जॉब्स

East Coast Railway में 1,421 पदों पर भर्ती, ALP और JE समेत कई पद शामिल

anjali kumari अगस्त 12, 2026 0
ECoR GDCE Recruitment 2026
ECoR GDCE Recruitment 2026

भुवनेश्वर, एजेंसिया। रेलवे में नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। East Coast Railway (ECoR) ने General Departmental Competitive Examination (GDCE) 2026 के तहत कुल 1,421 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इसमें Assistant Loco Pilot (ALP), Station Master, Goods Trains Manager, Junior Engineer (JE), Technician, Junior Clerk-cum-Typist और Commercial Clerk-cum-Ticket Collector जैसे पद शामिल हैं।

 

1,421 पदों में सबसे ज्यादा भर्ती ALP की

 

आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार पदों का विवरण इस प्रकार है:

Assistant Loco Pilot (ALP): 1,046 पद
Station Master: 12 पद
Goods Trains Manager: 284 पद
इसके अलावा Junior Engineer, Technician, Junior Clerk-cum-Typist और Commercial Clerk-cum-Ticket Collector के पद भी शामिल हैं।

 

15 अगस्त से शुरू होगा आवेदन

 

ECoR GDCE 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 15 अगस्त 2026 से शुरू होगी। उम्मीदवार 14 सितंबर 2026 तक आवेदन कर सकेंगे। आवेदन East Coast Railway की आधिकारिक भर्ती वेबसाइट के माध्यम से किया जाएगा।

 

कौन कर सकता है आवेदन?

 

यह भर्ती सामान्य ओपन मार्केट भर्ती नहीं है। आधिकारिक नोटिफिकेशन के अनुसार इसमें East Coast Railway में नियमित और पात्र कर्मचारी, जिनका ECoR में lien है, आवेदन कर सकते हैं। RPF/RPSF कर्मचारी पात्र नहीं हैं। इसलिए बाहरी उम्मीदवार इस GDCE भर्ती के लिए आवेदन नहीं कर सकते।

 

शैक्षणिक योग्यता पद के अनुसार अलग-अलग है। इसमें मैट्रिक/ITI, इंजीनियरिंग डिप्लोमा या डिग्री और स्नातक जैसी योग्यताएं शामिल हैं। अधिकतम आयु सीमा सामान्य रूप से 42 वर्ष बताई गई है, जबकि श्रेणी के अनुसार छूट लागू होगी।

 

चयन प्रक्रिया कैसी होगी?

 

पद के अनुसार कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) आयोजित होगी। ALP और Station Master जैसे पदों के लिए Computer-Based Aptitude Test (CBAT) भी होगा, जबकि Junior Clerk-cum-Typist के लिए टाइपिंग स्किल टेस्ट लागू होगा। JE के लिए CBT के बाद निर्धारित चयन प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Anjali Kumari Anjali123

जॉब्स

View more
ECoR GDCE Recruitment 2026
East Coast Railway में 1,421 पदों पर भर्ती, ALP और JE समेत कई पद शामिल

भुवनेश्वर, एजेंसिया। रेलवे में नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। East Coast Railway (ECoR) ने General Departmental Competitive Examination (GDCE) 2026 के तहत कुल 1,421 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इसमें Assistant Loco Pilot (ALP), Station Master, Goods Trains Manager, Junior Engineer (JE), Technician, Junior Clerk-cum-Typist और Commercial Clerk-cum-Ticket Collector जैसे पद शामिल हैं।   1,421 पदों में सबसे ज्यादा भर्ती ALP की   आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार पदों का विवरण इस प्रकार है: Assistant Loco Pilot (ALP): 1,046 पद Station Master: 12 पद Goods Trains Manager: 284 पद इसके अलावा Junior Engineer, Technician, Junior Clerk-cum-Typist और Commercial Clerk-cum-Ticket Collector के पद भी शामिल हैं।   15 अगस्त से शुरू होगा आवेदन   ECoR GDCE 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 15 अगस्त 2026 से शुरू होगी। उम्मीदवार 14 सितंबर 2026 तक आवेदन कर सकेंगे। आवेदन East Coast Railway की आधिकारिक भर्ती वेबसाइट के माध्यम से किया जाएगा।   कौन कर सकता है आवेदन?   यह भर्ती सामान्य ओपन मार्केट भर्ती नहीं है। आधिकारिक नोटिफिकेशन के अनुसार इसमें East Coast Railway में नियमित और पात्र कर्मचारी, जिनका ECoR में lien है, आवेदन कर सकते हैं। RPF/RPSF कर्मचारी पात्र नहीं हैं। इसलिए बाहरी उम्मीदवार इस GDCE भर्ती के लिए आवेदन नहीं कर सकते।   शैक्षणिक योग्यता पद के अनुसार अलग-अलग है। इसमें मैट्रिक/ITI, इंजीनियरिंग डिप्लोमा या डिग्री और स्नातक जैसी योग्यताएं शामिल हैं। अधिकतम आयु सीमा सामान्य रूप से 42 वर्ष बताई गई है, जबकि श्रेणी के अनुसार छूट लागू होगी।   चयन प्रक्रिया कैसी होगी?   पद के अनुसार कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) आयोजित होगी। ALP और Station Master जैसे पदों के लिए Computer-Based Aptitude Test (CBAT) भी होगा, जबकि Junior Clerk-cum-Typist के लिए टाइपिंग स्किल टेस्ट लागू होगा। JE के लिए CBT के बाद निर्धारित चयन प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

anjali kumari अगस्त 12, 2026 0
Bihar Police Driver DET Admit Card 2026 जारी होने की जानकारी

Bihar Police Driver DET Admit Card 2026: एडमिट कार्ड जारी, 11,847 अभ्यर्थियों के लिए जरूरी दस्तावेजों की लिस्ट

RRB Group D

रेलवे में 30 हजार पदों पर बंपर भर्ती की तैयारी, Group D के लिए जल्द आएगा नोटिफिकेशन

National Testing Agency

NTA में 4 पदों पर भर्ती, Video Editor, Content Writer और Data Analyst समेत इन पदों पर मौका

BPSC TRE 4.0
BPSC TRE 4.0: 32,388 शिक्षक पदों पर भर्ती की तैयारी तेज, जल्द जारी हो सकता है नोटिफिकेशन

पटना, एजेंसियां। बिहार में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए BPSC TRE 4.0 को लेकर नया अपडेट सामने आया है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, सामान्य प्रशासन विभाग को शिक्षक भर्ती से संबंधित प्रस्ताव मिल गया है और अब आवश्यक स्वीकृति के बाद बिहार लोक सेवा आयोग की ओर से भर्ती का विस्तृत विज्ञापन जारी किया जा सकता है।   32,388 पदों पर भर्ती की जानकारी   ताजा रिपोर्टों में TRE 4.0 के तहत 32,388 शिक्षक पदों पर भर्ती की बात सामने आई है। इनमें प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर के शिक्षक पद शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि, पदों की अंतिम संख्या और विषयवार विवरण को BPSC की आधिकारिक अधिसूचना से ही अंतिम माना जाएगा।   नोटिफिकेशन का इंतजार   TRE 4.0 का आधिकारिक नोटिफिकेशन अभी जारी नहीं हुआ है। प्रस्ताव और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद BPSC आवेदन की तारीख, पात्रता, शुल्क, विषयवार रिक्तियां और परीक्षा कार्यक्रम जारी करेगा। इसलिए अभ्यर्थियों को फिलहाल वायरल सोशल मीडिया पोस्ट के बजाय आयोग की आधिकारिक सूचना पर भरोसा करना चाहिए।   परीक्षा और आवेदन से जुड़ी जानकारी   TRE 4.0 की परीक्षा तिथि, आवेदन की शुरुआत और अंतिम तिथि जैसी महत्वपूर्ण जानकारी आधिकारिक विज्ञापन जारी होने के बाद ही निश्चित होगी। अलग-अलग रिपोर्टों में पहले अलग-अलग पद संख्या और संभावित तारीखें बताई गई हैं, इसलिए अभी किसी एक आंकड़े को अंतिम मानना उचित नहीं है।   अभ्यर्थियों को सलाह है कि वे अपनी शैक्षणिक डिग्री, प्रशिक्षण प्रमाणपत्र, जाति/आरक्षण प्रमाणपत्र और अन्य जरूरी दस्तावेज तैयार रखें, ताकि आवेदन शुरू होने पर परेशानी न हो।

abhishek singh अगस्त 8, 2026 0
AFCAT 2 2026 परीक्षा में भारतीय वायुसेना की भर्ती

AFCAT 2/2026 परीक्षा आज, भारतीय वायुसेना में 379 पदों पर भर्ती

SBI Clerk भर्ती 2026 के 1538 पदों की आवेदन प्रक्रिया

SBI Clerk भर्ती 2026: 1,538 पदों पर निकली भर्ती, आवेदन प्रक्रिया शुरू

Students preparing for the Company Secretary course with ICSI study material, corporate law books, and career guidance.

12वीं के बाद कैसे बनें Company Secretary? जानें CS बनने का पूरा रास्ता, पढ़ाई, ट्रेनिंग और करियर स्कोप

SHS Bihar Recruitment 2026
SHS बिहार में 450 विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती, आवेदन प्रक्रिया शुरू

पटना। बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे विशेषज्ञ डॉक्टरों के लिए अच्छी खबर है। राज्य स्वास्थ्य समिति (SHS) बिहार ने 450 विशेषज्ञ डॉक्टरों की संविदा आधारित भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इच्छुक एवं योग्य उम्मीदवार 21 अगस्त 2026 तक आवेदन कर सकते हैं।   450 पदों पर होगी भर्ती   इस भर्ती अभियान के तहत छह विशेषज्ञ श्रेणियों में नियुक्तियां की जाएंगी। इनमें सबसे अधिक 132 पद एनेस्थेटिस्ट, 115 पद पीडियाट्रिशियन, 94 पद गायनेकोलॉजिस्ट, 60 पद एमडी मेडिसिन/फिजिशियन, 27 पद जनरल सर्जन और 22 पद ऑर्थोपेडिक सर्जन के लिए निर्धारित हैं।   क्या है योग्यता?   आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के पास संबंधित विषय में एमडी, एमएस, डीएनबी या निर्धारित डिप्लोमा (डीजीओ, डीसीएच, डीए, डी.ऑर्थो आदि) की मान्यता प्राप्त डिग्री होनी चाहिए। प्रत्येक पद के लिए अलग-अलग शैक्षणिक योग्यता निर्धारित की गई है।   1.20 लाख रुपये तक मिलेगा मानदेय   चयनित विशेषज्ञ डॉक्टरों को पद और पोस्टिंग के आधार पर 90 हजार रुपये से 1.20 लाख रुपये प्रति माह तक मानदेय मिलेगा। जिला मुख्यालय से बाहर तैनात एमडी/एमएस/डीएनबी योग्य डॉक्टरों को अधिक मानदेय दिया जाएगा।   ऑनलाइन करना होगा आवेदन   उम्मीदवार SHS बिहार की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के दौरान अभ्यर्थियों को अपनी व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक विवरण, आवश्यक दस्तावेज और पोस्टिंग के लिए अधिकतम तीन जिलों की प्राथमिकता दर्ज करनी होगी।   21 अगस्त है अंतिम तिथि   राज्य स्वास्थ्य समिति ने योग्य उम्मीदवारों से अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय रहते आवेदन करने की अपील की है। आवेदन प्रक्रिया 7 अगस्त से शुरू हो चुकी है और 21 अगस्त 2026 तक जारी रहेगी।

anjali kumari अगस्त 7, 2026 0
BPSC 72nd Prelims

BPSC 72वीं प्रीलिम्स पर आयोग का स्पष्टीकरण, वायरल परीक्षा नोटिस को बताया फर्जी

SSC CPO SI 2026

SSC CHSL और CPO SI भर्ती को लेकर बढ़ी हलचल, नोटिफिकेशन का इंतजार

JKSSB 518 पदों की भर्ती 2026

JKSSB ने 518 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया, 10 सितंबर से शुरू होंगे आवेदन

0 Comments

Top week

French Rafale multirole fighter jet during flight as France submits a 114-aircraft proposal to strengthen the Indian Air Force.
राष्ट्रीय

भारत की हवाई ताकत को मिलेगा बड़ा बूस्ट? फ्रांस ने 114 राफेल फाइटर जेट का प्रस्ताव सौंपा, 94 विमान भारत में बनाने की योजना

surbhi अगस्त 7, 2026 0

Voting poll

अगर भविष्य में रश्मिका और विजय जीवनसाथी बनते हैं, तो क्या आपको उनकी जोड़ी पसंद होगी?