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Tata Punch Leads SUV Sales in April 2026

अप्रैल 2026 में कॉम्पैक्ट SUV सेगमेंट पर टाटा का कब्जा, Punch बनी नंबर-1 पसंद

surbhi मई 11, 2026 0
Tata Punch, Maruti Fronx and Tata Nexon compact SUVs during April 2026 sales comparison
Tata-Punch-Top-Compact-SUV-April-2026

Tata Punch ने मारी बाजी, Fronx और Nexon में कांटे की टक्कर

भारत में कॉम्पैक्ट SUV सेगमेंट की लोकप्रियता लगातार बढ़ती जा रही है। अप्रैल 2026 में भी ग्राहकों ने माइक्रो और सब-4 मीटर SUVs को जमकर पसंद किया। बिक्री के आंकड़ों में Tata Punch सबसे ज्यादा बिकने वाली कॉम्पैक्ट SUV बनकर उभरी। वहीं Maruti Suzuki Fronx और Tata Nexon ने भी बेहद करीबी मुकाबला दिया।

दिलचस्प बात यह रही कि टॉप-3 SUVs की बिक्री में 1000 यूनिट से भी कम का अंतर देखने को मिला, जिससे अप्रैल का महीना इस सेगमेंट के लिए बेहद प्रतिस्पर्धी रहा।

अप्रैल 2026 की टॉप 10 सबसे ज्यादा बिकने वाली कॉम्पैक्ट SUVs

रैंक

मॉडल

अप्रैल 2026 बिक्री

सालाना बढ़ोतरी

1

Tata Punch

19,107

52.9%

2

Maruti Fronx

18,829

31.3%

3

Tata Nexon

18,126

17.3%

4

Maruti Brezza

14,124

-16.8%

5

Hyundai Venue

12,420

56.2%

6

Kia Sonet

10,537

30.6%

7

Hyundai Exter

8,096

49.5%

8

Mahindra XUV 3XO

7,517

-0.7%

9

Skoda Kylaq

4,089

-23.8%

10

Toyota Taisor

2,550

5.3%

 

Tata Punch बनी सबसे ज्यादा बिकने वाली SUV

Tata Punch ने अप्रैल 2026 में 19,107 यूनिट की बिक्री के साथ पहला स्थान हासिल किया। इस SUV की सालाना बिक्री में 52.9 प्रतिशत की बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसकी ऊंची ग्राउंड क्लीयरेंस, SUV जैसा डिजाइन और शहरों में आसान ड्राइविंग इसे ग्राहकों की पहली पसंद बना रहे हैं।

Fronx और Nexon में जोरदार मुकाबला

Maruti Suzuki Fronx ने 18,829 यूनिट बेचकर दूसरा स्थान हासिल किया। यह Punch से सिर्फ 278 यूनिट पीछे रही। इसके स्पोर्टी डिजाइन और बेहतर माइलेज ने ग्राहकों को आकर्षित किया।

वहीं Tata Nexon ने 18,126 यूनिट बिक्री के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। Nexon की बिक्री में भी 17.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखने को मिली।

Brezza की बिक्री घटी, Venue ने दिखाई ताकत

Maruti Suzuki Brezza की बिक्री में गिरावट दर्ज की गई। अप्रैल में इसकी 14,124 यूनिट बिकीं, जो पिछले साल के मुकाबले 16.8 प्रतिशत कम रहीं। माना जा रहा है कि ग्राहक इसके फेसलिफ्ट मॉडल का इंतजार कर रहे हैं।

दूसरी ओर Hyundai Venue ने शानदार प्रदर्शन किया। इसकी बिक्री 56.2 प्रतिशत बढ़कर 12,420 यूनिट पहुंच गई। नए अपडेटेड मॉडल और Bharat NCAP की 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग का इसे फायदा मिला।

Sonet, Exter और XUV 3XO भी दौड़ में शामिल

Kia Sonet ने 10,537 यूनिट की बिक्री के साथ मजबूत पकड़ बनाए रखी। वहीं Hyundai Exter की बिक्री में 49.5 प्रतिशत की बड़ी छलांग दर्ज की गई।

Mahindra XUV 3XO की बिक्री लगभग स्थिर रही और इसमें मामूली गिरावट देखी गई।

Skoda Kylaq और Toyota Taisor का प्रदर्शन

Skoda Kylaq की बिक्री में 23.8 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके बावजूद यूरोपियन डिजाइन और ड्राइविंग एक्सपीरियंस के कारण इसकी अलग पहचान बनी हुई है।

वहीं Toyota Taisor ने 2,550 यूनिट बिक्री के साथ टॉप-10 सूची में जगह बनाई।

 

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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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हुंडई की सॉफ्टवेयर और कनेक्टेड कारों की रणनीति
हुंडई का ‘सॉफ्टवेयर व्हीकल’ लक्ष्य, 2027 तक 10 लाख कनेक्टेड कारें बेचने की तैयारी

नई दिल्ली, एजेंसियां। हुंडई मोटर इंडिया ने भारत में सॉफ्टवेयर और कनेक्टिविटी आधारित वाहनों को बढ़ावा देने की अपनी रणनीति को तेज कर दिया है। कंपनी ने 2027 तक भारत में 10 लाख कनेक्टेड कारों की संचयी बिक्री का लक्ष्य रखा है। कंपनी के मुताबिक अब तक भारत में 8 लाख से ज्यादा कनेक्टेड कारें बेची जा चुकी हैं।   8 लाख से ज्यादा कनेक्टेड कारें बिकीं     हुंडई के अनुसार भारत में उसकी कनेक्टेड कारों की संचयी बिक्री 8 लाख का आंकड़ा पार कर चुकी है। कंपनी के वाहनों में कनेक्टेड तकनीक की पहुंच भी लगातार बढ़ रही है। 2026 में कनेक्टेड कारों की हिस्सेदारी करीब 20 प्रतिशत तक पहुंच गई है।   कंपनी का लक्ष्य अब इस संख्या को 2027 तक 10 लाख तक पहुंचाना है। इसके लिए हुंडई अपने कनेक्टेड वाहन प्लेटफॉर्म और डिजिटल सेवाओं का विस्तार करने पर जोर दे रही है।   सॉफ्टवेयर-आधारित कारों पर बढ़ा फोकस     हुंडई की रणनीति में Software Defined Vehicle (SDV) तकनीक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। ऐसी कारों में वाहन के कई फीचर्स को सॉफ्टवेयर के जरिए नियंत्रित और समय के साथ अपडेट किया जा सकता है।   कंपनी की नई पीढ़ी की तकनीक में ओवर-द-एयर (OTA) अपडेट, कनेक्टेड सेवाएं, एआई आधारित फीचर्स और डिजिटल सुविधाएं शामिल हैं। हुंडई पहले ही अपने कुछ मॉडलों में सॉफ्टवेयर अपडेट और कनेक्टेड तकनीक उपलब्ध करा रही है।   Bluelink बनेगा रणनीति का अहम हिस्सा     हुंडई की Bluelink कनेक्टेड कार तकनीक इस रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके जरिए वाहन मालिक कार की स्थिति, सुरक्षा और अन्य सुविधाओं को स्मार्टफोन से नियंत्रित और मॉनिटर कर सकते हैं।   कंपनी का मानना है कि भारतीय ग्राहक अब केवल इंजन, डिजाइन और माइलेज ही नहीं, बल्कि सुरक्षा, सुविधा और डिजिटल फीचर्स को भी कार खरीदने के फैसले में महत्व दे रहे हैं। इसी बदलती मांग को देखते हुए हुंडई कनेक्टेड कारों पर अपना फोकस बढ़ा रही है।   भारत में ऑटोमोबाइल सेक्टर का बदलता दौर     कनेक्टेड और सॉफ्टवेयर-आधारित वाहनों की बढ़ती लोकप्रियता के साथ भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार भी पारंपरिक कारों से डिजिटल कारों की ओर बढ़ रहा है। भविष्य में सॉफ्टवेयर अपडेट, एआई, कनेक्टेड सेवाएं और एडवांस्ड ड्राइविंग फीचर्स वाहनों की पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकते हैं।   हुंडई का 2027 तक 10 लाख कनेक्टेड कारों का लक्ष्य इसी बदलाव को देखते हुए कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।

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Yamaha R15 V4 और MT-15 के MotoGP एडिशन की वापसी, नई कलर स्कीम के साथ फिर हुए लॉन्च नई दिल्ली, एजेंसियां। Yamaha Motorcycle India ने अपने लोकप्रिय स्पोर्ट्स बाइक मॉडल Yamaha R15 V4 और Yamaha MT-15 को एक बार फिर Monster Energy MotoGP Edition में भारतीय बाजार में लॉन्च कर दिया है। यह स्पेशल एडिशन पहले भी ग्राहकों के बीच काफी लोकप्रिय रहा था। नई बाइक्स में Yamaha की फैक्ट्री MotoGP रेसिंग बाइक YZR-M1 से प्रेरित खास ग्राफिक्स और रेसिंग लिवरी दी गई है। हालांकि कंपनी ने इस बार केवल कॉस्मेटिक बदलाव किए हैं, जबकि इंजन और अन्य मैकेनिकल फीचर्स पहले जैसे ही रखे गए हैं।   कीमत और इंजन में नहीं हुआ बदलाव     नई Yamaha R15 V4 MotoGP Edition की एक्स-शोरूम कीमत 1.76 लाख रुपये रखी गई है, जो स्टैंडर्ड मॉडल से करीब 3,000 रुपये अधिक है। वहीं Yamaha MT-15 MotoGP Edition की कीमत 1.77 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) है, जो कुछ स्टैंडर्ड वेरिएंट्स की तुलना में लगभग 13,000 रुपये महंगी है। दोनों बाइक्स में 155cc का लिक्विड-कूल्ड, सिंगल-सिलेंडर इंजन मिलता है, जो 18.4 हॉर्सपावर की पावर और 14.2Nm का टॉर्क जनरेट करता है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि नए MotoGP एडिशन में केवल डिजाइन और ग्राफिक्स अपडेट किए गए हैं, जबकि परफॉर्मेंस और मैकेनिकल सेटअप पहले जैसा ही रहेगा। इसके अलावा Yamaha ने FZ-S Fi Hybrid और FZ-S Fi में भी नए कलर ऑप्शन और अपडेटेड ग्राफिक्स पेश किए हैं, लेकिन उनकी कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।  

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जुलाई 2026 में ऑटो सेक्टर की रिकॉर्ड रफ्तार, पैसेंजर कारों की बिक्री 4.7 लाख यूनिट के करीब

नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत के ऑटोमोबाइल बाजार में जुलाई 2026 के दौरान जबरदस्त उछाल देखने को मिला। टैक्स राहत और GST 2.0 से जुड़े फायदों के बीच पैसेंजर वाहनों की बिक्री सालाना आधार पर करीब 34% बढ़कर 4.65–4.7 lakh यूनिट तक पहुंच गई। इस तेजी के पीछे SUV और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की मजबूत मांग प्रमुख वजह रही।   देश की सबसे बड़ी कार निर्माता मारुति सुजुकी ने जुलाई में अब तक की सबसे अधिक मासिक घरेलू बिक्री दर्ज करते हुए 2.41 लाख से अधिक वाहनों की बिक्री की। वहीं हुंडई मोटर इंडिया ने 75,360 यूनिट्स की रिकॉर्ड बिक्री की, जिसमें घरेलू बिक्री 54,210 और निर्यात 21,150 यूनिट रहा।     किआ इंडिया ने भी जुलाई में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 28,200 यूनिट की होलसेल बिक्री दर्ज की। दूसरी ओर टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स की कुल बिक्री बढ़कर 63,760 यूनिट पहुंच गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में 59% अधिक रही।     वहीं निसान इंडिया ने भी शानदार वृद्धि दर्ज की। कंपनी की घरेलू होलसेल बिक्री 218% बढ़कर 4,518 यूनिट हो गई, जबकि कुल डिस्पैच 9,339 यूनिट तक पहुंच गया।     ऑटो उद्योग के जानकारों के अनुसार, SUV सेगमेंट की लगातार बढ़ती मांग, इलेक्ट्रिक वाहनों की लोकप्रियता और मजबूत निर्यात प्रदर्शन ने जुलाई 2026 को भारतीय ऑटो सेक्टर के लिए रिकॉर्ड महीना बना दिया।  

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