जॉब्स

IBPS ने 6,715 प्रोबेशनरी ऑफिसर (PO) पदों पर भर्ती निकाली, आवेदन प्रक्रिया शुरू

abhishek singh जुलाई 1, 2026 0
IBPS PO
IBPS PO Recruitment

नई दिल्ली, एजेंसियां। बैंकिंग सेक्टर में नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। Institute of Banking Personnel Selection (IBPS) ने 6,715 प्रोबेशनरी ऑफिसर (PO) / मैनेजमेंट ट्रेनी पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया आज से शुरू हो गई है।

 

मुख्य बातें

 

  • कुल रिक्तियां: 6,715
  • पद: Probationary Officer (PO) / Management Trainee
  • आवेदन: ऑनलाइन
  • चयन प्रक्रिया: प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू
  • भर्ती: विभिन्न सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के लिए होगी।


युवाओं के लिए बड़ा अवसर

 

IBPS की यह भर्ती 2026 की सबसे बड़ी बैंक भर्तियों में से एक मानी जा रही है। लाखों अभ्यर्थियों के आवेदन करने की संभावना है। इच्छुक उम्मीदवार निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन कर सकते हैं।

Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Abhishek Singh Abhishek123

जॉब्स

View more
Haryana High Court Clerk Admit Card 2026 जारी होने की जानकारी
Haryana High Court Clerk Admit Card 2026: एडमिट कार्ड जारी, 24 अगस्त से CBT परीक्षा

चंडीगढ़, एजेंसियां। हरियाणा हाई कोर्ट क्लर्क भर्ती 2026 के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। अधीनस्थ न्यायालयों में स्टाफ केंद्रीयकृत भर्ती सोसायटी (SSSC) ने हरियाणा कोर्ट क्लर्क भर्ती का एडमिट कार्ड 17 अगस्त 2026 को जारी कर दिया है। उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर लॉगिन विवरण दर्ज कर अपना हॉल टिकट डाउनलोड कर सकते हैं।   24 अगस्त से 7 सितंबर तक होगी परीक्षा   जारी कार्यक्रम के अनुसार, क्लर्क भर्ती की कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) 24 अगस्त से 7 सितंबर 2026 के बीच आयोजित की जाएगी। परीक्षा अलग-अलग निर्धारित केंद्रों पर होगी। एडमिट कार्ड में उम्मीदवार का नाम, रोल नंबर, परीक्षा की तारीख, शिफ्ट, रिपोर्टिंग टाइम और परीक्षा केंद्र का पता जैसी जरूरी जानकारी दर्ज होगी।   एडमिट कार्ड में ये जानकारी जरूर जांचें   हॉल टिकट डाउनलोड करने के बाद उम्मीदवार निम्न विवरण ध्यान से जांच लें: नाम और रजिस्ट्रेशन नंबर रोल नंबर फोटो और हस्ताक्षर परीक्षा की तारीख और शिफ्ट रिपोर्टिंग टाइम परीक्षा केंद्र का पता परीक्षा संबंधी जरूरी निर्देश किसी भी जानकारी में गलती होने पर उम्मीदवारों को संबंधित भर्ती प्राधिकरण से संपर्क करने की सलाह दी गई है।   परीक्षा केंद्र पर ले जाएं जरूरी दस्तावेज   परीक्षा के दिन उम्मीदवारों को एडमिट कार्ड के साथ वैध फोटो पहचान पत्र भी ले जाना होगा। पहचान के लिए आधार कार्ड, पासपोर्ट, पैन कार्ड, वोटर आईडी या ड्राइविंग लाइसेंस जैसे दस्तावेज ले जा सकते हैं। उम्मीदवारों को हाल की रंगीन फोटो भी साथ रखने की सलाह दी गई है।   क्या है परीक्षा पैटर्न?   क्लर्क भर्ती की चयन प्रक्रिया में पहले CBT और उसके बाद पात्र उम्मीदवारों के लिए कंप्यूटर प्रोफिशिएंसी टेस्ट (CPT) शामिल है। CBT में सामान्य ज्ञान और अंग्रेजी से संबंधित प्रश्न पूछे जाएंगे। परीक्षा में 1/4 अंक की नेगेटिव मार्किंग का प्रावधान है। सामान्य ज्ञान: 50 वस्तुनिष्ठ प्रश्न, 50 अंक अंग्रेजी: 20 वस्तुनिष्ठ प्रश्न, 20 अंक अंग्रेजी रचना: निबंध, पत्र, प्रेसी और अनुवाद, 30 अंक कुल: 100 अंक उम्मीदवारों को CBT में कुल कम से कम 40 प्रतिशत अंक हासिल करना जरूरी होगा।   CPT में टाइपिंग और स्प्रेडशीट टेस्ट   CBT में सफल उम्मीदवारों को कंप्यूटर प्रोफिशिएंसी टेस्ट देना होगा। इसमें स्प्रेडशीट टेस्ट और अंग्रेजी टाइपिंग टेस्ट शामिल होंगे। स्प्रेडशीट टेस्ट में कम से कम 4 अंक हासिल करने वाले उम्मीदवारों की ही टाइपिंग टेस्ट के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया जाएगा। अंग्रेजी टाइपिंग में 30 शब्द प्रति मिनट की गति निर्धारित है।   ऐसे डाउनलोड करें Haryana Court Clerk Admit Card   सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट sssc.gov.in पर जाएं। हरियाणा अधीनस्थ न्यायालय क्लर्क भर्ती सेक्शन खोलें। Clerk Admit Card 2026 लिंक पर क्लिक करें। अपना रजिस्ट्रेशन नंबर/लॉगिन आईडी और जन्मतिथि दर्ज करें। Submit पर क्लिक करें। स्क्रीन पर एडमिट कार्ड प्रदर्शित होगा। इसे डाउनलोड कर लें और भविष्य के लिए प्रिंटआउट सुरक्षित रखें। उम्मीदवार परीक्षा केंद्र पर जाने से पहले एडमिट कार्ड पर दिए गए सभी निर्देशों और रिपोर्टिंग टाइम को अच्छी तरह पढ़ लें।

ranjan kumar tiwari अगस्त 17, 2026 0
KVS NVS Tier 2 Result 2026 जारी होने की जानकारी

KVS NVS Tier 2 Result 2026: केवीएस-एनवीएस टियर-2 रिजल्ट जारी, फाइनल आंसर की भी आई; ऐसे करें चेक

MP High Court Assistant Grade-3 Recruitment 2026 में 1174 पद

MP High Court Vacancy 2026: ग्रेजुएट्स के लिए हाईकोर्ट में 1,174 पदों पर भर्ती, आज से आवेदन शुरू

CERT-In Scientist B भर्ती 2026 में 133 पदों की वैकेंसी

CERT-In Scientist B Recruitment 2026: 133 पदों पर भर्ती, आज आवेदन की आखिरी तारीख; बिना अनुभव भी मौका

MP High Court Vacancy 2026 सहायक ग्रेड-3 भर्ती
MP High Court Vacancy 2026: सहायक ग्रेड-3 के 1,174 पदों पर भर्ती, ग्रेजुएट उम्मीदवार आज से करें आवेदन

भोपाल, एजेंसियां। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सहायक ग्रेड-3 के 1,174 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। ग्रेजुएशन की डिग्री रखने वाले योग्य उम्मीदवार 17 अगस्त 2026 से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तारीख 15 सितंबर 2026 तय की गई है।   17 अगस्त से शुरू आवेदन, 15 सितंबर आखिरी तारीख     एमपी हाईकोर्ट सहायक ग्रेड-3 भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन *17 अगस्त 2026 को दोपहर 12 बजे* से शुरू हुए हैं। उम्मीदवार *15 सितंबर 2026 शाम 5 बजे* तक आवेदन कर सकते हैं। आवेदन में सुधार की सुविधा 19 सितंबर से 21 सितंबर 2026 तक उपलब्ध रहेगी।   ऑनलाइन प्रारंभिक परीक्षा की तारीख अभी घोषित नहीं की गई है।   ग्रेजुएशन के साथ ये योग्यता जरूरी     सहायक ग्रेड-3 पद के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी विषय में ग्रेजुएट होना जरूरी है। इसके साथ ही उम्मीदवार के पास मध्य प्रदेश सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त MAP-IT की CPCT परीक्षा का स्कोर कार्ड होना चाहिए।   इसके अलावा, मान्यता प्राप्त संस्थान से कंप्यूटर एप्लीकेशन में एक साल का डिप्लोमा रखने वाले उम्मीदवार भी पात्र होंगे।   उम्र सीमा क्या है?     उम्मीदवार की न्यूनतम आयु *18 वर्ष* होनी चाहिए। आयु की गणना 1 जनवरी 2026 के आधार पर की जाएगी।   मध्य प्रदेश के अनारक्षित और EWS पुरुष उम्मीदवारों के लिए अधिकतम आयु 40 वर्ष है। वहीं OBC, SC और ST वर्ग के पुरुष एवं महिला उम्मीदवारों तथा राज्य सरकार, निगम और बोर्ड के कर्मचारियों के लिए अधिकतम आयु सीमा 45 वर्ष है।   कितना देना होगा आवेदन शुल्क?     अनारक्षित और अन्य राज्यों के उम्मीदवारों के लिए परीक्षा शुल्क 200 रुपये और पोर्टल शुल्क 743.40 रुपये है। यानी कुल *943.40 रुपये* शुल्क देना होगा।   मध्य प्रदेश के OBC, SC, ST और EWS उम्मीदवारों तथा सभी दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए परीक्षा शुल्क शून्य है। इन उम्मीदवारों को केवल 743.40 रुपये पोर्टल शुल्क देना होगा।   कैसे होगा चयन?     उम्मीदवारों का चयन कई चरणों में किया जाएगा। सबसे पहले *100 अंकों की ऑनलाइन प्रारंभिक परीक्षा* होगी। इसके बाद सफल उम्मीदवारों को *50 अंकों की हिंदी टाइपिंग परीक्षा* देनी होगी। सफल अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन और फिर मेडिकल परीक्षण किया जाएगा।   प्रारंभिक परीक्षा में 100 बहुविकल्पीय प्रश्न होंगे और परीक्षा के लिए 120 मिनट का समय मिलेगा। परीक्षा हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में होगी।   हिंदी टाइपिंग परीक्षा में रेमिंगटन गेल मोड     हिंदी टाइपिंग परीक्षा कुल 50 अंकों की होगी। इसमें रेमिंगटन गेल कीबोर्ड का इस्तेमाल किया जाएगा। उम्मीदवारों का मूल्यांकन टाइपिंग की गति और सटीकता के आधार पर होगा। गलत या छूटे हुए प्रत्येक शब्द पर 0.50 अंक और बैकस्पेस के प्रत्येक इस्तेमाल पर 0.10 अंक की कटौती होगी।     19,500 से 62,000 रुपये तक मिलेगा वेतन     सहायक ग्रेड-3 पद पर चयनित उम्मीदवारों को *19,500 से 62,000 रुपये* के वेतनमान में वेतन मिलेगा। इसके अलावा सरकारी नियमों के अनुसार DA, HRA, CCA, PF, NPS, चिकित्सा सुविधा और अन्य भत्तों का लाभ भी मिलेगा।     ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन     उम्मीदवार मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर Recruitment सेक्शन में सहायक ग्रेड-3 भर्ती 2026 का लिंक खोलें। इसके बाद व्यक्तिगत और शैक्षणिक जानकारी भरें, जरूरी दस्तावेज, फोटो और हस्ताक्षर अपलोड करें। अपनी श्रेणी के अनुसार शुल्क जमा करके आवेदन सबमिट करें। भविष्य के लिए आवेदन फॉर्म का प्रिंटआउट या PDF सुरक्षित रखना न भूलें।  

ranjan kumar tiwari अगस्त 17, 2026 0
BPSC Exam

BPSC ने 2026 परीक्षा कैलेंडर जारी किया, 72वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 25 अक्टूबर को

UPSSSC Assistant Accountant Final Result 2026 जारी

UPSSSC Assistant Accountant Final Result 2026: सहायक लेखाकार और ऑडिटर का फाइनल रिजल्ट जारी, 1,643 अभ्यर्थी चयनित

Punjab PTI Teachers Vacancy 2026 के 2000 पदों की भर्ती

Punjab PTI Teachers Vacancy 2026: 2,000 पदों की भर्ती पर बड़ा अपडेट

RRB JE Recruitment 2026 में 4098 पदों की भर्ती
RRB JE Vacancy 2026: रेलवे में 4098 पदों पर भर्ती शुरू, 13 सितंबर तक करें आवेदन; जानें योग्यता और चयन प्रक्रिया

नई दिल्ली, एजेंसियां। रेलवे में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए बड़ी खबर है। रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) ने जूनियर इंजीनियर (JE), डिपो मटेरियल सुपरिटेंडेंट (DMS) और केमिकल एंड मेटालर्जिकल असिस्टेंट (CMA) के कुल 4098 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इच्छुक अभ्यर्थी 14 अगस्त 2026 से 13 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।   4098 पदों पर होगी भर्ती   RRB JE Recruitment 2026 के तहत जूनियर इंजीनियर समेत विभिन्न तकनीकी पदों को भरा जाएगा। संबंधित इंजीनियरिंग या तकनीकी योग्यता रखने वाले उम्मीदवार इस भर्ती के लिए आवेदन कर सकते हैं।   क्या है शैक्षणिक योग्यता?   पद के अनुसार उम्मीदवार के पास संबंधित विषय में डिप्लोमा या डिग्री होनी चाहिए। JE: संबंधित इंजीनियरिंग शाखा में डिप्लोमा या डिग्री। DMS: इंजीनियरिंग या संबंधित तकनीकी योग्यता। CMA: केमिस्ट्री या मेटलर्जी से संबंधित निर्धारित योग्यता। उम्मीदवारों को आवेदन करने से पहले अपने पद की विस्तृत शैक्षणिक योग्यता जरूर जांचनी चाहिए।   18 से 33 वर्ष तक की आयु सीमा   RRB JE भर्ती के लिए उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 33 वर्ष निर्धारित है। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट मिलेगी। SC/ST उम्मीदवारों को 5 वर्ष और OBC उम्मीदवारों को 3 वर्ष की छूट दी जाएगी।   CBT के बाद होगा चयन   उम्मीदवारों का चयन कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT), दस्तावेज सत्यापन और मेडिकल परीक्षा के आधार पर किया जाएगा। CBT में सफल उम्मीदवारों को आगे की चयन प्रक्रिया के लिए बुलाया जाएगा। मेडिकल परीक्षा में निर्धारित मानकों के अनुसार फिट पाए जाने वाले अभ्यर्थियों का अंतिम चयन किया जाएगा।   35,400 रुपये से शुरू होगी सैलरी   RRB JE भर्ती के तहत चयनित उम्मीदवारों को 35,400 रुपये प्रतिमाह का शुरुआती वेतन मिलेगा। इसके अलावा रेलवे नियमों के अनुसार विभिन्न भत्ते और अन्य सुविधाएं भी दी जाएंगी।   13 सितंबर तक भर सकते हैं फॉर्म   ऑनलाइन आवेदन के लिए उम्मीदवारों को RRB की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर भर्ती लिंक खोलना होगा। इसके बाद रजिस्ट्रेशन कर आवेदन फॉर्म में मांगी गई जानकारी भरनी होगी। जरूरी दस्तावेज अपलोड करने के बाद आवेदन शुल्क, जहां लागू हो, जमा करके फॉर्म सबमिट करना होगा। आवेदन की अंतिम तारीख: 13 सितंबर 2026 उम्मीदवारों को सलाह है कि आवेदन जमा करने से पहले फॉर्म में दर्ज सभी जानकारियों और अपलोड किए गए दस्तावेजों की अच्छी तरह जांच कर लें और भविष्य के लिए आवेदन की प्रति सुरक्षित रखें।

ranjan kumar tiwari अगस्त 14, 2026 0
CBSE Recruitment

CBSE में 933 पद खाली, संसदीय पैनल ने समयबद्ध भर्ती की मांग

ECoR GDCE Recruitment 2026

East Coast Railway में 1,421 पदों पर भर्ती, ALP और JE समेत कई पद शामिल

Bihar Police Driver DET Admit Card 2026 जारी होने की जानकारी

Bihar Police Driver DET Admit Card 2026: एडमिट कार्ड जारी, 11,847 अभ्यर्थियों के लिए जरूरी दस्तावेजों की लिस्ट

0 Comments

Top week

Prashant Kishor addresses Bankipur voters and promises private sector jobs for 10,000 educated unemployed youths.
बिहार

MLA बनते ही प्रशांत किशोर का बड़ा ऐलान, बांकीपुर के 10 हजार पढ़े-लिखे युवाओं को प्राइवेट सेक्टर में नौकरी दिलाने का दावा

surbhi अगस्त 12, 2026 0

Voting poll

अगर भविष्य में रश्मिका और विजय जीवनसाथी बनते हैं, तो क्या आपको उनकी जोड़ी पसंद होगी?