Traditional Fashion

Sreeleela stuns in a green silk saree with gold peacock motifs, paired with statement jewelry and a sleeveless blouse.
Sreeleela Fashion: गोल्ड पीकॉक मोटिफ वाली हरी सिल्क साड़ी में छाईं श्रीलीला, ट्रेडिशनल लुक को मॉडर्न टच ने बनाया खास

Sreeleela Green Silk Saree Look: साउथ फिल्म इंडस्ट्री की लोकप्रिय अभिनेत्री श्रीलीला एक बार फिर अपने खूबसूरत साड़ी लुक को लेकर चर्चा में हैं। एक अवॉर्ड शो में अभिनेत्री ने गहरे हरे रंग की पारंपरिक सिल्क साड़ी पहनकर सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। गोल्ड ज़री से बुने मोर (Peacock) मोटिफ, चौड़ा डबल ज़री बॉर्डर और आकर्षक ज्वेलरी के साथ उनका यह लुक पारंपरिक भारतीय शिल्प और आधुनिक फैशन का शानदार मेल नजर आया। गोल्ड पीकॉक मोटिफ वाली सिल्क साड़ी बनी आकर्षण का केंद्र श्रीलीला ने इस खास मौके पर हरे रंग की जॉर्जेट-सिल्क साड़ी पहनी, जिस पर पूरी साड़ी में सुनहरे ज़री से बने बड़े-बड़े मोर (Peacock Buttas) बुने गए थे। साड़ी का सबसे खास आकर्षण उसका डबल गोल्ड ज़री बॉर्डर था, जिसमें मोर, फूल और पैस्ले (Paisley) डिज़ाइन की बारीक कारीगरी देखने को मिली। साड़ी के पल्लू पर भी चौड़े पारंपरिक ज़री पैटर्न की समृद्ध बुनाई की गई थी, जिसने पूरे लुक को शाही अंदाज़ दिया। क्लासिक ड्रेपिंग के साथ मॉडर्न ब्लाउज़ अभिनेत्री ने साड़ी को पारंपरिक निवी स्टाइल में ड्रेप किया और इसके साथ मैचिंग स्लीवलेस ब्लाउज़ पहना। यह सादा लेकिन स्टाइलिश ब्लाउज़ उनके ट्रेडिशनल लुक को मॉडर्न टच देता नजर आया। फैशन एक्सपर्ट्स का मानना है कि क्लासिक साड़ी के साथ स्लीवलेस ब्लाउज़ जैसी छोटी स्टाइलिंग भी पूरे लुक को नया और आकर्षक बना सकती है। ज्वेलरी ने बढ़ाई शाही खूबसूरती इस लुक को पूरा करने के लिए श्रीलीला ने ग्रीन जेमस्टोन, डायमंड और पर्ल से सजा स्टेटमेंट नेकलेस पहना। इसके अलावा उन्होंने— झूमर स्टाइल ईयररिंग्स ग्रीन स्टोन और डायमंड बैंगल्स स्टाइलिश रिंग कमल (Lotus) डिज़ाइन वाली पायल के जरिए अपने ट्रेडिशनल आउटफिट को और भी रॉयल बनाया। मेकअप और हेयरस्टाइल भी रहा शानदार ब्यूटी लुक में अभिनेत्री ने ग्लोइंग बेस, विंग्ड आईलाइनर, डिफाइंड लैशेज, न्यूड लिपस्टिक और मैचिंग ग्रीन बिंदी चुनी। वहीं खुले मुलायम कर्ल्स वाले बाल उनके पूरे लुक को एलिगेंट फिनिश देते नजर आए। साड़ियों के प्रति खास है श्रीलीला का लगाव श्रीलीला अक्सर अलग-अलग डिज़ाइन की साड़ियों में नजर आती हैं। इससे पहले उन्होंने पन्ना हरे रंग की एम्ब्रॉयडरी वाली साड़ी में मोनोक्रोम लुक अपनाया था। इस साल उन्होंने फ्लोरल प्रिंट वाली जॉर्जेट साड़ी पहनकर भी फैशन प्रेमियों का ध्यान खींचा। वहीं रूबी रेड जॉर्जेट साड़ी में मिरर एम्ब्रॉयडरी वाला उनका लुक भी काफी पसंद किया गया था। ट्रेडिशनल और मॉडर्न स्टाइल का शानदार मेल श्रीलीला का यह नया लुक इस बात का बेहतरीन उदाहरण है कि पारंपरिक भारतीय सिल्क साड़ी को भी आधुनिक स्टाइलिंग के साथ बेहद ग्लैमरस बनाया जा सकता है। स्लीवलेस ब्लाउज़, स्टेटमेंट ज्वेलरी और मिनिमल मेकअप ने उनके क्लासिक आउटफिट को एक फ्रेश और फैशनेबल अंदाज़ दिया है।        

surbhi जुलाई 24, 2026 0
Dimple Kapadia wearing a regal black Bandhani-inspired couture jacket by Abu Jani Sandeep Khosla at a Mumbai event.
Dimple Kapadia का रॉयल लुक बना चर्चा का विषय, Abu Jani Sandeep Khosla की खास Bandhani-प्रेरित जैकेट ने खींचा सबका ध्यान

Dimple Kapadia Fashion: बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री डिंपल कपाड़िया भले ही सार्वजनिक कार्यक्रमों में कम नजर आती हों, लेकिन जब भी वह किसी इवेंट में शामिल होती हैं, उनका अंदाज़ सुर्खियां बटोर लेता है। हाल ही में मुंबई में फिल्म 'The Odyssey' की स्पेशल स्क्रीनिंग के दौरान उनका रॉयल और क्लासिक लुक चर्चा का केंद्र बन गया। इस खास मौके पर डिंपल कपाड़िया ने मशहूर डिजाइनर जोड़ी Abu Jani Sandeep Khosla द्वारा तैयार किया गया कस्टम कॉउचर आउटफिट पहना, जिसने पारंपरिक भारतीय कारीगरी और आधुनिक फैशन का शानदार मेल पेश किया। Bandhani को मिला नया कॉउचर अंदाज़ डिंपल कपाड़िया के आउटफिट का सबसे आकर्षक हिस्सा उनका फ्लोर-लेंथ ब्लैक जैकेट था, जिसे हल्के Chamois Satin फैब्रिक से तैयार किया गया था। इस जैकेट पर बेहद बारीक हाथ की कढ़ाई के जरिए ऐसे टेक्सचर बनाए गए थे, जो पारंपरिक बांधनी (Bandhani) कला का आभास देते थे। डिजाइनरों ने पारंपरिक टाई-एंड-डाई तकनीक को आधुनिक हाई-फैशन एम्ब्रॉयडरी के जरिए नए रूप में पेश किया। जैकेट के बॉर्डर पर रंग-बिरंगी रेशम (Resham) कढ़ाई और पारंपरिक जरदोजी (Zardozi) का बारीक काम किया गया था, जिसने पूरे लुक को और अधिक शाही बना दिया। तीन हिस्सों वाला खास कॉउचर लुक डिंपल कपाड़िया के इस कस्टम आउटफिट में शामिल थे: फ्लोर-लेंथ एम्ब्रॉयडर्ड ब्लैक जैकेट ड्रेप्ड सारॉन्ग स्कर्ट क्विल्टेड वेस्टकोट वेस्टकोट पर भी हाथ से तैयार किए गए ज्यामितीय पैटर्न देखने को मिले, जो भारतीय शिल्पकला की खूबसूरती को दर्शाते हैं। ज्वेलरी ने बढ़ाई लुक की खूबसूरती डिंपल ने अपने आउटफिट के साथ स्टेटमेंट ज्वेलरी को चुना। उनके लुक का मुख्य आकर्षण Talismati Pendant था, जिसमें खुले नेत्र (Evil Eye) से प्रेरित डिजाइन दिखाई दिया। इसे भगवान शिव के तीसरे नेत्र की आधुनिक व्याख्या माना जाता है। इसके अलावा उन्होंने: गोल्ड हूप ईयररिंग्स मोटे गोल्ड बैंगल्स गुजरात के पटोला पैटर्न से प्रेरित सीक्विन क्लच बैग के साथ अपने लुक को पूरा किया। 30 साल पुराना है डिजाइनर जोड़ी से रिश्ता डिंपल कपाड़िया और Abu Jani Sandeep Khosla का रिश्ता तीन दशकों से भी अधिक पुराना है। 1989 में जब एंड्रोजिनस फैशन मुख्यधारा का हिस्सा नहीं था, तब भी डिंपल ने डिजाइनर जोड़ी की ब्रोकेड शेरवानी और चूड़ीदार पहनकर फैशन जगत का ध्यान अपनी ओर खींचा था। तब से लेकर आज तक वह उनके डिजाइनों को लगातार समर्थन देती रही हैं। भारतीय शिल्प को आधुनिक पहचान Abu Jani Sandeep Khosla लंबे समय से भारतीय हस्तशिल्प, पारंपरिक कढ़ाई और सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक फैशन के साथ जोड़ने के लिए जाने जाते हैं। डिंपल कपाड़िया का यह नया लुक भी इसी सोच का उदाहरण है, जिसमें पारंपरिक बांधनी कला को आधुनिक कॉउचर डिज़ाइन में बेहद खूबसूरती से प्रस्तुत किया गया।  

surbhi जुलाई 15, 2026 0
Nita Ambani in a handcrafted chikankari saree showcasing Lucknow's traditional embroidery artistry.
नीता अंबानी की चिकनकारी साड़ी बनने में लगा एक साल से अधिक समय, लखनऊ की पारंपरिक कला को मिला वैश्विक मंच

मुंबई: रिलायंस फाउंडेशन की चेयरपर्सन और समाजसेवी नीता अंबानी एक बार फिर भारतीय हस्तशिल्प और पारंपरिक वस्त्रों को बढ़ावा देने के अपने प्रयासों के कारण चर्चा में हैं। अपने खास और शालीन फैशन सेंस के लिए पहचानी जाने वाली नीता अंबानी ने हाल ही में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में ऐसी साड़ी पहनी, जिसे तैयार करने में एक वर्ष से अधिक समय लगा। नीता अंबानी ने अपने स्वयं के क्राफ्ट-केंद्रित पहल 'स्वदेश इंडिया' की एक विशेष हस्तनिर्मित चिकनकारी साड़ी को चुना। वर्ष 2023 में शुरू किए गए इस प्लेटफॉर्म का उद्देश्य भारत की पारंपरिक कलाओं और शिल्प विरासत को संरक्षित और प्रोत्साहित करना है। एक साल की मेहनत से तैयार हुई चिकनकारी की उत्कृष्ट कृति नीता अंबानी की एंटीक मॉव रंग की शिफॉन साड़ी में लखनऊ की सदियों पुरानी चिकनकारी कला की खूबसूरत झलक देखने को मिली। साड़ी के पारदर्शी कपड़े पर बारीक फ्लोरल जाल डिज़ाइन बनाए गए थे, जो इसकी सुंदरता को और बढ़ा रहे थे। इस शानदार साड़ी को लखनऊ के मास्टर कारीगर अंजनी कश्यप ने पारंपरिक 'दो तार चिकनकारी' तकनीक से हाथों से तैयार किया। इसे बनाने में एक साल से अधिक का समय लगा। साड़ी में जाली, मुर्री, घास पत्ती और बलदा वर्क जैसी जटिल कढ़ाई तकनीकों का इस्तेमाल किया गया, जो लखनऊ की समृद्ध शिल्प परंपरा का प्रतीक हैं। मनीष मल्होत्रा के ब्लाउज ने बढ़ाई खूबसूरती नीता अंबानी ने साड़ी को पारंपरिक निवी स्टाइल में ड्रेप किया और इसके साथ डिजाइनर मनीष मल्होत्रा द्वारा तैयार कस्टम ऑर्गेंजा और लेस ब्लाउज पहना। ब्लाउज की प्लीटेड और रफल डिटेलिंग साड़ी की टेक्सचर और चिकनकारी के साथ बेहद खूबसूरती से मेल खा रही थी। डायमंड ज्वेलरी और मिनिमल मेकअप में दिखीं एलिगेंट अपने मोनोक्रोमैटिक लुक को पूरा करने के लिए नीता अंबानी ने डायमंड ड्रॉप ईयररिंग्स, डायमंड बैंगल, स्टेटमेंट रिंग और एक क्लासिक घड़ी को चुना। ब्यूटी लुक को उन्होंने बेहद सादगी के साथ रखा। कोहल-रिम्ड आंखें, हल्के गुलाबी होंठ और सेंटर-पार्टेड बन में सजे बैंगनी गुलाब उनके पूरे लुक को और भी आकर्षक बना रहे थे। मैचिंग बिंदी ने उनके पारंपरिक अंदाज में चार चांद लगा दिए। नीता अंबानी का यह लुक सिर्फ फैशन नहीं बल्कि भारतीय कारीगरों की कला, धैर्य और विरासत को सम्मान देने का एक शानदार उदाहरण बनकर सामने आया है। यह एक बार फिर साबित करता है कि भारतीय हस्तशिल्प की खूबसूरती और शान वैश्विक मंच पर अपनी अलग पहचान रखती है।  

surbhi जून 23, 2026 0
Bhumi Pednekar stuns in a silver Kanjivaram saree paired with a golden brocade corset.
Bhumi Pednekar ने कांजीवरम साड़ी को दिया मॉडर्न ट्विस्ट, ब्रोकेड कॉर्सेट के साथ जीता फैशन प्रेमियों का दिल

बॉलीवुड अभिनेत्री भूमि पेडनेकर एक बार फिर अपने अनोखे फैशन सेंस को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में आयोजित एक अवॉर्ड समारोह में अभिनेत्री ने पारंपरिक रेड कार्पेट गाउन की बजाय भारतीय विरासत की खूबसूरती को चुनते हुए एक शानदार सिल्वर कांजीवरम साड़ी पहनकर सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। अपनी चर्चित वेब सीरीज 'दलदल' में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए ट्रॉफी लेने पहुंचीं भूमि ने Ekaya Banaras की सिल्वर मेटैलिक कांजीवरम साड़ी को एक मॉडर्न अंदाज में स्टाइल किया। उनके इस लुक ने साबित कर दिया कि पारंपरिक भारतीय बुनाई आज भी समकालीन फैशन में उतनी ही प्रासंगिक और स्टाइलिश है। सिल्वर कांजीवरम साड़ी के साथ पहना गोल्डन ब्रोकेड कॉर्सेट भूमि की हैंडवोवन कांजीवरम साड़ी सिल्क-टिश्यू फैब्रिक से तैयार की गई थी, जिसकी चमकदार फिनिश ने पूरे लुक को बेहद रॉयल टच दिया। तमिलनाडु की प्रसिद्ध कांजीवरम बुनाई अपनी शानदार कारीगरी, मजबूती और सदाबहार आकर्षण के लिए जानी जाती है। पारंपरिक ब्लाउज की जगह अभिनेत्री ने हल्के गोल्डन रंग का ब्रोकेड कॉर्सेट चुना, जिसमें स्वीटहार्ट नेकलाइन और स्ट्रक्चर्ड बोनिंग डिटेल्स थीं। इस कॉम्बिनेशन ने उनके ट्रेडिशनल आउटफिट को ग्लैमरस और आधुनिक रूप दिया। पल्लू स्टाइलिंग ने बढ़ाई पूरे लुक की खूबसूरती भूमि ने साड़ी को पारंपरिक तरीके से ड्रेप करने के बजाय पल्लू को दोनों कंधों पर केप की तरह स्टाइल किया। इस यूनिक स्टाइलिंग ने उनके लुक को रेड कार्पेट के लिए और भी आकर्षक बना दिया। डायमंड और पोल्की ज्वेलरी ने लुक में जोड़ी शाही चमक अभिनेत्री ने अपने लुक को शानदार ज्वेलरी के साथ पूरा किया। उन्होंने अनकट डायमंड, रूबी और पर्ल पेंडेंट वाला चोकर पहना। इसके अलावा पोल्की जड़ी ईयर कफ, हेयर ब्रोच और कई खूबसूरत रिंग्स ने उनके पूरे लुक में रॉयल फिनिश दी। ग्लैमरस मेकअप और स्लीक हेयरस्टाइल ने बनाया लुक परफेक्ट भूमि ने अपने बालों को स्लीक अपडू में बांधा और कॉपर टोन आईशैडो, रेड लिपस्टिक और ग्लोइंग हाईलाइटर के साथ क्लासिक इवनिंग मेकअप चुना। पारंपरिक साड़ी का मॉडर्न फैशन स्टेटमेंट भूमि पेडनेकर का यह लुक इस बात का शानदार उदाहरण है कि भारतीय विरासत की पारंपरिक साड़ियां सही स्टाइलिंग के साथ कॉकटेल पार्टी से लेकर वेडिंग फंक्शन तक हर अवसर पर बेहद स्टाइलिश दिखाई दे सकती हैं।  

surbhi जून 22, 2026 0
Janhvi Kapoor wears a Kota silk saree with real gold and silver zari during temple visit.
Janhvi Kapoor का ट्रेडिशनल लुक चर्चा में, असली सोने-चांदी की जरी वाली कोटा सिल्क साड़ी में दिखीं बेहद खूबसूरत

बॉलीवुड अभिनेत्री जान्हवी कपूर एक बार फिर अपने एथनिक फैशन और आध्यात्मिक जुड़ाव को लेकर सुर्खियों में हैं। हाल ही में वह आंध्र प्रदेश के तिरुमला स्थित वेंकटेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचीं, जहां उनका पारंपरिक लुक सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इस दौरान जान्हवी ने राजस्थान के कोटा स्थित लेबल Sonchiriya की बेहद खास सिल्क साड़ी पहनी, जिसकी जरी में असली सोने और चांदी का इस्तेमाल किया गया है। मंदिर दर्शन के दौरान दिखा पारंपरिक अंदाज जान्हवी कपूर अक्सर भारतीय परिधानों में नजर आती हैं और समय-समय पर देश के विभिन्न मंदिरों में दर्शन करती दिखाई देती हैं। इस बार उन्होंने बोतल ग्रीन और डीप पर्पल रंग की मुलबेरी सिल्क साड़ी चुनी, जो ब्रांड के नवीनतम कलेक्शन 'तारिणी' का हिस्सा है। इस साड़ी पर सुंदरबन के फूलों और पत्तियों से प्रेरित डिजाइन बनाए गए हैं। खास बात यह है कि इसकी जरी में असली सोने और चांदी का उपयोग किया गया है, जिससे यह और भी खास बन जाती है। 90 के दशक की झलक वाला ब्लाउज जान्हवी ने साड़ी को पारंपरिक नवी (Nivi) स्टाइल में ड्रेप किया था। इसके साथ उन्होंने मैचिंग ब्लाउज पहना, जिसकी कैप स्लीव्स 90 के दशक के फैशन की याद दिलाती हैं। भारतीय फैशन में इस तरह की स्लीव्स का ट्रेंड एक बार फिर वापसी करता दिखाई दे रहा है। पोल्की ज्वेलरी ने बढ़ाई खूबसूरती स्टाइलिस्ट मीगन कंसेसियो और शुभ्रा शर्मा ने जान्हवी के इस लुक को मल्टीकलर जेमस्टोन वाली पोल्की नेकलेस, इयररिंग्स और चूड़ियों के साथ पूरा किया। इसके अलावा उन्होंने एक स्टेटमेंट कमरबंद और रिंग भी कैरी की, जिसने पूरे लुक को रॉयल टच दिया। मिनिमल मेकअप और साउथ इंडियन हेयरस्टाइल मेकअप आर्टिस्ट रिवेरा लिन ने जान्हवी के लिए हल्का ब्लश, पिंक टोन लिप्स और डिफाइंड लैशेज वाला नैचुरल मेकअप चुना। वहीं उनके हाफ-अप, हाफ-डाउन हेयरस्टाइल ने साउथ इंडियन ट्रेडिशनल लुक को और भी आकर्षक बना दिया। जान्हवी कपूर का यह एथनिक अवतार एक बार फिर साबित करता है कि पारंपरिक भारतीय पहनावा आधुनिक फैशन के साथ भी शानदार तरीके से प्रस्तुत किया जा सकता है।  

surbhi जून 19, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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surbhi अगस्त 7, 2026 0