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BHEL, SAIL Face Maharatna Status Threat

BHEL-SAIL Crisis: BHEL और SAIL के महारत्न दर्जे पर संकट, सरकार ने दिया एक साल का अल्टीमेटम देश की दो बड़ी सरकारी कंपनियां भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) और स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) अपने प्रतिष्ठित महारत्न (Maharatna) दर्जे को बचाने क

surbhi जून 6, 2026 0
BHEL and SAIL face risk of losing Maharatna status due to weak profit performance.
BHEL SAIL Maharatna Status Under Threat

देश की दो बड़ी सरकारी कंपनियां भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) और स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) अपने प्रतिष्ठित महारत्न (Maharatna) दर्जे को बचाने की चुनौती का सामना कर रही हैं। केंद्र सरकार ने दोनों कंपनियों को वित्तीय प्रदर्शन सुधारने के लिए एक साल का समय दिया है। यदि इस अवधि में स्थिति नहीं सुधरी, तो इनका दर्जा घटाकर नवरत्न (Navratna) किया जा सकता है।

क्यों मंडरा रहा है खतरा?

सरकारी मूल्यांकन के अनुसार, BHEL और SAIL पिछले तीन वर्षों में औसतन 5,000 करोड़ रुपये से अधिक का वार्षिक शुद्ध लाभ (PAT) अर्जित करने की अनिवार्य शर्त पूरी नहीं कर पाईं। यही वजह है कि दोनों कंपनियां महारत्न की पात्रता के सबसे अहम मानदंड पर पिछड़ गई हैं।

यह पहली बार है जब किसी महारत्न कंपनी को दर्जा घटाने की चेतावनी दी गई है।

महारत्न दर्जे के लिए क्या हैं शर्तें?

महारत्न का दर्जा बनाए रखने के लिए कंपनियों को पिछले तीन वर्षों के औसत आधार पर कुछ प्रमुख मानदंड पूरे करने होते हैं—

  • वार्षिक टर्नओवर 25,000 करोड़ रुपये से अधिक हो।
  • कुल संपत्ति (Net Worth) 15,000 करोड़ रुपये से ज्यादा हो।
  • औसत वार्षिक शुद्ध लाभ (PAT) 5,000 करोड़ रुपये से अधिक हो।
  • कंपनी की वैश्विक उपस्थिति या अंतरराष्ट्रीय कारोबार मजबूत हो।

देश की 14 महारत्न कंपनियों में केवल BHEL और SAIL ही लाभ संबंधी मानदंड पूरा नहीं कर सकीं।

दर्जा घटने से क्या होगा असर?

अगर दोनों कंपनियों का दर्जा महारत्न से घटाकर नवरत्न कर दिया जाता है, तो उनकी वित्तीय स्वायत्तता प्रभावित होगी।

महारत्न कंपनियां

  • सरकार की मंजूरी के बिना 5,000 करोड़ रुपये तक का निवेश कर सकती हैं।

नवरत्न कंपनियां

  • केवल 1,000 करोड़ रुपये तक का निवेश स्वतंत्र रूप से कर सकती हैं।

इससे बड़े निवेश और विस्तार योजनाओं पर असर पड़ सकता है।

सरकार ने नियम भी किए सख्त

वित्त वर्ष 2026-27 से सरकारी कंपनियों के लिए प्रदर्शन मानकों को और कड़ा किया जा रहा है। अब—

  • CSR दायित्वों में चूक,
  • MSME भुगतान में देरी,
  • उत्तराधिकार (Succession Planning) की कमी

जैसे मामलों में अंक काटे जाएंगे और कंपनियों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ेगा।

सुधार के लिए क्या हो रही है तैयारी?

SAIL के लिए

इस्पात मंत्रालय के अनुसार, कंपनी का औसत टर्नओवर पिछले चार वर्षों में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा है और नेटवर्थ भी मजबूत है। हालांकि, स्टील की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण मुनाफे पर असर पड़ा है।

BHEL के लिए

नीति आयोग ने BHEL की मानव संसाधन (HR) नीतियों को कंपनी की प्रगति में प्रमुख बाधा बताया है। भारी उद्योग मंत्रालय ने कहा है कि कंपनी के लिए नई सुधार योजना तैयार की जा रही है और प्रदर्शन में सुधार के संकेत मिलने लगे हैं।

'महारत्न' मानदंडों की भी होगी समीक्षा

नीति आयोग का मानना है कि महारत्न के लिए निर्धारित मानदंड वर्ष 2010 से नहीं बदले गए हैं, जबकि अर्थव्यवस्था का आकार और कारोबारी परिस्थितियां काफी बदल चुकी हैं। इसलिए सरकार इन मानकों की दोबारा समीक्षा करने पर भी विचार कर रही है।

 

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हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी, सेंसेक्स 889 अंक उछला; निफ्टी 24,250 के पार बंद

आईटी और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी से बाजार को मिला जोरदार सहारा   मुंबई, एजेंसियां। घरेलू शेयर बाजार ने बुधवार को शानदार बढ़त के साथ कारोबार का समापन किया। बीएसई सेंसेक्स 889 अंक की छलांग लगाकर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 24,250 के स्तर के ऊपर पहुंच गया। आईटी, बैंकिंग और चुनिंदा ब्लूचिप शेयरों में मजबूत खरीदारी के चलते बाजार में पूरे दिन सकारात्मक माहौल बना रहा।   निवेशकों की संपत्ति में बड़ा इजाफा   बाजार में आई इस तेजी से निवेशकों की संपत्ति में करीब ₹4 लाख करोड़ का इजाफा हुआ। मजबूत तिमाही नतीजों, विदेशी संस्थागत निवेशकों की खरीदारी और वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया।   आईटी सेक्टर ने दिखाई सबसे ज्यादा मजबूती   दिनभर के कारोबार में आईटी कंपनियों के शेयर सबसे ज्यादा चमके। इसके अलावा बैंकिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और एफएमसीजी सेक्टर में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। विश्लेषकों का मानना है कि कंपनियों के बेहतर वित्तीय नतीजों और विदेशी निवेश के कारण बाजार में तेजी बनी रही।   आगे निवेशकों की नजर इन संकेतों पर   बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले, वैश्विक आर्थिक संकेतों और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर रहेगी। यदि विदेशी निवेश और कॉर्पोरेट आय मजबूत बनी रहती है, तो बाजार में सकारात्मक रुख जारी रह सकता है।

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RBI के प्लास्टिक नोटों की तैयारी तेज, ₹10 और ₹20 के पॉलिमर नोटों के फील्ड ट्रायल को मिली मंजूरी

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शेयर बाजार में तेजी, निवेशकों की नजर IT और दिग्गज कंपनियों के शेयरों पर

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अडानी की नजर ब्रिटेन के 21 बंदरगाहों पर, Associated British Ports में हिस्सेदारी खरीदने की तैयारी

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चीनी की जमाखोरी पर सरकार का बड़ा एक्शन, स्टॉक रखने की सीमा तय; 1 अगस्त से लागू होंगे नए नियम

नई दिल्ली, एजेंसियां। केंद्र सरकार ने चीनी की बढ़ती कीमतों और संभावित जमाखोरी पर रोक लगाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने देशभर के चीनी कारोबारियों और डीलरों के लिए स्टॉक रखने की अधिकतम सीमा 4,000 क्विंटल (400 टन) तय कर दी है। यह व्यवस्था 1 अगस्त से 30 नवंबर 2026 तक लागू रहेगी। सरकार का उद्देश्य त्योहारी सीजन के दौरान बाजार में पर्याप्त आपूर्ति बनाए रखना और कीमतों को नियंत्रित करना है।   30 दिन से ज्यादा नहीं रख सकेंगे स्टॉक   नए आदेश के अनुसार, कोई भी डीलर चीनी का स्टॉक 30 दिनों से अधिक अपने पास नहीं रख सकेगा। जिन कारोबारियों के पास तय सीमा से अधिक चीनी का भंडार है, उन्हें 1 अगस्त तक अतिरिक्त स्टॉक बाजार में उतारना होगा, ताकि नए नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।   जमाखोरी और सट्टेबाजी पर लगेगी रोक   सरकार का मानना है कि हाल के दिनों में चीनी की कीमतों में तेजी के पीछे जमाखोरी और सट्टेबाजी भी एक बड़ा कारण रही है। नए नियमों से कृत्रिम कमी पैदा करने की कोशिशों पर रोक लगेगी और उपभोक्ताओं को उचित कीमत पर चीनी उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।   त्योहारी सीजन में कीमतें स्थिर रखने की कोशिश   रक्षाबंधन, जन्माष्टमी, गणेशोत्सव और अन्य त्योहारों के दौरान चीनी की मांग बढ़ जाती है। इसी को देखते हुए सरकार ने समय रहते यह फैसला लिया है। अधिकारियों का कहना है कि बाजार की लगातार निगरानी की जाएगी और जरूरत पड़ने पर आगे भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

abhishek singh जुलाई 29, 2026 0
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भारत-नेपाल व्यापार को मिली नई रफ्तार, रेलवे ने नेपाल के लिए पहली सीधी मालगाड़ी चलाई

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कच्चे तेल में बड़ी गिरावट, अमेरिका से राहत भरी खबर के बाद Brent Crude करीब 5% हुआ सस्ता

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Crude Oil Price: 33 लाख बैरल स्टॉक घटते ही कच्चे तेल में उछाल, Brent $86 के पार; Iran-US तनाव पर नजर

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Indian Railway News: नेपाल के लिए पहली सीधी कंटेनर मालगाड़ी चली, भारत-नेपाल व्यापार को मिल सकता है बड़ा फायदा

Indian Railway News: भारत और नेपाल के बीच व्यापारिक कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। भारतीय रेलवे ने पहली बार नेपाल के लिए सीधी कमर्शियल कंटेनर मालगाड़ी चलाई है। इस मालगाड़ी ने कोलकाता पोर्ट से नेपाल के विराटनगर कस्टम्स यार्ड तक का सफर पूरा किया। इस ऐतिहासिक मालगाड़ी में 40 टैंक वैगन में कैनोला तेल लदा था। अभी तक दोनों देशों के बीच बड़ी मात्रा में माल की आवाजाही सड़क मार्ग यानी ट्रकों के जरिए होती रही है। ऐसे में सीधी रेल सेवा शुरू होने से दोनों देशों के बीच व्यापार को गति मिलने की उम्मीद है। कोलकाता पोर्ट से विराटनगर तक पहुंचा माल रेलवे की इस पहली सीधी कमर्शियल सेवा ने कोलकाता पोर्ट से नेपाल के विराटनगर कस्टम्स यार्ड तक माल पहुंचाया। रेल मंत्रालय के मुताबिक, नई व्यवस्था से माल की आवाजाही में लगने वाला समय, लॉजिस्टिक्स लागत और कार्गो हैंडलिंग का समय कम होने की उम्मीद है। यह सुविधा जोगबनी-विराटनगर ब्रॉडगेज रेल लिंक पर आधारित है, जिसे जून 2023 में शुरू किया गया था। अब इस इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल सीधे कमर्शियल कंटेनर कार्गो के लिए भी किया जा रहा है। भारत-नेपाल व्यापार को कैसे होगा फायदा? सीधी मालगाड़ी सेवा दोनों देशों के व्यापार के लिए कई स्तरों पर फायदेमंद साबित हो सकती है। पहला फायदा ट्रांजिट टाइम में कमी का है। सड़क मार्ग की तुलना में रेल के जरिए बड़ी मात्रा में माल को व्यवस्थित तरीके से भेजना आसान हो सकता है। इससे सप्लाई चेन अधिक सुचारु बनाने में मदद मिलेगी। दूसरा फायदा लॉजिस्टिक्स लागत में कमी का हो सकता है। माल को कई अलग-अलग परिवहन माध्यमों में ट्रांसफर करने की जरूरत कम होने से अतिरिक्त हैंडलिंग और परिवहन खर्च घट सकता है। तीसरा फायदा कार्गो हैंडलिंग में कमी का है। कम हैंडलिंग पॉइंट होने से माल को बार-बार उतारने और चढ़ाने की जरूरत कम होगी, जिससे समय की बचत के साथ नुकसान का जोखिम भी घट सकता है। आयात-निर्यात को मिल सकती है नई रफ्तार रेल मंत्रालय के मुताबिक, इस सेवा से भारत और नेपाल के बीच आयात-निर्यात कार्गो की आवाजाही बढ़ने की उम्मीद है। रेल परिवहन बड़े पैमाने पर माल ढुलाई के लिए अपेक्षाकृत तेज, लागत-कुशल और पर्यावरण के लिहाज से बेहतर विकल्प बन सकता है। इससे खासतौर पर उन कारोबारियों को फायदा मिल सकता है जो नियमित रूप से बड़ी मात्रा में माल भारत से नेपाल या नेपाल से भारत भेजते हैं। नवंबर 2025 के समझौते के बाद खुला रास्ता सीधी कमर्शियल रेल सेवा शुरू होने की दिशा में नवंबर 2025 में संशोधित Letter of Exchange (LoE) पर हस्ताक्षर महत्वपूर्ण कदम रहा। इसके बाद विराटनगर के लिए सीधी वाणिज्यिक रेल सेवा शुरू करने का रास्ता साफ हुआ। यह कदम केवल परिवहन व्यवस्था में बदलाव नहीं है, बल्कि भारत और नेपाल के बीच द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। भारत-नेपाल कनेक्टिविटी में नया अध्याय भारत और नेपाल के बीच पहले से ही मजबूत आर्थिक और कारोबारी संबंध हैं। ऐसे में सीधी मालगाड़ी सेवा दोनों देशों की सीमा-पार सप्लाई चेन को और मजबूत कर सकती है। अगर यह मॉडल आगे सफल रहता है और ज्यादा तरह के माल को रेल नेटवर्क से जोड़ा जाता है, तो आने वाले समय में भारत-नेपाल व्यापार के लिए रेल परिवहन एक अहम विकल्प बन सकता है। कुल मिलाकर, पहली सीधी कमर्शियल कंटेनर मालगाड़ी सिर्फ एक नई रेल सेवा की शुरुआत नहीं है, बल्कि यह भारत और नेपाल के बीच व्यापार को अधिक तेज, व्यवस्थित और प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।  

surbhi जुलाई 29, 2026 0
Indian stock market rallies as Sensex jumps 800 points and IT stocks lead early trading gains

Stock Market Opening: शेयर बाजार में जोरदार तेजी, सेंसेक्स 800 अंक उछला; IT शेयरों में फिर आया जोश

A-1 Limited penny stock under ₹6 hits upper circuit after strong Q1 FY27 results

Penny Stock: ₹6 से कम का शेयर, लगातार दूसरे दिन अपर सर्किट; Q1 नतीजों के बाद दिखी तेजी

Stock Market

Stock Market: शेयर बाजार में जोरदार तेजी, सेंसेक्स 800 अंक से अधिक उछला; IT शेयरों की खरीदारी से निफ्टी 24,200 के करीब

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kalpana जुलाई 23, 2026 0

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