एंटरटेनमेंट

'आवारापन 2' का धमाकेदार टीजर रिलीज, एक्शन अवतार में लौटे इमरान हाशमी

anjali kumari जून 29, 2026 0
Awarapan 2 Teaser
Awarapan 2 Teaser

मुंबई, एजेंसियां। विशेष फिल्म्स ने बहुप्रतीक्षित फिल्म 'आवारापन 2' का टीजर जारी कर दिया है। साल 2007 में रिलीज हुई इमरान हाशमी की कल्ट क्लासिक फिल्म 'आवारापन' के लगभग 19 साल बाद इसका सीक्वल बड़े पर्दे पर लौटने जा रहा है। टीजर रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर फिल्म को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। फैंस लंबे समय से इस फिल्म के दूसरे भाग का इंतजार कर रहे थे, जिसे अब आखिरकार खत्म कर दिया गया है।

 

एक्शन और रोमांस से भरपूर दिखा टीजर


करीब एक मिनट के टीजर में इमरान हाशमी दमदार एक्शन अवतार में नजर आ रहे हैं। टीजर में उनके कई हाई-ऑक्टेन एक्शन सीक्वेंस देखने को मिलते हैं, जो फिल्म को पहले से ज्यादा बड़े पैमाने पर पेश किए जाने का संकेत देते हैं। इसके साथ ही दिशा पाटनी की छोटी लेकिन आकर्षक झलक भी दिखाई गई है, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि फिल्म में रोमांस और इमोशनल ड्रामा का भी भरपूर तड़का देखने को मिलेगा। टीजर का बैकग्राउंड म्यूजिक और सिनेमैटिक विजुअल्स इसे और प्रभावशाली बनाते हैं।

 

नितिन कक्कड़ के निर्देशन में बनेगी नई कहानी


'आवारापन 2' का निर्देशन नितिन कक्कड़ कर रहे हैं, जबकि इसे विशेष फिल्म्स के बैनर तले तैयार किया जा रहा है। मेकर्स ने इस बार फिल्म को आधुनिक अंदाज और बड़े एक्शन स्केल के साथ पेश करने की कोशिश की है। हालांकि कहानी से जुड़े कई अहम पहलुओं को अभी भी गोपनीय रखा गया है, जिससे दर्शकों की उत्सुकता और बढ़ गई है।

 

टीजर रिलीज होने के बाद फैंस इमरान हाशमी की वापसी की जमकर तारीफ कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स इसे साल 2026 की सबसे चर्चित फिल्मों में से एक बता रहे हैं। अब दर्शकों को फिल्म के ट्रेलर और रिलीज डेट का बेसब्री से इंतजार है। 'आवारापन 2' से एक बार फिर इमरान हाशमी बड़े पर्दे पर एक्शन, रोमांस और इमोशन का दमदार मिश्रण लेकर लौटने के लिए तैयार हैं।

Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Anjali Kumari Anjali123

एंटरटेनमेंट

View more
Awarapan 2 Teaser
'आवारापन 2' का धमाकेदार टीजर रिलीज, एक्शन अवतार में लौटे इमरान हाशमी

मुंबई, एजेंसियां। विशेष फिल्म्स ने बहुप्रतीक्षित फिल्म 'आवारापन 2' का टीजर जारी कर दिया है। साल 2007 में रिलीज हुई इमरान हाशमी की कल्ट क्लासिक फिल्म 'आवारापन' के लगभग 19 साल बाद इसका सीक्वल बड़े पर्दे पर लौटने जा रहा है। टीजर रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर फिल्म को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। फैंस लंबे समय से इस फिल्म के दूसरे भाग का इंतजार कर रहे थे, जिसे अब आखिरकार खत्म कर दिया गया है।   एक्शन और रोमांस से भरपूर दिखा टीजर करीब एक मिनट के टीजर में इमरान हाशमी दमदार एक्शन अवतार में नजर आ रहे हैं। टीजर में उनके कई हाई-ऑक्टेन एक्शन सीक्वेंस देखने को मिलते हैं, जो फिल्म को पहले से ज्यादा बड़े पैमाने पर पेश किए जाने का संकेत देते हैं। इसके साथ ही दिशा पाटनी की छोटी लेकिन आकर्षक झलक भी दिखाई गई है, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि फिल्म में रोमांस और इमोशनल ड्रामा का भी भरपूर तड़का देखने को मिलेगा। टीजर का बैकग्राउंड म्यूजिक और सिनेमैटिक विजुअल्स इसे और प्रभावशाली बनाते हैं।   नितिन कक्कड़ के निर्देशन में बनेगी नई कहानी 'आवारापन 2' का निर्देशन नितिन कक्कड़ कर रहे हैं, जबकि इसे विशेष फिल्म्स के बैनर तले तैयार किया जा रहा है। मेकर्स ने इस बार फिल्म को आधुनिक अंदाज और बड़े एक्शन स्केल के साथ पेश करने की कोशिश की है। हालांकि कहानी से जुड़े कई अहम पहलुओं को अभी भी गोपनीय रखा गया है, जिससे दर्शकों की उत्सुकता और बढ़ गई है।   टीजर रिलीज होने के बाद फैंस इमरान हाशमी की वापसी की जमकर तारीफ कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स इसे साल 2026 की सबसे चर्चित फिल्मों में से एक बता रहे हैं। अब दर्शकों को फिल्म के ट्रेलर और रिलीज डेट का बेसब्री से इंतजार है। 'आवारापन 2' से एक बार फिर इमरान हाशमी बड़े पर्दे पर एक्शन, रोमांस और इमोशन का दमदार मिश्रण लेकर लौटने के लिए तैयार हैं।

anjali kumari जून 29, 2026 0
Akshay Khanna Ikka

'इक्का' से पहले अक्षय खन्ना की दमदार वापसी की चर्चा, निर्देशक सिद्धार्थ बोले- उन्हें और फिल्में मिलनी चाहिए

K.Bhagyaraj Farewell

के. भाग्यराज को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई, सीएम विजय और रजनीकांत समेत फिल्म जगत ने दी श्रद्धांजलि

Raaka Rashmika Mandaana

'राका' में फिर दिखेगी अल्लू अर्जुन-रश्मिका की जोड़ी, शाहरुख खान के कैमियो की भी है चर्चा

K.Bhagyaraj
तमिल सिनेमा को बड़ा झटका, दिग्गज निर्देशक के. भाग्यराज का हार्ट अटैक से निधन

चेन्नई, एजेंसियां। तमिल फिल्म उद्योग के प्रसिद्ध निर्देशक, अभिनेता और पटकथा लेखक के. भाग्यराज का शुक्रवार को 73 वर्ष की आयु में निधन हो गया। सुबह उनके चेन्नई स्थित आवास पर अचानक दिल का दौरा पड़ा, जिसके बाद उन्हें तुरंत अपोलो अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके निधन की खबर से दक्षिण भारतीय फिल्म जगत सहित पूरे मनोरंजन उद्योग में शोक की लहर दौड़ गई। परिवार में उनकी पत्नी अभिनेत्री पूर्णिमा भाग्यराज, बेटे अभिनेता शांतनु भाग्यराज और बेटी सरन्या भाग्यराज हैं।   भारतीराजा के शिष्य से बने सफल निर्देशक 7 जनवरी 1953 को तमिलनाडु के इरोड जिले के वेल्लाकोविल में जन्मे भाग्यराज ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत प्रसिद्ध निर्देशक भारतीराजा के सहायक निर्देशक के रूप में की थी। बाद में उन्होंने निर्देशन की दुनिया में कदम रखा और अपनी अलग पहचान बनाई। संयोगवश, उनके गुरु भारतीराजा का भी 10 जून को निधन हुआ था और मात्र 17 दिन बाद भाग्यराज भी इस दुनिया को अलविदा कह गए।   पारिवारिक कहानियों के दम पर बनाई अलग पहचान के. भाग्यराज तमिल सिनेमा में मध्यमवर्गीय परिवारों पर आधारित संवेदनशील और मनोरंजक फिल्मों के लिए जाने जाते थे। उन्होंने 'मुंधनाई मुदिचू', 'चिन्ना वीडू', 'डार्लिंग डार्लिंग डार्लिंग', 'इंदु पोई नाली वा' और 'अंधा 7 नाटकल' जैसी कई सफल फिल्मों का निर्देशन और अभिनय किया। अपने लंबे करियर में उन्होंने 25 से अधिक फिल्मों का निर्देशन किया और 75 से ज्यादा फिल्मों में अभिनय कर दर्शकों का दिल जीता।   हिंदी सिनेमा में भी छोड़ी अमिट छाप भाग्यराज ने केवल तमिल ही नहीं, बल्कि हिंदी सिनेमा में भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। उन्होंने 1986 में रिलीज हुई अमिताभ बच्चन अभिनीत सुपरहिट फिल्म 'आखिरी रास्ता' का निर्देशन किया, जिसमें श्रीदेवी, जया प्रदा और अनुपम खेर भी अहम भूमिकाओं में थे। यह फिल्म उस दौर की चर्चित फिल्मों में शामिल रही। उनके निधन पर फिल्म जगत की कई हस्तियों, राजनीतिक नेताओं और प्रशंसकों ने सोशल मीडिया के माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित की और इसे भारतीय सिनेमा के लिए अपूरणीय क्षति बताया।

abhishek singh जून 27, 2026 0
Maa Inti Bangaram 2

'मां इंटी बंगारम' के  सक्सेस पार्टी में राज निदिमोरू ने किया सीक्वल का बड़ा ऐलान

Sunil Shetty Akshay Kumar

सुनील शेट्टी ने तोड़ी राइवलरी की अफवाह, बोले- अक्षय कुमार से कभी नहीं रही दुश्मनी

Bollywood news

रणबीर कपूर संग फिल्म की अफवाहों पर राजकुमार हिरानी ने तोड़ी चुप्पी, कहा- 'फिलहाल ऐसा कोई प्रोजेक्ट नहीं'

Welcome To The Jungle
'Welcome To The Jungle' की धमाकेदार ओपनिंग, पहले दिन ही ₹29 करोड़ के पार

मुंबई, एजेंसियां। बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार की बहुप्रतीक्षित कॉमेडी फिल्म 'Welcome To The Jungle' ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार शुरुआत की है। रिलीज के पहले ही दिन फिल्म ने दुनियाभर में ₹29 करोड़ से अधिक की कमाई कर ली है। फिल्म की दमदार ओपनिंग ने एक बार फिर साबित कर दिया कि 'Welcome' फ्रेंचाइज़ी का क्रेज दर्शकों में अब भी बरकरार है।   पहले दिन कैसा रहा बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन?   ट्रेड रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म ने भारत में लगभग ₹15 करोड़ (नेट) का कलेक्शन किया, जबकि वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन ₹29 करोड़ के पार पहुंच चूका  है। गुरुवार को हुए पेड प्रीव्यू शो की कमाई जोड़ने पर भारत में फिल्म का कुल नेट कलेक्शन और अधिक हो गया।   मल्टीस्टार कास्ट बनी बड़ी ताकत   फिल्म का निर्देशन अहमद खान ने किया है। इसमें अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी, परेश रावल, जैकलीन फर्नांडिस, दिशा पटानी, अरशद वारसी, जॉनी लीवर, राजपाल यादव समेत 30 से अधिक कलाकार नजर आ रहे हैं। बड़ी स्टारकास्ट और कॉमेडी का तड़का दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में सफल रहा है।   दर्शकों से मिली मिली-जुली प्रतिक्रिया   फिल्म को लेकर दर्शकों की प्रतिक्रियाएं मिश्रित रही हैं। कई लोगों ने इसकी कॉमिक टाइमिंग और पुराने 'Welcome' वाले मनोरंजन की तारीफ की, जबकि कुछ दर्शकों ने कहानी को कमजोर बताया। इसके बावजूद फिल्म की शुरुआती कमाई मजबूत रही है।   वीकेंड पर बढ़ सकती है कमाई   ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि शनिवार और रविवार की छुट्टियों का फिल्म को फायदा मिल सकता है। यदि दर्शकों का सकारात्मक रुझान बना रहता है, तो शुरुआती वीकेंड में फिल्म का कलेक्शन काफी बढ़ सकता है।

anjali kumari जून 27, 2026 0
Avantika Sundar

खुशबू सुंदर की बेटी अवंतिका शादी के बंधन में बंधीं, सितारों से सजा ग्रैंड वेडिंग समारोह

Welcome TO The Jungle

'वेलकम टू द जंगल' ने सिनेमाघरों में दी दस्तक, पहले ही दिन मिला दर्शकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स

Shreya Ghoshal Day

हर साल 26 जून को क्यों मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल डे'? जानिए वजह

0 Comments

Top week

झारखंड

वरिष्ठ संपादक एवं प्रतिष्ठित पत्रकार दीपेश कुमार का हृदयाघात से निधन

anjali kumari जून 24, 2026 0

Voting poll

अगर भविष्य में रश्मिका और विजय जीवनसाथी बनते हैं, तो क्या आपको उनकी जोड़ी पसंद होगी?