फ़ूड रेसिपी

3 Natural Foods for Healthy Child Growth

बच्चों की बेहतर ग्रोथ के लिए महंगे हेल्थ ड्रिंक नहीं, रोज डाइट में शामिल करें ये 3 पौष्टिक चीजें

anmol जुलाई 22, 2026 0
Healthy Indian foods including ragi, sesame seeds and ghee that support children's growth and bone health.
Best Foods for Child Growth Naturally

Child Growth Diet Tips: बच्चों की लंबाई और हड्डियों के बेहतर विकास के लिए सिर्फ हेल्थ ड्रिंक पर निर्भर रहना जरूरी नहीं है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार संतुलित आहार, पर्याप्त नींद, नियमित शारीरिक गतिविधि और कैल्शियम, जिंक व विटामिन D से भरपूर खाद्य पदार्थ बच्चों की ग्रोथ में अहम भूमिका निभाते हैं।

हर माता-पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा स्वस्थ रहे, उसकी हड्डियां मजबूत हों और उसकी लंबाई उम्र के अनुसार अच्छी तरह बढ़े। इसी चिंता में कई लोग बाजार में मिलने वाले हेल्थ ड्रिंक और सप्लीमेंट्स का सहारा लेते हैं। हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों की ग्रोथ का आधार केवल किसी एक पाउडर या ड्रिंक पर नहीं, बल्कि संतुलित पोषण, पर्याप्त नींद, नियमित व्यायाम और आनुवंशिक (Genetic) कारकों पर भी निर्भर करता है।

विशेषज्ञों के अनुसार यदि बच्चों के भोजन में कैल्शियम, जिंक, विटामिन D, प्रोटीन और हेल्दी फैट्स पर्याप्त मात्रा में शामिल किए जाएं, तो यह हड्डियों के विकास और शरीर की सामान्य वृद्धि में मदद कर सकते हैं। ऐसे कई पोषक तत्व घर की रसोई में मौजूद सामान्य खाद्य पदार्थों से भी मिल सकते हैं।

1. रागी (Finger Millet)

रागी को कैल्शियम से भरपूर अनाज माना जाता है। इसमें फाइबर, आयरन और कई जरूरी मिनरल्स भी पाए जाते हैं, जो बच्चों की हड्डियों और शरीर के विकास के लिए उपयोगी हो सकते हैं।

कैसे खिलाएं?

  • रागी डोसा
  • रागी चीला
  • रागी रोटी
  • रागी पोरिज
  • रागी इडली

2. तिल (Sesame Seeds)

तिल कैल्शियम, जिंक, मैग्नीशियम और हेल्दी फैट्स का अच्छा स्रोत माना जाता है। जिंक शरीर की सामान्य वृद्धि और प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए महत्वपूर्ण पोषक तत्व है।

कैसे खिलाएं?

  • तिल की रोटी
  • तिल का पराठा
  • तिल की चटनी
  • तिल-गुड़ के लड्डू
  • सलाद या दही में मिलाकर

3. शुद्ध देसी घी

विशेषज्ञों के अनुसार सीमित मात्रा में शुद्ध देसी घी हेल्दी फैट्स प्रदान करता है, जो फैट-सॉल्युबल विटामिन्स (जैसे विटामिन D) के अवशोषण में मदद कर सकते हैं। हालांकि इसका सेवन उम्र और जरूरत के अनुसार संतुलित मात्रा में ही करना चाहिए।

कैसे खिलाएं?

  • दाल-चावल पर
  • रोटी पर हल्का घी लगाकर
  • खिचड़ी में
  • दूध में सीमित मात्रा में (यदि डॉक्टर या डाइटिशियन उचित समझें)

बच्चों की ग्रोथ के लिए सिर्फ खाना ही नहीं, ये बातें भी जरूरी

  • रोज कम से कम 8–10 घंटे की अच्छी नींद लें।
  • आउटडोर खेल और नियमित एक्सरसाइज करें।
  • सुबह की धूप से प्राकृतिक विटामिन D प्राप्त करें।
  • प्रोटीन युक्त भोजन जैसे दूध, दाल, पनीर, अंडा (यदि खाते हों) भी शामिल करें।
  • जंक फूड और अत्यधिक शुगर वाले पेय सीमित रखें।

बच्चों के लिए हेल्दी रेसिपी: रागी-तिल एनर्जी चीला

सामग्री

  • 1 कप रागी का आटा
  • 1 बड़ा चम्मच भुना तिल
  • 2 बड़े चम्मच दही
  • बारीक कद्दूकस गाजर
  • बारीक पालक
  • थोड़ा हरा धनिया
  • स्वादानुसार नमक
  • थोड़ा जीरा
  • सेंकने के लिए थोड़ा देसी घी

बनाने की विधि

  1. सभी सामग्री को मिलाकर गाढ़ा बैटर तैयार करें।
  2. 10 मिनट के लिए ढककर रख दें।
  3. गर्म तवे पर हल्का घी लगाकर चीले की तरह फैलाएं।
  4. दोनों तरफ सुनहरा होने तक सेंक लें।
  5. दही या हरी चटनी के साथ गर्मागर्म परोसें।

अनुमानित पोषण (प्रति सर्विंग)

  • कैलोरी: 220–260 kcal
  • प्रोटीन: 7–9 ग्राम
  • कैल्शियम: अच्छी मात्रा
  • फाइबर: 4–6 ग्राम

ध्यान रखें :- किसी भी एक खाद्य पदार्थ से बच्चों की लंबाई बढ़ने की गारंटी नहीं दी जा सकती। बच्चे की ग्रोथ आनुवंशिक कारकों, संतुलित पोषण, हार्मोन, शारीरिक गतिविधि और संपूर्ण स्वास्थ्य पर निर्भर करती है। यदि बच्चे की लंबाई या विकास को लेकर चिंता हो, तो बाल रोग विशेषज्ञ या योग्य न्यूट्रिशनिस्ट से सलाह जरूर लें।

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Anmol Manisha

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Rajasthani Mawa Kachori Recipe: अगर आप पारंपरिक राजस्थानी मिठाइयों के शौकीन हैं, तो मावा कचौड़ी आपके लिए बेहतरीन विकल्प है। बाहर से कुरकुरी और अंदर से मावा, ड्राई फ्रूट्स और इलायची की खुशबू से भरपूर यह मिठाई त्योहारों, खास मौकों या मेहमानों की मेहमाननवाजी के लिए शानदार रहती है। इस बार इसे शुगर-फ्री अंदाज में बनाकर स्वाद और सेहत दोनों का आनंद लें। राजस्थान की पारंपरिक मिठाइयों में मावा कचौड़ी का एक खास स्थान है। खासकर जोधपुर और जयपुर की मावा कचौड़ी अपने अनोखे स्वाद और शाही भरावन के लिए पूरे देश में मशहूर है। आमतौर पर इसे चीनी की चाशनी में डुबोकर बनाया जाता है, लेकिन यदि आप चीनी कम खाना चाहते हैं या शुगर कंट्रोल डाइट फॉलो करते हैं, तो इसकी शुगर-फ्री रेसिपी भी उतनी ही स्वादिष्ट बन सकती है। यह रेसिपी बाहर से हल्की कुरकुरी और अंदर से मुलायम मावा, मेवों और इलायची के स्वाद से भरपूर होती है। इसे आप त्योहार, परिवार की छोटी-बड़ी पार्टी या वीकेंड स्पेशल डेजर्ट के रूप में भी बना सकते हैं। आवश्यक सामग्री कचौड़ी के लिए 2 कप मैदा 4 बड़े चम्मच घी चुटकीभर नमक आवश्यकतानुसार गुनगुना पानी स्टफिंग के लिए 200 ग्राम मावा (खोया) 2 बड़े चम्मच बारीक कटे बादाम 2 बड़े चम्मच काजू 1 बड़ा चम्मच पिस्ता 1 बड़ा चम्मच किशमिश ½ छोटा चम्मच इलायची पाउडर 2–3 बड़े चम्मच शुगर-फ्री स्वीटनर (कुकिंग के लिए उपयुक्त) 1 छोटा चम्मच गुलाब जल (वैकल्पिक) तलने के लिए घी या रिफाइंड तेल बनाने की विधि 1. आटा तैयार करें मैदा में घी और नमक डालकर अच्छी तरह मिक्स करें। अब थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए मुलायम आटा गूंथ लें। इसे 20 मिनट के लिए ढककर रख दें। 2. स्टफिंग तैयार करें एक पैन में मावा को धीमी आंच पर 3–4 मिनट तक हल्का भूनें। गैस बंद करके इसमें कटे हुए मेवे, किशमिश, इलायची पाउडर और शुगर-फ्री स्वीटनर मिलाएं। मिश्रण को पूरी तरह ठंडा होने दें। 3. कचौड़ी बनाएं आटे की छोटी-छोटी लोइयां बनाएं। प्रत्येक लोई को हल्का बेलें और बीच में तैयार स्टफिंग भरकर चारों ओर से बंद कर दें। धीरे-धीरे दबाकर गोल आकार दें। 4. तलने का सही तरीका कड़ाही में घी या तेल को मध्यम गर्म करें। आंच धीमी रखें और कचौड़ियों को धीरे-धीरे सुनहरा होने तक तलें। तेज आंच पर तलने से कचौड़ी बाहर से जल्दी पक जाएगी लेकिन अंदर कच्ची रह सकती है। 5. सर्व करें गरम या हल्का ठंडा होने पर ऊपर से कटे पिस्ता और बादाम से सजाकर परोसें। चाहें तो बिना चीनी वाली रबड़ी के साथ भी सर्व कर सकते हैं। अनुमानित पोषण (प्रति कचौड़ी) कैलोरी: लगभग 280–340 kcal प्रोटीन: 6–8 ग्राम कार्बोहाइड्रेट: 22–26 ग्राम फैट: 18–22 ग्राम (कैलोरी सामग्री और उपयोग किए गए घी, मावा व स्वीटनर के अनुसार बदल सकती है।) तैयारी में कितना समय लगेगा? तैयारी का समय: 25 मिनट पकाने का समय: 20–25 मिनट कुल समय: लगभग 45–50 मिनट सबसे ज्यादा कहां पसंद की जाती है? राजस्थानी मावा कचौड़ी खासतौर पर जोधपुर, जयपुर, बीकानेर, अजमेर और उदयपुर में बेहद लोकप्रिय है। अब यह देशभर में मिठाई की दुकानों और घरों में त्योहारों के दौरान पसंद की जाती है। किन मौकों पर बनाएं? रक्षाबंधन दिवाली तीज होली परिवारिक समारोह मेहमानों के स्वागत में

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टमाटर से बनाएं स्वादिष्ट मसाला पराठा, हर बाइट में मिलेगा नया स्वाद

Tomato Paratha Recipe: अगर रोज एक जैसा नाश्ता खाकर बोर हो चुके हैं, तो इस बार टमाटर, अदरक और मसालों से तैयार स्वादिष्ट टमाटर पराठा ट्राई करें। यह झटपट बनने वाली रेसिपी स्वाद के साथ पोषण भी देती है और सुबह के नाश्ते या शाम की हल्की भूख के लिए बेहतरीन विकल्प है। अगर आप रोज एक जैसा नाश्ता बनाकर या खाकर ऊब चुके हैं, तो अपनी रसोई में मौजूद साधारण सामग्री से कुछ नया और स्वादिष्ट बनाया जा सकता है। टमाटर से तैयार होने वाला मसाला पराठा ऐसी ही एक आसान और पौष्टिक रेसिपी है, जिसे कम समय में तैयार किया जा सकता है। इसका खट्टा-तीखा स्वाद बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद आता है। टमाटर में मौजूद विटामिन C, लाइकोपीन और एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर के लिए फायदेमंद माने जाते हैं। जब इन्हें गेहूं के आटे और मसालों के साथ मिलाकर पराठा बनाया जाता है, तो यह स्वाद के साथ-साथ पौष्टिक भी बन जाता है। इसे दही, हरी चटनी, अचार या रायते के साथ परोसा जा सकता है। आवश्यक सामग्री 3 बड़े टमाटर आधा इंच अदरक 1 हरी मिर्च 2 कप गेहूं का आटा 2–3 बड़े चम्मच बारीक कटा हरा धनिया 1 छोटा चम्मच अजवाइन नमक स्वादानुसार आवश्यकतानुसार पानी सेंकने के लिए घी या तेल टमाटर का मसाला तैयार करें मिक्सर जार में कटे हुए टमाटर, अदरक और हरी मिर्च डालकर मुलायम पेस्ट बना लें। इस मिश्रण में हरा धनिया और अजवाइन मिला दें। आटा गूंथने की विधि एक बड़े बर्तन में गेहूं का आटा लें। इसमें तैयार टमाटर का मिश्रण और नमक डालकर अच्छी तरह मिलाएं। जरूरत के अनुसार थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए नरम आटा गूंथ लें। ऊपर से थोड़ा तेल या घी लगाकर 10 मिनट के लिए ढककर रख दें। पराठा बनाने का तरीका आटे की छोटी-छोटी लोइयां बनाएं। सूखा आटा लगाकर मनचाहे आकार में बेलें। तवे को गर्म करें और दोनों तरफ से घी या तेल लगाकर सुनहरा और कुरकुरा होने तक सेंक लें। गरमागरम टमाटर पराठे को दही, चटनी, अचार या रायते के साथ परोसें। अनुमानित पोषण (प्रति पराठा) कैलोरी: लगभग 180–230 kcal कार्बोहाइड्रेट: 28–32 ग्राम प्रोटीन: 5–6 ग्राम फाइबर: 3–4 ग्राम विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स: अच्छी मात्रा (कैलोरी घी या तेल की मात्रा के अनुसार बदल सकती है।) यह पराठा सबसे ज्यादा कहां पसंद किया जाता है? टमाटर पराठा उत्तर भारत, खासकर पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में नाश्ते के रूप में काफी पसंद किया जाता है। अब यह रेसिपी देशभर के घरों में हेल्दी ब्रेकफास्ट और टिफिन विकल्प के रूप में भी लोकप्रिय हो रही है। परोसने का सही समय सुबह का नाश्ता बच्चों का टिफिन शाम का हल्का स्नैक सफर के दौरान पैक्ड मील ध्यान रखें :- अगर आप कम तेल वाला विकल्प चाहते हैं, तो पराठे को हल्के घी या बिना घी के भी सेंक सकते हैं। तीखापन अपनी पसंद के अनुसार कम या ज्यादा रखें। 

anmol जुलाई 21, 2026 0
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झटपट बनाएं हेल्दी ब्रेकफास्ट, बादाम-खसखस और मखाने से तैयार यह पौष्टिक रेसिपी दिनभर रखेगी एनर्जेटिक

Healthy Breakfast Recipe: अगर रोज एक जैसा नाश्ता खाकर बोर हो चुके हैं, तो बादाम, खसखस, मखाना, मूंग दाल और दलिया से बनने वाली यह पौष्टिक रेसिपी ट्राई करें। यह कम समय में तैयार होने वाला स्वादिष्ट और हेल्दी ब्रेकफास्ट है, जो लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करता है। सुबह का पौष्टिक नाश्ता पूरे दिन की ऊर्जा और बेहतर स्वास्थ्य की नींव माना जाता है। लेकिन रोज-रोज एक जैसा नाश्ता खाने से कई लोग ऊब जाते हैं। ऐसे में अगर आप कुछ नया, स्वादिष्ट और हेल्दी बनाना चाहते हैं, तो बादाम, खसखस, मखाना, मूंग दाल और दलिया से तैयार यह आसान रेसिपी आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकती है। यह रेसिपी प्रोटीन, फाइबर, कैल्शियम, हेल्दी फैट्स और कई जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर है। इसे सुबह के नाश्ते में या शाम के हल्के स्नैक के रूप में भी खाया जा सकता है। सबसे अच्छी बात यह है कि इसे घर में मौजूद सामान्य सामग्री से आसानी से तैयार किया जा सकता है। सामग्री 8–10 बादाम (रातभर भिगोए हुए) 1–2 चम्मच खसखस 1 कप मखाना 3–4 चम्मच धुली मूंग दाल ½ कप दलिया 2–3 कप दूध 1 चम्मच देसी घी ½ चम्मच इलायची पाउडर स्वादानुसार गुड़ पाउडर या मिश्री गार्निश के लिए कटे बादाम या पिस्ता बनाने की विधि 1. बादाम और खसखस का पेस्ट तैयार करें रातभर भीगे हुए बादाम के छिलके उतार लें। बादाम और खसखस को थोड़ा दूध या पानी मिलाकर मिक्सर में स्मूद पेस्ट बना लें। 2. मखाने भूनें कड़ाही में मखानों को धीमी आंच पर बिना तेल या आधा चम्मच घी डालकर हल्का कुरकुरा होने तक भून लें और अलग रख दें। 3. मूंग दाल और दलिया भूनें उसी कड़ाही में घी गर्म करें। पहले मूंग दाल को हल्का भूनें, फिर दलिया डालकर सुनहरा होने तक भूनें। 4. दूध और पेस्ट मिलाएं अब इसमें दूध डालें और तैयार बादाम-खसखस का पेस्ट मिलाएं। ढककर 10–12 मिनट तक धीमी आंच पर पकाएं। बीच-बीच में चलाते रहें। 5. गुड़ और इलायची डालें जब दलिया अच्छी तरह पक जाए तो इलायची पाउडर और गुड़ पाउडर मिलाएं। 1–2 मिनट तक पकाएं ताकि गुड़ पूरी तरह घुल जाए। 6. मखाने मिलाकर सर्व करें अंत में भुने हुए मखाने डालें और एक मिनट पकाकर गैस बंद कर दें। ऊपर से कटे बादाम या पिस्ता डालकर गर्म या हल्का ठंडा सर्व करें। लगभग पोषण (प्रति सर्विंग) कैलोरी: लगभग 350–420 kcal प्रोटीन: 12–15 ग्राम फाइबर: 6–8 ग्राम कैल्शियम: अच्छी मात्रा हेल्दी फैट्स: भरपूर (कैलोरी सामग्री और मात्रा के अनुसार बदल सकती है।) तैयार होने में कितना समय लगेगा? तैयारी का समय: 10 मिनट (यदि बादाम और खसखस पहले से भीगे हों) पकाने का समय: 15–20 मिनट कुल समय: 25–30 मिनट यह नाश्ता किन लोगों के लिए सबसे बेहतर है? बच्चों और स्कूल जाने वाले स्टूडेंट्स ऑफिस जाने वाले लोग कॉलेज स्टूडेंट्स खिलाड़ियों और फिटनेस पसंद करने वालों बुजुर्ग (जिन्हें आसानी से पचने वाला पौष्टिक भोजन चाहिए) रिकवरी डाइट लेने वाले लोग किन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए? 1 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को यह रेसिपी डॉक्टर की सलाह के बिना न दें। जिन लोगों को नट्स (बादाम) या दूध से एलर्जी हो, वे इसे न खाएं। डायबिटीज के मरीज गुड़ की मात्रा सीमित रखें और डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह लें। किडनी रोग या विशेष मेडिकल डाइट पर रहने वाले लोग सेवन से पहले विशेषज्ञ की सलाह लें। ध्यान रखें :- यह एक पौष्टिक घरेलू रेसिपी है, लेकिन यह किसी बीमारी का इलाज नहीं है। संतुलित मात्रा में सेवन करें और अपनी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार सामग्री में बदलाव कर सकते हैं।

anmol जुलाई 21, 2026 0
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