एम्सटेलवीन, एजेंसियां। एफआईएच पुरुष हॉकी विश्व कप 2026 में भारतीय टीम को बड़ा झटका लगा है। पूल डी के दूसरे मुकाबले में इंग्लैंड ने भारत को 4-2 से हरा दिया। इस हार के बाद भारत के लिए अगले चरण में पहुंचने का समीकरण मुश्किल हो गया है। हाफ टाइम तक भारत आगे था भारत ने मुकाबले की शुरुआत अच्छी की और हाफ टाइम तक 2-1 की बढ़त बना रखी थी। कप्तान हरमनप्रीत सिंह और दिलप्रीत सिंह ने भारत के लिए गोल किए। ऐसा लग रहा था कि भारत इंग्लैंड के खिलाफ लंबे समय से चले आ रहे विश्व कप के खराब रिकॉर्ड को बदल देगा। दूसरे हाफ में इंग्लैंड ने पलटा मैच दूसरे हाफ में इंग्लैंड ने जोरदार वापसी की। भारतीय डिफेंस पर लगातार दबाव बनाते हुए इंग्लैंड ने तीन गोल दागे और मुकाबला 4-2 से अपने नाम कर लिया। इस हार के साथ विश्व कप में इंग्लैंड के खिलाफ भारत का 32 साल का जीत का इंतजार जारी रहा। अब पाकिस्तान के खिलाफ करो या मरो का मुकाबला इंग्लैंड से हार के बाद भारत के लिए पाकिस्तान के खिलाफ अगला मुकाबला बेहद महत्वपूर्ण हो गया है। भारत अगर पाकिस्तान को हराता है तो अगले चरण में पहुंचने की उसकी उम्मीदें मजबूत रहेंगी। वहीं ड्रॉ की स्थिति में गोल अंतर और पूल के अन्य मुकाबलों के नतीजे अहम होंगे। हार की स्थिति में भारत की आगे बढ़ने की संभावनाएं काफी कमजोर हो जाएंगी। भारत ने इससे पहले विश्व कप के अपने पहले मुकाबले में वेल्स को 3-1 से हराकर शानदार शुरुआत की थी। अब टीम को पाकिस्तान के खिलाफ दबाव में बेहतर प्रदर्शन करना होगा।
गाले, एजेंसियां। भारत और श्रीलंका के बीच 15 अगस्त से शुरू होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज में भारतीय कप्तान शुभमन गिल के पास एक खास उपलब्धि हासिल करने का मौका है। गिल अगर सीरीज में 157 रन बना लेते हैं तो वह विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के इतिहास में 3,000 रन पूरे करने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बन जाएंगे। 157 रन बनाते ही रचेंगे इतिहास गिल ने WTC में अब तक 2,843 रन बनाए हैं और 3,000 रन के आंकड़े से 157 रन दूर हैं। श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों में उनके पास यह उपलब्धि हासिल करने का शानदार मौका है। ऐसा करने पर वह WTC में 3,000 रन पूरे करने वाले पहले भारतीय बन जाएंगे। कप्तान के रूप में बढ़ी जिम्मेदारी शुभमन गिल इस सीरीज में भारतीय टीम की कप्तानी करेंगे। इंग्लैंड के खिलाफ पिछली टेस्ट सीरीज में उनके शानदार प्रदर्शन के बाद उनसे श्रीलंका के खिलाफ भी बड़ी पारियों की उम्मीद है। टीम इंडिया के लिए यह सीरीज WTC 2025-27 चक्र के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण है। भारत के लिए भी अहम होगी सीरीज भारत और श्रीलंका के बीच पहला टेस्ट 15 अगस्त से गाले में खेला जाएगा। दोनों मुकाबले मौजूदा WTC चक्र का हिस्सा हैं। भारत इस समय WTC तालिका में पांचवें स्थान पर है, इसलिए सीरीज में अच्छे प्रदर्शन से टीम अपनी स्थिति मजबूत करना चाहेगी। गिल के बल्ले पर रहेंगी निगाहें श्रीलंका की परिस्थितियों में स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ गिल की बल्लेबाजी अहम होगी। अगर वह दोनों टेस्ट में 157 या उससे ज्यादा रन बना लेते हैं, तो उनके नाम WTC में 3,000 रन पूरे करने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज का रिकॉर्ड दर्ज हो जाएगा।
टॉन्टन, एजेंसियां। इंग्लैंड के पूर्व दिग्गज ऑलराउंडर एंड्रयू फ्लिंटॉफ के बेटे रॉकी फ्लिंटॉफ ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए अपने करियर का पहला सीनियर प्रोफेशनल शतक जड़ दिया। लंकाशायर की ओर से खेलते हुए रॉकी ने समरसेट के खिलाफ मेट्रो बैंक वन-डे कप मुकाबले में सिर्फ 65 गेंदों में शतक पूरा किया। उन्होंने आखिरकार 76 गेंदों पर 123 रन की तूफानी पारी खेली। 76 गेंदों में 123 रन की विस्फोटक पारी 18 वर्षीय रॉकी ने अपनी पारी में 10 चौके और 7 छक्के लगाए। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने लंकाशायर को विशाल स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। रॉकी ने कप्तान कीटन जेनिंग्स के साथ 214 रन की साझेदारी भी की। लंकाशायर के सबसे युवा शतकवीर बने इस शतक के साथ रॉकी फ्लिंटॉफ ने लंकाशायर की पहली टीम के लिए शतक लगाने वाले सबसे युवा खिलाड़ी का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। उन्होंने अपने पिता एंड्रयू फ्लिंटॉफ का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। रॉकी पहले ही इंग्लैंड अंडर-19 और इंग्लैंड लायंस के लिए भी कम उम्र में शतक लगाने का रिकॉर्ड बना चुके हैं। लंकाशायर ने बनाया 443 रन का विशाल स्कोर रॉकी की तूफानी पारी की बदौलत लंकाशायर ने 50 ओवर में 443/6 का विशाल स्कोर खड़ा किया, जो टीम के लिए इस प्रारूप में रिकॉर्ड स्कोर है। जवाब में समरसेट की टीम 269 रन पर सिमट गई और लंकाशायर ने मुकाबला 174 रन से जीत लिया। पिता एंड्रयू फ्लिंटॉफ की विरासत को आगे बढ़ा रहे रॉकी रॉकी अभी सिर्फ 18 साल के हैं, लेकिन कम उम्र में ही कई रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके हैं। उनके पिता एंड्रयू फ्लिंटॉफ इंग्लैंड के पूर्व कप्तान और दिग्गज ऑलराउंडर रहे हैं। रॉकी की इस पारी के बाद इंग्लैंड क्रिकेट में उनके भविष्य को लेकर चर्चा और तेज हो गई है।
लंदन, एजेंसियां। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान और स्टार ऑलराउंडर बेन स्टोक्स ने 2027 एशेज सीरीज में खिलाड़ी के तौर पर वापसी की अटकलों को खारिज कर दिया है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद स्टोक्स ने कहा कि उनका अब खिलाड़ी के रूप में वापसी का कोई इरादा नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने भविष्य में इंग्लैंड क्रिकेट टीम का कोच बनने की इच्छा भी जाहिर की है। 2027 एशेज में वापसी नहीं करेंगे स्टोक्स 35 वर्षीय स्टोक्स ने जून 2026 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया था। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया के कोच एंड्रयू मैकडोनाल्ड समेत कई लोगों ने उनके 2027 एशेज में वापसी की संभावना से इनकार नहीं किया था। हालांकि, स्टोक्स ने अब साफ कर दिया है कि वह अपने संन्यास के फैसले पर कायम हैं और एशेज में दोबारा इंग्लैंड की जर्सी में उतरने की योजना नहीं है। कोच बनने की तैयारी में जुटे स्टोक्स ने बताया कि वह क्रिकेट से पूरी तरह दूर नहीं होना चाहते। वह Level Three कोचिंग योग्यता हासिल करने की दिशा में काम कर रहे हैं और भविष्य में इंग्लैंड टीम को कोच करना उनका लक्ष्य है। स्टोक्स का मानना है कि इंग्लैंड की कप्तानी और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लंबे अनुभव के कारण कोचिंग की भूमिका में उन्हें अपने अनुभव का फायदा उठाने का अवसर मिलेगा। इंग्लैंड क्रिकेट में बड़ा बदलाव स्टोक्स के संन्यास के बाद इंग्लैंड की टेस्ट टीम में नेतृत्व का दौर भी बदल गया है। जो रूट को दोबारा टेस्ट कप्तान बनाया गया है, जबकि स्टीफन फ्लेमिंग को नया मुख्य कोच नियुक्त किया गया है। ऐसे में स्टोक्स का भविष्य में कोचिंग की ओर बढ़ना इंग्लैंड क्रिकेट के लिए एक दिलचस्प संभावित वापसी होगी। फिलहाल स्टोक्स घरेलू और फ्रेंचाइजी क्रिकेट से जुड़े रहकर अपने खेल करियर के अगले चरण पर ध्यान दे रहे हैं, लेकिन उन्होंने साफ संकेत दिया है कि लंबे समय में वह इंग्लैंड की कोचिंग भूमिका में नजर आना चाहते हैं।
डैरिल मिचेल को पीछे छोड़कर शीर्ष स्थान पर पहुंचे भारतीय कप्तान दुबई, एजेंसियां। भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने एक बार फिर आईसीसी पुरुष वनडे बल्लेबाजों की रैंकिंग में नंबर-1 स्थान हासिल कर लिया है। गिल ने न्यूजीलैंड के डैरिल मिचेल को पीछे छोड़ते हुए छह महीने बाद फिर से शीर्ष रैंकिंग अपने नाम की। हालिया शानदार प्रदर्शन का उन्हें सीधा फायदा मिला है। भारत का टॉप-5 में दबदबा ताजा आईसीसी वनडे बल्लेबाजी रैंकिंग में भारत का दबदबा साफ दिखाई दे रहा है। शुभमन गिल पहले स्थान पर पहुंच गए हैं, जबकि विराट कोहली और रोहित शर्मा भी शीर्ष-5 बल्लेबाजों में शामिल हैं। इससे वनडे क्रिकेट में भारतीय बल्लेबाजी की मजबूती एक बार फिर साबित हुई है। लगातार शानदार प्रदर्शन का मिला इनाम इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में बेहतरीन बल्लेबाजी और कप्तानी के दम पर गिल ने रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल किया। उनकी निरंतरता और बड़े मैचों में प्रभावशाली प्रदर्शन ने उन्हें फिर से दुनिया का नंबर-1 वनडे बल्लेबाज बना दिया। भारतीय क्रिकेट के लिए बड़ी उपलब्धि शुभमन गिल के नंबर-1 बनने को भारतीय क्रिकेट के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। टीम प्रबंधन और प्रशंसकों को उम्मीद है कि वह आने वाले प्रमुख टूर्नामेंटों में भी इसी लय को बरकरार रखेंगे और भारत को बड़ी सफलताएं दिलाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
पहली बार रांची में हो रहा एशिया के सबसे पुराने फुटबॉल टूर्नामेंट का आयोजन, बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम में उमड़ रहे दर्शक रांची। झारखंड की राजधानी रांची में पहली बार आयोजित हो रहे प्रतिष्ठित डूरंड कप (Durand Cup) को लेकर फुटबॉल प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। मोरहाबादी स्थित बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम में टूर्नामेंट के मुकाबलों को लेकर दर्शकों की भीड़ और फुटबॉल का जुनून देखने को मिल रहा है। रांची को पहली बार मिली मेजबानी 135वें इंडियनऑयल डूरंड कप के तहत रांची को पहली बार मेजबान शहर बनाया गया है। यहां ग्रुप-सी के मुकाबले और एक क्वार्टर फाइनल मैच खेले जा रहे हैं। रांची में 26 जुलाई से 16 अगस्त तक बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम में कई मुकाबलों का आयोजन होना है। उद्घाटन समारोह में दिखी झारखंड की संस्कृति डूरंड कप के रांची आगमन पर भव्य उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया, जिसमें झारखंड की सांस्कृतिक विरासत और सैन्य परंपराओं की झलक देखने को मिली। कार्यक्रम में राज्य सरकार के प्रतिनिधियों और सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। Jamshedpur FC के शानदार प्रदर्शन से बढ़ा रोमांच रांची में खेले गए मुकाबले में जमशेदपुर FC ने श्रीलंका की Defenders FC को 5-0 से हराकर शानदार शुरुआत की। इस मैच में रेनियर फर्नांडिस ने हैट्रिक लगाकर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। मोरहाबादी में फुटबॉल का माहौल टूर्नामेंट को लेकर शहर में खासा उत्साह है। बड़ी संख्या में फुटबॉल प्रशंसक स्टेडियम पहुंच रहे हैं। दर्शकों के लिए प्रवेश को लेकर भी विशेष व्यवस्था की गई है, जिससे स्थानीय खेल प्रेमियों को मैच देखने का मौका मिल रहा है।
रिकॉर्ड कम बारिश और भीषण गर्मी से जल संकट गहराया लंदन, एजेंसियां। ब्रिटेन में सूखे का संकट लगातार गहराता जा रहा है। सरकार की पर्यावरण एजेंसी ने आधे इंग्लैंड को आधिकारिक तौर पर सूखाग्रस्त (Drought) घोषित कर दिया है। लगातार रिकॉर्ड कम बारिश और कई दौर की भीषण गर्मी के कारण नदियों, जलाशयों और भूजल स्तर में तेज गिरावट दर्ज की गई है। लाखों लोगों पर जल संकट का असर सूखे की स्थिति के चलते इंग्लैंड के कई हिस्सों में पाइप से पानी के उपयोग (Hosepipe Ban) पर प्रतिबंध लागू कर दिया गया है। इससे लाखों लोगों को पानी के इस्तेमाल में कटौती करनी पड़ रही है। सरकार ने नागरिकों से पानी की बचत करने और अनावश्यक उपयोग से बचने की अपील की है। खेती और पर्यावरण पर बढ़ा खतरा सूखे का असर कृषि, पशुपालन और वन्यजीवों पर भी दिखाई देने लगा है। कई नदियों का जलस्तर सामान्य से काफी नीचे पहुंच गया है, जबकि फसलों और वन क्षेत्रों पर भी इसका असर पड़ रहा है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द पर्याप्त बारिश नहीं हुई तो खाद्य उत्पादन और पर्यावरणीय संतुलन पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। सरकार ने जल संरक्षण पर दिया जोर ब्रिटिश सरकार और पर्यावरण एजेंसी ने जल संकट से निपटने के लिए दीर्घकालिक जल अवसंरचना, नए जलाशयों के निर्माण और जल रिसाव कम करने की योजनाओं पर काम तेज करने की बात कही है। अधिकारियों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण भविष्य में ऐसी चरम मौसम घटनाएं और अधिक देखने को मिल सकती हैं।
बर्मिंघम, एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज का शानदार आगाज़ करते हुए पहले मुकाबले में 6 विकेट से जीत दर्ज की। एजबेस्टन में खेले गए मैच में भारत ने 259 रन के लक्ष्य को 45.2 ओवर में 4 विकेट खोकर हासिल कर लिया और सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। शुभमन गिल ने खेली कप्तानी पारी कप्तान शुभमन गिल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 80 रन बनाए और भारत की जीत की मजबूत नींव रखी। हालांकि पारी के दौरान उन्हें ऐंठन (क्रैम्प) की शिकायत हुई, जिसके चलते उन्हें रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान छोड़ना पड़ा। इसके बाद अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर ने पारी को संभालते हुए टीम को जीत तक पहुंचाया। अक्षर पटेल बने जीत के हीरो ऑलराउंडर अक्षर पटेल ने गेंद और बल्ले दोनों से शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने पहले गेंदबाजी में 4 विकेट झटके और फिर नाबाद 57 रन की पारी खेली। उनके साथ वॉशिंगटन सुंदर ने भी नाबाद 52 रन बनाए। शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए अक्षर पटेल को 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया। इंग्लैंड की पारी लड़खड़ाई टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने अच्छी शुरुआत की, लेकिन 61 रन तक बिना विकेट गंवाने के बाद उसने तेजी से विकेट खो दिए। जो रूट (76)* और लियाम डॉसन (68) ने पारी संभालते हुए टीम को 258 रन तक पहुंचाया, लेकिन यह स्कोर भारत के सामने कम साबित हुआ। भारत ने लक्ष्य आसानी से हासिल कर इंग्लैंड के एजबेस्टन में लंबे समय से चले आ रहे वनडे दबदबे को भी खत्म कर दिया।
कैनसस सिटी, एजेंसियां। फीफा विश्व कप 2026 के क्वार्टर फाइनल में मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना ने अतिरिक्त समय में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्विट्जरलैंड को 3-1 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया। निर्धारित 90 मिनट का खेल 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुआ, लेकिन अतिरिक्त समय में अर्जेंटीना ने दो गोल दागकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। मैच में क्या हुआ? अर्जेंटीना को शुरुआती बढ़त एलेक्सिस मैक एलिस्टर ने दिलाई, जिन्होंने लियोनेल मेसी के कॉर्नर पर शानदार हेडर लगाया। दूसरे हाफ में स्विट्जरलैंड ने डैन एनडोये के गोल से बराबरी कर ली। मुकाबले का सबसे बड़ा मोड़ तब आया, जब स्विस स्ट्राइकर ब्रील एम्बोलो को VAR समीक्षा के बाद रेड कार्ड दिखाया गया और टीम 10 खिलाड़ियों के साथ खेलने को मजबूर हो गई। अल्वारेज़ और लाउतारो बने जीत के हीरो अतिरिक्त समय में अर्जेंटीना ने एक खिलाड़ी की बढ़त का पूरा फायदा उठाया। जूलियन अल्वारेज़ ने 112वें मिनट में शानदार लंबी दूरी का गोल कर टीम को फिर बढ़त दिलाई। इसके बाद लाउतारो मार्टिनेज़ ने 121वें मिनट में तीसरा गोल कर जीत पक्की कर दी। कप्तान लियोनेल मेसी गोल नहीं कर सके, लेकिन उन्होंने पहले गोल में अहम असिस्ट दिया। अब इंग्लैंड से होगी सेमीफाइनल में भिड़ंत इस जीत के साथ अर्जेंटीना लगातार दूसरी बार विश्व कप खिताब जीतने की उम्मीदें बरकरार रखते हुए सेमीफाइनल में पहुंच गया है। अब उसका सामना इंग्लैंड से होगा, जिसने क्वार्टर फाइनल में नॉर्वे को 2-1 से हराकर अंतिम चार में जगह बनाई। फुटबॉल प्रेमियों को अब टूर्नामेंट के सबसे बड़े मुकाबलों में से एक देखने को मिलेगा।
साउथैम्पटन, एजेंसियां। भारत के खिलाफ टी20 सीरीज में 4-0 की शानदार जीत और आईसीसी टी20 रैंकिंग में नंबर-1 बनने के बाद इंग्लैंड के मुख्य कोच ब्रेंडन मैकुलम ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि टीम के सफर का अंत नहीं, बल्कि नई शुरुआत है। मैकुलम ने साफ किया कि इंग्लैंड की टीम यहीं रुकने वाली नहीं है और आने वाले समय में भी दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीम बने रहने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ेगी। 'यह सिर्फ शुरुआत है' मैच के बाद मैकुलम ने कहा कि हाल के दिनों में इंग्लैंड क्रिकेट को लेकर काफी आलोचना और शोर रहा, लेकिन खिलाड़ियों ने उस दबाव को खुद पर हावी नहीं होने दिया। उन्होंने कहा, "हमने दुनिया की नंबर-1 टीम भारत को 4-0 से हराया और शीर्ष रैंकिंग हासिल की है, लेकिन हमारा सफर यहीं खत्म नहीं होता। हम अभी नहीं रुकेंगे।" खिलाड़ियों की जमकर की तारीफ मैकुलम ने कप्तान हैरी ब्रूक और जोस बटलर की विशेष प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि पूरी टीम ने आक्रामक और निडर क्रिकेट खेली। खासकर अंतिम टी20 में बटलर और ब्रूक की रिकॉर्ड साझेदारी ने दिखा दिया कि यह टीम किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है। अब वनडे सीरीज पर नजर इंग्लैंड के कोच ने कहा कि टी20 सीरीज की सफलता को पीछे छोड़कर अब टीम का पूरा ध्यान भारत के खिलाफ आगामी वनडे सीरीज पर रहेगा। उन्होंने खिलाड़ियों से कहा कि जीत के बाद संतुष्ट होने की बजाय प्रदर्शन का स्तर लगातार ऊंचा रखना होगा, क्योंकि असली चुनौती शीर्ष पर बने रहने की है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में 4-0 की करारी हार का असर अब आईसीसी रैंकिंग पर भी दिखाई दिया है। टीम इंडिया ने 1601 दिनों तक नंबर-1 रहने के बाद ICC पुरुष टी20 टीम रैंकिंग में अपना शीर्ष स्थान गंवा दिया है। इंग्लैंड ने पांचवें टी20 में 56 रन की जीत के साथ सीरीज 4-0 से अपने नाम की और इसी जीत के दम पर वह दुनिया की नई नंबर-1 टी20 टीम बन गई। चार साल बाद खत्म हुआ भारत का दबदबा भारत ने फरवरी 2022 में पहली बार टी20 रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल किया था और तब से लगातार नंबर-1 बना हुआ था। इस दौरान टीम ने टी20 विश्व कप जीतने समेत कई द्विपक्षीय सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया। लेकिन आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर लगातार खराब नतीजों के बाद भारत की रेटिंग में गिरावट आई और इंग्लैंड ने उसे पीछे छोड़ दिया। इंग्लैंड बना दुनिया की नई नंबर-1 टीम हैरी ब्रूक की कप्तानी में इंग्लैंड ने पूरी सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया। अंतिम मुकाबले में जोस बटलर (131 रन) और हैरी ब्रूक (95)* की रिकॉर्ड साझेदारी ने इंग्लैंड को विशाल स्कोर तक पहुंचाया। सीरीज में 4-0 की जीत के साथ इंग्लैंड आईसीसी टी20 रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंच गया, जबकि भारत दूसरे स्थान पर खिसक गया। अब वनडे सीरीज में वापसी की चुनौती टी20 सीरीज में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद अब भारतीय टीम के सामने वनडे सीरीज में वापसी की चुनौती होगी। टीम प्रबंधन और चयनकर्ताओं की नजर खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर रहेगी, क्योंकि लगातार हार के बाद टीम संयोजन और रणनीति को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
साउथैम्पटन, एजेंसियां। इंग्लैंड ने पांचवें और अंतिम टी20 मुकाबले में भारत को 56 रन से हराकर पांच मैचों की सीरीज 4-0 से अपने नाम कर ली। बारिश के कारण पहला मुकाबला रद्द हो गया था, जबकि बाकी चारों मैचों में इंग्लैंड ने दबदबा बनाए रखा। अंतिम मुकाबले में इंग्लैंड ने बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों विभागों में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया। बटलर और ब्रूक ने भारतीय गेंदबाजों की उड़ाई धज्जियां टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड ने 20 ओवर में 257/3 का विशाल स्कोर खड़ा किया। अनुभवी बल्लेबाज जोस बटलर ने 64 गेंदों में 131 रन की तूफानी पारी खेली, जिसमें बारह चौके और आठ छक्के शामिल रहे। वहीं कप्तान हैरी ब्रूक ने 45 गेंदों पर नाबाद 95 रन बनाए। दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 233 रन की रिकॉर्ड साझेदारी कर भारत के खिलाफ टी20 इतिहास का सबसे बड़ा साझेदारी रिकॉर्ड बनाया। भारत की ओर से शिवम दुबे ने 2 विकेट, जबकि प्रसिद्ध कृष्णा को 1 विकेट मिला। भारतीय बल्लेबाजों ने की कोशिश, लेकिन लक्ष्य रहा दूर 258 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। शुरुआती विकेट जल्दी गिरने के बाद ईशान किशन ने 35 गेंदों में 56 रन और तिलक वर्मा ने 25 गेंदों में 53 रन बनाकर संघर्ष जरूर किया, लेकिन दूसरे छोर से लगातार विकेट गिरते रहे। पूरी टीम 20 ओवर में 201/8 रन ही बना सकी। इंग्लैंड की ओर से सैम करन ने 3 विकेट, जबकि आदिल राशिद ने 2 विकेट लेकर भारत की वापसी की उम्मीद खत्म कर दी। इंग्लैंड ने हर विभाग में दिखाई बादशाहत इस जीत के साथ इंग्लैंड ने न सिर्फ सीरीज 4-0 से जीती, बल्कि पूरे दौरे में आक्रामक क्रिकेट का शानदार प्रदर्शन किया। जोस बटलर को उनकी शतकीय पारी के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया। अब दोनों टीमों के बीच अगली भिड़ंत वनडे सीरीज में होगी, जहां भारत इस हार का हिसाब बराबर करने की कोशिश करेगा।
रांची। रांची में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने की दिशा में एक बड़ी राहत मिली है। सिरम टोली फ्लाईओवर के नीचे का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद अब कांटा टोली फ्लाईओवर से सिरम टोली तक वाहनों की आवाजाही सीधे शुरू हो गई है। पिछले लगभग एक वर्ष से सिरम टोली फ्लाईओवर के निर्माण के कारण वाहन चालकों को कांटा टोली फ्लाईओवर से उतरकर चुटिया थाना के पास यू-टर्न लेना पड़ता था, जिससे न केवल समय की बर्बादी होती थी बल्कि क्षेत्र में रोजाना लंबा जाम भी लगता था। यू-टर्न खत्म, सफर हुआ आसान नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब वाहन चालकों को चुटिया थाना होकर घूमकर जाने की जरूरत नहीं पड़ रही है। कांटा टोली फ्लाईओवर से उतरने के बाद वाहन सीधे सिरम टोली और आगे अपने गंतव्य तक पहुंच रहे हैं। इससे ट्रैफिक का दबाव कम हुआ है और लोगों का सफर पहले की तुलना में अधिक तेज और सुविधाजनक हो गया है। स्थानीय लोगों ने जताई खुशी स्थानीय निवासियों ने इस बदलाव का स्वागत किया है। मनोज कुमार टोप्पो ने कहा कि पिछले एक वर्ष से जाम और लंबा रास्ता लोगों के लिए बड़ी परेशानी बना हुआ था, लेकिन अब राहत मिली है। वहीं अमन मिंज ने कहा कि पहले यू-टर्न की वजह से कई लोग फ्लाईओवर का उपयोग ही नहीं करते थे। मुकेश कुमार पंडित का कहना है कि अब चुटिया होकर घूमने की जरूरत खत्म हो गई है, जिससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी। पिंटू सिंह ने उम्मीद जताई कि सिरम टोली फ्लाईओवर का पूरा निर्माण होने के बाद यातायात व्यवस्था और बेहतर होगी। पूरा होने पर और मिलेगी राहत वर्तमान में कांटा टोली फ्लाईओवर पूरी तरह चालू है, जबकि सिरम टोली फ्लाईओवर का निर्माण अंतिम चरण में है। इसके पूरा होने के बाद राजेंद्र चौक, मेकॉन, रेलवे स्टेशन, पटेल चौक, स्टेशन रोड और सुजाता चौक जैसे व्यस्त इलाकों में ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। इससे रांची में यातायात का नया और अधिक सुगम नेटवर्क विकसित होगा।
ब्रिस्टल, एजेंसियां। इंग्लैंड के खिलाफ T20 सीरीज में लगातार हार के बाद भारतीय टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर के बयान पर चर्चा तेज हो गई है। इंग्लैंड ने चौथे T20 मुकाबले में भारत को 9 विकेट से हराकर सीरीज अपने नाम कर ली, जिसके बाद अय्यर ने टीम के प्रदर्शन पर सफाई देते हुए कहा कि भारतीय टीम अभी बदलाव के दौर से गुजर रही है। श्रेयस अय्यर ने किसे ठहराया जिम्मेदार? श्रेयस अय्यर ने किसी एक खिलाड़ी को हार का जिम्मेदार नहीं ठहराया, बल्कि टीम के सामूहिक प्रदर्शन को हार की वजह बताया। उन्होंने कहा कि युवा खिलाड़ियों के साथ टीम एक नए संयोजन को तैयार कर रही है और इस प्रक्रिया में गलतियां होना स्वाभाविक है। 158 रन का लक्ष्य नहीं था पर्याप्त चौथे T20 में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 158 रन बनाए, लेकिन इंग्लैंड ने इसे आसानी से हासिल कर लिया। अय्यर ने माना कि यह स्कोर जीत के लिए पर्याप्त नहीं था और टीम को बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों विभागों में सुधार की जरूरत है। हैरी ब्रूक और फिल सॉल्ट ने भारत से छीनी जीत इंग्लैंड की ओर से हैरी ब्रूक और फिल सॉल्ट ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए भारत के गेंदबाजी आक्रमण को पूरी तरह दबाव में डाल दिया। दोनों की तेज पारियों की बदौलत इंग्लैंड ने लक्ष्य को महज 13.5 ओवर में हासिल कर लिया। अय्यर के बयान पर उठे सवाल लगातार सीरीज हार के बाद अय्यर का "टीम ट्रांजिशन में है" वाला बयान क्रिकेट फैंस और विशेषज्ञों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। कई पूर्व क्रिकेटरों का मानना है कि सिर्फ बदलाव का हवाला देने के बजाय टीम को अपनी रणनीति और प्रदर्शन में सुधार करना होगा। अब सम्मान बचाने की चुनौती इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज गंवाने के बाद भारतीय टीम के सामने अब शनिवार को होने वाले आखिरी मुकाबले में जीत दर्ज कर सम्मान बचाने की चुनौती होगी। टीम मैनेजमेंट की नजरें अगले मैच में प्लेइंग इलेवन और रणनीति में बदलाव पर रहेंगी।
नॉटिंघम, एजेंसियां। इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टी20 में 125 रन की रिकॉर्ड हार के बाद भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने टीम के प्रदर्शन पर गहरी निराशा जताई। मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में अय्यर ने कहा कि बल्लेबाज परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने में पूरी तरह नाकाम रहे और टीम का प्रदर्शन अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुरूप नहीं था। उन्होंने माना कि इतनी बड़ी हार से सबक लेकर टीम को अगले मुकाबलों में बेहतर क्रिकेट खेलना होगा। 'बल्लेबाज़ी में नहीं दिखा धैर्य' श्रेयस अय्यर ने कहा कि शुरुआती विकेट जल्दी गिरने के बाद किसी भी बल्लेबाज़ ने बड़ी साझेदारी बनाने की कोशिश नहीं की। उन्होंने स्वीकार किया कि टीम ने गलत शॉट खेले और दबाव की स्थिति में धैर्य नहीं दिखाया। कप्तान ने कहा कि बल्लेबाज़ी इकाई को अपनी रणनीति पर गंभीरता से काम करना होगा। गेंदबाज़ों का भी नहीं मिला साथ अय्यर ने माना कि गेंदबाज़ भी इंग्लैंड के बल्लेबाज़ों पर शुरुआती दबाव बनाने में सफल नहीं रहे। उन्होंने कहा कि मेजबान टीम ने पावरप्ले और डेथ ओवरों का पूरा फायदा उठाया, जिससे भारत के सामने बड़ा लक्ष्य खड़ा हो गया। वापसी का भरोसा जताया भारतीय कप्तान ने कहा कि टीम इस हार से निराश जरूर है, लेकिन खिलाड़ियों में वापसी की क्षमता है। उन्होंने विश्वास जताया कि टीम अपनी गलतियों का विश्लेषण करेगी और अगले मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन करते हुए सीरीज में वापसी की कोशिश करेगी।
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज का आगाज 1 जुलाई से होगा। पहला मुकाबला चेस्टर-ले-स्ट्रीट के रिवरसाइड ग्राउंड में भारतीय समयानुसार रात 10:00 बजे खेला जाएगा। यह सीरीज दोनों टीमों के लिए नए टी20 चक्र की शुरुआत मानी जा रही है और 2028 टी20 विश्व कप की तैयारियों की दिशा में अहम साबित होगी। टीम इंडिया पर वापसी का दबाव आयरलैंड के खिलाफ हालिया टी20 सीरीज में हार के बाद भारतीय टीम बेहतर प्रदर्शन करने के इरादे से मैदान में उतरेगी। चयनकर्ता युवा खिलाड़ियों को अवसर देकर टीम के नए संयोजन को परखना चाहते हैं। पूर्व कप्तान Sunil Gavaskar ने भी युवा बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी को पहले मैच में मौका देने की वकालत की है। इंग्लैंड को घरेलू मैदान का भरोसा इंग्लैंड की टीम घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाकर सीरीज जीतने के लक्ष्य के साथ उतरेगी। मेजबान टीम संतुलित बल्लेबाजी और तेज गेंदबाजी आक्रमण के दम पर भारत को कड़ी चुनौती देने की तैयारी में है। पांच मैचों की होगी सीरीज भारत और इंग्लैंड के बीच टी20 सीरीज के मुकाबले 1, 4, 7, 9 और 11 जुलाई को खेले जाएंगे। इसके बाद दोनों टीमें तीन मैचों की वनडे सीरीज में आमने-सामने होंगी।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।