भारतीय महिला क्रिकेट टीम

Sonam Wangchuk Protest
सोनम वांगचुक के समर्थन में हस्तियां, अनशन खत्म करने की अपील

नई दिल्ली, एजेंसियां। दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे CJP (Cockroach Janta Party) के प्रदर्शन को लेकर लेखिका अरुंधति रॉय, अभिनेता नसीरुद्दीन शाह, अभिनेत्री रत्ना पाठक शाह, अर्थशास्त्री जयति घोष सहित कई प्रमुख हस्तियों ने संयुक्त बयान जारी किया है। उन्होंने सोनम वांगचुक और अन्य अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे प्रदर्शनकारियों से अपील की है कि वे अपना अनशन समाप्त करें, लेकिन आंदोलन जारी रखें।   सोनम वांगचुक समेत कई प्रदर्शनकारी अनशन पर   संयुक्त बयान में कहा गया कि सोनम वांगचुक, अभिजीत डिपके और अन्य प्रदर्शनकारी छात्रों और युवाओं के हितों के लिए लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। हस्तियों ने उनकी मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि लगातार भूख हड़ताल से उनकी सेहत तेजी से बिगड़ रही है और यह चिंता का विषय है।   'यह लंबी लड़ाई है, आपकी सेहत जरूरी है'   बयान में कहा गया, "हम आपकी प्रतिबद्धता और साहस को सलाम करते हैं, लेकिन आगे की लड़ाई लंबी है। इसलिए आपसे आग्रह है कि अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल समाप्त करें और स्वस्थ रहकर इस आंदोलन का नेतृत्व जारी रखें।" हस्ताक्षरकर्ताओं ने भरोसा दिलाया कि वे प्रदर्शनकारियों की मांगों के साथ मजबूती से खड़े रहेंगे।   क्या हैं प्रदर्शनकारियों की मांगें   CJP समर्थित यह आंदोलन कथित परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ चल रहा है। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही तय करने और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं। वहीं, सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल लगातार जारी रहने से उनकी सेहत को लेकर चिंता बढ़ गई है।

anjali kumari जुलाई 14, 2026 0
Lords Test
भारत ने लॉर्ड्स में रचा इतिहास, इंग्लैंड को 270 रन से हराकर पहली बार महिला टेस्ट में दर्ज की जीत

लंदन, एजेंसियां। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने क्रिकेट के सबसे प्रतिष्ठित मैदान लॉर्ड्स पर इतिहास रच दिया। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में टीम इंडिया ने इंग्लैंड को 270 रन से हराकर लॉर्ड्स में खेले गए पहले महिला टेस्ट मैच में ऐतिहासिक जीत दर्ज की। यह पहली बार है जब भारत ने लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर महिला टेस्ट मुकाबला अपने नाम किया।   यास्तिका और भारतीय बल्लेबाजों ने रखी जीत की मजबूत नींव   भारत ने पहली पारी में 285 रन बनाए, जिसमें यास्तिका भाटिया ने शानदार 113 रन, स्मृति मंधाना ने 83 रन, दीप्ति शर्मा ने 57 रन और कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 58 रन की महत्वपूर्ण पारियां खेलीं। दूसरी पारी में भारत ने 341/7 पर पारी घोषित कर इंग्लैंड के सामने 457 रन का विशाल लक्ष्य रखा।   क्रांति गौड़ और स्नेह राणा ने इंग्लैंड की कमर तोड़ी   457 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी और 186 रन पर ऑलआउट हो गई। तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने पहली पारी में 5/37 और मैच में कुल सात विकेट लेकर प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार जीता। वहीं स्नेह राणा ने दूसरी पारी में 4 विकेट लेकर इंग्लैंड की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।   लॉर्ड्स ऑनर्स बोर्ड पर दर्ज हुआ इतिहास   क्रांति गौड़ लॉर्ड्स टेस्ट ऑनर्स बोर्ड पर नाम दर्ज कराने वाली पहली महिला गेंदबाज बन गईं। वहीं यास्तिका भाटिया का शतक भी इस ऐतिहासिक ऑनर्स बोर्ड में शामिल हुआ। 142 वर्षों के इतिहास में पहली बार आयोजित महिला टेस्ट में भारत की यह जीत भारतीय महिला क्रिकेट के सबसे यादगार पलों में गिनी जा रही है।

abhishek singh जुलाई 14, 2026 0
Indian Women Cricket Squad
एशियन गेम्स 2026 के लिए हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारतीय महिला क्रिकेट टीम घोषित

नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की महिला चयन समिति ने एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय महिला क्रिकेट टीम की घोषणा कर दी है। अनुभवी ऑलराउंडर Harmanpreet Kaur को एक बार फिर टीम की कमान सौंपी गई है, जबकि Smriti Mandhana को उपकप्तान बनाया गया है। यह प्रतियोगिता सितंबर 2026 में जापान के आइची-नागोया में आयोजित होगी।   विश्व कप से बाहर होने के बाद अब एशियन गेम्स पर फोकस   हाल ही में महिला टी20 विश्व कप में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद भारतीय टीम अब एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक बचाने के इरादे से उतरेगी। भारत ने पिछले एशियन गेम्स (हांगझोउ 2022) में महिला क्रिकेट का गोल्ड मेडल जीता था और इस बार भी टीम को खिताब का प्रबल दावेदार माना जा रहा है।   टीम में अनुभवी और युवा खिलाड़ियों का संतुलन   चयनकर्ताओं ने टीम में अनुभवी खिलाड़ियों के साथ युवा प्रतिभाओं को भी मौका दिया है। टीम में Shafali Verma, Jemimah Rodrigues, Deepti Sharma, Richa Ghosh, Renuka Singh और Shreyanka Patil जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं। हालांकि श्रीयंका पाटिल की उपलब्धता उनकी फिटनेस पर निर्भर रहेगी।   स्वर्ण पदक बचाने की चुनौती   एशियन गेम्स में महिला क्रिकेट टी20 प्रारूप में खेला जाएगा। मेजबान जापान के अलावा भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, चीन, मलेशिया और थाईलैंड टूर्नामेंट में हिस्सा लेंगे। भारतीय टीम लगातार दूसरी बार स्वर्ण पदक जीतकर अपना दबदबा कायम रखने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेगी।

abhishek singh जून 30, 2026 0
IND VS AUS
महिला टी20 विश्व कप: आज ऑस्ट्रेलिया से 'करो या मरो' मुकाबले में उतरेगा भारत, सेमीफाइनल की उम्मीदें दांव पर

नई दिल्ली, एजेंसियां। आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 में आज भारतीय महिला क्रिकेट टीम का सामना छह बार की विश्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया से होगा। लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर होने वाला यह मुकाबला भारतीय टीम के लिए लगभग 'करो या मरो' जैसा है, क्योंकि इस मैच का नतीजा सेमीफाइनल की तस्वीर तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।   भारतीय टीम ने अब तक अपने चार में से तीन मुकाबले जीतकर मजबूत स्थिति बनाई है, लेकिन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जीत उसे बिना किसी समीकरण के सीधे सेमीफाइनल में पहुंचा देगी। दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलिया अपने चारों लीग मैच जीतकर पहले ही शानदार लय में है।   भारत के सामने बड़ी चुनौती   कप्तान हरमनप्रीत कौर की अगुआई में भारतीय टीम को बल्लेबाजी और फील्डिंग दोनों विभागों में बेहतर प्रदर्शन करना होगा। उपकप्तान स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, रिचा घोष और दीप्ति शर्मा से बड़ी पारियों की उम्मीद रहेगी, जबकि गेंदबाजी में रेणुका सिंह और स्पिन आक्रमण पर अहम जिम्मेदारी होगी।   लॉर्ड्स की पिच और मौसम   लॉर्ड्स की पिच पर तेज गेंदबाजों और स्पिनरों दोनों को मदद मिलने की संभावना है। यहां लक्ष्य का पीछा करने वाली टीमों का रिकॉर्ड बेहतर रहा है, इसलिए इस मैच में टॉस भी अहम भूमिका निभा सकता है। मौसम साफ रहने की संभावना है और बारिश की आशंका बहुत कम है।   सेमीफाइनल का समीकरण   भारत की जीत उसे सीधे सेमीफाइनल में पहुंचा देगी। हार की स्थिति में टीम की उम्मीदें अन्य मुकाबलों के परिणाम और नेट रन रेट पर निर्भर हो सकती हैं। ऐसे में आज का मुकाबला टूर्नामेंट का सबसे महत्वपूर्ण मैच माना जा रहा है।

abhishek singh जून 28, 2026 0
ICC Women's T20 World Cup
महिला टी20 वर्ल्ड कप: साउथ अफ्रीका से हार के बाद टीम इंडिया पर बढ़ा दबाव, सेमीफाइनल की राह हुई मुश्किल

नई दिल्ली, एजेंसियां। आईसीसी महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 में लगातार दो जीत के साथ शानदार शुरुआत करने वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम को तीसरे मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका के हाथों छह विकेट से हार का सामना करना पड़ा। इस हार ने न सिर्फ भारत की जीत की लय तोड़ी, बल्कि सेमीफाइनल की दौड़ को भी बेहद रोमांचक बना दिया है। अब भारतीय टीम के लिए आगे का हर मुकाबला ‘करो या मरो’ जैसा हो गया है।   ग्रुप-ए में कांटे की टक्कर भारत ने अपने पहले दो मुकाबलों में पाकिस्तान और नीदरलैंड्स को हराकर चार अंक जुटाए थे। हालांकि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली हार के बाद टीम तीन मैचों में दो जीत और एक हार के साथ चार अंकों पर दूसरे स्थान पर है। ग्रुप-ए में ऑस्ट्रेलिया तीन मैचों में तीन जीत के साथ छह अंकों पर शीर्ष पर बना हुआ है। वहीं दक्षिण अफ्रीका भी चार अंकों के साथ तीसरे स्थान पर है, लेकिन उसका नेट रन रेट भारत से कम है। बांग्लादेश भी दो जीत और एक हार के साथ चार अंक लेकर चौथे स्थान पर मौजूद है, जबकि पाकिस्तान और नीदरलैंड्स सेमीफाइनल की दौड़ से लगभग बाहर हो चुके हैं।   भारत के लिए क्या हैं सेमीफाइनल के समीकरण? भारतीय टीम को अब अपने बाकी दो मुकाबले ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के खिलाफ खेलने हैं। सेमीफाइनल की उम्मीदों को मजबूत बनाए रखने के लिए भारत को दोनों मैच जीतना बेहद जरूरी होगा। यदि भारत दोनों मुकाबले जीतता है तो अंतिम चार में जगह लगभग सुनिश्चित हो सकती है। अगर भारत, दक्षिण अफ्रीका और बांग्लादेश में से प्रत्येक टीम एक-एक मैच जीतती और एक-एक हारती है, तो फैसला नेट रन रेट के आधार पर होगा। ऐसे में भारत के लिए सिर्फ जीत ही नहीं, बल्कि बड़े अंतर से जीत भी अहम होगी।   ऑस्ट्रेलिया पर भी रहेगा दबाव हालांकि ऑस्ट्रेलिया फिलहाल शीर्ष पर है, लेकिन यदि वह अपने शेष दोनों मैच हार जाता है तो ग्रुप की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है। ऐसे में ग्रुप-ए में सेमीफाइनल की जंग आखिरी लीग मुकाबलों तक रोमांचक बनी रहने की उम्मीद है।

abhishek singh जून 22, 2026 0
Kishanganj 6 Girls Selected
किशनगंज की 6 बेटियों ने बिहार महिला क्रिकेट टीम में बनाई जगह

पटना, एजेंसियां। बिहार महिला क्रिकेट टीम में आगामी टी-20 राष्ट्रीय टूर्नामेंट के लिए किशनगंज की 6 खिलाड़ियों का चयन हुआ है, जिससे पूरे जिले में गर्व और उत्साह का माहौल है। चयनित खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर राज्य स्तर पर जगह बनाकर सीमांचल के खेल इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। यह उपलब्धि महिला क्रिकेट के क्षेत्र में किशनगंज की बढ़ती पहचान को दर्शाती है। U-19 और U-15 वर्ग की खिलाड़ियों ने किया कमाल अंडर-19 (U-19) वर्ग में किशनगंज की चार खिलाड़ियों ने अपनी जगह बनाई है, जिनमें तानिया, श्रुति, मुस्कान और लक्खी कुमारी शामिल हैं। वहीं अंडर-15 (U-15) वर्ग में दो युवा प्रतिभाओं सिया चौहान और साक्षी साहा का चयन हुआ है। इन खिलाड़ियों ने अपनी शानदार तकनीक, अनुशासन और प्रदर्शन से चयनकर्ताओं को प्रभावित किया। जिला क्रिकेट संघ की भूमिका रही अहम इस सफलता के पीछे किशनगंज जिला क्रिकेट संघ (KDCA) की सक्रिय भूमिका को भी अहम माना जा रहा है। संघ की अध्यक्षा संगीता जैन और उपाध्यक्ष मोताहेरा जबी के नेतृत्व में पिछले कुछ वर्षों से लड़कियों के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविर, बेहतर सुविधाएं और नियमित ट्रायल्स आयोजित किए जा रहे हैं। इन प्रयासों ने महिला क्रिकेट को जिले में नई दिशा दी है। खेल संस्कृति में बदलाव की शुरुआत इस उपलब्धि ने स्थानीय समाज में भी सकारात्मक बदलाव लाया है। पहले जहां लड़कियों के खेल में भाग लेने को लेकर संकोच देखा जाता था, अब वही परिवार अपनी बेटियों को क्रिकेट जैसे खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। राष्ट्रीय स्तर पर पहचान का लक्ष्य चयनित खिलाड़ियों ने कहा है कि वे आगामी टूर्नामेंट में बेहतर प्रदर्शन कर बिहार को जीत दिलाने की कोशिश करेंगी। साथ ही उनका लक्ष्य भारतीय महिला क्रिकेट टीम (Team India) में जगह बनाकर देश का प्रतिनिधित्व करना है। पूरे जिले को इन खिलाड़ियों से बड़ी उम्मीदें हैं और खेल प्रेमियों का मानना है कि यह शुरुआत भविष्य में बड़े मुकाम तक पहुंचेगी।

Unknown जून 6, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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French Rafale multirole fighter jet during flight as France submits a 114-aircraft proposal to strengthen the Indian Air Force.
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भारत की हवाई ताकत को मिलेगा बड़ा बूस्ट? फ्रांस ने 114 राफेल फाइटर जेट का प्रस्ताव सौंपा, 94 विमान भारत में बनाने की योजना

surbhi अगस्त 7, 2026 0