Uttarakhand

चमोली टनल हादसे के बाद मलबे और पानी के बीच रेस्क्यू अभियान
Chamoli tunnel accident: दो श्रमिक अब भी लापता, आठ की मौत; मलबे और पानी के बीच रेस्क्यू अभियान जारी

चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले में टीएचडीसी की पीपलकोटी-विष्णुगाड जल विद्युत परियोजना की टनल में हुए भूस्खलन के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। हादसे में अब तक आठ श्रमिकों की मौत हो चुकी है, जबकि दो श्रमिक अभी भी लापता हैं। 12 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है।   मलबे और पानी के कारण रेस्क्यू में मुश्किल     पीपलकोटी की टेल रेस टनल में बृहस्पतिवार को भूस्खलन के बाद 22 श्रमिक फंस गए थे। रेस्क्यू अभियान के दौरान अब तक आठ शव बरामद किए जा चुके हैं। शनिवार को मिले आठवें शव की पहचान छत्तीसगढ़ निवासी देवनाथ के रूप में हुई।   टनल के अंदर पानी और मलबा भरा होने के साथ मशीनरी और निर्माण सामग्री भी मौजूद है। पानी निकालने के लिए पंप लगाए गए हैं। रेस्क्यू टीमें मलबे वाले हिस्से तक पहुंच चुकी हैं, लेकिन लापता दोनों श्रमिकों का अभी पता नहीं चल पाया है।   कई एजेंसियां रेस्क्यू में जुटीं     लापता श्रमिकों की तलाश में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें जुटी हैं। टनल से मशीनरी हटाकर खोज अभियान को तेज करने का प्रयास किया जा रहा है।   सोमवार को गढ़वाल मंडल आयुक्त आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में गोपेश्वर में समीक्षा बैठक हुई। इसमें रेस्क्यू अभियान की प्रगति, संसाधनों और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय की समीक्षा की गई। अधिकारियों के मुताबिक, टनल से तीन मशीनें हटाई जा चुकी हैं। एक एक्सकेवेटर और एक डंपर को हटाने का काम जारी है। आयुक्त ने शेष मशीनरी हटाकर लापता श्रमिकों की तलाश में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।   टीएचडीसी कार्यालय के बाहर यूकेडी का प्रदर्शन     हादसे में मृत श्रमिकों के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग को लेकर यूकेडी कार्यकर्ताओं ने टीएचडीसी के पीपलकोटी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं की सुरक्षा कर्मियों से बहस भी हुई।   यूकेडी नेताओं ने हादसे के लिए कंपनी की कथित लापरवाही को जिम्मेदार ठहराते हुए उचित मुआवजे की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कंपनी के अधिकारी बाहर आकर मृतकों के परिजनों से बातचीत करें और मुआवजे का स्पष्ट आश्वासन दें।   रेस्क्यू अभियान में समन्वय पर जोर     प्रशासन ने सभी संबंधित एजेंसियों को बेहतर समन्वय के साथ अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आरबीएनएल के साथ समन्वय कर टीएचडीसी से जुड़े रेस्क्यू कार्यों में उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी इस्तेमाल करने को कहा गया है। फिलहाल बचाव दल की प्राथमिकता टनल में फंसे दोनों लापता श्रमिकों का पता लगाना है।  

ranjan kumar tiwari अगस्त 17, 2026 0
भारत के कई राज्यों में भारी बारिश का मौसम और IMD अलर्ट
मानसून का कहर! कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

नई दिल्ली, एजेंसियां। देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय बना हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शनिवार, 8 अगस्त को उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्वी, पूर्वोत्तर, पश्चिमी और प्रायद्वीपीय भारत के कई इलाकों में भारी बारिश का अनुमान जताया है। कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ आंधी, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। मौसम विभाग ने जलभराव और बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।   दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत में बारिश के आसार     उत्तर भारत में हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में मध्यम से भारी बारिश की संभावना है। वहीं, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में भी शनिवार को तेज बारिश हो सकती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी राजस्थान में कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है, जबकि पूर्वी राजस्थान में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।     पूर्वी और पूर्वोत्तर राज्यों में भी अलर्ट     ओडिशा, गंगीय पश्चिम बंगाल, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में व्यापक बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने 8 अगस्त को ओडिशा में बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। बिहार में भी कई इलाकों में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।   पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय सहित कई राज्यों में भारी बारिश हो सकती है।   महाराष्ट्र, गुजरात और कर्नाटक में भी बारिश     पश्चिमी भारत में कोंकण और गोवा में व्यापक बारिश की संभावना है। महाराष्ट्र और गुजरात के कुछ हिस्सों में भी बारिश हो सकती है।   दक्षिण भारत में तटीय कर्नाटक और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश का अनुमान है। कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। मौसम खराब रहने के मद्देनजर IMD ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह भी दी है।   दिल्ली में शुक्रवार की बारिश से जनजीवन प्रभावित     शुक्रवार को दिल्ली-NCR में हुई भारी बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक जाम की स्थिति पैदा हो गई। दक्षिण दिल्ली की एमबी रोड समेत कई प्रमुख सड़कों पर पानी भरने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। कई जगह मोटरसाइकिल और ऑटो पानी में फंस गए।   आईटीओ, पटेल रोड, रोहतक रोड, वजीराबाद रोड, कीर्ति नगर, शाहीन बाग, दिल्ली-जयपुर हाईवे और बदरपुर बॉर्डर के आसपास भी यातायात प्रभावित रहा। मौसम विभाग के अलर्ट के बीच प्रशासन और स्थानीय एजेंसियां जलभराव वाले इलाकों पर नजर बनाए हुए हैं।

ranjan kumar tiwari अगस्त 8, 2026 0
Rishabh Pant seeks Uttarakhand CM Pushkar Singh Dhami's help to buy land and build his first home
ऋषभ पंत ने आधी रात उत्तराखंड CM से मांगी मदद, बोले- 3 साल से जमीन तलाश रहा हूं, अपने पहाड़ में बनाना चाहता हूं पहला घर

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत ने अपने गृह राज्य उत्तराखंड में बसने की इच्छा जताई है। श्रीलंका दौरे पर मौजूद पंत ने देर रात सोशल मीडिया के जरिए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मदद की अपील की। उन्होंने कहा कि वह दिल्ली से अपना बेस उत्तराखंड शिफ्ट करना चाहते हैं और वहां अपना पहला घर बनाना चाहते हैं, लेकिन पिछले करीब तीन वर्षों से जमीन तलाशने के बावजूद उन्हें सफलता नहीं मिली है। पंत ने मुख्यमंत्री को टैग करते हुए अपनी परेशानी साझा की और कहा कि उन्हें रहने के लिए बड़ी और सुविधाजनक जगह की तलाश है। उन्होंने उत्तराखंड के प्रति अपने लगाव का जिक्र करते हुए कहा कि वह अपने पहाड़ी लोगों के बीच वापस लौटना चाहते हैं और राज्य के विकास में योगदान देना चाहते हैं। पंत ने CM धामी से क्या कहा? ऋषभ पंत ने सोशल मीडिया पोस्ट में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से जमीन खरीदने की प्रक्रिया में मदद करने की अपील की। उन्होंने बताया कि वह काफी समय से उत्तराखंड में जमीन खरीदने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उचित जगह और स्पष्ट प्रक्रिया के अभाव में उन्हें परेशानी हो रही है। पंत ने अपनी पोस्ट में कहा कि वह उत्तराखंड से बहुत प्यार करते हैं और दिल्ली से अपना बेस अपने गृह राज्य में स्थानांतरित करना चाहते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मामले में मार्गदर्शन और सहायता देने का अनुरोध किया। उनका कहना है कि वह अपने राज्य में वापस लौटकर अपने पहाड़ी लोगों के बीच रहना चाहते हैं और उत्तराखंड के विकास में भी अपना योगदान देना चाहते हैं। 'सरकार से मुफ्त जमीन नहीं चाहिए' ऋषभ पंत ने अपनी अगली पोस्ट में यह भी स्पष्ट किया कि वह सरकार से किसी तरह की मुफ्त जमीन या विशेष उपहार नहीं मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर सरकार अनुमति देती है तो वह सरकारी तय दरों के अनुसार जमीन खरीदना चाहते हैं। पंत ने लिखा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने राज्य का प्रतिनिधित्व करने के लिए किसी तरह का उपहार मिलना निश्चित रूप से उनके लिए खुशी की बात होगी, लेकिन उनकी इच्छा है कि वह सरकार की निर्धारित दरों पर जमीन खरीदें और वहां अपना पहला घर बना सकें। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें इस प्रक्रिया की पूरी जानकारी नहीं है और इसलिए उन्होंने मुख्यमंत्री से इसमें मदद करने का अनुरोध किया है। उत्तराखंड से पंत का पुराना जुड़ाव ऋषभ पंत का जन्म हरिद्वार जिले के रुड़की में हुआ था और उनका उत्तराखंड से गहरा जुड़ाव रहा है। क्रिकेट में अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाने के बाद भी वह अपने गृह राज्य से जुड़े मुद्दों और लोगों के प्रति अपना लगाव जाहिर करते रहे हैं। अब उत्तराखंड में अपना घर बनाने की उनकी इच्छा ने उनके प्रशंसकों के बीच भी चर्चा पैदा कर दी है। पंत का कहना है कि वह अपने राज्य में रहकर वहां के लोगों और विकास से जुड़ना चाहते हैं। श्रीलंका दौरे पर हैं पंत पंत इस समय भारतीय टीम के साथ श्रीलंका दौरे पर हैं। टीम को 15 अगस्त से दो मैचों की टेस्ट सीरीज खेलनी है। इससे पहले भारतीय टीम अभ्यास मुकाबला खेल रही है। अभ्यास मैच के दौरान पंत ने शुरुआत में विकेटकीपिंग की, लेकिन श्रीलंका की गर्म और उमस भरी परिस्थितियों में खिलाड़ियों के वर्कलोड को मैनेज करने के लिए बाद में ध्रुव जुरेल ने विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संभाली। क्रिकेट के मैदान से दूर पंत की जमीन और घर से जुड़ी अपील अब चर्चा का विषय बन गई है। देखना होगा कि मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से इस अनुरोध पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।  

surbhi अगस्त 8, 2026 0
चमोली में गोशाला के पास मिला नवजात
चमोली में गोशाला के पास मिला नवजात, मुंह में रबर ठूंसी; समय पर इलाज मिलने से बची जान

चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले से मानवता को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। कोतवाली क्षेत्र के रांगतोली गांव में एक गोशाला के पास नवजात शिशु लावारिस हालत में मिला। उसके मुंह में रबर ठूंसी हुई थी। समय रहते ग्रामीणों और पुलिस की मदद से नवजात को अस्पताल पहुंचाया गया, जिससे उसकी जान बच गई। फिलहाल बच्चे का इलाज चल रहा है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।   महिला की नजर पड़ी, ग्रामीणों ने दी पुलिस को सूचना     जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह एक महिला गोशाला की ओर जा रही थी, तभी उसकी नजर नवजात पर पड़ी। महिला ने तुरंत ग्राम प्रधान संतोष गुसाईं और ग्राम प्रहरी को सूचना दी। इसके बाद ग्राम प्रधान ने मौके पर पहुंचकर पुलिस को घटना की जानकारी दी।     मुंह में ठूंसी थी रबर, सांसें चलती मिलीं     ग्राम प्रधान के अनुसार, जब वे मौके पर पहुंचे तो नवजात के मुंह में बाल बांधने वाली रबर ठूंसी हुई थी। रबर निकालने पर पता चला कि बच्चे की सांसें चल रही हैं। इसके बाद पुलिस ने तत्काल नवजात को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे बाल कल्याण समिति (CWC) की निगरानी में बेस अस्पताल श्रीकोट रेफर कर दिया गया।     ग्रामीणों में आक्रोश, कड़ी कार्रवाई की मांग     घटना के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों और स्थानीय महिलाओं ने इस घटना को बेहद अमानवीय बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि किसी नवजात को इस तरह असहाय अवस्था में छोड़ना गंभीर अपराध है।     पुलिस ने शुरू की जांच     पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और नवजात को वहां छोड़ने वाले व्यक्ति या लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। आसपास के क्षेत्र के लोगों से पूछताछ की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।  

ranjan kumar tiwari अगस्त 7, 2026 0
उत्तराखंड में भारी बारिश और भूस्खलन
उत्तराखंड में बारिश का कहर जारी, 132 सड़कें बंद; कई नदियां चेतावनी स्तर पर

देहरादून, एजेंसियां। उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए कई जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। राज्यभर में भूस्खलन के कारण 132 सड़कें बंद हैं, जबकि गंगा समेत कई नदियों का जलस्तर चेतावनी रेखा के करीब या उससे ऊपर पहुंच गया है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।   इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट   मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है। पर्वतीय क्षेत्रों में तेज बारिश, आकाशीय बिजली और भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में भी गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।   132 सड़कें बंद, हाईवे बार-बार हो रहे बाधित   राज्य में भूस्खलन और मलबा गिरने से चार राष्ट्रीय राजमार्ग, चार स्टेट हाईवे और कुल 132 सड़कें बंद हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित जिले चमोली, पौड़ी, टिहरी, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ हैं। लोक निर्माण विभाग बंद मार्गों को खोलने में जुटा है, लेकिन लगातार बारिश राहत कार्यों में बाधा बन रही है।   गंगा समेत कई नदियां चेतावनी स्तर पर   हरिद्वार में गंगा का जलस्तर चेतावनी रेखा पार कर 293.30 मीटर दर्ज किया गया। ऋषिकेश में गंगा चेतावनी स्तर से 25 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है, जिससे त्रिवेणी घाट और परमार्थ निकेतन का आरती स्थल जलमग्न हो गया है। रुद्रप्रयाग में अलकनंदा और मंदाकिनी, जबकि चमोली में अलकनंदा, नंदाकिनी और पिंडर नदियां भी चेतावनी स्तर के करीब पहुंच गई हैं।   गंगोत्री-यमुनोत्री हाईवे पर परेशानी   उत्तरकाशी जिले में लगातार मलबा और पत्थर गिरने से गंगोत्री और यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग बार-बार बंद हो रहे हैं। कई स्थानों पर यात्रियों और कांवड़ियों को जोखिम उठाकर रास्ता पार करना पड़ा। जिले की 13 सड़कें अभी भी बाधित हैं।   प्रशासन अलर्ट मोड पर   मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सभी जिलाधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों का नियमित निरीक्षण करने, नदियों के जलस्तर पर 24 घंटे निगरानी रखने और डैम या बैराज से पानी छोड़े जाने की स्थिति में समय रहते अलर्ट जारी करने के निर्देश दिए हैं। चारधाम यात्रा मार्गों पर भी सुरक्षा, चिकित्सा और यातायात व्यवस्था मजबूत रखने को कहा गया है।   भिलंगना में स्कूल बंद, ऑनलाइन पढ़ाई   लगातार बारिश और क्षतिग्रस्त मार्गों को देखते हुए टिहरी जिले के भिलंगना विकासखंड में कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूल बंद कर दिए गए हैं। विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं।

ranjan kumar tiwari अगस्त 7, 2026 0
Flooded roads and landslides disrupt life across several Indian states amid heavy monsoon rains
देशभर में बारिश का कहर: बंगाल में 4 की मौत, उत्तराखंड में 200 यात्री फंसे, केरल-कर्नाटक में रेड अलर्ट

Rain Alert: देशभर में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है और कई राज्यों में भारी बारिश जनजीवन पर भारी पड़ रही है। पश्चिम बंगाल में आकाशीय बिजली गिरने से चार लोगों की मौत हो गई, जबकि उत्तराखंड के चमोली में भूस्खलन के कारण करीब 200 यात्री फंस गए हैं। वहीं, केरल और तटीय कर्नाटक में लगातार मूसलाधार बारिश के चलते रेड अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश, तेज हवाओं और बिजली गिरने की चेतावनी दी है। बंगाल में बिजली गिरने से 4 की मौत पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले में अलग-अलग स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने की अपील की है। उत्तराखंड में भूस्खलन से चारधाम यात्रा प्रभावित उत्तराखंड के चमोली जिले में बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूस्खलन के बाद पहाड़ी से मलबा और बड़े पत्थर सड़क पर आ गिरे, जिससे करीब 200 यात्री रास्ते में फंस गए। सड़क साफ करने का काम जारी है। इसके अलावा: यमुनोत्री मार्ग पर स्यानाचट्टी के पास विशाल बोल्डर गिरने से यातायात प्रभावित हुआ। गंगोत्री हाईवे पर जमीन धंसने और सड़क में दरारें आने की सूचना है। ऋषिकेश में गंगा नदी चेतावनी स्तर के करीब पहुंचने पर SDRF को तैनात किया गया है। केरल में सामान्य से 181% अधिक बारिश केरल में 1 से 4 अगस्त के बीच 205.8 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से 181 प्रतिशत अधिक है। लगातार बारिश के कारण कई निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं और लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। राज्य सरकार ने बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए: खोए हुए दस्तावेज दोबारा जारी करने, स्कूली बच्चों को नई पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराने, राहत और पुनर्वास कार्य तेज करने की घोषणा की है। कर्नाटक में रेड अलर्ट तटीय कर्नाटक के उडुपी जिले में 189 मिमी बारिश दर्ज की गई है। नेत्रावती समेत कई नदियां खतरे के निशान के करीब बह रही हैं। मौसम विभाग ने तटीय और पहाड़ी जिलों के लिए हाई अलर्ट जारी किया है। हरियाणा और उत्तर प्रदेश में जलभराव लगातार बारिश के कारण: हरियाणा के अंबाला और झज्जर में सड़कें जलमग्न हो गईं। उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर, आगरा, वाराणसी, मथुरा और मुजफ्फरनगर सहित कई शहरों में जलभराव से जनजीवन प्रभावित हुआ। आगरा में खराब मौसम के चलते कुछ स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई, जबकि वृंदावन के कई इलाकों में चार फीट तक पानी भर गया। असम में बाढ़ का संकट जारी असम में बाढ़ की स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है। दो और लोगों की मौत के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 89 हो गई है। राज्य में करीब 1.22 लाख लोग अब भी बाढ़ से प्रभावित हैं। IMD की चेतावनी भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने केरल, कर्नाटक, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और राजस्थान समेत कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना जताई है। लोगों को मौसम विभाग की सलाह का पालन करने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है।  

kalpana अगस्त 5, 2026 0
Government issues notification for Phase 2 of Census 2026 in Ladakh, Jammu and Kashmir, Himachal Pradesh and Uttarakhand
दूसरे चरण की जनगणना के लिए नोटिफिकेशन जारी, जानें कब और कहां होगी जनसंख्या गणना

Census Phase 2: केंद्र सरकार ने लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में जनगणना के दूसरे चरण के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 1 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक घर-घर जाकर जनसंख्या की गणना की जाएगी। 1 सितंबर से शुरू होगी जनगणना केंद्र सरकार ने सोमवार (3 अगस्त 2026) को जारी अधिसूचना में बताया कि लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में जनगणना का दूसरा चरण पूरे सितंबर महीने चलेगा। इसके बाद 1 से 5 अक्टूबर 2026 तक पुनरीक्षण (रिवीजन) की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। राजपत्र अधिसूचना में क्या कहा गया? पीटीआई के अनुसार, भारत के रजिस्ट्रार जनरल एवं जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण द्वारा जारी राजपत्र अधिसूचना में कहा गया है कि इन क्षेत्रों में 1 से 30 सितंबर 2026 के बीच जनसंख्या गणना कराई जाएगी। इसके बाद एकत्रित आंकड़ों का सत्यापन और संशोधन 1 से 5 अक्टूबर तक किया जाएगा। 17 अगस्त से मिलेगा सेल्फ-रजिस्ट्रेशन का विकल्प घर-घर जाकर जनगणना शुरू होने से पहले 17 अगस्त से 31 अगस्त 2026 तक लोगों को स्वयं अपना नाम जनगणना में दर्ज कराने का अवसर मिलेगा। इससे ऐसे लोगों को भी शामिल होने में सुविधा होगी, जो किसी कारणवश सर्वे के समय घर पर मौजूद न हों। बर्फीले क्षेत्रों के लिए अलग होगी संदर्भ तिथि अधिसूचना के अनुसार, लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बर्फ से प्रभावित क्षेत्रों के लिए जनगणना की संदर्भ तिथि 1 अक्टूबर 2026 की रात 12 बजे निर्धारित की गई है। वहीं, देश के बाकी हिस्सों में जनसंख्या गणना का दूसरा चरण अगले वर्ष शुरू होने की संभावना है। आजादी के बाद आठवीं जनगणना यह स्वतंत्र भारत की आठवीं जनगणना होगी, जिसे दो चरणों में आयोजित किया जा रहा है। इस बार पहली बार जनगणना के दौरान जाति संबंधी जानकारी भी एकत्र की जाएगी, जिससे सामाजिक और आर्थिक योजनाओं के लिए विस्तृत आंकड़े उपलब्ध हो सकेंगे। 11,718 करोड़ रुपये का बजट मंजूर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस जनगणना प्रक्रिया के लिए 11,718 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। यह अब तक की सबसे बड़ी और व्यापक जनगणना मानी जा रही है, जिसमें डिजिटल तकनीक और सेल्फ-एन्यूमरेशन जैसी नई सुविधाओं का भी उपयोग किया जाएगा।  

kalpana अगस्त 4, 2026 0
IMD Heavy Rain
IMD का कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट, गुजरात, राजस्थान और कोंकण के लिए विशेष चेतावनी जारी

नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई राज्यों में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। विशेष रूप से गुजरात, राजस्थान, कोंकण एवं गोवा में तेज बारिश, जलभराव और अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों के लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।   कई राज्यों में ऑरेंज और रेड अलर्ट   IMD के अनुसार, गुजरात के कई जिलों, दक्षिणी राजस्थान और कोंकण क्षेत्र में अत्यधिक बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों के लिए रेड अलर्ट जबकि अन्य क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, नदियों के जलस्तर में वृद्धि और यातायात प्रभावित होने की संभावना है।   पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का खतरा   उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में भी लगातार बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने इन राज्यों में भूस्खलन, चट्टानें गिरने और सड़क मार्ग बाधित होने की आशंका जताई है। स्थानीय प्रशासन को राहत एवं बचाव दलों को सतर्क रखने के निर्देश दिए गए हैं।   लोगों को सतर्क रहने की सलाह   IMD ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने और नदी-नालों के आसपास नहीं जाने की सलाह दी है। प्रशासन को भी संभावित आपदा से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी रखने को कहा गया है। अगले कुछ दिनों तक देश के कई हिस्सों में मानसून के सक्रिय रहने की संभावना है।

abhishek singh जुलाई 22, 2026 0
Rahul Gandhi
राहुल गांधी आज देहरादून में 'छात्रों की गूंज' अभियान के तहत युवाओं से करेंगे संवाद, पेपर लीक समेत शिक्षा के मुद्दों पर होगी चर्चा

देहरादून, एजेंसियां। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में कांग्रेस के 'छात्रों की गूंज' अभियान के तहत छात्रों और युवाओं से संवाद करेंगे। कार्यक्रम में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक, बेरोज़गारी, भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और शिक्षा व्यवस्था जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। कांग्रेस का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य देशभर के छात्रों की समस्याओं को सुनकर उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर उठाना है।   पेपर लीक को लेकर सरकार पर हमला   कार्यक्रम से पहले राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि "यह सिर्फ पेपर लीक नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य की चोरी है।" उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार होने वाली परीक्षा अनियमितताओं से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है और सरकार इस समस्या पर प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही है।   छात्रों से सीधे संवाद करेंगे राहुल   कांग्रेस नेताओं के अनुसार, राहुल गांधी कार्यक्रम के दौरान छात्रों के सवालों का जवाब देंगे और भर्ती परीक्षाओं, रोजगार के अवसरों तथा शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर उनके सुझाव भी सुनेंगे। अभियान के तहत विभिन्न राज्यों में ऐसे संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं ताकि युवाओं की आवाज़ को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया जा सके।   राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा कार्यक्रम   विश्लेषकों के अनुसार, उत्तराखंड में आयोजित यह कार्यक्रम केवल छात्र संवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे कांग्रेस के युवा संपर्क अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। आगामी राजनीतिक गतिविधियों और संसद के मानसून सत्र से पहले यह कार्यक्रम युवाओं के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

abhishek singh जुलाई 17, 2026 0
Homemade healthy bottle gourd paneer recipe made with chickpeas, fresh herbs and green vegetables.
एक हरी सब्जी और 10 मिनट... घर पर बनाएं ऐसा हेल्दी 'पनीर', बच्चे भी बार-बार करेंगे डिमांड

Healthy Homemade Paneer Recipe: अगर बच्चे हरी सब्जियां खाने से कतराते हैं, तो यह आसान और हेल्दी रेसिपी जरूर ट्राई करें। चना दाल और एक हरी सब्जी से तैयार यह देसी 'पनीर' स्वाद के साथ पोषण भी देता है। हरी सब्जी से बनाएं हेल्दी देसी 'पनीर', स्वाद ऐसा कि कोई पहचान नहीं पाएगा अगर आपके घर में भी बच्चे हरी सब्जियों का नाम सुनते ही मुंह बनाने लगते हैं, तो यह आसान रेसिपी उनकी पसंद बदल सकती है। इस अनोखी डिश में एक हरी सब्जी और चना दाल की मदद से पनीर जैसी टेक्सचर वाली हेल्दी रेसिपी तैयार की जाती है। यह स्वादिष्ट होने के साथ प्रोटीन और फाइबर से भी भरपूर होती है। इस रेसिपी की सबसे अच्छी बात यह है कि इसे तैयार करने के लिए ज्यादा सामग्री या लंबा समय नहीं चाहिए। अगर आप बच्चों को बिना नखरे के पौष्टिक खाना खिलाना चाहते हैं, तो यह रेसिपी जरूर ट्राई करें। आवश्यक सामग्री 1 कप चना दाल (4 घंटे भीगी हुई) 1 मध्यम आकार की लौकी 1 इंच अदरक 2 हरी मिर्च 2–3 बड़े चम्मच हरा धनिया स्वादानुसार नमक ½ छोटा चम्मच हल्दी (वैकल्पिक) ½ छोटा चम्मच काली मिर्च या लाल मिर्च (वैकल्पिक) बनाने की विधि सबसे पहले चना दाल को लगभग 4 घंटे तक भिगो दें। अब लौकी को धोकर छोटे टुकड़ों में काट लें। भीगी हुई दाल, लौकी, अदरक, हरी मिर्च और हरा धनिया को बिना ज्यादा पानी मिलाए मिक्सर में पीसकर गाढ़ा पेस्ट तैयार करें। अब इसमें नमक और मसाले मिलाकर अच्छी तरह मिक्स करें। तैयार मिश्रण को मनचाहे आकार में स्टीम करें या धीमी आंच पर पकाएं। पकने के बाद इसे चौकोर टुकड़ों में काट लें। चाहें तो हल्का तवे पर सेंककर या एयर फ्राई करके चटनी या सॉस के साथ सर्व करें। प्रति सर्विंग अनुमानित पोषण कैलोरी: 150–180 kcal प्रोटीन: 8–10 ग्राम कार्बोहाइड्रेट: 20–24 ग्राम फैट: 2–4 ग्राम फाइबर: 6–8 ग्राम खाने के संभावित फायदे प्रोटीन और फाइबर का अच्छा स्रोत। लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद मिल सकती है। पाचन को सपोर्ट करने में सहायक। बच्चों को हरी सब्जियां खिलाने का आसान तरीका। वजन प्रबंधन वाली डाइट में शामिल किया जा सकता है। कम तेल में बनने वाली हेल्दी स्नैक रेसिपी। ध्यान दें: यह रेसिपी संतुलित आहार का हिस्सा हो सकती है। यदि आपको किसी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या या एलर्जी है, तो डाइट में बदलाव से पहले विशेषज्ञ की सलाह लें।   

anmol जुलाई 13, 2026 0
Prime Minister Narendra Modi presents a traditional Uttarakhandi cap to New Zealand Prime Minister Christopher Luxon during an official meeting in Auckland.
पीएम मोदी ने न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री को भेंट की उत्तराखंडी टोपी, जानिए इसकी सांस्कृतिक और पारंपरिक खासियत

ऑकलैंड: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक उत्तराखंडी टोपी भेंट की। यह पारंपरिक पहाड़ी टोपी उत्तराखंड की पहचान, सम्मान और हिमालयी संस्कृति का महत्वपूर्ण प्रतीक मानी जाती है। उत्तराखंडी टोपी क्यों है खास? उत्तराखंडी टोपी उच्च गुणवत्ता वाली ऊन से हाथ से तैयार की जाती है। यह केवल ठंड से बचाने का साधन नहीं, बल्कि अपनी रंगीन बुनी हुई पट्टियों और पारंपरिक डिजाइन के कारण उत्तराखंड की लोक कला और शिल्पकला को भी दर्शाती है। इस टोपी का उपयोग विशेष रूप से त्योहारों, धार्मिक आयोजनों, विवाह समारोहों और सामाजिक कार्यक्रमों में किया जाता है। सम्मान और मेहमाननवाजी का प्रतीक उत्तराखंड की संस्कृति में इस टोपी को सम्मान, आदर और मेहमाननवाजी का प्रतीक माना जाता है। किसी विशिष्ट अतिथि का स्वागत पारंपरिक पहाड़ी टोपी पहनाकर करना आज भी राज्य की महत्वपूर्ण परंपराओं में शामिल है। स्थानीय कारीगरों की आजीविका से जुड़ी उत्तराखंडी टोपी का निर्माण स्थानीय कारीगरों द्वारा पारंपरिक बुनाई तकनीकों से किया जाता है। इसकी बढ़ती लोकप्रियता न केवल राज्य की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करती है, बल्कि स्थानीय शिल्पकारों और बुनकरों को भी रोजगार और आर्थिक सहयोग प्रदान करती है। हिमालयी संस्कृति की पहचान यह पारंपरिक टोपी उत्तराखंड के प्राकृतिक परिवेश, लोक जीवन और सांस्कृतिक विरासत का प्रतिनिधित्व करती है। वर्षों से चली आ रही इसकी निर्माण कला आज भी राज्य की पहचान बनी हुई है और नई पीढ़ी तक पारंपरिक शिल्प को पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। सांस्कृतिक कूटनीति का संदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री को उत्तराखंडी टोपी भेंट करना केवल एक औपचारिक उपहार नहीं, बल्कि भारत की विविध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक हस्तशिल्प को वैश्विक मंच पर सम्मान देने का भी संदेश माना जा रहा है। यह भारत की सांस्कृतिक कूटनीति और स्थानीय कला को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।  

Deepshikha जुलाई 13, 2026 0
Badrinath Temple and Kedarnath Temple Committee office as authorities investigate alleged financial irregularities and donation theft linked to the BKTC.
बद्रीनाथ दान चोरी मामला: वीआईपी खर्चों में गड़बड़ी पर सरकार सख्त, कार्रवाई के निर्देश; SIT ने 5 गवाहों के बयान दर्ज किए

देहरादून: उत्तराखंड के प्रसिद्ध बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) से जुड़े वित्तीय अनियमितताओं और दान चोरी के मामलों में जांच तेज हो गई है। वीआईपी मेहमानों के आवास, भोजन और अन्य खर्चों के भुगतान में कथित गड़बड़ी सामने आने के बाद राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। सरकार ने मंदिर समिति के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) को जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए हैं। वीआईपी खर्चों के भुगतान में मिली अनियमितता प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि केदारनाथ आने वाले वीआईपी मेहमानों के ठहरने और भोजन से जुड़े खर्चों के भुगतान में वित्तीय नियमों का पालन नहीं किया गया। आरोप है कि वरिष्ठ अधिकारियों की स्वीकृति के बिना मंदिर समिति के कोष से अग्रिम राशि (एडवांस) जारी की गई और उसका भुगतान किया गया। इस मामले में तत्कालीन केदारनाथ मैनेजर, मुख्य प्रभारी अधिकारी और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की भूमिका भी जांच के दायरे में है। पर्यटन एवं धार्मिक कार्य विभाग (अनुभाग-1) के उप सचिव अनिल कुमार पांडे ने 25 जून को जारी पत्र में इन अनियमितताओं का उल्लेख करते हुए संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। दान चोरी मामले में SIT की जांच तेज उधर, बद्रीनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान की कथित चोरी के मामले में चमोली पुलिस और विशेष जांच दल (SIT) ने जांच तेज कर दी है। अब तक पांच प्रमुख गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। चमोली के पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने बताया कि मंदिर समिति की शिकायत के आधार पर जांच शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि मुख्य गवाहों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और 2 जुलाई का सीसीटीवी फुटेज भी कब्जे में ले लिया गया है। उन्होंने बताया कि अब BKTC की आंतरिक जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। CCTV फुटेज में संदिग्ध गतिविधियां पुलिस के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज में निलंबित BKTC कर्मचारी प्रमोद नौटियाल दान गिनती कक्ष से नकदी, सोने-चांदी के सिक्के, शालिग्राम पत्थर और चढ़ावे के लिफाफे कथित रूप से छिपाते या बाहर ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। यही फुटेज जांच का अहम आधार बना हुआ है। हाईकोर्ट पहुंचा मामला मामले में मंदिर के प्रभारी अधिकारी युद्धवीर पुष्पवान की शिकायत पर बद्रीनाथ थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। SIT ने पुष्पवान, सीसीटीवी कंट्रोल अधिकारी पंवार और दान गिनती के दौरान मौजूद हरेंद्र कोठारी सहित अन्य गवाहों के बयान भी दर्ज किए हैं। वहीं, निलंबित कर्मचारी प्रमोद नौटियाल ने अपने निलंबन और एफआईआर को उत्तराखंड हाईकोर्ट में चुनौती दी है। जस्टिस आलोक मेहरा की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए BKTC से जवाब तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई 16 जुलाई को निर्धारित है। चार स्तरों पर चल रही जांच फिलहाल इस पूरे मामले की जांच चार स्तरों पर जारी है। एक ओर सरकार वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर रही है, दूसरी ओर SIT दान चोरी के मामले की जांच में जुटी है। इसके अलावा BKTC की आंतरिक जांच और हाईकोर्ट में चल रही न्यायिक प्रक्रिया भी समानांतर रूप से जारी है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्टों के आधार पर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई तय होगी।  

Deepshikha जुलाई 13, 2026 0
Kedarnath Highway
केदारनाथ हाईवे पर भूस्खलन से यातायात ठप, सोनप्रयाग के पास सड़क बंद; यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोका गया

देहरादून, एजेंसियां। उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण केदारनाथ यात्रा मार्ग एक बार फिर प्रभावित हो गया है। सोनप्रयाग के पास हुए भूस्खलन के चलते हाईवे पर मलबा आ गया, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर वाहनों और श्रद्धालुओं की आवाजाही रोक दी है तथा सड़क साफ होने तक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ठहराया जा रहा है।   बारिश बनी बड़ी वजह   लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण पहाड़ों से भारी मात्रा में पत्थर और मलबा सड़क पर आ गया। इससे केदारनाथ यात्रा का प्रमुख मार्ग बाधित हो गया। सीमा सड़क संगठन (BRO), लोक निर्माण विभाग और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचकर मलबा हटाने के काम में जुटी हैं।   श्रद्धालुओं से यात्रा टालने की अपील   प्रशासन ने यात्रियों से मौसम सामान्य होने तक यात्रा शुरू न करने और केवल आधिकारिक सूचना मिलने के बाद ही आगे बढ़ने की अपील की है। सोनप्रयाग, गुप्तकाशी और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है, जबकि प्रभावित मार्ग पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।   IMD का अलर्ट, सावधानी बरतने की सलाह   भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने उत्तराखंड के कई पर्वतीय जिलों में अगले 24–48 घंटों तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं से मौसम अपडेट पर नजर रखने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

abhishek singh जुलाई 12, 2026 0
HANUMAN ANSH
'हनुमान अंश' के टीजर में दिखी नीम करोली बाबा की आध्यात्मिक यात्रा, 31 जुलाई को रिलीज होगी फिल्म

मुंबई, एजेंसियां। नीम करोली बाबा के जीवन और उनकी आध्यात्मिक शिक्षाओं पर आधारित फिल्म 'हनुमान अंश' का टीजर रिलीज कर दिया गया है। टीजर में बाबा के जीवन, उनकी भक्ति, सेवा और मानवता के संदेश को भावनात्मक अंदाज में दिखाया गया है। मेकर्स का दावा है कि यह फिल्म सिर्फ एक बायोपिक नहीं, बल्कि आस्था और आध्यात्मिक अनुभव की कहानी है। फिल्म 31 जुलाई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।   टीजर में कैंची धाम से लेकर दुनियाभर के भक्तों की झलक   टीजर में उत्तराखंड के प्रसिद्ध कैंची धाम और नीम करोली बाबा की आध्यात्मिक यात्रा को दिखाया गया है। साथ ही यह भी बताया गया है कि बाबा की शिक्षाओं से दुनियाभर के लोग प्रेरित हुए। टीजर में एप्पल के सह-संस्थापक स्टीव जॉब्स और मेटा के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग का भी जिक्र है, जिन्होंने कैंची धाम से जुड़े अपने अनुभव साझा किए थे।   आस्था, सेवा और मानवता पर आधारित है कहानी   फिल्म का निर्देशन और लेखन विशाल चतुर्वेदी ने किया है। इसमें शोभिना डब्ल्यू. सत्या, विहान एस. हेगड़े, चंदन आनंद, पूर्णिमा तिवारी, अनिल के. रस्तोगी और गुलशन पांडे प्रमुख भूमिकाओं में नजर आएंगे। मेकर्स के अनुसार फिल्म का उद्देश्य नीम करोली बाबा के जीवन से जुड़े आध्यात्मिक संदेश—प्रेम, सेवा, विनम्रता और मानव कल्याण—को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है।   टीजर को मिला सकारात्मक रिस्पॉन्स   टीजर रिलीज होने के बाद सोशल मीडिया पर इसे अच्छा प्रतिक्रिया मिल रहा है। बाबा के भक्तों और दर्शकों ने फिल्म के विषय और प्रस्तुति की सराहना की है। अब दर्शकों को 31 जुलाई को फिल्म की रिलीज का इंतजार है, जब नीम करोली बाबा के जीवन से प्रेरित यह कहानी बड़े पर्दे पर देखने को मिलेगी।

abhishek singh जुलाई 12, 2026 0
Badrinath Temple in Uttarakhand, where authorities have ordered a high-level probe into alleged irregularities in donation management.
राम मंदिर के बाद अब बद्रीनाथ धाम में चढ़ावा विवाद, जांच के लिए हाई लेवल कमेटी गठित; PA सस्पेंड, FIR दर्ज

देहरादून: अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की कथित अनियमितताओं के बाद अब उत्तराखंड के प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम में भी दान और चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर विवाद सामने आया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है। PA निलंबित, दर्ज हुई FIR श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चेयरमैन कार्यालय में तैनात पर्सनल असिस्टेंट (PA) प्रमोद नौटियाल को निलंबित कर दिया है। उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई है। समिति का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी। तीन सदस्यीय हाई लेवल कमेटी करेगी जांच जांच समिति की अध्यक्षता गढ़वाल कमिश्नर आनंद स्वरूप करेंगे। समिति में एनएचएम के प्रबंध निदेशक संदीप तिवारी और स्वास्थ्य विभाग के निदेशक (वित्त) जगत सिंह चौहान को सदस्य बनाया गया है। समिति को मामले की विस्तृत जांच करने, संबंधित अधिकारियों और विशेषज्ञों से जानकारी लेने तथा भविष्य में दान प्रबंधन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के सुझाव देने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। दान प्रबंधन प्रणाली की होगी समीक्षा जांच के दौरान मंदिर में चढ़ावे के संग्रह, रिकॉर्ड, लेखा-जोखा और वित्तीय प्रबंधन की प्रक्रिया की भी समीक्षा की जाएगी। सरकार का कहना है कि श्रद्धालुओं के विश्वास को बनाए रखने के लिए पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता है। मायावती ने उठाई निष्पक्ष जांच की मांग बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख Mayawati ने भी मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए राम मंदिर और बद्रीनाथ धाम दोनों मामलों की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी स्तर पर वित्तीय अनियमितता हुई है तो उसकी पूरी जांच होनी चाहिए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि भविष्य में धार्मिक संस्थानों के दान और चढ़ावे के प्रबंधन में किसी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना न रहे। सरकार ने दिया सख्त कार्रवाई का भरोसा उत्तराखंड सरकार ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल जांच समिति ने मामले से जुड़े दस्तावेज और रिकॉर्ड जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।  

Deepshikha जुलाई 8, 2026 0
Badrinath Dham
राम मंदिर के बाद अब बदरीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी? कई कर्मचारियों को भेजा गया नोटिस

देहरादून, एजेंसियां। उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की राशि में कथित गड़बड़ी के आरोपों के बाद बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने मामले की जांच शुरू कर दी है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो और पत्र वायरल होने के बाद मंदिर समिति ने इसे गंभीरता से लेते हुए आंतरिक जांच समिति गठित करने का निर्णय लिया है। साथ ही संबंधित कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण भी मांगा गया है।   सीसीटीवी फुटेज की हो रही जांच बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने बताया कि 2 जुलाई से वायरल हो रहे दावों के आधार पर मंदिर परिसर के सीसीटीवी फुटेज की जांच कराई गई। हालांकि उपलब्ध फुटेज पूरी तरह स्पष्ट नहीं है, लेकिन मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसकी जानकारी तत्काल समिति के अध्यक्ष को दी गई। अब जांच समिति उपलब्ध साक्ष्यों, सीसीटीवी रिकॉर्डिंग और संबंधित कर्मचारियों के बयानों के आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी।   दोषी पाए जाने पर होगी कड़ी कार्रवाई बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि आरोपों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाएगी। उन्होंने सोशल मीडिया पर किए जा रहे उस दावे का भी खंडन किया, जिसमें एक कर्मचारी को उनका निजी सचिव बताया गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि संबंधित व्यक्ति समिति का नियमित सरकारी कर्मचारी है, न कि उनका निजी सचिव। अध्यक्ष ने कहा कि यदि जांच में किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता या चढ़ावे में गड़बड़ी सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ कानून और सेवा नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।   अफवाहों से बचने की अपील मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं और आम लोगों से अपील की है कि जांच पूरी होने तक किसी भी अपुष्ट या भ्रामक जानकारी को साझा करने से बचें। समिति का कहना है कि बदरीनाथ धाम करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, इसलिए तथ्यों की पुष्टि होने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।

abhishek singh जुलाई 4, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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