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Petrol Diesel Price Today: कहीं राहत, कहीं बढ़ोतरी–जानें 23 अप्रैल 2026 के ताजा रेट

surbhi अप्रैल 23, 2026 0
Fuel station display showing updated petrol and diesel prices across Indian cities on April 23, 2026
Petrol Diesel Price Update India April 23

 

देशभर में 23 अप्रैल 2026 को पेट्रोल और डीजल के नए दाम जारी कर दिए गए हैं। हर दिन की तरह आज भी तेल कंपनियों ने सुबह ताजा कीमतें अपडेट कीं, जिसमें बड़े शहरों में स्थिरता दिखी, जबकि कुछ राज्यों और शहरों में मामूली उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया।

Delhi और Mumbai जैसे प्रमुख महानगरों में कीमतें जस की तस बनी रहीं, लेकिन Chennai और Bihar के कई शहरों में हल्की तेजी देखने को मिली।

पेट्रोल के ताजा दाम (23 अप्रैल 2026)

आज मुंबई में पेट्रोल 103.54 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर है, जबकि दिल्ली में यह 94.77 रुपये प्रति लीटर बना हुआ है।

चेन्नई में पेट्रोल 22 पैसे महंगा होकर 101.06 रुपये प्रति लीटर हो गया है। बिहार के Patna और Gaya में भी कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई, वहीं Bhagalpur में 47 पैसे की राहत मिली।

मुख्य शहरों के पेट्रोल रेट:

  • मुंबई: ₹103.54 (कोई बदलाव नहीं)
  • कोलकाता: ₹105.41 (स्थिर)
  • दिल्ली: ₹94.77 (स्थिर)
  • चेन्नई: ₹101.06 (+0.22)
  • बेंगलुरु: ₹102.96 (+0.04)
  • गुरुग्राम: ₹95.39 (-0.09)
  • नोएडा: ₹95.12 (+0.07)
  • पटना: ₹105.60 (+0.37)

डीजल के दामों में मिला-जुला असर

डीजल की कीमतों में भी आज कुछ जगहों पर बदलाव देखा गया।

मुंबई में डीजल 90.03 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर है, जबकि दिल्ली और कोलकाता में भी कोई बदलाव नहीं हुआ।

Deoghar में डीजल 57 पैसे महंगा हुआ, जबकि Jamshedpur में 32 पैसे की गिरावट आई। Noida में डीजल 10 पैसे महंगा हुआ है।

मुख्य शहरों के डीजल रेट:

  • मुंबई: ₹90.03 (स्थिर)
  • दिल्ली: ₹87.67 (स्थिर)
  • चेन्नई: ₹92.61 (+0.22)
  • पटना: ₹91.84 (+0.35)
  • गया: ₹92.48 (+0.33)
  • भागलपुर: ₹92.04 (-0.44)
  • देवघर: ₹92.91 (+0.57)

क्यों बदलते रहते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम?

फ्यूल की कीमतें मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों पर निर्भर करती हैं। इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति, केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी और राज्य सरकारों के VAT (वैट) के कारण अलग-अलग शहरों में रेट अलग-अलग होते हैं।

SMS से ऐसे जानें अपने शहर का रेट

घर बैठे मोबाइल से भी आप पेट्रोल-डीजल की कीमत चेक कर सकते हैं:

  • Indian Oil: “RSP” लिखकर 9224992249 पर भेजें
  • BPCL: “RSP” लिखकर 9223112222 पर भेजें
  • HPCL: “HP Price” लिखकर 9222201122 पर भेजें
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Surbhi

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भारत की आर्थिक वृद्धि पर दबाव, 2026-27 में GDP ग्रोथ धीमी रहने का अनुमान

मुंबई ,एजेंसियां। भारत की अर्थव्यवस्था की रफ्तार को लेकर नई चिंताएं सामने आई हैं। 2026-27 में भारत की GDP ग्रोथ 6.6 प्रतिशत के आसपास रहने का अनुमान लगाया गया है, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में कम है। वैश्विक अनिश्चितताओं, महंगे कच्चे तेल और कमजोर निवेश की वजह से आर्थिक विकास की गति पर दबाव बढ़ने की आशंका जताई गई है।   वैश्विक संकट और तेल कीमतों का असर   अर्थशास्त्रियों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी भारत के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है, क्योंकि देश अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़ी मात्रा में तेल आयात करता है। तेल महंगा होने से परिवहन लागत बढ़ सकती है, जिससे महंगाई पर दबाव और कंपनियों की उत्पादन लागत में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।   निजी निवेश की धीमी रफ्तार बनी चिंता   रिपोर्ट के अनुसार, भारत की आर्थिक वृद्धि पर सबसे बड़ा दबाव निजी क्षेत्र के निवेश में अपेक्षित तेजी नहीं आने से है। कंपनियां नए प्रोजेक्ट और पूंजीगत खर्च को लेकर सतर्क रुख अपना रही हैं, जिससे रोजगार और औद्योगिक विस्तार पर असर पड़ सकता है। हालांकि सरकार की ओर से बुनियादी ढांचे पर खर्च और घरेलू मांग को आर्थिक मजबूती का आधार बताया जा रहा है।   GDP ग्रोथ का अनुमान कितना?   कई अंतरराष्ट्रीय संस्थानों और विशेषज्ञों ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि दर करीब 6.3 से 6.6 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान जताया है। विश्व बैंक और अन्य एजेंसियों ने भी वैश्विक परिस्थितियों के प्रभाव को देखते हुए भारत की विकास दर में नरमी का अनुमान लगाया है। वहीं, कुछ अनुमानों के अनुसार घरेलू खपत और सुधारों के कारण भारत दुनिया की तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में बना रह सकता है।   सरकार के सामने क्या हैं चुनौतियां?   आर्थिक विकास को बनाए रखने के लिए सरकार के सामने कई चुनौतियां हैं— निजी निवेश को बढ़ावा देना रोजगार के नए अवसर पैदा करना महंगाई को नियंत्रित रखना वैश्विक बाजार की अनिश्चितताओं से निपटना विशेषज्ञों का मानना है कि अगर घरेलू मांग मजबूत रहती है और निवेश में तेजी आती है तो विकास दर में सुधार की संभावना बनी रह सकती है।   भारत की अर्थव्यवस्था पर बनी रहेगी दुनिया की नजर   भारत अभी भी दुनिया की प्रमुख तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। लेकिन 2026-27 में विकास की रफ्तार बनाए रखने के लिए घरेलू नीतियों और वैश्विक परिस्थितियों दोनों की अहम भूमिका होगी। आने वाले महीनों में निवेश, महंगाई और वैश्विक ऊर्जा बाजार की स्थिति तय करेगी कि भारत की आर्थिक वृद्धि अनुमान से बेहतर रहती है या दबाव में आती है।

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Crypto Tax Reporting: सरकार ने क्रिप्टो लेनदेन पर बढ़ाई निगरानी, निवेशकों और टैक्सपेयर्स के लिए क्या बदलेगा?

नई दिल्ली: भारत सरकार ने क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े लेनदेन की निगरानी और टैक्स अनुपालन (Tax Compliance) को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) ने एक विस्तृत गाइडेंस नोट जारी किया है, जिसके तहत क्रिप्टो एक्सचेंज, ब्रोकर और अन्य रिपोर्टिंग क्रिप्टो-एसेट सर्विस प्रोवाइडर्स (RCASP) को अपने प्लेटफॉर्म पर होने वाले लेनदेन की जानकारी आयकर विभाग को उपलब्ध करानी होगी। हालांकि, इस गाइडेंस नोट के साथ क्रिप्टो टैक्स की दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन अब निवेशकों द्वारा दी गई जानकारी और वास्तविक लेनदेन का मिलान (Cross Verification) पहले से अधिक सख्ती से किया जा सकेगा। सरकार ने यह कदम क्यों उठाया? यह पहल Organisation for Economic Co-operation and Development (OECD) द्वारा विकसित Crypto-Asset Reporting Framework (CARF) के अनुरूप उठाई गई है। भारत समेत कई देशों ने इस फ्रेमवर्क को अपनाने की दिशा में काम शुरू किया है। CARF का उद्देश्य विभिन्न देशों के बीच क्रिप्टो लेनदेन से जुड़ी जानकारी साझा करना और टैक्स चोरी या गलत रिपोर्टिंग की संभावनाओं को कम करना है। निवेशकों के लिए क्या होंगे मायने? अब तक कई निवेशक अपने सभी क्रिप्टो ट्रेड, खासकर विदेशी प्लेटफॉर्म पर किए गए लेनदेन, आयकर रिटर्न में सही तरीके से दर्ज नहीं करते थे। नए रिपोर्टिंग सिस्टम के लागू होने के बाद— क्रिप्टो एक्सचेंज सीधे आयकर विभाग को लेनदेन की जानकारी देंगे। निवेशकों द्वारा दी गई जानकारी का वास्तविक ट्रांजैक्शन से मिलान किया जाएगा। Annual Information Statement (AIS) और अन्य टैक्स रिकॉर्ड अधिक सटीक बन सकेंगे। गलत या अधूरी जानकारी देने की संभावना कम होगी। हालांकि, सामान्य करदाताओं पर कोई नया रिपोर्टिंग दायित्व नहीं लगाया गया है, लेकिन अब सही जानकारी देना पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो जाएगा। क्या टैक्स नियमों में कोई बदलाव हुआ है? CBDT के इस गाइडेंस नोट के बावजूद क्रिप्टोकरेंसी पर लागू मौजूदा टैक्स नियम पहले जैसे ही रहेंगे। वर्चुअल डिजिटल एसेट (VDA) से होने वाले लाभ पर 30% फ्लैट टैक्स लागू रहेगा। क्रिप्टो ट्रेडिंग में हुए नुकसान (Loss) को किसी अन्य आय या पूंजीगत लाभ से समायोजित (Offset) नहीं किया जा सकता। ऐसे नुकसान को भविष्य के वर्षों में Carry Forward करने की भी अनुमति नहीं है। भारत में क्रिप्टोकरेंसी अभी भी लीगल टेंडर (Legal Tender) नहीं है। एक्सचेंजों की क्या जिम्मेदारी होगी? नए दिशा-निर्देशों के तहत क्रिप्टो एक्सचेंज और अन्य RCASP को— ग्राहकों की KYC प्रक्रिया पूरी करनी होगी। टैक्स रेजिडेंसी की पुष्टि करनी होगी। सभी पात्र लेनदेन का रिकॉर्ड सुरक्षित रखना होगा। वार्षिक ट्रांजैक्शन रिपोर्ट आयकर विभाग को उपलब्ध करानी होगी। इस व्यवस्था के बाद आयकर विभाग के लिए क्रिप्टो एक्सचेंज सूचना का प्रमुख स्रोत बन जाएंगे। विशेषज्ञों की राय Mudrex के CEO एडुल पटेल के अनुसार, CARF के अनुरूप रिपोर्टिंग व्यवस्था लागू होने से भारत मौजूदा टैक्स ढांचे में बदलाव किए बिना क्रिप्टो एसेट्स को अधिक पारदर्शी वित्तीय रिपोर्टिंग सिस्टम में शामिल कर रहा है। उनका मानना है कि यह कदम भविष्य में निवेशकों की सुरक्षा, बेहतर नियमन और उद्योग में पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।  

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पांच दिनों की गिरावट के बाद शेयर बाजार में तेजी और सेंसेक्स में उछाल
Stock Market Today: पांच दिन की गिरावट के बाद शेयर बाजार में जोरदार वापसी, सेंसेक्स 569 अंक उछला

नई दिल्ली, एजेंसियां । भारतीय शेयर बाजार ने सोमवार को लगातार पांच कारोबारी सत्रों की गिरावट पर विराम लगाते हुए मजबूत शुरुआत की। वैश्विक स्तर पर सकारात्मक संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट के चलते निवेशकों की धारणा में सुधार देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 569 अंक से अधिक की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा, जबकि एनएसई निफ्टी 23,950 के करीब पहुंच गया।   वैश्विक संकेतों से बढ़ा निवेशकों का भरोसा   विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच पश्चिम एशिया में तनाव कम होने के संकेत तथा अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी ने निवेशकों का विश्वास बढ़ाया। इन सकारात्मक संकेतों का असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दिया और प्रमुख सूचकांकों में अच्छी तेजी दर्ज की गई।   रुपये में भी आई मजबूती   शेयर बाजार में तेजी के साथ-साथ भारतीय मुद्रा में भी सुधार देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 28 पैसे मजबूत होकर 96.25 पर पहुंच गया, जिससे विदेशी निवेशकों की धारणा को भी बल मिला।   निफ्टी के लिए 24,000 का स्तर अहम   बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि निकट अवधि में निफ्टी के लिए 24,000 का स्तर बेहद महत्वपूर्ण रहेगा। जब तक सूचकांक इस स्तर के ऊपर स्थायी बढ़त नहीं बनाता, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। यदि गिरावट आती है तो 23,600 से 23,500 का दायरा मजबूत सपोर्ट ज़ोन माना जा रहा है।   निवेशकों की नजर आगे के संकेतों पर   विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतें, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और कंपनियों के तिमाही नतीजे भारतीय शेयर बाजार की दिशा तय करेंगे। फिलहाल सोमवार की शुरुआत ने निवेशकों को राहत जरूर दी है, लेकिन आगे बाजार की चाल वैश्विक संकेतों पर निर्भर रहेगी।  

ranjan kumar tiwari जुलाई 27, 2026 0
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