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Vijay Breaks Silence on Divorce Rumors

तलाक और अफेयर की चर्चाओं पर बोले थलापति विजय, कहा- ‘समय बर्बाद न करें, मैं खुद सुलझाऊंगा’

surbhi मार्च 9, 2026 0
Thalapathy Vijay addressing women’s conference amid divorce and Trisha affair rumors
Thalapathy Vijay Responds to Divorce Rumors

 

साउथ सुपरस्टार और नेता Vijay इन दिनों अपनी निजी जिंदगी को लेकर सुर्खियों में हैं। उनकी पत्नी Sangeeta Sornalingam से तलाक और अभिनेत्री Trisha Krishnan के साथ रिश्ते की चर्चाएं लगातार हो रही हैं। हालांकि इन अफवाहों के बीच विजय ने पहली बार सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया दी है और अपने समर्थकों से अपील की है कि वे इन विवादों पर ध्यान न दें।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर आयोजित एक महिला सम्मेलन में विजय ने कहा कि उनके आसपास चल रही निजी समस्याओं को लेकर लोग चिंता न करें। उन्होंने कहा कि यह मुद्दे लोगों के समय के लायक नहीं हैं और वह खुद इनका समाधान कर लेंगे। विजय ने कहा कि उन्हें सबसे ज्यादा दुख तब होता है जब उनके कारण उनके प्रशंसक या समर्थक परेशान होते हैं।

विजय ने कहा कि उनका ध्यान निजी विवादों पर नहीं बल्कि जनता के कल्याण और राजनीति में अपने लक्ष्यों पर है। वह अपनी पार्टी Tamilaga Vettri Kazhagam (TVK) के जरिए आगामी Tamil Nadu विधानसभा चुनाव में उतरने की तैयारी कर रहे हैं और जनता से जुड़े मुद्दों पर काम करना चाहते हैं।

सम्मेलन में विजय ने महिलाओं और परिवारों के लिए कई बड़े वादे भी किए। उन्होंने कहा कि यदि उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके अलावा युवतियों की शादी पर सोने की अंगूठी और सिल्क साड़ी देने का भी वादा किया गया। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी परिवारों को साल में छह एलपीजी सिलेंडर मुफ्त दिए जाएंगे, जबकि स्कूलों में ड्रॉपआउट रोकने के लिए हर मां या अभिभावक को सालाना 15,000 रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी।

विजय ने यह भी कहा कि तमिलनाडु में जन्म लेने वाले हर नवजात बच्चे को सरकार की ओर से ‘आशीर्वाद’ के रूप में सोने की अंगूठी और बेबी वेलकम किट दी जाएगी। महिला स्वयं सहायता समूहों को बिना ब्याज के 5 लाख रुपये तक का ऋण देने की योजना भी उन्होंने बताई। साथ ही राशन दुकानों, स्कूलों और कॉलेजों के जरिए महिलाओं को मुफ्त सैनिटरी पैड देने की बात कही।

महिलाओं की सुरक्षा को लेकर विजय ने ‘जीरो टॉलरेंस पॉलिसी’ लागू करने की घोषणा की। उन्होंने सार्वजनिक परिवहन में ‘स्मार्ट पैनिक बटन’ की सुविधा, पुलिस में महिलाओं की सुरक्षा के लिए ‘रानी वेलु नचियार’ नाम से विशेष यूनिट बनाने और राज्य की सरकारी बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा की व्यवस्था करने का भी वादा किया।

गौरतलब है कि विजय की पत्नी संगीता ने दिसंबर 2025 में तलाक के लिए याचिका दायर की थी। दोनों की शादी 1999 में हुई थी और उनके दो बच्चे हैं-एक बेटा और एक बेटी। निजी जीवन को लेकर उठे विवादों के बीच विजय अब अपने राजनीतिक एजेंडे और जनकल्याण योजनाओं पर ध्यान केंद्रित करने की बात कर रहे हैं।

 

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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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प्रियंका चोपड़ा ने बेटी मालती मैरी को सिखाया ‘सर्व मंगल मांगल्ये’ मंत्र, खूबसूरत वीडियो हुआ वायरल

मुंबई, एजेंसियां। अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा ने सोशल मीडिया पर अपनी बेटी मालती मैरी जोनस के साथ एक प्यारा वीडियो साझा किया है, जिसमें वह अपनी बेटी को ‘सर्व मंगल मांगल्ये’ मंत्र सिखाती नजर आ रही हैं। मां-बेटी के इस खूबसूरत पल ने प्रशंसकों का ध्यान खींचा है और वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है।   मालती के साथ मंत्र का जाप करती दिखीं प्रियंका   वीडियो में प्रियंका चोपड़ा अपनी बेटी मालती को मंत्र बोलना सिखाती नजर आती हैं। मालती भी मां के साथ मंत्र दोहराने की कोशिश करती दिखाई देती हैं। वीडियो में मां-बेटी के बीच की बॉन्डिंग और प्रियंका का बेटी को भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं से परिचित कराने का अंदाज देखने को मिलता है।   प्रियंका ने वीडियो के जरिए यह भी दिखाया कि वह अपनी बेटी को भारतीय संस्कृति और पारिवारिक परंपराओं से जोड़ने की कोशिश करती हैं।   भारतीय संस्कारों से मालती को जोड़ रही हैं प्रियंका   प्रियंका चोपड़ा लंबे समय से अपनी बेटी मालती मैरी की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करती रही हैं। कई मौकों पर वह बेटी को भारतीय त्योहारों और पारंपरिक रीति-रिवाजों से भी परिचित कराती नजर आई हैं।   ‘सर्व मंगल मांगल्ये’ मंत्र वाला यह वीडियो भी इसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है। वीडियो में मालती का मासूम अंदाज और प्रियंका के साथ मंत्र दोहराने की कोशिश प्रशंसकों को पसंद आ रही है।   मां-बेटी की बॉन्डिंग ने जीता फैंस का दिल   प्रियंका और मालती की इस झलक पर सोशल मीडिया यूजर्स प्यार लुटा रहे हैं। प्रशंसक मां-बेटी की बॉन्डिंग की तारीफ करने के साथ-साथ मालती के मासूम अंदाज को भी पसंद कर रहे हैं।   प्रियंका चोपड़ा इन दिनों अपने अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स के साथ-साथ परिवार को भी समय देती नजर आती हैं। मालती के साथ उनके ऐसे वीडियो अक्सर सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोरते हैं।

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माधुरी दीक्षित ने ₹4.85 करोड़ में बेचा मुंबई का ऑफिस, 18 साल में 824% मुनाफा; जानिए 4 बड़ी प्रॉपर्टी डील

मुंबई: बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री माधुरी दीक्षित सिर्फ अपनी शानदार अदाकारी के लिए ही नहीं, बल्कि रियल एस्टेट निवेश को लेकर भी सुर्खियों में रहती हैं। अब उनकी एक कमर्शियल प्रॉपर्टी डील सामने आई है, जिसमें उन्होंने मुंबई के अंधेरी वेस्ट स्थित अपना ऑफिस स्पेस 4.85 करोड़ रुपये में बेच दिया। खास बात यह है कि इस प्रॉपर्टी को उन्होंने करीब 18 साल पहले महज 52.5 लाख रुपये में खरीदा था। यानी लंबे समय तक इस प्रॉपर्टी को अपने पास रखने के बाद इसकी कीमत में करीब 824 प्रतिशत का उछाल आया। यह डील ऐसे समय में सामने आई है, जब मुंबई के प्रीमियम इलाकों में कमर्शियल और रेजिडेंशियल रियल एस्टेट में सेलिब्रिटीज की दिलचस्पी लगातार चर्चा में है। 52.5 लाख की प्रॉपर्टी 4.85 करोड़ में बेची प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन से जुड़े दस्तावेजों के मुताबिक माधुरी दीक्षित ने यह ऑफिस स्पेस 14 मई 2008 को हुए एग्रीमेंट के जरिए 52.5 लाख रुपये में खरीदा था। अब इसे 4.85 करोड़ रुपये में बेचा गया है। यह ऑफिस अंधेरी वेस्ट में लिंक रोड के पास ओशिवारा स्थित मोरया लैंडमार्क-II प्रेमिसेस कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड की चौथी मंजिल पर है। इसका कारपेट एरिया करीब 1,594.24 वर्ग फुट है और डील में तीन कार पार्किंग स्पेस भी शामिल हैं। इस बिक्री के लिए करीब 29.10 लाख रुपये की स्टाम्प ड्यूटी चुकाई गई। रिपोर्ट के मुताबिक प्रॉपर्टी खरीदने वाली कंपनी फ्रेम्स प्रोडक्शन कंपनी प्राइवेट लिमिटेड है और इसका एग्रीमेंट 23 जून को रजिस्टर हुआ। मार्च 2026 में लिया नया ऑफिस स्पेस लीज पर दिलचस्प बात यह है कि एक तरफ माधुरी ने अपना पुराना ऑफिस बेचा, तो दूसरी तरफ इसी साल मार्च में उन्होंने मुंबई के लोअर परेल में एक नया ऑफिस स्पेस पांच साल के लिए लीज पर लिया। करीब 731 वर्ग फुट के इस ऑफिस में एक कार पार्किंग स्पेस भी है। पांच साल के लीज एग्रीमेंट की कुल किराये की राशि करीब 2.81 करोड़ रुपये बताई गई है। पहले साल का किराया 4.25 लाख रुपये और दूसरे साल में 5 प्रतिशत बढ़कर करीब 4.46 लाख रुपये होने की जानकारी सामने आई है। जुहू का अपार्टमेंट भी बेच चुकी हैं माधुरी माधुरी दीक्षित की रियल एस्टेट गतिविधियां सिर्फ ऑफिस स्पेस तक सीमित नहीं हैं। दिसंबर 2025 में उन्होंने मुंबई के जुहू स्थित अपना एक अपार्टमेंट करीब 3.9 करोड़ रुपये में बेचा था। रिपोर्ट के अनुसार, इस अपार्टमेंट को माधुरी और उनके पति ने करीब 1.95 करोड़ रुपये में खरीदा था। यानी इस सौदे में भी संपत्ति की कीमत लगभग दोगुनी हुई। इसी सोसाइटी में उन्होंने एक अन्य फ्लैट से जुड़ी पार्किंग स्पेस भी करीब 15 लाख रुपये में बेची थी। 2022 में खरीदा था 48 करोड़ का लग्जरी अपार्टमेंट माधुरी दीक्षित ने साल 2022 में मुंबई के लोअर परेल इलाके में करीब 48 करोड़ रुपये का एक लग्जरी अपार्टमेंट खरीदा था। यह डील उनके रियल एस्टेट पोर्टफोलियो में सबसे बड़ी खरीद में से एक मानी जाती है। रिपोर्ट के मुताबिक अभिनेत्री के पास मुंबई के अलावा अमेरिका के डेनवर में भी एक लग्जरी बंगला है। इसके अलावा लोखंडवाला, जुहू और मलाड में भी उनकी प्रॉपर्टीज का जिक्र सामने आया है। फिल्मों और रियलिटी शो से भी होती है बड़ी कमाई माधुरी दीक्षित की कमाई का प्रमुख स्रोत सिर्फ रियल एस्टेट नहीं है। रिपोर्ट में उनकी अनुमानित नेट वर्थ करीब 250 करोड़ रुपये बताई गई है। फिल्मों के लिए उनकी फीस करीब 4 से 5 करोड़ रुपये बताई जाती है, जबकि ब्रांड एंडोर्समेंट से भी वह अच्छी कमाई करती हैं। वह ऑनलाइन डांस स्कूल के जरिए भी कमाई करती हैं। रियलिटी शो में जज के तौर पर नजर आने पर उनकी फीस 10 से 20 करोड़ रुपये तक होने का दावा किया गया है। हालांकि सेलिब्रिटी की फीस और नेट वर्थ से जुड़े आंकड़े अक्सर मीडिया रिपोर्टों और अनुमान पर आधारित होते हैं, इसलिए इन्हें आधिकारिक आंकड़ा नहीं माना जाना चाहिए। बॉलीवुड में रियल एस्टेट निवेश का बढ़ता ट्रेंड माधुरी दीक्षित अकेली बॉलीवुड हस्ती नहीं हैं, जिन्होंने प्रॉपर्टी को निवेश के तौर पर इस्तेमाल किया है। ऋतिक रोशन, कार्तिक आर्यन और सैफ अली खान जैसे सितारे भी ऑफिस और अन्य रियल एस्टेट संपत्तियों में निवेश को लेकर चर्चा में रहे हैं। माधुरी की हालिया डील खास इसलिए है क्योंकि 2008 में खरीदी गई 52.5 लाख रुपये की कमर्शियल प्रॉपर्टी करीब 18 साल बाद 4.85 करोड़ रुपये में बिकी। यह सौदा मुंबई के प्रीमियम रियल एस्टेट बाजार में लंबी अवधि के निवेश की संभावनाओं को भी सामने रखता है। हालांकि, किसी भी प्रॉपर्टी निवेश से मिलने वाला रिटर्न इलाके, संपत्ति की स्थिति, बाजार की परिस्थितियों, टैक्स और अन्य खर्चों पर निर्भर करता है। इसलिए सिर्फ किसी सेलिब्रिटी की डील देखकर निवेश का फैसला करना उचित नहीं है।  

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फिल्म इंडस्ट्री में 45 साल पूरे होने पर संजय दत्त
फिल्म इंडस्ट्री में 45 साल पूरे होने पर संजय दत्त का छलका दर्द, बोले- पहले बॉलीवुड में था परिवार जैसा माहौल

मुंबई, एजेंसियां। बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त ने फिल्म इंडस्ट्री में अपने 45 साल पूरे होने पर पुराने दिनों को याद किया है। अभिनेता ने इंडस्ट्री के बदलते माहौल पर बात करते हुए कहा कि उनके शुरुआती दौर में बॉलीवुड में लोगों के बीच परिवार जैसा जुड़ाव देखने को मिलता था, लेकिन अब प्रतिस्पर्धा काफी बढ़ गई है। संजय दत्त का यह बयान फिल्म जगत में आए बदलाव को लेकर चर्चा में है।   पुराने दौर को याद कर भावुक हुए संजय दत्त     संजय दत्त ने अपने लंबे फिल्मी सफर को याद करते हुए कहा कि जब उन्होंने इंडस्ट्री में कदम रखा था, तब कलाकारों और फिल्म से जुड़े लोगों के बीच रिश्ते काफी अलग हुआ करते थे। उस समय एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ खड़े रहने और परिवार की तरह जुड़ाव रखने का माहौल था।   अभिनेता ने अपने करियर के शुरुआती वर्षों को याद करते हुए बताया कि उस दौर में फिल्म इंडस्ट्री के लोगों के बीच आपसी सम्मान और अपनापन ज्यादा महसूस होता था। उनके मुताबिक, समय के साथ इंडस्ट्री का काम करने का तरीका काफी बदल गया है।   अब प्रतिस्पर्धा पहले से कहीं ज्यादा     संजय दत्त ने कहा कि आज के दौर में बॉलीवुड में प्रतिस्पर्धा बहुत बढ़ गई है। कलाकारों के बीच मुकाबला पहले की तुलना में ज्यादा है और हर कोई अपने करियर को आगे ले जाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।   उन्होंने माना कि प्रतिस्पर्धा किसी भी इंडस्ट्री का हिस्सा है, लेकिन इसके कारण पुराने समय वाला आपसी जुड़ाव कम होता दिखाई दे रहा है। उनके बयान से यह भी संकेत मिलता है कि इंडस्ट्री में बदलाव सिर्फ फिल्मों और तकनीक तक सीमित नहीं रहा, बल्कि लोगों के आपसी रिश्तों पर भी इसका असर पड़ा है।   45 साल का सफर रहा उतार-चढ़ाव से भरा     संजय दत्त ने अपने करियर में कई दौर देखे हैं। उन्होंने एक बाल कलाकार के तौर पर शुरुआत की और बाद में हिंदी सिनेमा के प्रमुख अभिनेताओं में अपनी जगह बनाई। उनके करियर में सफलता के साथ-साथ निजी और पेशेवर स्तर पर कई मुश्किल दौर भी आए।   45 साल के लंबे सफर में संजय दत्त ने अलग-अलग तरह के किरदार निभाए और कई पीढ़ियों के कलाकारों के साथ काम किया। यही वजह है कि उनके लिए बॉलीवुड का बदलता दौर काफी करीब से देखा हुआ अनुभव है।   आज भी फिल्मों में सक्रिय हैं अभिनेता     लंबे करियर के बावजूद संजय दत्त फिल्मों में लगातार सक्रिय हैं। वह अब मुख्य अभिनेता के साथ-साथ दमदार सहायक भूमिकाओं में भी नजर आ रहे हैं। उनकी लोकप्रियता आज भी बरकरार है और नई पीढ़ी के कलाकारों के साथ उनकी जोड़ी को दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिलता है।   फिल्म इंडस्ट्री में 45 साल पूरे करना संजय दत्त के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। उनके इस सफर में बॉलीवुड के कई दौर शामिल रहे हैं और इंडस्ट्री के बदलते माहौल पर उनकी टिप्पणी पुराने और नए दौर के बीच के अंतर को सामने लाती है।

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