झारखंड

7 Bridges and 2 Subways to Ease Ranchi Traffic

रांची में रेलवे फाटकों का जाम होगा खत्म, 7 ब्रिज और 2 सबवे से बदलेगी शहर की ट्रैफिक व्यवस्था

surbhi अगस्त 12, 2026 0
New railway bridges and subways under construction in Ranchi to reduce traffic jams at railway crossings
Ranchi Railway Bridges and Subways

रांची: राजधानी रांची में रेलवे फाटकों पर लगने वाले लंबे जाम से जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। शहर के अलग-अलग हिस्सों में सात ब्रिज और दो सबवे का निर्माण कराया जा रहा है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद ट्रेन के गुजरने पर वाहनों को फाटक खुलने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। सड़क और रेल यातायात अलग-अलग होने से आवागमन आसान होगा और दुर्घटनाओं का खतरा भी कम होगा।

इन परियोजनाओं को अगले तीन वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। रांची रेलवे स्टेशन, बिरसा चौक, नयासराय, पिस्का, केतारी बागान, चुटिया, हटिया-बालसिरिंग और नामकुम-टाटीसिलवे जैसे इलाकों में इसका सीधा असर दिखाई देगा।

फाटक बंद होते ही लगती है वाहनों की कतार

फिलहाल रांची के कई रेलवे क्रॉसिंग पर ट्रेन गुजरने के दौरान फाटक बंद कर दिए जाते हैं। कुछ ही मिनटों में सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। ट्रेन के गुजरने के बाद फाटक खुलते ही दोनों तरफ से वाहन एक साथ आगे बढ़ते हैं, जिससे आसपास के चौराहों पर भी जाम की स्थिति बन जाती है।

ब्रिज और सबवे बनने के बाद सड़क यातायात रेलवे लाइन से अलग हो जाएगा। इससे वाहन चालकों को रुकने और दोबारा चलने की समस्या से राहत मिलेगी। समय के साथ ईंधन की भी बचत होगी।

इमरजेंसी वाहनों को भी मिलेगा फायदा

रेलवे फाटकों पर लगने वाला जाम केवल आम वाहन चालकों के लिए परेशानी नहीं है। कई बार एंबुलेंस, दमकल और अन्य जरूरी सेवाओं के वाहनों को भी ट्रेन के गुजरने तक रुकना पड़ता है।

नए ब्रिज और सबवे तैयार होने के बाद ऐसे वाहनों को रेलवे फाटक खुलने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इससे आपात स्थिति में प्रतिक्रिया समय कम करने में मदद मिलेगी।

रांची रेलवे स्टेशन पर उत्तर-दक्षिण हिस्से को जोड़ेगा ब्रिज

रांची रेलवे स्टेशन के उत्तर और दक्षिण गेट को जोड़ने वाले ब्रिज का निर्माण जारी है। यह ब्रिज उत्तर दिशा में ऑयल डिपो के पास से शुरू होकर दक्षिण गेट की ओर जाएगा।

करीब 447 करोड़ रुपये की स्टेशन पुनर्विकास परियोजना में इस कनेक्टिविटी का प्रावधान किया गया है। इसे मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तैयार होने से कांटाटोली की ओर से आने-जाने वाले लोगों को भी सुविधा मिलेगी।

बिरसा चौक पर बनेगा नया ब्रिज

बिरसा चौक पर भी अतिरिक्त ब्रिज का निर्माण कराया जा रहा है। इसे मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। नया ब्रिज शुरू होने के बाद पुराने ब्रिज को हटाने की योजना है।

इससे बिरसा चौक और आसपास के व्यस्त इलाकों में यातायात को नए तरीके से व्यवस्थित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

नयासराय में ब्रिज का काम अंतिम चरण में

नयासराय में बन रहे ब्रिज का निर्माण लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुका है। फिलहाल एप्रोच रोड का काम प्रमुख रूप से बाकी है। परियोजना को दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है।

ब्रिज शुरू होने के बाद रेलवे लाइन पार करने के लिए वाहनों को फाटक पर ट्रेन के गुजरने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

पिस्का में फाटक होगा बंद

पिस्का क्षेत्र में भी ब्रिज का निर्माण जारी है। परियोजना पूरी होने के बाद संबंधित रेलवे फाटक को बंद कर दिया जाएगा। इससे ट्रेन के आवागमन के दौरान सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लगने की समस्या खत्म करने में मदद मिलेगी।

इस परियोजना के पूरा होने में करीब एक वर्ष लगने की संभावना जताई गई है।

केतारी बागान में 920 मीटर लंबा स्ट्रक्चर

केतारी बागान में रेलवे फाटक के स्थान पर ब्रिज बनाया जा रहा है। परियोजना में मुख्य ब्रिज की लंबाई करीब 540 मीटर है, जबकि एप्रोच रोड को मिलाकर इसकी कुल लंबाई लगभग 920 मीटर होगी।

इसे पूरा होने में करीब दो वर्ष लगने की संभावना है। ब्रिज शुरू होने के बाद केतारी बागान और आसपास के इलाकों में रेलवे क्रॉसिंग के कारण होने वाले यातायात व्यवधान में कमी आएगी।

चुटिया और हटिया-बालसिरिंग में भी काम जारी

पावर हाउस, चुटिया के पास रेलवे ब्रिज का निर्माण चल रहा है। इसके पूरा होने में करीब दो वर्ष लगने की संभावना है।

वहीं हटिया-बालसिरिंग के बीच भी ब्रिज का निर्माण कराया जा रहा है। इसे करीब तीन वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य है। इन दोनों परियोजनाओं के बाद रेलवे लाइन के कारण सड़क यातायात रुकने की समस्या कम होगी।

स्मार्ट सिटी को हटिया स्टेशन से जोड़ेगा LHS

हटिया स्टेशन के पास एचईसी स्मार्ट सिटी को स्टेशन से जोड़ने के लिए LHS (Limited Height Subway) का निर्माण किया जा रहा है। इसे मार्च 2028 तक पूरा करने की योजना है।

इसके शुरू होने के बाद स्मार्ट सिटी क्षेत्र से हटिया स्टेशन आने-जाने वाले लोगों को रेलवे लाइन के कारण होने वाले यातायात व्यवधान से राहत मिलेगी।

नामकुम-टाटीसिलवे में दिसंबर तक सबवे

नामकुम-टाटीसिलवे क्षेत्र में भी सबवे का निर्माण कराया जा रहा है। इसे दिसंबर 2026 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य है।

सबवे चालू होने के बाद वाहनों को रेलवे फाटक पर रुककर ट्रेन के गुजरने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

नौ परियोजनाओं से बदलेगी रांची की ट्रैफिक तस्वीर

सात ब्रिज और दो सबवे की ये परियोजनाएं अलग-अलग इलाकों की समस्याओं को दूर करने के साथ रांची की पूरी यातायात व्यवस्था पर असर डाल सकती हैं। रेलवे फाटकों पर वाहनों के रुकने का समय कम होने से प्रमुख सड़कों पर ट्रैफिक फ्लो बेहतर होगा।

फाटक के दोनों ओर बनने वाली लंबी कतारों का दबाव आसपास के चौराहों पर भी कम होगा। वाहन चालकों को समय और ईंधन की बचत होगी, जबकि सड़क और रेल यातायात के अलग होने से क्रॉसिंग पर दुर्घटनाओं की आशंका भी घटेगी।

प्रमुख परियोजनाएं और समयसीमा

क्षेत्र

परियोजना

लक्ष्य

रांची रेलवे स्टेशन

उत्तर-दक्षिण ब्रिज

मार्च 2027

बिरसा चौक

नया ब्रिज

मार्च 2027

नयासराय

ब्रिज व एप्रोच रोड

दिसंबर 2026

नामकुम-टाटीसिलवे

सबवे

दिसंबर 2026

पिस्का

रेलवे ब्रिज

करीब 1 वर्ष

केतारी बागान

540 मीटर मुख्य ब्रिज, कुल 920 मीटर

करीब 2 वर्ष

चुटिया

रेलवे ब्रिज

करीब 2 वर्ष

हटिया-बालसिरिंग

रेलवे ब्रिज

करीब 3 वर्ष

हटिया स्टेशन-स्मार्ट सिटी

LHS

मार्च 2028

रेल और सड़क यातायात होगा अलग

रांची रेल मंडल के अनुसार, इन परियोजनाओं का उद्देश्य केवल जाम कम करना नहीं है। सड़क यातायात को रेलवे क्रॉसिंग से अलग करने से ट्रेनों के परिचालन में बाधा कम होगी और रेलवे फाटकों पर होने वाली दुर्घटनाओं की आशंका भी घटेगी।

परियोजनाओं के पूरा होने के बाद रांची में कई प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव कम होने और आवागमन अधिक सुगम होने की उम्मीद है।

 

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यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Surbhi

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JPSC परीक्षा में कथित पैसों के लेन-देन को लेकर जांच
11वीं-13वीं JPSC में भी पैसों के लेन-देन का दावा, अभय तिवारी ने इंटरव्यू में अंक बढ़ाने की बात बताई

रांची। झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी की जांच के बीच मुख्य आरोपी अभय तिवारी से पूछताछ में बड़ा खुलासा होने का दावा किया गया है। आज सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक, अभय तिवारी ने CID की पूछताछ में 11वीं और 13वीं JPSC परीक्षा के इंटरव्यू में पैसे लेकर अभ्यर्थियों के अंक बढ़ाने की बात बताई है। हालांकि, ये फिलहाल आरोपी के पूछताछ के दौरान दिए गए कथित बयान हैं; जांच एजेंसी द्वारा इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि और आगे की कानूनी कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।   इंटरव्यू में अंक बढ़ाने के लिए 15 लाख तक का दावा   रिपोर्टों के अनुसार, 11वीं और 13वीं JPSC के इंटरव्यू में कथित तौर पर अभ्यर्थियों को फायदा पहुंचाने के लिए 15-15 लाख रुपये तक लेने की बात सामने आई है। जांच में यह भी दावा किया गया है कि परीक्षा के अलग-अलग चरणों के लिए अलग-अलग रकम तय होने की बात अभय तिवारी ने बताई।   FRO और ACF भर्ती को लेकर भी बड़ा दावा   पूछताछ में फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर (FRO) और असिस्टेंट कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट (ACF) पदों की भर्ती को लेकर भी कथित पैसों के लेन-देन की जानकारी सामने आने का दावा है। रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 20 अभ्यर्थियों से कुल 5.80 करोड़ रुपये लिए जाने की बात कही गई है। इन दावों की जांच CID कर रही है।   JPSC की पुरानी परीक्षाएं भी जांच के दायरे में   अभय तिवारी के कथित खुलासे के बाद जांच का दायरा 14वीं JPSC परीक्षा से आगे बढ़कर 11वीं और 13वीं JPSC तक पहुंच गया है। जांच एजेंसी अब कथित लेन-देन, अभ्यर्थियों और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।   जांच में सामने आए दावों का सत्यापन बाकी   मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अभय तिवारी के कथित बयान को अभी अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं माना जा सकता। CID की जांच, दस्तावेजी साक्ष्य और अन्य आरोपियों से पूछताछ के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है। जांच आगे बढ़ने के साथ JPSC की पुरानी परीक्षाओं को लेकर और खुलासे होने की संभावना है।

ranjan kumar tiwari अगस्त 12, 2026 0
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