ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार राहु और केतु कर्म, भाग्य, भ्रम, आध्यात्मिकता और अप्रत्याशित घटनाओं के कारक माने जाते हैं। इनका प्रभाव कई बार अचानक दिखाई देता है और व्यक्ति के जीवन की दिशा बदलने वाला माना जाता है। हालांकि इनके प्रभाव का आकलन पूरी जन्म कुंडली, ग्रहों की स्थिति और योगों के साथ मिलाकर ही किया जाता है।
पुराणों में वर्णित समुद्र मंथन की कथा के अनुसार, अमृत वितरण के समय एक दैत्य देवताओं का रूप धारण कर अमृत पीने लगा। सूर्य और चंद्रमा ने उसकी पहचान भगवान विष्णु को बताई। इसके बाद भगवान विष्णु ने सुदर्शन चक्र से उसका सिर धड़ से अलग कर दिया।
चूंकि वह अमृत पी चुका था, इसलिए उसके दोनों भाग जीवित रहे। सिर वाला भाग राहु और धड़ वाला भाग केतु कहलाया। इसी कारण इन दोनों का संबंध रहस्य, कर्मफल, नियति और अप्रत्याशित घटनाओं से जोड़ा जाता है।
खगोल और ज्योतिष के अनुसार राहु और केतु का कोई भौतिक ग्रह स्वरूप नहीं है। इन्हें चंद्रमा और पृथ्वी की कक्षाओं के प्रतिच्छेदन बिंदु (लूनर नोड्स) माना जाता है। इसी वजह से इन्हें छाया ग्रह कहा जाता है।
इनकी प्रमुख विशेषताएं—
राहु और केतु की अपनी कोई राशि नहीं मानी जाती। इसलिए ये जिस राशि, भाव या ग्रह के साथ स्थित होते हैं, उसी के अनुसार फल देने की मान्यता है।
इन परिणामों को धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं के रूप में देखा जाता है।
ज्योतिष में राहु को शनि के समान प्रभाव वाला और केतु को मंगल के समान प्रभाव वाला माना जाता है।
इनका स्वभाव अनिश्चित माना जाता है, इसलिए अचानक लाभ या कठिन परिस्थितियां दोनों उत्पन्न होने की मान्यता है।
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार—
हालांकि अंतिम फल पूरी जन्म कुंडली, ग्रहों की दृष्टि, दशा और योगों पर निर्भर करता है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।
28 जुलाई 2026 का दिन अंक ज्योतिष के अनुसार नई शुरुआत, आत्मविश्वास और अधूरे कार्यों को पूरा करने का संदेश लेकर आया है। आज की तारीख में मूलांक 1 की नेतृत्व क्षमता और नई शुरुआत की ऊर्जा, वर्ष 2026 के मूलांक 9 की परिपक्वता और पुराने कार्यों को पूरा करने की शक्ति के साथ मिलकर विशेष प्रभाव बना रही है। यह दिन बताता है कि आगे बढ़ने से पहले पुराने बोझ और अधूरे कामों को समाप्त करना सफलता की पहली शर्त है। आइए जानते हैं जन्मतिथि के आधार पर 1 से 9 तक सभी मूलांकों का आज का अंक ज्योतिष। मूलांक 1 आज आत्मविश्वास चरम पर रहेगा। नए कार्य की शुरुआत के लिए समय अनुकूल है और नेतृत्व क्षमता मजबूत होगी। हालांकि हर निर्णय अकेले लेने के बजाय परिवार और सहयोगियों की सलाह भी लें। काम के साथ स्वास्थ्य और आराम का भी ध्यान रखें। लकी नंबर: 1, 9 लकी रंग: गोल्ड, रेड मूलांक 2 आज धैर्य और शांति आपकी सबसे बड़ी ताकत होगी। पुराने विवाद या अटके हुए मामले समझदारी से सुलझ सकते हैं। भावनाओं में बहने के बजाय संतुलित सोच के साथ आगे बढ़ें। लकी नंबर: 2, 9 लकी रंग: व्हाइट, रेड मूलांक 3 रचनात्मक कार्य, लेखन, शिक्षा और कला से जुड़े लोगों के लिए दिन शुभ है। नए अवसर मिल सकते हैं, लेकिन पहले पुराने अधूरे काम पूरे करें। स्वास्थ्य और दिनचर्या का विशेष ध्यान रखें। लकी नंबर: 3, 9 लकी रंग: पीला, नारंगी मूलांक 4 आज बदलाव को स्वीकार करने का समय है। कार्यशैली में सुधार करने से भविष्य में लाभ मिलेगा। जिद छोड़कर परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने की कोशिश करें। लकी नंबर: 4, 9 लकी रंग: ग्रे, रेड मूलांक 5 नई जिम्मेदारियां सामने आ सकती हैं। किसी भी बड़े फैसले में जल्दबाजी न करें। अपनी स्वतंत्रता का आनंद लें, लेकिन परिवार और दोस्तों के साथ संतुलन बनाए रखें। लकी नंबर: 5, 9 लकी रंग: हरा, नारंगी मूलांक 6 सेवा, कला और लोगों से जुड़े कार्यों में सफलता मिलेगी। दूसरों की मदद के साथ-साथ अपने मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य का भी ध्यान रखें। पुराने रिश्तों में सुधार के संकेत हैं। लकी नंबर: 6, 9 लकी रंग: पिंक, मैरून मूलांक 7 शोध, तकनीक और पढ़ाई से जुड़े लोगों को मेहनत का फल मिलेगा। शांत मन से लिए गए फैसले लाभ देंगे। जरूरत से ज्यादा सोचने के बजाय अपने अनुभवों पर भरोसा करें। लकी नंबर: 7, 9 लकी रंग: इंडिगो, रेड मूलांक 8 करियर और आर्थिक मामलों में प्रगति के संकेत हैं। नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। काम के दबाव के बीच स्वास्थ्य और परिवार के लिए भी समय निकालना जरूरी रहेगा। लकी नंबर: 8, 9 लकी रंग: नेवी ब्लू, मैरून मूलांक 9 आज ऊर्जा भरपूर रहेगी और पुराने अटके हुए काम पूरे हो सकते हैं। हालांकि गुस्से और जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला लेने से बचें। रिश्तों में पुरानी बातों को भूलकर नई शुरुआत करना बेहतर रहेगा। लकी नंबर: 9 लकी रंग: रेड
नई दिल्ली: सनातन धर्म में गुरु को ज्ञान, संस्कार और जीवन का मार्गदर्शक माना गया है। इसलिए गुरु पूर्णिमा केवल गुरु के सम्मान का पर्व नहीं, बल्कि आध्यात्मिक उन्नति, श्रद्धा और ज्ञान का भी प्रतीक है। इस वर्ष गुरु पूर्णिमा 29 जुलाई 2026, बुधवार को मनाई जाएगी। इस दिन महर्षि वेदव्यास की जयंती भी मनाई जाती है, इसलिए इसे व्यास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर पीले रंग का विशेष महत्व माना जाता है। पूजा-पाठ से लेकर वस्त्र, प्रसाद और दान तक में पीले रंग का व्यापक उपयोग किया जाता है। आइए जानते हैं कि इस दिन पीला रंग इतना शुभ क्यों माना जाता है। ज्योतिष में पीले रंग का महत्व ज्योतिष शास्त्र के अनुसार पीला रंग देवगुरु बृहस्पति का प्रतीक है। बृहस्पति को ज्ञान, धर्म, विवेक, शिक्षा, समृद्धि और शुभ भाग्य का कारक ग्रह माना जाता है। मान्यता है कि गुरु पूर्णिमा के दिन पीले वस्त्र पहनने और हल्दी, चने की दाल, पीले फूल या पीले फलों का दान एवं पूजन करने से बृहस्पति ग्रह की कृपा प्राप्त होती है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार जिन लोगों की कुंडली में बृहस्पति कमजोर होता है, उनके लिए इस दिन पीले रंग से जुड़े धार्मिक कार्य करना विशेष रूप से शुभ माना जाता है। भगवान विष्णु से जुड़ा है पीले रंग का संबंध धार्मिक ग्रंथों में भगवान विष्णु को पीताम्बरधारी कहा गया है। उनके पीले वस्त्र पवित्रता, संरक्षण, समृद्धि और दिव्यता के प्रतीक माने जाते हैं। इसलिए गुरु पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु और गुरु की पूजा में पीले पुष्प, हल्दी, बेसन के लड्डू, केले और अन्य पीले रंग के भोग अर्पित करने की परंपरा है। मान्यता है कि ऐसा करने से भगवान विष्णु और गुरु दोनों की कृपा प्राप्त होती है तथा जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का आगमन होता है। ज्ञान और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है पीला रंग आध्यात्मिक दृष्टि से पीला रंग प्रकाश, बुद्धिमत्ता, आशावाद और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। गुरु का कार्य शिष्य के जीवन से अज्ञान का अंधकार दूर कर ज्ञान का प्रकाश फैलाना होता है। इसी कारण गुरु पूर्णिमा पर पीले रंग का महत्व केवल धार्मिक परंपरा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ज्ञान, आत्मिक विकास और सकारात्मक सोच का भी प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन पीले रंग का प्रयोग व्यक्ति के मन में सकारात्मक विचार, मानसिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करता है। गुरु पूर्णिमा पर क्या करें? पीले या हल्के पीले रंग के वस्त्र धारण करें। गुरु, माता-पिता और शिक्षकों का सम्मान कर उनका आशीर्वाद लें। भगवान विष्णु और महर्षि वेदव्यास की पूजा करें। हल्दी, चने की दाल, पीले फल और पीले फूल अर्पित करें। जरूरतमंदों को पीले रंग की वस्तुओं का दान करें। गुरु पूर्णिमा का संदेश केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं है, बल्कि जीवन में गुरु के महत्व को स्वीकार करने, ज्ञान का सम्मान करने और सकारात्मक सोच अपनाने का भी है। पीला रंग इसी ज्ञान, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है।
Weekly Love Horoscope 27 July to 2 August 2026: 27 जुलाई से 2 अगस्त 2026 का सप्ताह प्रेम और रिश्तों के लिहाज से सकारात्मक संकेत लेकर आया है। इस सप्ताह चंद्रमा धनु, मकर, कुंभ और मीन राशि में गोचर करेंगे, जिससे रिश्तों में भावनात्मक समझ, अपनापन और संवाद बेहतर होगा। वहीं 1 अगस्त को शुक्र का कन्या राशि में प्रवेश प्रेम को दिखावे की बजाय व्यवहार और जिम्मेदारी के साथ निभाने का संदेश देगा। दूसरी ओर शनि मीन राशि में वक्री रहेंगे, जो धैर्य, विश्वास और पुरानी गलतफहमियों को दूर करने की प्रेरणा देंगे। यदि आप रिश्ते में हैं या किसी खास व्यक्ति से अपने दिल की बात कहना चाहते हैं, तो यह सप्ताह छोटी-छोटी कोशिशों से बड़ा बदलाव ला सकता है। मेष लव राशिफल इस सप्ताह अपने पार्टनर और परिवार के साथ खुलकर बातचीत करें। यदि व्यस्तता के कारण दूरियां बढ़ गई थीं, तो उन्हें मिटाने का यही सही समय है। साथ बैठकर समय बिताना और दिल की बातें साझा करना रिश्तों में नई गर्माहट लाएगा। सप्ताह के अंत में भावनात्मक फैसले लेने से बचें और पहले पूरी बात समझें। वृषभ लव राशिफल रिश्तों में भरोसा दोबारा मजबूत होगा। पार्टनर के साथ पुराने मतभेद सुलझाने का अच्छा अवसर मिलेगा। परिवार के साथ छोटी यात्रा या समय बिताने से रिश्ते और मजबूत होंगे। सिंगल जातकों के लिए किसी खास व्यक्ति से अपनी भावनाएं व्यक्त करने का अच्छा समय है। मिथुन लव राशिफल इस सप्ताह केवल अपनी बात कहने की बजाय दूसरों को भी ध्यान से सुनें। पार्टनर के साथ लंबित मुद्दों को सुलझाने का सही समय है। परिवार में सकारात्मक माहौल रहेगा और छोटे-छोटे प्यार भरे इशारे रिश्तों को मजबूत बनाएंगे। कर्क लव राशिफल इस सप्ताह रिश्तों को प्राथमिकता दें। परिवार और जीवनसाथी के साथ समय बिताने से भावनात्मक जुड़ाव बढ़ेगा। घर से जुड़े मामलों पर शांतिपूर्वक बातचीत करें। आपकी छोटी-सी पहल रिश्तों में बड़ा बदलाव ला सकती है। सिंह लव राशिफल सप्ताह की शुरुआत रोमांस, खुशी और यादगार पलों के साथ होगी। पार्टनर और परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा। काम और निजी जीवन के बीच संतुलन बनाए रखें। सप्ताह के अंत में पुरानी गलतियों को भूलकर नई शुरुआत करने का अवसर मिलेगा। कन्या लव राशिफल रिश्तों में विश्वास और अपनापन बढ़ेगा। पार्टनर के साथ खुलकर बातचीत करें और भावनाओं को व्यक्त करें। सिंगल लोगों के जीवन में कोई परिचित व्यक्ति नई भूमिका निभा सकता है। ईमानदारी और धैर्य रिश्तों को मजबूत बनाएंगे। तुला लव राशिफल इस सप्ताह बातचीत हर समस्या का समाधान बन सकती है। अपने मन की बात छिपाने के बजाय खुलकर साझा करें। परिवार और पार्टनर के साथ भविष्य की योजनाओं पर चर्चा करने से रिश्तों में स्थिरता आएगी। वृश्चिक लव राशिफल रिश्तों में संतुलन और समझ बढ़ेगी। यदि किसी बात को लेकर तनाव था, तो अब उसे शांति से सुलझाने का समय है। सिंगल और रिलेशनशिप दोनों ही लोगों के लिए सप्ताह भावनात्मक रूप से सुखद रहेगा। धनु लव राशिफल अपनी भावनाओं को खुलकर व्यक्त करें। काम की व्यस्तता के बावजूद अपनों के लिए समय निकालें। परिवार और पार्टनर के साथ जिम्मेदारियों पर सकारात्मक बातचीत रिश्तों को मजबूत बनाएगी। मकर लव राशिफल इस सप्ताह जिम्मेदारियों और रिश्तों के बीच संतुलन बनाना जरूरी रहेगा। पार्टनर के साथ भविष्य और आर्थिक योजनाओं पर चर्चा लाभदायक होगी। सप्ताह के अंत में भावनात्मक जुड़ाव पहले से अधिक मजबूत महसूस होगा। कुंभ लव राशिफल दोस्तों और परिवार से दोबारा जुड़ने का अच्छा समय है। यदि किसी रिश्ते में दूरी आ गई थी, तो ईमानदार बातचीत से उसे सुधारा जा सकता है। आपकी मौजूदगी और सहयोग रिश्तों को नई मजबूती देंगे। मीन लव राशिफल भावनात्मक समझ इस सप्ताह आपकी सबसे बड़ी ताकत बनेगी। पार्टनर की भावनाओं को समझने की कोशिश करें और परिवार के लिए समय निकालें। सिंगल लोगों के लिए किसी खास व्यक्ति से जुड़ने की संभावना बन सकती है।