फैशन और ब्यूटी

Turn an Old Plastic Bottle into a Dish Scrubber

पुरानी प्लास्टिक बोतल को न फेंकें, ऐसे बनाएं बर्तन साफ करने का आसान स्क्रबर

kalpana अगस्त 16, 2026 0
DIY dish scrubber made from a recycled plastic bottle for cleaning utensils
Plastic Bottle Reuse Idea: Make an Easy Dish Scrubber at Home

Plastic Bottle Reuse Ideas: घर में खाली पड़ी प्लास्टिक की बोतल को अक्सर लोग इस्तेमाल के बाद फेंक देते हैं। लेकिन थोड़ी सावधानी के साथ इसका दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है। अगर घर में स्क्रबर खत्म हो गया है, तो प्लास्टिक बोतल से अस्थायी स्क्रबर या स्क्रबर होल्डर बनाया जा सकता है।

इसे बनाने के लिए घर में आसानी से मिलने वाली कुछ चीजों की जरूरत होगी। हालांकि, प्लास्टिक काटते समय खास सावधानी बरतना जरूरी है, क्योंकि इसके किनारे तेज हो सकते हैं।

स्क्रबर बनाने के लिए चाहिए ये सामान

इसके लिए एक साफ प्लास्टिक बोतल, कैंची या कटर, मजबूत धागा या रबर बैंड और पुराना साफ कपड़ा या प्लास्टिक की जाली ले सकते हैं। बर्तन साफ करने के लिए डिशवॉशिंग लिक्विड भी रखें।

ऐसे बनाएं प्लास्टिक बोतल का स्क्रबर

  • सबसे पहले प्लास्टिक बोतल को अच्छी तरह धोकर पूरी तरह सुखा लें और उसका लेबल हटा दें।
  • अब बोतल के बीच वाले हिस्से को सावधानी से अलग करें और उसे पतली-पतली पट्टियों में काट लें।
  • इन पट्टियों को हल्का मोड़कर जाली जैसा आकार देने की कोशिश करें।
  • इसके बाद सभी पट्टियों को एक साथ इकट्ठा करें और बीच से मजबूत धागे या रबर बैंड की मदद से बांध दें।
  • इस्तेमाल करने से पहले प्लास्टिक के किनारों को अच्छी तरह जांच लें। अगर किनारे नुकीले या बहुत खुरदरे हैं, तो इसे बर्तन साफ करने के लिए इस्तेमाल न करें।

प्लास्टिक काटना नहीं चाहते तो अपनाएं यह तरीका

अगर बोतल को काटने का झंझट नहीं करना चाहते हैं, तो इसके निचले हिस्से को साफ करके उसमें पुराना साफ कपड़ा या जाली वाला स्क्रबर रखा जा सकता है। इस तरह बोतल एक छोटे होल्डर की तरह काम कर सकती है और स्क्रबर को पकड़ना आसान हो जाता है।

बर्तन साफ करते समय इन बातों का रखें ध्यान

  • स्क्रबर पर थोड़ा डिशवॉशिंग लिक्विड लगाकर बर्तनों को हल्के हाथ से साफ करें।
  • नॉन-स्टिक बर्तन, कांच और दूसरी नाजुक सतहों पर ज्यादा दबाव न डालें।
  • अगर प्लास्टिक ढीला होने लगे, टूट जाए या बहुत गंदा हो जाए, तो उसे दोबारा इस्तेमाल न करें।
  • खाने के सीधे संपर्क में आने वाली सतहों पर नुकीले या खुरदरे प्लास्टिक का इस्तेमाल करने से बचें।

पुरानी प्लास्टिक बोतल का दोबारा इस्तेमाल घर में जरूरत के समय काम आ सकता है, लेकिन बर्तन साफ करने के लिए सुरक्षा को प्राथमिकता देना जरूरी है। यदि बोतल का प्लास्टिक कटने के बाद तेज या खुरदरा हो गया है, तो उसे स्क्रबर के रूप में इस्तेमाल करने के बजाय किसी सुरक्षित विकल्प का इस्तेमाल करना बेहतर रहेगा।

 

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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Tricolor Fashion Ideas: स्वतंत्रता दिवस पर अगर आप अपने पहनावे में देशभक्ति का रंग शामिल करना चाहती हैं, तो साड़ी, कुर्ती, दुपट्टे और एक्सेसरीज के साथ ये आसान ट्राई कलर फैशन आइडियाज आजमा सकती हैं। 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस हर भारतीय के लिए खास दिन होता है। इस दिन चारों तरफ तिरंगे के केसरिया, सफेद और हरे रंग नजर आते हैं। अगर आप भी इस खास मौके पर अपने पहनावे में देशभक्ति का रंग शामिल करना चाहती हैं, तो इसके लिए बहुत ज्यादा तैयारी करने की जरूरत नहीं है। आप अपने रोजमर्रा के कपड़ों में ही केसरिया, सफेद और हरे रंग को शामिल करके खूबसूरत और सादगी भरा लुक पा सकती हैं। आइए जानते हैं कुछ आसान Tricolor Fashion Ideas, जिन्हें 15 अगस्त पर ट्राई किया जा सकता है। तिरंगे रंग की साड़ी से पाएं खूबसूरत लुक अगर 15 अगस्त पर साड़ी पहनने का प्लान है, तो केसरिया, सफेद और हरे रंग के मेल वाली साड़ी चुन सकती हैं। अगर पूरी साड़ी में तीनों रंग पसंद नहीं हैं, तो सफेद साड़ी के साथ हरे या केसरिया रंग का बॉर्डर भी अच्छा लगेगा। इस लुक के साथ हल्की ज्वेलरी और सिंपल मेकअप रखें, ताकि पहनावा ज्यादा भारी न लगे। सफेद कुर्ती के साथ ट्राई करें ट्राई कलर स्टाइल अगर आप साड़ी की जगह कुर्ती पहनना पसंद करती हैं, तो सफेद कुर्ती एक अच्छा विकल्प हो सकती है। इसके साथ हरे रंग का प्लाजो या पैंट और केसरिया दुपट्टा कैरी करें। यह लुक ऑफिस, कॉलेज या 15 अगस्त के किसी कार्यक्रम के लिए आरामदायक होने के साथ-साथ खूबसूरत भी लगेगा। ट्राई कलर दुपट्टे से बदलें पूरा लुक अगर आपके पास पहले से सफेद या क्रीम रंग का सूट है, तो सिर्फ ट्राई कलर दुपट्टे की मदद से लुक को स्वतंत्रता दिवस के लिए तैयार कर सकती हैं। केसरिया, सफेद और हरे रंग वाला दुपट्टा चुनें। चाहें तो हल्की तिरंगी कढ़ाई या प्रिंट वाला दुपट्टा भी ले सकती हैं। यह तरीका बिना नया पूरा आउटफिट खरीदे लुक बदलने का आसान विकल्प है। स्कर्ट और टॉप से पाएं स्टाइलिश लुक कुछ अलग और आधुनिक पहनना चाहती हैं तो ट्राई कलर कॉम्बिनेशन में स्कर्ट और टॉप भी पहन सकती हैं। सफेद टॉप के साथ हरे रंग की स्कर्ट और केसरिया रंग की कोई छोटी एक्सेसरी कैरी करें। यह पहनावा कॉलेज या दोस्तों के साथ स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के लिए अच्छा विकल्प हो सकता है। तिरंगे रंग की एक्सेसरीज से पूरा करें लुक अगर आप पूरे आउटफिट में तिरंगे के रंग नहीं पहनना चाहती हैं, तो छोटी-छोटी एक्सेसरीज की मदद ले सकती हैं। हरे रंग की चूड़ियां, केसरिया ईयररिंग्स, तिरंगे रंग की हेयर एक्सेसरी या छोटा बैग आपके साधारण लुक को भी खास बना सकता है। इससे पहनावा ज्यादा भड़कीला भी नहीं लगेगा और स्वतंत्रता दिवस की थीम भी बनी रहेगी। कम मेहनत में पाएं खूबसूरत 15 अगस्त लुक स्वतंत्रता दिवस पर स्टाइलिश दिखने के लिए पूरे कपड़ों को तिरंगे के रंग में पहनना जरूरी नहीं है। आप सफेद कुर्ती के साथ केसरिया दुपट्टा, साड़ी के साथ हरी एक्सेसरी या साधारण आउटफिट के साथ तिरंगे रंग की छोटी चीजें जोड़कर भी खूबसूरत लुक पा सकती हैं। इस तरह आपका पहनावा सादगी के साथ देशभक्ति की भावना को भी दिखाएगा।  

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ड्राई शैंपू क्या बालों के लिए नुकसानदायक है? ट्राइकोलॉजिस्ट ने बताया कब करें इस्तेमाल और कब हो सकता है खतरा

ड्राई शैंपू उन लोगों के लिए किसी आसान समाधान से कम नहीं है, जिनके पास बाल धोने का समय कम होता है या जो जिम, यात्रा और व्यस्त दिनचर्या के कारण बार-बार हेयर वॉश नहीं कर पाते। यह स्कैल्प का अतिरिक्त तेल सोखकर बालों की जड़ों को कुछ समय के लिए फ्रेश और वॉल्यूमिनस दिखा सकता है। लेकिन सवाल यह है कि क्या ड्राई शैंपू का नियमित इस्तेमाल बालों और स्कैल्प के लिए नुकसानदायक हो सकता है? इसका जवाब है—कितनी बार और किस तरीके से इस्तेमाल किया जा रहा है, इस पर बहुत कुछ निर्भर करता है। ड्राई शैंपू असल में करता क्या है? ट्राइकोलॉजिस्ट अनाबेल किंग्सले के अनुसार ड्राई शैंपू में अक्सर राइस या कॉर्न स्टार्च और कुछ फॉर्मूलों में अल्कोहल जैसे तत्व होते हैं। ये स्कैल्प और बालों से अतिरिक्त तेल को सोखने में मदद करते हैं, जिससे बाल कुछ समय के लिए साफ और फ्रेश नजर आते हैं। लेकिन नाम में 'शैंपू' होने के बावजूद यह सामान्य शैंपू की तरह बालों और स्कैल्प को साफ नहीं करता। बालों और स्कैल्प की वास्तविक सफाई के लिए पानी और क्लीनिंग एजेंट यानी सर्फैक्टेंट की जरूरत होती है। इसलिए ड्राई शैंपू को नियमित हेयर वॉश का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। कभी-कभार इस्तेमाल करना आमतौर पर ठीक अगर आप ड्राई शैंपू का इस्तेमाल कभी-कभार करते हैं ताकि एक या दो दिन तक हेयर वॉश को टाला जा सके, तो आमतौर पर इससे बड़ी समस्या नहीं होनी चाहिए। समस्या तब शुरू हो सकती है जब ड्राई शैंपू को नियमित रूप से असली शैंपू की जगह इस्तेमाल किया जाए। ऐसा करने पर स्कैल्प पर ड्राई शैंपू, सीबम, मृत त्वचा कोशिकाओं और दूसरे हेयर प्रोडक्ट्स का जमाव हो सकता है। ज्यादा इस्तेमाल से स्कैल्प में हो सकती है परेशानी लंबे समय तक प्रोडक्ट बिल्डअप रहने से स्कैल्प में कई समस्याएं हो सकती हैं, जैसे: खुजली और जलन मृत त्वचा कोशिकाओं का जमाव हेयर फॉलिकल्स के आसपास बिल्डअप बालों का भारी और बेजान दिखना बालों में रूखापन स्कैल्प से जुड़ी मौजूदा समस्याओं का बढ़ना अगर किसी व्यक्ति को डैंड्रफ या सेबोरिक डर्मेटाइटिस जैसी समस्या है, तो बार-बार हेयर वॉश को टालना स्थिति को और खराब कर सकता है। क्या ड्राई शैंपू से बाल झड़ सकते हैं? ड्राई शैंपू को सीधे तौर पर बाल झड़ने का कारण नहीं माना जाता। लेकिन अगर इसका अत्यधिक इस्तेमाल किया जाए और स्कैल्प की नियमित सफाई न हो, तो प्रोडक्ट, तेल और मृत त्वचा का जमाव फॉलिकल्स को प्रभावित कर सकता है। इससे स्कैल्प में जलन या असहजता हो सकती है और लंबे समय तक स्वस्थ हेयर ग्रोथ पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। इसलिए यह कहना ज्यादा सही है कि ड्राई शैंपू खुद सीधे हेयर लॉस नहीं करता, लेकिन इसका गलत और अत्यधिक इस्तेमाल स्कैल्प के लिए समस्या पैदा कर सकता है। कितने दिन लगातार इस्तेमाल करना चाहिए? ट्राइकोलॉजिस्ट की सलाह के मुताबिक ड्राई शैंपू को लगातार दो दिन से ज्यादा इस्तेमाल न करना बेहतर है। अगर आपके बाल बहुत पतले या फाइन हैं, तो इसे एक दिन तक सीमित रखना बेहतर हो सकता है। इसके बाद बालों और स्कैल्प को सामान्य शैंपू और पानी से अच्छी तरह साफ करना चाहिए। ड्राई शैंपू लगाने का सही तरीका ड्राई शैंपू लगाने के तरीके से भी काफी फर्क पड़ता है। सही तरीका: ड्राई शैंपू को मुख्य रूप से जड़ों और ऑयली हिस्से पर लगाएं। इसे तुरंत रगड़ने के बजाय कुछ समय सूखने दें। इसके बाद बालों को अच्छी तरह ब्रश करें। ब्रश करने से प्रोडक्ट पूरे हिस्से में फैलता है और अतिरिक्त तेल के साथ बचा हुआ पाउडर भी हटाने में मदद मिलती है। इसके बाद उचित समय पर बालों को सामान्य शैंपू और पानी से धोएं। कई लोग ड्राई शैंपू लगाने के बाद ब्रश करना भूल जाते हैं, जबकि यह स्टेप अतिरिक्त प्रोडक्ट हटाने के लिए महत्वपूर्ण है। क्या साफ बालों पर भी ड्राई शैंपू लगा सकते हैं? हां। ड्राई शैंपू का इस्तेमाल सिर्फ ऑयली बालों को फ्रेश दिखाने के लिए ही नहीं होता। अगर आपके बाल बहुत फाइन, पतले या फ्लैट हैं, तो साफ बालों पर थोड़ी मात्रा में ड्राई शैंपू लगाने से जड़ों में वॉल्यूम, टेक्सचर और ग्रिप मिल सकती है। यह हेयरस्टाइल को लंबे समय तक बनाए रखने में भी मदद कर सकता है। यानी इसे हेयरकेयर के साथ-साथ स्टाइलिंग प्रोडक्ट की तरह भी इस्तेमाल किया जा सकता है। ड्राई शैंपू खरीदते समय किन चीजों पर ध्यान दें? अगर आप नियमित रूप से ड्राई शैंपू इस्तेमाल करते हैं, तो ऐसा फॉर्मूला चुनना बेहतर है जो स्कैल्प के लिए अपेक्षाकृत जेंटल हो। कुछ फॉर्मूलों में एलैंटोइन, Zinc PCA और नायसिनामाइड जैसे स्कैल्प-फ्रेंडली इंग्रीडिएंट्स शामिल किए जाते हैं। हालांकि किसी भी प्रोडक्ट को चुनते समय अपने स्कैल्प की स्थिति और व्यक्तिगत संवेदनशीलता को ध्यान में रखना जरूरी है।  

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