हरियाली तीज के मौके पर घर आने वाले मेहमानों के लिए अगर आप कुछ खास और रिफ्रेशिंग बनाना चाहती हैं, तो बाजार की पैकेज्ड ड्रिंक्स की जगह घर पर तैयार देसी पेय सर्व कर सकती हैं। तीज की पार्टी में केसर ठंडाई, गुलाब लस्सी, नींबू-पुदीना कूलर, आम पन्ना और जलजीरा जैसे ड्रिंक्स स्वाद के साथ मेहमानों को ठंडक भी देंगे। शाही केसर ठंडाई दूध, बादाम, काजू, सौंफ, इलायची और केसर से तैयार ठंडाई तीज के लिए शानदार विकल्प है। इसे पहले से बनाकर फ्रिज में ठंडा किया जा सकता है। सर्व करते समय ऊपर से केसर, पिस्ता और गुलाब की पंखुड़ियां डालें। गुलाब लस्सी ठंडे दही, दूध और गुलाब के शरबत से बनने वाली गुलाब लस्सी त्योहार के लिए आसान और स्वादिष्ट ड्रिंक है। इसे लंबे ग्लास में पिस्ते और गुलाब की पंखुड़ियों से सजाकर सर्व किया जा सकता है। नींबू-पुदीना कूलर नींबू, पुदीना, काला नमक, चीनी और बर्फ से कुछ ही मिनटों में तैयार होने वाला कूलर गर्म और उमस भरे मौसम में रिफ्रेशिंग विकल्प है। चाहें तो इसमें ठंडे पानी की जगह सोडा भी इस्तेमाल कर सकती हैं। खट्टा-मीठा आम पन्ना कच्चे आम, भुना जीरा, काला नमक और पुदीने से तैयार आम पन्ना तीज के स्नैक्स के साथ भी खूब पसंद किया जा सकता है। इसका कॉन्संट्रेट पहले से तैयार करके फ्रिज में रखा जा सकता है। मसालेदार जलजीरा अगर मेहमानों को चटपटा स्वाद पसंद है तो जलजीरा जरूर बनाएं। पुदीना, सौंफ, भुना जीरा, काला नमक, चाट मसाला और नींबू से तैयार जलजीरा स्वादिष्ट होने के साथ पार्टी में देसी फ्लेवर भी जोड़ता है। ठंडा केसर दूध दूध में केसर और इलायची मिलाकर तैयार किया गया ठंडा केसर दूध भी तीज के लिए अच्छा विकल्प है। इसे ठंडा करके ऊपर से कटे हुए मेवे और केसर डालकर सर्व किया जा सकता है। सजाने का आइडिया: ड्रिंक्स को खूबसूरत ग्लास में बर्फ, पुदीने की पत्तियों, गुलाब की पंखुड़ियों, नींबू स्लाइस और केसर से गार्निश करें। इससे आपकी तीज पार्टी की ड्रिंक्स टेबल और भी आकर्षक लगेगी।
नई दिल्ली, एजेंसियां। सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित माना जाता है और इस दौरान सोमवार के व्रत का विशेष महत्व होता है। सावन के दूसरे सोमवार का व्रत रखने वाले श्रद्धालु दिनभर फलाहार करते हैं। ऐसे में अगर आप व्रत के दौरान कुछ स्वादिष्ट और आसानी से बनने वाला खाना चाहते हैं, तो कुट्टू का आटा एक अच्छा विकल्प हो सकता है। कुट्टू के आटे से व्रत के लिए पूरी, चीला, पकौड़ी और पराठे जैसे कई व्यंजन बनाए जा सकते हैं। इन्हें सेंधा नमक और व्रत में इस्तेमाल होने वाली सामग्री के साथ तैयार किया जा सकता है। कुट्टू की पूरी सावन सोमवार के फलाहार में कुट्टू की पूरी काफी लोकप्रिय है। इसे बनाने के लिए कुट्टू के आटे में उबला हुआ आलू, सेंधा नमक और थोड़ा पानी मिलाकर आटा गूंथ लें। छोटी-छोटी लोइयां बनाकर बेलें और गर्म तेल या घी में सुनहरा होने तक तलें। इसे दही या व्रत वाली सब्जी के साथ खाया जा सकता है। कुट्टू का चीला अगर आप ज्यादा तेल में बनी चीजों से बचना चाहते हैं, तो कुट्टू का चीला बेहतर विकल्प हो सकता है। कुट्टू के आटे में पानी डालकर घोल तैयार करें और इसमें बारीक कटी हरी मिर्च व सेंधा नमक मिलाएं। तवे पर थोड़ा घी लगाकर घोल फैलाएं और दोनों तरफ से अच्छी तरह सेंक लें। इसे दही के साथ परोसा जा सकता है। कुट्टू की पकौड़ी फलाहार में कुट्टू की पकौड़ी भी बनाई जा सकती है। इसके लिए कुट्टू के आटे में उबला आलू, सेंधा नमक और हरी मिर्च मिलाकर गाढ़ा मिश्रण तैयार करें। छोटे-छोटे हिस्से लेकर गर्म तेल या घी में सुनहरा होने तक तलें। इसे व्रत वाली हरी चटनी या दही के साथ खाया जा सकता है। कुट्टू का पराठा कुट्टू के आटे से स्वादिष्ट पराठा भी तैयार किया जा सकता है। आटे में उबला हुआ आलू और सेंधा नमक मिलाकर नरम आटा गूंथें। इसकी लोई बनाकर हल्के हाथ से बेलें और तवे पर घी लगाकर दोनों तरफ से सेंक लें। इसे दही या व्रत वाली आलू की सब्जी के साथ परोस सकते हैं। व्रत में रखें इन बातों का ध्यान व्रत के दौरान भोजन बनाते समय यह सुनिश्चित करें कि इस्तेमाल की जा रही सभी सामग्री आपके व्रत के नियमों के अनुरूप हो। सेंधा नमक और व्रत में मान्य सामग्री का ही इस्तेमाल करें। साथ ही, तले हुए पकवानों का सेवन संतुलित मात्रा में करना बेहतर है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। ब्रेड, पराठे, रोटी या गर्मागर्म सब्जी के साथ ताजा मक्खन खाने का स्वाद ही अलग होता है। अगर आप बाजार के मक्खन की जगह घर का शुद्ध और फ्रेश मक्खन बनाना चाहते हैं, तो गाढ़े दही की मदद से इसे आसानी से तैयार किया जा सकता है। इसके लिए बहुत ज्यादा सामग्री की जरूरत भी नहीं पड़ती। मक्खन बनाने के लिए चाहिए ये चीजें घर पर मक्खन बनाने के लिए करीब 1 किलो गाढ़ा जमा हुआ दही, थोड़ा ठंडा पानी, एक गहरा बर्तन और मथनी या हैंड ब्लेंडर की जरूरत होगी। स्वाद के अनुसार नमक भी मिलाया जा सकता है। दही को अच्छी तरह मथें सबसे पहले जमा हुआ दही एक बड़े बर्तन में निकालें और मथनी या हैंड ब्लेंडर से अच्छी तरह फेंटें। कुछ देर लगातार मथने पर दही में मौजूद मलाई और फैट अलग होने लगेंगे। इसके बाद सतह पर मक्खन के छोटे-छोटे दाने दिखाई देने लगेंगे। ठंडा पानी डालने से ऐसे बनेगा मक्खन जब मक्खन के कण अलग नजर आने लगें, तो इसमें थोड़ा-थोड़ा करके ठंडा पानी डालें और फिर से मथें। ठंडा पानी मक्खन के कणों को एक साथ इकट्ठा करने में मदद करता है। कुछ देर बाद मक्खन एक जगह जमा हो जाएगा और नीचे छाछ जैसा तरल बच जाएगा। मक्खन को साफ करना जरूरी अब मक्खन को हाथ या चम्मच की मदद से अलग बर्तन में निकाल लें। इसे 2-3 बार ठंडे पानी से हल्के हाथों से धोएं, ताकि उसमें बची छाछ निकल जाए। इसके बाद हाथ से हल्का दबाकर अतिरिक्त पानी निकाल दें। नमकीन या सादा, जैसा पसंद हो अगर आपको नमकीन मक्खन पसंद है तो इसमें स्वाद के अनुसार थोड़ा नमक मिला सकते हैं। वहीं मीठे या सादे स्वाद के लिए इसे बिना नमक के भी रखा जा सकता है। घर का ताजा मक्खन रोटी, पराठे, टोस्ट और सब्जियों के साथ स्वादिष्ट लगता है। फ्रेश रखने के लिए अपनाएं ये तरीका तैयार मक्खन को साफ और सूखे एयरटाइट डिब्बे में रखें और फ्रिज में स्टोर करें। मक्खन निकालने के लिए हमेशा साफ और सूखे चम्मच का इस्तेमाल करें। इससे मक्खन को बेहतर तरीके से सुरक्षित रखा जा सकता है।
नई दिल्ली: त्योहार हो, कोई खास मौका हो या घर पर मेहमानों की आवभगत करनी हो, बेसन की बर्फी हमेशा पसंद की जाने वाली मिठाइयों में शामिल रहती है। लेकिन घर पर इसे बनाते समय अक्सर शिकायत होती है कि बर्फी या तो बहुत सख्त हो जाती है, दानेदार टेक्सचर नहीं आता या फिर खाते समय दांतों में चिपकने लगती है। अगर आप भी हलवाई जैसी बादामी रंग की, दानेदार और मुंह में घुलने वाली बेसन बर्फी बनाना चाहते हैं, तो मारवाड़ी हलवाई बिट्टू पंचारिया की बताई पारंपरिक विधि काम आ सकती है। इसमें बेसन को सही तरीके से ‘मोइन’ देकर तैयार करने से लेकर धीमी आंच पर भूनने और सही तार की चाशनी बनाने तक कुछ खास बातों का ध्यान रखा जाता है। सबसे पहले बेसन में दें मोइन दानेदार टेक्सचर के लिए बेसन की तैयारी सबसे अहम है। इसके लिए 4 किलो दरदरा पिसा बेसन लें। इसमें करीब 200 ग्राम गुनगुना देसी घी और 200-250 ग्राम पानी डालकर हाथों से अच्छी तरह मसलें। इसके बाद इस मिश्रण को बड़े छेद वाली मोटी चलनी से छान लें। इससे बेसन में एक समान दाने तैयार होंगे और बर्फी का टेक्सचर ज्यादा बेहतर आएगा। देसी घी में धीमी आंच पर भूनें बेसन अब एक बड़ी कड़ाही में करीब 3.5 किलो देसी घी गर्म करें। घी हल्का गर्म होने पर इसमें तैयार दानेदार बेसन डाल दें। बेसन को मध्यम से धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए भूनना बेहद जरूरी है। तेज आंच पर बेसन जल्दी जल सकता है और स्वाद कड़वा हो सकता है। वहीं घी की मात्रा बहुत कम रखने से बर्फी ज्यादा सख्त होने की संभावना रहती है। बेसन को तब तक भूनें जब तक उसका कच्चापन काफी हद तक खत्म न हो जाए। मावा डालकर लाएं बादामी रंग जब बेसन करीब 50-60 प्रतिशत तक भुन जाए, तब इसमें अच्छी गुणवत्ता वाला ताजा मावा डालें। मावा बर्फी को रिच स्वाद देने के साथ उसकी बाइंडिंग में भी मदद करता है। मावा मिलाने के बाद आंच धीमी कर दें और लगातार चलाते हुए मिश्रण को भूनें। जब बेसन का रंग सुंदर बादामी हो जाए और अच्छी खुशबू आने लगे, तब समझें कि इसकी सिकाई सही दिशा में है। एक तार की चाशनी है सबसे जरूरी अब एक अलग बर्तन में करीब 2.8 लीटर पानी और 4 किलो चीनी डालकर चाशनी तैयार करें। बर्फी के लिए चाशनी को करीब एक तार से थोड़ी कड़क रखना जरूरी है। चाशनी तैयार होने के बाद इसमें केसर का घोल मिलाएं और इसे थोड़ा ठंडा होने दें। इसके बाद चाशनी को भुने हुए बेसन और मावा के मिश्रण में डालकर अच्छी तरह मिलाएं। सही कंसिस्टेंसी की चाशनी बर्फी को बहुत ज्यादा चिपचिपा होने से बचाने में मदद करती है। जायफल-जावित्री और इलायची से आएगी शाही खुशबू अब मिश्रण में जावित्री-जायफल पाउडर और इलायची पाउडर डालें। ये मसाले बर्फी में खास खुशबू और स्वाद जोड़ते हैं। सभी चीजों को अच्छी तरह मिलाने के बाद कड़ाही को ढककर करीब 1-2 घंटे के लिए छोड़ दें। इससे बेसन चाशनी को अच्छी तरह सोख लेता है और मिश्रण में बेहतर दानेदार एवं मुलायम टेक्सचर विकसित होता है। ट्रे में जमाएं और ऐसे करें गार्निश जब मिश्रण जमने लायक हो जाए, तो इसे घी लगी या तैयार ट्रे में डालकर समान रूप से फैला दें। ऊपर से बारीक कटे पिस्ता, बादाम और सूखी गुलाब की पंखुड़ियां डालकर सजाएं। अब इसे करीब 5-6 घंटे तक सेट होने दें। पूरी तरह जम जाने के बाद चाकू से मनचाहे आकार में काट लें। तैयार होगी मारवाड़ी स्टाइल की दानेदार बेसन बर्फी, जिसमें बादामी रंग, घी की खुशबू और मसालों का शाही स्वाद मिलेगा। बर्फी बनाते समय इन बातों का रखें ध्यान बेसन को तेज आंच पर न भूनें। दानेदार टेक्सचर के लिए बेसन को छानना महत्वपूर्ण है। मावा डालने के बाद आंच धीमी रखें। चाशनी की सही कंसिस्टेंसी बर्फी के टेक्सचर के लिए बेहद जरूरी है। बर्फी को काटने से पहले पूरी तरह सेट होने दें।
नई दिल्ली: शाम की चाय के साथ गरमा-गरम, कुरकुरा समोसा मिल जाए तो बात ही अलग है। लेकिन घर पर समोसा बनाने का नाम आते ही आटा गूंथने, लोई बेलने और सही तिकोना आकार देने की मेहनत कई लोगों को पीछे हटा देती है। अगर आप भी इसी वजह से घर पर समोसा बनाने से बचते हैं, तो एक आसान तरीका आपके काम आ सकता है। फूड क्रिएटर इति बरनवाल ने ‘नो-रैप समोसा’ बनाने का तरीका शेयर किया है। इसमें न आटा गूंथने की जरूरत है और न ही समोसे की पारंपरिक परत बनाकर उसे आकार देने की। आलू-मटर की स्टफिंग तैयार करें, उसकी छोटी-छोटी बॉल्स बनाएं और खास मैदा मिश्रण की कोटिंग करके एयर फ्रायर में तैयार कर लें। इस तरीके की खासियत यह है कि इसे बनाने में करीब एक चम्मच तेल या थोड़ा-सा ऑयल स्प्रे इस्तेमाल किया जा सकता है। सबसे पहले तैयार करें चटपटा समोसा मसाला समोसे का स्वाद काफी हद तक उसके मसाले पर निर्भर करता है। इसके लिए एक पैन में 1 छोटा चम्मच सौंफ, 2 छोटे चम्मच साबुत धनिया, आधा छोटा चम्मच जीरा, आधा छोटा चम्मच काली मिर्च और एक चौथाई छोटा चम्मच लौंग डालकर धीमी आंच पर हल्का भून लें। मसालों को ठंडा करने के बाद इन्हें 3-4 हरी मिर्च और अदरक के एक छोटे टुकड़े के साथ दरदरा पीस लें। ताजा तैयार यह मसाला स्टफिंग को खास स्वाद देगा। ऐसे तैयार करें आलू-मटर की स्टफिंग अब पैन में 1-2 छोटे चम्मच तेल गर्म करें। इसमें एक चुटकी हींग, थोड़ा कटा हुआ काजू और किशमिश डालकर हल्का भूनें। इसके बाद 3-4 उबले और मैश किए हुए आलू, 4-5 छोटे चम्मच उबले मटर और तैयार किया हुआ समोसा मसाला डालें। इसमें आधा छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर और स्वादानुसार नमक मिलाएं। सभी सामग्री को अच्छी तरह भूनने के बाद थोड़ा हरा धनिया डालें और मिश्रण को अच्छी तरह मिला लें। स्टफिंग को इस्तेमाल करने से पहले पूरी तरह ठंडा होने दें। बिना आटा गूंथे ऐसे तैयार होगी बाहरी परत अब इस रेसिपी का सबसे खास हिस्सा आता है। एक चौड़े बर्तन में 100-150 ग्राम मैदा, 2-3 छोटे चम्मच सूजी, एक चौथाई छोटा चम्मच अजवाइन, एक चौथाई छोटा चम्मच कलौंजी, एक चौथाई छोटा चम्मच बेकिंग सोडा और स्वादानुसार नमक डालें। इसमें 4-5 छोटे चम्मच तेल डालकर हाथों से अच्छी तरह मिलाएं। मिश्रण को इस तरह मिलाना है कि वह भुरभुरा हो जाए। ध्यान रखें कि इस सूखे मिश्रण में पानी नहीं डालना है। पानी में डुबोकर बनाएं समोसे की कोटिंग ठंडी हो चुकी आलू-मटर की स्टफिंग से छोटी-छोटी बॉल्स बना लें। एक बॉल को सूखे मैदा मिश्रण में रोल करें ताकि उसकी सतह पर हल्की कोटिंग आ जाए। अब इसे पानी में सिर्फ एक सेकंड के लिए डुबोएं और तुरंत निकालकर दोबारा सूखे मैदा मिश्रण में रोल करें। इसी प्रक्रिया को 2-3 बार दोहराया जा सकता है। इससे बॉल के ऊपर धीरे-धीरे एक मोटी और क्रिस्पी बाहरी परत तैयार हो जाएगी। एयर फ्रायर में ऐसे करें क्रिस्पी कोटिंग की हुई समोसा बॉल्स को करीब 15 मिनट तक सूखने दें, ताकि बाहरी परत अच्छी तरह सेट हो जाए। अब इनके ऊपर थोड़ा तेल स्प्रे करें और 180-200 डिग्री सेल्सियस पर करीब 30-40 मिनट तक एयर फ्राई करें। बीच में एक बार पलट दें, जिससे समोसे चारों तरफ से सुनहरे और कुरकुरे बनें। अगर एयर फ्रायर नहीं है, तो इन्हें मध्यम आंच पर गर्म तेल में भी सुनहरा और क्रिस्पी होने तक तला जा सकता है। हरी चटनी के साथ परोसें तैयार ‘नो-रैप समोसे’ को गरमा-गरम धनिया-पुदीना चटनी, इमली की खट्टी-मीठी चटनी या टमैटो केचप के साथ परोसें। यह तरीका खास तौर पर उन लोगों के लिए आसान हो सकता है जिन्हें समोसा पसंद है, लेकिन आटा गूंथने, बेलने और सही आकार देने की मेहनत पसंद नहीं। हालांकि, एयर फ्रायर में पकाने का समय और तापमान उपकरण के अनुसार थोड़ा अलग हो सकता है, इसलिए पकाते समय समोसे की सतह पर नजर रखें।
नई दिल्ली, एजेंसियां। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर स्कूलों, सोसायटी और घरों में होने वाली बच्चों की पार्टियों को इस बार तिरंगा-थीम फूड प्लेटर के साथ खास बनाया जा सकता है। फलों, सब्जियों, सैंडविच, स्नैक्स और डेजर्ट को तिरंगे के रंगों से प्रेरित तरीके से सजाकर आकर्षक और पौष्टिक मेन्यू तैयार किया जा सकता है। विशेषज्ञों की सलाह है कि प्रस्तुति केवल तिरंगे के रंगों से प्रेरित हो, राष्ट्रीय ध्वज का ऐसा स्वरूप न बनाया जाए जिसका बाद में अनादर हो। तिरंगा फ्रूट प्लेटर रहेगा हेल्दी विकल्प बच्चों के लिए फ्रूट प्लेटर सबसे बेहतर विकल्प माना जा रहा है। इसमें ऊपर की ओर पपीता, आम या संतरे के स्लाइस, बीच में केला, नाशपाती या नारियल के टुकड़े और नीचे की ओर कीवी, हरे अंगूर या हरे सेब सजाए जा सकते हैं। यह प्लेटर विटामिन और फाइबर से भरपूर होने के साथ देखने में भी आकर्षक लगता है। तिरंगा सैंडविच और मिनी बर्गर से बढ़ेगा स्वाद ब्रेड की परतों के बीच गाजर या शिमला मिर्च का स्प्रेड, पनीर या मेयो और हरी चटनी या खीरे की परत लगाकर ट्राइकलर सैंडविच तैयार किए जा सकते हैं। इन्हें छोटे त्रिकोण या गोल आकार में काटकर परोसने से बच्चों को पसंद आएंगे। इसी तरह मिनी बर्गर में भी रंग-बिरंगी सब्जियों की लेयरिंग की जा सकती है। स्नैक्स और डेजर्ट भी बनेंगे आकर्षण इडली बाइट्स, ढोकला, चीज़ क्यूब्स, गाजर स्टिक्स, खीरे के स्लाइस और पालक रोल से तिरंगा स्नैक प्लेट तैयार की जा सकती है। वहीं नारियल की बर्फी, केसर फ्लेवर मिठाई, पिस्ता गार्निश और दही-फ्रूट प्यूरी से तैयार डेजर्ट कप पार्टी की रौनक बढ़ा सकते हैं। तिरंगा ड्रिंक और सजावट से दें खास लुक संतरे का जूस, मीठी लस्सी और पुदीना या कीवी आधारित पेय को अलग-अलग रंगों के अनुरूप परोसकर तिरंगा थीम को पूरा किया जा सकता है। रंग-बिरंगे स्ट्रॉ, पेपर कप और देशभक्ति थीम की सजावट पार्टी को और आकर्षक बनाएगी। बच्चों की पार्टी के लिए जरूरी टिप्स ताजे फल और सब्जियों का उपयोग करें। कम तेल और हेल्दी स्नैक्स चुनें। भोजन छोटे-छोटे हिस्सों में परोसें। बच्चों की फूड एलर्जी का पहले ध्यान रखें। केवल तिरंगे के रंगों से प्रेरित प्लेटिंग करें, राष्ट्रीय ध्वज का अनादर न हो इसका विशेष ध्यान रखें।
नई दिल्ली, एजेंसियां। सावन के महीने में बड़ी संख्या में लोग सात्विक भोजन अपनाते हैं और प्याज-लहसुन का सेवन पूरी तरह छोड़ देते हैं। ऐसे में रोजाना रात के खाने में क्या बनाया जाए, यह सबसे बड़ा सवाल बन जाता है। अक्सर लोगों को लगता है कि बिना प्याज-लहसुन के स्वादिष्ट खाना बनाना मुश्किल है, लेकिन सही मसालों और आसान कुकिंग तकनीक की मदद से घर पर भी रेस्टोरेंट जैसा स्वाद पाया जा सकता है। अगर आप भी सावन में स्वाद और सेहत दोनों का संतुलन बनाए रखना चाहते हैं, तो ये इंस्टेंट सात्विक रेसिपीज आपके डिनर को खास बना सकती हैं। 1. बिना प्याज-लहसुन वाली पनीर मखनी पनीर मखनी सावन के दौरान प्रोटीन से भरपूर और स्वादिष्ट विकल्प है। इसे बनाने के लिए टमाटर, अदरक और हरी मिर्च का पेस्ट तैयार करें। घी में जीरा, तेजपत्ता और हींग का तड़का लगाने के बाद इस पेस्ट को अच्छी तरह भूनें। फिर हल्दी, धनिया पाउडर, लाल मिर्च और काजू का पेस्ट मिलाकर ग्रेवी तैयार करें। आखिर में पनीर के टुकड़े और गरम मसाला डालकर कुछ मिनट पकाएं। तैयार पनीर मखनी को रोटी, पराठे या जीरा राइस के साथ परोसें। 2. दही वाले आलू की झटपट सब्जी अगर आपके पास समय कम है तो दही वाले आलू एक बेहतरीन विकल्प हैं। उबले आलू को हल्के मसालों के साथ भूनकर उसमें दही और बेसन का मिश्रण मिलाया जाता है। धीमी आंच पर पकाने से दही फटती नहीं और सब्जी का स्वाद बेहद लाजवाब बनता है। हरे धनिये की गार्निश इसे और भी स्वादिष्ट बना देती है। 3. मिक्स वेज पनीर भुर्जी गाजर, बीन्स, शिमला मिर्च, मटर जैसी सब्जियों को हल्के मसालों के साथ पकाकर उसमें कद्दूकस किया हुआ पनीर मिलाएं। अमचूर पाउडर और हरा धनिया इसका स्वाद बढ़ा देते हैं। यह डिश सिर्फ 15 मिनट में तैयार हो जाती है और रोटी, पराठे या ब्रेड के साथ खाई जा सकती है। 4. जीरा मटर पुलाव बासमती चावल, हरे मटर, जीरा, तेजपत्ता, लौंग और दालचीनी जैसे साबुत मसालों से तैयार जीरा मटर पुलाव सात्विक भोजन का बेहतरीन विकल्प है। इसमें घी की हल्की खुशबू और साबुत मसालों का स्वाद इसे खास बनाता है। इसे बूंदी रायता या दही के साथ परोस सकते हैं। 5. कढ़ी पकोड़ा (बिना प्याज) बेसन और दही से तैयार कढ़ी में बिना प्याज वाले बेसन के पकोड़े डालकर इसे आसानी से बनाया जा सकता है। जीरा, मेथी दाना, करी पत्ता, हींग और सूखी लाल मिर्च का तड़का इसका स्वाद कई गुना बढ़ा देता है। इसे सादे चावल या जीरा राइस के साथ परोसकर स्वादिष्ट और संतुलित भोजन का आनंद लिया जा सकता। सात्विक भोजन को स्वादिष्ट बनाने के आसान टिप्स बिना प्याज-लहसुन के भोजन में स्वाद बढ़ाने के लिए हींग, अदरक, हरी मिर्च, टमाटर, काजू का पेस्ट, कसूरी मेथी और साबुत मसालों का संतुलित उपयोग करें। घी में तड़का लगाने से व्यंजन का स्वाद और सुगंध दोनों बढ़ जाते हैं। इस तरह सावन के दौरान भी स्वाद और सेहत से भरपूर डिनर आसानी से तैयार किया जा सकता है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। सावन के सोमवार व्रत में अगर आप रोजाना एक जैसा फलाहार खाकर बोर हो गए हैं, तो इस बार अपनी थाली में स्वादिष्ट फलाहारी सैंडविच शामिल कर सकते हैं। कुट्टू या सिंघाड़े के आटे, उबले आलू और पनीर से तैयार यह सैंडविच कम समय में बन जाता है और नाश्ते, स्नैक या व्रत के मुख्य भोजन के रूप में परोसा जा सकता है। कुट्टू या सिंघाड़े के आटे से तैयार करें फलाहारी ब्रेड फलाहारी सैंडविच बनाने के लिए सबसे पहले कुट्टू या सिंघाड़े के आटे में दही, सेंधा नमक और थोड़ा सा चीनी मिलाकर बैटर तैयार करें। बैटर को सैंडविच मेकर या तवे पर हल्का घी लगाकर दोनों तरफ से सेक लें। इससे व्रत में इस्तेमाल होने वाली ब्रेड तैयार हो जाएगी। आलू-पनीर की स्वादिष्ट स्टफिंग बनाएं एक बाउल में मैश किए हुए उबले आलू, कद्दूकस किया हुआ पनीर, सेंधा नमक, काली मिर्च, बारीक कटी हरी मिर्च और हरा धनिया मिलाकर स्टफिंग तैयार करें। चाहें तो स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें भुनी हुई मूंगफली का चूरा भी मिला सकते हैं। दो आसान तरीकों से तैयार करें सैंडविच तैयार फलाहारी ब्रेड के बीच स्टफिंग भरकर दोनों तरफ हल्का घी लगाएं और तवे या सैंडविच मेकर पर सुनहरा और कुरकुरा होने तक सेंक लें। दूसरा तरीका यह है कि बैटर फैलाने के बाद उसी पर स्टफिंग रखें, ऊपर से फिर बैटर डालें और दोनों तरफ से अच्छी तरह पकाएं। दही या व्रत वाली चटनी के साथ करें सर्व गरमा-गरम फलाहारी सैंडविच को त्रिकोण आकार में काटकर दही, व्रत वाली हरी चटनी या ताजे फलों के साथ परोसें। ऊपर से भुना जीरा पाउडर या काली मिर्च छिड़कने से इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है। इन बातों का रखें ध्यान स्वाद और सेहत दोनों बनाए रखने के लिए घी का सीमित मात्रा में इस्तेमाल करें। सैंडविच हमेशा ताजा बनाकर तुरंत परोसें और व्रत के नियमों के अनुसार ही सामग्री का चयन करें। ताजे दही या लस्सी के साथ परोसने पर यह भोजन अधिक संतुलित और पौष्टिक बन जाता है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। सावन का महीना भगवान शिव की भक्ति और उपवास के लिए खास माना जाता है। इस दौरान कई श्रद्धालु सोमवार का व्रत रखते हैं। लंबे समय तक कुछ न खाने की वजह से कई बार शरीर में कमजोरी, थकान और पानी की कमी महसूस हो सकती है। ऐसे में व्रत के दौरान कुछ पौष्टिक और हाइड्रेटिंग ड्रिंक्स को डाइट में शामिल किया जा सकता है। 1. नारियल पानी देगा तुरंत ताजगी व्रत के दौरान नारियल पानी एक बेहतर विकल्प माना जाता है। इसमें प्राकृतिक इलेक्ट्रोलाइट्स पाए जाते हैं, जो शरीर में पानी की कमी को पूरा करने और ऊर्जा बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। 2. मखाना मिल्क ड्रिंक से मिलेगी लंबे समय तक एनर्जी दूध में भुने हुए मखाने मिलाकर तैयार किया गया ड्रिंक व्रत के लिए अच्छा विकल्प हो सकता है। यह पेट को लंबे समय तक भरा रखने के साथ शरीर को ऊर्जा देने में मदद करता है। इसमें स्वाद के लिए इलायची पाउडर भी मिलाया जा सकता है। 3. फ्रूट शेक से मिलेगी प्राकृतिक मिठास केला, सेब या चीकू जैसे व्रत में खाए जाने वाले फलों से तैयार शेक शरीर को तुरंत ऊर्जा दे सकते हैं। इसमें चीनी मिलाने की बजाय फलों की प्राकृतिक मिठास का इस्तेमाल करना बेहतर माना जाता है। 4. दूध और ड्राई फ्रूट शेक बढ़ाएगा पोषण बादाम, खजूर, अखरोट या मखाने को दूध के साथ मिलाकर तैयार किया गया शेक पोषण से भरपूर होता है। यह लंबे समय तक शरीर में ऊर्जा बनाए रखने में मदद कर सकता है। 5. तरबूज-पुदीना स्मूदी रखेगी शरीर को हाइड्रेटेड तरबूज में पानी की मात्रा अधिक होती है। इसे पुदीने की पत्तियों के साथ मिलाकर तैयार की गई स्मूदी शरीर को ठंडक देने के साथ हाइड्रेशन बनाए रखने में मदद कर सकती है। 6. केला-खजूर स्मूदी से मिलेगी भरपूर ताकत व्रत में जल्दी भूख लगने पर केला और खजूर की स्मूदी एक अच्छा विकल्प हो सकती है। दूध के साथ तैयार यह ड्रिंक शरीर को ऊर्जा देने के साथ लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करती है। ध्यान रखें: व्रत के दौरान अपनी सेहत और जरूरत के अनुसार ही भोजन व पेय पदार्थों का सेवन करें। किसी भी स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे लोगों को व्रत रखने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए।
नई दिल्ली: जब भी घर में कुछ मीठा बनाने का मन हो या अचानक मेहमान आ जाएं, तो सूजी का हलवा सबसे आसान और पसंदीदा विकल्प माना जाता है। लेकिन सही माप और सही तरीके की जानकारी न होने पर हलवा कभी सूखा तो कभी चिपचिपा बन जाता है। अगर आप भी शादी या ढाबे जैसा दानेदार, रसीला और सुनहरे रंग का सूजी का हलवा बनाना चाहते हैं, तो फूड ब्लॉगर Foodie Muzna की यह आसान रेसिपी आपके बहुत काम आएगी। खास बात यह है कि इसे बनाने के लिए सिर्फ 3 मुख्य सामग्री चाहिए और यह महज 15 मिनट में तैयार हो जाता है। जरूरी सामग्री मुख्य सामग्री: 1 कप सूजी 1 कप देसी घी 1 कप चीनी अन्य सामग्री: 3–4 कप गर्म पानी बारीक कटे बादाम और काजू (गार्निश के लिए, वैकल्पिक) स्टेप 1: घी में सूजी अच्छी तरह भूनें एक भारी तले की कड़ाही में 1 कप देसी घी गर्म करें। अब उसमें 1 कप सूजी डालें और धीमी से मध्यम आंच पर लगातार चलाते हुए भूनें। सूजी को तब तक भूनें जब तक उसका रंग हल्का सुनहरा न हो जाए और उसमें से अच्छी खुशबू आने लगे। अच्छी तरह भुनी हुई सूजी ही हलवे को दानेदार और स्वादिष्ट बनाती है। स्टेप 2: चीनी से लाएं शाही रंग Foodie Muzna की इस रेसिपी का सबसे खास राज हलवे का गहरा रंग और शाही स्वाद है। इसके लिए सूजी अच्छी तरह भुनने के बाद उसमें चीनी मिलाकर 1–2 मिनट तक धीमी आंच पर चलाएं ताकि चीनी हल्की कैरेमलाइज हो जाए। इससे हलवे का रंग और स्वाद दोनों शानदार हो जाते हैं। स्टेप 3: गर्म पानी धीरे-धीरे डालें अब धीरे-धीरे 3–4 कप गर्म पानी डालें। पानी डालते समय लगातार कलछी चलाते रहें ताकि मिश्रण में गांठें न पड़ें। गर्म पानी डालने से सूजी अच्छी तरह फूलती है और हलवा मुलायम होने के साथ दानेदार भी बनता है। स्टेप 4: धीमी आंच पर पकाएं अब हलवे को धीमी आंच पर पकने दें। जब सूजी पूरा पानी सोख ले और हलवा कड़ाही छोड़ने लगे, साथ ही ऊपर हल्का घी दिखाई देने लगे, तो समझिए हलवा पूरी तरह तैयार है। स्टेप 5: ड्राई फ्रूट्स से करें गार्निश अंत में बारीक कटे हुए बादाम और काजू डालकर अच्छी तरह मिलाएं। गरमा-गरम शाही सूजी का हलवा सर्विंग बाउल में निकालें और ऊपर से थोड़े और मेवे डालकर परोसें। परफेक्ट सूजी का हलवा बनाने के आसान टिप्स सूजी हमेशा धीमी आंच पर अच्छी तरह भूनें। पानी हमेशा गर्म ही डालें। लगातार चलाते रहें ताकि गांठें न बनें। हल्की कैरेमलाइज चीनी से रंग और स्वाद दोनों बेहतर आते हैं। भारी तले की कड़ाही का इस्तेमाल करें ताकि हलवा जले नहीं।
नई दिल्ली: बारिश का मौसम हो और गरमा-गरम चाय के साथ कुरकुरे प्याज के पकोड़े न हों, ऐसा कम ही होता है। लेकिन डीप फ्राई पकोड़ों में ज्यादा तेल और कैलोरी होने की वजह से कई लोग इन्हें खाने से बचते हैं। अगर आप भी स्वाद के साथ सेहत का संतुलन बनाए रखना चाहते हैं, तो सेलिब्रिटी शेफ संजीव कपूर की यह Air Fryer Onion Pakoda Recipe आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकती है। इस आसान रेसिपी की मदद से आप बिना डीप फ्राई किए भी बाहर से कुरकुरे और अंदर से नरम प्याज के पकोड़े तैयार कर सकते हैं। सामग्री 2 मीडियम आकार के प्याज ¾ कप बेसन 1 छोटा चम्मच नमक 1 छोटा चम्मच कुटा हुआ साबुत धनिया 1 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर 1½ छोटा चम्मच हल्दी पाउडर 1 छोटा चम्मच जीरा पाउडर 1½ छोटा चम्मच अजवाइन ब्रश करने के लिए थोड़ा-सा तेल स्टेप 1: प्याज तैयार करें सबसे पहले प्याज को पतले और लंबे स्लाइस में काट लें। अब इन्हें एक बड़े बाउल में डालकर नमक मिलाएं और हाथों से अच्छी तरह मिक्स करें। इसके बाद प्याज को 10–15 मिनट के लिए छोड़ दें। इससे प्याज अपना प्राकृतिक पानी छोड़ देगा, जिससे बैटर बनाने के लिए अतिरिक्त पानी की जरूरत नहीं पड़ेगी। स्टेप 2: बेसन और मसाले मिलाएं अब उसी बाउल में बेसन, कुटा धनिया, लाल मिर्च पाउडर, हल्दी, जीरा पाउडर और अजवाइन डालें। सभी सामग्री को अच्छी तरह मिलाएं ताकि बेसन और मसाले प्याज पर समान रूप से चिपक जाएं। जरूरत पड़े तो बहुत थोड़ा पानी डाल सकते हैं, लेकिन मिश्रण ज्यादा पतला न करें। स्टेप 3: Air Fryer को Preheat करें Air Fryer को 200°C पर 2–3 मिनट के लिए प्रीहीट करें। इसके बाद बास्केट में पार्चमेंट पेपर बिछाएं और उस पर हल्का-सा तेल ब्रश कर दें, ताकि पकोड़े चिपकें नहीं। स्टेप 4: पकोड़े सेट करें तैयार मिश्रण से छोटे-छोटे पकोड़े बनाकर Air Fryer बास्केट में रखें। ध्यान रखें कि सभी पकोड़े एक ही लेयर में हों और उनके बीच थोड़ी दूरी रहे, ताकि गर्म हवा चारों ओर समान रूप से पहुंच सके। ऊपर से हल्का-सा तेल ब्रश कर दें। स्टेप 5: पहली बार Air Fry करें Air Fryer को 200°C पर 6 मिनट के लिए चलाएं। इस दौरान पकोड़ों की बाहरी परत सुनहरी और हल्की कुरकुरी होने लगेगी। स्टेप 6: पलटकर दोबारा पकाएं 6 मिनट बाद पकोड़ों को सावधानी से पलट दें। दोबारा हल्का-सा तेल ब्रश करें और 8 मिनट के लिए फिर से Air Fry करें। जब पकोड़े सुनहरे और पूरी तरह कुरकुरे हो जाएं, तो उन्हें बाहर निकाल लें। ऐसे करें सर्व गरमा-गरम प्याज के पकोड़ों को हरी चटनी, टमाटर केचप और एक कप अदरक वाली चाय के साथ परोसें। बिना डीप फ्राई किए तैयार ये पकोड़े स्वाद और सेहत दोनों का बेहतरीन मेल हैं।
नई दिल्ली, एजेंसियां। भरवां करेला भारतीय रसोई की पारंपरिक और लोकप्रिय सब्जियों में से एक है। हालांकि, इसकी कड़वाहट के कारण कई लोग इसे खाने से बचते हैं। लेकिन रसोई के कुछ आसान पारंपरिक नुस्खों की मदद से इसे स्वादिष्ट और संतुलित बनाया जा सकता है। ऐसा ही एक तरीका है मसाले में थोड़ी मात्रा में गुड़ मिलाना, जिससे करेले का स्वाद और भी बेहतर हो जाता है। गुड़ से संतुलित होती है कड़वाहट विशेषज्ञों के अनुसार, भरवां करेले के मसाले में थोड़ा-सा कद्दूकस किया हुआ गुड़ मिलाने से इसकी कड़वाहट संतुलित हो जाती है। गुड़ मसाले में हल्की मिठास और गहराई जोड़ता है, जिससे सब्जी का स्वाद अधिक संतुलित और पारंपरिक लगता है, बिना उसे मीठा बनाए। ऐसे करें करेले की तैयारी भरवां करेला बनाने से पहले करेले को अच्छी तरह धोकर हल्का छील लें और बीच से चीरा लगाकर बीज निकाल दें। इसके बाद उस पर नमक लगाकर 30 से 40 मिनट के लिए छोड़ दें। बाद में धोकर हल्का निचोड़ लें। इससे करेले की कड़वाहट कुछ हद तक कम हो जाती है। मसाला तैयार करने का तरीका सरसों के तेल में प्याज को सुनहरा होने तक भूनें। इसके बाद सौंफ, धनिया पाउडर, हल्दी, लाल मिर्च और अमचूर डालकर मसाला अच्छी तरह भूनें। अंत में कद्दूकस किया हुआ गुड़ मिलाकर 1–2 मिनट तक पकाएं। यही छोटा-सा कदम भरवां करेले के स्वाद को खास बनाता है। धीमी आंच पर पकाएं तैयार मसाले को करेले के अंदर भरकर जरूरत पड़ने पर धागे से बांध दें। फिर हल्के तेल में धीमी आंच पर 20–25 मिनट तक ढककर पकाएं और बीच-बीच में पलटते रहें। इससे मसाले का स्वाद करेले के अंदर तक अच्छी तरह समा जाता है और सब्जी स्वादिष्ट बनकर तैयार होती है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। बारिश का मौसम आते ही गरमा-गरम चाय और पकौड़ों का स्वाद हर किसी को पसंद आता है। हालांकि, डीप फ्राई पकौड़ों में अधिक तेल होने के कारण स्वास्थ्य को लेकर सतर्क लोग इन्हें खाने से बचते हैं। ऐसे में कम तेल या बिना डीप फ्राई किए तैयार किए गए पकौड़े स्वाद और सेहत दोनों का बेहतर विकल्प बन सकते हैं। बेसन और ओट्स से तैयार करें हेल्दी बैटर हेल्दी पकौड़े बनाने के लिए बेसन में ओट्स पाउडर, प्याज, आलू, पालक या मेथी, हरी मिर्च, अदरक, हल्दी, लाल मिर्च, अजवाइन और नमक मिलाकर गाढ़ा बैटर तैयार करें। यह मिश्रण फाइबर और पोषक तत्वों से भरपूर होता है। एयर फ्रायर या ओवन में ऐसे बनाएं एयर फ्रायर को 180 डिग्री सेल्सियस पर प्रीहीट करें और तैयार बैटर से छोटे-छोटे पकौड़े बनाकर ट्रे में रखें। ऊपर से हल्का तेल ब्रश करें और 12–15 मिनट तक पकाएं। बीच में एक बार पलटने से पकौड़े दोनों तरफ से सुनहरे और कुरकुरे बनते हैं। यही प्रक्रिया ओवन में भी अपनाई जा सकती है। नॉन-स्टिक तवे पर भी मिलेगा कुरकुरापन यदि एयर फ्रायर या ओवन उपलब्ध नहीं है, तो नॉन-स्टिक तवे पर हल्का तेल लगाकर बैटर डालें और दोनों तरफ से सुनहरा होने तक सेंकें। इससे पकौड़े कम तेल में भी बाहर से क्रिस्पी और अंदर से मुलायम बनते हैं। हेल्दी चटनी के साथ लें स्वाद इन पकौड़ों को पुदीना-दही की चटनी, हरी धनिया की चटनी या टमाटर-लहसुन की घर की बनी डिप के साथ परोस सकते हैं। इससे स्वाद बढ़ने के साथ अतिरिक्त कैलोरी से भी बचाव होता है। सेहत के लिए बेहतर विकल्प कम तेल में बने ये पकौड़े डीप फ्राई पकौड़ों की तुलना में काफी कम तेल वाले होते हैं। ओट्स और हरी सब्जियों की वजह से इनमें फाइबर अधिक होता है, जो लंबे समय तक पेट भरा रखने, पाचन बेहतर बनाने और वजन नियंत्रित रखने में मददगार माना जाता है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय खाने में मसालों का खास महत्व होता है। इन्हीं में से एक है तंदूरी मसाला पाउडर, जो साधारण व्यंजन को भी शानदार स्वाद और खुशबू दे सकता है। बाजार में मिलने वाले मसालों की जगह अगर घर पर ताजा तंदूरी मसाला तैयार किया जाए तो स्वाद के साथ इसकी गुणवत्ता भी बेहतर रहती है। घर के मसालों से तैयार करें तंदूरी फ्लेवर तंदूरी मसाला पाउडर बनाने के लिए कश्मीरी लाल मिर्च, धनिया, जीरा, काली मिर्च, मेथी दाना, सौंफ, अजवाइन, इलायची, दालचीनी, लौंग और तेजपत्ता जैसे साबुत मसालों का इस्तेमाल किया जाता है। इन मसालों को हल्का भूनने से इनकी खुशबू और स्वाद और भी बढ़ जाता है। घर पर मसाला बनाने के फायदे घर में तैयार किया गया तंदूरी मसाला पूरी तरह ताजा होता है और इसमें नमक, तीखापन और खट्टापन अपनी पसंद के अनुसार रखा जा सकता है। साथ ही इसमें अतिरिक्त रंग या प्रिजर्वेटिव मिलाने की जरूरत नहीं पड़ती। सही तरीके से स्टोर करने पर यह कई हफ्तों तक इस्तेमाल किया जा सकता है। तंदूरी मसाला बनाने की आसान विधि सबसे पहले सभी साबुत मसालों को धीमी आंच पर हल्का ड्राई रोस्ट करें। जब मसालों से अच्छी खुशबू आने लगे तो गैस बंद कर दें और इन्हें ठंडा होने दें। इसके बाद इन मसालों को सूखा अदरक पाउडर, लहसुन पाउडर, प्याज पाउडर, नमक और आमचूर पाउडर के साथ मिलाकर बारीक पीस लें। तैयार मसाले को एयरटाइट डिब्बे में भरकर रखें। इन व्यंजनों में कर सकते हैं इस्तेमाल घर का बना तंदूरी मसाला पनीर टिक्का, तंदूरी चिकन, सोया चाप, कबाब, रोल, ग्रिल्ड सब्जियां और दही वाले मैरिनेशन में इस्तेमाल किया जा सकता है। दही, अदरक-लहसुन पेस्ट और सरसों के तेल के साथ मिलाकर यह स्वादिष्ट मैरिनेशन तैयार करता है। मसाला स्टोर करने के टिप्स तंदूरी मसाला पाउडर को हमेशा सूखे और साफ एयरटाइट कंटेनर में रखें। इसे नमी, धूप और भाप से दूर रखना चाहिए। मसाला निकालने के लिए हमेशा सूखे चम्मच का इस्तेमाल करें, ताकि इसकी खुशबू और स्वाद लंबे समय तक बना रहे।
नई दिल्ली, एजेंसियां। दही भारतीय रसोई का ऐसा सुपरफूड है, जो स्वाद के साथ-साथ सेहत का भी खजाना माना जाता है। आमतौर पर इसका इस्तेमाल रायता, लस्सी और कढ़ी बनाने में किया जाता है, लेकिन इससे कई स्वादिष्ट स्नैक्स भी तैयार किए जा सकते हैं। अगर अचानक मेहमान आ जाएं या शाम की चाय के साथ कुछ अलग खाने का मन हो, तो दही से बनी रेसिपीज़ बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती हैं। दही ब्रेड रोल दही में बारीक कटी सब्जियां, पनीर, काली मिर्च और चाट मसाला मिलाकर स्टफिंग तैयार करें। इसे ब्रेड में भरकर हल्का तेल लगाकर तवे या एयर फ्रायर में सेंक लें। यह स्नैक चाय के साथ और बच्चों के टिफिन के लिए शानदार विकल्प है। दही सूजी टिक्की सूजी, दही और बारीक कटी सब्जियों को मसालों के साथ मिलाकर गाढ़ा मिश्रण तैयार करें। छोटी-छोटी टिक्कियां बनाकर नॉन-स्टिक तवे पर हल्के तेल में सेंक लें। यह हल्का और पौष्टिक शाम का नाश्ता है। दही सैंडविच दही में कद्दूकस किया हुआ खीरा, गाजर, शिमला मिर्च, नमक, काली मिर्च और हर्ब्स मिलाकर स्प्रेड तैयार करें। इसे ब्राउन ब्रेड पर लगाकर टोस्ट करें या बिना टोस्ट किए परोसें। यह हल्का और पौष्टिक स्नैक है। दही आलू चाट उबले हुए आलू पर फेंटा हुआ दही डालें और ऊपर से हरी चटनी, इमली की चटनी, भुना जीरा, लाल मिर्च, चाट मसाला, अनार के दाने और सेव डालकर परोसें। यह स्वाद और रंग दोनों में शानदार होती है। दही ओट्स कटलेट ओट्स, दही, उबली सब्जियां और मसालों को मिलाकर कटलेट तैयार करें। इन्हें कम तेल में तवे पर सेंकें या एयर फ्रायर में पकाएं। यह हेल्दी स्नैक फिटनेस पसंद लोगों और बच्चों दोनों के लिए बेहतरीन विकल्प माना जाता है।
Tomato Basil Pasta Recipe: अगर आप शाम की हल्की भूख या क्विक डिनर के लिए कुछ स्वादिष्ट, हेल्दी और झटपट बनने वाली डिश ढूंढ रहे हैं, तो टोमैटो बेसिल पास्ता बेहतरीन विकल्प हो सकता है। ताजे टमाटरों की हल्की खटास, भुने हुए लहसुन की खुशबू और तुलसी की ताजगी इस पास्ता को रेस्तरां जैसा फ्लेवर देती है। अच्छी बात यह है कि इसे सिर्फ 15 मिनट में घर पर आसानी से तैयार किया जा सकता है। अगर आपके पास इटैलियन बेसिल उपलब्ध नहीं है, तो भी चिंता की बात नहीं है। कुछ आसान बदलावों के साथ आप भारतीय किचन में मौजूद सामग्री से भी इस रेसिपी का शानदार स्वाद पा सकते हैं। क्यों खास है Tomato Basil Pasta? यह रेसिपी कम समय में तैयार होने के साथ हल्की, स्वादिष्ट और पोषण से भरपूर मानी जाती है। इसमें ताजे टमाटर, लहसुन, ऑलिव ऑयल और तुलसी का इस्तेमाल होता है, जो इसे फ्रेश और फ्लेवरफुल बनाते हैं। तैयारी का समय तैयारी: 5 मिनट पकाने का समय: 10 मिनट कुल समय: 15 मिनट सर्विंग: 2 लोग आवश्यक सामग्री 200 ग्राम पास्ता (स्पेगेटी या पेने) 2 बड़े टमाटर या 12–15 चेरी टमाटर 5–6 लहसुन की कलियां 2 बड़े चम्मच ऑलिव ऑयल 8–10 इटैलियन बेसिल की पत्तियां 2–3 बड़े चम्मच कसा हुआ पार्मेज़न या प्रोसेस्ड चीज़ स्वादानुसार नमक कुटी हुई काली मिर्च पास्ता का थोड़ा उबला हुआ पानी बनाने की आसान विधि सबसे पहले पास्ता को नमक वाले पानी में पैकेट पर दिए गए निर्देशों के अनुसार उबाल लें और थोड़ा सा उबला हुआ पानी अलग रख दें। अब एक पैन में ऑलिव ऑयल गर्म करें और उसमें लहसुन की कलियां डालकर हल्का सुनहरा होने तक भूनें। इसके बाद कटे हुए टमाटर डालें और धीमी आंच पर तब तक पकाएं, जब तक वे नरम होकर सॉस जैसी बनावट न ले लें। भुने हुए लहसुन को हल्का मैश करके दोबारा टमाटर की ग्रेवी में मिला दें। अब इसमें उबला हुआ पास्ता और थोड़ा पास्ता पानी डालकर अच्छी तरह टॉस करें, ताकि सॉस पास्ता पर अच्छी तरह कोट हो जाए। अंत में कसा हुआ चीज़, ताजी बेसिल की पत्तियां, काली मिर्च और थोड़ा ऑलिव ऑयल डालकर गरमा-गरम सर्व करें। अगर Italian Basil न मिले तो क्या करें? यदि आपके पास इटैलियन बेसिल उपलब्ध नहीं है, तो इन विकल्पों का इस्तेमाल किया जा सकता है— भारतीय तुलसी की 2–3 पत्तियां बारीक काटकर केवल गार्निशिंग में डालें। ताजा धनिया और थोड़ी पुदीना पत्तियां मिलाकर फ्रेश फ्लेवर दें। सूखी ओरेगानो और थोड़ी कसूरी मेथी का हल्का मिश्रण भी स्वाद बढ़ा सकता है। घर में उगाई गई स्वीट बेसिल उपलब्ध हो तो वही सबसे अच्छा विकल्प है। ध्यान दें: भारतीय तुलसी का स्वाद इटैलियन बेसिल की तुलना में अधिक तीखा और औषधीय होता है, इसलिए इसकी मात्रा बहुत कम रखें और इसे पकाते समय नहीं बल्कि अंत में डालें। इसे और हेल्दी कैसे बनाएं? मैदा पास्ता की जगह होल व्हीट या मल्टीग्रेन पास्ता चुनें। ज्यादा चीज़ की बजाय लो-फैट चीज़ का इस्तेमाल करें। इसमें शिमला मिर्च, पालक, मशरूम, ब्रोकली या कॉर्न जैसी सब्जियां मिलाएं। प्रोटीन बढ़ाने के लिए उबले चने, राजमा, टोफू या ग्रिल्ड पनीर भी डाल सकते हैं। प्रति सर्विंग अनुमानित पोषण कैलोरी: 350–420 kcal प्रोटीन: 12–15 ग्राम कार्बोहाइड्रेट: 48–55 ग्राम फैट: 10–14 ग्राम फाइबर: 5–7 ग्राम ध्यान दें: यदि आपको डेयरी, ग्लूटेन या किसी अन्य खाद्य सामग्री से एलर्जी है, तो अपनी जरूरत के अनुसार सामग्री में बदलाव करें या विशेषज्ञ की सलाह लें।
Rajasthani Dhokla Kadhi Recipe: अगर आप रोज-रोज एक जैसा खाना खाकर बोर हो चुके हैं और कुछ नया, स्वादिष्ट व पौष्टिक ट्राई करना चाहते हैं, तो राजस्थान की पारंपरिक ढोकला कढ़ी आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकती है। देखने में यह ढोकले बिल्कुल बाटी जैसे लगते हैं, लेकिन इन्हें गेहूं का आटा, बेसन, लौकी और देसी मसालों से तैयार कर भाप में पकाया जाता है। जब इन नरम ढोकलों को गरमा-गरम मसालेदार कढ़ी के साथ परोसा जाता है, तो इसका स्वाद कई गुना बढ़ जाता है। यह पारंपरिक व्यंजन स्वाद के साथ-साथ पोषण से भी भरपूर माना जाता है। खास बात यह है कि इसे घर पर बेहद आसानी से तैयार किया जा सकता है। क्यों खास है राजस्थानी ढोकला कढ़ी? राजस्थान का पारंपरिक भोजन अपने अनोखे स्वाद और पौष्टिकता के लिए जाना जाता है। दाल-बाटी-चूरमा की तरह ढोकला कढ़ी भी कई घरों में पसंद की जाती है। इसमें लौकी, बेसन और गेहूं के आटे का उपयोग होने के कारण यह फाइबर, प्रोटीन और जरूरी पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत मानी जाती है। तैयारी का समय तैयारी का समय: 20 मिनट पकाने का समय: 25 मिनट कुल समय: लगभग 45 मिनट सर्विंग: 4–5 लोग आवश्यक सामग्री ढोकले के लिए 1 बाउल गेहूं का आटा 4–5 बड़े चम्मच बेसन 1 कप कद्दूकस की हुई लौकी 1 बारीक कटा प्याज 3–4 लहसुन की कलियां (बारीक कटी) 2 हरी मिर्च 1 छोटा चम्मच कुटा साबुत धनिया 1 छोटा चम्मच सौंफ ½ छोटा चम्मच अजवाइन ½ छोटा चम्मच जीरा चुटकीभर हींग ½ छोटा चम्मच हल्दी 1 छोटा चम्मच धनिया पाउडर ½ छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर स्वादानुसार नमक चुटकीभर मीठा सोडा या पापड़ खार 2–3 बड़े चम्मच तेल (मोयन के लिए) परोसने के लिए गरमा-गरम कढ़ी देसी घी कटी हुई प्याज हरी मिर्च बनाने की आसान विधि 1. आटा तैयार करें एक बड़े बर्तन में गेहूं का आटा, बेसन और कद्दूकस की हुई लौकी डालें। इसमें प्याज, लहसुन, हरी मिर्च और सभी मसाले मिलाएं। फिर मोयन के लिए तेल और मीठा सोडा डालकर अच्छी तरह मिक्स करें। 2. आटा गूंथें लौकी अपने आप पानी छोड़ती है, इसलिए शुरुआत में पानी न डालें। जरूरत महसूस होने पर थोड़ा-थोड़ा पानी मिलाकर मध्यम सख्त आटा तैयार करें। 3. ढोकले का आकार दें छोटी-छोटी लोइयां बनाकर हल्का चपटा करें और बीच में उंगली से एक छेद बना दें। इससे ढोकले अंदर तक अच्छी तरह पकते हैं। 4. स्टीम करें स्टीमर या कढ़ाही में पानी गर्म करें। जाली पर हल्का तेल लगाकर ढोकले रखें और ढक्कन बंद करके लगभग 20–22 मिनट तक मध्यम आंच पर स्टीम करें। 5. परोसें ढोकले तैयार होने पर ऊपर थोड़ा देसी घी डालें और गरमा-गरम कढ़ी, प्याज व हरी मिर्च के साथ सर्व करें। प्रति सर्विंग अनुमानित पोषण (लगभग) कैलोरी: 300–360 kcal कार्बोहाइड्रेट: 42–48 ग्राम प्रोटीन: 10–12 ग्राम फाइबर: 6–8 ग्राम फैट: 8–10 ग्राम ढोकला कढ़ी खाने के स्वास्थ्य लाभ फाइबर से भरपूर होने के कारण पाचन में मदद मिल सकती है। लौकी शरीर को हाइड्रेट रखने में सहायक मानी जाती है। बेसन प्रोटीन का अच्छा स्रोत है। स्टीम्ड होने के कारण यह डीप फ्राइड स्नैक्स की तुलना में हल्का विकल्प है। कम तेल में बनने से हेल्दी भोजन माना जा सकता है। लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद कर सकता है। मानसून में क्यों खानी चाहिए ढोकला कढ़ी? मानसून के दौरान लोग गरम और हल्का भोजन पसंद करते हैं। गरमा-गरम कढ़ी शरीर को आराम देने का काम करती है, जबकि स्टीम्ड ढोकले हल्के होने के कारण आसानी से पच सकते हैं। लौकी, बेसन और मसालों का संतुलित मिश्रण इसे बारिश के मौसम के लिए स्वादिष्ट और पौष्टिक विकल्प बनाता है। ध्यान दें: यदि आपको ग्लूटेन एलर्जी, बेसन से एलर्जी या किसी विशेष डाइट का पालन करना है, तो इस रेसिपी में बदलाव करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लें।
नई दिल्ली, एजेंसियां। अनानास यानी पाइनएप्पल एक स्वादिष्ट और पौष्टिक फल है, जो गर्मियों में ताजगी देने के साथ-साथ कई हेल्दी रेसिपी बनाने में भी इस्तेमाल किया जाता है। इसमें विटामिन C, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। अगर आपके घर में अनानास रखा है और आप कुछ नया ट्राई करना चाहते हैं, तो इससे मीठी और नमकीन दोनों तरह की डिश तैयार की जा सकती हैं। आइए जानते हैं अनानास से बनने वाली 3 आसान और स्वादिष्ट रेसिपी। 1. पाइनएप्पल रायता सामग्री: 1 कप दही आधा कप बारीक कटे अनानास के टुकड़े आधा चम्मच भुना जीरा पाउडर काला नमक स्वादानुसार थोड़ी चीनी (वैकल्पिक) हरा धनिया बनाने की विधि: सबसे पहले दही को अच्छी तरह फेंट लें। इसमें कटे हुए अनानास के टुकड़े डालें। इसके बाद भुना जीरा, काला नमक और चीनी मिलाएं। ऊपर से हरा धनिया डालकर ठंडा-ठंडा सर्व करें। 2. पाइनएप्पल शेक सामग्री: 1 कप अनानास के टुकड़े 1 गिलास ठंडा दूध 2 चम्मच चीनी या शहद 3-4 आइस क्यूब थोड़ा सा वनीला आइसक्रीम बनाने की विधि: सभी सामग्री को मिक्सर में डालकर करीब 2 मिनट तक ब्लेंड करें। तैयार शेक को गिलास में निकालें और ठंडा-ठंडा परोसें। यह गर्मियों में शरीर को ताजगी देने वाला ड्रिंक बन सकता है। 3. पाइनएप्पल हलवा सामग्री: 2 कप बारीक कटा अनानास 1 कप सूजी आधा कप घी तीन-चौथाई कप चीनी 2 कप दूध इलायची पाउडर काजू और बादाम बनाने की विधि: सबसे पहले घी में सूजी को सुनहरा होने तक भून लें। अलग पैन में अनानास को 4-5 मिनट तक पकाएं। इसमें दूध और चीनी डालकर उबाल लें। इसके बाद सूजी मिलाएं और लगातार चलाते रहें। अंत में इलायची पाउडर और ड्राई फ्रूट्स डालकर स्वादिष्ट हलवा तैयार करें। अनानास से बनाएं स्वादिष्ट और पौष्टिक व्यंजन अनानास का इस्तेमाल केवल फल के रूप में ही नहीं, बल्कि कई तरह की रेसिपी में किया जा सकता है। ये आसान डिशेज बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद आ सकती हैं और खाने में नया स्वाद जोड़ सकती हैं।
Weight Loss Tips: वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन बेस्वाद डाइट की वजह से बार-बार हार मान जाते हैं? अगर हां, तो लौकी आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है। ज्यादातर लोग लौकी का नाम सुनते ही मुंह बना लेते हैं, लेकिन सही तरीके से बनाई गई लौकी की रेसिपीज न सिर्फ स्वादिष्ट होती हैं, बल्कि वजन घटाने में भी मददगार साबित हो सकती हैं। लौकी में लगभग 92 प्रतिशत पानी, कम कैलोरी और भरपूर फाइबर होता है। यही कारण है कि इसे वेट लॉस डाइट का अहम हिस्सा माना जाता है। फाइबर लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करता है, जिससे बार-बार भूख नहीं लगती और ओवरईटिंग की संभावना कम हो सकती है। क्यों फायदेमंद है लौकी? कम कैलोरी और हाई फाइबर लगभग 92% पानी, जिससे शरीर हाइड्रेट रहता है लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद पाचन को बेहतर बनाने में सहायक हेल्दी वेट मैनेजमेंट में मददगार 1. लौकी का चीला तैयारी का समय: 10 मिनट पकाने का समय: 15 मिनट सामग्री 1 कप कद्दूकस की हुई लौकी ½ कप बेसन ¼ चम्मच हल्दी ½ चम्मच अजवाइन 1 बारीक कटी हरी मिर्च स्वादानुसार नमक थोड़ा पानी 1 चम्मच तेल बनाने की विधि कद्दूकस की हुई लौकी में बेसन, हल्दी, अजवाइन, हरी मिर्च और नमक मिलाएं। जरूरत अनुसार पानी डालकर गाढ़ा बैटर तैयार करें। तवे पर हल्का तेल लगाकर बैटर फैलाएं और दोनों तरफ सुनहरा व कुरकुरा होने तक सेंक लें। 2. लौकी का रायता तैयारी का समय: 10 मिनट पकाने का समय: 8 मिनट सामग्री 1 कप कद्दूकस की हुई लौकी 1 कप ताजा दही ½ चम्मच भुना जीरा पाउडर काला नमक हरा धनिया बनाने की विधि लौकी को हल्का उबालकर ठंडा करें। अब दही में उबली हुई लौकी मिलाएं। ऊपर से भुना जीरा, काला नमक और हरा धनिया डालकर सर्व करें। 3. लौकी का सूप तैयारी का समय: 10 मिनट पकाने का समय: 15 मिनट सामग्री 1 कप कटी हुई लौकी 1 टमाटर 1 छोटा टुकड़ा अदरक 2–3 लहसुन की कलियां काली मिर्च नींबू का रस बनाने की विधि लौकी, टमाटर, अदरक और लहसुन को कुकर में एक सीटी आने तक पकाएं। ठंडा होने पर पीस लें। मिश्रण को उबालें और ऊपर से काली मिर्च व नींबू का रस मिलाकर गर्मागर्म पिएं। 4. जीरा लौकी की सब्जी तैयारी का समय: 10 मिनट पकाने का समय: 15 मिनट सामग्री 2 कप कटी हुई लौकी 1 चम्मच जीरा चुटकीभर हींग 1 हरी मिर्च ½ चम्मच हल्दी स्वादानुसार नमक 1 चम्मच तेल या देसी घी बनाने की विधि पैन में तेल या घी गर्म करें। जीरा, हींग और हरी मिर्च का तड़का लगाएं। अब लौकी, हल्दी और नमक डालकर ढक दें। लौकी अपने ही पानी में पक जाएगी। कम मसालों वाली यह सब्जी वेट लॉस डाइट के लिए बेहतर विकल्प हो सकती है। वजन घटाने के लिए रखें ये बातें ध्यान रोजाना संतुलित आहार लें। पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। नियमित एक्सरसाइज या वॉक करें। जंक फूड और मीठे पेय पदार्थों से बचें। पर्याप्त नींद लें। ध्यान दें: केवल लौकी खाने से वजन कम नहीं होता। बेहतर परिणाम के लिए संतुलित डाइट, नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना जरूरी है। यदि आपको कोई पुरानी बीमारी है या विशेष डाइट फॉलो कर रहे हैं, तो डाइट में बदलाव से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह लें।
High Protein Meal Recipes: जिम जाने वाले लोगों के लिए सिर्फ वर्कआउट करना ही काफी नहीं होता, बल्कि सही मात्रा में प्रोटीन लेना भी उतना ही जरूरी है। पर्याप्त प्रोटीन मांसपेशियों की रिकवरी, ताकत बढ़ाने और लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करता है। यदि आप भी रोजाना की प्रोटीन जरूरत पूरी करने के लिए आसान और हेल्दी विकल्प ढूंढ रहे हैं, तो यहां दी गई एक शाकाहारी (Vegetarian) और एक नॉन-वेज (Non-Vegetarian) हाई-प्रोटीन रेसिपी आपकी डाइट का हिस्सा बन सकती हैं। ध्यान रखें कि किसी भी एक भोजन से फिटनेस लक्ष्य हासिल नहीं होता। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और पर्याप्त नींद भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। 1. नॉन-वेज हाई-प्रोटीन चिकन-चना सलाद यह रेसिपी वर्कआउट के बाद के भोजन (Post Workout Meal) के लिए बेहतरीन विकल्प हो सकती है। सामग्री 2 चिकन ब्रेस्ट (लगभग 350 ग्राम) 400 ग्राम उबले हुए चने 1 बड़ा चम्मच ऑलिव ऑयल 1 नींबू का रस और कद्दूकस किया हुआ छिलका 2 हरे प्याज (बारीक कटे हुए) 10 चेरी टमाटर ¼ खीरा पुदीना और पार्सले 2 बड़े चम्मच ग्रीक योगर्ट या हल्की मेयोनीज मिक्स सलाद पत्तियां नमक और काली मिर्च बनाने की विधि सबसे पहले चिकन ब्रेस्ट पर नमक और काली मिर्च लगाकर ऑलिव ऑयल में अच्छी तरह ग्रिल या पैन-सीयर करें। दूसरी ओर उबले हुए चने, खीरा, चेरी टमाटर, हरा प्याज, पुदीना, पार्सले और नींबू का रस मिलाएं। अब चिकन के स्लाइस काटकर सलाद में मिलाएं और ऊपर से ग्रीक योगर्ट डालकर सर्व करें। अनुमानित पोषण (प्रति सर्विंग) प्रोटीन: लगभग 65–68 ग्राम कैलोरी: लगभग 600–650 kcal 2. वेज हाई-प्रोटीन पनीर-चना पावर बाउल यह रेसिपी शाकाहारी लोगों के लिए शानदार हाई-प्रोटीन विकल्प है। सामग्री 200 ग्राम लो-फैट पनीर 1 कप उबले हुए चने ½ कप उबले सोयाबीन या एडामेम (वैकल्पिक) 1 खीरा 1 टमाटर 1 शिमला मिर्च 1 बड़ा चम्मच ऑलिव ऑयल नींबू का रस भुना जीरा काली मिर्च नमक हरा धनिया बनाने की विधि पनीर को हल्का ग्रिल करें। सभी सब्जियों को काटकर उबले हुए चने और पनीर के साथ मिलाएं। ऊपर से ऑलिव ऑयल, नींबू का रस, भुना जीरा और काली मिर्च डालकर अच्छी तरह टॉस करें। अनुमानित पोषण (प्रति सर्विंग) प्रोटीन: लगभग 38–45 ग्राम कैलोरी: लगभग 500–580 kcal जिम जाने वालों के लिए हाई-प्रोटीन डाइट टिप्स हर भोजन में प्रोटीन का एक अच्छा स्रोत शामिल करें। पर्याप्त पानी पिएं। वर्कआउट के 30–60 मिनट के भीतर प्रोटीन युक्त भोजन लें। सफेद ब्रेड और ज्यादा चीनी वाले खाद्य पदार्थों से बचें। पर्याप्त नींद और रिकवरी पर भी ध्यान दें। किन लोगों के लिए उपयुक्त? जिम जाने वाले मसल्स गेन करने वाले वेट लॉस डाइट फॉलो करने वाले हाई-प्रोटीन डाइट लेने वाले युवा और वयस्क ध्यान रखें :- यदि आपको किडनी संबंधी बीमारी, लिवर की समस्या या किसी विशेष स्वास्थ्य स्थिति के कारण हाई-प्रोटीन डाइट लेने में प्रतिबंध है, तो अपनी डाइट में बदलाव करने से पहले डॉक्टर या पंजीकृत डाइटिशियन की सलाह अवश्य लें।
Weight Loss Healthy Sandwich Recipe: अगर आप वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं और बार-बार लगने वाली भूख से परेशान हैं, तो अपनी डाइट में हाई-फाइबर और हाई-प्रोटीन सैंडविच शामिल कर सकते हैं। सही सामग्री से तैयार किया गया सैंडविच लंबे समय तक पेट भरा रखने, अनहेल्दी स्नैकिंग से बचाने और शरीर को जरूरी पोषण देने में मदद कर सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, फाइबर, प्रोटीन और हेल्दी फैट से भरपूर खाद्य पदार्थ धीरे-धीरे पचते हैं, जिससे लंबे समय तक तृप्ति (Satiety) बनी रहती है। हालांकि, केवल किसी एक रेसिपी से वजन कम नहीं होता। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और कैलोरी नियंत्रण भी उतना ही जरूरी है। वजन घटाने के लिए 4 हेल्दी सैंडविच रेसिपी 1. चना और पालक सैंडविच सामग्री 1 कप उबले हुए चने 1 कप उबला हुआ पालक 1 छोटा चम्मच नींबू का रस काली मिर्च स्वादानुसार नमक 2 स्लाइस मल्टीग्रेन ब्रेड कैसे बनाएं उबले हुए चनों को हल्का मैश करें। इसमें बारीक कटा या उबला हुआ पालक, नींबू का रस, काली मिर्च और थोड़ा नमक मिलाएं। इस मिश्रण को मल्टीग्रेन ब्रेड पर फैलाकर ग्रिल करें। अनुमानित कैलोरी: 260–300 kcal 2. एवोकाडो और चुकंदर सैंडविच सामग्री आधा एवोकाडो ½ कप कद्दूकस किया हुआ चुकंदर काली मिर्च नींबू का रस मल्टीग्रेन ब्रेड कैसे बनाएं एवोकाडो को मैश करें और उसमें चुकंदर, नींबू का रस तथा काली मिर्च मिलाकर ब्रेड पर लगाएं। चाहें तो हल्का टोस्ट कर सकते हैं। अनुमानित कैलोरी: 240–280 kcal 3. चना-एवोकाडो प्रोटीन सैंडविच सामग्री ½ कप मैश किए हुए चने ½ एवोकाडो टमाटर के स्लाइस लेट्यूस या पालक काली मिर्च मल्टीग्रेन ब्रेड कैसे बनाएं चने और एवोकाडो को मिलाकर स्प्रेड तैयार करें। इसमें टमाटर और पालक की लेयर लगाकर सैंडविच तैयार करें। अनुमानित कैलोरी: 290–330 kcal 4. पालक-चुकंदर हेल्दी सैंडविच सामग्री उबला हुआ पालक कद्दूकस किया हुआ चुकंदर दही (लो-फैट) काली मिर्च मल्टीग्रेन ब्रेड कैसे बनाएं लो-फैट दही में पालक और चुकंदर मिलाकर स्टफिंग तैयार करें और ब्रेड में भरकर हल्का टोस्ट करें। अनुमानित कैलोरी: 220–260 kcal इन चीजों से क्या मिलेगा फायदा? चना: प्रोटीन और फाइबर से भरपूर, लंबे समय तक भूख कम महसूस होती है। एवोकाडो: हेल्दी फैट और फाइबर का अच्छा स्रोत। चुकंदर: फाइबर, फोलेट और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर। पालक: आयरन, फाइबर और विटामिन A, C और K का अच्छा स्रोत। वजन घटाने के लिए एक्सपर्ट टिप्स सफेद ब्रेड की जगह मल्टीग्रेन या होल व्हीट ब्रेड चुनें। मेयोनीज की जगह हंग कर्ड या ग्रीक योगर्ट का इस्तेमाल करें। सैंडविच के साथ शुगर युक्त ड्रिंक्स की बजाय छाछ, ग्रीन टी या सादा पानी लें। रोजाना 30–45 मिनट वॉक या एक्सरसाइज करें। कुल कैलोरी सेवन का ध्यान रखें। ध्यान रखें :- यह सैंडविच वजन घटाने वाली संतुलित डाइट का हिस्सा हो सकता है, लेकिन अकेले इसे खाने से वजन कम होने की गारंटी नहीं है। यदि आपको डायबिटीज, किडनी रोग या किसी विशेष स्वास्थ्य समस्या है, तो अपनी डाइट में बदलाव करने से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन से सलाह जरूर लें।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।