फाइनेंस

मुकेश अंबानी की Reliance को बड़ी कामयाबी, O2C कारोबार ने छुआ नया मुकाम

anjali kumari जुलाई 18, 2026 0
Reliance Industries
Reliance Industries

मुंबई, एजेंसियां। रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) कारोबार ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। बेहतर रिफाइनिंग मार्जिन और मजबूत परिचालन के दम पर इस कारोबार का राजस्व ₹2 लाख करोड़ के पार पहुंच गया। कंपनी के तिमाही नतीजों में O2C बिजनेस एक बार फिर सबसे बड़े राजस्व स्रोत के रूप में उभरा।

 

रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल कारोबार से मिली मजबूती

 

रिलायंस को इस तिमाही में वैश्विक बाजार में बेहतर रिफाइनिंग मार्जिन और पेट्रोकेमिकल उत्पादों की मजबूत मांग का फायदा मिला। कंपनी ने कहा कि ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद उसके एकीकृत रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल संचालन ने बेहतर प्रदर्शन किया।

 

कच्चे तेल की कीमतों का मिला लाभ

 

विश्लेषकों के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। इसका असर रिफाइनिंग कारोबार पर भी पड़ा, लेकिन रिलायंस ने अपनी परिचालन क्षमता और निर्यात प्रदर्शन के दम पर बेहतर कमाई दर्ज की। 

 

जियो और रिटेल कारोबार ने भी दिया साथ

 

O2C के अलावा जियो प्लेटफॉर्म्स और रिलायंस रिटेल ने भी कंपनी के समग्र प्रदर्शन को मजबूती दी। जियो के ग्राहकों की संख्या और औसत राजस्व में बढ़ोतरी हुई, जबकि रिटेल कारोबार ने भी मजबूत बिक्री दर्ज की। इससे रिलायंस का कुल तिमाही राजस्व पहली बार ₹3 लाख करोड़ के आंकड़े को पार कर गया। 

 

निवेशकों की नजर अगले विस्तार पर

 

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि O2C कारोबार में लगातार मजबूती और जियो व रिटेल बिजनेस के विस्तार से रिलायंस इंडस्ट्रीज़ की दीर्घकालिक विकास रणनीति को बल मिलेगा। अब निवेशकों की नजर कंपनी की नई ऊर्जा परियोजनाओं और जियो प्लेटफॉर्म्स के संभावित IPO पर बनी हुई है।

Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Anjali Kumari Anjali123

फाइनेंस

View more
Gold Silver Price
Gold-Silver Price Today: 18 जुलाई को सोना-चांदी के नए रेट जारी, खरीदारी से पहले जानें ताजा भाव

नई दिल्ली, एजेंसियां। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो पहले ताजा बाजार भाव जान लेना जरूरी है। 18 जुलाई 2026 को सर्राफा बाजार में सोने और चांदी के नए दाम जारी कर दिए गए हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की चाल और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों का असर घरेलू बाजार पर भी देखने को मिल रहा है। इसके चलते कीमती धातुओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है।   आज का ताजा भाव क्या हैं ? आज 24 कैरेट सोने की कीमत देश के अधिकांश शहरों में करीब 1.43 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास बनी हुई है। वहीं 22 कैरेट सोने का भाव लगभग 1.31 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम और 18 कैरेट सोने का दाम करीब 1.07 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया है। राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोना 1,42,680 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि मुंबई और कोलकाता में 1,42,530 रुपये प्रति 10 ग्राम बिक रहा है। चेन्नई में इसकी कीमत 1,42,910 रुपये प्रति 10 ग्राम है।   चांदी की बात करें तो अधिकांश शहरों में इसका भाव 2,35,000 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास बना हुआ है। चेन्नई में चांदी का दाम 2,40,000 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया, जो अन्य प्रमुख शहरों की तुलना में अधिक है। स्थानीय टैक्स, परिवहन लागत और मेकिंग चार्ज के कारण अलग-अलग शहरों में कीमतों में मामूली अंतर देखने को मिल सकता है।   बाजार विशेषज्ञों का क्या कहना है  बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि सोने और चांदी की कीमतों पर वैश्विक आर्थिक गतिविधियों, डॉलर की मजबूती, ब्याज दरों और अंतरराष्ट्रीय बाजार के उतार-चढ़ाव का सीधा असर पड़ता है। ऐसे में आने वाले दिनों में भी भाव में बदलाव संभव है।   यदि आप शादी, त्योहार या अन्य जरूरतों के लिए आभूषण खरीदना चाहते हैं, तो मौजूदा बाजार भाव के आधार पर निर्णय ले सकते हैं। वहीं निवेश के उद्देश्य से खरीदारी करने वालों के लिए भी विशेषज्ञ मौजूदा बाजार पर नजर बनाए रखने और अपने बजट के अनुसार निवेश की सलाह दे रहे हैं।

abhishek singh जुलाई 18, 2026 0
Reliance Industries

मुकेश अंबानी की Reliance को बड़ी कामयाबी, O2C कारोबार ने छुआ नया मुकाम

RBI Governor Warning

रिलायंस का नया रिकॉर्ड! पहली बार ₹3 लाख करोड़ पार तिमाही राजस्व

Reliance Industries Q1 Results

रिलायंस इंडस्ट्रीज़ ने पहली बार पार किया ₹3 लाख करोड़ तिमाही राजस्व का आंकड़ा, Q1 नतीजों में मजबूत कारोबारी प्रदर्शन

SEBI ने जारी किया 'बॉस स्कैम' अलर्ट, सूचीबद्ध कंपनियों और वित्तीय संस्थानों को साइबर ठगी से सतर्क रहने की सलाह

मुंबई, एजेंसियां। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने आज देश की सूचीबद्ध कंपनियों, बाजार मध्यस्थों और अन्य विनियमित संस्थाओं के लिए एक महत्वपूर्ण साइबर सुरक्षा चेतावनी जारी की है। नियामक ने तेजी से बढ़ रहे 'Boss Scam' (बॉस स्कैम) को लेकर आगाह करते हुए कहा है कि साइबर अपराधी अब वरिष्ठ अधिकारियों का नाम और पहचान इस्तेमाल कर कंपनियों से करोड़ों रुपये की ठगी करने की कोशिश कर रहे हैं।   क्या है 'बॉस स्कैम'?   SEBI के अनुसार, इस ठगी में साइबर अपराधी किसी कंपनी के CEO, MD, CFO या अन्य वरिष्ठ अधिकारी के नाम से ई-मेल, व्हाट्सएप, मैसेज या AI आधारित वॉयस कॉल के जरिए कर्मचारियों से संपर्क करते हैं। इसके बाद वे गोपनीय या तत्काल भुगतान का हवाला देकर कंपनी के खातों से धन ट्रांसफर कराने का प्रयास करते हैं। कई मामलों में AI से तैयार की गई आवाज का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।   SEBI ने दिए सख्त सुरक्षा निर्देश   बाजार नियामक ने सभी सूचीबद्ध कंपनियों और वित्तीय संस्थानों को सलाह दी है कि किसी भी बड़े भुगतान से पहले बहु-स्तरीय सत्यापन की प्रक्रिया अपनाई जाए। साथ ही कर्मचारियों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने, संदिग्ध ई-मेल और संदेशों की तुरंत जांच करने तथा AI आधारित धोखाधड़ी से बचाव के लिए आंतरिक सुरक्षा तंत्र मजबूत करने को कहा गया है।   बाजार संस्थाओं से सतर्कता बढ़ाने की अपील   SEBI ने कहा कि डिजिटल तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराध के तरीके भी तेजी से बदल रहे हैं। ऐसे में सभी विनियमित संस्थाओं को अपनी साइबर सुरक्षा व्यवस्था समय-समय पर अपडेट करनी चाहिए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत संबंधित एजेंसियों को देनी चाहिए।   निवेशकों और कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण चेतावनी   विशेषज्ञों का मानना है कि SEBI की यह चेतावनी केवल बड़ी कंपनियों ही नहीं, बल्कि निवेशकों और छोटे वित्तीय संस्थानों के लिए भी महत्वपूर्ण है। AI आधारित धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों को देखते हुए आने वाले समय में साइबर सुरक्षा और पहचान सत्यापन को और मजबूत करने की आवश्यकता होगी।

anjali kumari जुलाई 18, 2026 0
India IPO Market

भारत का IPO बाजार फिर रफ्तार में, SBI फंड्स के बाद जियो प्लेटफॉर्म्स और NSE की मेगा लिस्टिंग पर बढ़ी नजर

SBI IPO

SBI फंड्स मैनेजमेंट का ₹9,813 करोड़ का IPO 42 गुना सब्सक्राइब, 21 जुलाई को होगी शेयर बाजार में लिस्टिंग

Indian Stock Market Today

Stock Market: आईटी शेयरों के दम पर शेयर बाजार में तेजी, निवेशकों की नजर रिलायंस, HDFC बैंक और ICICI बैंक के नतीजों पर

Share Market
सपाट बंद हुआ शेयर बाजार, सेंसेक्स 77,186 पर ठहरा, निफ्टी में मामूली गिरावट

मुंबई, एजेंसियां। गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार सीमित दायरे में कारोबार के बाद लगभग सपाट बंद हुआ। बीएसई सेंसेक्स 1 अंक की मामूली बढ़त के साथ 77,186 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 5 अंक फिसलकर 24,072 पर आ गया। दिनभर बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला, लेकिन अंत में प्रमुख सूचकांकों में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ। सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो रियल्टी शेयरों में सबसे अधिक बिकवाली दर्ज की गई, जबकि अन्य सेक्टरों में मिला-जुला रुख देखने को मिला।   वैश्विक बाजारों का हाल  वैश्विक बाजारों का असर भी घरेलू बाजार पर दिखाई दिया। एशियाई बाजारों में कारोबार मिश्रित रहा। हांगकांग का हैंगसेंग 1.33 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि जापान का निक्केई और दक्षिण कोरिया का कोस्पी गिरावट के साथ कारोबार करते दिखे। वहीं, एक दिन पहले अमेरिकी बाजारों में मजबूती रही थी। डाउ जोन्स, नैस्डैक और एसएंडपी 500 सभी बढ़त के साथ बंद हुए, जिससे वैश्विक निवेशकों का भरोसा मजबूत बना हुआ है।   विदेशी निवेशकों (FII/FPI) ने गुरुवार को करीब 740 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 2,928 करोड़ रुपये के शेयर खरीदकर बाजार को सहारा दिया। पिछले सात दिनों में डीआईआई ने 9,177 करोड़ रुपये और पिछले 30 दिनों में 41,028 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की है। इसके मुकाबले एफआईआई लगातार बिकवाली करते रहे हैं।   बाजार विशेषज्ञों का मानना  बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों की नजर अब आगामी तिमाही नतीजों, वैश्विक आर्थिक संकेतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर रहेगी। इन कारकों के आधार पर आने वाले कारोबारी सत्रों में बाजार की दिशा तय हो सकती है। फिलहाल घरेलू निवेशकों की मजबूत खरीदारी बाजार के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।

abhishek singh जुलाई 16, 2026 0
Fuel station displaying petrol and diesel prices as global crude oil rises while Indian fuel rates remain unchanged.

Petrol Price Today: अमेरिका में क्रूड ऑयल स्टॉक घटने से कच्चा तेल महंगा, भारत में 51वें दिन भी पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर

EPFO digital claim processing dashboard highlighting record PF claim settlements and interest credited to millions of member accounts.

EPFO का बड़ा रिकॉर्ड: एक दिन में ₹3,000 करोड़ के 11 लाख PF क्लेम निपटाए, 34 करोड़ खातों में 8.25% ब्याज भी जमा

Indian stock market display showing Sensex and Nifty trading higher during opening session

Share Market Opening: लगातार दूसरे दिन शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स 250 अंक चढ़ा, निफ्टी 24,150 के पार

0 Comments

Top week

Today Horoscope
राष्ट्रीय

Today Horoscope: आज का राशिफल 13 जुलाई 2026, सोमवार

anjali kumari जुलाई 13, 2026 0

Voting poll

अगर भविष्य में रश्मिका और विजय जीवनसाथी बनते हैं, तो क्या आपको उनकी जोड़ी पसंद होगी?