शिक्षा

UGC Anti Ragging Guidelines 2026: रैगिंग पर होगी सख्त कार्रवाई

UGC Anti Ragging Guidelines 2026: कॉलेज में रैगिंग की तो होगी सख्त कार्रवाई, UGC ने दिए निर्देश

ranjan kumar tiwari अगस्त 17, 2026 0
कॉलेज में UGC एंटी रैगिंग नियमों से जुड़ी जागरूकता
UGC ने कॉलेजों में एंटी रैगिंग नियमों के पालन के दिए निर्देश

नई दिल्ली, एजेंसियां। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के बीच विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने देशभर के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को एंटी-रैगिंग नियमों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है। आयोग ने विश्वविद्यालयों और कॉलेजों से कैंपस में रैगिंग रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने और छात्रों को सुरक्षित व सकारात्मक माहौल उपलब्ध कराने को कहा है।

 

2009 के एंटी-रैगिंग नियमों का पालन जरूरी

 

UGC ने अपने निर्देश में सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को *2009 के एंटी-रैगिंग रेगुलेशंस* का कड़ाई से पालन करने को कहा है। आयोग के अनुसार, रैगिंग की किसी भी घटना को रोकने के लिए संस्थानों को पहले से प्रभावी कदम उठाने होंगे।

नए छात्रों को किसी भी तरह के शारीरिक, मानसिक, मौखिक या सामाजिक उत्पीड़न का सामना न करना पड़े, यह सुनिश्चित करना संस्थान की जिम्मेदारी होगी।

 

एंटी-रैगिंग कमेटी और स्क्वॉड का होगा प्रभावी संचालन

 

UGC ने कॉलेज और विश्वविद्यालयों को अपने परिसर में एंटी-रैगिंग कमेटी और एंटी-रैगिंग स्क्वॉड का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने को कहा है। इसके साथ ही कैंपस में नियमित निगरानी और जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।

संस्थानों को छात्रों और उनके अभिभावकों को एंटी-रैगिंग नियमों और शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया की जानकारी भी देनी होगी।

 

कैंपस में लगाने होंगे पोस्टर और सूचना सामग्री

 

UGC के निर्देश के अनुसार कॉलेज और विश्वविद्यालयों को कैंपस में एंटी-रैगिंग से जुड़े पोस्टर और सूचना सामग्री प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित करनी होगी। रैगिंग के खिलाफ छात्रों को जागरूक करने के लिए नियमित कार्यक्रम भी आयोजित किए जाने चाहिए।

इसके अलावा, शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए उचित व्यवस्था तैयार करने को कहा गया है।

 

24x7 हेल्पलाइन नंबर जारी

 

UGC ने संस्थानों से कहा है कि वे कैंपस में *24x7 एंटी-रैगिंग टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-180-5522* को प्रमुखता से प्रदर्शित करें। किसी भी तरह की रैगिंग या उत्पीड़न की स्थिति में छात्र इस हेल्पलाइन के जरिए शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

 

रैगिंग करने वालों पर होगी कार्रवाई

 

UGC ने स्पष्ट किया है कि रैगिंग की किसी भी घटना को गंभीरता से लिया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले छात्रों के खिलाफ संस्थान निर्धारित नियमों के अनुसार कार्रवाई करेंगे।

UGC के 2009 के एंटी-रैगिंग रेगुलेशन के तहत किसी छात्र के साथ शारीरिक, मानसिक, मौखिक या सामाजिक उत्पीड़न को रैगिंग की श्रेणी में माना जाता है। आयोग का उद्देश्य उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और भयमुक्त वातावरण सुनिश्चित करना है।

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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UPSC NDA 2 Exam 2026 scheduled for September 13 with 394 vacancies across National Defence Academy and Naval Academy.
UPSC NDA 2 Exam 2026: सितंबर में होगी परीक्षा, 394 पदों पर भर्ती; देखें पूरा शेड्यूल

नई दिल्ली: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने NDA और NA Exam 2, 2026 की परीक्षा तारीख तय कर दी है। आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) और नेवल एकेडमी (NA) की लिखित परीक्षा 13 सितंबर 2026 को आयोजित होगी। परीक्षा ऑफलाइन यानी पेन-पेपर मोड में होगी। इस परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को Mathematics और General Ability Test (GAT), दोनों पेपर देने होंगे। परीक्षा दो अलग-अलग शिफ्ट में आयोजित की जाएगी। 13 सितंबर को होगी NDA और NA परीक्षा UPSC NDA और NA 2 परीक्षा 2026 का आयोजन देशभर में निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर किया जाएगा। उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र पर समय से पहुंचने की सलाह दी गई है, ताकि प्रवेश और अन्य औपचारिकताओं में किसी तरह की परेशानी न हो। परीक्षा का पूरा शेड्यूल इस प्रकार है: पेपर समय अवधि Mathematics सुबह 10:00 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक 2 घंटे 30 मिनट General Ability Test (GAT) दोपहर 2:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक 2 घंटे Mathematics और GAT दोनों की तैयारी जरूरी NDA और NA की लिखित परीक्षा में दो पेपर होते हैं। पहले चरण में Mathematics की परीक्षा होगी, जबकि दूसरी शिफ्ट में General Ability Test यानी GAT लिया जाएगा। ऐसे में उम्मीदवारों के लिए दोनों विषयों की संतुलित तैयारी करना जरूरी है। केवल गणित या सामान्य ज्ञान पर फोकस करने से परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करना मुश्किल हो सकता है। परीक्षा से पहले कमजोर टॉपिक्स की दोबारा तैयारी और नियमित मॉक टेस्ट से प्रदर्शन बेहतर किया जा सकता है। पेन-पेपर मोड में होगी परीक्षा NDA और NA 2 की लिखित परीक्षा ऑफलाइन मोड में आयोजित की जाएगी। यानी अभ्यर्थियों को प्रश्नों के उत्तर पेन और पेपर के माध्यम से देने होंगे। उम्मीदवारों के लिए समय प्रबंधन भी महत्वपूर्ण रहेगा। तैयारी के दौरान मॉक टेस्ट को वास्तविक परीक्षा की तरह पेन-पेपर मोड में हल करना उपयोगी हो सकता है। 394 पदों के लिए होगी भर्ती इस भर्ती परीक्षा के जरिए कुल 394 पदों पर उम्मीदवारों का चयन किया जाना है। इनमें 370 पद पुरुष उम्मीदवारों के लिए और 24 पद महिला उम्मीदवारों के लिए निर्धारित हैं। सीमित पदों को देखते हुए अभ्यर्थियों को अब अपनी तैयारी को और मजबूत करने की जरूरत है। खासकर पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र, मॉक टेस्ट और महत्वपूर्ण विषयों के रिवीजन पर ध्यान देना फायदेमंद रहेगा। मई-जून में पूरी हो चुकी है आवेदन प्रक्रिया NDA और NA 2, 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया पहले ही समाप्त हो चुकी है। UPSC ने 20 मई 2026 से आवेदन शुरू किए थे और उम्मीदवारों को 11 जून 2026 तक आवेदन करने का अवसर दिया गया था। अब आवेदन कर चुके उम्मीदवारों को परीक्षा की तैयारी पर पूरा ध्यान देना चाहिए। परीक्षा से पहले आयोग की ओर से एडमिट कार्ड और अन्य जरूरी निर्देश जारी किए जाएंगे। परीक्षा से पहले इन बातों का रखें ध्यान उम्मीदवारों को परीक्षा के लिए अभी से जरूरी दस्तावेज और परीक्षा संबंधी निर्देशों की जानकारी रखनी चाहिए। साथ ही Mathematics और GAT के लिए अलग-अलग रणनीति बनाकर तैयारी करना बेहतर रहेगा। मॉक टेस्ट देते समय निर्धारित समय में पेपर पूरा करने का अभ्यास करें। इससे वास्तविक परीक्षा के दौरान समय का बेहतर इस्तेमाल करने में मदद मिलेगी।  

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