नई दिल्ली,एजेंसियां। फीफा वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल मुकाबला स्पेन की ऐतिहासिक जीत के साथ समाप्त हुआ, लेकिन मैच के बाद मैदान पर हुई खिलाड़ियों की झड़प ने इस यादगार मुकाबले की चमक फीकी कर दी। एक्स्ट्रा टाइम में अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर स्पेन ने विश्व कप का खिताब अपने नाम किया, लेकिन अंतिम सीटी बजते ही दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच तीखी नोकझोंक हाथापाई में बदल गई। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में अर्जेंटीना के मिडफील्डर लिएंड्रो पेरेडेस और डिफेंडर नहुएल मोलिना को स्पेन के खिलाड़ियों के साथ आक्रामक व्यवहार करते देखा जा सकता है। वीडियो में दावा किया गया है कि पेरेडेस ने स्पेन के डिफेंडर एरिक गार्सिया का गला पकड़कर धक्का दिया, जबकि मोलिना ने एक स्पेनिश खिलाड़ी के पेट में मुक्का मारा। इसके अलावा, गावी को जमीन पर गिराने और रोड्री के साथ भी धक्का-मुक्की की घटनाएं सामने आईं। स्थिति को शांत कराने के लिए अर्जेंटीना के मुख्य कोच लियोनेल स्कालोनी सहित टीम स्टाफ को मैदान में उतरना पड़ा। रिपोर्टों के अनुसार रिपोर्टों के अनुसार, विवाद की शुरुआत तब हुई जब स्पेन के कप्तान रोड्री जीत का जश्न मनाते हुए नहुएल मोलिना के पास से गुजरे। दोनों खिलाड़ियों के बीच कहासुनी हुई, जिसे शांत कराने के लिए एरिक गार्सिया आगे आए। हालांकि, इसके बाद पेरेडेस के हस्तक्षेप से मामला और बिगड़ गया और दोनों टीमों के कई खिलाड़ी आमने-सामने आ गए। मैच के बाद अर्जेंटीना के खिलाड़ियों के व्यवहार को लेकर एक और विवाद सामने आया। आरोप है कि जब स्पेनिश खिलाड़ी पदक ग्रहण कर रहे थे, तब अर्जेंटीना के कुछ खिलाड़ी उनकी ओर पीठ करके खड़े रहे, जिसे खेल भावना के विपरीत माना जा रहा है। हालांकि, झगड़े की वास्तविक वजह की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। फीफा की ओर से भी इस घटना पर कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है। यदि जांच में खिलाड़ियों का अनुचित आचरण साबित होता है, तो संबंधित खिलाड़ियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
न्यू जर्सी, एजेंसियां। स्पेन ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 के रोमांचक फाइनल में गत चैंपियन अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर दूसरी बार विश्व कप का खिताब अपने नाम कर लिया। निर्धारित 90 मिनट तक कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी, लेकिन अतिरिक्त समय (106वें मिनट) में फेरान टोरेस ने निर्णायक गोल दागकर स्पेन को ऐतिहासिक जीत दिलाई। यह स्पेन का 2010 के बाद दूसरा विश्व कप खिताब है। 106वें मिनट में टूटा गतिरोध पूरे मुकाबले में स्पेन ने गेंद पर बेहतर नियंत्रण बनाए रखा और लगातार हमले किए, लेकिन अर्जेंटीना के गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज ने कई शानदार बचाव किए। आखिरकार अतिरिक्त समय के 106वें मिनट में फेरान टोरेस ने गोल कर मैच का एकमात्र और निर्णायक गोल दाग दिया। अर्जेंटीना 10 खिलाड़ियों के साथ खेली मुकाबले के अंतिम चरण में अर्जेंटीना को बड़ा झटका लगा, जब एंजो फर्नांडीज को दूसरा पीला कार्ड मिलने के बाद मैदान से बाहर भेज दिया गया। इसके बाद स्पेन ने अतिरिक्त समय में दबाव बढ़ाया और जीत दर्ज कर ली। लियोनेल मेसी का विश्व कप सफर खत्म यह मुकाबला लियोनेल मेसी के अंतरराष्ट्रीय करियर का आखिरी विश्व कप मैच माना जा रहा है। खिताब बचाने का सपना टूटने के बाद मेसी भावुक नजर आए, जबकि स्पेन के खिलाड़ियों ने दूसरी बार विश्व चैंपियन बनने का जश्न मनाया। स्पेन ने रचा नया इतिहास इस जीत के साथ स्पेन ने 2010 के बाद पहली बार और कुल दूसरी बार फीफा विश्व कप ट्रॉफी जीती। पूरे टूर्नामेंट में स्पेन ने शानदार रक्षात्मक प्रदर्शन किया और चैंपियन बनने तक केवल एक गोल ही खाया, जो विश्व कप इतिहास में एक नया रिकॉर्ड है।
न्यूयॉर्क, एजेंसियां। फीफा वर्ल्ड कप 2026 के समापन के साथ ही टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। स्पेन को विश्व चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले मिडफील्डर रॉड्री को गोल्डन बॉल (सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी) का पुरस्कार मिला, जबकि फ्रांस के किलियन एम्बाप्पे ने पूरे टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा गोल दागकर गोल्डन बूट अपने नाम किया। फाइनल के बाद आयोजित पुरस्कार समारोह में फीफा ने अन्य व्यक्तिगत पुरस्कारों की भी घोषणा की। रॉड्री ने पूरे टूर्नामेंट में किया दमदार प्रदर्शन स्पेन के मिडफील्ड की रीढ़ माने जाने वाले रॉड्री ने पूरे वर्ल्ड कप में शानदार खेल दिखाया। गेंद पर नियंत्रण, सटीक पासिंग और निर्णायक मौकों पर टीम को संभालने की उनकी क्षमता ने स्पेन को दूसरी बार विश्व चैंपियन बनाने में बड़ी भूमिका निभाई। इसी प्रदर्शन के दम पर उन्हें टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया। एम्बाप्पे बने टूर्नामेंट के टॉप स्कोरर फ्रांस भले ही खिताब नहीं जीत सका, लेकिन स्टार स्ट्राइकर किलियन एम्बाप्पे ने पूरे टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा गोल दागकर गोल्डन बूट अपने नाम किया। उनकी शानदार फिनिशिंग और लगातार गोल करने की क्षमता ने एक बार फिर उन्हें दुनिया के सर्वश्रेष्ठ फॉरवर्ड खिलाड़ियों में शामिल कर दिया। अन्य पुरस्कार भी हुए घोषित फीफा ने टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ युवा खिलाड़ी, सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर और फेयर प्ले अवॉर्ड की भी घोषणा की। विभिन्न श्रेणियों में खिलाड़ियों के प्रदर्शन को देखते हुए पुरस्कार दिए गए, जिनकी सूची फाइनल के तुरंत बाद जारी की गई। स्पेन ने दूसरी बार जीता विश्व कप फाइनल में अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर स्पेन ने इतिहास रचते हुए अपना दूसरा फीफा वर्ल्ड कप खिताब जीता। टीम के सामूहिक प्रदर्शन और रॉड्री जैसे खिलाड़ियों की शानदार भूमिका ने पूरे टूर्नामेंट में स्पेन को सबसे मजबूत टीम साबित किया।
नई दिल्ली, एजेंसियां। फीफा वर्ल्ड कप 2026 अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। 48 टीमों के साथ शुरू हुए इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट का खिताबी मुकाबला अब स्पेन और अर्जेंटीना के बीच खेला जाएगा। एक ओर मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना लगातार दूसरी बार विश्व कप जीतकर इतिहास रचने की कोशिश करेगा, वहीं स्पेन 2010 के बाद पहली बार विश्व कप ट्रॉफी अपने नाम करने के इरादे से मैदान में उतरेगा। दोनों टीमों ने शानदार प्रदर्शन कर बनाई फाइनल में जगह स्पेन ने सेमीफाइनल में फ्रांस को हराकर फाइनल का टिकट हासिल किया। टीम ने 16 साल बाद विश्व कप के फाइनल में जगह बनाई है और अब दूसरे विश्व खिताब से केवल एक जीत दूर है। दूसरी ओर अर्जेंटीना ने इंग्लैंड को मात देकर लगातार दूसरी बार फाइनल में प्रवेश किया। टीम की उम्मीदें एक बार फिर कप्तान लियोनेल मेसी पर टिकी होंगी, जबकि स्पेन की ओर से युवा स्टार लामिन यामाल सबसे बड़े आकर्षण होंगे। कब और कहां खेला जाएगा फाइनल? फीफा वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल भारतीय समयानुसार 20 जुलाई की देर रात 12:30 बजे शुरू होगा। यह मुकाबला न्यूयॉर्क के न्यूजर्सी स्टेडियम में खेला जाएगा, जहां दुनिया भर के करोड़ों फुटबॉल प्रशंसकों की नजरें टिकी रहेंगी। भारत में कहां देखें लाइव मुकाबला? भारतीय दर्शक इस महामुकाबले का आनंद टीवी और डिजिटल दोनों माध्यमों पर ले सकेंगे। डिजिटल स्ट्रीमिंग ZEE5 पर उपलब्ध होगी, जिसके लिए सक्रिय सब्सक्रिप्शन आवश्यक होगा। वहीं Jio यूजर्स JioTV ऐप पर DD Sports की फीड के जरिए मैच देख सकेंगे। टीवी पर मुकाबले का सीधा प्रसारण DD Sports, Unite8 Sports और Unite8 Sports HD चैनलों पर किया जाएगा। फुटबॉल प्रेमियों के लिए यह मुकाबला बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है। एक तरफ अनुभव से भरपूर अर्जेंटीना है, तो दूसरी ओर युवा जोश और आक्रामक खेल के दम पर फाइनल तक पहुंची स्पेन की टीम। ऐसे में विश्व फुटबॉल को नया चैंपियन मिलेगा या अर्जेंटीना अपना ताज बचाएगा, इसका फैसला मैदान पर होगा।
नई दिल्ली, एजेंसियां। देशभर में E20 पेट्रोल को लेकर चर्चा तेज है। कुछ वाहन मालिकों की शिकायतों और सोशल मीडिया पर वायरल दावों के बाद सरकार ने E20 पेट्रोल को लेकर विस्तृत सफाई जारी की है। सरकार का कहना है कि E20 कोई प्रयोग नहीं, बल्कि वर्षों की वैज्ञानिक जांच और परीक्षण के बाद लागू की गई नीति है। क्या होता है E20 पेट्रोल? E20 पेट्रोल में 20% इथेनॉल और 80% पेट्रोल का मिश्रण होता है। इथेनॉल गन्ना, मक्का और अन्य कृषि उत्पादों से तैयार होने वाला जैव ईंधन है। इसका उद्देश्य कच्चे तेल के आयात पर भारत की निर्भरता कम करना, प्रदूषण घटाना और किसानों की आय बढ़ाना है। देशभर में 1 अप्रैल 2026 से E20 पेट्रोल की आपूर्ति शुरू की गई है। सरकार ने क्या कहा? पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार E20 पेट्रोल पर उठ रही कई आशंकाएं तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। मंत्रालय का कहना है कि यह ईंधन व्यापक लैब और रोड टेस्ट के बाद लागू किया गया है। सरकार के मुताबिक E20 से विदेशी मुद्रा की बचत होगी, ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन कम होगा और घरेलू इथेनॉल उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा। क्या माइलेज कम होता है? सरकार ने स्वीकार किया है कि कुछ वाहनों में E20 पेट्रोल के उपयोग से माइलेज में लगभग 3 से 5 प्रतिशत तक कमी आ सकती है। हालांकि मंत्रालय का कहना है कि इसके बदले मिलने वाले पर्यावरणीय और आर्थिक लाभ कहीं अधिक महत्वपूर्ण हैं। साथ ही E20 के कारण इंजन खराब होने या फ्यूल टैंक में जंग लगने जैसी वायरल खबरों को भी सरकार ने भ्रामक बताया है। विवाद क्यों बढ़ा? हाल ही में कुछ वाहन मालिकों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स ने E20 पेट्रोल से वाहन खराब होने के दावे किए, जिसके बाद यह मुद्दा चर्चा में आ गया। सरकार और वाहन निर्माता कंपनियों का कहना है कि कई मामलों में समस्या का कारण दूषित ईंधन या वाहन की तकनीकी खराबी थी, न कि E20 पेट्रोल। फिलहाल E20 को लेकर बहस जारी है, लेकिन सरकार ने साफ किया है कि फिलहाल इस नीति में बदलाव की कोई योजना नहीं है।
FIFA World Cup 2026 में स्पेन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बेल्जियम को 2-1 से हराकर सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। लॉस एंजिलिस स्टेडियम में खेले गए रोमांचक क्वार्टर फाइनल मुकाबले में स्पेन ने आखिरी मिनटों में गोल दागकर जीत दर्ज की। अब सेमीफाइनल में उसका मुकाबला मौजूदा उपविजेता फ्रांस से डलास में होगा, जिसे टूर्नामेंट के सबसे बड़े मुकाबलों में से एक माना जा रहा है। कोच का बड़ा फैसला स्पेन के लिए साबित हुआ गेम चेंजर स्पेन के मुख्य कोच लुइस डे ला फुएंते ने इस मुकाबले में शुरुआती एकादश में बड़ा बदलाव करते हुए स्टार मिडफील्डर पेड्री की जगह फाबियन रूइज को मौका दिया। यह फैसला टीम के लिए बेहद सफल साबित हुआ। फाबियन रूइज ने पूरे मैच में मिडफील्ड पर शानदार नियंत्रण बनाए रखा और स्पेन के लिए पहला गोल भी दागा। उन्होंने आक्रमण और रक्षा दोनों में प्रभावशाली प्रदर्शन किया। फाबियन रूइज ने दिलाई शुरुआती बढ़त मैच के शुरुआती मिनटों से ही स्पेन ने गेंद पर कब्जा बनाए रखा और लगातार बेल्जियम के डिफेंस पर दबाव बनाया। 30वें मिनट में दानी ओल्मो के शॉट को बेल्जियम के गोलकीपर थिबाउट कूर्तुआ ने रोक दिया, लेकिन रीबाउंड पर फाबियन रूइज ने शानदार फिनिश करते हुए गेंद को नेट में पहुंचा दिया और स्पेन को 1-0 की बढ़त दिला दी। इसके बाद युवा स्टार लामिन यामाल ने भी अपनी तेज ड्रिब्लिंग से बेल्जियम की रक्षा पंक्ति को कई बार चुनौती दी, हालांकि वह गोल करने से चूक गए। डी केटेलारे ने बेल्जियम की कराई वापसी पहले हाफ के अंतिम चरण में बेल्जियम ने शानदार वापसी की। कप्तान केविन डी ब्रुने ने बेहतरीन थ्रू पास देकर टिमोथी कास्टान्ये को मौका बनाया। कास्टान्ये के सटीक क्रॉस पर चार्ल्स डी केटेलारे ने 41वें मिनट में शानदार हेडर लगाकर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। पहले हाफ की समाप्ति तक दोनों टीमें बराबरी पर थीं। दूसरे हाफ में दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर दूसरे हाफ में दोनों टीमों ने लगातार आक्रामक खेल दिखाया। स्पेन ने गेंद पर अधिक नियंत्रण रखा, जबकि बेल्जियम ने तेज काउंटर अटैक के जरिए बढ़त बनाने की कोशिश की। दोनों गोलकीपरों और डिफेंडरों ने कई शानदार बचाव किए, जिससे लंबे समय तक स्कोर नहीं बदल सका। कूर्तुआ की चोट ने बदला मैच का रुख 71वें मिनट में बेल्जियम को बड़ा झटका लगा जब अनुभवी गोलकीपर थिबाउट कूर्तुआ चोटिल होकर मैदान से बाहर हो गए। उनकी जगह युवा गोलकीपर सेने लामेन्स को उतारा गया। इस बदलाव के बाद स्पेन ने लगातार दबाव बढ़ाया और बेल्जियम के डिफेंस पर पकड़ मजबूत कर ली। मेरिनो ने 88वें मिनट में दिलाई यादगार जीत मुकाबले का निर्णायक पल 88वें मिनट में आया। स्पेन के डिफेंडर पाउ क्यूबार्सी के दूर से लगाए गए शॉट को गोलकीपर सेने लामेन्स पूरी तरह नियंत्रित नहीं कर सके। रीबाउंड पर मौजूद मिकेल मेरिनो ने बिना कोई गलती किए गेंद को गोल में पहुंचाकर स्पेन को 2-1 की बढ़त दिला दी। अंतिम मिनटों में बेल्जियम ने बराबरी की पूरी कोशिश की, लेकिन स्पेन के डिफेंस ने कोई मौका नहीं दिया और टीम ने सेमीफाइनल का टिकट हासिल कर लिया। अब फ्रांस से होगा हाई-वोल्टेज सेमीफाइनल इस जीत के साथ स्पेन फीफा विश्व कप 2026 के अंतिम चार में पहुंच गया है। अब उसका मुकाबला डलास में मौजूदा उपविजेता फ्रांस से होगा। दोनों यूरोपीय दिग्गज शानदार फॉर्म में हैं, इसलिए इस मुकाबले को टूर्नामेंट के सबसे रोमांचक और बहुप्रतीक्षित मैचों में शामिल किया जा रहा है।
सिएटल, एजेंसियां। फीफा वर्ल्ड कप 2026 के राउंड ऑफ-16 में बेल्जियम ने मेजबान अमेरिका को 4-1 से हराकर शानदार अंदाज में क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया। इस हार के साथ अमेरिका का 2002 के बाद पहली बार वर्ल्ड कप के अंतिम आठ में पहुंचने का सपना टूट गया। साथ ही कनाडा और मेक्सिको के बाद अमेरिका भी टूर्नामेंट से बाहर होने वाला आखिरी सह-मेजबान देश बन गया। डी केटेलेरे ने चमकाया बेल्जियम का खेल बेल्जियम की जीत के नायक चार्ल्स डी केटेलेरे रहे, जिन्होंने दो गोल दागे। इसके अलावा हंस वनाकेन और स्थानापन्न खिलाड़ी रोमेलु लुकाकू ने एक-एक गोल कर टीम की जीत सुनिश्चित की। बेल्जियम ने पूरे मैच में आक्रामक खेल दिखाते हुए अमेरिका को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। शानदार फॉर्म में बेल्जियम बेल्जियम की टीम 20 मार्च 2025 के बाद से अजेय बनी हुई है। इस दौरान उसने फीफा विश्व कप, विश्व कप क्वालिफायर, यूईएफए नेशंस लीग प्ले-ऑफ और अंतरराष्ट्रीय मैत्री मैचों सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं में 12 जीत और छह ड्रॉ दर्ज किए हैं। इस अवधि में टीम का गोल अंतर भी +40 रहा है, जो उसकी बेहतरीन फॉर्म को दर्शाता है। अब स्पेन से होगी भिड़ंत क्वार्टर फाइनल में बेल्जियम का मुकाबला स्पेन से होगा। स्पेन ने राउंड ऑफ-16 में पुर्तगाल को 1-0 से हराकर अंतिम आठ में जगह बनाई। दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला 11 जुलाई को लॉस एंजिलिस में खेला जाएगा। मौजूदा फॉर्म को देखते हुए यह मैच टूर्नामेंट के सबसे रोमांचक मुकाबलों में से एक माना जा रहा है। अमेरिका का सपना टूटा, रोनाल्डो का भी हुआ विदाई मैच अमेरिका की हार के साथ उसकी क्वार्टर फाइनल में पहुंचने की उम्मीदें खत्म हो गईं। वहीं, स्पेन से हार के बाद पुर्तगाल के दिग्गज खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो का भी फीफा विश्व कप सफर समाप्त हो गया। अब सभी की निगाहें बेल्जियम और स्पेन के बीच होने वाले हाई-वोल्टेज क्वार्टर फाइनल मुकाबले पर टिकी हैं।
नई दिल्ली, एजेंसियां। फीफा वर्ल्ड कप 2026 अब अपने सबसे रोमांचक दौर में पहुंच चुका है। राउंड ऑफ 32 के मुकाबले समाप्त होने के बाद अब 16 टीमें नॉकआउट चरण के तीसरे दौर यानी राउंड ऑफ 16 में आमने-सामने होंगी। इस चरण की शुरुआत शनिवार (4 जुलाई) को मोरक्को और कनाडा के मुकाबले से होगी। दोनों टीमें जीत दर्ज कर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने के इरादे से मैदान पर उतरेंगी। राउंड ऑफ 32 में कई रोमांचक मुकाबले देखने को मिले। कनाडा ने दक्षिण अफ्रीका को 1-0 से हराया, जबकि ब्राजील ने जापान को 2-1 से मात दी। फ्रांस ने स्वीडन को 3-0 से हराया, वहीं इंग्लैंड ने डीआर कांगो को 2-1 से शिकस्त दी। सबसे बड़े उलटफेर में जर्मनी और नीदरलैंड जैसी दिग्गज टीमें टूर्नामेंट से बाहर हो गईं। पराग्वे ने जर्मनी को पेनल्टी शूटआउट में हराया, जबकि मोरक्को ने नीदरलैंड को पेनल्टी में मात देकर सभी को चौंका दिया। भारतीय समयानुसार भारतीय समयानुसार राउंड ऑफ 16 के प्रमुख मुकाबलों में 4 जुलाई को कनाडा बनाम मोरक्को, 5 जुलाई को पराग्वे बनाम फ्रांस, 6 जुलाई को ब्राजील बनाम नॉर्वे और मेक्सिको बनाम इंग्लैंड के मैच खेले जाएंगे। इसके बाद 7 जुलाई को पुर्तगाल बनाम स्पेन, अमेरिका बनाम बेल्जियम और अर्जेंटीना बनाम मिस्र की टक्कर होगी, जबकि 8 जुलाई को स्विट्जरलैंड और कोलंबिया आमने-सामने होंगे। इस विश्व कप में पहली बार 48 टीमों ने हिस्सा लिया है। ग्रुप चरण के बाद 32 टीमों ने नॉकआउट में प्रवेश किया और अब केवल 16 टीमें खिताब की दौड़ में बची हैं। राउंड ऑफ 16 के बाद क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबले खेले जाएंगे। लियोनेल मेसी 7 गोल के साथ गोल्डन बूट की दौड़ में सबसे आगे व्यक्तिगत प्रदर्शन की बात करें तो लियोनेल मेसी 7 गोल के साथ गोल्डन बूट की दौड़ में सबसे आगे हैं। उनके पीछे काइलियन एम्बाप्पे 6 गोल के साथ दूसरे और अर्लिंग हालैंड तथा हैरी केन 5-5 गोल के साथ संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर हैं। ऐसे में अब हर मुकाबला न केवल टीमों के लिए बल्कि स्टार खिलाड़ियों के व्यक्तिगत रिकॉर्ड के लिहाज से भी बेहद अहम होगा।
नई दिल्ली, एजेंसियां। डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 के राउंड ऑफ 32 के रोमांचक मुकाबले में पहली बार विश्व कप खेल रही केप वर्डे को 3-2 से हराकर प्री-क्वार्टर फाइनल (राउंड ऑफ 16) में जगह बना ली। मियामी स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में केप वर्डे ने अर्जेंटीना को कड़ी टक्कर दी और मैच का फैसला एक्स्ट्रा टाइम में जाकर हुआ। अब अर्जेंटीना का अगला मुकाबला मिस्र से होगा, जिसने राउंड ऑफ 32 में ऑस्ट्रेलिया को पेनाल्टी शूटआउट में हराया था। यह मुकाबला भारतीय समयानुसार 7 जुलाई को रात 9:30 बजे खेला जाएगा। मैच की शुरुआत से ही अर्जेंटीना ने आक्रामक खेल दिखाया कप्तान लियोनेल मेसी ने 29वें मिनट में शानदार गोल कर टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। हालांकि, केप वर्डे ने हार नहीं मानी और 59वें मिनट में डुआर्टे ने गोल दागकर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। निर्धारित 90 मिनट में कोई और गोल नहीं होने के कारण मुकाबला एक्स्ट्रा टाइम में पहुंचा। एक्स्ट्रा टाइम के 92वें मिनट में लिसैंड्रो मार्टिनेज ने अर्जेंटीना को फिर बढ़त दिलाई, लेकिन कुछ ही देर बाद लोपेस कैब्राल ने शानदार गोल कर केप वर्डे की वापसी कराते हुए स्कोर 2-2 कर दिया। आखिरकार 111वें मिनट में मेसी के कॉर्नर पर केप वर्डे के खिलाड़ी से ओन गोल हो गया, जिसने अर्जेंटीना को 3-2 की जीत दिला दी। मेसी ने टूर्नामेंट का अपना सातवां गोल दागा इस मैच में मेसी ने टूर्नामेंट का अपना सातवां गोल दागा और फीफा वर्ल्ड कप में लगातार आठ मैचों में गोल करने वाले पहले खिलाड़ी बन गए। मुकाबले के बाद मेसी ने कहा कि नॉकआउट चरण में कोई भी टीम कमजोर नहीं होती और केप वर्डे ने इसे साबित किया। उन्होंने अपनी टीम के जुझारूपन की सराहना करते हुए कहा कि सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं करने के बावजूद अर्जेंटीना ने जीत का रास्ता तलाश लिया। अब टीम का पूरा फोकस मिस्र के खिलाफ होने वाले अगले मुकाबले पर रहेगा।
इंगलवुड (कैलिफोर्निया), एजेंसियां। फीफा वर्ल्ड कप 2026 में स्पेन ने अपने शानदार प्रदर्शन को जारी रखते हुए ऑस्ट्रिया को 3-0 से हराकर राउंड ऑफ 16 में जगह पक्की कर ली। स्पेन की जीत के नायक मिकेल ओयारजाबल रहे, जिन्होंने दो गोल दागे, जबकि पेड्रो पोरो ने एक गोल कर टीम की जीत को और मजबूत बनाया। 2010 में विश्व चैंपियन बनने के बाद यह स्पेन की वर्ल्ड कप नॉकआउट चरण में पहली जीत है। ओयारजाबल ने दिखाई गोल करने की कला स्पेन ने पूरे मैच में गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। मिकेल ओयारजाबल ने 36वें मिनट में पहला गोल कर टीम को बढ़त दिलाई। दूसरे हाफ में पेड्रो पोरो ने शानदार हेडर के जरिए अंतर 2-0 कर दिया। इसके बाद 89वें मिनट में ओयारजाबल ने अपना दूसरा और टीम का तीसरा गोल कर जीत पर मुहर लगा दी। दोनों गोल में मार्क कुकुरेला ने बेहतरीन असिस्ट देकर अहम भूमिका निभाई। रक्षा भी रही अभेद्य स्पेन की मजबूत रक्षा एक बार फिर चर्चा में रही। गोलकीपर उनाई सिमोन को पूरे मैच में कोई कठिन सेव नहीं करनी पड़ी, क्योंकि ऑस्ट्रिया एक भी शॉट लक्ष्य पर नहीं लगा सका। यह इस विश्व कप में स्पेन की लगातार चौथी क्लीन शीट रही, जिससे टीम की रक्षात्मक मजबूती साफ नजर आई। कोच और खिलाड़ियों ने जताई खुशी मैच के बाद ओयारजाबल ने कहा कि टीम की जीत में योगदान देकर उन्हें खुशी है और अब पूरा ध्यान अगले मुकाबले पर रहेगा। वहीं, मुख्य कोच लुइस डे ला फुएंते ने खिलाड़ियों की तारीफ करते हुए कहा कि बड़ी टीमें बड़े मुकाबलों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करती हैं। उन्होंने माना कि टीम ने लगभग परफेक्ट खेल दिखाया, लेकिन आगे के मुकाबलों के लिए लगातार सुधार जरूरी है। अब स्पेन का सामना राउंड ऑफ 16 में पुर्तगाल और क्रोएशिया के मुकाबले की विजेता टीम से होगा। लगातार 35 प्रतिस्पर्धी मैचों से अजेय स्पेन ने इस जीत के साथ एक बार फिर विश्व खिताब की मजबूत दावेदारी पेश कर दी है।
टोरंटो, एजेंसियां। फीफा वर्ल्ड कप 2026 के राउंड ऑफ 32 में पुर्तगाल ने रोमांचक मुकाबले में क्रोएशिया को 2-1 से हराकर प्री-क्वार्टर फाइनल (राउंड ऑफ 16) में अपनी जगह पक्की कर ली। मैच के नायक गोंकालो रामोस रहे, जिन्होंने 81वें मिनट में विजयी गोल दागकर पुर्तगाल को यादगार जीत दिलाई। इससे पहले अनुभवी स्टार क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने पेनाल्टी पर गोल कर टीम को बराबरी दिलाई थी। अब पुर्तगाल का अगला मुकाबला स्पेन से होगा। रोनाल्डो ने दिखाया अनुभव, रामोस बने जीत के हीरो मैच की शुरुआत दोनों टीमों के बीच कड़े संघर्ष के साथ हुई। क्रोएशिया ने 53वें मिनट में इवान पेरिसिक के गोल की बदौलत बढ़त हासिल की। इसके बाद 68वें मिनट में पुर्तगाल को पेनाल्टी मिली, जिसे क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने शानदार अंदाज में गोल में बदलकर स्कोर 1-1 कर दिया। यह रोनाल्डो का विश्व कप नॉकआउट चरण में पहला गोल भी रहा। इसके बाद 81वें मिनट में गोंकालो रामोस ने निर्णायक गोल कर पुर्तगाल को 2-1 की बढ़त दिला दी, जो अंत तक कायम रही। VAR ने तोड़ी क्रोएशिया की उम्मीद मैच के अंतिम क्षणों में क्रोएशिया ने बराबरी का गोल कर दिया था, लेकिन वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) की जांच में मारियो पासालिक को ऑफसाइड पाया गया और गोल रद्द कर दिया गया। इस फैसले से नाराज क्रोएशियाई प्रशंसकों ने स्टेडियम में विरोध जताया और मैदान की ओर बोतलें भी फेंकी। रोनाल्डो और मोड्रिच की भावुक मुलाकात यह मुकाबला दो दिग्गज खिलाड़ियों क्रिस्टियानो रोनाल्डो और लुका मोड्रिच के बीच भी खास रहा। रियल मैड्रिड के पूर्व साथी रहे दोनों खिलाड़ियों ने मैच से पहले और बाद में एक-दूसरे को गले लगाकर सम्मान व्यक्त किया। मैच के बाद रोनाल्डो ने कहा कि मोड्रिच आज भी फुटबॉल के महान खिलाड़ियों में से एक हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी टीम ने बेहतर खेल दिखाया और जीत की पूरी हकदार थी। पुर्तगाल की इस जीत के साथ अब टीम का लक्ष्य स्पेन को हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाना होगा।
मेक्सिको सिटी, एजेंसियां। फीफा वर्ल्ड कप 2026 में मेजबान मेक्सिको की ऐतिहासिक जीत का जश्न उस समय मातम में बदल गया, जब राजधानी मेक्सिको सिटी में जश्न मना रहे तीन फुटबॉल प्रशंसकों की दम घुटने से मौत हो गई। यह हादसा उस समय हुआ जब राउंड ऑफ 32 में मेक्सिको की जीत के बाद लाखों समर्थक सड़कों पर उतर आए और पूरे शहर में उत्सव का माहौल बन गया। 'एंजेल ऑफ इंडिपेंडेंस' स्मारक के पास हुआ हादसा मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मेक्सिको सिटी के प्रतिष्ठित 'एंजेल ऑफ इंडिपेंडेंस' स्मारक के आसपास बड़ी संख्या में लोग जीत का जश्न मना रहे थे। इसी दौरान दो महिलाएं और एक पुरुष बेहोशी की हालत में पाए गए। सूचना मिलते ही आपातकालीन चिकित्सा दल मौके पर पहुंचा, लेकिन तीनों की मौत हो चुकी थी। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि मृतकों की उम्र क्रमशः 48, 44 और 19 वर्ष थी। फिलहाल उनकी पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है और घटना के कारणों की विस्तृत जांच जारी है। मेयर ने लोगों से संयम बरतने की अपील की मेक्सिको सिटी की मेयर क्लारा ब्रुगाडा ने सोशल मीडिया के जरिए घटना पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि तीन लोगों के बेहोश होने की सूचना मिलते ही राहत एवं बचाव दल तुरंत मौके पर भेजा गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि सार्वजनिक समारोहों और बड़े आयोजनों के दौरान जिम्मेदारी, सावधानी और संवेदनशीलता के साथ जश्न मनाएं। मेयर के अनुसार, जीत का जश्न मनाने के लिए करीब 10 लाख लोग शहर की सड़कों पर एकत्र हुए थे। 40 साल बाद मिली नॉकआउट जीत मेजबान मेक्सिको ने राउंड ऑफ 32 के मुकाबले में इक्वाडोर को 2-0 से हराकर इतिहास रच दिया। टीम की ओर से जूलियन क्विनोन्स और राउल जिमेनेज ने गोल किए। इस जीत के साथ मेक्सिको ने 1986 के बाद पहली बार वर्ल्ड कप नॉकआउट चरण में जीत दर्ज की और राउंड ऑफ 16 में जगह बनाई। अब अगले दौर में उसका सामना इंग्लैंड से होगा। ऐतिहासिक सफलता के बीच हुई यह दुखद घटना पूरे देश के लिए गहरे शोक का कारण बन गई।
नई दिल्ली, एजेंसियां। फीफा वर्ल्ड कप 2026 में अफ्रीकी देश केप वर्डे ने इतिहास रच दिया है। अपने पहले ही विश्व कप में हिस्सा ले रही इस टीम ने नॉकआउट चरण में जगह बनाकर दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। सऊदी अरब के खिलाफ गोलरहित (0-0) ड्रॉ के बाद केप वर्डे ने ग्रुप एच में दूसरा स्थान हासिल किया और अंतिम-32 (राउंड ऑफ 32) के लिए क्वालिफाई कर लिया। लगभग पांच लाख की आबादी वाला केप वर्डे अब वर्ल्ड कप के नॉकआउट चरण में पहुंचने वाला सबसे छोटा देश बन गया है। तीनों मुकाबले ड्रॉ, फिर भी हासिल किया नॉकआउट टिकट केप वर्डे ने ग्रुप चरण के अपने तीनों मुकाबले ड्रॉ खेले। टीम ने पहले 2010 की विश्व चैंपियन स्पेन को 0-0 से रोका, फिर उरुग्वे के खिलाफ 0-2 से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए मुकाबला 2-2 से बराबर किया। तीसरे मैच में सऊदी अरब के खिलाफ भी टीम ने 0-0 का परिणाम हासिल किया। तीन अंकों के साथ टीम ने ग्रुप में दूसरा स्थान सुरक्षित कर लिया। पहले ही विश्व कप में रचा नया रिकॉर्ड केप वर्डे अपने पहले विश्व कप में बिना कोई मैच गंवाए नॉकआउट चरण में पहुंचने वाला तीसरा अफ्रीकी देश भी बन गया है। टीम के इस प्रदर्शन ने फुटबॉल जगत में नई मिसाल पेश की है। सीमित संसाधनों और छोटी आबादी के बावजूद खिलाड़ियों ने बड़े देशों के खिलाफ शानदार खेल दिखाकर साबित किया कि मजबूत इरादों के सामने चुनौतियां छोटी पड़ जाती हैं। अब अर्जेंटीना से होगी कड़ी चुनौती नॉकआउट दौर में केप वर्डे का सामना मौजूदा विश्व चैंपियन अर्जेंटीना से होगा। यह मुकाबला भारतीय समयानुसार 4 जुलाई को मियामी में सुबह 3:30 बजे खेला जाएगा। कप्तान लियोनेल मेसी की टीम के खिलाफ यह मैच केप वर्डे के लिए अब तक की सबसे बड़ी परीक्षा होगी। मैच से पहले टीम के मुख्य कोच बुबिस्टा ने कहा था, "हर किसी को सपने देखने का अधिकार है और कुछ भी असंभव नहीं है।" केप वर्डे ने अपने प्रदर्शन से इस विश्वास को सच साबित कर दिया और विश्व फुटबॉल में अपनी अलग पहचान बना ली।
नई दिल्ली, एजेंसियां। फीफा वर्ल्ड कप 2026 में गत चैंपियन Argentina national football team ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑस्ट्रिया को 2-0 से हरा दिया। इस जीत के साथ अर्जेंटीना ने राउंड ऑफ-32 में अपनी जगह पक्की कर ली। डलास स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले के सबसे बड़े नायक कप्तान लियोनेल मेसी रहे, जिन्होंने दोनों गोल दागकर टीम को जीत दिलाई। पेनल्टी चूकने के बाद की दमदार वापसी मैच के नौवें मिनट में अर्जेंटीना को पेनल्टी मिली, लेकिन मेसी इस मौके को गोल में नहीं बदल सके। हालांकि, उन्होंने निराश नहीं किया और 39वें मिनट में शानदार लेफ्ट फुट शॉट लगाकर टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। यह गोल उनके करियर का 17वां वर्ल्ड कप गोल था, जिसके साथ उन्होंने जर्मनी के महान स्ट्राइकर Miroslav Klose के 16 गोल के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। इंजरी टाइम में लगाया रिकॉर्ड गोल मैच के अंतिम क्षणों में अर्जेंटीना ने तेज काउंटर अटैक किया। 90+5वें मिनट में मेसी ने रिबाउंड पर गोल कर अपना दूसरा और टीम का दूसरा गोल दागा। इसके साथ ही उनके वर्ल्ड कप गोलों की संख्या 18 हो गई, जो टूर्नामेंट के इतिहास में सबसे अधिक है। लगातार छह मैचों में गोल का कारनामा मेसी लगातार छह वर्ल्ड कप मैचों में गोल करने वाले दुनिया के तीसरे खिलाड़ी बन गए हैं। इससे पहले यह उपलब्धि फ्रांस के Just Fontaine और ब्राजील के Jairzinho ने हासिल की थी। गोल्डन बूट की दौड़ में सबसे आगे 38 वर्षीय मेसी ने पिछले मुकाबले में अल्जीरिया के खिलाफ हैट्रिक लगाई थी। ऑस्ट्रिया के खिलाफ दो गोल के बाद उनके इस टूर्नामेंट में पांच गोल हो चुके हैं। वह फिलहाल गोल्डन बूट की दौड़ में शीर्ष पर हैं। 2006 में वर्ल्ड कप डेब्यू करने वाले मेसी अब इतिहास के सबसे सफल वर्ल्ड कप गोल स्कोरर बन चुके हैं और अर्जेंटीना को लगातार दूसरी बार चैंपियन बनाने की ओर अग्रसर हैं।
नई दिल्ली,एजेंसियां। फीफा वर्ल्ड कप 2026 में मिस्र ने इतिहास रचते हुए विश्व कप में अपनी पहली जीत दर्ज कर ली। ग्रुप मुकाबले में न्यूजीलैंड को 3-1 से हराकर मिस्र ने 92 साल और 25 दिनों का लंबा इंतजार खत्म किया। 1934 में पहली बार विश्व कप खेलने वाली मिस्र की टीम इससे पहले सात मुकाबलों में जीत हासिल नहीं कर सकी थी। इस ऐतिहासिक जीत के साथ टीम ने न केवल नया अध्याय लिखा, बल्कि ग्रुप तालिका में भी शीर्ष स्थान हासिल कर लिया। पहले हाफ में पिछड़ा, दूसरे हाफ में पलटा मैच मैच की शुरुआत न्यूजीलैंड ने शानदार अंदाज में की। 15वें मिनट में फिन सुरमैन ने गोल कर अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। विश्व कप इतिहास में यह पहला मौका था जब मिस्र की टीम हाफ-टाइम तक पीछे थी। हालांकि दूसरे हाफ में मिस्र ने जबरदस्त वापसी की। 58वें मिनट में मुस्तफा जिको ने बराबरी का गोल दागा, जबकि 67वें मिनट में कप्तान मोहम्मद सलाह ने टीम को बढ़त दिला दी। 82वें मिनट में ट्रेजेगुएट ने तीसरा गोल कर जीत पक्की कर दी। सलाह ने बनाया नया रिकॉर्ड इस मुकाबले में मोहम्मद सलाह ने कई व्यक्तिगत उपलब्धियां भी हासिल कीं। वह विश्व कप के दो अलग-अलग संस्करणों में गोल करने वाले पहले मिस्री खिलाड़ी बन गए। इससे पहले उन्होंने 2018 विश्व कप में भी गोल किया था। 34 वर्ष और 6 दिन की उम्र में गोल कर सलाह मिस्र के लिए विश्व कप में गोल करने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी भी बन गए। उन्होंने 1990 में मैगडी अब्देलघनी द्वारा बनाए गए रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। भावुक हुए कप्तान मैच के बाद 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुने गए मोहम्मद सलाह ने कहा कि यह जीत मिस्र के फुटबॉल इतिहास की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिनी जाएगी। उन्होंने कहा कि पूरी टीम ने देश के करोड़ों प्रशंसकों को गर्व महसूस कराने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। सलाह ने यह भी कहा कि अब टीम का पूरा ध्यान अगले मुकाबले पर है, जहां उसका सामना ईरान से होगा। विश्व कप के 11वें दिन खेले गए अन्य मुकाबलों में स्पेन ने सऊदी अरब को 4-0 से हराया, जबकि उरुग्वे-केप वर्डे और बेल्जियम-ईरान के मैच ड्रॉ रहे।
वाशिंगटन, एजेंसियां। फीफा वर्ल्ड कप 2026 के पांचवें दिन खेले गए चारों मुकाबले ड्रॉ रहे। टूर्नामेंट में यह दुर्लभ नजारा 68 साल बाद देखने को मिला, जब एक ही दिन खेले गए सभी मैच बराबरी पर समाप्त हुए। इससे पहले ऐसा 1958 विश्व कप में हुआ था। दिन के मुकाबलों में केप वर्डे ने स्पेन को 0-0 से रोका, जबकि ईरान और न्यूजीलैंड 2-2, सऊदी अरब और उरुग्वे 1-1 तथा मिस्र और बेल्जियम 1-1 की बराबरी पर रहे। ईरान ने दो बार पिछड़कर बचाया मैच ग्रुप जी के मुकाबले में ईरान ने शानदार जुझारूपन दिखाते हुए दो बार पिछड़ने के बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ 2-2 की बराबरी हासिल की। रामिन रेजाईन ने ईरान के लिए पहला गोल किया और दूसरे गोल की भूमिका भी निभाई, जिसे मोहम्मद मोहेब्बी ने गोल में बदला। न्यूजीलैंड की ओर से एलिजा जस्ट ने दोनों गोल किए, जबकि क्रिस वुड ने दोनों में असिस्ट दिया। मिस्र ने बेल्जियम को कड़ी टक्कर दी ग्रुप जी के दूसरे मुकाबले में मिस्र ने बेल्जियम को 1-1 से रोककर शानदार प्रदर्शन किया। इमाम अशौर ने 19वें मिनट में मोहम्मद सलाह के बेहतरीन पास पर गोल कर मिस्र को बढ़त दिलाई। हालांकि, दूसरे हाफ में बेल्जियम को डिफेंडर मोहम्मद हनी के आत्मघाती गोल से बराबरी मिल गई। इसके बावजूद मिस्र ने मजबूत टीम के खिलाफ एक महत्वपूर्ण अंक हासिल किया। सऊदी और केप वर्डे का दमदार प्रदर्शन ग्रुप एच में सऊदी अरब ने उरुग्वे के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ खेला। अब्दुलेलाह अल अमरी ने सऊदी अरब को बढ़त दिलाई, लेकिन अंतिम क्षणों में मैक्सी अराउजो ने उरुग्वे को बराबरी दिला दी। वहीं, दिन का सबसे बड़ा उलटफेर तब हुआ जब पहली बार विश्व कप खेल रही केप वर्डे ने स्पेन जैसी मजबूत टीम को गोल करने का मौका नहीं दिया। गोलकीपर वोजिन्हा के शानदार प्रदर्शन की बदौलत टीम ने अपने पहले विश्व कप मैच में ऐतिहासिक एक अंक हासिल किया।
कनाडा में फीफा वर्ल्ड कप 2026 का भव्य आगाज, नोरा फतेही बनीं शो की स्टार FIFA World Cup 2026 की ओपनिंग सेरेमनी इस बार कनाडा में बेहद भव्य अंदाज में आयोजित की गई, जहां बॉलीवुड और इंटरनेशनल स्टार Nora Fatehi ने अपने दमदार परफॉर्मेंस से पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया। टोरंटो स्टेडियम में हुए इस इवेंट में नोरा फतेही ने टूर्नामेंट के ऑफिशियल एंथम ‘Siir Siir’ पर परफॉर्म किया और हजारों दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। ‘Siir Siir’ बना वर्ल्ड कप का नया म्यूजिकल हिट यह मल्टी-लैंग्वेज फुटबॉल एंथम नोरा फतेही, फ्रेंच सिंगर Vegedream और म्यूजिक प्रोड्यूसर Sanjoy द्वारा तैयार किया गया है। इस गाने में अरबी, इंग्लिश, फ्रेंच और मोरक्कन डारिजा जैसी कई भाषाओं का मिश्रण है, जिससे इसे एक ग्लोबल फुटबॉल एंथम का रूप मिला है। इसका टाइटल एक लोकप्रिय मोरक्कन फुटबॉल चैंट से लिया गया है, जिसका अर्थ “चलो आगे बढ़ो” माना जाता है। रेड आउटफिट में नोरा ने बिखेरा जलवा सेरेमनी के दौरान नोरा फतेही ने रेड कलर की आकर्षक ड्रेस में स्टेज पर एंट्री ली, जिसने पूरे स्टेडियम का माहौल बदल दिया। उनके एनर्जेटिक डांस मूव्स और ग्रुप परफॉर्मेंस को दर्शकों ने खूब सराहा। सोशल मीडिया पर उनके परफॉर्मेंस के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं और फैंस लगातार उनकी तारीफ कर रहे हैं। ग्लोबल स्टार्स की मौजूदगी से सजी ओपनिंग सेरेमनी इस भव्य समारोह में कई अंतरराष्ट्रीय कलाकारों ने भी हिस्सा लिया। कनाडा की सांस्कृतिक झलक दिखाते हुए शो की शुरुआत वहां के इंडिजिनस समुदाय को समर्पित ट्रिब्यूट से हुई। इसके अलावा अलानिस मोरिसेट, एलेसिया कारा, माइकल बबल जैसे कई बड़े कलाकारों ने भी परफॉर्म किया, जिससे इवेंट और भी खास बन गया। नोरा का भावुक बयान नोरा फतेही ने एबीसी न्यूज लाइव से बातचीत में कहा कि यह उनके लिए एक ‘होमकमिंग’ जैसा पल है। उन्होंने बताया कि टोरंटो छोड़कर भारत में अपने करियर की शुरुआत करने के बाद यह उनके लिए बेहद खास मौका है। उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा सोचा था कि जब वह टोरंटो लौटेंगी तो कुछ बड़ा और यादगार करेंगी, और फीफा वर्ल्ड कप का मंच उनके लिए सबसे बड़ा अवसर साबित हुआ। तीन देशों में हुए अलग-अलग ओपनिंग सेरेमनी इस बार वर्ल्ड कप की ओपनिंग सेरेमनी तीन मेजबान देशों—कनाडा, अमेरिका और मैक्सिको—में अलग-अलग आयोजित की गई। कनाडा के साथ-साथ लॉस एंजेलिस और मैक्सिको सिटी में भी भव्य शो हुए, जिनमें शकीरा, कैटी पेरी और कई अंतरराष्ट्रीय कलाकारों ने परफॉर्म किया। सबसे बड़ा फीफा वर्ल्ड कप यह संस्करण अब तक का सबसे बड़ा वर्ल्ड कप माना जा रहा है, जिसमें कुल 48 टीमें हिस्सा ले रही हैं। टूर्नामेंट 19 जुलाई 2026 को फाइनल मुकाबले के साथ समाप्त होगा।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।