्कि अंक तालिका में अपनी स्थिति भी मजबूत कर ली। वहीं मुंबई इंडियंस के लिए प्लेऑफ की राह अब और चुनौतीपूर्ण हो गई है।
मुंबई, एजेंसियां। मुंबई इंडियंस के कप्तान सूर्यकुमार यादव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह फिल्म 'धुरंधर' के मशहूर गाने 'Fa9la' पर डांस करते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो में सूर्यकुमार ने अक्षय खन्ना के किरदार रहमान डकैत के वायरल डांस स्टेप्स को रीक्रिएट करते हुए स्टेज पर धमाल मचा दिया। मुंबई इंडियंस ने गुरुवार, 2 अप्रैल को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर यह वीडियो शेयर किया, जो देखते ही देखते फैंस के बीच चर्चा का विषय बन गया। सूर्यकुमार यादव का दिखाधुरंधर मोड वीडियो में सूर्यकुमार यादव का रिलैक्स्ड और मस्ती भरा अंदाज देखने को मिला। मुंबई इंडियंस ने वीडियो के कैप्शन में लिखा, "ये दादा का स्टाइल है, पूरा धुरंधर मोड।" इस वीडियो ने आईपीएल 2026 में कप्तान के फैन्स के लिए अलग ही उत्साह पैदा कर दिया है। मुंबई इंडियंस ने कोलकाता नाइट राइडर्स शानदार जीत हासिल की आईपीएल 2026 के हाल ही में हुए सीजन ओपनर में मुंबई इंडियंस ने कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ छह विकेट से शानदार जीत दर्ज की थी। रयान रिकेल्टन और रोहित शर्मा की मदद से मुंबई ने 221 रन का लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल किया। यह मुंबई इंडियंस का आईपीएल इतिहास में सबसे बड़ा रन-चेज और 2012 के बाद पहला सीजन ओपनर जीतने का मौका था। मुंबई इंडियंस का अगला मैच 4 अप्रैल को अरुण जेटली स्टेडियम में दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ होगा। इसके पहले, सूर्यकुमार की कप्तानी में भारत ने T20 वर्ल्ड कप 2026 में फाइनल में न्यूज़ीलैंड को हराकर ट्रॉफी जीती थी। सूर्यकुमार की लीडरशिप और स्टाइलिश अंदाज ने उन्हें मैदान के साथ-साथ स्टेज पर भी फैंस का पसंदीदा बना दिया है। इस वीडियो ने आईपीएल 2026 में उनके खेल और ग्लैमरस अंदाज दोनों को एक साथ दिखाया है।
नई दिल्ली,एजेंसियां। भारतीय टी20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने इंटरनेशनल क्रिकेट में अपने पांच साल पूरे होने पर सोशल मीडिया पर एक खास वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में उन्होंने अपने अब तक के क्रिकेट सफर को याद करते हुए फैंस और टीम के साथियों का आभार जताया। सूर्यकुमार यादव ने 14 मार्च को यह वीडियो पोस्ट किया, जो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में उन्होंने कहा कि भारत की जर्सी पहनना उनके लिए एक सपना था, जो पांच साल पहले सच हुआ। उन्होंने इस सफर में साथ देने वाले सभी लोगों का धन्यवाद किया।वीडियो के कैप्शन में उन्होंने लिखा कि पांच साल पहले उनका एक सपना हकीकत में बदला था और टीम इंडिया के लिए खेलना आज भी उनके लिए गर्व और भावनाओं से भरा अनुभव है। टी20 वर्ल्ड कप जीत के बाद बढ़ा सूर्या का कद हाल ही में Suryakumar Yadav की कप्तानी में भारतीय टीम ने ICC Men's T20 World Cup 2026 का खिताब अपने नाम किया था। यह जीत भारतीय क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक रही और इसके बाद सूर्या की कप्तानी की भी काफी सराहना हुई।वर्ल्ड कप जीतने के बाद सूर्या फिलहाल छोटे ब्रेक पर हैं। माना जा रहा है कि वह जल्द ही Indian Premier League 2026 की तैयारियों में जुट जाएंगे। इंटरनेशनल करियर में शानदार प्रदर्शन सूर्यकुमार यादव ने अपने इंटरनेशनल करियर में शानदार प्रदर्शन किया है। अब तक उन्होंने भारत के लिए 37 वनडे, 113 टी20 इंटरनेशनल और एक टेस्ट मैच खेला है। इन मैचों में उन्होंने वनडे क्रिकेट में 773 रन बनाए हैं, जबकि टी20 इंटरनेशनल में उनका प्रदर्शन बेहद शानदार रहा है। उन्होंने इस फॉर्मेट में 3272 रन बनाए हैं और कई मैचों में टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई है। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने एक मैच खेला है, जिसमें आठ रन बनाए थे। कप्तानी में भी शानदार रिकॉर्ड बतौर कप्तान भी सूर्यकुमार यादव का रिकॉर्ड काफी प्रभावशाली रहा है। उन्होंने अब तक 52 टी20 इंटरनेशनल मैचों में भारतीय टीम की कप्तानी की है। इनमें से 40 मैचों में भारत को जीत मिली है, जबकि सिर्फ आठ मैचों में हार का सामना करना पड़ा।इस तरह उनका जीत प्रतिशत करीब 76.94 रहा है, जो टी20 क्रिकेट में किसी भी कप्तान के लिए बेहद शानदार माना जाता है। फैंस के लिए खास संदेश टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद भी सूर्यकुमार यादव ने फैंस के लिए एक भावुक संदेश दिया था। उन्होंने कहा था कि यह जीत सिर्फ टीम की नहीं बल्कि पूरे भारत की है।
नई दिल्ली: ICC Men's T20 World Cup 2026 का खिताब जीतकर भारतीय टीम ने इतिहास रच दिया। फाइनल में New Zealand national cricket team को 96 रन से हराकर भारत ने तीसरी बार यह ट्रॉफी अपने नाम की और लगातार दूसरी बार चैंपियन बनने का रिकॉर्ड भी बनाया। इस ऐतिहासिक जीत के बाद Board of Control for Cricket in India (BCCI) ने टीम इंडिया और सपोर्ट स्टाफ के लिए कुल 131 करोड़ रुपये के इनाम की घोषणा की है। खिलाड़ियों को मिलेंगे 6-6 करोड़ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, टीम के 15 खिलाड़ियों में से हर खिलाड़ी को लगभग 6 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। बाकी करीब 41 करोड़ रुपये कोचिंग स्टाफ और अन्य सपोर्ट स्टाफ के बीच बांटे जाएंगे। इस जीत में कप्तान Suryakumar Yadav और हेड कोच Gautam Gambhir की रणनीति को अहम माना जा रहा है। भारत ने बनाए कई रिकॉर्ड टी20 वर्ल्ड कप जीत के साथ ही भारत इस टूर्नामेंट को तीन बार जीतने वाली पहली टीम बन गया है। साथ ही टीम ने लगातार दूसरी बार खिताब जीतकर नया कीर्तिमान भी स्थापित किया। इसके अलावा भारत अपने ही घर में टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाला पहला देश भी बन गया है। BCCI ने की टीम की तारीफ BCCI के सचिव Devajit Saikia ने बयान जारी कर कहा कि यह जीत भारतीय क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक है और टीम ने इस फॉर्मेट में अपनी श्रेष्ठता साबित की है। वहीं BCCI अध्यक्ष Mithun Manhas ने भी टीम की तारीफ करते हुए कहा कि टी20 वर्ल्ड कप जीतना पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा कि खिताब बचाना और घरेलू मैदान पर यह उपलब्धि हासिल करना इसे और भी खास बनाता है। गौरतलब है कि इससे पहले 2024 में भारत की जीत के बाद BCCI ने 125 करोड़ रुपये के इनाम का ऐलान किया था, जिसमें हर खिलाड़ी को 5 करोड़ रुपये मिले थे।
विश्व क्रिकेट में इस समय अगर किसी टीम की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, तो वह है India national cricket team। हाल ही में 8 मार्च को भारत ने ICC Men's UP World Cup 2026 जीतकर एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली। यह जीत सिर्फ एक और ट्रॉफी हासिल करने की कहानी नहीं है, बल्कि उस दौर की पहचान है जिसमें भारतीय क्रिकेट लगातार दुनिया के सबसे बड़े मंचों पर अपना दबदबा कायम कर रहा है। खास बात यह है कि पिछले लगभग दो वर्षों में भारत की सीनियर पुरुष टीम, महिला टीम और जूनियर टीमों ने मिलकर कुल छह ICC ट्रॉफियां जीत ली हैं। इस उपलब्धि ने यह साफ कर दिया है कि भारतीय क्रिकेट अब सिर्फ प्रतिभा का बड़ा केंद्र नहीं, बल्कि विश्व क्रिकेट की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभर रहा है। दो साल में 6 ICC खिताब बीते दो वर्षों में भारतीय क्रिकेट ने जो सफलता हासिल की है, वह अभूतपूर्व है। Rohit Sharma की कप्तानी में भारत ने 2024 में ICC Men's UP World Cup 2024 जीता। इसके बाद 2025 में भी रोहित की अगुवाई में भारत ने ICC Champions Trophy 2025 अपने नाम की। फिर Suryakumar Yadav की कप्तानी में भारत ने ICC Men's UP World Cup 2026 जीतकर इतिहास रच दिया। सिर्फ पुरुष क्रिकेट ही नहीं, महिला क्रिकेट में भी भारत ने बड़ी उपलब्धि हासिल की। Harmanpreet Kaur की कप्तानी में भारतीय महिला टीम ने 2025 में ICC Women's Cricket World Cup 2025 जीतकर पहली बार वनडे विश्व कप अपने नाम किया। जूनियर स्तर पर भी भारत का प्रदर्शन शानदार रहा। भारतीय महिला अंडर-19 टीम ने 2025 में ICC Women's Under-19 UP World Cup जीता। वहीं 2026 में पुरुष अंडर-19 टीम ने ICC Under-19 Cricket World Cup की ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। जब किसी देश की सीनियर पुरुष टीम, महिला टीम और जूनियर टीमें एक ही दौर में लगातार वैश्विक खिताब जीतती हैं, तो यह सिर्फ अच्छी फॉर्म नहीं बल्कि पूरे क्रिकेट सिस्टम की मजबूती को दर्शाता है। विश्व क्रिकेट में भारत का बढ़ता प्रभाव सीनियर पुरुष टीम को सबसे ज्यादा सुर्खियां मिलती हैं क्योंकि उनके टूर्नामेंट सबसे बड़े मंच पर खेले जाते हैं। 2024 में टी20 विश्व कप जीतकर भारत ने लंबे इंतजार के बाद खिताब हासिल किया था। इसके बाद 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी जीतकर टीम ने यह साबित कर दिया कि यह सफलता महज संयोग नहीं है। 2026 का टी20 विश्व कप जीतकर भारत ने एक और रिकॉर्ड बना दिया। भारत इस टूर्नामेंट को तीन बार जीतने वाली पहली टीम बन गया और साथ ही खिताब को सफलतापूर्वक डिफेंड करने वाली भी पहली टीम बन गया। महिला और युवा क्रिकेट में भी नई ऊंचाई भारतीय महिला क्रिकेट ने भी हाल के वर्षों में जबरदस्त प्रगति की है। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में महिला टीम ने 2025 में वनडे विश्व कप जीतकर नया इतिहास रचा। यह उपलब्धि भारतीय महिला क्रिकेट के लिए मील का पत्थर साबित हुई। वहीं अंडर-19 स्तर पर मिली लगातार सफलताएं इस बात का संकेत हैं कि भारत के पास प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की अगली पीढ़ी भी तैयार है। युवा खिलाड़ियों की जीत बताती है कि भारतीय क्रिकेट का भविष्य मजबूत और स्थिर है। विश्व क्रिकेट का नया बेंचमार्क आज भारतीय क्रिकेट सिर्फ एक मजबूत टीम नहीं, बल्कि विश्व क्रिकेट के लिए एक नया बेंचमार्क बन चुका है। हालांकि Australia national cricket team, England cricket team, New Zealand national cricket team और South Africa national cricket team जैसी टीमें अभी भी बेहद मजबूत हैं और आगे भी कड़ी चुनौती पेश करती रहेंगी। लेकिन पिछले दो वर्षों के नतीजों पर नजर डालें तो यह साफ दिखाई देता है कि जब भी बड़ी ट्रॉफी दांव पर होती है, तो अंत में जीत का ताज अक्सर भारतीय टीम के सिर पर ही सजता है। लगातार मिल रही इन सफलताओं ने यह संकेत दे दिया है कि भारतीय क्रिकेट का यह विजयी सफर फिलहाल थमने वाला नहीं है, और आने वाले वर्षों में भी भारत विश्व क्रिकेट में अपनी मजबूत मौजूदगी बनाए रखने के लिए पूरी ताकत से मैदान में उतरता रहेगा।
T20 क्रिकेट में भारत एक और ऐतिहासिक उपलब्धि के बेहद करीब पहुंच गया है। मौजूदा चैंपियन भारतीय टीम अब ICC Men's T20 World Cup 2026 के फाइनल में पहुंच चुकी है और खिताब बचाने के साथ नया रिकॉर्ड बनाने से सिर्फ एक जीत दूर है। रविवार, 8 मार्च को India national cricket team का सामना New Zealand national cricket team से Narendra Modi Stadium, Ahmedabad में होगा। अगर भारत यह मैच जीत जाता है तो वह T20 वर्ल्ड कप का खिताब लगातार दूसरी बार जीतने वाली दुनिया की पहली टीम बन जाएगी। तीसरा खिताब जीतकर बना सकता है नया रिकॉर्ड भारतीय टीम के पास एक और बड़ा मौका है। अगर टीम फाइनल जीतती है तो वह T20 वर्ल्ड कप के इतिहास में तीन बार ट्रॉफी जीतने वाली पहली टीम बन जाएगी। भारत ने इससे पहले ICC Men's T20 World Cup 2007 और ICC Men's T20 World Cup 2024 में खिताब जीता था। फिलहाल भारत दो-दो खिताब के साथ West Indies men's cricket team और England men's cricket team के बराबर है। टीम की कप्तानी इस बार स्टार बल्लेबाज Suryakumar Yadav कर रहे हैं और उनके नेतृत्व में भारत पूरे टूर्नामेंट में मजबूत दावेदार के रूप में सामने आया है। टूर्नामेंट की शुरुआत में कड़ी चुनौती भारत का पहला मुकाबला United States men's national cricket team से Mumbai में हुआ। इस मैच में टीम को कड़ी टक्कर मिली, लेकिन कप्तान सूर्यकुमार यादव की 49 गेंदों में नाबाद 84 रन की पारी ने भारत को 29 रन से जीत दिला दी। इसके बाद Namibia national cricket team के खिलाफ Delhi में खेले गए मैच में Ishan Kishan (61 रन) और Hardik Pandya (52 रन) की शानदार बल्लेबाजी से भारत ने 209 रन बनाए और मुकाबला आसानी से जीत लिया। पाकिस्तान पर बड़ी जीत ग्रुप चरण के सबसे चर्चित मुकाबले में भारत ने Pakistan national cricket team को Colombo में करारी शिकस्त दी। ईशान किशन की 77 रन की पारी और गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन से पाकिस्तान की टीम सिर्फ 114 रन पर सिमट गई। इसके बाद Netherlands national cricket team के खिलाफ Shivam Dube के 66 रन और Varun Chakaravarthy की शानदार गेंदबाजी से भारत ने एक और जीत दर्ज की। सुपर-8 में लगा झटका सुपर-8 चरण में भारत को एकमात्र हार South Africa national cricket team के खिलाफ मिली। हालांकि Jasprit Bumrah ने 3 विकेट लेकर शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन भारत की बल्लेबाजी लड़खड़ा गई और टीम 111 रन पर ऑलआउट हो गई। दमदार वापसी से सेमीफाइनल में जगह हार के बाद भारत ने शानदार वापसी की। Zimbabwe national cricket team के खिलाफ Abhishek Sharma की तेज 55 रन की पारी और हार्दिक पंड्या के अर्धशतक से भारत ने 256 रन का बड़ा स्कोर बनाया। इसके बाद West Indies men's cricket team के खिलाफ Sanju Samson की 50 गेंदों में नाबाद 97 रन की पारी ने टीम को जीत दिलाई। इंग्लैंड के खिलाफ यादगार सेमीफाइनल सेमीफाइनल में भारत ने England men's cricket team को रोमांचक मुकाबले में हराकर फाइनल का टिकट हासिल किया। इस मैच में Sanju Samson ने 89 रन की अहम पारी खेली, जबकि Jasprit Bumrah ने डेथ ओवरों में कसी हुई गेंदबाजी कर इंग्लैंड की टीम को रोक दिया। अब पूरा देश फाइनल मुकाबले का इंतजार कर रहा है, जहां भारतीय टीम के पास इतिहास रचने और T20 क्रिकेट में अपनी बादशाहत साबित करने का सुनहरा मौका है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।