रांची। झारखंड में सक्रिय मानसून के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के कई जिलों के लिए 28 जुलाई तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से रांची, खूंटी, रामगढ़, बोकारो, हजारीबाग, गिरिडीह और आसपास के इलाकों में अगले दो दिनों तक तेज बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की मौसम विभाग की चेतावनी के बाद जिला प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है। निचले इलाकों में जलभराव, छोटे नदी-नालों के उफान और यातायात प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, बिजली गिरने की आशंका के समय खुले स्थानों में नहीं रुकने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने को कहा गया है। कृषि और जनजीवन पर पड़ सकता है असर लगातार बारिश का असर खेती-किसानी के साथ-साथ शहरी क्षेत्रों के जनजीवन पर भी पड़ सकता है। कई स्थानों पर जलजमाव और सड़क यातायात प्रभावित होने की संभावना है। प्रशासन ने आपदा प्रबंधन और राहत दलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके।
हजारीबाग। हजारीबाग का ऐतिहासिक जय प्रकाश नारायण केंद्रीय कारा जल्द ही देश के चुनिंदा हाई सिक्योरिटी जेलों में शामिल होने जा रहा है। लगभग 98 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह अत्याधुनिक जेल 2023 से निर्माणाधीन है और अब तक इसका 80 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा हो चुका है। जेल परिसर से सटी 25 एकड़ भूमि पर विकसित हो रही इस हाई सिक्योरिटी जेल को जल्द ही शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इस जेल में 250 से 280 बंदियों को रखने की क्षमता होगी यहां झारखंड के अलावा अन्य राज्यों के कुख्यात अपराधियों, गैंगस्टरों और संगठित अपराध से जुड़े हाई-रिस्क बंदियों को रखा जाएगा। इसके लिए सुरक्षा के अत्याधुनिक इंतजाम किए जा रहे हैं, ताकि जेल के भीतर और बाहर दोनों स्तरों पर सुरक्षा पूरी तरह सुनिश्चित की जा सके। निर्माण कार्य के तहत प्रशासनिक भवन, जेल अधीक्षक आवास, कार्यालय, डॉक्टर आवास, कारापाल आवास, कर्मचारियों के बैरक, क्वार्टर, पाकशाला, वॉच टावर, फेंसिंग और चहारदीवारी का काम लगभग पूरा हो चुका है। केवल जेल अस्पताल का निर्माण कार्य तेजी से जारी है और इसे भी जल्द पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। सेलुलर जेल की तर्ज पर होगी सुरक्षा व्यवस्था निर्माण एजेंसी के अनुसार, इस हाई सिक्योरिटी जेल का डिजाइन पोर्ट ब्लेयर के सेलुलर जेल की अवधारणा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। जेल को 5जी जैमर, इलेक्ट्रिक फेंसिंग, हाई-रिजॉल्यूशन सीसीटीवी कैमरे, एआई आधारित सर्विलांस सिस्टम, ड्रोन निगरानी और अन्य आधुनिक सुरक्षा उपकरणों से लैस किया जाएगा। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य बंदियों की गतिविधियों पर चौबीसों घंटे नजर रखना और किसी भी सुरक्षा चूक की संभावना को समाप्त करना है। जेपी केंद्रीय कारा, हजारीबाग के अधीक्षक चंद्रशेखर प्रसाद सुमन ने बताया कि हाई सिक्योरिटी जेल का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। अस्पताल का काम तेजी से चल रहा है और इसकी प्रगति रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजी जा चुकी है। शेष कार्य पूरा होते ही इस अत्याधुनिक हाई सिक्योरिटी जेल को शुरू कर दिया जाएगा, जिससे झारखंड में हाई-रिस्क बंदियों के सुरक्षित प्रबंधन की क्षमता और मजबूत होगी।
हजारीबाग। झारखंड के हजारीबाग जिले में अवैध शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए झारखंड और बिहार पुलिस की संयुक्त टीम ने करीब 1.5 करोड़ रुपये की अवैध शराब जब्त की है। पुलिस ने यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की और मामले की जांच शुरू कर दी है। संयुक्त अभियान में पकड़ी गई शराब की खेप पुलिस अधिकारियों के अनुसार, झारखंड और बिहार पुलिस की टीम ने मिलकर अवैध शराब के खिलाफ अभियान चलाया। इस दौरान भारी मात्रा में शराब बरामद की गई। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि शराब की खेप कहां से लाई गई थी और इसे कहां पहुंचाया जाना था। तस्करी नेटवर्क की जांच शुरू शराब बरामद होने के बाद पुलिस ने तस्करी से जुड़े लोगों की पहचान शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य आरोपियों तक पहुंचने के लिए जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। सीमा पार तस्करी पर पुलिस की नजर हजारीबाग और आसपास के क्षेत्रों में अवैध शराब की आवाजाही रोकने के लिए पुलिस लगातार अभियान चला रही है। झारखंड-बिहार सीमा से जुड़े इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है, ताकि तस्करी पर रोक लगाई जा सके। अवैध कारोबार पर सख्त कार्रवाई जारी पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि अवैध शराब कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक, आने वाले दिनों में भी ऐसे नेटवर्क के खिलाफ विशेष अभियान जारी रहेगा।
रांची। झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून धीरे-धीरे सक्रिय हो रहा है और इसके असर से राज्य के मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र, रांची के अनुसार सोमवार (22 जून) को राज्य के अधिकांश हिस्सों में आसमान में बादल छाए रहेंगे। कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट का अनुमान जताया है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। इन जिलों में जारी हुआ विशेष अलर्ट मौसम विभाग ने पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, सिमडेगा, रांची, खूंटी, रामगढ़, बोकारो, हजारीबाग, गिरिडीह, कोडरमा और धनबाद के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। इन जिलों में कहीं-कहीं वज्रपात के साथ 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं राज्य के अन्य जिलों में भी 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज हवा और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। 23 और 24 जून को भी रहेगा बारिश का असर मौसम विभाग के मुताबिक 23 और 24 जून को भी राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम का यही मिजाज बना रहेगा। उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों को छोड़कर कई जिलों में बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। इस दौरान वज्रपात और तेज हवाओं की भी संभावना बनी रहेगी। मानसूनी सिस्टम से बढ़ी बारिश की गतिविधियां विशेषज्ञों के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून, सक्रिय द्रोणिका (ट्रफ) और वातावरण में बढ़ी नमी के कारण राज्य में बारिश की गतिविधियां तेज हुई हैं। इन मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से बादलों का निर्माण हो रहा है और आने वाले दिनों में भी मौसम सुहावना बने रहने की संभावना है। रविवार को डाल्टनगंज राज्य का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि रांची, जमशेदपुर और बोकारो में अपेक्षाकृत कम तापमान रिकॉर्ड किया गया।
हजारीबाग। हजारीबाग से विभिन्न शहरों के लिए बस से सफर करने वाले यात्रियों को अब पहले से अधिक किराया चुकाना होगा। हजारीबाग जिला बस ऑनर एसोसिएशन ने बस किराए में 15 से 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी कर दी है। नई दरें शुक्रवार से तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं। किराया बढ़ने से रोजाना बस से यात्रा करने वाले यात्रियों के मासिक खर्च में भी इजाफा होगा। बस संचालकों का कहना है कि डीजल, स्पेयर पार्ट्स, मेंटेनेंस और अन्य परिचालन खर्च लगातार बढ़ रहे हैं। इसी वजह से किराए में संशोधन करना आवश्यक हो गया था। नई दरें हजारीबाग से संचालित लगभग सभी प्रमुख रूटों पर लागू कर दी गई हैं। नई दरें कुछ इस प्रकार हैं मार्ग (हजारीबाग से) किराया (₹) रामगढ़ 120 रांची 230 टाटा (जमशेदपुर) 480 बोकारो (भाया रामगढ़) 280 बरही 85 चौपारण 120 इटखोरी (भाया बरही) 150 इटखोरी (भाया करमा) 120 कान्हाचट्टी 180 दारू 40 टाटीझरिया 60 विष्णुगढ़ 85 नवादा/बनासो 100 गोमिया 155 तेनुघाट 180 फुसरो 215 पेटरवार 215 चंद्रपुरा 240 दुघदा 250 बोकारो 285 शीला 60 सिमरिया 120 बगरा 140 चतरा 170 बारियातु 180 बालूमाथ 215 चंदवा 240 लातेहार 300 डाल्टेनगंज 420 कटकमसांडी 60 गिद्धौर 120 टंडवा 120 बड़कागांव 60 विश्रामपुर 85 बादम 95 नापो 100 टंडवा (भाया बड़कागांव) 120 बचरा/खेलारी 180 बगोदर 120 डुमरी/इसरी 180 गिरिडीह 280 तोपचांची 240 राजगंज 240 धनबाद 280 कतरास 280 झरिया 280 आसनसोल 360 दुर्गापुर 400 वर्द्धमान 480 कलकत्ता सीट (नॉन एसी) 600 कलकत्ता स्लीपर (नॉन एसी) 700 कलकत्ता सीट (एसी) 960 कलकत्ता स्लीपर (एसी) 1200 कलकत्ता (वोल्वो) 1400 देवघर 420 सरिया 150 बरमसिया 180 राजधनवार 240 खोरिमहुआ 240 मंडरो 300 तीसरी 300 जमुआ 300 बरकट्ठा 240 चतरो 310 गांवा 360 चकाई 360 भागलपुर 600 जमुई/खैरा 480 सोना, डुमरी, गिद्धौर 420 द्रुतगामी वातानुकूलित डिलक्स बस सेवा (एसी बस) मार्ग किराया (₹) हजारीबाग – रांची 250 हजारीबाग – धनबाद 300 हजारीबाग – गिरिडीह 300 हजारीबाग – देवघर 450 हजारीबाग – कोडरमा 200 देवघर – रांची 600 गिरिडीह – रांची 480 कोडरमा – रांची 350
हजारीबाग। झारखंड के हजारीबाग जिले में गुरुवार को हुई वज्रपात की अलग-अलग घटनाओं ने तीन परिवारों की खुशियां छीन लीं। बड़कागांव और इचाक प्रखंड में आकाशीय बिजली गिरने से एक आंगनबाड़ी सेविका और दो किसानों की मौत हो गई। हादसों के बाद प्रभावित गांवों में शोक का माहौल है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने मृतकों के परिजनों को आपदा राहत के तहत मुआवजा देने की मांग की है। महुआ के पेड़ के पास गिरी बिजली, सेविका की मौत बड़कागांव प्रखंड की आंगो पंचायत के फटरियापानी गांव निवासी शांति देवी, जो झिकझोर आंगनबाड़ी केंद्र में सेविका थीं, गुरुवार शाम घर के पास महुआ के पेड़ पर डोरही तोड़ने गई थीं। इसी दौरान अचानक तेज गर्जना के साथ वज्रपात हुआ, जिसकी चपेट में आने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। खेत में काम कर रहे किसान की गई जान बड़कागांव के पलांडू गांव निवासी किशुन महतो गुरुवार दोपहर खेत में काम कर रहे थे। इसी दौरान तेज बारिश और गर्जना के बीच बिजली गिरने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलने पर 108 एंबुलेंस की मदद से शव को पोस्टमार्टम के लिए शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया। मृतक अपने पीछे पत्नी, दो पुत्र और तीन पुत्रियों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। इचाक में भी वज्रपात का शिकार बना किसान इचाक प्रखंड के बरवा गांव निवासी सुरेश प्रसाद मेहता उर्फ चौधरी मेहता (55) की भी खेत में काम करने के दौरान वज्रपात की चपेट में आने से मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हादसे के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रशासन से राहत की मांग लगातार हुई इन दुखद घटनाओं के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन से मृतकों के परिजनों को आपदा राहत योजना के तहत शीघ्र मुआवजा देने की मांग की है। साथ ही लोगों से बारिश और वज्रपात के दौरान खुले स्थानों तथा खेतों में काम करने से बचने और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की गई है।
हजारीबाग। हजारीबाग जिले की दनुआ घाटी में बुधवार को पांच गाड़ियां आपस में टकरा गईं। टक्कर इतनी जोरदार थी कि पाइप से लदा एक ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया। हादसे के बाद कुछ देर के लिए इलाके में अफरा-तफरी मच गई और सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घाटी में वाहन सामान्य से अधिक रफ्तार से चल रहे थे। इसी दौरान अचानक एक वाहन के ब्रेक लगाने से पीछे आ रही गाड़ियों का संतुलन बिगड़ गया और एक के बाद एक कई वाहन आपस में भिड़ गए। टक्कर के दौरान पाइप से भरा ट्रक भी नियंत्रण खो बैठा और सड़क किनारे पलट गया। सड़क पर बिखर गए भारी पाइप ट्रक के पलटते ही उसमें लदे भारी-भरकम पाइप सड़क पर बिखर गए। इससे सड़क यातायात बाधित हो गया और दोनों तरफ वाहनों की लंबी लाइन लग गई। मची अफरातफरी हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों में कुछ देर तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। कई वाहन चालक अपने वाहन छोड़कर घटना स्थल की ओर दौड़ पड़े और हालात का जायजा लेने लगे। घाटी से गुजर रहे यात्रियों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। सड़क जाम होने के कारण कई वाहन लंबे समय तक फंसे रहे। कुछ लोगों ने वैकल्पिक रास्ते तलाशने की कोशिश की, लेकिन घाटी क्षेत्र होने के कारण उन्हें भी परेशानी उठानी पड़ी। सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस घटना की जानकारी मिलते ही चौपारण थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। सबसे पहले दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटाने और सड़क पर बिखरे पाइपों को किनारे कराने का काम शुरू किया गया। स्थानीय लोगों की मदद से पुलिसकर्मियों ने यातायात को नियंत्रित किया और जाम हटाने की कोशिश की। अधिकारियों ने वाहनों को धीरे-धीरे एक लेन से गुजरने की व्यवस्था की ताकि यातायात पूरी तरह ठप न हो। कुछ लोगों को आई मामूली चोटे हादसे में कुछ लोगों को हल्की चोटें लगने की सूचना मिली है। हालांकि किसी के गंभीर रूप से घायल होने की पुष्टि नहीं हुई है। घायलों को प्राथमिक उपचार दिया गया और उनकी स्थिति सामान्य बताई जा रही है। मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि यदि टक्कर की रफ्तार और अधिक होती तो हादसा और भी भयावह हो सकता था। गनीमत रही कि किसी की जान नहीं गई। प्रशासन की तत्परता से खुला रास्ता दुर्घटना के बाद प्रशासन ने तेजी दिखाते हुए सड़क से क्षतिग्रस्त वाहनों और बिखरे पाइपों को हटाने का काम शुरू कराया। कई घंटों की मशक्कत के बाद धीरे-धीरे यातायात सामान्य होने लगा। अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।
14 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी रांची। झारखंड में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। रांची समेत राज्य के कई जिलों में सुबह से बादल छाए हुए हैं। दोपहर बाद गरज-चमक के साथ बारिश, तेज हवा और वज्रपात की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। साथ ही मौसम विभाग ने 11 जून को राज्य के 14 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है जिससे लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, बोकारो, रामगढ़ और लोहरदगा सहित कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं कुछ इलाकों में अधिकतम तापमान 36 से 43 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। 14 जिलों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग ने 11 जून के लिए रांची, खूंटी, रामगढ़, धनबाद, हजारीबाग, कोडरमा, गिरिडीह, देवघर, दुमका, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़, साहिबगंज और बोकारो में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा, आंधी और वज्रपात के साथ बारिश होने की संभावना है। 12 जून को भी कई जिलों में बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। यह स्थिति 15 जून तक बने रहने की संभावना जताई गई है। संथाल परगना से मानसुन प्रवेश की उम्मीद मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है और 15 से 17 जून के बीच इसके संथाल परगना के रास्ते झारखंड में प्रवेश करने की संभावना है। वर्तमान में मानसून बंगाल और सिक्किम के कुछ हिस्सों तक पहुंच चुका है। अगले कुछ दिनों में महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश और तमिलनाडु के साथ झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ तक इसके पहुंचने की उम्मीद है।
हजारीबाग। जिले के बरही थाना क्षेत्र में मंगलवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। केदारनाथ यात्रा पर जाने के लिए घर से निकले एक युवक की अज्ञात अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। घटना करसो पुल के पास हुई, जहां युवक अपनी कार का पंचर टायर बदल रहा था। दिनदहाड़े हुई इस वारदात से पूरे इलाके में दहशत फैल गई है। मृतक की पहचान हजारीबाग शहर के ओकनी निवासी विक्की सोनी के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, विक्की अपने मित्र अभिषेक कुमार उपाध्याय के साथ केदारनाथ तीर्थ यात्रा के लिए कोडरमा रेलवे स्टेशन जा रहे थे। दोनों को वहां से ट्रेन पकड़कर आगे की यात्रा पर निकलना था। टायर पंचर होने के बाद हुई वारदात रास्ते में बरही थाना क्षेत्र के करसो पुल के पास उनकी कार का एक टायर अचानक पंचर हो गया। दोनों मित्र सड़क किनारे वाहन रोककर टायर बदलने लगे। इसी दौरान मोटरसाइकिल पर सवार दो अज्ञात अपराधी वहां पहुंचे और बिना किसी बातचीत या विवाद के सीधे विक्की सोनी को निशाना बनाते हुए उनकी गर्दन में गोली मार दी। गोली लगते ही विक्की गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। घटना को अंजाम देने के बाद अपराधी मौके से फरार हो गए। गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग घटनास्थल पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। अस्पताल पहुंचने से पहले हुई मौत स्थानीय लोगों की मदद से घायल विक्की को अस्पताल ले जाने का प्रयास किया गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। घटना की खबर मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंचे, जहां उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया। सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस घटना की सूचना मिलते ही बरही थाना प्रभारी विनोद कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच शुरू कर दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए अनुमंडलीय अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस हत्या के कारणों की जांच करते हुए अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी अभियान चला रही है।
बड़कागांव। हजारीबाग जिले के बड़कागांव थाना क्षेत्र स्थित चंद्रगुप्त कोल परियोजना में काम कर रही सुश्री इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी एक बार फिर अपराधियों के निशाने पर आ गई है। सोमवार देर रात परियोजना क्षेत्र में कंपनी के वाहनों पर फायरिंग की घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक कथित प्रेस बयान में कुख्यात राहुल दुबे गैंग ने हमले की जिम्मेदारी ली है और कंपनी प्रबंधन को खुली चेतावनी दी है। जानकारी के अनुसार, सोमवार रात करीब 10 बजे अज्ञात अपराधियों ने परियोजना क्षेत्र में खड़े कंपनी के वाहनों पर गोलीबारी की। फायरिंग के बाद अपराधी मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। हालांकि फायरिंग में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। सोशल मीडिया पर जारी बयान से बढ़ी चिंता घटना के कुछ समय बाद सोशल मीडिया पर एक प्रेस बयान वायरल हुआ, जिसमें राहुल दुबे गैंग ने हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया। बयान में कहा गया कि यह कार्रवाई कंपनी प्रबंधन को चेतावनी देने के उद्देश्य से की गई है। गैंग की ओर से दावा किया गया कि फायरिंग सिर्फ कंपनी अधिकारियों तक संदेश पहुंचाने के लिए की गई। कर्मचारियों को बनाया निशाना बनाने की धमकी वायरल बयान में गैंग ने आगे और गंभीर चेतावनी दी है। कहा गया है कि यदि कंपनी प्रबंधन उनकी शर्तों को नहीं मानता है तो अगली बार कंपनी के वाहनों के बजाय साइट पर कार्यरत कर्मचारियों और हाईवा चालकों को निशाना बनाया जाएगा। बयान में यह भी कहा गया कि गैंग गरीब मजदूरों और ड्राइवरों को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहता, लेकिन कंपनी प्रबंधन के रवैये में बदलाव नहीं होने पर कठोर कदम उठाए जा सकते हैं। पुलिस कर रही जांच फिलहाल पुलिस फायरिंग की घटना और वायरल बयान दोनों की सत्यता की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद परियोजना क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है, जबकि स्थानीय लोगों और कर्मचारियों में भय का माहौल बना हुआ है।
हजारीबाग। रामनवमी जुलूस के दौरान शुक्रवार देर रात हजारीबाग जिले में दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हिंसा की गंभीर घटनाएं सामने आईं। एक मामले में एक व्यक्ति की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई, जबकि दूसरी घटना में एक समाजसेवी चाकूबाजी में घायल हो गए। दोनों घटनाओं के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश में छापेमारी की जा रही है। पेलावल ओपी क्षेत्र में मुखिया के भाई की हत्या पहली और सबसे गंभीर घटना पेलावल ओपी थाना क्षेत्र के गदोखर गांव में हुई। यहां रामनवमी जुलूस के दौरान गांव के मुखिया के 40 वर्षीय भाई राम कुमार साव उर्फ रामा साव की भुजाली से हमला कर हत्या कर दी गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जुलूस के दौरान दो युवक एक वाहन के बोनट पर चढ़कर नाच रहे थे। रामा साव ने उन्हें नीचे उतरने को कहा, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। विवाद कुछ ही देर में हिंसक रूप ले बैठा और आरोप है कि दोनों युवकों ने रामा साव पर अचानक भुजाली से हमला कर दिया। गंभीर चोटों के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच पहले से भी रंजिश थी, जिससे मामला और भड़क गया। कोर्रा थाना क्षेत्र में चाकूबाजी, समाजसेवी घायल दूसरी घटना कोर्रा थाना क्षेत्र के दीपूगढा गोलंबर के पास हुई। यहां कोऑपरेटिव कॉलोनी निवासी और ब्रह्मर्षि समाज के संस्थापक अध्यक्ष मुकेश कुमार सिंह पर चाकू से हमला किया गया। स्थानीय लोगों ने उन्हें तुरंत आरोग्यम अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत अब स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं। पुलिस ने जांच तेज की दोनों मामलों में पुलिस ने संबंधित थाना क्षेत्रों में जांच तेज कर दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जबकि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।