7 मई 2026 को देशभर में पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें जारी कर दी गई हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और अलग-अलग राज्यों के टैक्स ढांचे की वजह से कई शहरों में फ्यूल के दाम बदल गए हैं। Uttar Pradesh, Bihar और Jharkhand के कई शहरों में आज पेट्रोल-डीजल की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी और गिरावट दोनों देखने को मिली। जहां Patna और Ranchi में तेल महंगा हुआ है, वहीं Lucknow और Dhanbad के लोगों को थोड़ी राहत मिली है। पेट्रोल के नए रेट्स आज पेट्रोल की कीमतों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी पटना में दर्ज की गई, जहां दाम 51 पैसे बढ़ गए। दूसरी ओर लखनऊ में पेट्रोल 12 पैसे सस्ता हुआ है। दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े महानगरों में कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। 7 मई 2026 पेट्रोल रेट्स शहर आज का रेट कल का रेट बदलाव Lucknow ₹94.57 ₹94.69 ₹0.12 सस्ता Noida ₹94.90 ₹94.88 ₹0.02 महंगा Patna ₹105.74 ₹105.23 ₹0.51 महंगा Gaya ₹106.31 ₹106.28 ₹0.03 महंगा Muzaffarpur ₹106.19 ₹106.19 कोई बदलाव नहीं Bhagalpur ₹106.02 ₹106.21 ₹0.19 सस्ता Ranchi ₹98.20 ₹97.86 ₹0.34 महंगा Deoghar ₹97.60 ₹97.64 ₹0.04 सस्ता Dhanbad ₹97.82 ₹97.93 ₹0.11 सस्ता Jamshedpur ₹97.80 ₹97.80 स्थिर Delhi ₹94.77 ₹94.77 स्थिर Mumbai ₹103.50 ₹103.50 स्थिर Bhopal ₹106.35 ₹106.63 ₹0.28 सस्ता Kolkata ₹105.45 ₹105.41 ₹0.04 महंगा Bengaluru ₹102.96 ₹102.92 ₹0.04 महंगा Gurugram ₹95.51 ₹95.65 ₹0.14 सस्ता Chennai ₹100.90 ₹100.90 स्थिर डीजल की कीमतों में भी बदलाव डीजल के दामों में भी बिहार और झारखंड के कई शहरों में तेजी देखी गई है। पटना में डीजल 48 पैसे महंगा हो गया, जबकि धनबाद में 12 पैसे की गिरावट दर्ज हुई। दिल्ली, मुंबई और चेन्नई में डीजल की कीमतें फिलहाल स्थिर बनी हुई हैं। 7 मई 2026 डीजल रेट्स शहर आज का रेट कल का रेट बदलाव Lucknow ₹87.67 ₹87.81 ₹0.14 सस्ता Noida ₹88.01 ₹87.98 ₹0.03 महंगा Patna ₹91.97 ₹91.49 ₹0.48 महंगा Gaya ₹92.50 ₹92.48 ₹0.02 महंगा Muzaffarpur ₹92.37 ₹92.37 स्थिर Bhagalpur ₹92.21 ₹92.39 ₹0.18 सस्ता Ranchi ₹92.97 ₹92.62 ₹0.35 महंगा Deoghar ₹92.29 ₹92.34 ₹0.05 सस्ता Dhanbad ₹92.57 ₹92.69 ₹0.12 सस्ता Jamshedpur ₹92.55 ₹92.55 स्थिर Delhi ₹87.67 ₹87.67 स्थिर Mumbai ₹90.03 ₹90.03 स्थिर Bhopal ₹91.74 ₹91.99 ₹0.25 सस्ता Kolkata ₹92.02 ₹92.02 स्थिर Bengaluru ₹90.99 ₹90.99 स्थिर Gurugram ₹87.97 ₹88.10 ₹0.13 सस्ता Chennai ₹92.48 ₹92.48 स्थिर विशेषज्ञों के मुताबिक आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की चाल और सरकार की टैक्स नीति के आधार पर फ्यूल की कीमतों में और बदलाव देखने को मिल सकता है।
देशभर में 6 मई 2026 को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हलचल देखने को मिली है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति का असर अब स्थानीय स्तर पर भी साफ दिखाई दे रहा है। जहां कुछ शहरों में ईंधन के दाम स्थिर बने हुए हैं, वहीं कई जगहों पर मामूली बढ़ोतरी और गिरावट दर्ज की गई है। बड़े शहरों में क्या है हाल? देश की आर्थिक राजधानी Mumbai में पेट्रोल 103.54 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर है, जबकि New Delhi में भी कीमत 94.77 रुपये प्रति लीटर बनी हुई है। इसी तरह डीजल के दाम भी मुंबई में 90.03 रुपये और दिल्ली में 87.67 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर हैं। यूपी, बिहार और झारखंड में बदलाव पूर्वी और उत्तरी राज्यों में कीमतों में हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिला: Gaya में पेट्रोल 50 पैसे बढ़कर 106.44 रुपये हो गया Noida में पेट्रोल 13 पैसे सस्ता हुआ Dhanbad में पेट्रोल 30 पैसे घटा Patna में पेट्रोल 8 पैसे बढ़ा डीजल की बात करें तो: पटना में 7 पैसे की बढ़त मुजफ्फरपुर में 8 पैसे की गिरावट जमशेदपुर में 23 पैसे महंगा धनबाद में 31 पैसे सस्ता हुआ प्रमुख शहरों में पेट्रोल के ताजा भाव (₹/लीटर) लखनऊ – 94.69 नोएडा – 94.77 गया – 106.44 पटना – 105.42 भागलपुर – 106.27 मुजफ्फरपुर – 105.98 धनबाद – 97.87 रांची – 97.86 देवघर – 97.68 जमशेदपुर – 98.03 मुंबई – 103.54 नई दिल्ली – 94.77 कोलकाता – 105.45 चेन्नई – 100.84 भोपाल – 106.52 गुरुग्राम – 95.51 बेंगलुरु – 102.92 प्रमुख शहरों में डीजल के ताजा भाव (₹/लीटर) लखनऊ – 87.81 नोएडा – 87.89 गया – 92.63 पटना – 91.67 भागलपुर – 92.44 मुजफ्फरपुर – 92.17 धनबाद – 92.62 रांची – 92.62 देवघर – 92.39 जमशेदपुर – 92.78 मुंबई – 90.03 नई दिल्ली – 87.67 कोलकाता – 92.02 चेन्नई – 92.39 भोपाल – 91.89 गुरुग्राम – 87.98 बेंगलुरु – 90.99 क्या है बदलाव की वजह? विशेषज्ञों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और विदेशी मुद्रा विनिमय दर (रुपया बनाम डॉलर) सीधे तौर पर घरेलू ईंधन कीमतों को प्रभावित करते हैं। इसके अलावा राज्यों के टैक्स स्ट्रक्चर के कारण भी अलग-अलग शहरों में दामों में अंतर देखने को मिलता है। आगे क्या उम्मीद? आने वाले दिनों में अगर ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता रहती है, तो घरेलू बाजार में भी कीमतें संतुलित रह सकती हैं। हालांकि, छोटे स्तर पर उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है।
ट्रोल-डीजल रेट में बदलाव नहीं देश में विधानसभा चुनावों की वोटिंग समाप्त होने से ठीक पहले पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर फैली अटकलों पर केंद्र सरकार ने बड़ा बयान दिया है। सरकार ने साफ कर दिया है कि फिलहाल ईंधन की कीमतों में किसी तरह की बढ़ोतरी का कोई प्रस्ताव नहीं है। चुनाव के बाद भी दाम बढ़ने की अटकलों पर विराम सरकारी बयान के अनुसार, 29 अप्रैल को पश्चिम बंगाल में मतदान समाप्त होने के बाद भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की कोई योजना नहीं है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार अस्थिर बनी हुई हैं, जिसके कारण पहले से ही बाजार में चिंता का माहौल है। अफवाहों पर सरकार की चेतावनी पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, कुछ राज्यों में कीमत बढ़ने की अफवाहों के चलते लोगों ने पैनिक बाइंग शुरू कर दी थी। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार– कई पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखी गईं कुछ जगहों पर मांग 30% से ज्यादा बढ़ गई सरकार ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की तेल कंपनियों पर बढ़ता आर्थिक दबाव सरकारी तेल कंपनियां मौजूदा दरों पर भारी नुकसान झेल रही हैं। अनुमानित दैनिक घाटा करीब ₹2,400 करोड़ पेट्रोल पर लगभग ₹20 प्रति लीटर का नुकसान डीजल पर करीब ₹100 प्रति लीटर तक का घाटा इसके बावजूद सरकार ने कीमतें स्थिर रखी हैं। वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल पिछले दो महीनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 50% से ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, मध्य पूर्व में तनाव और सप्लाई बाधाओं के कारण तेल बाजार प्रभावित हुआ है, जिससे कीमतें 114 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं। 2022 से स्थिर हैं खुदरा ईंधन के दाम भारत में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें अप्रैल 2022 से लगभग स्थिर बनी हुई हैं। दिल्ली में पेट्रोल: ₹94.77 प्रति लीटर डीजल: ₹87.67 प्रति लीटर हालांकि अंतरराष्ट्रीय कीमतों और घरेलू रेट के बीच अंतर लगातार बढ़ रहा है। सरकार ने क्या कहा? पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश में फिलहाल पर्याप्त ईंधन स्टॉक मौजूद है। पेट्रोल, डीजल और LPG का पर्याप्त भंडार आपूर्ति व्यवस्था सामान्य किसी भी तरह की कमी की स्थिति नहीं सरकार ने फिलहाल पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी से इनकार कर दिया है, लेकिन वैश्विक बाजार और तेल कंपनियों के घाटे को देखते हुए आगे स्थिति पर नजर बनी रहेगी। फिलहाल आम जनता को राहत जरूर मिली है, लेकिन तेल बाजार की अस्थिरता चिंता का कारण बनी हुई है।
देशभर में 24 अप्रैल 2026 को पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें जारी कर दी गई हैं। Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum और Hindustan Petroleum जैसी सरकारी तेल कंपनियों ने आज के फ्यूल रेट अपडेट किए, जिनमें बड़े शहरों में स्थिरता देखने को मिली, जबकि कुछ राज्यों में मामूली उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया। बड़े शहरों में राहत, छोटे शहरों में हलचल देश की आर्थिक राजधानी Mumbai में पेट्रोल ₹103.54 प्रति लीटर पर स्थिर बना हुआ है, जबकि New Delhi और Kolkata में भी कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ। हालांकि Bihar के कई शहरों–जैसे Patna और Bhagalpur–में पेट्रोल के दामों में 36 से 38 पैसे तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं Bengaluru में हल्की बढ़त देखी गई, जबकि Chennai, Noida और Gurugram में कीमतों में मामूली गिरावट आई है। पेट्रोल रेट (24 अप्रैल 2026) – प्रमुख शहर मुंबई: ₹103.54 कोलकाता: ₹105.41 बेंगलुरु: ₹102.96 (+0.04) चेन्नई: ₹100.90 (-0.16) नई दिल्ली: ₹94.77 पटना: ₹105.59 (+0.36) भागलपुर: ₹106.40 (+0.38) डीजल में भी मिला-जुला रुख डीजल के दामों में भी आज मिलाजुला असर देखने को मिला। मुंबई में डीजल ₹90.03 प्रति लीटर और दिल्ली में ₹87.67 पर स्थिर है। वहीं झारखंड के Ranchi और Deoghar में कीमतों में गिरावट आई है, जिससे स्थानीय वाहन चालकों को राहत मिली है। दूसरी ओर बिहार के कई शहरों में डीजल के दाम भी पेट्रोल की तरह बढ़े हैं। क्यों बदलते रहते हैं फ्यूल के दाम? पेट्रोल-डीजल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) के दाम, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति और केंद्र-राज्य सरकारों के टैक्स ढांचे पर निर्भर करती हैं। एक्साइज ड्यूटी और वैट (VAT) के कारण अलग-अलग राज्यों में कीमतों में अंतर देखा जाता है। SMS से ऐसे जानें अपने शहर का रेट घर बैठे मोबाइल से भी आप अपने शहर का ताजा फ्यूल रेट जान सकते हैं: Indian Oil: RSP लिखकर 9224992249 पर भेजें BPCL: RSP लिखकर 9223112222 पर भेजें HPCL: HP Price लिखकर 9222201122 पर भेजें
देशभर में 23 अप्रैल 2026 को पेट्रोल और डीजल के नए दाम जारी कर दिए गए हैं। हर दिन की तरह आज भी तेल कंपनियों ने सुबह ताजा कीमतें अपडेट कीं, जिसमें बड़े शहरों में स्थिरता दिखी, जबकि कुछ राज्यों और शहरों में मामूली उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया। Delhi और Mumbai जैसे प्रमुख महानगरों में कीमतें जस की तस बनी रहीं, लेकिन Chennai और Bihar के कई शहरों में हल्की तेजी देखने को मिली। पेट्रोल के ताजा दाम (23 अप्रैल 2026) आज मुंबई में पेट्रोल 103.54 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर है, जबकि दिल्ली में यह 94.77 रुपये प्रति लीटर बना हुआ है। चेन्नई में पेट्रोल 22 पैसे महंगा होकर 101.06 रुपये प्रति लीटर हो गया है। बिहार के Patna और Gaya में भी कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई, वहीं Bhagalpur में 47 पैसे की राहत मिली। मुख्य शहरों के पेट्रोल रेट: मुंबई: ₹103.54 (कोई बदलाव नहीं) कोलकाता: ₹105.41 (स्थिर) दिल्ली: ₹94.77 (स्थिर) चेन्नई: ₹101.06 (+0.22) बेंगलुरु: ₹102.96 (+0.04) गुरुग्राम: ₹95.39 (-0.09) नोएडा: ₹95.12 (+0.07) पटना: ₹105.60 (+0.37) डीजल के दामों में मिला-जुला असर डीजल की कीमतों में भी आज कुछ जगहों पर बदलाव देखा गया। मुंबई में डीजल 90.03 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर है, जबकि दिल्ली और कोलकाता में भी कोई बदलाव नहीं हुआ। Deoghar में डीजल 57 पैसे महंगा हुआ, जबकि Jamshedpur में 32 पैसे की गिरावट आई। Noida में डीजल 10 पैसे महंगा हुआ है। मुख्य शहरों के डीजल रेट: मुंबई: ₹90.03 (स्थिर) दिल्ली: ₹87.67 (स्थिर) चेन्नई: ₹92.61 (+0.22) पटना: ₹91.84 (+0.35) गया: ₹92.48 (+0.33) भागलपुर: ₹92.04 (-0.44) देवघर: ₹92.91 (+0.57) क्यों बदलते रहते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम? फ्यूल की कीमतें मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों पर निर्भर करती हैं। इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति, केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी और राज्य सरकारों के VAT (वैट) के कारण अलग-अलग शहरों में रेट अलग-अलग होते हैं। SMS से ऐसे जानें अपने शहर का रेट घर बैठे मोबाइल से भी आप पेट्रोल-डीजल की कीमत चेक कर सकते हैं: Indian Oil: “RSP” लिखकर 9224992249 पर भेजें BPCL: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें HPCL: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें
देश की तेल विपणन कंपनियों ने 20 अप्रैल 2026 के लिए पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें जारी कर दी हैं। आज के रेट्स पर नजर डालें तो देश के कई बड़े शहरों में ईंधन की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं, जबकि कुछ राज्यों और शहरों में हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति का असर सीधे घरेलू कीमतों पर पड़ रहा है। पेट्रोल की कीमतों में क्या बदलाव हुआ? पेट्रोल के दाम आज अधिकतर महानगरों में स्थिर हैं। मुंबई में पेट्रोल ₹103.50 प्रति लीटर पर बना हुआ है, जबकि नई दिल्ली में यह ₹94.77 प्रति लीटर पर स्थिर है। बेंगलुरु में भी कोई बदलाव नहीं हुआ। हालांकि, पूर्वी भारत के कुछ शहरों में हल्की तेजी देखी गई है। पटना में पेट्रोल ₹105.60 प्रति लीटर पर पहुंच गया है, जिसमें 17 पैसे की बढ़ोतरी हुई है। गया और मुजफ्फरपुर में भी कीमतों में क्रमशः 17 पैसे और 21 पैसे की बढ़त दर्ज की गई है। दूसरी ओर भागलपुर में 19 पैसे की मामूली गिरावट दर्ज की गई है। कोलकाता और चेन्नई जैसे शहरों में भी हल्की बढ़ोतरी देखने को मिली है, जो दर्शाता है कि क्षेत्रीय टैक्स और डिमांड का असर कीमतों पर बना हुआ है। डीजल के दाम में कैसी रही स्थिति? डीजल की कीमतों में आज अधिकांश बड़े शहरों में स्थिरता बनी रही। मुंबई में डीजल ₹90.03 प्रति लीटर पर स्थिर है, जबकि नई दिल्ली में यह ₹87.67 प्रति लीटर पर टिका हुआ है। बिहार और झारखंड के कई शहरों में डीजल की कीमतों में 5 पैसे से लेकर 24 पैसे तक की बढ़ोतरी हुई है। रांची में डीजल ₹93.20 प्रति लीटर पर पहुंच गया है, वहीं पटना में यह ₹91.84 प्रति लीटर हो गया है। इस हल्की बढ़ोतरी का असर खासतौर पर परिवहन, लॉजिस्टिक्स और खेती-किसानी के खर्चों पर पड़ सकता है, जिससे आने वाले समय में महंगाई पर भी प्रभाव देखने को मिल सकता है। क्यों बदलती हैं पेट्रोल-डीजल की कीमतें? ईंधन की कीमतें कई प्रमुख कारकों पर निर्भर करती हैं। इनमें सबसे महत्वपूर्ण है अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमत। भारत अपनी अधिकांश जरूरत का कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति भी अहम भूमिका निभाती है। इसके अलावा केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी और राज्यों द्वारा लगाया जाने वाला वैट (VAT) भी कीमतों को प्रभावित करता है। यही वजह है कि अलग-अलग राज्यों में पेट्रोल-डीजल के दाम अलग-अलग होते हैं। घर बैठे ऐसे करें अपने शहर का रेट चेक अगर आप अपने शहर की ताजा कीमतें जानना चाहते हैं, तो मोबाइल के जरिए SMS भेजकर आसानी से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं: Indian Oil: RSP लिखकर 9224992249 पर भेजें BPCL: RSP लिखकर 9223112222 पर भेजें HPCL: HP Price लिखकर 9222201122 पर भेजें कुल मिलाकर, आज के रुझान बताते हैं कि बाजार फिलहाल स्थिरता की ओर है, लेकिन छोटे-छोटे बदलाव जारी हैं। ऐसे में गाड़ी की टंकी फुल कराने से पहले ताजा रेट जरूर चेक कर लें।
देशभर में हर सुबह की तरह आज, 9 अप्रैल 2026 को भी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें जारी कर दी हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के उतार-चढ़ाव के बीच घरेलू स्तर पर कीमतों में मिला-जुला रुख देखने को मिला है। जहां नई दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों में दाम स्थिर बने हुए हैं, वहीं कई अन्य शहरों में हल्की बढ़ोतरी और गिरावट दर्ज की गई है। अगर आप आज वाहन में ईंधन भरवाने की योजना बना रहे हैं, तो ताजा रेट्स पर एक नजर जरूर डाल लें, क्योंकि अलग-अलग शहरों में कीमतों का अंतर आपके खर्च को प्रभावित कर सकता है। आज पेट्रोल की कीमतें: कहां सस्ता, कहां महंगा? देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं: नई दिल्ली: ₹94.77 प्रति लीटर मुंबई: ₹103.54 प्रति लीटर कोलकाता: ₹105.41 प्रति लीटर चेन्नई: ₹100.80 प्रति लीटर हालांकि, अन्य शहरों में बदलाव देखने को मिला: पटना: ₹105.42 (+0.19) मुजफ्फरपुर: ₹106.36 (+0.38) जमशेदपुर: ₹98.64 (+0.84) नोएडा: ₹94.90 (-0.15) बेंगलुरु: ₹102.96 (-0.03) भोपाल: ₹106.52 (-0.04) भागलपुर: ₹105.84 (-0.56) डीजल की कीमतों में क्या बदलाव आया? डीजल के दाम भी कई शहरों में बदले हैं, जबकि कुछ जगहों पर स्थिरता बनी हुई है: नई दिल्ली: ₹87.67 प्रति लीटर मुंबई: ₹90.03 प्रति लीटर कोलकाता: ₹92.02 प्रति लीटर चेन्नई: ₹92.39 प्रति लीटर अन्य प्रमुख बदलाव: जमशेदपुर: ₹93.38 (+0.83) पटना: ₹91.67 (+0.18) मुजफ्फरपुर: ₹92.53 (+0.36) नोएडा: ₹88.01 (-0.18) बेंगलुरु: ₹90.99 (-0.07) भागलपुर: ₹92.04 (-0.53) धनबाद: ₹92.62 (-0.03) भोपाल: ₹91.89 (-0.04) कैसे तय होती हैं पेट्रोल-डीजल की कीमतें? भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव का सीधा असर घरेलू ईंधन दरों पर पड़ता है। इसके अलावा: केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी राज्य सरकारों का वैट (VAT) डीलर कमीशन इन सभी कारकों को जोड़कर अंतिम खुदरा कीमत तय होती है। यही वजह है कि अलग-अलग राज्यों और शहरों में पेट्रोल-डीजल के दाम अलग होते हैं। SMS से ऐसे चेक करें अपने शहर का रेट आप घर बैठे मोबाइल के जरिए भी ताजा कीमतें जान सकते हैं: Indian Oil: RSP <शहर कोड> लिखकर 9224992249 पर भेजें BPCL: RSP लिखकर 9223112222 पर SMS करें HPCL: HP Price लिखकर 9222201122 पर भेजें
नई दिल्ली, एजेंसियां। गर्मी के मौसम में तरबूज सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि शरीर को ठंडक और हाइड्रेशन देने वाला सुपरफ्रूट भी माना जाता है। इसमें लगभग 92 प्रतिशत पानी होता है, इसलिए तेज धूप और पसीने के मौसम में यह शरीर के लिए काफी फायदेमंद साबित होता है। लेकिन अक्सर लोग इसे खाने के तरीके में ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जो फायदे की जगह नुकसान पहुंचा सकती हैं। खासकर फ्रिज से निकाले गए बहुत ठंडे तरबूज को तुरंत खाना कई लोगों के लिए परेशानी की वजह बन सकता है। सीनियर डाइटिशियन गीतिका चोपड़ा के अनुसार, तरबूज को सही तापमान और सही समय पर खाना ज्यादा बेहतर माना जाता है। तरबूज क्यों है गर्मियों का बेस्ट फ्रूट? तरबूज का वैज्ञानिक नाम Citrullus lanatus है और इसका मूल अफ्रीका माना जाता है। यह लो-कैलोरी फल है, इसलिए वजन नियंत्रित रखने वालों के लिए भी अच्छा विकल्प है। इसमें विटामिन C, विटामिन A, विटामिन B6, पोटैशियम, लाइकोपीन और बीटा-कैरोटीन जैसे जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। यही वजह है कि यह इम्यूनिटी बढ़ाने, शरीर को ठंडक देने और ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में मददगार माना जाता है। बहुत ठंडा तरबूज खाने से क्या होता है? एक्सपर्ट के मुताबिक, फ्रिज से निकले तरबूज को तुरंत खाने पर शरीर को उसे सामान्य तापमान तक लाने के लिए अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है। इससे पाचन प्रक्रिया थोड़ी धीमी हो सकती है। कई लोगों को इसके बाद गैस, पेट फूलना, भारीपन या असहजता महसूस हो सकती है। जिन लोगों का पेट पहले से संवेदनशील होता है, उन्हें यह दिक्कत ज्यादा हो सकती है। गले पर भी पड़ सकता है असर बहुत ज्यादा ठंडा तरबूज कुछ लोगों में गले की खराश, खांसी या हल्की जलन का कारण भी बन सकता है। खासकर वे लोग जो लंबे समय तक एसी में रहते हैं या जिनकी इम्यूनिटी कमजोर होती है, उन्हें इससे जल्दी परेशानी हो सकती है। इसलिए बर्फ जैसा ठंडा तरबूज खाना हर किसी के लिए सही नहीं माना जाता। स्टोर करने में सबसे ज्यादा होती है गलती तरबूज को काटकर लंबे समय तक फ्रिज में रखना भी नुकसानदायक हो सकता है। ऐसा करने से उसमें बैक्टीरिया पनपने का खतरा बढ़ जाता है और उसका पोषण स्तर, खासकर विटामिन C, धीरे-धीरे कम होने लगता है। खुले कटे फल को ज्यादा देर तक रखना सेहत के लिए सही नहीं है। तरबूज खाने का सही तरीका डाइटिशियन की सलाह है कि तरबूज को हल्का ठंडा या रूम टेंपरेचर पर खाना सबसे बेहतर रहता है। अगर तरबूज कटा हुआ है, तो उसे ज्यादा देर तक स्टोर करने के बजाय जल्दी खा लेना चाहिए। गर्मी में सेहतमंद रहने के लिए सिर्फ क्या खा रहे हैं, यह नहीं बल्कि कैसे खा रहे हैं, यह भी उतना ही जरूरी है।
नई दिल्ली: सोमवार, 6 अप्रैल 2026 को देश की सरकारी तेल कंपनियों-Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum और Hindustan Petroleum-ने पेट्रोल और डीजल की ताजा कीमतें जारी कर दी हैं। आज के अपडेट में देशभर में कीमतों का मिला-जुला रुख देखने को मिला है। कुछ शहरों में ईंधन महंगा हुआ है, जबकि कुछ जगहों पर मामूली राहत भी दर्ज की गई है। प्रमुख शहरों में पेट्रोल के ताजा दाम आज पेट्रोल की कीमतों में हल्का उतार-चढ़ाव दर्ज हुआ है। मुंबई: ₹103.54 (+0.04) बेंगलुरु: ₹102.92 (+0.37) कोलकाता: ₹105.41 (स्थिर) पटना: ₹105.23 (स्थिर) चेन्नई: ₹100.80 (-0.10) गुरुग्राम: ₹95.65 (स्थिर) नोएडा: ₹94.77 (-0.13) नई दिल्ली: ₹94.77 (स्थिर) मुजफ्फरपुर: ₹105.71 (-0.34) डीजल की कीमतों में क्या बदलाव हुआ? डीजल के दामों में आज अपेक्षाकृत स्थिरता देखी गई, हालांकि कुछ शहरों में हल्की बढ़ोतरी या गिरावट दर्ज हुई। चेन्नई: ₹92.39 (-0.10) कोलकाता: ₹92.02 (स्थिर) बेंगलुरु: ₹90.99 (+0.34) पटना: ₹91.49 (स्थिर) मुंबई: ₹90.03 (स्थिर) नई दिल्ली: ₹87.67 (स्थिर) गुरुग्राम: ₹88.10 (स्थिर) नोएडा: ₹87.89 (-0.12) क्यों बदलते रहते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम? ईंधन की कीमतें कई अहम कारकों पर निर्भर करती हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमत, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति, केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा लगाए गए टैक्स, रिफाइनिंग लागत और मांग-आपूर्ति का संतुलन-ये सभी मिलकर अंतिम कीमत तय करते हैं। इसी वजह से अलग-अलग शहरों में रेट अलग होते हैं। SMS से ऐसे जानें अपने शहर का रेट घर बैठे अपने मोबाइल से पेट्रोल-डीजल की कीमत जानना बेहद आसान है: Indian Oil (IOCL): RSP <शहर कोड> लिखकर 9224992249 पर भेजें BPCL: RSP लिखकर 9223112222 पर भेजें HPCL: HP Price लिखकर 9222201122 पर भेजें
देशभर में हर सुबह की तरह आज 4 अप्रैल 2026 को भी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के नए दाम जारी कर दिए हैं। आज ज्यादातर महानगरों में कीमतें स्थिर बनी हुई हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं को राहत मिली है। हालांकि उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के कुछ शहरों में मामूली उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया है। बड़े शहरों में पेट्रोल के दाम स्थिर देश के प्रमुख महानगरों में आज पेट्रोल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। नई दिल्ली में पेट्रोल ₹94.77 प्रति लीटर पर स्थिर है मुंबई में ₹103.54 प्रति लीटर कोलकाता में ₹105.41 प्रति लीटर चेन्नई में ₹101.06 प्रति लीटर बेंगलुरु में ₹102.92 प्रति लीटर वहीं, नोएडा में पेट्रोल 13 पैसे महंगा होकर ₹94.90 पर पहुंच गया है, जबकि बिहार के मुजफ्फरपुर और भागलपुर जैसे शहरों में भी हल्की बढ़ोतरी देखने को मिली है। बिहार और झारखंड में हलचल पटना में पेट्रोल ₹105.23 पर स्थिर मुजफ्फरपुर में ₹106.45 (+0.67) भागलपुर में ₹106.66 (+0.45) रांची में ₹98.70 (+0.26) जमशेदपुर में ₹97.80 (-0.18) यह उतार-चढ़ाव स्थानीय टैक्स और परिवहन लागत के कारण देखा जा रहा है। डीजल के दाम: बाजार के लिए राहत डीजल की कीमतें भी आज अधिकतर शहरों में स्थिर बनी हुई हैं। दिल्ली में ₹87.67 प्रति लीटर मुंबई में ₹90.03 प्रति लीटर कोलकाता में ₹92.02 प्रति लीटर चेन्नई में ₹92.61 प्रति लीटर झारखंड के रांची में डीजल 25 पैसे महंगा हुआ है, जबकि जमशेदपुर में 18 पैसे की गिरावट दर्ज की गई है। क्यों बदलती हैं पेट्रोल-डीजल की कीमतें? फ्यूल की कीमतें कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू कारकों पर निर्भर करती हैं: कच्चे तेल (Crude Oil) की वैश्विक कीमत डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी राज्य सरकारों का VAT इन्हीं वजहों से अलग-अलग राज्यों और शहरों में पेट्रोल-डीजल के दाम अलग-अलग होते हैं। घर बैठे ऐसे जानें ताजा रेट आप SMS के जरिए भी अपने शहर का फ्यूल रेट आसानी से चेक कर सकते हैं: Indian Oil: RSP लिखकर 9224992249 पर भेजें BPCL: RSP लिखकर 9223112222 पर भेजें HPCL: HP Price लिखकर 9222201122 पर भेजें
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।