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Suzuki E-Access Price, Range and Features

Suzuki E-Access: 93KM रेंज, TFT डिस्प्ले और कीलेस फीचर्स के साथ कैसा है यह इलेक्ट्रिक स्कूटर? खरीदने से पहले जानें पूरी जानकारी

surbhi अगस्त 2, 2026 0
Suzuki E-Access electric scooter with 93km range, TFT display, keyless features and modern technology
Suzuki E-Access Electric Scooter

नई दिल्ली: भारत में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की मांग लगातार बढ़ रही है और इसी को देखते हुए Suzuki Motorcycle India ने अपना पहला इलेक्ट्रिक स्कूटर Suzuki E-Access पेश किया है। यह स्कूटर आधुनिक फीचर्स, 93 किलोमीटर तक की दावा की गई रेंज और स्मार्ट टेक्नोलॉजी के साथ आता है। यदि आप नया इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो Suzuki E-Access आपके लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है।

बैटरी और रेंज

Suzuki E-Access में 3kWh LFP (Lithium Iron Phosphate) बैटरी दी गई है। इसमें हब-माउंटेड परमानेंट मैग्नेट सिंक्रोनस मोटर मिलती है, जो 4.1kW की अधिकतम पावर और 15Nm का टॉर्क जनरेट करती है।

कंपनी का दावा है कि यह स्कूटर एक बार फुल चार्ज होने पर 93 किलोमीटर तक की रेंज दे सकता है, जो रोजाना शहर में आने-जाने के लिए पर्याप्त मानी जाती है।

राइडिंग मोड और परफॉर्मेंस

Suzuki E-Access में तीन राइडिंग मोड दिए गए हैं:

  • Ride A
  • Ride B
  • Eco Mode

Ride A और Ride B की परफॉर्मेंस लगभग समान है, लेकिन दोनों में रीजेनरेटिव ब्रेकिंग का स्तर अलग-अलग मिलता है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, जब बैटरी 97% से अधिक चार्ज होती है, तब स्कूटर 20 से 40 किमी/घंटा की रफ्तार काफी तेजी से पकड़ लेता है। इसकी टॉप स्पीड तक पहुंचने की रफ्तार संतुलित है, जिससे शहर की ट्रैफिक में ओवरटेक करना आसान हो जाता है।

ब्रेकिंग सिस्टम

स्कूटर में आगे की तरफ डिस्क ब्रेक और पीछे ड्रम ब्रेक दिया गया है।

इसके अलावा इसमें रीजेनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम मिलता है, जो धीमी गति वाले ट्रैफिक में बार-बार ब्रेक लगाने की जरूरत कम करता है और बैटरी की ऊर्जा रिकवर करने में भी मदद करता है।

हालांकि, तेज गति पर पीछे का ब्रेक अचानक जोर से लगाने पर रियर व्हील लॉक होने की संभावना हो सकती है, इसलिए संतुलित ब्रेकिंग की सलाह दी जाती है।

फीचर्स

Suzuki E-Access कई आधुनिक फीचर्स के साथ आता है, जिनमें शामिल हैं:

  • 4.2-इंच TFT कलर डिजिटल डिस्प्ले
  • Bluetooth कनेक्टिविटी
  • Keyless Remote System
  • Keyless Ignition
  • Remote Boot Unlock
  • Charging Port Access
  • Tip-Over Sensor
  • Combined Braking System (CBS)
  • फुल LED लाइटिंग

इन फीचर्स की मदद से स्कूटर का उपयोग अधिक सुविधाजनक और सुरक्षित बनता है।

कीमत

Suzuki E-Access को कंपनी ने पूरी तरह नए प्लेटफॉर्म पर विकसित किया है। इसका पेट्रोल Suzuki Access से कोई मैकेनिकल संबंध नहीं है।

यह फिलहाल एक ही वेरिएंट में उपलब्ध है, जिसकी शुरुआती एक्स-शोरूम (दिल्ली) कीमत ₹1.88 लाख रखी गई है।

क्या आपको Suzuki E-Access खरीदना चाहिए?

अगर आपकी प्राथमिकता शहर में रोजाना सफर, अच्छी रेंज, स्मार्ट फीचर्स और विश्वसनीय ब्रांड है, तो Suzuki E-Access एक मजबूत विकल्प साबित हो सकता है। हालांकि, खरीदने से पहले अपने शहर में इसकी सर्विस नेटवर्क, चार्जिंग सुविधा और उपलब्ध सरकारी सब्सिडी की जानकारी जरूर लें।

 

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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मिडिलवेट प्रीमियम मोटरसाइकिल सेगमेंट में अपनी पकड़ मजबूत करने की तैयारी कर रही Honda ने भारत में नई CB500 की प्री-बुकिंग शुरू कर दी है। कंपनी ने फिलहाल इसकी कीमत और आधिकारिक लॉन्च डेट का खुलासा नहीं किया है, लेकिन ग्राहक देशभर में मौजूद Honda BigWing डीलरशिप के जरिए बाइक को बुक कर सकते हैं। माना जा रहा है कि कीमत की घोषणा के बाद इसकी डिलीवरी भी जल्द शुरू हो सकती है। लॉन्च से पहले बुकिंग शुरू Honda ने इसी महीने अपनी प्रीमियम मोटरसाइकिल रेंज के तहत CB500 को पेश किया था। अब कंपनी ने आधिकारिक लॉन्च से पहले इसकी बुकिंग शुरू कर दी है। इच्छुक ग्राहक नजदीकी BigWing डीलरशिप पर जाकर बाइक को रिजर्व कर सकते हैं। हालांकि, कंपनी ने अभी बुकिंग अमाउंट को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है। ऐसे में अलग-अलग डीलरशिप पर बुकिंग से जुड़ी रकम अलग हो सकती है। बाइक की कीमत और लॉन्च डेट को लेकर कंपनी की अगली घोषणा का इंतजार है। 471cc पैरेलल-ट्विन इंजन Honda CB500 में 471cc का लिक्विड-कूल्ड पैरेलल-ट्विन इंजन दिया गया है। यह इंजन 47hp की अधिकतम पावर और 43Nm का पीक टॉर्क जनरेट करता है। इंजन को 6-स्पीड गियरबॉक्स के साथ जोड़ा गया है और इसमें असिस्ट एवं स्लिपर क्लच भी मिलता है। इस बाइक का फोकस केवल पावर पर नहीं, बल्कि रिफाइंड और स्मूद राइडिंग अनुभव पर भी है। Honda के 500cc प्लेटफॉर्म को दुनियाभर में रोजमर्रा की राइडिंग और लंबी दूरी के इस्तेमाल के बीच संतुलन के लिए जाना जाता है। फीचर्स में भी प्रीमियम पैकेज Honda CB500 में कई आधुनिक फीचर्स मिलते हैं। बाइक में Showa SFF-BP USD फ्रंट फोर्क्स, डुअल फ्रंट डिस्क ब्रेक और डुअल-चैनल ABS दिया गया है। इसके अलावा Honda Selectable Torque Control यानी HSTC भी मिलता है, जो अलग-अलग राइडिंग परिस्थितियों में बेहतर ट्रैक्शन कंट्रोल देने में मदद करता है। बाइक में 5-इंच TFT इंस्ट्रूमेंट डिस्प्ले और Honda RoadSync स्मार्टफोन कनेक्टिविटी भी दी गई है। इस तरह Honda ने CB500 में परफॉर्मेंस के साथ सेफ्टी और कनेक्टेड राइडिंग पर भी ध्यान दिया है। किन बाइक्स को देगी टक्कर? भारत में लॉन्च होने के बाद Honda CB500 का मुकाबला मिडिलवेट प्रीमियम मोटरसाइकिल सेगमेंट की Royal Enfield Interceptor 650, Kawasaki Z650 और Triumph Speed Twin 900 जैसी बाइक्स से हो सकता है। हालांकि, Honda CB500 को केवल ज्यादा पावर के आधार पर मुकाबले में उतारने की कोशिश नहीं कर रही है। कंपनी का फोकस रिफाइनमेंट, आसान हैंडलिंग, आधुनिक फीचर्स और रोजमर्रा की राइडिंग के लिए संतुलित पैकेज देने पर नजर आता है। कीमत और लॉन्च डेट का इंतजार फिलहाल Honda ने CB500 की एक्स-शोरूम कीमत और आधिकारिक लॉन्च डेट की घोषणा नहीं की है। इसलिए बाइक की कीमत को लेकर किसी अनुमान को आधिकारिक आंकड़ा नहीं माना जाना चाहिए। अगर Honda इसकी कीमत को प्रतिस्पर्धी रखती है, तो 471cc इंजन, प्रीमियम हार्डवेयर और आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ CB500 भारतीय मिडिलवेट बाइक बाजार में एक मजबूत विकल्प बन सकती है।  

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Used car resale value depends on condition, service history, mileage, demand, accident record and features
पुरानी कार बेचने जा रहे हैं? सही कीमत तय करने में ये 7 बातें निभाती हैं सबसे बड़ा रोल

नई दिल्ली: पुरानी कार बेचते समय सबसे बड़ी चुनौती होती है उसकी सही कीमत तय करना। अक्सर लोग कार की उम्र या खरीद मूल्य के आधार पर उसकी कीमत का अंदाजा लगा लेते हैं, लेकिन वास्तविक बाजार मूल्य कई दूसरे महत्वपूर्ण कारकों पर निर्भर करता है। कार की मौजूदा कंडीशन, सर्विस हिस्ट्री, माइलेज, मॉडल की डिमांड, एक्सीडेंट रिकॉर्ड और फीचर्स जैसे पहलू मिलकर तय करते हैं कि आपकी कार बाजार में कितनी कीमत हासिल कर सकती है। अगर आप अपनी पुरानी कार बेचने या नई कार के लिए उसे एक्सचेंज करने की तैयारी कर रहे हैं, तो इन 7 फैक्टर्स को समझना आपके लिए बेहद जरूरी है। 1. कार की ओवरऑल कंडीशन कार की बाहरी और अंदरूनी स्थिति उसकी कीमत पर सीधा असर डालती है। बॉडी पर बड़े डेंट, पेंट खराब होना, इंटीरियर में ज्यादा घिसावट या किसी पार्ट का खराब होना कार की रीसेल वैल्यू कम कर सकता है। वहीं, साफ-सुथरी और अच्छी तरह मेंटेन की गई कार खरीदार के बीच ज्यादा भरोसा पैदा करती है। इसलिए कार बेचने से पहले छोटी-मोटी कमियों को ठीक कराना और वाहन को अच्छी तरह साफ रखना फायदेमंद हो सकता है। 2. सर्विस हिस्ट्री से बढ़ता है भरोसा कार की नियमित सर्विसिंग केवल उसके रखरखाव के लिए ही जरूरी नहीं है, बल्कि रीसेल वैल्यू के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। अगर आपके पास सर्विस रिकॉर्ड मौजूद है और कार की सर्विस अधिकृत सर्विस सेंटर या भरोसेमंद वर्कशॉप से हुई है, तो खरीदार को वाहन की मेंटेनेंस हिस्ट्री समझने में आसानी होती है। इससे कार की विश्वसनीयता बढ़ सकती है। 3. माइलेज भी तय करता है कीमत माइलेज कार की कीमत तय करने वाले प्रमुख कारकों में शामिल है। सामान्य तौर पर ज्यादा चली हुई कार की रीसेल वैल्यू पर दबाव पड़ सकता है। हालांकि केवल कम माइलेज होना ही पर्याप्त नहीं है। अगर कार का नियमित रखरखाव हुआ है, तो अपेक्षाकृत ज्यादा माइलेज के बावजूद उसकी अच्छी कीमत मिल सकती है। इसलिए खरीदार माइलेज के साथ कार की पूरी कंडीशन भी देखता है। 4. बाजार में मॉडल की मांग किसी कार की रीसेल वैल्यू इस बात पर भी निर्भर करती है कि बाजार में उस मॉडल की मांग कितनी है। लोकप्रिय मॉडल और ऐसे वाहन जिनकी सेकेंड-हैंड मार्केट में मांग बनी रहती है, उन्हें अपेक्षाकृत बेहतर कीमत मिल सकती है। SUV, बेहतर सेफ्टी फीचर्स और आधुनिक तकनीक वाले मॉडल खरीदारों का ध्यान आकर्षित कर सकते हैं। हालांकि अंतिम कीमत वाहन की वास्तविक स्थिति और उस समय की बाजार मांग पर निर्भर करती है। 5. एक्सीडेंट और रिपेयर हिस्ट्री कार पहले किसी बड़े हादसे का शिकार हुई है या नहीं, यह भी वैल्यूएशन में अहम भूमिका निभाता है। अगर वाहन में गंभीर दुर्घटना के बाद स्ट्रक्चरल रिपेयर हुआ है, तो उसकी बाजार कीमत प्रभावित हो सकती है। वहीं, कार की रिपेयर हिस्ट्री पारदर्शी हो और वाहन को सावधानी से इस्तेमाल किया गया हो, तो खरीदार का भरोसा बढ़ सकता है। 6. फीचर्स और टेक्नोलॉजी आज के खरीदार कार खरीदते समय केवल इंजन और माइलेज पर ध्यान नहीं देते। सेफ्टी और कंफर्ट फीचर्स भी काफी मायने रखते हैं। वेंटिलेटेड सीट्स, पैनोरमिक सनरूफ, डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, बेहतर इंफोटेनमेंट सिस्टम, एयरबैग और आधुनिक ड्राइविंग-सुरक्षा तकनीक जैसी सुविधाएं कार की अपील बढ़ा सकती हैं। हालांकि इन फीचर्स की वास्तविक स्थिति भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। 7. सही समय पर कराएं कार का वैल्यूएशन कार बेचने से ठीक पहले ही उसकी कीमत जानना जरूरी नहीं है। अगर आप समय-समय पर अपनी कार की अनुमानित बाजार कीमत चेक करते रहते हैं, तो आपको उसके मूल्य में हो रहे बदलाव का अंदाजा मिलता रहता है। ऑनलाइन कार-वैल्यूएशन प्लेटफॉर्म के जरिए भी अनुमानित बाजार कीमत पता की जा सकती है। इससे कार बेचने, एक्सचेंज करने या नई कार खरीदने का फैसला लेते समय बेहतर तैयारी की जा सकती है। सिर्फ उम्र देखकर तय न करें कार की कीमत पुरानी कार की कीमत केवल उसकी उम्र से तय नहीं होती। उसकी कंडीशन, सर्विस रिकॉर्ड, माइलेज, बाजार में मांग, एक्सीडेंट हिस्ट्री और फीचर्स जैसे कई पहलू मिलकर वास्तविक वैल्यू तय करते हैं। इसलिए कार बेचने से पहले जल्दबाजी में कीमत तय करने के बजाय इन सभी फैक्टर्स को ध्यान में रखें। सही जानकारी और बाजार के मौजूदा ट्रेंड को समझकर आप अपनी कार के लिए बेहतर डील हासिल करने की संभावना बढ़ा सकते हैं।  

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