चंडीगढ़, एजेंसियां। कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के ऑलराउंडर रामनदीप सिंह ने टीवी अभिनेत्री चार्ली चौहान से शादी कर ली है। दोनों ने एक निजी समारोह में पंजाबी रीति-रिवाजों के साथ सात फेरे लिए। शादी की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद क्रिकेट और टीवी जगत के प्रशंसक नवविवाहित जोड़े को बधाई दे रहे हैं। चार्ली चौहान बनीं रामनदीप की जीवनसाथी चार्ली चौहान टेलीविजन की जानी-पहचानी अभिनेत्री हैं और उन्हें ‘कैसी ये यारियां’ जैसे लोकप्रिय शो से पहचान मिली। वहीं रामनदीप सिंह भारतीय क्रिकेट में अपनी ऑलराउंड क्षमता के लिए जाने जाते हैं और आईपीएल में KKR का हिस्सा रहे हैं। दोनों ने अपने निजी रिश्ते को काफी हद तक सार्वजनिक चर्चा से दूर रखा। शादी समारोह में चार्ली चौहान पारंपरिक लाल रंग के लहंगे में नजर आईं, जबकि रामनदीप सिंह ने पगड़ी और पारंपरिक शेरवानी पहनी। समारोह में पंजाबी परंपराओं की झलक देखने को मिली। क्रिकेट और टीवी जगत के लोग हुए शामिल रामनदीप और चार्ली की शादी में परिवार और करीबी दोस्तों के अलावा क्रिकेट जगत से भी कई लोग शामिल हुए। रिपोर्टों के अनुसार अर्शदीप सिंह, नमन धीर और अश्विनी कुमार समेत कुछ क्रिकेटरों ने समारोह में शिरकत की। शादी की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। प्रशंसक दोनों को नए जीवन की शुरुआत के लिए शुभकामनाएं दे रहे हैं। निजी समारोह में हुई शादी रामनदीप सिंह और चार्ली चौहान की शादी को काफी निजी रखा गया। समारोह में करीबी लोगों की मौजूदगी रही और दोनों ने पारंपरिक पंजाबी अंदाज में विवाह की रस्में पूरी कीं। शादी की खबर सामने आने के बाद दोनों के प्रशंसकों के बीच यह मनोरंजन और क्रिकेट जगत की चर्चित खबर बन गई है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। दलीप ट्रॉफी 2026-27 के लिए नॉर्थ जोन ने अपनी टीम का ऐलान कर दिया है। जम्मू-कश्मीर के विकेटकीपर-बल्लेबाज कन्हैया वाधवान को टीम का कप्तान बनाया गया है, जबकि दिल्ली के बल्लेबाज आयुष बदोनी उपकप्तान होंगे। टीम में भारतीय तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह को भी जगह मिली है। कन्हैया वाधवान को मिली बड़ी जिम्मेदारी 23 वर्षीय कन्हैया वाधवान के लिए नॉर्थ जोन की कप्तानी घरेलू क्रिकेट में एक बड़ी उपलब्धि है। जम्मू-कश्मीर के इस विकेटकीपर-बल्लेबाज ने घरेलू क्रिकेट में लगातार प्रदर्शन के जरिए अपनी पहचान बनाई है। अब उनके सामने दलीप ट्रॉफी जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में टीम का नेतृत्व करने की चुनौती होगी। अर्शदीप सिंह की भी टीम में वापसी नॉर्थ जोन की 15 सदस्यीय टीम में अर्शदीप सिंह सबसे प्रमुख नामों में शामिल हैं। वह करीब एक साल बाद लाल गेंद के क्रिकेट में वापसी करेंगे। टीम में जम्मू-कश्मीर के छह खिलाड़ियों को शामिल किया गया है, जिससे राज्य के घरेलू क्रिकेट में बढ़ते प्रभाव का भी पता चलता है। 23 अगस्त से शुरू होगी दलीप ट्रॉफी दलीप ट्रॉफी 2026-27 का आयोजन 23 अगस्त से शुरू होगा। नॉर्थ जोन की टीम में कन्हैया वाधवान और अर्शदीप के अलावा आयुष बदोनी, यश ढुल, निशांत सिंधु, अंशुल कंबोज और युधवीर सिंह जैसे खिलाड़ी भी शामिल हैं। युवा खिलाड़ियों के लिए बड़ा मंच दलीप ट्रॉफी घरेलू क्रिकेट के खिलाड़ियों के लिए भारतीय टीम में जगह बनाने का महत्वपूर्ण मंच है। नॉर्थ जोन की टीम में अनुभवी और युवा खिलाड़ियों का संतुलन है। कन्हैया वाधवान के नेतृत्व में टीम का लक्ष्य मजबूत प्रदर्शन के साथ टूर्नामेंट में आगे बढ़ना होगा।
चंडीगढ़, एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान शुभमन गिल श्रीलंका दौरे के बाद पंजाब की नई घरेलू टी20 प्रतियोगिता Sher-e-Punjab T20 League में खेलते नजर आ सकते हैं। पंजाब क्रिकेट संघ (PCA) ने गिल को टूर्नामेंट के प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल किया है। 30 अगस्त से शुरू होगी नई टी20 लीग Sher-e-Punjab T20 League का पहला संस्करण 30 अगस्त से 13 सितंबर 2026 तक आयोजित किए जाने की जानकारी सामने आई है। टूर्नामेंट में पंजाब से जुड़े खिलाड़ियों को मौका दिया जाएगा और इसमें छह फ्रेंचाइजी टीमें हिस्सा लेंगी। PCA ने इस लीग को पंजाब के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को बड़े मंच तक पहुंचाने के लिए महत्वपूर्ण मंच बताया है। गिल ने भी कहा है कि यह प्रतियोगिता राज्य के युवा क्रिकेटरों को भारतीय टीम तक पहुंचने का रास्ता दे सकती है। गिल समेत कई बड़े नाम होंगे शामिल शुभमन गिल के अलावा अभिषेक शर्मा और अर्शदीप सिंह को भी लीग के प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल किया गया है। पंजाब के अन्य अनुभवी क्रिकेटरों के भी टूर्नामेंट से जुड़ने की उम्मीद है। श्रीलंका दौरे के बाद मिलेगा ब्रेक गिल इस समय भारतीय टेस्ट टीम के साथ श्रीलंका दौरे की तैयारी कर रहे हैं। भारत और श्रीलंका के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज 15 अगस्त से गॉल और 23 अगस्त से कोलंबो में खेली जाएगी। इसके बाद गिल को पंजाब की टी20 लीग में खेलने का मौका मिल सकता है। युवा खिलाड़ियों के लिए बनेगी बड़ी राह गिल ने Sher-e-Punjab T20 League को पंजाब के युवा खिलाड़ियों के लिए अहम मंच बताया है। उनका मानना है कि इस तरह की प्रतियोगिता से घरेलू क्रिकेट और भारतीय टीम के बीच खिलाड़ियों के लिए एक मजबूत रास्ता तैयार किया जा सकता है।
बर्मिंघम, एजेंसियां। भारत और इंग्लैंड के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला आज एजबेस्टन, बर्मिंघम में खेला जाएगा। टी20 सीरीज में 0-4 की करारी हार झेलने के बाद भारतीय टीम अब वनडे फॉर्मेट में दमदार वापसी के इरादे से मैदान में उतरेगी। कप्तान शुभमन गिल के सामने टीम का आत्मविश्वास लौटाने के साथ-साथ सीरीज में बढ़त हासिल करने की चुनौती होगी। रोहित, विराट और बुमराह की वापसी से बढ़ी ताकत वनडे सीरीज में टीम इंडिया को अपने अनुभवी खिलाड़ियों का साथ मिलेगा। रोहित शर्मा, विराट कोहली और जसप्रीत बुमराह की वापसी से भारतीय टीम काफी मजबूत नजर आ रही है। मध्यक्रम में श्रेयस अय्यर और केएल राहुल पर बड़ी जिम्मेदारी होगी, जबकि गेंदबाजी में बुमराह, अर्शदीप सिंह और कुलदीप यादव से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी। इंग्लैंड भी जीत की लय बरकरार रखना चाहेगा दूसरी ओर, इंग्लैंड टी20 सीरीज की शानदार जीत के बाद पूरे आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतरेगा। टीम की कमान हैरी ब्रूक के हाथों में होगी, जबकि जोस बटलर, जैकब बेथेल और जो रुट जैसे खिलाड़ी बल्लेबाजी को मजबूती देंगे। मेजबान टीम की कोशिश होगी कि वनडे सीरीज की शुरुआत भी जीत के साथ की जाए। विश्व कप की तैयारी के लिहाज से अहम सीरीज यह वनडे सीरीज दोनों टीमों के लिए आगामी आईसीसी वनडे विश्व कप की तैयारियों का अहम हिस्सा मानी जा रही है। भारत जहां टी20 सीरीज की निराशा को पीछे छोड़कर नई शुरुआत करना चाहेगा, वहीं इंग्लैंड अपनी जीत की लय को बरकरार रखते हुए सीरीज में शुरुआती बढ़त हासिल करने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेगा। क्रिकेट प्रशंसकों की नजर अब इस हाई-वोल्टेज मुकाबले पर टिकी हुई है जो भारतीय समयानुसार 3:30 PM से खेला जायेगा।
मैनचेस्टर, एजेंसियां। भारतीय ऑलराउंडर अक्षर पटेल ने इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में एक बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली। उन्होंने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 100 विकेट पूरे करते हुए यह मुकाम हासिल करने वाले भारत के पहले स्पिनर बनने का गौरव हासिल किया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ अक्षर अब भारत के उन चुनिंदा गेंदबाजों की सूची में शामिल हो गए हैं जिन्होंने टी20 अंतरराष्ट्रीय में 100 या उससे अधिक विकेट लिए हैं। हैरी ब्रूक का विकेट लेकर पूरा किया शतक अक्षर पटेल ने इंग्लैंड की पारी के दौरान खतरनाक बल्लेबाज हैरी ब्रूक को आउट कर अपना 100वां टी20 अंतरराष्ट्रीय विकेट हासिल किया। इस विकेट के साथ उन्होंने भारतीय क्रिकेट इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया। अक्षर से पहले कोई भी भारतीय स्पिनर टी20 अंतरराष्ट्रीय में 100 विकेट के आंकड़े तक नहीं पहुंच पाया था। भारत के चौथे गेंदबाज बने इस उपलब्धि के साथ अक्षर पटेल टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 100 विकेट लेने वाले भारत के चौथे गेंदबाज बन गए। उनसे पहले यह कारनामा तेज गेंदबाजों हार्दिक पांड्या, जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह कर चुके हैं। अब अक्षर इस विशिष्ट सूची में शामिल होने वाले पहले भारतीय स्पिनर हैं। हार के बीच भी यादगार रहा दिन हालांकि भारत को दूसरे टी20 मुकाबले में इंग्लैंड के हाथों हार का सामना करना पड़ा, लेकिन अक्षर पटेल की यह ऐतिहासिक उपलब्धि भारतीय क्रिकेट के लिए यादगार बन गई। क्रिकेट विशेषज्ञों ने उनकी निरंतरता और सीमित ओवरों के क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन की सराहना की है।
मैनचेस्टर, एजेंसियां। भारत और इंग्लैंड के बीच ओल्ड ट्रैफर्ड, मैनचेस्टर में खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में इंग्लैंड ने रोमांचक अंदाज में 4 विकेट से जीत दर्ज कर ली। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 190/7 का चुनौतीपूर्ण स्कोर बनाया, लेकिन इंग्लैंड ने 19 ओवर में 191/6 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ इंग्लैंड ने पांच मैचों की टी20 सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली। ईशान किशन और अभिषेक शर्मा ने संभाली भारतीय पारी टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत की शुरुआत तेज रही। अभिषेक शर्मा ने 24 गेंदों में 43 रन, जबकि ईशान किशन ने 40 गेंदों पर 49 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली। 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने अपने अंतरराष्ट्रीय पदार्पण पर 10 गेंदों में 14 रन बनाए, जिसमें दो छक्के शामिल रहे। अंत में तिलक वर्मा की उपयोगी पारी की बदौलत भारत ने 190/7 का मजबूत स्कोर खड़ा किया। इंग्लैंड की ओर से सैम करन ने सबसे ज्यादा 3 विकेट लिए। जैकब बेथेल की विस्फोटक पारी ने पलटा मैच 191 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड की शुरुआत बेहद खराब रही। फिल सॉल्ट और जोस बटलर पहले ही ओवर में बिना खाता खोले आउट हो गए। इसके बाद जैकब बेथेल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 46 गेंदों में नाबाद 76 रन बनाए। उन्हें हैरी ब्रूक (39 रन) और टॉम बैंटन (39 रन) का अच्छा साथ मिला। इंग्लैंड ने 19वें ओवर में लक्ष्य हासिल कर मुकाबला जीत लिया। अर्शदीप की शानदार गेंदबाजी भी नहीं बचा सकी भारत को भारतीय तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 4 ओवर में 40 रन देकर 3 विकेट झटके। अक्षर पटेल और वरुण चक्रवर्ती को एक-एक सफलता मिली, लेकिन डेथ ओवरों में भारतीय गेंदबाज इंग्लैंड के बल्लेबाजों पर दबाव नहीं बना सके। मैच का निर्णायक मोड़ रवि बिश्नोई का 17वां ओवर रहा, जिसमें इंग्लैंड ने तेजी से 29 रन बटोरे और जीत की नींव रखी।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।