रांची। झारखंड के चर्चित कथित शराब घोटाला मामले की जांच कर रही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष मंगलवार को राज्य के पूर्व वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव पेश हुए। दूसरे समन के बाद वह तय समय पर रांची के एयरपोर्ट रोड स्थित ईडी के जोनल कार्यालय पहुंचे, जहां औपचारिक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद अधिकारियों ने उनसे पूछताछ शुरू की। यह पूछताछ कथित शराब घोटाले और उससे जुड़े वित्तीय लेन-देन की जांच के सिलसिले में की जा रही है। रामेश्वर उरांव के पहले उनके बेटे से भी हुई पूछताछ ईडी ने इससे पहले रामेश्वर उरांव को 30 जून और उनके पुत्र रोहित उरांव को 29 जून को पूछताछ के लिए बुलाया था। हालांकि, दोनों निर्धारित तिथि पर उपस्थित नहीं हुए थे और उन्होंने एजेंसी से तीन सप्ताह का अतिरिक्त समय मांगा था। ईडी ने उनके अनुरोध पर विचार करते हुए तीन सप्ताह की बजाय एक सप्ताह की मोहलत दी और नया समन जारी किया। इसके तहत रोहित उरांव 6 जुलाई को ईडी के समक्ष पेश हुए, जबकि मंगलवार को रामेश्वर उरांव जांच में शामिल होने के लिए कार्यालय पहुंचे। सूत्रों के अनुसार सूत्रों के अनुसार, ईडी यह जांच योगेंद्र तिवारी से जुड़े कथित शराब घोटाले के विभिन्न पहलुओं को लेकर कर रही है। एजेंसी वित्तीय लेन-देन, प्रशासनिक निर्णयों और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की पड़ताल कर रही है। इसी क्रम में पूर्व वित्त मंत्री से भी कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर पूछताछ की जा रही है। ईडी कार्यालय पहुंचने पर पत्रकारों ने रामेश्वर उरांव से मामले को लेकर सवाल पूछने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने केवल इतना कहा, "मैं 25 साल पुलिस सेवा में रहा हूं। कोई भी गवाह बाहर बयान नहीं देता। जो भी कहना होगा, अंदर जांच एजेंसी के सामने कहूंगा।" अब इस पूछताछ के बाद ईडी आगे किन लोगों से सवाल-जवाब करेगी और जांच किस दिशा में बढ़ेगी, इस पर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों की नजर बनी हुई है।
रामगढ़। रामगढ़ जिले के पतरातू प्रखंड में सोमवार को आयोजित बैठक में झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने विस्थापित परिवारों की समस्याएं सुनीं और उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया। बैठक में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन अधिनियम-2013 लागू होने के बावजूद उन्हें न तो उचित मुआवजा मिला और न ही पुनर्वास की सुविधाएं। उन्होंने राज्य सरकार से लंबित मामलों का शीघ्र समाधान करने की मांग की। वित्त मंत्री ने कहा वित्त मंत्री ने कहा कि उनका दौरा राजनीतिक नहीं, बल्कि विस्थापितों की पीड़ा को समझने के लिए है। उन्होंने कहा कि झारखंड को राज्य गठन के समय से ही विस्थापन की गंभीर समस्या विरासत में मिली है और यह राज्य की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि विस्थापितों की सभी मांगों को कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा और सरकार उनके अधिकार सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी। राधाकृष्ण किशोर ने कहा राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि पतरातू में एनटीपीसी को दी गई जमीन का वास्तविक उपयोग, अतिरिक्त भूमि की स्थिति और अन्य संस्थानों को सब-लीज पर दी गई जमीन की भी समीक्षा कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि सरकारी अनुमति के बिना भूमि का हस्तांतरण हुआ है तो इसकी जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। वित्त मंत्री ने जिला प्रशासन को भी निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से कार्य करने की नसीहत देते हुए कहा कि विस्थापितों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक की आवाज का सम्मान होना चाहिए। के. राजू, पूर्व विधायक अंबा प्रसाद, योगेंद्र साव बैठक में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी के. राजू, पूर्व विधायक अंबा प्रसाद, योगेंद्र साव सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। के. राजू ने कहा कि भूमि अधिग्रहण कानून-2013 प्रभावित परिवारों को मुआवजा और पुनर्वास का कानूनी अधिकार देता है और इसे पूरी तरह लागू कराया जाएगा। कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों ने विस्थापन से जुड़े लंबित मामलों के स्थायी समाधान और कानून के सभी प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग दोहराई।
रांची। झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर एक बार फिर राजनीतिक चर्चाओं के केंद्र में हैं। हाल ही में अपनी सरकारी सुरक्षा और एस्कॉर्ट वाहन लौटाने के बाद अब उनकी रांची के शूटिंग रेंज में निशानेबाजी का अभ्यास करते हुए तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं। इन तस्वीरों के वायरल होने के बाद राज्य की राजनीति में तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। सुरक्षा लौटाने के बाद फिर चर्चा में मंत्री कुछ दिन पहले राधाकृष्ण किशोर ने अपनी सुरक्षा में तैनात 16 सुरक्षाकर्मियों और सरकारी एस्कॉर्ट वाहनों को वापस करने का फैसला लिया था। हालांकि, पुलिस मुख्यालय ने सुरक्षा प्रोटोकॉल को देखते हुए सुरक्षाकर्मियों को उनके सरकारी आवास पर तैनात रहने के निर्देश दिए हैं। इस फैसले के बाद से सरकार के भीतर मतभेदों की अटकलें तेज हो गई थीं। शूटिंग रेंज में अभ्यास, बोले- यह सिर्फ एक खेल वायरल तस्वीरों में वित्त मंत्री रांची के एक शूटिंग सेंटर में निशानेबाजी का अभ्यास करते नजर आ रहे हैं। इस पर उन्होंने कहा कि शूटिंग उनके लिए केवल एक खेल है, जो एकाग्रता, अनुशासन और आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद करता है। हालांकि, उनके इस कदम को सुरक्षा लौटाने की घटना से जोड़कर भी देखा जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में बढ़ी हलचल विपक्ष और राजनीतिक विश्लेषक इस घटनाक्रम को राज्य सरकार के भीतर चल रही खींचतान से जोड़कर देख रहे हैं। इस बीच राधाकृष्ण किशोर बिना बॉडीगार्ड सचिवालय भी पहुंचे और संकेत दिया कि वह "चार दिन बाद" इस पूरे मामले पर विस्तार से अपनी बात रखेंगे। वहीं, विपक्षी नेताओं ने भी सरकार और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
गुमला। झारखंड के गुमला जिले में सरकारी आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। घाघरा और पालकोट थाना क्षेत्रों में समय पर 108 एंबुलेंस उपलब्ध नहीं होने के कारण दो युवकों की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि यदि समय पर एंबुलेंस मिल जाती तो दोनों की जान बचाई जा सकती थी। इन घटनाओं के बाद ग्रामीणों में स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी है। सड़क हादसे के बाद दो घंटे तक नहीं मिली एंबुलेंस पहली घटना घाघरा थाना क्षेत्र के सलगी भुड़ियाटोली गांव की है। 22 वर्षीय मंगलेश्वर उरांव सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गया था। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे सदर अस्पताल गुमला रेफर किया, लेकिन परिजनों का आरोप है कि करीब दो घंटे तक एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी। इलाज के लिए ले जाने से पहले ही उसकी मौत हो गई। ग्रामीणों ने घाघरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चौबीसों घंटे एंबुलेंस उपलब्ध कराने की मांग की है। जहर खाने के बाद भी नहीं पहुंची मदद दूसरी घटना पालकोट थाना क्षेत्र के मरदा गांव की है, जहां 34 वर्षीय कृष्णा लोहरा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों के अनुसार, कृष्णा की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्होंने तत्काल 108 एंबुलेंस सेवा से संपर्क किया, लेकिन काफी देर तक कोई वाहन नहीं पहुंचा। आखिरकार परिजन ऑटो से उसे सदर अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक आशंका जहर सेवन की जताई जा रही है और पुलिस मामले की जांच कर रही है। स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल दोनों घटनाओं ने ग्रामीण क्षेत्रों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी एंबुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं होने से गंभीर मरीजों की जान जोखिम में पड़ रही है। लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से ग्रामीण इलाकों में एंबुलेंस सेवा मजबूत करने और हर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 24 घंटे आपातकालीन वाहन उपलब्ध कराने की मांग की है।
रांची। झारखंड ने वित्तीय प्रबंधन के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। नीति आयोग द्वारा जारी वित्तीय वर्ष 2023-24 के फिस्कल हेल्थ इंडेक्स में राज्य ने देश के शीर्ष तीन राज्यों में जगह बनाई है। झारखंड को ‘अचीवर’ श्रेणी में शामिल किया गया है। इस श्रेणी में झारखंड के साथ ओडिशा और गोवा भी शामिल हैं। यह उपलब्धि राज्य के मजबूत वित्तीय अनुशासन, प्रभावी राजस्व प्रबंधन और संतुलित व्यय नीति का परिणाम मानी जा रही है। राजस्व संग्रह और खर्च प्रबंधन में बेहतर प्रदर्शन सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के अनुसार, झारखंड ने अपने कुल राजस्व में कर से प्राप्त आय का हिस्सा 60 प्रतिशत से अधिक बनाए रखा है। इसके साथ ही राज्य ने गैर-कर राजस्व बढ़ाने की दिशा में भी उल्लेखनीय प्रयास किए हैं। बेहतर संसाधन जुटाने और खर्च पर नियंत्रण की नीति ने राज्य की वित्तीय स्थिति को मजबूत बनाया है। राज्य सरकार ने राजकोषीय घाटे को सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) के निर्धारित तीन प्रतिशत की सीमा से नीचे बनाए रखा है। वहीं आधारभूत संरचना और दीर्घकालिक विकास को गति देने के लिए पूंजीगत व्यय को जीएसडीपी के लगभग चार से पांच प्रतिशत के स्तर पर बनाए रखा गया, जिससे विकास परियोजनाओं को मजबूती मिली है। कर्ज प्रबंधन में भी झारखंड की स्थिति मजबूत फिस्कल हेल्थ इंडेक्स में झारखंड का प्रदर्शन कर्ज प्रबंधन के मामले में भी संतुलित रहा है। राज्य का कुल कर्ज जीएसडीपी के 25 प्रतिशत से कम है और ब्याज भुगतान का बोझ भी नियंत्रित स्तर पर है। इससे राज्य की वित्तीय स्थिरता और जिम्मेदार आर्थिक प्रबंधन का संकेत मिलता है। विशेषज्ञों का मानना है कि नीति आयोग के फिस्कल हेल्थ इंडेक्स में झारखंड का शीर्ष तीन राज्यों में शामिल होना राज्य की आर्थिक मजबूती का प्रमाण है। यह उपलब्धि निवेश, आधारभूत संरचना के विकास और दीर्घकालिक आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
रांची। झारखंड की पंचायतों को 16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं के तहत वर्ष 2026-27 से 2030-31 के बीच कुल 14,231 करोड़ रुपये की अनुदान राशि मिलेगी। यह जानकारी नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला के दौरान सामने आई। इस राशि में 11,385 करोड़ रुपये बेसिक ग्रांट और 2,846 करोड़ रुपये परफॉर्मेंस ग्रांट के रूप में दिए जाएंगे। कार्यशाला में राज्य की ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने झारखंड का पक्ष रखते हुए केंद्र सरकार से अनुदान राशि समय पर जारी करने और 15वें वित्त आयोग की बकाया राशि का भुगतान करने की मांग की। समय पर फंड मिलने से विकास योजनाओं को मिलेगी गति मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि पंचायतों को समय पर अनुदान नहीं मिलने से ग्रामीण विकास योजनाएं प्रभावित होती हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से परफॉर्मेंस ग्रांट के वितरण में भी उदारता बरतने का आग्रह किया। उनके अनुसार, 16वें वित्त आयोग की यह राशि ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों को अधिक सक्षम बनाएगी तथा स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों और जनसेवाओं में तेजी आएगी। राजस्व क्षमता बढ़ाने में सहयोग की जरूरत मंत्री ने कहा कि झारखंड जैसे राज्यों में पंचायतों की अपनी राजस्व संग्रहण क्षमता अभी सीमित है। ऐसे में वित्त आयोग को केवल प्रदर्शन के आधार पर अनुदान तय करने के बजाय राज्यों की परिस्थितियों को भी ध्यान में रखना चाहिए। उन्होंने पंचायतों की वित्तीय व्यवस्था मजबूत करने, राजस्व संग्रहण बढ़ाने और तकनीकी क्षमता विकसित करने के लिए अतिरिक्त सहयोग की मांग की। अनुदान के उपयोग को लेकर उठाए सवाल दीपिका पांडेय सिंह ने यह भी कहा कि पूर्व वित्त आयोगों की बची हुई राशि के उपयोग या उसे वापस करने को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं हैं। इससे नई अनुदान राशि प्राप्त करने में व्यावहारिक कठिनाइयां आ सकती हैं। उन्होंने इस संबंध में केंद्र सरकार से स्पष्ट नीति बनाने की मांग की। कार्यशाला में केंद्रीय पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह), केंद्रीय राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल तथा झारखंड पंचायती राज निदेशक बी. राजेश्वरी भी मौजूद रहीं।
रांची। झारखंड की जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं के संरक्षण, संवर्धन और भविष्य की दिशा तय करने के उद्देश्य से 4 जुलाई को रांची विश्वविद्यालय के दीक्षांत मंडप में राज्यस्तरीय कॉन्क्लेव आयोजित किया जाएगा। इसकी जानकारी राज्य के पूर्व मंत्री बंधु तिर्की ने गुरुवार को रांची स्थित अपने आवास पर आयोजित प्रेस वार्ता में दी। उन्होंने कहा कि यह आयोजन झारखंड की भाषाई विरासत को सहेजने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक पहल होगी। पहली बार एक मंच पर आएंगे नौ भाषा समुदाय बंधु तिर्की ने बताया कि झारखंड राज्य गठन के बाद पहली बार नौ मान्यता प्राप्त जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं के प्रतिनिधि एक साझा मंच पर एकत्र होंगे। इनमें संथाली, मुंडारी, हो, कुरुख, खड़िया, नागपुरी, पंचपरगानिया, खोरठा सहित अन्य भाषा समुदाय शामिल होंगे। उनका कहना था कि राज्य गठन के 26 वर्ष बाद भी इन भाषाओं के संरक्षण, संवर्धन और शिक्षा के क्षेत्र में अपेक्षित कार्य नहीं हो पाया है, जिससे नई पीढ़ी अपनी मातृभाषाओं से दूर होती जा रही है। 2,500 प्रतिभागी करेंगे मंथन पूर्व मंत्री के अनुसार, इस कॉन्क्लेव में करीब 2,500 छात्र-छात्राएं, शोधार्थी, प्रोफेसर, भाषाविद, शिक्षाविद और विभिन्न भाषा समुदायों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। कार्यक्रम के दौरान जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं के संरक्षण, शिक्षा में उनके उपयोग, शोध की संभावनाओं तथा भविष्य की रणनीति पर विस्तृत चर्चा होगी। साथ ही भाषाई पहचान और सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने के लिए सुझाव भी सामने आएंगे। भाषाई विरासत को सहेजने की पहल बंधु तिर्की ने विश्वास जताया कि यह राज्यस्तरीय कॉन्क्लेव झारखंड की भाषाई और सांस्कृतिक पहचान को नई दिशा देगा। उन्होंने कहा कि मातृभाषाओं का संरक्षण केवल सांस्कृतिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़ने का माध्यम भी है। उनका मानना है कि इस आयोजन से जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए ठोस नीति निर्माण तथा भविष्य की कार्ययोजना तैयार करने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी।
रांची। झारखंड में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। झमाझम बारिश होते ही पुरे राज्य के लोगो को उमस और गर्मी से राहत मिली है। बता दे मौसम विभाग के अनुसार 1 जुलाई को रांची की अधिकतम और सबसे कम तापमान 28 डिग्री और 21 डिग्री सेल्सियस का अनुमान है। मानसून सक्रिय होते ही राज्य के कुछ हिस्से में अच्छी बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक बारिश 67.4 मिमी मेदिनीनगर में दर्ज हुई। रांची के अलावा इन राज्यों में होगी बारिश इसके अलावा रांची में 20 मिमी और चाईबासा में 14 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम विज्ञानं केंद्र के अनुसार आज और 2 जुलाई को देवघर समेत दुमका , गोड्डा, जामतारा, पाकुड़, साहिबगंज, बोकारो ,धनबाद और अन्य जगहों में भारी बारिश होने की संभावना है। रांची का पारा 5.5 डिग्री गिरा बारिश होने से झारखंड के लगभग सभी जिलों में मंगलवार को अधिकतम तापमान में कमी आई है। झारखंड की राजधानी रांची में सोमवार की तुलना में मंगलवार को 5.5 डिग्री सेल्सियस की कमी आ गई है। रांची का अधिकतम तापमान 28.4 डिग्री हो गया है। वहीं मेदिनीनगर का अधिकतम तापमान 36.6 डिग्री रहा। मौसम विभाग के अनुसार मौसम विभाग के अनुसार, तीन से पांच तक मेघ गर्जन और वज्रपात हो सकते हैं, जबकि बारिश की कमी रह सकती है। छह जुलाई से राज्य के कई इलाकों में फिर से भारी बारिश हो सकती है। 30 जून तक पूरे झारखंड में कितनी % बारिश हुई मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, एक जून से 30 जून तक पूरे झारखंड में 54% कम बारिश हुई है, जबकि रांची में 26% कम बारिश हुई है। रांची में इस दौरान सामान्य तौर पर 197.6 मिमी बारिश होती है, लेकिन अब तक यहां 146.9 मिमी बारिश ही हुई है। सबसे खराब स्थिति दुमका की है। यहां शून्य बारिश हुई है।
रांची। झारखंड में चल रहे तीन दिवसीय पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान के दूसरे दिन सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर पहुंचकर उन बच्चों को पोलियो की खुराक पिला रही हैं, जो पहले दिन बूथों तक नहीं पहुंच सके थे। अभियान का उद्देश्य राज्य के 5 वर्ष से कम आयु के 61.26 लाख बच्चों तक पोलियो रोधी दवा पहुंचाना है। घर-घर चल रहा विशेष अभियान पहले दिन राज्यभर में 24,507 पोलियो बूथों पर बच्चों को दो बूंद पोलियो की दवा पिलाई गई थी। अब दूसरे और तीसरे दिन स्वास्थ्यकर्मी, आशा कार्यकर्ता, सहिया और आंगनबाड़ी सेविकाएं घर-घर जाकर ऐसे बच्चों को चिन्हित कर रही हैं जो बूथ दिवस पर टीकाकरण से वंचित रह गए थे। सभी 24 जिलों में अभियान जारी स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अभियान राज्य के सभी 24 जिलों में एक साथ चल रहा है। इसके लिए हजारों स्वास्थ्यकर्मियों और स्वयंसेवकों को लगाया गया है ताकि कोई भी पात्र बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे। रांची जिले में ही करीब 5 लाख बच्चों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है। अभिभावकों से सहयोग की अपील स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि यदि कोई स्वास्थ्यकर्मी उनके घर पहुंचे तो वे अपने पांच वर्ष से कम उम्र के सभी बच्चों को पोलियो की दवा अवश्य पिलाएं। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि पहले कई बार पोलियो की खुराक ले चुके बच्चों को भी इस अभियान के दौरान दवा पिलाना जरूरी है। पोलियो मुक्त भारत बनाए रखने की कोशिश भारत वर्ष 2014 से पोलियो मुक्त है, लेकिन संक्रमण की आशंका को देखते हुए समय-समय पर राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान चलाया जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि प्रत्येक पात्र बच्चे तक पहुंच सुनिश्चित करना ही इस अभियान की सबसे बड़ी सफलता होगी।
गढ़वा। झारखंड के गढ़वा जिले में जंगली हाथियों के झुंड ने एक बुजुर्ग पर हमला कर उन्हें कुचलकर मार डाला। घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई और ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों के आतंक से सुरक्षा की मांग की है। सुबह टहलने के दौरान हुआ हमला जानकारी के अनुसार, बुजुर्ग सुबह घर से बाहर निकले थे। इसी दौरान जंगल की ओर से आए जंगली हाथियों के झुंड ने उन पर हमला कर दिया। स्थानीय लोगों ने शोर मचाकर हाथियों को भगाने की कोशिश की, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वन विभाग ने शुरू किया अभियान घटना के बाद वन विभाग की टीम ने हाथियों के झुंड को आबादी वाले क्षेत्र से दूर जंगल की ओर खदेड़ने के लिए अभियान शुरू किया है। अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे हाथियों के झुंड के पास न जाएं और उनकी गतिविधियों की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें। ग्रामीणों में नाराजगी लगातार जंगली हाथियों के आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंचने से ग्रामीणों में आक्रोश है। उनका कहना है कि फसलों और संपत्ति के नुकसान के साथ अब मानव जीवन भी खतरे में पड़ रहा है। लोगों ने प्रभावित परिवार को मुआवजा देने और हाथियों की आवाजाही रोकने के लिए स्थायी उपाय करने की मांग की है। प्रशासन ने सतर्क रहने की अपील वन विभाग ने आसपास के गांवों में अलर्ट जारी करते हुए लोगों से सुबह और देर शाम जंगल या खेतों की ओर अकेले न जाने की सलाह दी है। साथ ही हाथियों की मौजूदगी की सूचना मिलने पर तत्काल वन विभाग या स्थानीय प्रशासन को सूचित करने को कहा गया है।
रांची। झारखंड में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के 20 जिलों में अगले 48 घंटे तक भारी बारिश की संभावना जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने कई इलाकों में तेज बारिश, वज्रपात और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है। इन जिलों में भारी बारिश की आशंका मौसम विभाग के अनुसार रांची, जमशेदपुर (पूर्वी सिंहभूम), बोकारो, धनबाद, हजारीबाग, रामगढ़, गिरिडीह, देवघर, दुमका, गोड्डा, पाकुड़, साहिबगंज, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, खूंटी, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, चतरा और कोडरमा सहित कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है। निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने की भी आशंका जताई गई है। वज्रपात और तेज हवाओं की चेतावनी आईएमडी ने लोगों को बारिश के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने की सलाह दी है। किसानों को भी मौसम सामान्य होने तक खेतों में काम करते समय विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। प्रशासन अलर्ट मोड पर राज्य सरकार ने सभी जिला प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। आपदा प्रबंधन विभाग को संभावित जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां रखने को कहा गया है। नगर निकायों को जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। लोगों से सावधानी बरतने की अपील मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, बिजली चमकने के समय सुरक्षित स्थान पर रहने और मौसम से जुड़ी आधिकारिक चेतावनियों पर ध्यान देने की अपील की है।
बोकारो। झारखंड के बोकारो जिले के गोमिया प्रखंड से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। तिलैया पंचायत के कारीपानी गांव में एक युवक ने शराब के नशे में अपने ही पिता की टांगी से हमला कर हत्या कर दी। घटना शुक्रवार देर रात की है। वारदात के बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई, जबकि पुलिस ने आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त टांगी भी बरामद कर ली है। पिता की फटकार के बाद हुआ खूनी विवाद जानकारी के अनुसार, 30 वर्षीय अर्जुन करमाली अपने मामा के घर आयोजित एक कार्यक्रम से देर रात नशे की हालत में घर लौटा था। उसकी शराब पीने की आदत से परेशान पिता जयलाल करमाली (63) ने उसे समझाते हुए फटकार लगाई। उन्होंने बेटे से कहा कि उसकी शराब की लत के कारण परिवार में हमेशा तनाव बना रहता है और उसकी पत्नी भी मारपीट से तंग आकर मायके चली गई है। पिता की बात सुनकर अर्जुन गुस्से में आपा खो बैठा। दोनों के बीच कहासुनी बढ़ी और आवेश में आकर उसने घर में रखी टांगी उठाकर पिता के सिर पर हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने से जयलाल करमाली की मौके पर ही मौत हो गई। ग्रामीणों ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले किया घटना के बाद ग्रामीणों ने आरोपी को भागने नहीं दिया। उसे पकड़कर घर में ही बांध दिया गया और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही जगेश्वर बिहार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है तथा हत्या में प्रयुक्त टांगी भी जब्त कर ली है। थाना प्रभारी प्रकाश यादव ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है और मामले की हर पहलू से जांच जारी है। मुखिया ने जताया दुख शनिवार सुबह तिलैया पंचायत की मुखिया चिंता देवी घटनास्थल पहुंचीं और घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि नशे की बढ़ती प्रवृत्ति परिवार और समाज दोनों के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है। उन्होंने लोगों से नशे से दूर रहने और सामाजिक जागरूकता बढ़ाने की अपील की। इस घटना ने एक बार फिर शराब की लत से उत्पन्न सामाजिक और पारिवारिक समस्याओं को उजागर कर दिया है।
रांची। झारखंड में अगले एक सप्ताह तक मौसम का मिजाज बदला रहेगा। मौसम विज्ञान केंद्र ने 27 जून से 3 जुलाई तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश, मेघ गर्जन और वज्रपात की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। राजधानी रांची समेत कई जिलों में आसमान में बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं 1 जुलाई को रांची में कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है। हालांकि पलामू, चतरा और गढ़वा जैसे जिलों में फिलहाल गर्मी का असर बने रहने की संभावना है। सामान्य से काफी कम हुई जून की बारिश मौसम विभाग के अनुसार, 1 से 26 जून के बीच झारखंड में सामान्य से काफी कम वर्षा दर्ज की गई है। इस अवधि में राज्य में सामान्य बारिश 149.8 मिमी होनी चाहिए थी, लेकिन अब तक केवल 59 मिमी वर्षा हुई है, जो सामान्य से करीब 61 प्रतिशत कम है। राजधानी रांची में भी 158.2 मिमी के मुकाबले केवल 125.7 मिमी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में होने वाली बारिश से वर्षा की कमी कुछ हद तक पूरी हो सकती है। वज्रपात से चार लोगों की मौत शुक्रवार को झारखंड में वज्रपात की अलग-अलग घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गई। लोहरदगा में बकरी चरा रही एक महिला की आकाशीय बिजली गिरने से जान चली गई। वहीं कुडू, लातेहार के बालूमाथ और चतरा जिले के लावालौंग क्षेत्र में भी वज्रपात की चपेट में आने से तीन अन्य लोगों की मौत हो गई। इन घटनाओं के बाद मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, खेतों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने की अपील की है। तापमान में आएगी गिरावट 27 से 30 जून के दौरान राज्य में मौसम सामान्यतः बादलों से घिरा रहेगा। कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और मेघ गर्जन की संभावना है। इस दौरान अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने लोगों से मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने और खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है।
रांची। झारखंड की राजधानी रांची पहली बार एशिया के सबसे पुराने और दुनिया के पांचवें सबसे पुराने फुटबॉल टूर्नामेंट डूरंड कप 2026 की मेजबानी करने जा रही है। यह ऐतिहासिक टूर्नामेंट 26 जुलाई से शुरू होगा और राज्य के खेल इतिहास में एक नई उपलब्धि के रूप में दर्ज होगा। डूरंड कप का गौरवशाली इतिहास वर्ष 1888 में शिमला से शुरू हुए इस टूर्नामेंट का नाम तत्कालीन भारत के विदेश सचिव सर हेनरी मोर्टिमर डूरंड के नाम पर रखा गया था। इसमें ISL के प्रमुख क्लब, आई-लीग की टीमें और भारतीय सशस्त्र बलों की टीमें हिस्सा लेती हैं। मोहन बागान और ईस्ट बंगाल इस टूर्नामेंट के सबसे सफल क्लब रहे हैं। बिरसा स्टेडियम का कायाकल्प बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। पिच उन्नयन के साथ-साथ फ्लडलाइट, ड्रेसिंग रूम, मीडिया सेंटर और दर्शक दीर्घा में नई सीटें लगाई जा रही हैं। सुरक्षा, यातायात, पार्किंग और चिकित्सा सुविधाओं की भी व्यापक व्यवस्था की जा रही है। उद्घाटन समारोह होगा खास उद्घाटन समारोह में सेना के जवानों का साहसिक प्रदर्शन और देशभक्ति से भरपूर बैंड प्रस्तुति होगी। साथ ही झारखंड की जनजातीय और लोक संस्कृति को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा। खेल निदेशक छवि रंजन ने कहा कि यह आयोजन झारखंड के युवा खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय फुटबॉल से सीखने का मौका देगा और राज्य में खेल पर्यटन को भी नई गति मिलेगी।
रांची। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले 27 जून को झारखंड दौरे पर आएंगे। वे सुबह 11.50 बजे सेवा विमान से रांची पहुंचेंगे और वहां से रामगढ़ जाएंगे। राधा गोविंद विश्वविद्यालय में दोपहर एक बजे डॉ. भीमराव अंबेडकर पर आयोजित सेमिनार में भाग लेंगे। सेमिनार का विषय आर्थिक असमानता और बेरोजगारी के संदर्भ में अंबेडकर का दृष्टिकोण है। शाम छह बजे स्टेट गेस्ट हाउस में समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों से बैठक करेंगे। शाम सात बजे दलादिली चौक पर पार्टी के प्रदेश कार्यालय का उद्घाटन कर दिल्ली लौट जाएंगे।
रांची। झारखंड के सरकारी प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर करने की दिशा में राज्य सरकार एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन 29 जून को राजधानी रांची के खेलगांव में आयोजित समारोह में 1,042 नवनियुक्त सहायक आचार्यों को नियुक्ति पत्र सौंपेंगे। दोपहर एक बजे होने वाले इस कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न जिलों से चयनित अभ्यर्थी शामिल होंगे। सभी जिला स्थापना समितियों ने अपनी अनुशंसाएं प्राथमिक शिक्षा निदेशालय को भेज दी हैं, जिसके बाद नियुक्ति प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। कक्षा 1 से 8 तक के विद्यालयों में होगी नियुक्ति इस चरण में कक्षा 1 से 5 तक के लिए 274 सहायक आचार्यों की नियुक्ति की जाएगी, जबकि कक्षा 6 से 8 तक के लिए 768 शिक्षकों को नियुक्ति पत्र मिलेगा। सरकार का मानना है कि इन नियुक्तियों से लंबे समय से रिक्त पड़े पद भरेंगे और सरकारी विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था मजबूत होगी। सामाजिक विज्ञान में सबसे ज्यादा शिक्षक कक्षा 6 से 8 के लिए विषयवार नियुक्तियों में सामाजिक विज्ञान के 387 शिक्षकों की नियुक्ति होगी, जो सबसे अधिक है। इसके अलावा गणित एवं विज्ञान के 231 तथा भाषा विषय के 150 शिक्षकों को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। इससे विद्यालयों में सभी प्रमुख विषयों के लिए प्रशिक्षित शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। पलामू में सबसे अधिक, रामगढ़ में सबसे कम नियुक्तियां जिलावार आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक 123 शिक्षकों की नियुक्ति पलामू में होगी। इसके बाद गिरिडीह (92), कोडरमा (81), साहिबगंज (63), पश्चिमी सिंहभूम (61), देवघर (59), दुमका (54), गोड्डा (53) और पाकुड़ (51) में नियुक्तियां होंगी। वहीं रामगढ़ में केवल चार शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। 26 हजार शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया जारी राज्य सरकार ने वर्ष 2023 में करीब 26 हजार शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की थी। अब तक लगभग 12,500 शिक्षकों को नियुक्ति मिल चुकी है। 29 जून को 1,042 और शिक्षकों को नियुक्ति पत्र मिलने के बाद यह संख्या और बढ़ जाएगी। शिक्षा विभाग का लक्ष्य चरणबद्ध तरीके से सभी रिक्त पदों को भरकर सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना है।
साउथ सुपरस्टार थलापति विजय 22 जून 2026 को अपना 52वां जन्मदिन मना रहे हैं। सक्रिय फिल्मी करियर से संन्यास की घोषणा के बाद यह उनका पहला जन्मदिन है, जिसे लेकर फैंस के बीच खास उत्साह देखने को मिल रहा है। इस खास मौके पर निर्देशक एटली ने सोशल मीडिया पर विजय के लिए एक भावुक संदेश साझा किया। एटली ने खास तस्वीर के साथ दी जन्मदिन की शुभकामनाएं निर्देशक एटली ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर थलापति विजय के साथ एक पुरानी और खास तस्वीर साझा की। तस्वीर में दोनों ब्लैक आउटफिट में नजर आ रहे हैं और एटली सुपरस्टार को गले लगाते दिखाई दे रहे हैं। फोटो के साथ एटली ने बेहद संक्षिप्त लेकिन दिल छू लेने वाला संदेश लिखा, "Happy Birthday Anna." एटली की इस पोस्ट पर फैंस ने भी जमकर प्यार बरसाया और अपने पसंदीदा स्टार को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। विजय और एटली की सुपरहिट जोड़ी थलापति विजय और एटली ने अब तक तीन सफल फिल्मों में साथ काम किया है और उनकी जोड़ी को तमिल सिनेमा की सबसे सफल निर्देशक-अभिनेता जोड़ियों में गिना जाता है। 'थेरी' से हुई थी शुरुआत साल 2016 में रिलीज हुई 'थेरी' दोनों की पहली फिल्म थी। इस एक्शन ड्रामा में विजय के साथ सामंथा रुथ प्रभु और एमी जैक्सन नजर आई थीं। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बड़ी हिट साबित हुई थी। 'मर्सल' ने बनाई नई पहचान इसके बाद दोनों ने 'मर्सल' में साथ काम किया। फिल्म में विजय ने एक डॉक्टर और जादूगर की दोहरी जिंदगी को पर्दे पर शानदार अंदाज में पेश किया। फिल्म में एस.जे. सूर्या, काजल अग्रवाल, सामंथा और नित्या मेनन भी अहम भूमिकाओं में थीं। 'बिगिल' ने भी जीता दिल विजय और एटली की तीसरी फिल्म 'बिगिल' थी, जो एक स्पोर्ट्स एक्शन ड्रामा थी और दर्शकों को काफी पसंद आई। 'जना नायकन' होगी विजय की आखिरी फिल्म थलापति विजय जल्द ही अपनी अंतिम फिल्म 'जना नायकन' में दिखाई देंगे। एच. विनोथ के निर्देशन में बन रही इस फिल्म में बॉबी देओल, पूजा हेगड़े और ममिता बैजू भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म की रिलीज पहले पोंगल 2026 के लिए तय थी, लेकिन बाद में इसे आगे बढ़ा दिया गया। एटली की अगली फिल्म में दिखेंगे अल्लू अर्जुन वहीं, निर्देशक एटली इन दिनों अपनी आगामी फिल्म 'राका' पर काम कर रहे हैं। इस बड़े बजट की फिल्म में अल्लू अर्जुन मुख्य भूमिका में हैं, जबकि दीपिका पादुकोण भी अहम किरदार निभा रही हैं। फिल्म का फर्स्ट लुक पहले ही दर्शकों के बीच उत्सुकता बढ़ा चुका है।
रांची। झारखंड से राज्यसभा सांसद निर्वाचित होने के बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेता बैद्यनाथ राम सोमवार को अपने परिवार के साथ रांची जिले के तमाड़ स्थित प्रसिद्ध मां सोलहभुजी दिउड़ी मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने पूरे विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना कर माता का आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने झारखंड की सुख-समृद्धि, शांति, विकास और जनकल्याण की कामना की। 'जनता की सेवा करने की शक्ति मिले' पूजा के बाद मीडिया से बातचीत में बैद्यनाथ राम ने कहा कि मां दिउड़ी उनकी गहरी आस्था का केंद्र हैं और वह समय-समय पर यहां दर्शन के लिए आते रहे हैं। राज्यसभा चुनाव में जीत के बाद सबसे पहले मां के दरबार में पहुंचकर उन्होंने आशीर्वाद लिया है। उन्होंने कहा कि उनकी प्रार्थना है कि उन्हें जनता की सेवा करने की शक्ति मिले और वे अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन कर सकें। बैद्यनाथ राम ने कहा कि पार्टी नेतृत्व और जनता ने उन पर जो विश्वास जताया है, उस पर खरा उतरना उनकी प्राथमिकता होगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्यसभा में झारखंड के विकास, जनहित और राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को पूरी मजबूती के साथ उठाएंगे। विधायक विकास कुमार मुंडा भी रहे मौजूद इस अवसर पर तमाड़ विधायक विकास कुमार मुंडा भी बैद्यनाथ राम के साथ मंदिर पहुंचे। उनके साथ झामुमो के कई पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक भी मौजूद रहे। सभी ने नवनिर्वाचित सांसद को जीत की बधाई दी और मां सोलहभुजी का आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर परिसर में सुरक्षा के विशेष इंतजाम राज्यसभा सांसद के आगमन को देखते हुए मंदिर परिसर और आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। बुंडू डीएसपी ओम प्रकाश के नेतृत्व में पुलिस बल तैनात रहा, जबकि तमाड़ थाना प्रभारी दुलाल कुमार महतो ने सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की। प्रशासन की देखरेख में दर्शन और पूजा-अर्चना शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।
पलामू। झारखंड के पलामू जिले के पड़वा थाना क्षेत्र स्थित सिक्का गांव में एक ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। शरीर में सूजन की शिकायत के बीच पिता और पुत्री की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जबकि परिवार के चार अन्य सदस्य गंभीर रूप से बीमार हैं। सभी को बेहतर इलाज के लिए रांची स्थित रिम्स रेफर किया गया है। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है और स्वास्थ्य विभाग की टीम मामले की जांच में जुट गई है। कुछ घंटों के अंतराल पर पिता-पुत्री ने तोड़ा दम जानकारी के अनुसार, सिक्का गांव निवासी कुलदीप महतो की शुक्रवार देर रात अचानक तबीयत बिगड़ गई। शरीर में सूजन की शिकायत के साथ उनकी हालत तेजी से खराब हुई और देर रात करीब एक बजे उनकी मौत हो गई। परिवार इस सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि शनिवार सुबह करीब आठ बजे उनकी पुत्री बबीता कुमारी ने भी दम तोड़ दिया। कुछ ही घंटों के भीतर हुई दो मौतों से पूरे गांव में शोक और भय का माहौल है। चार अन्य सदस्यों की हालत गंभीर घटना के बाद कुलदीप महतो की पत्नी लाखो देवी, पुत्र नकुल महतो, पुत्रवधू श्वेता देवी और एक अन्य बेटी की भी तबीयत बिगड़ गई। सभी को पहले मेदिनीनगर स्थित एमएमसीएच में भर्ती कराया गया, जहां से उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने रांची के रिम्स रेफर कर दिया। फिलहाल उनका इलाज जारी है। स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की जांच ग्रामीणों के अनुसार, परिवार के सभी सदस्यों के शरीर में सूजन की शिकायत थी, जिससे किसी अज्ञात बीमारी की आशंका जताई जा रही है। हालांकि प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक किसी भी कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. श्रवण कुमार मेहता ने बताया कि मेडिकल टीम गांव पहुंचकर जांच कर रही है और रिपोर्ट आने के बाद ही बीमारी तथा मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। इस घटना के बाद पूरे सिक्का गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। ग्रामीणों में भय का माहौल है और सभी की नजरें स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। फिलहाल प्रशासन लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और जांच पूरी होने तक धैर्य बनाए रखने की अपील कर रहा है।
लोहरदगा। झारखंड के लोहरदगा जिले में शनिवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे ने शादी की खुशियों को मातम में बदल दिया। मिशन चौक के पास तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आने से स्कूटी सवार तीन भाई-बहनों की मौत हो गई। तीनों एक पड़ोसी के शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे। हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई, जबकि मृतकों के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। जानकारी के अनुसार जानकारी के अनुसार, शहर के बरवाटोली निवासी मुकेश साहू के पड़ोस में शादी का कार्यक्रम कृषि बाजार स्थित एक धर्मशाला में आयोजित था। उसी समारोह में शामिल होने के लिए उनके बेटे 28 वर्षीय रोहित साहू, 24 वर्षीय विवाहित बेटी सपना कुमारी और 14 वर्षीय सृष्टि कुमारी एक ही स्कूटी से निकले थे। रास्ते में मिशन चौक के पास गुमला से लोहरदगा की ओर आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रक स्कूटी और उसमें सवार तीनों भाई-बहनों को काफी दूर तक घसीटता चला गया। हादसे में सपना कुमारी और सृष्टि कुमारी की मौके पर ही मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल रोहित साहू को स्थानीय लोगों की मदद से तत्काल सदर अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए रिम्स रेफर किया, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने भी दम तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि मृतक सपना कुमारी गर्भवती थीं, जिससे यह हादसा और भी दर्दनाक बन गया। रोहित साहू एक निजी प्रतिष्ठान में कार्यरत थे, जबकि उनके पिता मुकेश साहू मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं।इस हृदयविदारक हादसे के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
60 km/h की रफ्तार से चल सकती है हवा रांची। रांची समेत पूरे झारखंड में अगसे 5 दिनों तक झमाझम बारिश के आसार हैं। शुक्रवार को भी सुबह से ही रूक रूक कर बारिश होती रही। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून अब सक्रिय हो गया है, जिससे राज्य में अगले पांच दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। दक्षिण-पश्चिम मानसून हुआ सक्रिय दक्षिण-पश्चिम मानसून अब सक्रिय हो गया है, जिससे राज्य में अगले पांच दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। विभाग ने रांची सहित पूर्वी और मध्य भागों के कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए मेघ गर्जन, वज्रपात और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है। 20 से 25 जून तक रहेगा बारिश का दौर मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 20 से 22 जून तक पूरे राज्य में बादल छाए रहने और विभिन्न स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। वहीं 24 और 25 जून तक अधिकांश हिस्सों में हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा जारी रहेगी। अगले दो दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है। पिछले 24 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई, जिसमें नामकुम में सबसे अधिक 55 मिमी वर्षा दर्ज की गई। रांची में अधिकतम तापमान 31.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो एक दिन पहले की तुलना में 3.5 डिग्री कम है। वहीं मेदिनीनगर में अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।