एंटरटेनमेंट

प्रियंका चोपड़ा की ₹650 करोड़ की ग्लोबल सक्सेस स्टोरी चर्चा में, हॉलीवुड और बॉलीवुड दोनों में कायम है दबदबा

abhishek singh जुलाई 20, 2026 0
Priyanka Chopra
Priyanka Chopra's Global Success

लॉस एंजिलिस, एजेंसियां। बॉलीवुड से हॉलीवुड तक अपनी पहचान बनाने वाली अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा जोनस एक बार फिर चर्चा में हैं। हाल ही में सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, प्रियंका ने अभिनय, प्रोडक्शन, ब्रांड एंडोर्समेंट और अंतरराष्ट्रीय निवेश के दम पर करीब ₹650 करोड़ से अधिक की संपत्ति खड़ी कर ली है। उनकी यह सफलता उन्हें भारतीय मनोरंजन जगत की सबसे प्रभावशाली वैश्विक हस्तियों में शामिल करती है। 

 

बॉलीवुड से हॉलीवुड तक का शानदार सफर

 

प्रियंका चोपड़ा ने हिंदी फिल्मों में सफलता हासिल करने के बाद हॉलीवुड में भी अपनी अलग पहचान बनाई है। अमेरिकी टीवी सीरीज 'Quantico' से लेकर कई अंतरराष्ट्रीय फिल्मों तक, उन्होंने वैश्विक स्तर पर भारतीय प्रतिभा का दम दिखाया। आज वह भारत और विदेश दोनों जगह बड़े प्रोजेक्ट्स का हिस्सा हैं। 

 

ब्रांड एंडोर्समेंट और बिजनेस से बढ़ी कमाई

 

अभिनय के अलावा प्रियंका कई अंतरराष्ट्रीय और भारतीय ब्रांड्स की ब्रांड एंबेसडर हैं। साथ ही उनका अपना प्रोडक्शन हाउस और विभिन्न वैश्विक कंपनियों में निवेश भी है। इन सभी स्रोतों ने उनकी कुल संपत्ति को लगातार बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। 

 

सोशल मीडिया पर भी जबरदस्त प्रभाव

 

प्रियंका चोपड़ा सोशल मीडिया पर दुनिया की सबसे ज्यादा फॉलो की जाने वाली भारतीय अभिनेत्रियों में शामिल हैं। उनके करोड़ों फॉलोअर्स हैं और उनकी हर नई फिल्म, ब्रांड डील या निजी पोस्ट कुछ ही मिनटों में चर्चा का विषय बन जाती है।

 

भारतीय कलाकारों के लिए बनीं प्रेरणा

 

प्रियंका चोपड़ा की उपलब्धियां उन भारतीय कलाकारों के लिए प्रेरणा मानी जाती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाना चाहते हैं। अभिनय से लेकर उद्यमिता तक, उन्होंने यह साबित किया है कि भारतीय प्रतिभा वैश्विक मंच पर भी अपनी मजबूत जगह बना सकती है।

Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Abhishek Singh Abhishek123

एंटरटेनमेंट

View more
Satluj Movie Screening
'सतलुज' पर बढ़ा विवाद, OTT से हटने के बाद पंजाब के गांव-गांव में हो रही स्क्रीनिंग

चंडीगढ़, एजेंसियां। मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन और 1990 के दशक में पंजाब में कथित फर्जी एनकाउंटरों पर आधारित फिल्म 'सतलुज' ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटाए जाने के बाद अब पंजाब के कई गांवों में बड़े पर्दे पर दिखाई जा रही है। गुरुद्वारों और सार्वजनिक स्थानों पर आयोजित स्क्रीनिंग में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और पीड़ित परिवार शामिल हो रहे हैं। कई दर्शकों का कहना है कि फिल्म ने उन्हें उस दौर की घटनाओं और पीड़ितों के संघर्ष को समझने का अवसर दिया, जबकि कुछ परिवारों का दावा है कि वास्तविक घटनाएं फिल्म में दिखाए गए दृश्यों से भी अधिक भयावह थीं।   पीड़ित परिवारों ने सुनाई अपनी आपबीती फिरोजपुर और तरनतारन के कई परिवारों ने आरोप लगाया कि 1990 के दशक में उनके परिजनों की कथित फर्जी पुलिस मुठभेड़ों में मौत हुई थी। कुछ लोगों ने दावा किया कि उनके परिवार के सदस्यों को हिरासत में प्रताड़ित किया गया, लेकिन आज तक न तो शव मिले और न ही मौत से जुड़े आधिकारिक दस्तावेज। कई पीड़ितों ने कहा कि फिल्म देखने के बाद नई पीढ़ी को उस दौर की घटनाओं का अंदाजा हुआ।   गांव-गांव में हो रही स्क्रीनिंग सामाजिक संगठनों और स्थानीय समूहों का कहना है कि अब तक पंजाब के सैकड़ों गांवों में फिल्म की स्क्रीनिंग कराई जा चुकी है। आयोजकों का दावा है कि इसका उद्देश्य युवाओं को पंजाब के इतिहास और जसवंत सिंह खालड़ा के संघर्ष से परिचित कराना है। उनका कहना है कि इस अभियान का किसी राजनीतिक दल या फिल्म निर्माताओं से सीधा संबंध नहीं है।   कानूनी विवाद भी तेज फिल्म की सार्वजनिक स्क्रीनिंग को लेकर विवाद भी बढ़ गया है। सुप्रीम कोर्ट के एक अधिवक्ता ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर फिल्म की स्क्रीनिंग और सार्वजनिक प्रसारण पर रोक लगाने की मांग की है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि फिल्म को आवश्यक प्रक्रिया का पालन किए बिना प्रदर्शित किया जा रहा है और इसकी सामग्री पर भी सवाल उठाए गए हैं। फिलहाल इस मामले में अदालत का अंतिम निर्णय आना बाकी है।

abhishek singh जुलाई 21, 2026 0
Anupam Kher Voice

'रामायण' में जटायु की गूंज बनेगी अनुपम खेर की आवाज, अमिताभ बच्चन की चर्चाओं पर लगा विराम

The Odyssey, Dhamaal 4, Alpha, and Welcome to the Jungle compete at the Indian box office after Monday collections.

Box Office Collection: 'द ओडिसी' की रफ्तार भी हुई धीमी, 'धमाल 4' को लगा झटका, 'अल्फा' और 'वेलकम 3' की कमाई लगभग थमी

Doctor Doom makes his first MCU appearance as Robert Downey Jr. in the Avengers: Doomsday official trailer.

Avengers: Doomsday Trailer Out: डॉक्टर डूम की धमाकेदार एंट्री, रॉबर्ट डाउनी जूनियर के विलेन अवतार ने बढ़ाया रोमांच

Vishal Dadlani, Kunika Sadanand, and Shekhar Suman react to the CJP protest, sparking debate across Bollywood.
CJP प्रदर्शन पर बॉलीवुड में बंटी राय, विशाल ददलानी ने चुप्पी पर उठाए सवाल, कुनिका सदानंद और शेखर सुमन ने भी दी प्रतिक्रिया

नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर हुए CJP के प्रदर्शन और प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई के बाद बॉलीवुड में भी प्रतिक्रियाओं का दौर तेज हो गया है। गायक विशाल ददलानी, अभिनेत्री कुनिका सदानंद और अभिनेता शेखर सुमन ने इस मुद्दे पर अपनी राय सार्वजनिक की है। वहीं, कई बड़े फिल्मी सितारों की चुप्पी को लेकर भी सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी हुई है। विशाल ददलानी ने बॉलीवुड की चुप्पी पर जताई नाराजगी विशाल ददलानी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो साझा करते हुए प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि जो छात्र अपने भविष्य और अधिकारों की बात कर रहे थे, उनके साथ बल प्रयोग किया गया। इसके साथ ही उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री के उन लोगों पर भी सवाल उठाए, जिन्होंने अब तक इस मुद्दे पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी। विशाल ने कहा कि सामाजिक मुद्दों पर कलाकारों को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए और केवल चुप रहना समाधान नहीं है। पहले भी उठा चुके हैं आवाज विशाल ददलानी इससे पहले भी छात्रों से जुड़े मुद्दों और विभिन्न सामाजिक विषयों पर अपनी राय खुलकर रखते रहे हैं। उन्होंने एक अन्य पोस्ट में भी शिक्षा व्यवस्था और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर चिंता व्यक्त की थी। कुनिका सदानंद ने सरकार से उठाए सवाल अभिनेत्री कुनिका सदानंद, जो हाल के दिनों में छात्रों के समर्थन में जंतर-मंतर भी पहुंची थीं, ने सरकार से इस पूरे मामले पर स्पष्ट रुख अपनाने की मांग की। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए। उनका कहना था कि यदि इतने लंबे समय से उठ रहे मुद्दों पर चर्चा नहीं होगी, तो लोगों का भरोसा कमजोर होगा। उन्होंने लोकतांत्रिक व्यवस्था में संवाद की आवश्यकता पर भी जोर दिया और कहा कि सरकार को छात्रों की बात सुननी चाहिए। शेखर सुमन ने भी जताई चिंता अभिनेता शेखर सुमन ने भी छात्रों के प्रदर्शन और उस दौरान हुई घटनाओं पर प्रतिक्रिया दी। अपने कार्यक्रम के दौरान उन्होंने युवाओं की आवाज सुने जाने की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि समाज में संवाद और जवाबदेही लोकतंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सोशल मीडिया पर भी छिड़ी बहस इस पूरे घटनाक्रम के बाद सोशल मीडिया पर दो तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। एक ओर कई लोग उन कलाकारों का समर्थन कर रहे हैं जिन्होंने इस मुद्दे पर खुलकर अपनी बात रखी, वहीं दूसरी ओर कुछ लोग मानते हैं कि सार्वजनिक हस्तियों पर किसी भी मुद्दे पर प्रतिक्रिया देने का दबाव नहीं होना चाहिए।  

surbhi जुलाई 21, 2026 0
Jana Nayakan Promo

विजय की फिल्म 'जना नायकन' का नया प्रोमो रिलीज, मुख्यमंत्री वाले लुक ने रिलीज से पहले बढ़ाया फैंस का उत्साह

Jasmine Sandlas

देहरादून शो के बाद जैस्मीन सैंडलस से छेड़छाड़ के दावों पर विवाद, दर्ज नहीं हुई शिकायत

John Abraham House

जॉन अब्राहम ने मुंबई के बांद्रा में ₹84 करोड़ का आलीशान बंगला खरीदा, हाई-प्रोफाइल रियल एस्टेट डील बनी चर्चा का विषय

Shah Rukh Khan Statement
अनु कपूर ने शाहरुख खान के 'लास्ट सुपरस्टार' वाले बयान पर दी प्रतिक्रिया, बोले— "2045 में भी क्या वही सबसे बड़े स्टार होंगे?"

मुंबई, एजेंसियां। बॉलीवुड अभिनेता अनु कपूर ने शाहरुख खान के खुद को "आखिरी सुपरस्टार" बताए जाने वाले पुराने बयान पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में समय के साथ नए सितारे आते रहते हैं और किसी एक अभिनेता को हमेशा के लिए "आखिरी सुपरस्टार" कहना सही नहीं है। अनु कपूर ने सवाल उठाते हुए कहा, "क्या 2045 में भी शाहरुख खान उतने ही प्रासंगिक रहेंगे? मुझे ऐसा नहीं लगता।   "सुपरस्टार आते-जाते रहते हैं   अनु कपूर ने कहा कि भारतीय सिनेमा के इतिहास में कई कलाकारों को अपने दौर का सबसे बड़ा सुपरस्टार कहा गया, लेकिन समय के साथ नए चेहरे सामने आते रहे। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि राजेश खन्ना के दौर में भी यही बातें कही जाती थीं, लेकिन उसके बाद भी फिल्म इंडस्ट्री लगातार आगे बढ़ती रही।   अमिताभ बच्चन की लंबी लोकप्रियता का दिया उदाहरण   अनु कपूर ने कहा कि बहुत कम कलाकार ऐसे होते हैं जो कई दशकों तक लगातार लोकप्रिय बने रहते हैं। उन्होंने अमिताभ बच्चन, लता मंगेशकर और आशा भोसले का उदाहरण देते हुए कहा कि इतनी लंबी प्रासंगिकता हासिल करना बेहद दुर्लभ है।   शाहरुख की उपलब्धियों की भी की तारीफ   हालांकि अनु कपूर ने "लास्ट सुपरस्टार" वाली बात से असहमति जताई, लेकिन उन्होंने शाहरुख खान की सफलता की खुलकर सराहना भी की। उन्होंने कहा कि शाहरुख की वैश्विक लोकप्रियता, आर्थिक सफलता और पारिवारिक मूल्यों का सम्मान किया जाना चाहिए।   पुराने बयान पर फिर छिड़ी बहस   शाहरुख खान ने वर्ष 2014 में एक टीवी कार्यक्रम के दौरान खुद को "द लास्ट ऑफ द स्टार्स" कहा था। अनु कपूर की हालिया टिप्पणी के बाद बॉलीवुड में एक बार फिर इस बात पर बहस तेज हो गई है कि बदलते दौर में सुपरस्टार की परिभाषा क्या है और क्या भविष्य में भी नए सुपरस्टार उभरते रहेंगे।

anjali kumari जुलाई 21, 2026 0
Sahiba Bali

कौन हैं साहिबा बाली? अर्जुन कपूर संग डेटिंग की अफवाहों के बीच चर्चा में आईं एक्ट्रेस

Arjun Kapoor Sahiba Bali

अर्जुन कपूर संग डेटिंग की अफवाहों पर साहिबा बाली ने तोड़ी चुप्पी, बोलीं- "हर बात पर यकीन मत कीजिए"

Arjun Kapoor Sahiba Bali

लॉर्ड्स में साथ दिखे अर्जुन कपूर और साहिबा बाली, डेटिंग की अफवाहों ने पकड़ा जोर

0 Comments

Top week

Iranian military officials address the media as tensions escalate over the Strait of Hormuz following U.S. security announcements.
दुनिया

हॉर्मुज पर महायुद्ध की आहट: ईरान ने अमेरिका को दी खुली चेतावनी, कहा- मदद करने वाले देशों को भी नहीं छोड़ेंगे

Deepshikha जुलाई 14, 2026 0

Voting poll

अगर भविष्य में रश्मिका और विजय जीवनसाथी बनते हैं, तो क्या आपको उनकी जोड़ी पसंद होगी?