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Annu Kapoor Makes Shocking Claims on Om Puri

अन्नू कपूर का बड़ा खुलासा: ओम पुरी पर लगाए गंभीर आरोप, बहन की जिंदगी बर्बाद होने का जताया दर्द

surbhi अप्रैल 24, 2026 0
Annu Kapoor speaking emotionally about Om Puri and his sister Seema Kapoor controversy
Annu Kapoor on Om Puri Controversy

फिल्म इंडस्ट्री के अनुभवी अभिनेता Annu Kapoor ने दिवंगत दिग्गज कलाकार Om Puri को लेकर एक भावुक और विवादित बयान दिया है। एक हालिया इंटरव्यू में उन्होंने अपनी बहन सीमा कपूर के वैवाहिक जीवन से जुड़े दर्दनाक अनुभव साझा करते हुए ओम पुरी पर धोखा देने का आरोप लगाया।

“मेरी बहन की जिंदगी बर्बाद हो गई”

अन्नू कपूर ने कहा कि ओम पुरी एक महान अभिनेता थे, लेकिन एक पति के रूप में उन्होंने उनकी बहन के साथ न्याय नहीं किया। उनके मुताबिक, जब उनकी बहन सीमा गर्भवती थीं, उसी दौरान ओम पुरी का एक पत्रकार Nandita Puri के साथ संबंध बन गया, जो बाद में उनकी दूसरी पत्नी बनीं।

अन्नू कपूर ने कहा कि इस घटना ने उनकी बहन की जिंदगी को पूरी तरह बदल दिया और वह आज तक उस दर्द को नहीं भूल पाए हैं।

इंटरव्यू में छलका भाई का दर्द

एक बेबाक बातचीत के दौरान अन्नू कपूर ने स्वीकार किया कि इस पूरे मामले को याद कर उनके अंदर का “भाई” आज भी भावुक हो जाता है। उन्होंने कहा कि अगर वह पूरी कहानी विस्तार से बताएंगे, तो मामला और बिगड़ सकता है।

उन्होंने यह भी बताया कि ओम पुरी के आखिरी दिनों में उनकी बहन सीमा ने ही उनकी देखभाल की थी, बावजूद इसके कि उनके रिश्ते में पहले काफी उतार-चढ़ाव रहे थे।

ओम पुरी के लिए सम्मान, लेकिन निजी पीड़ा बरकरार

अन्नू कपूर ने यह भी स्पष्ट किया कि वह ओम पुरी की अभिनय प्रतिभा का सम्मान करते हैं और उन्हें फिल्म इंडस्ट्री का बेहतरीन कलाकार मानते हैं। हालांकि, निजी जीवन में हुई घटनाओं को लेकर उनके मन में गहरा दुख अब भी कायम है।

उन्होंने कहा कि अब उनके मन में किसी के लिए द्वेष नहीं है, लेकिन अपनी बहन के जीवन को लेकर उन्हें अफसोस जरूर है।

रिश्ते की शुरुआत और विवाद

रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीमा कपूर और ओम पुरी की मुलाकात तब हुई थी जब सीमा महज 19 साल की थीं। दोनों के बीच करीब 11 साल का उम्र का अंतर था। कई सालों तक रिलेशनशिप में रहने के बाद दोनों ने 1990 में शादी की।

लेकिन शादी के कुछ समय बाद ही ओम पुरी का नंदिता पुरी के साथ रिश्ता सामने आया, जिससे यह विवाह विवादों में आ गया।

 

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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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Spider-Noir OTT Release: 1930s की दुनिया में लौटेगा सुपरहीरो, 27 मई से होगी स्ट्रीमिंग

हॉलीवुड के सुपरहीरो जॉनर में एक नया और दिलचस्प ट्विस्ट आने वाला है। Spider-Noir, जो लंबे समय से चर्चा में थी, अब अपनी रिलीज डेट के साथ तैयार है। यह लाइव-एक्शन सीरीज 27 मई 2026 से डिजिटल प्लेटफॉर्म Amazon Prime Video पर स्ट्रीम होगी। 1930 के दशक की कहानी, अलग अंदाज इस सीरीज की कहानी 1930 के दशक की पृष्ठभूमि में सेट है, जहां एक उम्रदराज प्राइवेट इन्वेस्टिगेटर और पूर्व सुपरहीरो अपने अतीत से जूझता नजर आएगा। मुख्य भूमिका में Nicolas Cage नजर आएंगे, जो ‘बेन रेली’ नाम के किरदार को निभा रहे हैं। यह किरदार कभी शहर का इकलौता सुपरहीरो था, लेकिन अब उसे फिर से खतरनाक साजिशों और माफिया से टकराना होगा। दमदार कहानी और एक्शन का वादा सीरीज में दर्शकों को एक्शन, थ्रिल और नॉयर स्टाइल का अनोखा मिश्रण देखने को मिलेगा। कहानी में बेन रेली को अपने पुराने दौर को वापस पाने और शहर को बचाने के लिए फिर से मैदान में उतरना पड़ेगा। इसमें खतरनाक विलेन जैसे सिल्वरमेन और फ्लिंट मार्को से टक्कर भी देखने को मिलेगी, जो कहानी को और रोमांचक बनाते हैं। स्टार कास्ट और क्रू इस सीरीज का निर्देशन Harry Bradbeer ने किया है। कास्ट में निकोलस केज के अलावा Brendan Gleeson, Lamorne Morris, Jack Huston और Li Jun Li जैसे कलाकार शामिल हैं। सीरीज का म्यूजिक माइकल डीन पार्सन्स और क्रिस बोवर्स ने तैयार किया है, जो इसके माहौल को और प्रभावी बनाता है। क्यों खास है Spider-Noir? यह सीरीज पारंपरिक सुपरहीरो कहानियों से अलग है। इसमें क्लासिक फिल्म-नोयर स्टाइल, डार्क टोन और पुरानी दुनिया का माहौल देखने को मिलेगा, जो इसे बाकी मार्वल-प्रेरित कहानियों से अलग बनाता है।  

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इतिहास की सबसे महंगी कास्ट में शामिल ‘राजा शिवाजी’? जानिए पूरी डिटेल

मुंबई, एजेंसियां। मई में रिलीज होने जा रही फिल्म ‘राजा शिवाजी’ को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। लगभग 100 करोड़ रुपये के बड़े बजट में बनी यह फिल्म ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर आधारित है और इसमें कई बड़े सितारे अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म की खास बात इसकी मल्टी-स्टार कास्ट और कलाकारों को दी गई भारी फीस है।   मुख्य कलाकार और उनकी फीस फिल्म में रितेश देशमुख लीड रोल में हैं, जो छत्रपति शिवाजी महाराज का किरदार निभा रहे हैं। उन्होंने न सिर्फ अभिनय किया है, बल्कि निर्देशन और सह-लेखन भी संभाला है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इसके लिए उन्हें 15 से 18 करोड़ रुपये की फीस मिली है। संजय दत्त फिल्म में अफजल खान की भूमिका में नजर आएंगे और उन्हें 8 से 10 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। वहीं अभिषेक बच्चन संभाजी शाहजी भोसले के किरदार में दिखेंगे, जिनकी फीस 6 से 8 करोड़ रुपये बताई जा रही है।   अन्य कलाकारों की कमाई और भूमिकाएं जिनिलिया देशमुख साईबाई के किरदार में नजर आएंगी और उन्हें 1 से 2 करोड़ रुपये मिले हैं। वह फिल्म की निर्माता भी हैं। महेश मांजरेकर लखूजी जाधव की भूमिका निभा रहे हैं और उनकी फीस 2 से 3 करोड़ रुपये बताई गई है। फरदीन खान शाहजहां के किरदार में नजर आएंगे और उन्हें भी लगभग 2 से 3 करोड़ रुपये मिले हैं। वहीं विद्या बालन को ताजुल मुखिदारत के रोल के लिए करीब 1.5 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।   रिलीज और विवाद फिल्म 1 मई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। हालांकि ट्रेलर रिलीज के बाद इसे कुछ आलोचनाओं का सामना भी करना पड़ा है। कुछ दर्शकों ने ऐतिहासिक तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने का आरोप लगाया है, खासकर शिवाजी और अफजल खान के बीच दिखाए गए दृश्यों को लेकर। इसके बावजूद फिल्म को लेकर उत्साह बरकरार है।

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अल्लू अर्जुन के मुंबई शिफ्ट होने की चर्चा तेज, पिता ने किया साफ–हैदराबाद ही है असली घर

  साउथ सिनेमा के सुपरस्टार Allu Arjun इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म ‘राका’ को लेकर सुर्खियों में हैं। इसी बीच उनके मुंबई शिफ्ट होने की खबरों ने भी जोर पकड़ लिया है। रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि अभिनेता ने मुंबई के पॉश जुहू इलाके में समुद्र के सामने एक लग्जरी अपार्टमेंट किराए पर लिया है, जिसका मासिक किराया करीब 16 लाख रुपये है। हालांकि, इन अटकलों पर अब उनके पिता Allu Aravind ने स्पष्ट प्रतिक्रिया दी है। मुंबई शिफ्ट की खबरों पर क्या बोले पिता? मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अल्लू अर्जुन ने जुहू तारा रोड पर लगभग 6,000 वर्ग फुट में फैला एक आलीशान 5BHK अपार्टमेंट किराए पर लिया है। बताया गया कि इस प्रॉपर्टी में स्विमिंग पूल, चार कार पार्किंग जैसी सुविधाएं भी मौजूद हैं और इसके लिए तीन साल का लीज एग्रीमेंट साइन किया गया है। लेकिन इन खबरों को खारिज करते हुए उनके पिता अल्लू अरविंद ने कहा कि अभिनेता का स्थायी ठिकाना Hyderabad ही है। उन्होंने साफ कहा कि फिल्म की शूटिंग के चलते मुंबई में अस्थायी रूप से रहना पड़ सकता है, लेकिन उनका घर और परिवार हैदराबाद में ही है। बच्चों की पढ़ाई और पारिवारिक जुड़ाव को देखते हुए मुंबई शिफ्ट होने का सवाल ही नहीं उठता। जुहू में होंगे इन सितारों के पड़ोसी जिस इलाके में अपार्टमेंट लेने की बात कही जा रही है, वहां कई बड़े सितारे रहते हैं। इसमें Katrina Kaif-Vicky Kaushal और Anushka Sharma-Virat Kohli जैसे नाम शामिल हैं। ऐसे में अगर अल्लू अर्जुन यहां रहते हैं, तो वे बॉलीवुड के कई बड़े चेहरों के पड़ोसी बन सकते हैं। परिवार के लिए लिया गया था अपार्टमेंट? रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि अल्लू अर्जुन चाहते थे कि उनकी पत्नी Sneha Reddy और बच्चे–अल्लू अयान और अल्लू अरहा–स्कूल की छुट्टियों में उनके साथ समय बिता सकें। इसी वजह से उन्होंने समुद्र के सामने वाली प्रॉपर्टी को चुना। हैदराबाद में बन रहा है नया आलीशान घर जहां एक तरफ मुंबई शिफ्ट होने की चर्चा है, वहीं दूसरी तरफ अभिनेता Hyderabad के जुबली हिल्स इलाके में अपने नए लग्जरी घर में शिफ्ट होने की तैयारी कर रहे हैं। करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से बने इस घर में जल्द ही भव्य गृह प्रवेश समारोह आयोजित किया जाएगा। वर्कफ्रंट: ‘राका’ और बड़े प्रोजेक्ट्स की तैयारी अल्लू अर्जुन की अगली फिल्म ‘राका’ निर्देशक Atlee के साथ है, जिसमें उनके साथ Deepika Padukone नजर आएंगी। इसके अलावा वह निर्देशक Lokesh Kanagaraj के साथ भी एक बड़े प्रोजेक्ट पर काम करने वाले हैं।  

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