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Sharmila Dhankhar Wins Historic CWG 2026 Gold

CWG 2026: पोलियो और घरेलू हिंसा से लड़कर बनीं चैंपियन, दो बच्चों की मां शर्मिला धनखड़ ने गोल्ड जीतकर रचा इतिहास

surbhi जुलाई 28, 2026 0
Sharmila Dhankhar celebrates after winning gold in the Women's F57 Shot Put event at Commonwealth Games 2026.
Sharmila Dhankhar Wins CWG 2026 Gold

नई दिल्ली: कभी पोलियो ने उनके कदम रोक दिए, तो कभी निजी जीवन की कठिनाइयों ने उन्हें तोड़ने की कोशिश की। लेकिन हरियाणा की पैरा एथलीट शर्मिला धनखड़ ने हार नहीं मानी। संघर्ष, साहस और कड़ी मेहनत के दम पर उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में महिला शॉट पुट F57 स्पर्धा का गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया और पूरे देश को गौरवान्वित किया।

शर्मिला की यह जीत केवल एक पदक नहीं, बल्कि उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा है जो जीवन की मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद अपने सपनों को पूरा करने का हौसला रखते हैं।

महिला शॉट पुट F57 में जीता गोल्ड

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के फाइनल में शर्मिला धनखड़ ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 9.81 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया, जो उन्हें स्वर्ण पदक दिलाने के लिए पर्याप्त साबित हुआ।

उनके छह प्रयास इस प्रकार रहे—

  • 9.48 मीटर
  • 9.58 मीटर
  • 9.81 मीटर
  • 9.17 मीटर
  • 9.37 मीटर
  • 9.60 मीटर

तीसरे प्रयास में किया गया 9.81 मीटर का थ्रो निर्णायक साबित हुआ और कोई भी प्रतिद्वंद्वी इस दूरी को पार नहीं कर सका।

  • गोल्ड: शर्मिला धनखड़ (भारत) – 9.81 मीटर
  • सिल्वर: जिनाबु इसाह (घाना) – 8.65 मीटर
  • ब्रॉन्ज: शिल्पा (भारत) – 7.26 मीटर

दो साल की उम्र में पोलियो ने बदल दी जिंदगी

15 अगस्त 1986 को हरियाणा के रेवाड़ी जिले के छिठरोली गांव में जन्मी शर्मिला महज दो साल की थीं, जब तेज बुखार के बाद उन्हें पोलियो हो गया। इसके बाद उन्हें शारीरिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने अपने सपनों को कभी नहीं छोड़ा।

घरेलू हिंसा का दर्द भी झेला

शर्मिला का संघर्ष केवल खेल तक सीमित नहीं रहा। कम उम्र में विवाह के बाद उन्हें अपने पहले वैवाहिक जीवन में घरेलू हिंसा का सामना करना पड़ा। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। परिवार के सहयोग से उन्होंने नई शुरुआत की और आज अपने पति अजीत सिंह तथा दो बच्चों के साथ खुशहाल जीवन जी रही हैं।

2022 की निराशा से 2026 की ऐतिहासिक जीत तक

साल 2020 में शर्मिला ने कोच टेक चंद के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण शुरू किया। महज एक वर्ष के भीतर उन्होंने 2021 राष्ट्रीय चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।

हालांकि, कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में वह चौथे स्थान पर रहकर पदक से चूक गई थीं। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत जारी रखी। चार साल बाद उसी मंच पर स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने अपने अधूरे सपने को पूरा कर दिखाया।

संघर्ष से सफलता तक की मिसाल

शर्मिला धनखड़ की कहानी यह साबित करती है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, दृढ़ संकल्प, मेहनत और परिवार का साथ हर चुनौती को सफलता में बदल सकता है। उनका स्वर्ण पदक न केवल भारत की उपलब्धि है, बल्कि लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का प्रतीक भी है।

 

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान कर दिया है। टीम की कमान शुभमन गिल को सौंपी गई है, जबकि केएल राहुल को उपकप्तान बनाया गया है। इस टीम की सबसे बड़ी खबर रविंद्र जडेजा की 262 दिनों बाद टेस्ट टीम में वापसी है। वहीं, तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और बल्लेबाज साई सुदर्शन का खेलना उनकी फिटनेस पर निर्भर करेगा। 262 दिन बाद टेस्ट टीम में लौटे रविंद्र जडेजा रविंद्र जडेजा ने अपना पिछला टेस्ट मैच 26 नवंबर 2025 को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेला था। इसके बाद वह लंबे समय तक भारतीय टेस्ट टीम से बाहर रहे। अब श्रीलंका दौरे के लिए उनकी वापसी हुई है। यदि वह 15 अगस्त को गाले में होने वाले पहले टेस्ट में उतरते हैं, तो यह उनकी 262 दिनों बाद टेस्ट क्रिकेट में वापसी होगी। बुमराह की फिटनेस पर रहेगा अंतिम फैसला बीसीसीआई ने टीम में जसप्रीत बुमराह और साई सुदर्शन को शामिल किया है, लेकिन दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धता फिटनेस क्लीयरेंस पर निर्भर करेगी। इंग्लैंड के खिलाफ हालिया वनडे सीरीज के दौरान बुमराह के घुटने में चोट लगी थी, जिसके कारण वह निर्णायक मुकाबले से बाहर हो गए थे। अब दोनों खिलाड़ियों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से फिटनेस प्रमाण मिलने के बाद ही अंतिम एकादश में शामिल किया जाएगा। वहीं, बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया कि ऑलराउंडर वॉशिंग्टन सुंदर चयन के लिए उपलब्ध नहीं थे। सारांश जैन को पहली बार मिला मौका इस टीम में युवा स्पिनर सारांश जैन को पहली बार भारतीय टेस्ट टीम में शामिल किया गया है। उनके चयन को भविष्य के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है। श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए टीम इंडिया शुभमन गिल (कप्तान) केएल राहुल (उपकप्तान) यशस्वी जायसवाल ऋषभ पंत (विकेटकीपर) साई सुदर्शन* ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर) रविंद्र जडेजा कुलदीप यादव मानव सुथार जसप्रीत बुमराह* मोहम्मद सिराज प्रसिद्ध कृष्णा गुरनूर बराड़ देवदत्त पडिक्कल सारांश जैन * चयन फिटनेस क्लीयरेंस पर निर्भर। IND vs SL टेस्ट सीरीज का शेड्यूल पहला टेस्ट: 15–19 अगस्त 2026, गाले दूसरा टेस्ट: 23–27 अगस्त 2026, कोलंबो दोनों मुकाबले भारतीय समयानुसार सुबह 10:00 बजे शुरू होंगे। सीरीज पर रहेंगी सभी की नजरें शुभमन गिल की कप्तानी में यह सीरीज टीम इंडिया के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अनुभवी खिलाड़ियों की वापसी, नए चेहरों को मौका और बुमराह की फिटनेस जैसे कई पहलू इस दौरे को बेहद दिलचस्प बना रहे हैं।  

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Yash Dayal: यूपी छोड़ अब छत्तीसगढ़ से खेलेंगे यश दयाल, घरेलू क्रिकेट में नई शुरुआत की तैयारी, जानिए वजह

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CWG 2026 Medal Tally: कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के खाते में 4 पदक, मीराबाई चानू ने जीता ऐतिहासिक गोल्ड, देखें पूरी मेडल लिस्ट

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kalpana जुलाई 23, 2026 0

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