फैशन और ब्यूटी

Nita Ambani’s Handwoven Jamdani Saree Steals Spotlight

नीता अंबानी की खास जामदानी साड़ी: 24 महीनों में तैयार कारीगरी, हर धागे में बसी कहानी

surbhi अप्रैल 24, 2026 0
Nita Ambani wearing handcrafted Jamdani saree at TIME100 Summit showcasing traditional Indian weaving
Nita Ambani Jamdani Saree TIME100 Summit Look

न्यूयॉर्क: TIME100 Summit में Nita Ambani का लुक एक बार फिर भारतीय हस्तशिल्प की बारीकी और खूबसूरती का शानदार उदाहरण बनकर सामने आया। उन्होंने Swadesh की जामदानी साड़ी पहनी, जिसे Biren Kumar Basak ने करीब 24 महीनों में बुना।

साड़ी में बसी कहानियां

यह जामदानी साड़ी पारंपरिक अंदाज से अलग थी। आमतौर पर जहां पल्लू को सबसे ज्यादा महत्व दिया जाता है, वहीं इस साड़ी में डिजाइन पूरे ड्रेप में फैला हुआ था।
घुड़सवार, जानवर, पेड़ और मानव आकृतियां बॉर्डर से लेकर साड़ी के मुख्य हिस्से तक बारीकी से बुनी गई थीं, जो इसे एक चलती-फिरती कहानी जैसा रूप देती हैं।

साड़ी का बेस सॉफ्ट बेज रंग में रखा गया, जिससे गुलाबी, हरे और हल्के नीले रंग के मोटिफ्स उभरकर सामने आएं। किनारों पर छोटे-छोटे पैटर्न्स की रिपीटिंग बॉर्डर इसे संतुलन और फ्रेम देती है।

पल्लू और डिटेलिंग की खासियत

पल्लू में स्ट्राइप्स और घने पैटर्न का इस्तेमाल किया गया, जो बाकी साड़ी के फैले हुए डिजाइन के साथ सुंदर कंट्रास्ट बनाता है।
करीब से देखने पर हर मोटिफ और बुनाई में वही बारीकी नजर आती है, जो इस पूरे डिजाइन को एकसाथ जोड़कर रखती है।

ज्वेलरी और स्टाइलिंग का संतुलन

नीता अंबानी ने इस साड़ी को लंबे पर्ल स्ट्रैंड्स, एमराल्ड स्टड्स, डायमंड रिंग और मैचिंग ब्रेसलेट्स के साथ स्टाइल किया।

उनका मेकअप और हेयरस्टाइल भी साड़ी के अनुरूप सादगी भरा था–

  • सेंटर-पार्टेड खुले बाल
  • हल्का स्मोकी आई मेकअप
  • न्यूड लिप
  • और हरे रंग की बिंदी, जो साड़ी और ज्वेलरी से मेल खाती थी

ब्लाउज पर पर्ल डिटेलिंग ने पूरे लुक में एक सूक्ष्म लेकिन रिच एलिमेंट जोड़ा, जो साड़ी से ध्यान हटाए बिना उसे और खास बनाता है।

फैशन एक्सपर्ट की राय

फैशन विशेषज्ञों के अनुसार, जब भी आप इस तरह के एम्ब्रॉयडरी या हैंडक्राफ्टेड आउटफिट पहनें, तो उसे ही फोकस में रखें और बाकी स्टाइलिंग को मिनिमल रखें।

 

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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नई दिल्ली, एजेंसियां। गर्मियों का मौसम फैशन एक्सपेरिमेंट के लिए परफेक्ट माना जाता है, लेकिन तेज धूप और टैनिंग की समस्या इसे चुनौतीपूर्ण बना देती है। ऐसे में जरूरी है कि आप ऐसे आउटफिट्स चुनें जो न सिर्फ आपको ग्लैमरस लुक दें, बल्कि आपकी त्वचा को भी सुरक्षित रखें। सही फैब्रिक, रंग और स्टाइल का चुनाव करके आप आसानी से टैनिंग से बच सकती हैं।   फुल कवरेज कपड़े हैं बेहतर विकल्प गर्मी में अक्सर लोग स्लीवलेस या छोटे कपड़े पहनना पसंद करते हैं, लेकिन इससे त्वचा सीधे धूप के संपर्क में आती है। ऐसे में फुल-स्लीव्स टॉप, फुल लेंथ ड्रेसेस या मैक्सी आउटफिट्स बेहतर विकल्प हैं। ये न सिर्फ आपको स्टाइलिश बनाते हैं बल्कि टैनिंग से भी बचाते हैं।   मैक्सी ड्रेस और को-ऑर्ड सेट का ट्रेंड मैक्सी ड्रेस गर्मियों में सबसे आरामदायक और ट्रेंडी विकल्पों में से एक है। अगर इसकी बाजुएं फुल हों या आप इसे श्रग या जैकेट के साथ पेयर करें, तो यह और भी प्रभावी हो जाती है। वहीं पलाजो के साथ कुर्ता या को-ऑर्ड सेट भी आजकल काफी ट्रेंड में हैं, जो एलिगेंट लुक देने के साथ-साथ स्किन को धूप से बचाते हैं।   स्मार्ट लेयरिंग से मिलेगा स्टाइल और सुरक्षा गर्मी में लाइटवेट श्रग, किमोनो जैकेट या ओवरशर्ट्स पहनना एक स्मार्ट फैशन मूव है। यह आपकी ड्रेस में स्टाइल जोड़ता है और त्वचा को यूवी किरणों से बचाने में मदद करता है।   सही फैब्रिक और रंग का चुनाव जरूरी कॉटन, लिनन और रेयॉन जैसे ब्रीदेबल फैब्रिक्स गर्मियों के लिए सबसे अच्छे होते हैं। ये पसीना सोखते हैं और शरीर को ठंडा रखते हैं। वहीं हल्के रंग जैसे सफेद, बेज, पेस्टल पिंक और स्काई ब्लू सूरज की गर्मी को कम अवशोषित करते हैं, जिससे त्वचा सुरक्षित रहती है।   एक्सेसरीज से करें लुक कम्प्लीट हैट, सनग्लासेस और स्कार्फ जैसे एक्सेसरीज न सिर्फ आपके लुक को पूरा करते हैं, बल्कि धूप से सुरक्षा भी देते हैं। सही फैशन अपनाकर आप इस गर्मी में स्टाइलिश और सुरक्षित दोनों रह सकती हैं।

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Magnesium rich healthy foods like nuts, seeds, leafy greens
Magnesium-Rich Foods: क्यों जरूरी है यह मिनरल और किन 13 फूड्स से पूरी होगी आपकी कमी

  आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में पोषण की कमी एक आम समस्या बनती जा रही है, और इन्हीं में से एक है मैग्नीशियम की कमी। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, यह जरूरी मिनरल हमारे शरीर में 300 से अधिक बायोकेमिकल प्रक्रियाओं में अहम भूमिका निभाता है–जिसमें मसल और नर्व फंक्शन, ब्लड प्रेशर कंट्रोल, एनर्जी प्रोडक्शन, मेटाबॉलिज्म और हड्डियों का विकास शामिल है। पोषण विशेषज्ञ सामंथा डिएरास के मुताबिक, लगभग 60 प्रतिशत वयस्क रोजाना आवश्यक 320 से 420 मिलीग्राम मैग्नीशियम की मात्रा पूरी नहीं कर पाते। इसकी कमी से मूड स्विंग, मसल क्रैम्प्स, थकान और मतली जैसी समस्याएं हो सकती हैं। हालांकि, सही डाइट अपनाकर इस कमी को आसानी से पूरा किया जा सकता है। ये हैं 13 मैग्नीशियम से भरपूर फूड्स 1. कीवी (Kiwi) छोटा सा फल लेकिन पोषक तत्वों से भरपूर। इसमें विटामिन C, E, K, फाइबर और लगभग 31 mg मैग्नीशियम पाया जाता है। 2. खीरा (Cucumber) 95% पानी से भरपूर खीरा भी मैग्नीशियम (लगभग 16 mg) और अन्य जरूरी मिनरल्स का अच्छा स्रोत है। 3. स्क्वैश (Squash) बटरनट और एकॉर्न स्क्वैश में 60-65 mg तक मैग्नीशियम होता है, साथ ही फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स भी। 4. डार्क चॉकलेट (Dark Chocolate) स्वाद के साथ सेहत भी–यह मैग्नीशियम, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होती है और हार्ट हेल्थ के लिए फायदेमंद है। 5. एवोकाडो (Avocado) हेल्दी फैट, फाइबर और मैग्नीशियम से भरपूर यह फल ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने में मदद करता है। 6. नट्स (Nuts) बादाम, काजू जैसे नट्स मैग्नीशियम, प्रोटीन और फाइबर का अच्छा स्रोत हैं और दिल की सेहत के लिए फायदेमंद हैं। 7. दालें (Legumes) चना, राजमा, ब्लैक बीन्स जैसी दालों में मैग्नीशियम के साथ आयरन और विटामिन B भी प्रचुर मात्रा में होते हैं। 8. बादाम (Almonds) एक सर्विंग बादाम से लगभग 20% दैनिक मैग्नीशियम की जरूरत पूरी हो सकती है। 9. हरी पत्तेदार सब्जियां (Leafy Greens) पालक, केल जैसी सब्जियां मैग्नीशियम के साथ फाइबर और ब्लड शुगर कंट्रोल में मदद करती हैं। 10. बीज (Seeds) चिया, फ्लैक्स और कद्दू के बीज मैग्नीशियम के पावरहाउस हैं, जो हार्ट हेल्थ के लिए भी फायदेमंद हैं। 11. साबुत अनाज (Whole Grains) ये फाइबर और मिनरल्स से भरपूर होते हैं और डायबिटीज व हार्ट डिजीज के खतरे को कम करते हैं। 12. केला (Banana) मैग्नीशियम के साथ-साथ पोटैशियम से भरपूर, जो ब्लड प्रेशर कंट्रोल में सहायक है। 13. सैल्मन (Salmon) 100 ग्राम सैल्मन में लगभग 30 mg मैग्नीशियम होता है और यह सूजन कम करने में मदद करता है।   क्या हैं इसके नुकसान? विशेषज्ञों का मानना है कि प्राकृतिक फूड्स से मिलने वाला मैग्नीशियम आमतौर पर सुरक्षित होता है। लेकिन सप्लीमेंट्स का अधिक सेवन डायरिया और पाचन समस्याएं पैदा कर सकता है। इसलिए सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।   कैसे करें मैग्नीशियम ट्रैक? एक वयस्क को रोजाना 310 से 420 mg मैग्नीशियम की जरूरत होती है, जो उम्र, लिंग और शारीरिक गतिविधि पर निर्भर करती है। अगर आपको थकान, सिरदर्द या मसल क्रैम्प्स जैसे लक्षण दिखें, तो डॉक्टर से जांच जरूर कराएं।  

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