Alia Bhatt सिर्फ फिल्मों ही नहीं, बल्कि अपने फैशन सेंस को लेकर भी लगातार सुर्खियों में रहती हैं। साल 2023 में Gucci की ग्लोबल एंबेसडर बनने के बाद आलिया ने अपने स्टाइल में इस लग्जरी ब्रांड के कई आइकॉनिक बैग्स को शामिल किया है। खास बात यह है कि उनका बैग कलेक्शन सिर्फ फैशन नहीं बल्कि क्लासिक और मॉडर्न स्टाइल का परफेक्ट मिश्रण भी दिखाता है।
Gucci Jackie से लेकर Bamboo 1947 तक, आलिया के कई बैग्स सोशल मीडिया पर फैशन गोल्स बन चुके हैं। इनके अलावा Dior, Chanel और Bottega Veneta जैसे बड़े लग्जरी ब्रांड्स के बैग्स भी उनके कलेक्शन का हिस्सा हैं।
कान्स 2026 के दौरान आलिया ने Gucci Jackie 1961 बैग को स्लाउची जैकेट और कैपरी पैंट्स के साथ स्टाइल किया था। टेक्सचर्ड लेदर और क्लासिक पिस्टन क्लैस्प वाला यह बैग विंटेज फैशन का शानदार उदाहरण माना जाता है। यही नहीं, आलिया कई बार ब्लैक Gucci Jackie के साथ एयरपोर्ट और फैशन इवेंट्स में भी नजर आ चुकी हैं।
Gucci Bamboo 1947 बैग भी आलिया के सबसे चर्चित बैग्स में शामिल है। ब्लैक फर कोट और साटन आउटफिट के साथ इस बैग को कैरी कर उन्होंने ‘मोब-वाइफ’ एस्थेटिक को नया ट्विस्ट दिया। वहीं व्हाइट Bamboo बैग को मोनोक्रोम आउटफिट के साथ स्टाइल कर उन्होंने मिनिमल लग्जरी लुक पेश किया।
मिलान फैशन वीक में आलिया ने ऑल-ब्लैक लेदर ट्रेंच कोट के साथ Gucci Horsebit 1955 बैग कैरी किया था। वहीं रेड Gucci Blondie बैग को उन्होंने डेनिम और मोनोग्राम शर्ट के साथ पेयर किया, जिसने उनके कैजुअल लुक को भी लग्जरी टच दिया।
Gucci के अलावा आलिया का Dior Book Tote एयरपोर्ट लुक्स में कई बार नजर आया है। वहीं पेस्टल पिंक Chanel Deauville Tote को उन्होंने इंडियन और वेस्टर्न दोनों आउटफिट्स के साथ स्टाइल किया। Bottega Veneta Acro Tote और Balenciaga Backpack उनके ट्रैवल फैशन का अहम हिस्सा बन चुके हैं।
आलिया भट्ट का बैग कलेक्शन सिर्फ लग्जरी ब्रांड्स दिखाने तक सीमित नहीं है। उनके हर बैग में अलग स्टाइल स्टेटमेंट नजर आता है। कहीं क्लासिक विंटेज लुक है तो कहीं Gen-Z फैशन का मॉडर्न टच। यही वजह है कि फैशन लवर्स उनके एयरपोर्ट लुक से लेकर रेड कार्पेट स्टाइल तक को फॉलो करते हैं।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।
अभिनेत्री अदिति राव हैदरी एक बार फिर अपने खूबसूरत पारंपरिक अंदाज से फैशन प्रेमियों का ध्यान खींच रही हैं। आगामी त्योहारों और शादी के मौसम के लिए उनका नया लुक सादगी और शाही अंदाज का शानदार मेल पेश करता है। अदिति ने नई दिल्ली की डिजाइनर प्रीति क्लेर द्वारा तैयार किया गया सेज ग्रीन रंग का सिल्क टिश्यू घरारा सेट पहना। डिजाइनर अपने आधुनिक भारतीय परिधानों के लिए जानी जाती हैं और इस घरारे में पारंपरिक कढ़ाई को बेहद आधुनिक अंदाज में पेश किया गया है। नेकलाइन पर पुरानी शैली की जरदोजी इस परिधान की सबसे खास बात इसकी नेकलाइन और आस्तीन पर की गई पुरानी शैली की जरदोजी कढ़ाई है। मखमली फूलों के आकार की सजावट को हाथ से तैयार किया गया है और इसमें असली गोमेद पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है। जरदोजी पर दिया गया पुराना प्रभाव इस परिधान को हल्का विंटेज और इस्तेमाल किए हुए शाही आभूषण जैसा एहसास देता है। घरारे की चौड़ी पैंट पूरे लुक में नाटकीयता जोड़ती है, जबकि इसका हल्का और आकर्षक सिल्हूट इसे युवा अंदाज देता है। घरारे के किनारे पर भी मखमली सजावट की गई है, जिसका आकार मीनारों के ऊपरी हिस्से जैसा है। इसके साथ छोटे-छोटे सजावटी फुंदने लगाए गए हैं, जो पूरे परिधान को और दिलचस्प बनाते हैं। अदिति का मेकअप और हेयरस्टाइल अदिति ने इस पारंपरिक परिधान के साथ अपने बालों को सामान्य सीधे या सधे हुए अंदाज के बजाय हल्की बिखरी हुई लहरों में रखा। यह हेयरस्टाइल उनके पूरे लुक के बोहेमियन अंदाज को और उभारता है। मेकअप में उन्होंने हल्की धुंधली आंखों, गुलाबी गालों और बेहद संतुलित सौंदर्य को प्राथमिकता दी। उनका मेकअप परिधान पर हावी होने के बजाय उसके साथ सहजता से घुलता नजर आया। ऐसे करें इस लुक को स्टाइल फैशन विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के घरारा सेट को ज्यादा सजाने की जरूरत नहीं होती। इसके साथ चांदी के बड़े आभूषण, रंग-बिरंगे क्रिस्टल और रत्नों से सजे गले के आभूषण अच्छे लग सकते हैं। फुटवियर में कोल्हापुरी हील्स, धात्विक रंग की पंप्स या स्टिलेटोज इस लुक को ऊंचाई और आधुनिकता दे सकते हैं। हाथ में छोटा धात्विक मिनॉडियर बैग पूरे पहनावे को पार्टी और शादी के लिए तैयार कर सकता है। अदिति राव हैदरी का यह लुक उन लोगों के लिए खास प्रेरणा है जो शादी या त्योहार के मौसम में भारी लहंगे या पारंपरिक परिधानों के बजाय सादगी, विंटेज कढ़ाई और आधुनिक सिल्हूट का संतुलन चाहते हैं।
अभिनेत्री शोभिता धुलिपाला एक बार फिर अपने शानदार एथनिक लुक को लेकर चर्चा में हैं। एक शादी समारोह में पहुंचीं शोभिता ने डिजाइनर अर्पिता मेहता की सिंदूरी और रोज गोल्ड हैंड-एम्ब्रॉयडर्ड टियर वाली साड़ी पहनी। चटक ऑरेंज-रेड रंग की इस साड़ी ने उनके पूरे लुक को बेहद आकर्षक और ग्लैमरस बना दिया। शोभिता ने इस साड़ी को खास तौर पर डिजाइन किए गए ब्लाउज के साथ स्टाइल किया, जिसकी किनारी पर लगे बीडेड ऑरेंज टैसल्स ने पूरे आउटफिट में एक अलग तरह का आकर्षण जोड़ा। हल्के जॉर्जेट में तैयार हुई साड़ी यह साड़ी हल्के जॉर्जेट फैब्रिक से तैयार की गई है। इसकी टियर वाली डिजाइन ड्रेप को खूबसूरत फ्लो देती है, जबकि पूरे फैब्रिक पर सिल्वर मोटिफ्स नजर आते हैं। साड़ी के बॉर्डर पर रोज गोल्ड और सिल्वर रंग की फ्लोरल एम्ब्रॉयडरी की गई है, जो चटक सिंदूरी बेस के साथ खूबसूरत कंट्रास्ट तैयार करती है। साड़ी की लेयरिंग इसे पारंपरिक लुक के साथ-साथ मॉडर्न टच भी देती है। बीडेड टैसल्स वाला ब्लाउज बना खास आकर्षण शोभिता ने साड़ी के साथ स्वीटहार्ट नेकलाइन वाला शॉर्ट-स्लीव ब्लाउज पहना। ब्लाउज पर फूलों जैसे एम्ब्रॉयडर्ड मोटिफ्स बनाए गए हैं, जबकि किनारे पर लगे नारंगी बीडेड टैसल्स इसे अलग पहचान देते हैं। ब्लाउज का डीप यू-बैक डिजाइन भी लुक को बोल्ड टच देता है। पीछे इसे टैसल्स वाली डोरी से बांधा गया है, जिससे पारंपरिक और मॉडर्न स्टाइल का खूबसूरत मेल देखने को मिलता है। जेमस्टोन ज्वेलरी से पूरा किया लुक ज्वेलरी की बात करें तो शोभिता ने ज्योमेट्रिक डिजाइन वाले चेन-जड़ित झुमके पहने, जिनमें हरे और गुलाबी रंग के जेमस्टोन के साथ छोटे सफेद मोती भी शामिल थे। उन्होंने हाथों में दो चौड़े कंगन पहने। इनमें से एक पारदर्शी स्टोन्स से सजा था, जबकि दूसरे में एमराल्ड ग्रीन और क्लियर स्टोन्स का इस्तेमाल किया गया था। इसके अलावा उन्होंने बाएं कान में एक ईयर कफ भी पहना। सटल मेकअप और स्लीक हेयरस्टाइल अपने लुक को बैलेंस करने के लिए शोभिता ने बालों को एक साफ-सुथरे बन में बांधा। मेकअप में उनकी पहचान बन चुके कोहल-रिम्ड आईज, हल्के फ्लश्ड चीक्स और म्यूटेड ब्राउन लिप्स नजर आए। शोभिता इससे पहले भी कई मौकों पर हैवी एम्बेलिश्ड साड़ियों और मॉडर्न कट वाली लहंगों में नजर आ चुकी हैं। उनके स्टाइल की खासियत यह है कि वह पारंपरिक परिधानों में भी किसी अनोखे ब्लाउज या स्टेटमेंट ज्वेलरी के जरिए अलग अंदाज जोड़ देती हैं। इस लुक में सिंदूरी रंग, टियर वाली साड़ी, डीप-बैक ब्लाउज और हरे-गुलाबी जेमस्टोन ज्वेलरी ने उनके एथनिक लुक को खास बना दिया।
करिश्मा कपूर एक बार फिर अपने शानदार फैशन लुक से सुर्खियों में हैं। इंडियाज बेस्ट डांसर सीजन 5 में नजर आईं अभिनेत्री ने डिजाइनर रिद्धि मेहरा का चेरी-रेड कॉन्सेप्चुअल साड़ी-गाउन पहना, जिसमें पारंपरिक भारतीय परिधान और मॉडर्न ईवनिंग वियर का खूबसूरत मेल देखने को मिला। इस लुक की सबसे खास बात इसका असिमेट्रिक ड्रेप था। साड़ी का पल्लू सामान्य बंगाली या गुजराती अंदाज में पहनने के बजाय शरीर के चारों ओर लपेटा गया था, जबकि दूसरा हिस्सा लंबी फ्लोइंग पैनल की तरह नीचे गिरता नजर आया। नीचे की बारीकी से की गई प्लीटिंग ने आउटफिट को गाउन जैसा सिल्हूट दिया। ब्लाउज की जगह पहना स्ट्रक्चर्ड कॉर्सेट करिश्मा ने पारंपरिक ब्लाउज की जगह स्वीटहार्ट नेकलाइन वाला स्ट्रक्चर्ड कॉर्सेट चुना। इसके किनारे पर क्रिस्टल डिटेलिंग ने पूरे लुक को ग्लैमरस टच दिया। चेरी-रेड रंग ने आउटफिट को और भी आकर्षक बनाया और करिश्मा की उस फैशन पसंद को दोहराया, जिसमें वह अलग-अलग मौकों पर रेड के शेड्स में नजर आती रही हैं। डायमंड और रूबी ज्वेलरी से पूरा किया लुक स्टाइलिस्ट अमी पटेल ने ज्वेलरी को काफी सोच-समझकर स्टाइल किया। करिश्मा ने डायमंड और जेमस्टोन ईयररिंग्स के साथ कई रिंग्स पहनीं। हाथों और कलाई पर रूबी टेनिस ब्रेसलेट, डायमंड ब्रेसलेट और गोल्ड बैंगल्स का स्टैक उनके लुक का खास हिस्सा रहा। ज्वेलरी की लेयरिंग ने आउटफिट को ओवरड्रेस्ड बनाए बिना लक्जरी फिनिश दी। मेकअप रहा सॉफ्ट और एलिगेंट करिश्मा ने बालों को सेंटर पार्टिंग के साथ खुले और स्लीक ब्लो-ड्राय स्टाइल में रखा। आंखों पर ब्राउन आईलाइनर से हल्का विंग बनाया गया, जबकि न्यूड लिप्स ने मेकअप को सॉफ्ट और बैलेंस्ड रखा। कुल मिलाकर, करिश्मा का यह लुक दिखाता है कि पारंपरिक साड़ी को कॉर्सेट, असिमेट्रिक ड्रेपिंग और स्टेटमेंट ज्वेलरी के साथ जोड़कर उसे पूरी तरह मॉडर्न ईवनिंग आउटफिट बनाया जा सकता है। यह स्टाइल डेस्टिनेशन कॉकटेल पार्टी से लेकर इंटिमेट सेलिब्रेशन और फॉर्मल ईवनिंग इवेंट तक के लिए शानदार विकल्प बन सकता है।