शिक्षा

Best courses after 12th 2026

12वीं के बाद क्या करें? ये 10 यूनिक कोर्स बना सकते हैं आपका करियर, बदल सकते हैं भविष्य की दिशा

surbhi अप्रैल 23, 2026 0
Students exploring modern career options like AI, game design, and digital marketing after 12th
Trending Career Options After 12th

 

आज के समय में करियर सिर्फ पारंपरिक डिग्री तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह आपके स्किल, इंटरेस्ट और बदलते ट्रेंड्स पर निर्भर करता है। 12वीं के बाद सही कोर्स चुनना छात्रों के लिए सबसे अहम निर्णय होता है, और अब कई ऐसे यूनिक और ट्रेंडिंग विकल्प मौजूद हैं जो आपको भीड़ से अलग पहचान दिला सकते हैं।

अगर आप भी कुछ हटकर करना चाहते हैं, तो ये 10 कोर्स आपके लिए गेम चेंजर साबित हो सकते हैं।

फूड टेस्टिंग एंड सेंशरी साइंस

Food Science से जुड़ा यह कोर्स खाने के स्वाद, टेक्सचर और क्वालिटी का वैज्ञानिक विश्लेषण सिखाता है। FMCG कंपनियों में इसकी अच्छी मांग है और शुरुआती सैलरी 2.5 से 3.5 लाख रुपये सालाना हो सकती है।

गेम डिजाइन एंड डेवलपमेंट

Game Design युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। इस क्षेत्र में शुरुआत में 3-7 लाख और अनुभव के साथ 15-30 लाख रुपये तक की कमाई संभव है।

एविएशन मैनेजमेंट

एयरलाइन और एयरपोर्ट ऑपरेशंस में रुचि रखने वालों के लिए यह बेहतरीन विकल्प है। इस कोर्स में मैनेजमेंट, सिक्योरिटी और कस्टमर सर्विस की ट्रेनिंग दी जाती है।

न्यूरोसाइंस

Neuroscience एक चुनौतीपूर्ण लेकिन बेहद संभावनाओं से भरा फील्ड है। इसमें करियर बनाने के लिए मेडिकल बैकग्राउंड (MBBS) के बाद स्पेशलाइजेशन जरूरी होता है।

डिजिटल मार्केटिंग और UI/UX डिजाइन

Digital Marketing और User Experience Design आज के डिजिटल युग में तेजी से बढ़ते करियर ऑप्शन हैं। कम समय में स्किल सीखकर अच्छी कमाई की जा सकती है।

जेनेटिक इंजीनियरिंग

Genetic Engineering एक 4 साल का बीटेक कोर्स है। इसमें रिसर्च और हेल्थ सेक्टर में शानदार करियर के अवसर मिलते हैं।

चॉकलेट मेकिंग एंड कंफेक्शनरी

Confectionery में शॉर्ट टर्म कोर्स करके आप खुद का बिजनेस शुरू कर सकते हैं या बड़े ब्रांड्स के साथ काम कर सकते हैं।

पर्यावरण विज्ञान

Environmental Science में करियर बनाने वालों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई अवसर मिलते हैं। यह फील्ड तेजी से उभर रहा है।

फोटोग्राफी

Photography एक क्रिएटिव करियर है, जहां मीडिया, एडवरटाइजिंग और फ्रीलांसिंग से अच्छी कमाई संभव है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)

Artificial Intelligence आज के समय का सबसे तेजी से बढ़ता सेक्टर है। भारत ही नहीं, विदेशों में भी AI एक्सपर्ट की भारी मांग है।

बदलते दौर में करियर की नई सोच

इन सभी कोर्स से साफ है कि आज का करियर विकल्प सिर्फ डॉक्टर-इंजीनियर तक सीमित नहीं है। अगर आप अपने इंटरेस्ट और स्किल के अनुसार सही दिशा चुनते हैं, तो ये यूनिक कोर्स आपके भविष्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकते हैं।

 

Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

शिक्षा

View more
Student checking UP Board 10th result 2026 online on laptop with excitement
UP Board 10वीं रिजल्ट 2026 आज जारी: शाम 4 बजे आएगा परिणाम, इन आसान स्टेप्स से तुरंत देखें स्कोरकार्ड

  उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा आयोजित हाईस्कूल परीक्षा 2026 में शामिल लाखों छात्रों का इंतजार अब खत्म होने जा रहा है। Uttar Pradesh Madhyamik Shiksha Parishad (UPMSP) आज, 23 अप्रैल 2026 को शाम 4 बजे 10वीं का रिजल्ट जारी करेगा। इस बार छात्रों के लिए रिजल्ट चेक करना पहले से अधिक आसान बना दिया गया है, जिससे वे कुछ ही मिनटों में अपना स्कोरकार्ड देख सकेंगे। रिजल्ट चेक करने से पहले रखें ये जरूरी जानकारी रिजल्ट देखने से पहले छात्रों को कुछ आवश्यक विवरण अपने पास तैयार रखने चाहिए: रोल नंबर स्कूल कोड स्थिर इंटरनेट कनेक्शन इन 5 आसान स्टेप्स में देखें अपना रिजल्ट सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट upmsp.edu.in या upresults.nic.in पर जाएं। होमपेज पर “UP Board 10th Result 2026” लिंक पर क्लिक करें। अपना रोल नंबर दर्ज करें। “Submit” बटन पर क्लिक करें। आपका रिजल्ट स्क्रीन पर दिखाई देगा, जिसे डाउनलोड या प्रिंट किया जा सकता है। SMS के जरिए भी पा सकते हैं रिजल्ट यदि वेबसाइट स्लो हो या खुल न रही हो, तो छात्र SMS के माध्यम से भी अपना परिणाम प्राप्त कर सकते हैं: मैसेज बॉक्स में टाइप करें: UP10 <स्पेस> Roll Number इसे 56263 पर भेज दें कुछ ही सेकंड में रिजल्ट आपके मोबाइल पर प्राप्त हो जाएगा रिजल्ट में दी गई जानकारी जरूर जांचें मार्कशीट में निम्नलिखित विवरण शामिल होंगे: छात्र का नाम रोल नंबर विषयवार अंक कुल अंक पास/फेल स्थिति यदि इनमें कोई त्रुटि दिखाई देती है, तो तुरंत अपने स्कूल या बोर्ड से संपर्क करना आवश्यक है। रिजल्ट के बाद क्या विकल्प हैं? रिजल्ट घोषित होने के बाद छात्र अपने अंकों के आधार पर आगे की पढ़ाई के लिए साइंस, कॉमर्स या आर्ट्स स्ट्रीम का चयन कर सकते हैं। वहीं, यदि परिणाम उम्मीद के अनुरूप नहीं है, तो छात्र कंपार्टमेंट परीक्षा या स्क्रूटनी (पुनर्मूल्यांकन) का विकल्प चुन सकते हैं।  

surbhi अप्रैल 23, 2026 0
Students exploring modern career options like AI, game design, and digital marketing after 12th

12वीं के बाद क्या करें? ये 10 यूनिक कोर्स बना सकते हैं आपका करियर, बदल सकते हैं भविष्य की दिशा

Romanian scholarship opportunity for Indian students offering free education, stay, and monthly stipend in Europe

विदेश में पढ़ाई का सुनहरा मौका: Romania ने भारतीय छात्रों के लिए खोले स्कॉलरशिप के दरवाजे, खर्च भी उठाएगी सरकार

Deeksha Chourasiya celebrates UPSC success after securing AIR 44, inspiring story from Indore

मां का अधूरा सपना बना लक्ष्य, Deeksha Chourasiya ने UPSC में AIR 44 हासिल कर बनी सफलता की मिसाल

Shubham Kumar from Bihar celebrates 100 percentile in both JEE Main 2026 sessions
JEE Main 2026: बिहार के शुभम कुमार ने रचा इतिहास, दोनों सेशन में 100 परसेंटाइल हासिल कर बने स्टार परफॉर्मर

देश की सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा JEE Main 2026 के नतीजों में इस बार भी परिणामों में बिहार ने अपनी प्रतिभा का दमदार प्रदर्शन किया है। National Testing Agency (NTA) द्वारा जारी सेशन 2 के रिजल्ट में कुल 26 छात्रों ने 100 परसेंटाइल हासिल किया, जिनमें बिहार के Shubham Kumar का नाम खास तौर पर सुर्खियों में है। शुभम ने न सिर्फ सेशन 2 में, बल्कि सेशन 1 में भी 100 परसेंटाइल हासिल कर एक अनोखा रिकॉर्ड बना दिया है। वे दोनों सेशन में परफेक्ट स्कोर पाने वाले बिहार के इकलौते छात्र हैं। साधारण परिवार से निकलकर असाधारण उपलब्धि Shubham Kumar बिहार के गया जिले के नादरागंज इलाके के निवासी हैं। उनके पिता शिवकुमार एक हार्डवेयर दुकान चलाते हैं, जबकि उनकी मां कंचन देवी गृहिणी हैं। साधारण पृष्ठभूमि से आने के बावजूद शुभम ने अपनी मेहनत और लगन से यह मुकाम हासिल किया है। उनकी बड़ी बहन प्रिय कुमारी IIT Patna से बीटेक कर रही हैं, जिससे घर में पहले से ही पढ़ाई का माहौल रहा। IIT बॉम्बे है सपना शुभम का अगला लक्ष्य IIT Bombay से कंप्यूटर साइंस में बीटेक करना है। IIT बॉम्बे का यह कोर्स हर साल टॉप रैंकर्स की पहली पसंद होता है, जहां से बेहतरीन प्लेसमेंट और ग्लोबल अवसर मिलते हैं। सेल्फ स्टडी से बनाई मजबूत नींव शुभम ने 10वीं तक बिना किसी ट्यूशन के सिर्फ सेल्फ स्टडी के दम पर पढ़ाई की। उन्होंने नजरथ अकैडमी से 10वीं और ब्रिटिश इंग्लिश स्कूल, गया से 12वीं पास की। इसके बाद बेहतर तैयारी के लिए वे कोटा गए, जहां उन्होंने जेईई की तैयारी को और धार दी। JEE Main 2026 कट-ऑफ (Session 2) General (UR): 93.4123549 EWS: 82.4164528 OBC: 80.9232583 SC: 63.9172792 ST: 52.0174712

surbhi अप्रैल 21, 2026 0
Students checking JEE Main 2026 results online on laptop with exam stress and anticipation

JEE Main Session 2 Result 2026 आज जारी होने की संभावना, लाखों छात्रों का इंतजार खत्म–जानें Advanced की अहम तारीखें

Engineering students coding on laptops, representing BTech IT careers and high salary opportunities

BTech IT बना हाई पैकेज का नया शॉर्टकट, तेजी से बढ़ रही डिमांड–जानें पूरी सच्चाई

BPSC AEDO exam candidates outside center amid paper leak controversy and SIT investigation in Bihar

BPSC AEDO परीक्षा विवाद: पेपर लीक से आयोग का इनकार, SIT जांच तेज–ब्लूटूथ कदाचार का दावा भी खारिज

Students checking Jharkhand Board 10th result online amid confusion over official announcement
JAC Board Result 2026: देर रात ‘रिजल्ट रिलीज’ का दावा, छात्रों के स्क्रीनशॉट से बढ़ा विवाद—बोर्ड ने नहीं दी आधिकारिक पुष्टि

  रांची: Jharkhand Academic Council (JAC) के 10वीं रिजल्ट को लेकर बड़ा भ्रम की स्थिति बन गई है। कुछ छात्रों ने दावा किया है कि 17 अप्रैल 2026 की देर रात मैट्रिक परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया गया था। सोशल मीडिया पर शेयर किए गए स्क्रीनशॉट्स के बाद यह मामला तेजी से चर्चा में आ गया है। हालांकि, अब तक बोर्ड की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। ऑफिशियल वेबसाइट पर नहीं दिखा कोई अपडेट छात्रों के दावों के बावजूद Jharkhand Academic Council की आधिकारिक वेबसाइट पर 10वीं रिजल्ट को लेकर कोई अपडेट मौजूद नहीं है। बोर्ड ने इस पूरे मामले पर अब तक न तो कोई प्रेस रिलीज जारी की है और न ही किसी प्रकार का स्पष्टीकरण दिया है, जिससे स्थिति और ज्यादा उलझ गई है। ‘देर रात रिजल्ट दिखा’—छात्रों का दावा कई छात्रों का कहना है कि रात के समय अचानक वेबसाइट पर उनका रिजल्ट दिखने लगा, जिसे उन्होंने तुरंत डाउनलोड भी कर लिया। इसके बाद बड़ी संख्या में स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे। इससे यह सवाल उठने लगा कि क्या गलती से रिजल्ट लाइव हो गया था या फिर यह कोई तकनीकी गड़बड़ी थी। बोर्ड और आईटी सिस्टम पर उठे सवाल इस घटना के बाद बोर्ड प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। खासतौर पर बोर्ड अध्यक्ष, सचिव और आईटी सेल की भूमिका को लेकर चर्चा तेज हो गई है। अगर वाकई रिजल्ट कुछ समय के लिए वेबसाइट पर दिखा, तो यह सिस्टम की बड़ी चूक मानी जा रही है। छात्रों के लिए सलाह: अफवाहों से बचें जब तक Jharkhand Academic Council की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं होती, छात्रों को किसी भी अनऑफिशियल जानकारी या वायरल स्क्रीनशॉट पर भरोसा नहीं करना चाहिए। रिजल्ट केवल बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट या मान्य प्लेटफॉर्म पर ही चेक करें।  

surbhi अप्रैल 18, 2026 0
Candidates checking AIIMS NORCET 2026 result online on official website after exam results announcement

AIIMS NORCET 2026 Result: 51 हजार से अधिक उम्मीदवार सफल, स्टेज-II के लिए 14,527 अभ्यर्थी शॉर्टलिस्ट

Students and school staff submitting CBSE Class 10 LOC application online on computer portal for 2026 exam process

CBSE सेकेंड बोर्ड परीक्षा 2026: LOC सबमिशन प्रक्रिया शुरू, 20 अप्रैल तक कर सकेंगे आवेदन

Students appearing for JEE Main 2026 exam amid controversy over provisional answer key errors

JEE Main 2026 Answer Key विवाद: 300 से ज्यादा सवालों पर आपत्ति, शिक्षा मंत्रालय सख्त

0 Comments

Top week

Indian Parliament discussing Women’s Reservation Bill and delimitation during special session in New Delhi
राष्ट्रीय

महिला आरक्षण पर मंथन: 16–18 अप्रैल के विशेष सत्र में क्या होगा, और क्यों नाराज़ हैं दक्षिण के राज्य?

surbhi अप्रैल 16, 2026 0

Voting poll

अगर भविष्य में रश्मिका और विजय जीवनसाथी बनते हैं, तो क्या आपको उनकी जोड़ी पसंद होगी?