नरेंद्र मोदी

Teejan Bai
छत्तीसगढ़ की लोक कलाकार तीजन बाई का निधन, लोककला जगत में शोक की लहर

रायपुर, एजेंसियां। पद्म विभूषण से सम्मानित और पंडवानी लोकगायन की विश्वप्रसिद्ध कलाकार तीजन बाई का रविवार तड़के रायपुर स्थित एम्स में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वह 70 वर्ष की थीं और पिछले कई सप्ताह से उपचाराधीन थीं। उनके निधन से देशभर के कला एवं संस्कृति जगत में शोक की लहर दौड़ गई।   पंडवानी को दिलाई वैश्विक पहचान   तीजन बाई ने छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लोककला पंडवानी को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया। महाभारत की कथाओं को अपनी दमदार शैली, अभिनय और गायन के माध्यम से प्रस्तुत कर उन्होंने इस लोककला को नई पहचान दिलाई। उन्होंने भारत के साथ-साथ यूरोप, एशिया और कई अन्य देशों में भी अपनी प्रस्तुतियां देकर भारतीय लोक संस्कृति का गौरव बढ़ाया।   पद्म विभूषण सहित कई बड़े सम्मान   अपने लंबे कलात्मक जीवन में तीजन बाई को पद्म श्री, पद्म भूषण, पद्म विभूषण, संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार और अनेक राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से सम्मानित किया गया। कम उम्र में सामाजिक विरोध का सामना करने के बावजूद उन्होंने पंडवानी की परंपरा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया और महिला कलाकारों के लिए नई राह बनाई।   प्रधानमंत्री मोदी समेत कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीजन बाई के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे "कला और संस्कृति जगत की अपूरणीय क्षति" बताया। विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों, कलाकारों और सांस्कृतिक संस्थानों ने भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और भारतीय लोककला में उनके योगदान को हमेशा याद रखने की बात कही।

abhishek singh जुलाई 5, 2026 0
PM MODI
प्रधानमंत्री मोदी बोले- वैश्विक रुझानों के विपरीत भारत लगातार बढ़ा रहा रिफाइनिंग क्षमता

बालोतरा, एजेंसियां। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान के बालोतरा में एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी एवं पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स के उद्घाटन के दौरान कहा कि दुनिया के कई देश अपनी रिफाइनिंग क्षमता घटा रहे हैं, लेकिन भारत इसके विपरीत लगातार नई रिफाइनरियां स्थापित कर रहा है और मौजूदा क्षमता का विस्तार कर रहा है। उन्होंने कहा कि यही रणनीति हाल के वैश्विक ऊर्जा संकट के दौरान भारत की सबसे बड़ी ताकत साबित हुई।   ऊर्जा संकट के बीच भारत ने दिखाई मजबूती   प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण दुनिया के कई देशों को ईंधन आपूर्ति और कीमतों की गंभीर चुनौती का सामना करना पड़ा, लेकिन भारत ने समय रहते रणनीतिक फैसले लिए। सरकार ने कच्चे तेल के आयात के स्रोतों में विविधता लाई, घरेलू एलपीजी उत्पादन बढ़ाया और ऊर्जा आपूर्ति को निर्बाध बनाए रखा, जिससे देश में बड़े ईंधन संकट की स्थिति नहीं बनने दी।   नई रिफाइनरी से बढ़ेगी ऊर्जा सुरक्षा   प्रधानमंत्री ने कहा कि राजस्थान में शुरू हुई एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है। करीब 9 मिलियन मीट्रिक टन प्रतिवर्ष क्षमता वाली यह देश की पहली ग्रीनफील्ड एकीकृत रिफाइनरी-पेट्रोकेमिकल परियोजना है, जिससे पेट्रोलियम उत्पादों के उत्पादन के साथ-साथ हजारों लोगों को रोजगार और क्षेत्र में औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।   300 मिलियन मीट्रिक टन प्रतिवर्ष से अधिक क्षमता का लक्ष्य   प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आने वाले वर्षों में अपनी कुल रिफाइनिंग क्षमता को 300 मिलियन मीट्रिक टन प्रतिवर्ष से अधिक तक ले जाने की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि बढ़ती रिफाइनिंग क्षमता न केवल देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करेगी, बल्कि भारत को वैश्विक स्तर पर परिष्कृत पेट्रोलियम उत्पादों के प्रमुख निर्यातक के रूप में भी स्थापित करेगी।

abhishek singh जुलाई 5, 2026 0
MODI Cabinet
केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल की चर्चा तेज, नए चेहरों को मिल सकती है जिम्मेदारी

नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के संगठन में चल रहे बदलावों के बीच अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के केंद्रीय मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल और विस्तार की चर्चाएं तेज हो गई हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की टीम के गठन के बाद केंद्र सरकार में भी बदलाव की संभावना पर मंथन चल रहा है। हालांकि, सरकार की ओर से अब तक किसी भी फेरबदल की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।   क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन पर रहेगा जोर   सूत्रों के अनुसार, संभावित फेरबदल में क्षेत्रीय और सामाजिक प्रतिनिधित्व को प्राथमिकता दी जा सकती है। आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए कुछ राज्यों से नए चेहरों को मंत्रिपरिषद में शामिल करने पर विचार किया जा रहा है। वहीं, कुछ मौजूदा मंत्रियों की जिम्मेदारियों में भी बदलाव संभव माना जा रहा है।   पहले भाजपा संगठन, फिर कैबिनेट विस्तार की संभावना   पार्टी के भीतर चल रही चर्चाओं के मुताबिक, भाजपा पहले अपनी नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान कर सकती है। इसके बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल या विस्तार का रास्ता साफ हो सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम 2027 के विधानसभा चुनावों और 2029 के लोकसभा चुनावों की रणनीति का हिस्सा हो सकता है।   सरकार की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं   अब तक प्रधानमंत्री कार्यालय या भाजपा की ओर से मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। फिलहाल यह चर्चा राजनीतिक और मीडिया सूत्रों पर आधारित है और अंतिम फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्तर पर ही लिया जाएगा।

abhishek singh जुलाई 5, 2026 0
Amit Shah Sukhjinder Singh
पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी कलह के बीच अमित शाह से मिले सांसद रंधावा, बोले- मुलाकात पूरी तरह गैर-राजनीतिक थी

नई दिल्ली, एजेंसियां। पंजाब कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव को लेकर जारी असंतोष के बीच कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। हालांकि रंधावा ने इस मुलाकात को पूरी तरह गैर-राजनीतिक बताते हुए स्पष्ट किया कि इसका उद्देश्य केवल पंजाब की सुरक्षा और सीमावर्ती जिलों में बिगड़ती कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना था। उन्होंने कहा कि इस बैठक को किसी भी तरह से राजनीतिक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।   सीमावर्ती जिलों की सुरक्षा को लेकर उठाए गंभीर मुद्दे रंधावा ने बताया कि उन्होंने 4 जून 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा था, जिसकी प्रति गृह मंत्री अमित शाह को भी भेजी गई थी। पत्र में गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन और पठानकोट जैसे सीमावर्ती जिलों में बिगड़ती कानून-व्यवस्था, पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद, नार्को-टेररिज्म, गैंगस्टरों की गतिविधियों और पंजाब पुलिस के कथित राजनीतिक इस्तेमाल जैसे गंभीर मुद्दे उठाए गए थे। इसके बाद 23 जून को भेजे गए दूसरे पत्र में उन्होंने गैंगस्टरों की बढ़ती गतिविधियों पर चिंता जताई थी। इन्हीं पत्रों के आधार पर उन्हें गृह मंत्री से मिलने का समय दिया गया।   जबरन वसूली और जेलों से चल रहे नेटवर्क पर जताई चिंता बैठक के दौरान रंधावा ने इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB), मिलिट्री इंटेलिजेंस (MI), रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) जैसी एजेंसियों की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि पंजाब में जबरन वसूली, धमकियां और जेलों के भीतर से मोबाइल फोन के जरिए अपराध संचालित होना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार मानती है कि पाकिस्तान इन गतिविधियों में प्रत्यक्ष रूप से शामिल है और यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है, तो आवश्यक कदम उठाना उसकी जिम्मेदारी है।   कांग्रेस के प्रति निष्ठा दोहराई, विवादों पर चुप्पी रंधावा ने कांग्रेस के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि वह पार्टी द्वारा सौंपी गई जिम्मेदारियों का पूरी ईमानदारी से निर्वहन कर रहे हैं। वहीं, पंजाब कांग्रेस में संगठनात्मक फेरबदल और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की नाराजगी से जुड़े सवालों पर उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। ऐसे में उनकी अमित शाह से मुलाकात ने भले ही राजनीतिक अटकलों को हवा दी हो, लेकिन रंधावा ने इसे पूरी तरह सुरक्षा और जनहित से जुड़ा मुद्दा बताया है।

abhishek singh जुलाई 3, 2026 0
India - Japan
भारत-जापान रिश्तों को नई उड़ान, रक्षा से AI तक कई बड़े समझौतों पर लगी मुहर

नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत और जापान के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नई मजबूती देते हुए राजधानी दिल्ली के हैदराबाद हाउस में कई महत्वपूर्ण सहयोग समझौतों (MoC) पर हस्ताक्षर किए गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत दौरे पर आईं जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री सनाए तकाइची की मौजूदगी में आयोजित वार्षिक भारत-जापान शिखर सम्मेलन में रक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), हेल्थकेयर और फार्मास्यूटिकल्स सहित कई रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।   भरोसा ही सबसे बड़ी रणनीतिक ताकत: पीएम मोदी संयुक्त प्रेस वार्ता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सनाए तकाइची का स्वागत करते हुए कहा कि भारत और जापान के बीच दोस्ती और भरोसे का रिश्ता समय के साथ और मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि वैश्विक अस्थिरता के दौर में दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास सबसे बड़ी रणनीतिक पूंजी है। पीएम मोदी ने यह भी उल्लेख किया कि तकाइची जापान के नारा प्रांत से आती हैं, जो भारत और जापान की साझा बौद्ध विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है।   इंडो-पैसिफिक में शांति और विकास पर साझा जोर दोनों नेताओं ने स्वतंत्र, समृद्ध और नियम-आधारित इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के निर्माण को साझा प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों और मुक्त बाजार व्यवस्था में विश्वास रखने वाले भारत और जापान क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करेंगे।   AI, रक्षा और हेल्थ सेक्टर में बढ़ेगा सहयोग शिखर सम्मेलन के दौरान AI क्षेत्र में संयुक्त बयान जारी किया गया, जिसके तहत भारतीय और जापानी संस्थान अत्याधुनिक तकनीक के विकास के लिए मिलकर काम करेंगे। रक्षा क्षेत्र में दोनों देशों ने पहले को-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट पर सहमति जताई, जिसके तहत नेवल रेडियो एंटीना ‘यूनिकॉर्न’ विकसित किया जाएगा। इसके अलावा फार्मास्यूटिकल्स, मेडिकल डिवाइस और बायोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भी कई समझौते हुए। भारत की उत्पादन क्षमता और जापान की गुणवत्ता विशेषज्ञता को मिलाकर किफायती और उन्नत स्वास्थ्य समाधान विकसित करने पर दोनों देशों ने सहमति जताई।

abhishek singh जुलाई 2, 2026 0
Modi Sanae Takaichi
भारत-जापान शिखर वार्ता आज, रक्षा और इंडो-पैसिफिक सहयोग रहेगा प्रमुख एजेंडा

नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत और जापान के बीच आज होने वाली शिखर वार्ता में रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी प्रमुख एजेंडा रहेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के प्रधानमंत्री सानाए तकाईची के बीच होने वाली इस बैठक को क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से अहम माना जा रहा है।   रक्षा सहयोग को नई गति देने पर जोर   सूत्रों के अनुसार, दोनों देश रक्षा उपकरणों के सह-विकास, सैन्य तकनीक के आदान-प्रदान और संयुक्त अभ्यासों को और मजबूत करने पर चर्चा करेंगे। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए समुद्री निगरानी और लॉजिस्टिक सहयोग पर भी बातचीत होने की संभावना है।   इंडो-पैसिफिक में चीन की गतिविधियों पर नजर   विशेषज्ञों का मानना है कि बैठक में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन की बढ़ती गतिविधियों और समुद्री मार्गों की सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठ सकता है। भारत और जापान लंबे समय से मुक्त, खुला और समावेशी इंडो-पैसिफिक क्षेत्र का समर्थन करते रहे हैं।   आर्थिक और प्रौद्योगिकी सहयोग पर भी चर्चा   रक्षा मामलों के अलावा दोनों नेता सेमीकंडक्टर, हरित ऊर्जा, डिजिटल तकनीक और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में सहयोग बढ़ाने के विकल्पों पर विचार करेंगे। जापानी निवेश को भारत में बढ़ावा देने और सप्लाई चेन साझेदारी को मजबूत करने पर भी जोर रहने की उम्मीद है।   क्वाड सहयोग को मिलेगा बल   यह वार्ता ऐसे समय हो रही है जब क्वाड समूह—भारत, जापान, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया—क्षेत्रीय स्थिरता और समुद्री सुरक्षा पर अपना सहयोग बढ़ा रहे हैं। माना जा रहा है कि आज की बैठक से भारत-जापान रणनीतिक संबंधों को नई दिशा मिल सकती है।

abhishek singh जुलाई 2, 2026 0
Shehbaz Sharif Modi
'दुश्मनी छोड़िए, बातचीत शुरू कीजिए'- 117 हस्तियों का मोदी-शहबाज को खुला पत्र

नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से जारी तनावपूर्ण संबंधों के बीच दोनों देशों की 117 प्रमुख हस्तियों ने शांति और संवाद की नई पहल की है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif को लिखे संयुक्त पत्र में दोनों देशों से टकराव की बजाय बातचीत का रास्ता अपनाने और द्विपक्षीय रिश्तों को सामान्य बनाने की अपील की गई है। पत्र पर भारत की 61 और पाकिस्तान की 56 हस्तियों के हस्ताक्षर हैं।   पूर्व नेताओं और सामाजिक हस्तियों ने की पहल पत्र पर भारत की ओर से जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah, Mehbooba Mufti, राज्यसभा सांसद Manoj Jha सहित कई पूर्व अधिकारी, शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हस्ताक्षर किए हैं। पाकिस्तान की ओर से पूर्व विदेश मंत्री Khurshid Mahmud Kasuri समेत कई प्रमुख हस्तियां इस पहल का हिस्सा बनी हैं। उनका कहना है कि लगातार बढ़ती शत्रुता से दोनों देशों के विकास, क्षेत्रीय स्थिरता और आम नागरिकों के हित प्रभावित हो रहे हैं।   11 प्रमुख मांगें रखीं संयुक्त पत्र में दोनों सरकारों के सामने 11 प्रमुख सुझाव रखे गए हैं। इनमें द्विपक्षीय वार्ता दोबारा शुरू करना, जम्मू-कश्मीर सहित सभी विवादित मुद्दों पर बातचीत, सीमा पर सैन्य तनाव कम करना, लोगों के बीच संपर्क बढ़ाना, सांस्कृतिक और शैक्षणिक आदान-प्रदान बहाल करना, क्रिकेट और अन्य खेलों की द्विपक्षीय श्रृंखला शुरू करना, सीधी हवाई सेवाएं बहाल करना, वीजा प्रक्रिया सरल बनाना, दोनों देशों में हाई कमिश्नर की नियुक्ति, बस सेवाओं और सीमा पार आवाजाही को फिर से शुरू करना तथा व्यापारिक संबंधों को बहाल करने जैसी मांगें शामिल हैं।   तनाव के बीच शांति की अपील यह पहल ऐसे समय में सामने आई है जब हाल के वर्षों में आतंकवादी घटनाओं, सीमावर्ती तनाव और कूटनीतिक मतभेदों के कारण दोनों देशों के संबंध लगातार प्रभावित रहे हैं। पत्र में कहा गया है कि संवाद ही सभी समस्याओं का स्थायी समाधान है और दोनों देशों को शांति, सहयोग तथा विकास के साझा लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि, इस पहल पर दोनों सरकारों की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

abhishek singh जुलाई 1, 2026 0
PM Narendra MODI
पीएम मोदी ने शीर्ष अधिकारियों के साथ की हाई लेवल बैठक, 'विकसित भारत 2047' एजेंडे की प्रगति की समीक्षा

नई दिल्ली, एजेंसियां। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को केंद्र सरकार के वरिष्ठ सचिवों और शीर्ष अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य, प्रशासनिक सुधार, निवेश, रोजगार सृजन, डिजिटल गवर्नेंस और प्रमुख सरकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। प्रधानमंत्री ने सभी मंत्रालयों को समयबद्ध तरीके से परियोजनाओं को पूरा करने और बेहतर समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए।   सुशासन और तेज़ क्रियान्वयन पर जोर   बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता नागरिकों तक योजनाओं का लाभ तेज़ी और पारदर्शिता के साथ पहुंचाना है। उन्होंने मंत्रालयों से नवाचार अपनाने, तकनीक के बेहतर उपयोग और जवाबदेही बढ़ाने पर विशेष जोर दिया।   रोजगार और निवेश पर भी हुई चर्चा   बैठक में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, विनिर्माण, निर्यात बढ़ाने और निवेश आकर्षित करने के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। सरकार ने विभिन्न मंत्रालयों को आपसी समन्वय बढ़ाकर विकास परियोजनाओं की गति तेज करने के निर्देश दिए।

abhishek singh जुलाई 1, 2026 0
PM MODI Seychelles
सेशेल्स ने पीएम मोदी को 'गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन' सम्मान से नवाजा, पर्यावरण और समुद्री नेतृत्व के लिए मिला सर्वोच्च सम्मान

विक्टोरिया, एजेंसियां। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सेशेल्स ने अपने सर्वोच्च अंतरराष्ट्रीय सम्मानों में शामिल 'गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन' से सम्मानित किया है। यह सम्मान उन्हें पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास, ब्लू इकोनॉमी और समुद्री शासन के क्षेत्र में उनके योगदान और नेतृत्व के लिए प्रदान किया गया है। यह सम्मान सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने प्रधानमंत्री मोदी को उनके तीन दिवसीय राजकीय दौरे के दौरान प्रदान किया।   पर्यावरण संरक्षण के लिए मिला सर्वोच्च सम्मान   सेशेल्स सरकार ने कहा कि 'गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन' देश का सर्वोच्च सम्मान है, जो उन वैश्विक नेताओं को दिया जाता है जिन्होंने समुद्री संसाधनों के संरक्षण, जलवायु परिवर्तन से मुकाबले और सतत विकास को बढ़ावा देने में उल्लेखनीय योगदान दिया हो। प्रधानमंत्री मोदी को यह सम्मान भारत की ग्रीन ग्रोथ, ब्लू इकोनॉमी और जलवायु कार्रवाई से जुड़ी पहलों के लिए दिया गया है।   पीएम मोदी ने दुनिया को किया सम्मान समर्पित   सम्मान स्वीकार करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वह इसे उन सभी देशों को समर्पित करते हैं जो जलवायु परिवर्तन की चुनौती से लड़ रहे हैं और आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरण संरक्षण को अपनी जिम्मेदारी मानते हैं। उन्होंने कहा कि भारत और सेशेल्स मिलकर हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और सतत विकास के लिए काम करते रहेंगे।   कई अहम समझौतों पर हुए हस्ताक्षर   दौरे के दौरान भारत और सेशेल्स के बीच समुद्री सुरक्षा, रक्षा सहयोग, ब्लू इकोनॉमी, क्षमता निर्माण और विकास साझेदारी से जुड़े कई समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए। प्रधानमंत्री मोदी ने सेशेल्स को भारत में निर्मित फास्ट पेट्रोल वेसल 'PS LESPWAR' भी सौंपा, जिससे हिंद महासागर में समुद्री सुरक्षा सहयोग और मजबूत होगा।   भारत-सेशेल्स संबंधों को मिली नई मजबूती   प्रधानमंत्री मोदी इस दौरे पर सेशेल्स के 50वें राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। दोनों देशों ने रक्षा, व्यापार, समुद्री सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई। विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक भूमिका को और मजबूत करेगा।

abhishek singh जून 28, 2026 0
India-Seychelles
भारत-सेशेल्स के बीच रक्षा और समुद्री सुरक्षा पर होंगे अहम समझौते, हिंद महासागर में रणनीतिक साझेदारी होगी मजबूत

नई दिल्ली, एजेंसियां। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीन दिवसीय सेशेल्स दौरे के दौरान भारत और सेशेल्स के बीच रक्षा, समुद्री सुरक्षा, ब्लू इकोनॉमी, साइबर सुरक्षा और क्षमता निर्माण से जुड़े कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। यह दौरा दोनों देशों के कूटनीतिक संबंधों की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर हो रहा है और इसका मुख्य उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग को नई मजबूती देना है।   समुद्री सुरक्षा रहेगा सबसे बड़ा एजेंडा   भारत और सेशेल्स के बीच वार्ता में हिंद महासागर में समुद्री सुरक्षा, समुद्री निगरानी, समुद्री डकैती (Piracy) रोकने, अवैध मछली पकड़ने पर नियंत्रण और आपदा प्रबंधन जैसे विषय प्रमुख रहेंगे। दोनों देश क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर सहमत हो सकते हैं।   रक्षा सहयोग को मिलेगा नया विस्तार   सूत्रों के अनुसार, दोनों देशों के बीच रक्षा प्रशिक्षण, संयुक्त सैन्य अभ्यास, तटरक्षक बलों के सहयोग और रक्षा उपकरणों की आपूर्ति को लेकर भी समझौते हो सकते हैं। भारत पहले भी सेशेल्स को डोर्नियर विमान, हेलीकॉप्टर और गश्ती पोत उपलब्ध कराता रहा है। दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने सेशेल्स को भारत में निर्मित फास्ट पेट्रोल वेसल (PS LESPWAR) भी सौंपा, जिससे समुद्री निगरानी क्षमता और मजबूत होगी।   व्यापार और ब्लू इकोनॉमी पर भी जोर   रक्षा सहयोग के अलावा व्यापार, पर्यटन, डिजिटल कनेक्टिविटी, ब्लू इकोनॉमी, नवीकरणीय ऊर्जा और अंतरिक्ष सहयोग जैसे क्षेत्रों में भी साझेदारी बढ़ाने पर चर्चा होगी। दोनों देश समुद्री संसाधनों के सतत उपयोग और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में भी काम करेंगे।   हिंद महासागर में भारत की रणनीति को मिलेगा बल   विशेषज्ञों का मानना है कि सेशेल्स हिंद महासागर क्षेत्र में भारत का महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार है। ऐसे में यह दौरा भारत की SAGAR (Security and Growth for All in the Region) और MAHASAGAR नीति को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा। बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच यह साझेदारी क्षेत्रीय सुरक्षा और समुद्री स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।   50 साल के रिश्तों को मिलेगी नई दिशा   प्रधानमंत्री मोदी इस दौरे के दौरान सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस के स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। दोनों देशों के बीच कई समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर होने और द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

abhishek singh जून 28, 2026 0
Donald Trumph Narendra MODI
2027 की शुरुआत में भारत आ सकते हैं डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो का बड़ा बयान

वॉशिंगटन, एजेंसियां। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप वर्ष 2027 की शुरुआत में भारत का दौरा कर सकते हैं। इस संभावना का संकेत अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत के साथ संबंधों को और मजबूत करने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप की भारत यात्रा की तैयारी कर रहा है।   व्यापार समझौते को मिल सकता है अंतिम रूप   मार्को रुबियो ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (Bilateral Trade Agreement) पर बातचीत अंतिम चरण में है। उम्मीद है कि आने वाले महीनों में इस दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होगी और राष्ट्रपति ट्रंप की संभावित भारत यात्रा के दौरान इस पर बड़ा ऐलान हो सकता है।   भारत-अमेरिका रिश्तों को मिलेगी नई मजबूती   विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह यात्रा होती है, तो दोनों देशों के बीच व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस  (AI) और इंडो-पैसिफिक सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग और मजबूत होगा। यह ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में भारत की पहली आधिकारिक यात्रा होगी।   जी-7 बैठक के बाद बढ़ी कूटनीतिक सक्रियता   हाल ही में जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की मुलाकात के बाद दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संपर्क बढ़ा है। इसके बाद व्यापार समझौते और रणनीतिक साझेदारी पर बातचीत में भी तेजी आई है।   अभी आधिकारिक कार्यक्रम जारी नहीं   हालांकि, व्हाइट हाउस या भारत सरकार की ओर से ट्रंप की यात्रा की अंतिम तारीख या आधिकारिक कार्यक्रम जारी नहीं किया गया है। फिलहाल अमेरिकी प्रशासन ने केवल इतना कहा है कि यात्रा की तैयारी पर काम चल रहा है और समय तय होने पर औपचारिक घोषणा की जाएगी।

abhishek singh जून 28, 2026 0
Narendra Modi Seychelles visit
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन दिवसीय सेशेल्स दौरे पर रवाना, समुद्री सुरक्षा और रणनीतिक साझेदारी पर होगी अहम चर्चा

नई दिल्ली, एजेंसियां। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को 27 से 29 जून तक चलने वाली अपनी तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर सेशेल्स के लिए रवाना हो गए हैं। इस दौरान वह सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस (National Day) के स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्य अतिथि (Guest of Honour) के रूप में शामिल होंगे। यह वर्ष भारत और सेशेल्स के बीच राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष पूरे होने का भी प्रतीक है।   राष्ट्रपति से करेंगे द्विपक्षीय वार्ता   दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के साथ शिखर वार्ता करेंगे। दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा, रक्षा सहयोग, ब्लू इकोनॉमी, व्यापार, विकास परियोजनाओं और क्षमता निर्माण जैसे विषयों पर चर्चा होने की उम्मीद है।   हिंद महासागर क्षेत्र पर रहेगा फोकस   प्रधानमंत्री मोदी ने रवाना होने से पहले कहा कि सेशेल्स भारत के 'विजन MAHASAGAR' का एक प्रमुख साझेदार है। इस यात्रा का उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और समृद्धि को बढ़ावा देना तथा दोनों देशों के रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करना है।   भारतीय रक्षा बल भी होंगे शामिल   राष्ट्रीय दिवस समारोह में भारतीय सशस्त्र बलों का एक दल और भारतीय नौसेना के दो युद्धपोत भी हिस्सा लेंगे। इससे दोनों देशों के बीच रक्षा और समुद्री सहयोग को नई मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।   11 साल बाद सेशेल्स पहुंचेंगे पीएम मोदी   प्रधानमंत्री मोदी की यह 2015 के बाद पहली सेशेल्स यात्रा है। इस दौरान वह भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे और दोनों देशों के बीच लोगों के आपसी संबंधों को और मजबूत बनाने पर जोर देंगे।

anjali kumari जून 27, 2026 0
Andy Jassy Narendra MODI
अमेजन का भारत में बड़ा दांव: PM मोदी से मिलने के बाद CEO ने किया 48 अरब डॉलर के निवेश का एलान

नई दिल्ली, एजेंसियां। दुनिया की दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन ने गुरुवार को भारत में 2026 से 2030 के बीच 48 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा की। अमेजन के CEO एंडी जेसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद यह बड़ा एलान किया। इस घोषणा के साथ 2010 से 2030 तक भारत में अमेजन की कुल वित्तीय प्रतिबद्धता 88 अरब डॉलर से अधिक हो जाएगी।   पहले था 35 अरब का प्लान, अब बढ़कर हुआ 48 अरब एंडी जेसी ने बताया कि अमेजन ने 2010 से अब तक भारत में 40 अरब डॉलर का निवेश किया है। पिछले साल के अंत में 2026-2030 के लिए 35 अरब डॉलर निवेश की घोषणा की गई थी, जिसे अब बढ़ाकर 48 अरब डॉलर कर दिया गया है। यह अतिरिक्त 13 अरब डॉलर मुख्य रूप से क्लाउड कंप्यूटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विकास में लगाया जाएगा।   मुंबई और हैदराबाद में बढ़ेगी डेटा सेंटर क्षमता इस निवेश से क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर में कुल नियोजित राशि 21 अरब डॉलर से अधिक हो जाएगी। यह पूंजी मुंबई और हैदराबाद में Amazon Web Services के डेटा केंद्रों की क्षमता विस्तार में उपयोग होगी।   38 लाख नौकरियां और 80 अरब डॉलर का निर्यात लक्ष्य यह निवेश रोजगार के मोर्चे पर भी बड़ा असर डालेगा। 2024 में समर्थित 28 लाख नौकरियों को 2030 तक 38 लाख तक पहुंचाने का लक्ष्य है। इसके अलावा 2030 तक 80 अरब डॉलर के ई-कॉमर्स निर्यात, 1.5 करोड़ छोटे कारोबारियों को AI का लाभ और 40 लाख सरकारी स्कूली छात्रों को AI शिक्षा देने का भी लक्ष्य रखा गया है।

abhishek singh जून 25, 2026 0
Iranian President Masoud Pezeshkian invites PM Narendra Modi to attend Ayatollah Ali Khamenei’s state funeral ceremonies.
खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे पीएम मोदी? ईरान के राष्ट्रपति ने भेजा विशेष निमंत्रण

  तेहरान/नई दिल्ली: ईरान के सर्वोच्च नेता रहे Ayatollah Ali Khamenei के अंतिम संस्कार को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी बीच ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi को अंतिम संस्कार कार्यक्रम में शामिल होने के लिए विशेष आमंत्रण भेजा है। भारत सरकार की ओर से अब तक इस निमंत्रण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। 5 से 9 जुलाई तक होंगे अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम ईरानी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, खामेनेई के अंतिम संस्कार से संबंधित धार्मिक और राजकीय कार्यक्रम 5 जुलाई से 9 जुलाई तक आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रमों का आयोजन तेहरान, कोम और मशहद सहित कई प्रमुख शहरों में किया जाएगा। बताया जा रहा है कि 5, 6 और 7 जुलाई को तेहरान और कोम में श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित होंगी, जबकि अंतिम और सबसे बड़ा कार्यक्रम 9 जुलाई को मशहद में रखा गया है, जहां बड़ी संख्या में देशी-विदेशी प्रतिनिधियों के पहुंचने की संभावना है। तीन दशक तक ईरान की राजनीति के केंद्र में रहे खामेनेई अयातुल्ला अली खामेनेई पिछले तीन दशकों से अधिक समय तक ईरान की राजनीति और शासन व्यवस्था के सबसे प्रभावशाली नेता रहे। उनकी अगुवाई में ईरान ने कई क्षेत्रीय और वैश्विक चुनौतियों का सामना किया। रिपोर्टों के अनुसार, 28 फरवरी को ईरान पर हुए संयुक्त सैन्य हमले के दौरान उनकी मृत्यु हुई थी। इसके बाद से देश में राजनीतिक संक्रमण और नई नेतृत्व व्यवस्था को लेकर चर्चाएं जारी हैं। भारत-ईरान संबंधों पर टिकी निगाहें विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस कार्यक्रम में शामिल होते हैं, तो यह भारत और ईरान के संबंधों के लिहाज से एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक संकेत माना जाएगा। दोनों देशों के बीच ऊर्जा, व्यापार, चाबहार बंदरगाह और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर लंबे समय से रणनीतिक सहयोग रहा है। अंतिम निर्णय भारत सरकार के आधिकारिक कार्यक्रम और कूटनीतिक प्राथमिकताओं पर निर्भर करेगा। अमेरिका-ईरान समझौते के बाद बदला क्षेत्रीय माहौल इस बीच, अमेरिका और ईरान के बीच हाल में हुए अंतरिम समझौते के बाद पश्चिम एशिया में तनाव कुछ कम होता दिखाई दे रहा है। समझौते के तहत दोनों पक्षों ने वार्ता जारी रखने पर सहमति जताई है। होर्मुज स्ट्रेट में फिर शुरू हुई जहाजों की आवाजाही समझौते के बाद रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही भी फिर से शुरू हो गई है। अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने ईरानी तेल पर लागू कुछ प्रतिबंधों में 60 दिनों की अस्थायी छूट देने का लाइसेंस जारी किया है। विश्लेषकों का कहना है कि इस कदम से वैश्विक ऊर्जा बाजार को राहत मिल सकती है और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की संभावना है। पीएम मोदी की मौजूदगी पर बनी रहेगी नजर अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ईरान के इस विशेष निमंत्रण को स्वीकार करते हैं या नहीं। यदि ऐसा होता है, तो यह हाल के वर्षों में भारत और ईरान के बीच सबसे महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय कूटनीतिक संपर्कों में से एक माना जाएगा।  

Deepshikha जून 25, 2026 0
Prime Minister Narendra Modi meets President Droupadi Murmu amid cabinet reshuffle speculation in New Delhi.
पीएम मोदी ने राष्ट्रपति मुर्मू से की मुलाकात, केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल की अटकलें तेज

  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। यह बैठक ऐसे समय हुई है जब राष्ट्रीय राजधानी में केंद्रीय मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल और विस्तार को लेकर चर्चाएं तेज हैं। प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति की मुलाकात को राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राष्ट्रपति भवन ने साझा की मुलाकात की तस्वीरें राष्ट्रपति कार्यालय ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मुर्मू की मुलाकात की तस्वीरें साझा कीं। राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी पोस्ट में कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से शिष्टाचार मुलाकात की। बैठक के एजेंडे को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी साझा नहीं की गई है, लेकिन इसके समय को देखते हुए राजनीतिक हलकों में कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। मंत्रिमंडल फेरबदल की चर्चाओं को मिली हवा यह मुलाकात पद्म पुरस्कार समारोह के तुरंत बाद हुई, जिससे इसकी राजनीतिक अहमियत और बढ़ गई है। पिछले कुछ दिनों से केंद्र सरकार में संभावित मंत्रिमंडल फेरबदल, विभागों के पुनर्वितरण और नए चेहरों को मौका दिए जाने को लेकर चर्चाएं जारी हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति की बैठक ने इन अटकलों को और बल दिया है। जॉर्ज कुरियन ने दिया मंत्रिपद से इस्तीफा इस बीच, केरल के वरिष्ठ भाजपा नेता जॉर्ज कुरियन ने केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है। उनका राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने के बाद उन्होंने अपने पद से त्यागपत्र सौंपा था। कुरियन अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के साथ-साथ मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय में राज्य मंत्री के रूप में कार्यरत थे। राष्ट्रपति ने स्वीकार किया इस्तीफा राष्ट्रपति भवन द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। उनके इस्तीफे के बाद मंत्रिमंडल में रिक्त हुए पद और संभावित फेरबदल को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं। जल्द हो सकता है बड़ा फैसला राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सरकार आगामी राजनीतिक और प्रशासनिक प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए मंत्रिमंडल में बदलाव कर सकती है। सरकार की ओर से अभी तक किसी फेरबदल या विस्तार को लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन घटनाक्रम पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।  

Deepshikha जून 24, 2026 0
Kolkata Police escort accused Ranjit Singh after his arrest over alleged objectionable social media posts against Prime Minister Narendra Modi and Suvendu Adhikari.
पीएम मोदी और शुभेंदु अधिकारी पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाला गिरफ्तार, 27 जून तक पुलिस हिरासत में भेजा गया आरोपी

  कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के कसबा थाना क्षेत्र में सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणियां करने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। कसबा थाना पुलिस ने आरोपी रंजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। अलीपुर अदालत ने आरोपी को 27 जून तक पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया है। नस्कर हाट इलाके से हुई गिरफ्तारी पुलिस के अनुसार, आरोपी रंजीत सिंह को नस्कर हाट इलाके से गिरफ्तार किया गया। उस पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ अभद्र और भ्रामक टिप्पणियां पोस्ट करने का आरोप है। अदालत में सरकारी पक्ष ने रखा कड़ा रुख रविवार को आरोपी को अलीपुर कोर्ट में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान सरकारी वकील शुभाशीष भट्टाचार्य ने अदालत को बताया कि आरोपी लगातार सोशल मीडिया पर देश के प्रधानमंत्री और राज्य के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग कर रहा था। सरकारी पक्ष ने कहा कि आरोपी की टिप्पणियों का उद्देश्य केवल नेताओं की छवि धूमिल करना नहीं था, बल्कि समाज में भ्रम, अशांति और भ्रामक सूचनाएं फैलाना भी था। पुलिस हिरासत की मांग मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकारी वकील ने आरोपी की पुलिस हिरासत की मांग की। उन्होंने अदालत को बताया कि यह जांच करना आवश्यक है कि आरोपी ने यह गतिविधि अकेले की या इसके पीछे किसी संगठित समूह अथवा साजिश का हाथ है। 27 जून तक पुलिस कस्टडी अलीपुर अदालत ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए रंजीत सिंह को 27 जून तक पुलिस हिरासत में भेजने का निर्देश दिया है। सोशल मीडिया अकाउंट और फोन रिकॉर्ड की जांच शुरू पुलिस अब आरोपी के सोशल मीडिया अकाउंट्स, मोबाइल फोन और कॉल रिकॉर्ड की गहन जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आपत्तिजनक पोस्ट के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क या सुनियोजित अभियान तो नहीं था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के अनुसार अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जाएगी।  

Deepshikha जून 22, 2026 0
Prime Minister Narendra Modi performs yoga at Kolkata’s Red Road and commissions three indigenous naval warships at Syama Prasad Mookerjee Port.
राष्ट्रीय शक्ति के आधार हैं योग और समुद्री सामर्थ्य, कोलकाता में बोले पीएम मोदी

  कोलकाता: प्रधानमंत्री Narendra Modi ने रविवार को कोलकाता दौरे के दौरान योग और समुद्री शक्ति को विकसित भारत की दो महत्वपूर्ण आधारशिलाएं बताते हुए कहा कि व्यक्तिगत अनुशासन और राष्ट्रीय क्षमता मिलकर एक मजबूत, आत्मविश्वासी और विकसित भारत का निर्माण करती हैं। उन्होंने एक ओर 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह में योग को वैश्विक शांति का माध्यम बताया, तो दूसरी ओर भारतीय नौसेना को तीन स्वदेशी युद्धपोत सौंपकर आत्मनिर्भर भारत और समुद्री सुरक्षा का संदेश दिया। रेड रोड पर योग दिवस समारोह को किया संबोधित Red Road पर आयोजित 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य का साधन नहीं, बल्कि विश्व शांति और मानवता को जोड़ने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि योग व्यक्ति को स्वयं, समाज और दुनिया से जोड़ता है तथा संतुलित और स्वस्थ जीवन जीने की प्रेरणा देता है। "योग केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य का मार्ग नहीं है, बल्कि वैश्विक शांति और सद्भाव का भी आधार है।" ‘योग फॉर हेल्दी एजिंग’ थीम पर दिया विशेष जोर इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम 'योग फॉर हेल्दी एजिंग' रखी गई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि नियमित योगाभ्यास से व्यक्ति उम्र बढ़ने के बावजूद शारीरिक और मानसिक रूप से सक्रिय रह सकता है। उन्होंने कहा कि योग के माध्यम से— 40 वर्ष की उम्र में 20 वर्ष जैसा लचीलापन, 50 वर्ष की उम्र में 30 वर्ष जैसी ऊर्जा, और 70 वर्ष की उम्र में भी 50 वर्ष जैसी सक्रियता एवं स्वास्थ्य बनाए रखा जा सकता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह संदेश केवल बुजुर्गों के लिए नहीं, बल्कि हर आयु वर्ग के लोगों के लिए महत्वपूर्ण है। योग केवल व्यायाम नहीं, जीवन जीने की कला प्रधानमंत्री ने Bhagavad Gita का उल्लेख करते हुए कहा कि खानपान, कार्य और नींद में संतुलन ही दुखों से मुक्ति की कुंजी है। योग व्यक्ति को संतुलित जीवन जीना सिखाता है और मानसिक स्वास्थ्य के साथ आत्मबोध का मार्ग भी प्रशस्त करता है। उन्होंने कहा कि योग किसी एक देश, संस्कृति या आयु वर्ग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानवीय चेतना की सार्वभौमिक अभिव्यक्ति है। टैगोर और महर्षि अरविंद के विचारों का किया उल्लेख प्रधानमंत्री मोदी ने Rabindranath Tagore और Sri Aurobindo के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि जुड़ाव ही योग का मूल तत्व है। उन्होंने कहा कि योग व्यक्ति को स्वयं, समाज और विश्व से जोड़ता है और मानव एकता का आधार बनता है। वैश्विक शांति का माध्यम बन सकता है योग दुनिया में जारी संघर्षों और भू-राजनीतिक तनावों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि योग केवल शरीर को स्वस्थ नहीं रखता, बल्कि मन को शांति देकर वैश्विक सद्भाव और शांति की राह भी खोलता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में योग की प्रासंगिकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है और यह दुनिया के बेहतर भविष्य के लिए आवश्यक है। योग को जीवनशैली बनाने का आह्वान प्रधानमंत्री ने लोगों से अपील की कि योग को केवल एक दिन के आयोजन तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि 21 जून अब दुनिया के सबसे बड़े सामुदायिक उत्सवों में शामिल हो चुका है और योग राष्ट्रीय तथा सांस्कृतिक सीमाओं से परे एक वैश्विक आंदोलन का रूप ले चुका है। भारतीय नौसेना को मिले तीन स्वदेशी युद्धपोत योग दिवस समारोह के बाद प्रधानमंत्री ने Syama Prasad Mookerjee Port पर आयोजित कार्यक्रम में भारतीय नौसेना को तीन स्वदेशी युद्धपोत—INS Agray, INS Dunagiri और INS Sanshodhak—सौंपे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन और मजबूत समुद्री शक्ति विकसित भारत की सुरक्षा, आर्थिक समृद्धि और वैश्विक प्रतिष्ठा के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि भारत की बढ़ती समुद्री क्षमता और स्वदेशी रक्षा निर्माण देश को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ वैश्विक मंच पर उसकी रणनीतिक स्थिति को भी मजबूत कर रहे हैं। "योग हमारी आंतरिक शक्ति को मजबूत करता है, जबकि समुद्री सामर्थ्य हमारी बाहरी सुरक्षा को सुदृढ़ बनाता है। दोनों मिलकर विकसित भारत के संकल्प को नई ऊर्जा देते हैं।"  

Deepshikha जून 22, 2026 0
Prime Minister Narendra Modi waits at Delhi airport to avoid traffic disruption during NEET-UG 2026 re-examination hours.
दिल्ली लौटने के बाद भी पीएम आवास नहीं गए मोदी, NEET अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए एयरपोर्ट पर रुके

  नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को NEET-UG 2026 पुनर्परीक्षा में शामिल होने वाले लाखों छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक विशेष निर्णय लिया। दिल्ली लौटने के बाद प्रधानमंत्री सीधे अपने आवास नहीं गए, बल्कि कुछ समय तक एयरपोर्ट पर ही रुके रहे ताकि उनके काफिले की आवाजाही से राजधानी की सड़कों पर यातायात प्रभावित न हो। जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी दोपहर करीब 1:15 बजे दिल्ली हवाई अड्डे पर पहुंचे। इसी दौरान दोपहर 2 बजे से राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) की पुनर्परीक्षा शुरू होने वाली थी। ऐसे में प्रधानमंत्री ने एयरपोर्ट से निकलने में देरी करने का निर्णय लिया, जिससे परीक्षा केंद्रों की ओर जा रहे छात्रों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। छात्रों की सुविधा को दी प्राथमिकता सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री नहीं चाहते थे कि उनके वीवीआईपी काफिले की वजह से राजधानी में ट्रैफिक जाम की स्थिति बने और परीक्षा देने जा रहे विद्यार्थी समय पर अपने केंद्रों तक न पहुंच सकें। इसी कारण उन्होंने कुछ समय एयरपोर्ट पर ही रुककर यातायात व्यवस्था को प्रभावित होने से बचाने का प्रयास किया। कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हुई पुनर्परीक्षा राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित NEET-UG 2026 की पुनर्परीक्षा रविवार को देश और विदेश के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हुई। तीन मई को आयोजित मूल परीक्षा को कथित प्रश्नपत्र लीक विवाद के बाद रद्द कर दिया गया था, जिसके बाद पुनर्परीक्षा कराई जा रही है। पुनर्परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित की जा रही है। इस बार अभ्यर्थियों को 15 मिनट का अतिरिक्त समय भी प्रदान किया गया है। 551 भारतीय शहरों सहित 14 विदेशी केंद्रों पर परीक्षा एनटीए के अनुसार, परीक्षा का आयोजन भारत के 551 शहरों में स्थित 5,440 परीक्षा केंद्रों तथा विदेश के 14 केंद्रों पर किया जा रहा है। परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 95,000 से अधिक परीक्षा कक्षों में सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था की गई है। अभ्यर्थियों से तनावमुक्त होकर परीक्षा देने की अपील पुनर्परीक्षा से पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सभी अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उनसे किसी भी प्रकार के तनाव या चिंता से दूर रहकर परीक्षा में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार और एनटीए परीक्षा के निष्पक्ष एवं सुचारु आयोजन के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रहे हैं। NEET-UG पुनर्परीक्षा को लेकर देशभर में व्यापक सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था लागू की गई है, ताकि परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।  

Deepshikha जून 22, 2026 0
PM Kisan Samman Nidhi
PM Kisan की 23वीं किस्त जारी, 9.44 करोड़ किसानों के खातों में पहुंचे ₹2,000

कोलकाता, एजेंसियां। देशभर के करोड़ों किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार, 20 जून को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan) योजना की 23वीं किस्त जारी कर दी। पश्चिम बंगाल के हुगली जिले स्थित तारकेश्वर से आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से 9.44 करोड़ से अधिक पात्र किसानों के बैंक खातों में ₹18,880 करोड़ से ज्यादा की राशि ट्रांसफर की। प्रत्येक लाभार्थी किसान के खाते में ₹2,000 की किस्त भेजी गई।   सरकार के अनुसार सरकार के अनुसार, PM-Kisan योजना के तहत पात्र किसानों को हर वर्ष ₹6,000 की आर्थिक सहायता तीन समान किस्तों में प्रदान की जाती है। योजना की शुरुआत से अब तक किसानों को कुल ₹4.46 लाख करोड़ से अधिक की राशि वितरित की जा चुकी है। इसका उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और कृषि कार्यों में आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराना है।   जिन किसानों को अब तक किस्त प्राप्त नहीं हुई है, वे PM-Kisan की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर 'Beneficiary Status' या 'Know Your Status' विकल्प के माध्यम से अपनी भुगतान स्थिति जांच सकते हैं। इसके लिए मोबाइल नंबर या रजिस्ट्रेशन नंबर की आवश्यकता होगी।   किन किसानों को लाभ मिलेगा ? सरकार ने स्पष्ट किया है कि केवल उन्हीं किसानों को किस्त का लाभ मिलेगा, जिन्होंने e-KYC पूरा किया है, भूमि रिकॉर्ड (Land Seeding) का सत्यापन कराया है तथा बैंक खाते को आधार और DBT से लिंक कराया है। इनमें किसी भी प्रकार की त्रुटि होने पर किस्त अटक सकती है। यदि किसी लाभार्थी को भुगतान नहीं मिला है, तो उसे e-KYC, आधार-बैंक लिंकिंग, NPCI मैपिंग और भूमि रिकॉर्ड की स्थिति की जांच करने की सलाह दी गई है। आवश्यक सुधार के बाद आगामी किस्तों का लाभ आसानी से प्राप्त किया जा सकेगा।

abhishek singh जून 20, 2026 0
US President Donald Trump and Indian Prime Minister Narendra Modi during a bilateral meeting at the G7 Summit in France.
'मोदी पर फिल्म बनी तो हॉलीवुड को हीरो नहीं मिलेगा', ट्रंप का दिलचस्प बयान; पीएम को बताया महान और सख्त नेता

  वॉशिंगटन/पेरिस: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ करते हुए उन्हें दुनिया के सबसे प्रभावशाली और मजबूत नेताओं में से एक बताया है। ट्रंप ने कहा कि यदि कभी प्रधानमंत्री मोदी पर फिल्म बनाई जाती है, तो हॉलीवुड को उनके किरदार के लिए उपयुक्त अभिनेता ढूंढने में मुश्किल होगी, क्योंकि उनका व्यक्तित्व बिल्कुल अलग और अनूठा है। न्यूज वेबसाइट एक्सियोस (Axios) को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को अपने पसंदीदा वैश्विक नेताओं में शामिल किया। उन्होंने कहा कि दोनों नेता प्रभावशाली, मजबूत और परिणाम देने की क्षमता रखने वाले हैं। 'मोदी एक महान नेता हैं' ताकत, प्रभाव और नेतृत्व क्षमता के आधार पर अपने पसंदीदा नेताओं के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा, "मुझे लगता है कि मोदी बहुत अच्छे हैं। भारत के कुछ बेहद अच्छे आंकड़े सामने आए हैं। वह युद्ध से दूर रहते हैं, जो एक समझदारी भरा कदम है। वह 1.5 अरब लोगों का नेतृत्व करते हैं। भारत वास्तव में दुनिया का सबसे बड़ा देश है और मोदी एक महान नेता हैं।" ट्रंप ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का वैश्विक स्तर पर काफी सम्मान है और उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर भी उन्हें बेहद सख्त और मजबूत नेता के रूप में पाया है। 'मोदी पर फिल्म बनी तो हीरो कहां से लाएगा हॉलीवुड?' इंटरव्यू के दौरान ट्रंप ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि यदि प्रधानमंत्री मोदी या राष्ट्रपति शी जिनपिंग पर कोई फिल्म बनाई जाए, तो हॉलीवुड के लिए उनकी भूमिका निभाने के लिए सही अभिनेता ढूंढना आसान नहीं होगा। उन्होंने कहा, "मोदी का व्यक्तित्व बिल्कुल अलग है। दुनिया भर में उनका सम्मान किया जाता है। मैं उन्हें व्यक्तिगत रूप से जानता हूं और वह बेहद मजबूत और सख्त नेता हैं।" भारत-अमेरिका व्यापार पर भी बोले ट्रंप ट्रंप ने भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच बड़े पैमाने पर व्यापार होता है, लेकिन पहले भारत को इसका ज्यादा फायदा मिलता था। उन्होंने इसके लिए भारत को दोषी नहीं ठहराया। ट्रंप ने कहा कि उस समय अमेरिका में ऐसे नेता थे, जिन्होंने व्यापारिक असंतुलन को बढ़ने दिया। उनके मुताबिक, अब परिस्थितियां बदल गई हैं और व्यापार अधिक निष्पक्ष तरीके से हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत इस बदलाव से पूरी तरह खुश नहीं है, क्योंकि पहले उसे व्यापारिक लाभ अधिक मिलता था। 'मोदी ने भारत की राजनीति की तस्वीर बदल दी' ट्रंप ने कहा कि वह कई वर्षों से भारत की राजनीति को देखते आ रहे हैं। उनके अनुसार, पहले भारत में नेतृत्व जल्दी-जल्दी बदलता था और कई नेता लंबे समय तक सत्ता में नहीं टिक पाते थे। उन्होंने कहा, "कोई छह महीने तो कोई एक साल तक ही पद पर रहता था, लेकिन मोदी के आने के बाद तस्वीर बदल गई। वह 12 साल से अधिक समय से सत्ता में हैं और उनकी पकड़ काफी मजबूत है।" ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी को "शांत, संतुलित लेकिन बेहद सख्त नेता" बताते हुए कहा कि उनकी नेतृत्व क्षमता ने भारत की वैश्विक स्थिति को मजबूत किया है। जी-7 शिखर सम्मेलन में हुई मुलाकात फ्रांस में आयोजित G7 Summit 2026 के दौरान ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी की मुलाकात हुई थी। दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत को भारत-अमेरिका संबंधों को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।  

Deepshikha जून 20, 2026 0
Shashi Tharoor Narendra MODI
शशि थरूर की पीएम मोदी पर टिप्पणी से सियासी घमासान, बीजेपी ने कांग्रेस पर साधा निशाना

नई दिल्ली, एजेंसियां। कांग्रेस सांसद शशि थरूर  द्वारा नरेंद्र मोदी की कूटनीतिक पहल की सराहना करने के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान भारतीय नाविकों की सुरक्षा के मुद्दे पर प्रधानमंत्री के रुख का समर्थन करते हुए थरूर के बयान को लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला और राहुल गांधी  को निशाने पर लिया।   थरूर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप  के साथ सार्वजनिक और निजी दोनों बैठकों में भारत की चिंताओं को स्पष्ट रूप से रखा। उन्होंने कहा कि युद्ध की परिस्थितियों में वाणिज्यिक जहाजों पर तैनात नागरिक नाविकों को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए, क्योंकि वे सैनिक नहीं होते। थरूर ने यह भी कहा कि भारतीय ध्वज वाले और अन्य जहाजों पर बड़ी संख्या में भारतीय नाविक कार्यरत हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा भारत की प्राथमिक चिंता है।   कांग्रेस ने उठाए थे सवाल इससे पहले कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि ओमान की खाड़ी में एक व्यापारिक पोत पर अमेरिकी हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत के मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी ने सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। पार्टी ने सवाल उठाया था कि अमेरिका से इस घटना पर जवाब या खेद व्यक्त करने की मांग क्यों नहीं की गई।   भाजपा ने राहुल गांधी को घेरा थरूर के बयान के बाद भाजपा ने कांग्रेस पर पलटवार किया। भाजपा प्रवक्ता Pradeep Bhandari ने कहा कि थरूर की टिप्पणी ने राहुल गांधी के आरोपों की पोल खोल दी है। उन्होंने दावा किया कि जब राष्ट्रीय हित की बात आती है तो प्रधानमंत्री मोदी मजबूती से भारत का पक्ष रखते हैं, जबकि कांग्रेस नेतृत्व लगातार सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाता रहा है।   गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की यह द्विपक्षीय मुलाकात जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान लगभग 16 महीने बाद हुई, जिसमें क्षेत्रीय सुरक्षा, भारतीय नाविकों की सुरक्षा और अन्य वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हुई।

abhishek singh जून 20, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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abhishek singh जुलाई 2, 2026 0