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Jharkhand Weather update
Jharkhand Weather update: मानसून ने पकड़ी रफ्तार: झारखंड के 11 जिलों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी

रांची। गर्मी और उमस की लंबी मार झेलने के बाद आखिरकार झारखंड में मानसून ने अपनी पूरी ताकत के साथ दस्तक दे दी है। हालांकि, राज्यभर में बादलों का मिजाज एक जैसा नहीं है। एक तरफ जहां राजधानी समेत कई जिलों को झुलसाती धूप से बड़ी राहत मिली है, वहीं कुछ इलाके अब भी मानसून की पहली फुहार के लिए आसमान की तरफ टकटकी लगाए बैठे हैं।   इन 11 जिलों में झमाझम बारिश की चेतावनी रांची स्थित मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार, 17 जून को राज्य के दक्षिणी और पूर्वी हिस्सों में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा। मौसम विज्ञानियों ने 11 जिलों—रांची, खूंटी, सिमडेगा, गुमला, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, बोकारो, रामगढ़, धनबाद और जामताड़ा—में मध्यम से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने से तापमान में खासी गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे उमस से बेहाल लोगों को काफी सुकून मिलेगा।   वज्रपात और आंधी का मंडराता खतरा राहत की इन बूंदों के साथ प्राकृतिक आपदा का जोखिम भी जुड़ा है। मौसम विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि रांची, खूंटी, रामगढ़, बोकारो, धनबाद के साथ-साथ संताल परगना और उत्तरी छोटानागपुर के कुछ जिलों (गिरिडीह, देवघर, दुमका, पाकुड़, साहिबगंज और गोड्डा) में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। दिन भर आंधी और बिजली गिरने (वज्रपात) की प्रबल आशंका बनी रहेगी। इसे देखते हुए प्रशासन ने खुले मैदानों में काम करने वाले लोगों और विशेषकर किसानों को अत्यधिक सावधानी बरतने व सुरक्षित स्थानों पर आश्रय लेने की सलाह दी है।   पलामू प्रमंडल में अभी भी गर्मी का सितम जहां एक ओर आधा झारखंड बारिश से तरबतर है, वहीं राज्य का उत्तर-पश्चिमी हिस्सा अब भी भीषण गर्मी की चपेट में है। पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार जिलों में अभी गर्मी का असर कम नहीं हुआ है। डालटनगंज और इसके आसपास के इलाकों में 17 जून को भी अधिकतम तापमान 37 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच बने रहने का अनुमान है। हालांकि, मौसम विभाग का कहना है कि शाम ढलते-ढलते इन तपते इलाकों में भी हल्के बादल छा सकते हैं और छिटपुट बारिश से थोड़ी बहुत राहत मिलने की उम्मीद है।   पठारी इलाकों का मौसम हुआ सुहावना राज्य के पठारी इलाकों और खास तौर पर नेतरहाट का मौसम आज सबसे बेहतरीन रहने वाला है। इसके अलावा राजधानी रांची, खूंटी, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम में बादलों की आवाजाही और रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण दिन भर ठंडक बनी रहेगी। इन क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 28 से 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास ही सिमटा रहने का अनुमान है, जो स्थानीय लोगों के लिए किसी सौगात से कम नहीं है।

anjali kumari जून 17, 2026 0
Extreme heat in Jharkhand
गर्मी से परेशान झारखंडवासियों को अगले 5 दिनों तक मिल सकती है राहत

रांची। झारखंड में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य में अगले चार से पांच दिनों तक मौसम सुहाना बना रह सकता है। कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश, तेज हवाएं और वज्रपात की संभावना जताई गई है। मौसम में बदलाव के कारण अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज हो सकती है।   मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया  मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि राज्य के मध्य, दक्षिणी और उत्तर-पूर्वी हिस्सों में मौसम ज्यादा सक्रिय रहेगा। रांची, बोकारो, रामगढ़, हजारीबाग, धनबाद, कोडरमा, खूंटी और लोहरदगा समेत कई जिलों में बारिश होने की संभावना है। वहीं पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, सिमडेगा, देवघर, दुमका, जामताड़ा और पाकुड़ जैसे जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने लोगों को खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है।   पलामू प्रमंडल में अब भी जारी है गर्मी का असर हालांकि पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार जैसे उत्तर-पश्चिमी जिलों में गर्मी का असर अभी भी बना हुआ है। डाल्टनगंज राज्य का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 43.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। दूसरी ओर रांची, जमशेदपुर और चाईबासा में तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को कुछ राहत मिली है।   राजधानी रांची में दिनभर बादल छाए रहने और बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं खूंटी, बोकारो और पश्चिमी सिंहभूम के कई इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग का मानना है कि बारिश और बादलों की गतिविधियों के कारण आने वाले दिनों में भी लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलती रहेगी।

Unknown मई 28, 2026 0
Jharkhand weather update
Jharkhand weather update: झारखंड में मौसम का बदला मिजाज, डालटनगंज में 44 डिग्री तापमान; पलामू-गढ़वा में लू का अलर्ट

रांची। झारखंड में गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। राज्य के उत्तर-पश्चिमी जिलों में भीषण गर्मी और लू ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। मौसम विज्ञान विभाग के रांची केंद्र ने पलामू प्रमंडल के कई इलाकों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। खासकर पलामू, गढ़वा और चतरा जिलों में लोगों को दोपहर के समय विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।   डालटनगंज रहा सबसे गर्म रविवार को डालटनगंज राज्य का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा बोकारो में 42.1 डिग्री, जमशेदपुर में 40.5 डिग्री और चाईबासा में 40 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। राजधानी रांची में अधिकतम तापमान 39 डिग्री और न्यूनतम 26.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लगातार बढ़ते तापमान और गर्म हवाओं के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।   कई जिलों में बारिश और तेज हवा की संभावना मौसम विभाग के अनुसार 25 से 28 मई तक राज्य के कई हिस्सों में मौसम बदल सकता है। इस दौरान आंशिक रूप से बादल छाए रहने, गर्जन, तेज हवा और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। खासकर संताल परगना और उत्तर-पूर्वी जिलों में वज्रपात और तेज हवा को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।   रांची और आसपास के इलाकों में भी अगले पांच दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। 25 और 27 मई को गर्जन वाले बादल बनने की संभावना है, जबकि 28 मई तक तापमान में कुछ गिरावट दर्ज हो सकती है। अनुमान है कि 28 मई को रांची का अधिकतम तापमान 36 डिग्री और न्यूनतम 22 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।   लोगों को सतर्क रहने की सलाह मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय धूप में बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और सिर ढककर बाहर निकलने की सलाह दी है। विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों को अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है।

Unknown मई 25, 2026 0
Jharkhand Weather update
Jharkhand Weather update: झारखंड में बदलेगा मौसम का मिजाज, कई जिलों में लू तो कहीं बारिश का अलर्ट

रांची। झारखंड में मौसम लगातार करवट ले रहा है। एक ओर कई जिलों में भीषण गर्मी और लू का असर देखने को मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर कई इलाकों में आंधी, बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग के अनुसार 26 मई तक राज्य के मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहेगा।   रांची समेत कई शहरों में बढ़ा तापमान राजधानी रांची बुधवार को भीषण गर्मी की चपेट में रही। यहां अधिकतम तापमान 38.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले 24 घंटे में 1.1 डिग्री बढ़ा। वहीं Medininagar में तापमान 43.4 डिग्री और Jamshedpur में 41.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। सरायकेला में हल्की बारिश भी हुई।   इन जिलों में चलेगी लू मौसम विभाग ने पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार में 21 से 23 मई तक लू चलने और तापमान में और बढ़ोतरी की संभावना जताई है। लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।   कई जिलों में बारिश और वज्रपात का अलर्ट 22 मई को रांची समेत कई जिलों में दोपहर बाद बादल छाने, तेज हवा चलने और वज्रपात के साथ बारिश होने की संभावना है। खासकर संतालपरगना क्षेत्र में 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है। 23 मई को रामगढ़, हजारीबाग, कोडरमा, गिरिडीह, बोकारो, धनबाद, देवघर, जामताड़ा, दुमका, पाकुड़, गोड्डा और साहिबगंज में 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी और बारिश का अनुमान है। इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं रांची सहित कई अन्य जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।

Unknown मई 21, 2026 0
Jharkhand Weather
Jharkhand Weather: झारखंड में बदला मौसम का मिजाज, कई जिलों में बारिश और आंधी

रांची। झारखंड में मौसम ने अचानक करवट ली है, जिससे राज्य के लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। मौसम केंद्र, रांची के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 28 अप्रैल को राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है। सुबह से ही राजधानी रांची में इसका असर देखने को मिला, जहां बादल छाने के साथ तेज हवाएं चलीं और कई इलाकों में मध्यम बारिश दर्ज की गई।   इन जिलों में रहेगा मौसम का असर मध्य झारखंड के रांची, बोकारो, गुमला, हजारीबाग, खूंटी, रामगढ़, लोहरदगा, कोडरमा और धनबाद में मौसम बदला हुआ रहेगा। वहीं दक्षिणी जिलों जैसे पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा और सरायकेला-खरसावां में भी बारिश के आसार हैं। उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र के पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार तथा उत्तर-पूर्वी जिलों देवघर, दुमका, गिरिडीह, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़ और साहिबगंज में भी बादल छाए रहने और बारिश की संभावना जताई गई है।   येलो अलर्ट जारी, तेज हवा और वज्रपात का खतरा मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी करते हुए चेतावनी दी है कि कुछ क्षेत्रों में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि अन्य स्थानों पर 40 से 50 किमी प्रति घंटे की गति रहने की संभावना है। इसके साथ ही वज्रपात का खतरा भी बना हुआ है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।   अगले पांच दिनों तक राहत के संकेत 29 अप्रैल से 3 मई तक राज्य में आंशिक बादल छाए रहेंगे और कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है। इस मौसम परिवर्तन का असर तापमान पर भी पड़ेगा और अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। इससे लोगों को गर्मी से काफी राहत मिलने की उम्मीद है।

Unknown अप्रैल 28, 2026 0
Jharkhand Weather
Jharkhand Weather: झारखंड में बदलेगा मौसम का मिजाज, 5 डिग्री तक लुढ़केगा पारा

रांची। झारखंड में भीषण गर्मी के बीच अब मौसम करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, आज यानी 27 अप्रैल से राज्य के कई हिस्सों में तेज हवा, बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है। राजधानी रांची सहित कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान में लगभग 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट हो सकती है, जिससे गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।    रांची में तापमान करीब 41 डिग्री सेल्सियस रहा रविवार को राज्य के कई जिलों में तापमान काफी ऊंचा दर्ज किया गया। रांची में तापमान करीब 41 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि पलामू में सबसे अधिक 44.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा सरायकेला में 42.5 डिग्री, पूर्वी सिंहभूम में 41.9 डिग्री और गुमला में 40.4 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। वहीं बोकारो और जमशेदपुर जैसे क्षेत्रों में अपेक्षाकृत कम तापमान दर्ज हुआ।   इन जिलों में ज्यादा असर की संभावना मौसम विभाग के अनुसार, 27 अप्रैल को संताल परगना, रांची, बोकारो और हजारीबाग में मौसम अधिक प्रभावित रहेगा। इन क्षेत्रों में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, साथ ही गरज-चमक और वज्रपात की भी आशंका है। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है। 28 और 29 अप्रैल को रांची और कोल्हान क्षेत्र में इसी तरह का मौसम बना रहेगा। वहीं 30 अप्रैल से 2 मई तक पूरे झारखंड में बारिश, तेज हवाओं और बादलों का प्रभाव जारी रहने की संभावना है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने और मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

Unknown अप्रैल 27, 2026 0
jharkhand weather today
Jharkhand weather: झारखंड में बारिश-तूफान का अलर्ट, मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी

रांची। झारखंड में लंबे समय से जारी भीषण गर्मी और लू से अब लोगों को राहत मिलने वाली है। राज्य में कई दिनों से तेज धूप और बढ़ते तापमान ने जनजीवन को प्रभावित किया था, लेकिन अब मौसम का मिजाज बदलने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 25 अप्रैल से राज्य में बादलों की आवाजाही शुरू हो जाएगी और धीरे-धीरे मौसम ठंडा होने लगेगा।   पारा 43 डिग्री के पार, कई जिलों में रिकॉर्ड गर्मी पिछले 24 घंटों में पलामू में अधिकतम तापमान 43.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे अधिक रहा। वहीं बोकारो में 43.5 डिग्री और जमशेदपुर में 41 डिग्री से ऊपर तापमान पहुंच गया। राजधानी रांची में भी पारा करीब 40 डिग्री सेल्सियस रहा, जिससे लोगों को दिनभर गर्म हवाओं और उमस का सामना करना पड़ा।   5 दिनों तक मौसम रहेगा अस्थिर मौसम विभाग ने 25 से 30 अप्रैल तक झारखंड के कई हिस्सों में बारिश, आंधी और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है। 26 से 28 अप्रैल के बीच संताल परगना, मध्य और दक्षिणी झारखंड में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है, जिसके लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान हवा की रफ्तार तेज रहने की संभावना है और कई जगहों पर आंधी भी चल सकती है।   लोगों को सतर्क रहने की सलाह 29 और 30 अप्रैल को राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों को खुले में न रहने, पेड़ों के नीचे शरण न लेने और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है। हालांकि इस बदलाव से तापमान में गिरावट आएगी और गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन आंधी-तूफान और वज्रपात को देखते हुए सतर्क रहना बेहद जरूरी होगा।

Unknown अप्रैल 25, 2026 0
Jharkhand weather update
Jharkhand weather update: झारखंड में मौसम की दोहरी चाल: कहीं लू जैसे हालात, तो कहीं आंधी-बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी

रांची। झारखंड में मौसम एक साथ दो अलग दिशाओं में बढ़ता दिख रहा है। राज्य के कुछ हिस्सों में तापमान तेजी से चढ़ रहा है, जबकि दूसरे इलाकों में मौसम विभाग ने खराब मौसम को लेकर सतर्क किया है।   तापमान का दबाव बढ़ा, कई शहर गर्मी की चपेट में दिन के तापमान में बढ़ोतरी साफ तौर पर महसूस की जा रही है। डाल्टनगंज में पारा सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है, वहीं कोल्हान क्षेत्र के शहरों में भी गर्मी का असर तेज हुआ है। राजधानी रांची अपेक्षाकृत थोड़ी राहत में है, लेकिन यहां भी तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है।   मौसम का ग्राफ रहेगा अस्थिर मौसम विभाग के संकेत बताते हैं कि यह बढ़ती गर्मी लगातार नहीं रहने वाली। पहले तापमान में हल्की बढ़त होगी, फिर गिरावट दर्ज की जाएगी और उसके बाद दोबारा उछाल देखने को मिल सकता है। यानी आने वाले दिनों में मौसम स्थिर रहने के बजाय लगातार बदलता रहेगा।   राज्य के अलग-अलग हिस्सों के लिए अलग चेतावनी मध्य झारखंड के कई जिलों में गरज के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं उत्तर-पूर्वी हिस्सों में ओलावृष्टि को लेकर खास अलर्ट जारी किया गया है, जिससे फसलों और आम जनजीवन पर असर पड़ सकता है।   तेज हवाएं और वज्रपात बढ़ा सकते हैं जोखिम मौसम के इस बदलाव के साथ तेज हवाओं का दौर भी जुड़ सकता है। 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। विभाग ने खास तारीख को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी है।   आने वाले दिनों में भी रहेगा असर मौसम का यह पैटर्न अगले कुछ दिनों तक बना रह सकता है। दक्षिणी और मध्य क्षेत्रों में बादल, बारिश और गर्जन की गतिविधियां जारी रहने के संकेत हैं, जबकि राजधानी और आसपास के इलाकों में भी मौसम पूरी तरह साफ रहने की संभावना नहीं है।

Unknown मार्च 30, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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kalpana अगस्त 1, 2026 0