फैशन ट्रेंड

Janhvi Kapoor flaunts a chic Miu Miu balloon skirt look with Y2K-inspired styling and accessories.
Janhvi Kapoor ने Miu Miu के स्टाइलिश Balloon Skirt लुक से बिखेरा Y2K फैशन का जादू

अभिनेत्री जाह्नवी कपूर इन दिनों अपनी आगामी फिल्म 'Peddi' के प्रमोशन में लगातार ट्रेडिशनल लुक्स में नजर आ रही हैं, लेकिन हाल ही में उन्होंने अपने फैशन गेम में बड़ा बदलाव करते हुए एक बेहद ट्रेंडी और Y2K-इंस्पायर्ड वेस्टर्न लुक अपनाया। फैशन ब्रांड Miu Miu की ब्रांड फ्रेंड जाह्नवी ने सिर से पांव तक इसी लग्जरी लेबल का आउटफिट पहनकर सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोरीं। Balloon Skirt ने खींचा ध्यान जाह्नवी ने मिनी बबल या बैलून स्कर्ट पहनी, जिसे विंड और वॉटर-रेसिस्टेंट टेक्निकल फैब्रिक से तैयार किया गया है। यह स्कर्ट मिड-थाई पर खूबसूरती से फॉल करती है और 2000 के दशक की फैशन ट्रेंड्स की याद दिलाती है। इस स्कर्ट के साथ उन्होंने मैचिंग ओवरसाइज़ जैकेट कैरी की, जिसमें स्पोर्टी स्ट्राइप्स, रैगलन स्लीव्स, इलास्टिक कफ्स और स्टैंड-अप कॉलर जैसे 80 के दशक के डिजाइन एलिमेंट्स शामिल थे। मुंबई की गर्मी के बावजूद जाह्नवी ने इस लुक को शर्ट और V-नेक कॉटन स्वेटर के साथ लेयर करके एक प्रीपी और क्लासी टच दिया। एक्सेसरीज़ ने पूरा किया 'नर्डी-चिक' लुक स्टाइलिस्ट Meagan Concessio ने इस आउटफिट के साथ ब्लू रंग का छोटा Miu Miu Wander Bag चुना, जो मैटलासे नप्पा लेदर से तैयार किया गया है। इसके अलावा स्ट्रैपी हील्स, ऑप्टिकल ग्लासेस और एक छोटा ईयर कफ उनके लुक में नर्डी-चिक वाइब्स जोड़ते नजर आए। मेकअप आर्टिस्ट Savleen Manchanda ने उनके लिए मिनिमल मेकअप चुना, जिसमें फ्लश्ड चीक्स और सॉफ्ट कलर्ड लिप्स शामिल थे। वहीं हेयर स्टाइलिस्ट Sourav Roy ने उनके बालों को एक एलिगेंट बन में स्टाइल किया। Y2K ट्रेंड को फिर से बना रहीं हैं पॉपुलर जाह्नवी कपूर का यह लुक एक बार फिर साबित करता है कि Y2K फैशन ट्रेंड आज भी लोगों के बीच लोकप्रिय है। Miu Miu के सिग्नेचर प्रीपी और यूथफुल स्टाइल के साथ उनका यह अवतार फैशन प्रेमियों के लिए एक नई इंस्पिरेशन बनकर सामने आया है।  

surbhi जून 6, 2026 0
Sara Arjun in elegant ivory Anarkali featuring intricate Mughal-inspired embroidery and flowing silhouette
सारा अर्जुन का आइवरी अनारकली लुक बना चर्चा का विषय, 24 पैनल और मुगलकालीन कढ़ाई ने खींचा ध्यान

युवा अभिनेत्री Sara Arjun ने एक बार फिर अपने शानदार एथनिक फैशन सेंस से फैशन प्रेमियों का ध्यान आकर्षित किया है। हाल ही में उन्होंने एक खूबसूरत आइवरी अनारकली पहनकर क्लासिक भारतीय शिल्पकला और आधुनिक मिनिमलिज्म का बेहतरीन मेल पेश किया। उनका यह लुक सादगी, शाही अंदाज और 'क्वाइट लग्जरी' का शानदार उदाहरण माना जा रहा है। 24 पैनल वाली अनारकली में दिखा शाही अंदाज सारा अर्जुन ने डिजाइनर Shilpa Agarwalla के लेबल ShilpSutra by Shilpa Agarwalla के Noor-e-Riwaayat कलेक्शन से यह खास अनारकली पहनी। फाइन चंदेरी सिल्क से तैयार इस आउटफिट में फिटेड बोडिस के साथ 24 अलग-अलग टेलर्ड कलियां (Panels) जोड़ी गई हैं, जो नीचे जाकर लगभग 8.5 मीटर के शानदार फ्लेयर में बदल जाती हैं। इस अनारकली की सबसे खास बात इसकी बारीक हाथ से की गई कढ़ाई है। मुगलकालीन वास्तुकला और पारंपरिक भारतीय हवेलियों से प्रेरित फ्लोरल जाल पैटर्न को रेशम के धागों से बेहद खूबसूरती से उकेरा गया है। फूलों और बेलों की डिजाइन पूरे आउटफिट में एक खास शाही एहसास पैदा करती है। हाथ की कढ़ाई और सीक्विन वर्क ने बढ़ाई खूबसूरती इस आउटफिट पर सैटिन स्टिच तकनीक से बनाई गई फ्लोरल मोटिफ्स और पत्तियों की डिजाइनों को त्रिआयामी (3D) प्रभाव दिया गया है। इसके अलावा हर फूल के केंद्र में हाथ से लगाए गए सीक्विन और बीड क्लस्टर इसकी सुंदरता को और निखारते हैं। 1970 के दशक से प्रेरित बेल स्लीव्स और उन पर लगे हैंड-बीडेड टैसल्स इस अनारकली को रेट्रो और ड्रामेटिक टच देते हैं। इसके साथ कैरी किया गया प्योर ऑर्गेंजा दुपट्टा पूरे मोनोक्रोम लुक को शानदार तरीके से पूरा करता है। सिल्वर ज्वेलरी ने जोड़ा बोहेमियन टच स्टाइलिस्ट Nidhi Agarwal ने इस लुक को सादगी के साथ एलिगेंट बनाए रखने के लिए सिल्वर ज्वेलरी का चुनाव किया। सारा ने बड़े सिल्वर झुमके, स्टैक्ड बैंगल्स और घुंघरू-प्रेरित रिंग के साथ अपने लुक को एक्सेसराइज किया। यह स्टाइलिंग उनके फिल्मी किरदार यालिना की याद भी दिलाती है और भारतीय संदर्भ में 'क्वाइट लग्जरी' की अवधारणा को खूबसूरती से दर्शाती है। सॉफ्ट मेकअप और वेवी हेयर ने बढ़ाया आकर्षण मेकअप आर्टिस्ट Kritika Gill ने सारा के लिए ड्रामेटिक लैशेज और न्यूड पिंक लिप्स का चयन किया, जिससे उनका चेहरा प्राकृतिक और ग्लोइंग नजर आया। वहीं हेयर आर्टिस्ट Daksh Nidhi ने सॉफ्ट वेवी हेयरस्टाइल तैयार की, जिसने पूरे लुक को एक सहज और बोहेमियन फिनिश दिया। यह लुक उन महिलाओं के लिए एक बेहतरीन प्रेरणा है जो शादी, उत्सव या पारिवारिक समारोहों में बिना भारी-भरकम आउटफिट के भी शाही और आकर्षक दिखना चाहती हैं।  

surbhi जून 3, 2026 0
Bvlgari Eclettica jewelry collection featuring rare 30.75 carat diamond necklace at Milan luxury event
30.75 कैरेट के हीरे ने कैसे बदली पर्सनल स्टाइल की सोच? Bvlgari की नई ज्वेलरी कलेक्शन ने खींचा ध्यान

लक्जरी ज्वेलरी ब्रांड Bvlgari की नई हाई ज्वेलरी कलेक्शन “Eclettica” सिर्फ कीमती गहनों का प्रदर्शन नहीं है, बल्कि यह पर्सनल स्टाइल, आत्मविश्वास और पहचान की कहानी भी बयां करती है। फैशन राइटर Lamiya Chitalwalla ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि कैसे एक 30.75 कैरेट के दुर्लभ हीरे और ज्वेलरी डिजाइनों ने उन्हें स्टाइल को नए नजरिए से देखने की प्रेरणा दी। मां की स्टाइल से मिली पहचान लेख में लमिया ने बताया कि बचपन में फैशन को लेकर उनका आत्मविश्वास काफी कमजोर था। कपड़ों के फिट और ट्रेंड्स के बीच खुद को सहज महसूस करना मुश्किल होता था। ऐसे में उन्हें अपनी मां की बोल्ड ज्वेलरी स्टाइल से प्रेरणा मिली। उनकी मां भारी सिल्वर इयररिंग्स, बड़ी बिंदी और काजल के साथ खुद को अलग तरीके से पेश करती थीं। यही स्टाइल धीरे-धीरे लमिया के लिए आत्मविश्वास का जरिया बन गया। कॉलेज के दिनों में सिल्वर कड़े, जुमके और मिक्स मेटल्स पहनकर उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई। Bvlgari की Eclettica कलेक्शन बनी चर्चा का केंद्र मिलान में आयोजित Bvlgari के हाई ज्वेलरी इवेंट में ब्रांड की ज्वेलरी क्रिएटिव डायरेक्टर Lucia Silvestri ने नई “Eclettica” कलेक्शन पेश की। इस खास इवेंट में Priyanka Chopra Jonas, Dua Lipa और Anne Hathaway जैसी ग्लोबल हस्तियां शामिल हुईं। Silvestri ने बताया कि उनकी डिजाइन फिलॉसफी हमेशा versatile, playful और feminine रही है। इस कलेक्शन में 15 transformable creations और 9 masterpieces शामिल हैं, जिन्हें अलग-अलग तरीकों से पहना जा सकता है। 30.75 कैरेट के हीरे वाला नेकलेस बना आकर्षण का केंद्र कलेक्शन का सबसे चर्चित पीस “Serpenti Imperial Heart” नेकलेस रहा। इसमें लगा 30.75 कैरेट का Golconda-type diamond भारत के किसी शाही परिवार से जुड़ा बताया जा रहा है। Silvestri ने कहा कि उनकी ज्यादातर जेमस्टोन्स भारत के Jaipur से खरीदी जाती हैं और लगभग हर कलेक्शन में भारत का कोई न कोई प्रभाव जरूर शामिल होता है। इसके अलावा “Seres Scarf” नेकलेस भी काफी चर्चा में रहा, जिसे नौ अलग-अलग तरीकों से पहना जा सकता है। ज्वेलरी सिर्फ फैशन नहीं, आत्मविश्वास भी लेख में यह बात खास तौर पर उभरकर सामने आती है कि ज्वेलरी केवल सजावट नहीं, बल्कि खुद को व्यक्त करने का जरिया भी बन सकती है। चाहे मिक्स मेटल्स पहनना हो या एक स्टेटमेंट पीस चुनना, असली मायने इस बात के हैं कि वह आपको कैसा महसूस कराता है। Lucia Silvestri के शब्दों में, “जब कोई ज्वेलरी पहनता है और उसके चेहरे पर खुशी दिखाई देती है, वही सबसे बड़ी सफलता है।”  

surbhi मई 7, 2026 0
Women flaunting stylish 70s-inspired curtain bangs hairstyle
Curtain Bangs का ट्रेंड फिर टॉप पर: एक्सपर्ट्स से जानिए कैसे पाएं परफेक्ट ‘70s लुक’

हेयर ट्रेंड्स बदलते रहते हैं, लेकिन Curtain Bangs ने 2026 में एक बार फिर अपनी मजबूत वापसी दर्ज कराई है। 70 के दशक से प्रेरित यह स्टाइल, जिसे Brigitte Bardot ने आइकॉनिक बनाया था, अब मॉडर्न ट्विस्ट के साथ हर किसी की पसंद बन चुका है। आज के Curtain Bangs पहले की तुलना में ज्यादा सॉफ्ट, नेचुरल और कम मेंटेनेंस वाले हो गए हैं। यह चेहरे को फ्रेम करते हैं और धीरे-धीरे ग्रोथ में भी आसानी से ब्लेंड हो जाते हैं। Curtain Bangs करवाने से पहले क्या जानना जरूरी है? हेयर एक्सपर्ट्स के मुताबिक, आपके बालों की टेक्सचर और डेली रूटीन इस स्टाइल के लिए बेहद अहम हैं। फाइन हेयर: वॉल्यूमाइजिंग प्रोडक्ट्स जरूरी वेवी/कर्ली हेयर: हल्की हीट स्टाइलिंग की जरूरत हर 4–6 हफ्ते में ट्रिम जरूरी, ताकि शेप बना रहे किस फेस शेप पर जचते हैं Curtain Bangs? इस स्टाइल की सबसे बड़ी खासियत इसकी वर्सेटिलिटी है: ओवल, हार्ट और लॉन्ग फेस: परफेक्ट फिट राउंड फेस: लंबी बैंग्स फेस को लंबा दिखाती हैं स्क्वायर फेस: सॉफ्ट लेयर्स जॉ लाइन को बैलेंस करती हैं छोटा माथा: इस स्टाइल से बचना बेहतर घर पर Curtain Bangs स्टाइल करने के 6 एक्सपर्ट टिप्स 1. ‘C’ शेप बनाना सीखें गीले बालों पर राउंड ब्रश और ब्लो ड्रायर से बालों को पहले नीचे और फिर फेस से बाहर की तरफ मोड़ें, जिससे क्लासिक ‘C’ शेप बने। 2. Velcro रोलर ट्रिक अपनाएं ड्रायर के बाद रोलर लगाकर 10 मिनट छोड़ दें। इससे बिना मेहनत के बाउंसी फिनिश मिलेगा। 3. स्ट्रेटनर से सॉफ्ट फ्लिक दें बालों को सीधे नीचे खींचने के बजाय हल्का फ्लिक दें, जिससे नेचुरल लुक बना रहे। 4. ड्राई शैम्पू का इस्तेमाल करें बैंग्स जल्दी ऑयली हो जाते हैं, इसलिए ड्राई शैम्पू वॉल्यूम और फ्रेशनेस बनाए रखता है। 5. हल्के प्रोडक्ट्स चुनें भारी ऑयल या जेल से बचें। लाइट स्प्रे और हल्का पोमेड बेहतर रहेगा। 6. अपने नेचुरल टेक्सचर के साथ काम करें ओवर-स्टाइलिंग से बचें। स्ट्रेट, वेवी या कर्ली–हर टेक्सचर के हिसाब से हल्की स्टाइलिंग करें। क्यों है ये स्टाइल इतना पॉपुलर? Curtain Bangs उन लोगों के लिए परफेक्ट हैं जो बिना ज्यादा कमिटमेंट के नया लुक चाहते हैं। यह स्टाइल सॉफ्टनेस, वॉल्यूम और फेस फ्रेमिंग का शानदार बैलेंस देता है। आज Miley Cyrus और Anne Hathaway जैसे सितारे भी इस ट्रेंड को अपनाकर इसे और लोकप्रिय बना रहे हैं।  

surbhi मई 1, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Top week

Military activity near the Strait of Hormuz amid escalating US-Iran tensions and reported retaliatory strikes.
दुनिया

अपाचे हेलीकॉप्टर घटना के बाद अमेरिका का ईरान पर हमला, तेहरान ने दी कड़ी चेतावनी

Deepshikha जून 10, 2026 0