झारखंड

गिरिडीह फैक्ट्री हादसा: ड्यूटी के दौरान सुपरवाइजर की दर्दनाक मौत, मुआवजे की मांग पर अड़े परिजन

anjali kumari जुलाई 21, 2026 0
Giridih Factory Accident
Giridih Factory Accident

गिरिडीह। झारखंड के गिरिडीह जिले के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र स्थित औद्योगिक इलाके की एक फैक्ट्री में सोमवार देर रात दर्दनाक हादसा हो गया। फैक्ट्री में पिछले दो दशकों से कार्यरत 52 वर्षीय सुपरवाइजर राजकिशोर सिन्हा की कोयला लदे भारी मालवाहक वाहन की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद फैक्ट्री की सुरक्षा व्यवस्था और कार्यस्थल पर पर्याप्त रोशनी को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

 

मृतक धनबाद के निरसा का निवासी था और वर्तमान में गिरिडीह शहर के कुटिया मंदिर रोड में रह रहा था। घटना की सूचना मिलते ही मुफ्फसिल थाना प्रभारी श्याम किशोर महतो पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। हादसा इतना भीषण था कि शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गया, जिसे बोरे में भरकर सदर अस्पताल लाया गया। हालांकि, परिजनों ने उचित मुआवजे की मांग करते हुए पोस्टमार्टम फिलहाल रुकवा दिया है।

 

प्रत्यक्षदर्शी कर्मचारियों के अनुसार


राजकिशोर सिन्हा रात में टॉर्च की रोशनी से मालवाहक वाहन को बैक करवा रहे थे। इसी दौरान वाहन चालक उन्हें देख नहीं पाया और वाहन उनके ऊपर चढ़ गया। मृतक के भांजे आयुष रंजन सिन्हा ने आरोप लगाया कि फैक्ट्री परिसर में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था नहीं थी, जिसके कारण टॉर्च के सहारे काम करना पड़ रहा था।

 

सचिव अधिवक्ता चुन्नूकांत और भाकपा माले 


भाजपा नेता एवं बार एसोसिएशन के सचिव अधिवक्ता चुन्नूकांत और भाकपा माले नेता राजेश सिन्हा ने भी मौके पर पहुंचकर मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उनका कहना है कि यदि फैक्ट्री में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था होती तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था।

 

वहीं, फैक्ट्री प्रबंधन ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि वह मृतक के परिवार के साथ खड़ा है और उन्हें उचित मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और परिजनों की शिकायत के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जाएगी।

Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Anjali Kumari Anjali123

झारखंड

View more
RIMS Controversy
रिम्स में फेयरवेल बना हुड़दंग का अड्डा, शराब पार्टी के बाद खाली कर दिया फायर एक्सटिंग्विशर

रांची। झारखंड के सबसे बड़े सरकारी चिकित्सा संस्थान राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में फेयरवेल पार्टी के दौरान अनुशासनहीनता का गंभीर मामला सामने आया है। वर्ष 2020 बैच के एमबीबीएस छात्रों के लिए आयोजित विदाई समारोह में देर रात कथित तौर पर शराब और बीयर पार्टी हुई तथा कुछ छात्रों ने नशे की हालत में जमकर हुड़दंग मचाया। घटना के दौरान ऑडिटोरियम में सुरक्षा के लिए लगाए गए फायर एक्सटिंग्विशर (अग्निशमन यंत्र) को उतारकर उसकी पूरी गैस हवा में छोड़ दी गई, जिससे संस्थान की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।   सुबह ऑडिटोरियम में बिखरी मिलीं शराब और बीयर की बोतलें घटना का खुलासा मंगलवार सुबह उस समय हुआ, जब ऑडिटोरियम की सुरक्षा में तैनात एसएपी (SAP) के जवान ड्यूटी पर पहुंचे। उन्होंने परिसर में शराब और बीयर की खाली बोतलें बिखरी हुई देखीं। साथ ही, सुरक्षा के लिए लगाया गया फायर एक्सटिंग्विशर पूरी तरह खाली मिला। बताया गया कि यह विदाई समारोह वर्ष 2023 बैच के छात्रों द्वारा आयोजित किया गया था। कार्यक्रम से पहले छात्रों ने रिम्स प्रशासन को लिखित और मौखिक रूप से शांतिपूर्ण एवं अनुशासित आयोजन का आश्वासन दिया था, जिसके बाद उन्हें ऑडिटोरियम उपलब्ध कराया गया था।   रिम्स प्रशासन ने कहा- यह अनुशासन का गंभीर उल्लंघन मामले को गंभीरता से लेते हुए रिम्स के जनसंपर्क पदाधिकारी (पीआरओ) डॉ. शिशिर कुमार ने कहा कि संस्थान जैसे प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेज में इस तरह की घटना पूरी तरह अस्वीकार्य है। उन्होंने इसे "अनुशासन का घोर उल्लंघन" बताते हुए कहा कि घटना में शामिल छात्रों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ संस्थान के नियमों के तहत सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।   सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठे सवाल फायर एक्सटिंग्विशर की गैस निकाल दिए जाने से सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि आपात स्थिति में यही उपकरण आग पर तत्काल काबू पाने का पहला साधन होता है। ऐसे में इसके साथ छेड़छाड़ न केवल अनुशासनहीनता बल्कि गंभीर लापरवाही भी मानी जाती है। घटना के बाद रिम्स प्रशासन ने भविष्य में ऐसे आयोजनों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करने के संकेत दिए हैं।

anjali kumari जुलाई 21, 2026 0
Purnima Das Sahu

बारिश के बीच खेत में धन रोपने उतरीं विधायक पूर्णिमा दास साहू

Kuber Portal Scam

'कुबेर' पोर्टल घोटाले का मास्टरमाइंड CID के शिकंजे में

Ranchi Gang Rape

रांची गैंगरेप केस में 7 साल बाद इंसाफ, मुख्य आरोपी को 20 साल की सजा

Ranchi Sadar Hospital
रांची सदर अस्पताल की लिफ्ट में दो घंटे तक फंसा युवक, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

रांची। राजधानी रांची के सदर अस्पताल स्थित सुपर स्पेशियलिटी बिल्डिंग में मंगलवार तड़के एक बड़ा हादसा टल गया। नामकुम निवासी 28 वर्षीय छोटू महतो अस्पताल की लिफ्ट में करीब दो घंटे तक फंसा रहा। काफी देर तक मदद नहीं मिलने और इमरजेंसी व्यवस्था के समय पर सक्रिय नहीं होने से अस्पताल की सुरक्षा और रखरखाव व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।   जानकारी के अनुसार जानकारी के अनुसार, छोटू महतो अपनी परिजन रीता कुमारी से मिलने अस्पताल आए थे, जो लेबर वार्ड में भर्ती हैं। मंगलवार सुबह करीब चार बजे वह नई बिल्डिंग से नीचे आ रहे थे, तभी बीच रास्ते में लिफ्ट अचानक बंद हो गई। कुछ देर के लिए लिफ्ट के भीतर अंधेरा छा गया, जिससे युवक घबरा गया और लगातार मदद के लिए आवाज लगाने लगा। उसने फोन से संपर्क करने की कोशिश भी की, लेकिन किसी से बात नहीं हो सकी।   प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार करीब एक घंटे बाद वहां से गुजर रही एक नर्स ने युवक की आवाज सुनी और अस्पताल प्रबंधन को सूचना दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कई बार लिफ्ट ऑपरेटर, टेक्नीशियन और इमरजेंसी नंबरों पर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन तत्काल कोई सहायता नहीं मिली। आखिरकार सुबह लगभग छह बजे टेक्नीशियन और अन्य कर्मचारियों की मदद से युवक को सुरक्षित बाहर निकाला गया।   घटना के बाद युवक ने अस्पताल प्रबंधन को लिखित शिकायत भी दी। बताया जा रहा है कि अस्पताल की कई लिफ्टें रात के समय बिजली या तकनीकी खराबी के कारण अक्सर बंद हो जाती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि लिफ्ट का सेंसर और ऑटोमेटेड रेस्क्यू सिस्टम सही तरीके से काम करता तो ऐसी स्थिति नहीं बनती।   सदर अस्पताल में 500 बेड की सुपर स्पेशियलिटी सुविधा होने के बावजूद केवल तीन लिफ्ट ऑपरेटर तैनात हैं, जबकि कई लिफ्टमैन को अन्य कार्यों में लगा दिया गया है। वहीं, लिफ्ट मेंटेनेंस का जिम्मा भी ऐसी एजेंसी को सौंपे जाने पर सवाल उठ रहे हैं, जिसे इस क्षेत्र का पर्याप्त अनुभव नहीं है। घटना के बाद अस्पताल की लिफ्ट सुरक्षा, आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली और रखरखाव व्यवस्था की समीक्षा की मांग तेज हो गई है।

abhishek singh जुलाई 21, 2026 0
Giridih Factory Accident

गिरिडीह फैक्ट्री हादसा: ड्यूटी के दौरान सुपरवाइजर की दर्दनाक मौत, मुआवजे की मांग पर अड़े परिजन

Garhwa Farmer

गढ़वा में किसानों को नई सौगात, तीन कृषक पाठशालाओं से 21 गांवों को मिलेगा सीधा लाभ

Ranchi SIR Form

रांची में SIR फॉर्म बना सिरदर्द, 150 से ज्यादा BLO को शोकॉज नोटिस

Durand Cup 2026
डूरंड कप देखने के लिए नहीं लगेगा पैसा, जानिए कैसे मिलेगा फ्री टिकट?

रांची। झारखंड की राजधानी रांची 135वें डूरंड कप-2026 की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार है। फुटबॉल प्रेमियों के लिए अच्छी खबर यह ह कि 26 जुलाई से शुरू होने वाले मुकाबलों का आनंद लेने के लिए उन्हें कोई टिकट शुल्क नहीं देना होगा। जिला प्रशासन ने ‘फ्री टिकट’ व्यवस्था लागू की है, जिसके तहत दर्शकों को केवल निःशुल्क प्रवेश टिकट प्राप्त करना होगा। इन टिकटों का वितरण 22 जुलाई से मोरहाबादी स्टेडि परिसर में शुरू किया जाएगा।   12 काउंटरों से मिलेगा मुफ्त प्रवेश टिकट जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में आयोजन की तैयारियों का जायजा लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि मोरहाबादी स्टेडियम में बनाए गए 12 काउंटरों से प्रतिदिन सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक ‘जीरो टिकट’ वितरित किए जाएंगे। टिकट लेने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को वैध पहचान पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। प्रशासन का उद्देश्य अधिक से अधिक फुटबॉल प्रेमियों को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से स्टेडियम में प्रवेश दिलाना है।   मुख्यमंत्री करेंगे उद्घाटन मुकाबले का शुभारंभ खेल निदेशक छवि रंजन ने बताया कि 26 जुलाई को रांची चरण के उद्घाटन मुकाबले का शुभारंभ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन करेंगे। भारतीय सेना के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम में सभी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है, ताकि प्रतियोगिता का सफल आयोजन सुनिश्चित किया जा सके।   सुरक्षा और सुविधाओं पर विशेष जोर प्रशासन ने आयोजन के दौरान सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। टिकट काउंटरों पर पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती, पार्किंग, ट्रैफिक नियंत्रण, सीसीटीवी निगरानी, सुरक्षा जांच और कंट्रोल रूम की व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। इसके अलावा खिलाड़ियों और अधिकारियों की सुरक्षित आवाजाही, एंबुलेंस, मेडिकल टीम, फायर ब्रिगेड, पेयजल, बिजली, स्वच्छता और शौचालय जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन का लक्ष्य दर्शकों को सुरक्षित, सुगम और यादगार फुटबॉल अनुभव उपलब्ध कराना है।

anjali kumari जुलाई 21, 2026 0
Dark monsoon clouds over Jharkhand as heavy rainfall and lightning trigger an IMD yellow alert across multiple districts.

झारखंड Weather Update: 21 जुलाई को इन जिलों में भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट, IMD ने जारी किया येलो अलर्ट

Jharkhand Property Registration

झारखंड में अब जमीन-मकान खरीदना होगा महंगा! जानिए कितना बढ़ेगा खर्च?

Jharkhand Weather

Jharkhand Weather: झारखंड में मानसून सक्रिय, पांच जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट

0 Comments

Top week

Iranian military officials address the media as tensions escalate over the Strait of Hormuz following U.S. security announcements.
दुनिया

हॉर्मुज पर महायुद्ध की आहट: ईरान ने अमेरिका को दी खुली चेतावनी, कहा- मदद करने वाले देशों को भी नहीं छोड़ेंगे

Deepshikha जुलाई 14, 2026 0

Voting poll

अगर भविष्य में रश्मिका और विजय जीवनसाथी बनते हैं, तो क्या आपको उनकी जोड़ी पसंद होगी?