शिक्षा

IIT BHU Placement Record Shocks Industry

IIT BHU में प्लेसमेंट का धमाका: पहले ही दिन 17 छात्रों को 1 करोड़ से ज्यादा का पैकेज

surbhi अप्रैल 24, 2026 0
Students celebrating IIT BHU campus placement drive with companies offering high salary packagesv
IIT BHU Placement Record 2025 Highlights

देश के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थानों में से एक IIT BHU ने एक बार फिर अपने शानदार प्लेसमेंट रिकॉर्ड से सुर्खियां बटोरी हैं। 2025-26 के प्लेसमेंट सीजन की शुरुआत ही इतनी दमदार रही कि पहले ही दिन 17 छात्रों को 1 करोड़ रुपये से अधिक के पैकेज ऑफर किए गए। यह उपलब्धि न सिर्फ संस्थान के लिए बल्कि पूरे देश के तकनीकी शिक्षा क्षेत्र के लिए गर्व का विषय मानी जा रही है।

प्लेसमेंट में रिकॉर्डतोड़ शुरुआत

इस साल के प्लेसमेंट ड्राइव में अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर की कई बड़ी कंपनियों ने हिस्सा लिया। Amazon, Adobe, Oracle, Deloitte, Flipkart, DRDO और TCS जैसी दिग्गज कंपनियों ने छात्रों को आकर्षक ऑफर दिए।

संस्थान के अनुसार, इस सत्र में अब तक का सबसे बड़ा पैकेज 1.67 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है, जो IIT BHU की मजबूत इंडस्ट्री कनेक्टिविटी और अकादमिक गुणवत्ता को दर्शाता है।

क्यों खास है IIT BHU

Banaras Hindu University का हिस्सा रहा IIT BHU देश के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों में गिना जाता है। बेहतरीन फैकल्टी, रिसर्च सुविधाएं और कैंपस लाइफ इसे छात्रों के बीच बेहद लोकप्रिय बनाती हैं।

NIRF रैंकिंग 2025 में इंजीनियरिंग कैटेगरी में IIT BHU को 10वां स्थान मिला है, जो इसकी शैक्षणिक गुणवत्ता का प्रमाण है।

एडमिशन प्रोसेस और कोर्स

IIT BHU में विभिन्न कोर्सेस के लिए अलग-अलग प्रवेश परीक्षाएं होती हैं:

  • BTech: JEE Advanced
  • BArch: JEE Advanced + AAT
  • MTech: GATE
  • MSc: IIT JAM
  • MBA: CAT
  • PhD: GATE / NET / JRF

योग्यता और कटऑफ

BTech में एडमिशन के लिए छात्रों को 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स के साथ कम से कम 75% अंक लाना जरूरी होता है। साथ ही JEE Advanced क्वालिफाई करना अनिवार्य है।

कुछ प्रमुख ब्रांच की कटऑफ (जनरल कैटेगरी) इस प्रकार रही:

  • CSE: 1350
  • ECE: 2500
  • Electrical: 3493
  • Mechanical: 6525
  • Chemical: 7435
  • Civil: 9145
  • Mining: 12572

क्या है इस सफलता का मतलब

IIT BHU का यह प्रदर्शन बताता है कि भारत में तकनीकी शिक्षा का स्तर लगातार ऊंचा हो रहा है। ग्लोबल कंपनियों का भरोसा बढ़ रहा है और भारतीय इंजीनियरिंग टैलेंट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।

 

Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

शिक्षा

View more
Students celebrating IIT BHU campus placement drive with companies offering high salary packagesv
IIT BHU में प्लेसमेंट का धमाका: पहले ही दिन 17 छात्रों को 1 करोड़ से ज्यादा का पैकेज

देश के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थानों में से एक IIT BHU ने एक बार फिर अपने शानदार प्लेसमेंट रिकॉर्ड से सुर्खियां बटोरी हैं। 2025-26 के प्लेसमेंट सीजन की शुरुआत ही इतनी दमदार रही कि पहले ही दिन 17 छात्रों को 1 करोड़ रुपये से अधिक के पैकेज ऑफर किए गए। यह उपलब्धि न सिर्फ संस्थान के लिए बल्कि पूरे देश के तकनीकी शिक्षा क्षेत्र के लिए गर्व का विषय मानी जा रही है। प्लेसमेंट में रिकॉर्डतोड़ शुरुआत इस साल के प्लेसमेंट ड्राइव में अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर की कई बड़ी कंपनियों ने हिस्सा लिया। Amazon, Adobe, Oracle, Deloitte, Flipkart, DRDO और TCS जैसी दिग्गज कंपनियों ने छात्रों को आकर्षक ऑफर दिए। संस्थान के अनुसार, इस सत्र में अब तक का सबसे बड़ा पैकेज 1.67 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है, जो IIT BHU की मजबूत इंडस्ट्री कनेक्टिविटी और अकादमिक गुणवत्ता को दर्शाता है। क्यों खास है IIT BHU Banaras Hindu University का हिस्सा रहा IIT BHU देश के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों में गिना जाता है। बेहतरीन फैकल्टी, रिसर्च सुविधाएं और कैंपस लाइफ इसे छात्रों के बीच बेहद लोकप्रिय बनाती हैं। NIRF रैंकिंग 2025 में इंजीनियरिंग कैटेगरी में IIT BHU को 10वां स्थान मिला है, जो इसकी शैक्षणिक गुणवत्ता का प्रमाण है। एडमिशन प्रोसेस और कोर्स IIT BHU में विभिन्न कोर्सेस के लिए अलग-अलग प्रवेश परीक्षाएं होती हैं: BTech: JEE Advanced BArch: JEE Advanced + AAT MTech: GATE MSc: IIT JAM MBA: CAT PhD: GATE / NET / JRF योग्यता और कटऑफ BTech में एडमिशन के लिए छात्रों को 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स के साथ कम से कम 75% अंक लाना जरूरी होता है। साथ ही JEE Advanced क्वालिफाई करना अनिवार्य है। कुछ प्रमुख ब्रांच की कटऑफ (जनरल कैटेगरी) इस प्रकार रही: CSE: 1350 ECE: 2500 Electrical: 3493 Mechanical: 6525 Chemical: 7435 Civil: 9145 Mining: 12572 क्या है इस सफलता का मतलब IIT BHU का यह प्रदर्शन बताता है कि भारत में तकनीकी शिक्षा का स्तर लगातार ऊंचा हो रहा है। ग्लोबल कंपनियों का भरोसा बढ़ रहा है और भारतीय इंजीनियरिंग टैलेंट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।  

surbhi अप्रैल 24, 2026 0
Student checking UP Board 10th result 2026 online on laptop with excitement

UP Board 10वीं रिजल्ट 2026 आज जारी: शाम 4 बजे आएगा परिणाम, इन आसान स्टेप्स से तुरंत देखें स्कोरकार्ड

Students exploring modern career options like AI, game design, and digital marketing after 12th

12वीं के बाद क्या करें? ये 10 यूनिक कोर्स बना सकते हैं आपका करियर, बदल सकते हैं भविष्य की दिशा

Romanian scholarship opportunity for Indian students offering free education, stay, and monthly stipend in Europe

विदेश में पढ़ाई का सुनहरा मौका: Romania ने भारतीय छात्रों के लिए खोले स्कॉलरशिप के दरवाजे, खर्च भी उठाएगी सरकार

Deeksha Chourasiya celebrates UPSC success after securing AIR 44, inspiring story from Indore
मां का अधूरा सपना बना लक्ष्य, Deeksha Chourasiya ने UPSC में AIR 44 हासिल कर बनी सफलता की मिसाल

देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में शुमार UPSC Civil Services Examination को पास करना आसान नहीं होता। सालों की मेहनत, धैर्य और निरंतर संघर्ष के बाद ही सफलता मिलती है। ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी है इंदौर की Deeksha Chourasiya की, जिन्होंने UPSC 2025 में ऑल इंडिया रैंक 44 हासिल कर यह साबित कर दिया कि लगन और अनुशासन से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। मजबूत शैक्षणिक पृष्ठभूमि और निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन मध्य प्रदेश के Indore में पली-बढ़ी दीक्षा एक शिक्षित परिवार से आती हैं। उनके पिता चार्टर्ड अकाउंटेंट और मां होम्योपैथिक डॉक्टर हैं। दीक्षा बचपन से ही पढ़ाई में अव्वल रही हैं। उन्होंने Delhi Public School Indore से पढ़ाई करते हुए लगातार सात वर्षों तक ऑल-राउंड परफॉर्मेंस के लिए गोल्ड मेडल हासिल किया। इसके बाद उन्होंने Miranda House से इतिहास में ग्रेजुएशन किया, जो University of Delhi का एक प्रतिष्ठित कॉलेज है। चार प्रयासों का संघर्ष और सफलता Deeksha Chourasiya को यह सफलता चौथे प्रयास में मिली। शुरुआती तीन असफलताओं के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने अपने अध्ययन को व्यवस्थित रखने के लिए सिलेबस को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटा और रोज़ाना, साप्ताहिक व मासिक लक्ष्य तय किए। यही रणनीति उनकी सफलता की सबसे बड़ी कुंजी बनी। मां का सपना बना प्रेरणा दीक्षा की सफलता के पीछे सबसे बड़ी प्रेरणा उनकी मां हैं। उनकी मां कभी खुद सिविल सेवा में जाना चाहती थीं, लेकिन यह सपना अधूरा रह गया। दीक्षा ने उसी सपने को अपना लक्ष्य बनाया और उसे पूरा कर दिखाया। यह कहानी न सिर्फ मेहनत की है, बल्कि परिवार के सपनों को साकार करने की भी मिसाल है। शानदार स्कोर के साथ हासिल की रैंक UPSC 2025 में Deeksha Chourasiya ने कुल 1014 अंक हासिल किए। लिखित परीक्षा: 816 अंक इंटरव्यू: 198 अंक उनका यह प्रदर्शन यह दिखाता है कि सही रणनीति और निरंतर मेहनत से बड़ी से बड़ी परीक्षा को भी जीता जा सकता है।  

surbhi अप्रैल 21, 2026 0
Shubham Kumar from Bihar celebrates 100 percentile in both JEE Main 2026 sessions

JEE Main 2026: बिहार के शुभम कुमार ने रचा इतिहास, दोनों सेशन में 100 परसेंटाइल हासिल कर बने स्टार परफॉर्मर

Students checking JEE Main 2026 results online on laptop with exam stress and anticipation

JEE Main Session 2 Result 2026 आज जारी होने की संभावना, लाखों छात्रों का इंतजार खत्म–जानें Advanced की अहम तारीखें

Engineering students coding on laptops, representing BTech IT careers and high salary opportunities

BTech IT बना हाई पैकेज का नया शॉर्टकट, तेजी से बढ़ रही डिमांड–जानें पूरी सच्चाई

BPSC AEDO exam candidates outside center amid paper leak controversy and SIT investigation in Bihar
BPSC AEDO परीक्षा विवाद: पेपर लीक से आयोग का इनकार, SIT जांच तेज–ब्लूटूथ कदाचार का दावा भी खारिज

बिहार में सहायक शिक्षा विकास अधिकारी (AEDO) भर्ती परीक्षा को लेकर उठे पेपर लीक के आरोपों पर अब बड़ा अपडेट सामने आया है। Bihar Public Service Commission ने साफ तौर पर इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक होने की कोई पुष्टि नहीं हुई है। वहीं मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जिम्मेदारी Economic Offences Unit (EOU) को सौंप दी गई है, जिसने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) गठित कर जांच तेज कर दी है। क्या है पूरा मामला? राज्य में AEDO के कुल 935 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। परीक्षा का आयोजन 14 अप्रैल से शुरू होकर 15, 16 और 18 अप्रैल तक किया गया। परीक्षा शुरू होने से पहले ही पेपर लीक और धांधली के आरोप सामने आने लगे थे, जिससे अभ्यर्थियों में चिंता बढ़ गई। मुंगेर से पुलिस ने परीक्षा से पहले 22 लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें 20 अभ्यर्थी और एक परीक्षा केंद्र अधीक्षक भी शामिल थे। इसके अलावा नालंदा में एक महिला अभ्यर्थी को सॉल्व्ड आंसरशीट के साथ पकड़ा गया, साथ ही दो बायोमेट्रिक कर्मियों की भी गिरफ्तारी हुई। EOU की SIT कर रही गहन जांच EOU के ADG नैय्यर हसनैन के निर्देश पर एसपी राजेश कुमार के नेतृत्व में 8 सदस्यीय SIT गठित की गई है। टीम में एक DSP और पांच इंस्पेक्टर शामिल हैं, जो अब तक गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क का खुलासा करने में जुटे हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। BPSC का स्पष्ट बयान: ‘पेपर लीक नहीं हुआ’ Bihar Public Service Commission ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है कि सोशल मीडिया पर पेपर लीक को लेकर फैलाई जा रही खबरें पूरी तरह निराधार हैं। आयोग के अनुसार, राज्य के किसी भी परीक्षा केंद्र से पेपर लीक की कोई शिकायत या FIR दर्ज नहीं हुई है। ब्लूटूथ कदाचार की खबर भी निकली गलत परीक्षा के दौरान एक अभ्यर्थी के कान में ब्लूटूथ डिवाइस मिलने की खबर सामने आई थी। इस पर आयोग ने स्पष्ट किया कि यह केवल कदाचार की कोशिश थी, जिसे समय रहते प्रशासन ने विफल कर दिया। इसे पेपर लीक से जोड़ना गलत है। तीसरे चरण की परीक्षा तय समय पर BPSC ने यह भी साफ किया है कि AEDO भर्ती परीक्षा का तीसरा चरण 20 और 21 अप्रैल 2026 को निर्धारित समय पर ही आयोजित किया जाएगा। आयोग और स्थानीय प्रशासन ने परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने का भरोसा दिलाया है। साथ ही अभ्यर्थियों से अपील की गई है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी समस्या के लिए आधिकारिक Grievance Portal का उपयोग करें।  

surbhi अप्रैल 20, 2026 0
Students checking Jharkhand Board 10th result online amid confusion over official announcement

JAC Board Result 2026: देर रात ‘रिजल्ट रिलीज’ का दावा, छात्रों के स्क्रीनशॉट से बढ़ा विवाद—बोर्ड ने नहीं दी आधिकारिक पुष्टि

Candidates checking AIIMS NORCET 2026 result online on official website after exam results announcement

AIIMS NORCET 2026 Result: 51 हजार से अधिक उम्मीदवार सफल, स्टेज-II के लिए 14,527 अभ्यर्थी शॉर्टलिस्ट

Students and school staff submitting CBSE Class 10 LOC application online on computer portal for 2026 exam process

CBSE सेकेंड बोर्ड परीक्षा 2026: LOC सबमिशन प्रक्रिया शुरू, 20 अप्रैल तक कर सकेंगे आवेदन

0 Comments

Top week

Strait of Hormuz with commercial ships navigating amid geopolitical tension and Iranian naval monitoring
दुनिया

हॉर्मुज जलडमरूमध्य खुला, लेकिन ईरानी गार्ड ने लगाए नए नियम – अमेरिका और तेल बाजार पर असर

surbhi अप्रैल 18, 2026 0

Voting poll

अगर भविष्य में रश्मिका और विजय जीवनसाथी बनते हैं, तो क्या आपको उनकी जोड़ी पसंद होगी?